मंडला अस्पताल में गर्मी का सितम, ऑपरेशन थिएटर के बाहर परिजन पसीने से बेहाल
- वेटिंग एरिया में बिना पंखे गर्मी में मरीज और तीमारदार त्रस्त
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला चिकित्सालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं के चलते मरीजों और उनके परिजनों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठे परिजन गर्मी और उमस से बेहाल नजर आए। पंखों की व्यवस्था न होने के कारण तपती गर्मी में मरीजों और तीमारदारों का बुरा हाल है।
जानकारी अनुसार मंडला जिला चिकित्सालय में ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठे मरीजों के परिजन भीषण गर्मी से बेहाल हो रहे हैं। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते प्रतीक्षालय में पंखों की व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को असहनीय गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को सुबह करीब 10.30 बजे ऑपरेशन थिएटर के बाहर का दृश्य अत्यंत कष्टदायक था। अपनी प्रियजनों के ऑपरेशन और ड्रेसिंग के लिए आए परिजन गर्मी से पसीने-पसीने हो रहे थे। वेटिंग एरिया में हवा की आवाजाही बिल्कुल न होने से उमस और गर्मी के कारण मरीज और उनके परिजनों का बैठना मुश्किल हो रहा था। कई बुजुर्ग और महिलाएं गर्मी के कारण बेचैन दिखाई दे रही थी।
एक मरीज की ड्रेसिंग के लिए आए जिनके परिजन ने बताया कि उसकी पत्नी की ड्रेसिंग चल रही है और वह सुबह 10 बजे से यहां बैठा हैं, इस गर्मी में बिना पंखे के बैठना बहुत मुश्किल हो रहा था। अस्पताल प्रशासन को मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए। इसी तरह एक अन्य महिला नाम ना छापने की शर्त पर बताई कि गर्मी के कारण यहां आने वाले मरीजों और परिजनों को गर्मी और उमस के कारण बेहद परेशानी उठानी पड़ती है। जिसके कारण बीमार मरीज और बीमार हो जाता है, महिलाओं को चक्कर आने लगते हैं। हमने कई बार अस्पताल के कर्मचारियों से पंखे लगवाने की बात कही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
बताया गया कि यह स्थिति न केवल परिजनों के लिए कष्टदायक है, बल्कि मरीजों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। ऑपरेशन के बाद और ड्रेसिंग के लिए आने वाले मरीजों को यदि इसी तरह गर्मी में इंतजार करना पड़े तो उनकी तबीयत और बिगड़ सकती है। मरीजों के परिजनों ने बताया कि आपरेशन थियेटर के बाहर वेटिंग एरिया में यह समस्या लंबे समय से है। मरीजों और परिजनों के लिए बाहर पंखों की कमी लंबे समय से बनी हुई है लेकिन इस समस्या के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मरीजों का कहना है कि सुविधाएं पर्याप्त ना होने से जिला चिकित्सालय की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं का अभाव मरीजों और उनके परिजनों को परेशान कर रहा है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने और ऑपरेशन थिएटर के बाहर प्रतीक्षालय में पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह मरीजों और उनके परिजनों के मौलिक अधिकारों का हनन है और अस्पताल प्रशासन को इस पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। अब देखना यह होगा कि जिला चिकित्सालय प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब ध्यान देता है और कब तक मरीजों के परिजनों को इस असहनीय गर्मी से राहत मिलती है। फिलहाल ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठे बेहाल परिजन राहत की उम्मीद में टकटकी लगाए हुए हैं।











