सेंटरिंग यूनियन का बड़ा फैसला
₹30 प्रति स्क्वायर फीट की दर से होगा काम, बिना एग्रीमेंट साइट पर काम नहीं करेंगे ठेकेदार
- भुगतान संबंधी विवादों पर साइट पर जाकर सामूहिक हस्तक्षेप करेगी यूनियन
- नई दरों का सख्ती से पालन कराने बनी निगरानी समिति
मंडला महावीर न्यूज 29. शहर में सेंटरिंग (शटरिंग) कार्य करने वाले ठेकेदारों के हितों की रक्षा और उनके कार्यों को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से ‘सेंटरिंग यूनियन’ ने कई कड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। 1 नवंबर 2026 को मां नर्मदा के किनारे स्थित गोंडी पब्लिक ट्रस्ट (कलादीर्घा) में यूनियन की दूसरी बड़ी बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में शहर के सभी सेंटरिंग और बिल्डिंग ठेकेदारों ने भारी संख्या में उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक में पिछली सर्वसम्मति की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया गया कि अब पूरे शहर में सेंटरिंग का कार्य ₹30 प्रति स्क्वायर फीट की दर से ही किया जाएगा और इस नई दर का हर हाल में सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
लिखित एग्रीमेंट और समय पर भुगतान अनिवार्य
बैठक के दौरान सेंटरिंग ठेकेदारों के काम करने की शर्तें भी सर्वसम्मति से तय की गईं। नए नियमों के अनुसार, अब कोई भी सेंटरिंग ठेकेदार किसी भी बिल्डिंग ठेकेदार या मकान मालिक के यहां बिना लिखित एग्रीमेंट के कार्य की शुरुआत नहीं करेगा। यदि कोई ठेकेदार बिना एग्रीमेंट काम करता पाया गया, तो यूनियन उसे समझाइश देगी। इसके अलावा, यह कड़ा निर्णय लिया गया है कि सेंटरिंग का कार्य शुरू होने से लेकर स्लैब (लेंटर) डलने तक के बीच, संपूर्ण राशि का भुगतान मकान मालिक या मुख्य ठेकेदार द्वारा कर दिया जाएगा। स्लैब डलने के पश्चात नाप होते ही सेंटरिंग ठेकेदार का अंतिम हिसाब-किताब तुरंत किया जाना अनिवार्य होगा।
विवाद होने पर यूनियन करेगी सामूहिक हस्तक्षेप
अक्सर देखने में आता है कि काम पूरा होने के बाद मकान मालिकों या मुख्य ठेकेदारों द्वारा भुगतान में आनाकानी कर सेंटरिंग ठेकेदारों को परेशान किया जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए यूनियन ने तय किया है कि यदि भविष्य में किसी ठेकेदार को पैसे के लिए परेशान किया जाता है, तो पूरी यूनियन सामूहिक रूप से साइट पर जाकर निष्पक्ष तौर पर उस मामले का निराकरण कराएगी।
निगरानी समिति कर रही भ्रमण, असर भी दिखने लगा
निर्धारित ₹30 प्रति स्क्वायर फीट से कम दर पर काम रोकने के लिए यूनियन ने एक विशेष ‘निगरानी समिति’ का गठन किया है। यह समिति प्रतिदिन शहर में भ्रमण कर रही है और नए व पुराने सेंटरिंग ठेकेदारों को उनकी साइट पर जाकर नए रेट के प्रति जागरूक कर रही है। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम यह निकला है कि अब शहर के लगभग सभी ठेकेदारों को नई दरों की जानकारी हो गई है और ज्यादातर लोगों ने ₹30 के नए रेट पर ही काम लेना और शुरू करना कर दिया है।
एकजुटता का लिया संकल्प
कलादीर्घा में आयोजित इस दूसरी बैठक में ठेकेदारों का भारी हुजूम उमड़ा। सभी ने एकजुटता का परिचय देते हुए यूनियन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से रेनू कछवाहा, पप्पू रघुवंशी, गुड्डू श्रीवास, लकी कछवाहा, नर्मदा कछवाहा, ईश्वरी केवट, पति राम पटेल, आनंद कुमार गोटिया, अशोक, प्रदीप कुमार कछवाहा, जयंत वरमैया, गुड्डा पटेल, पप्पू साहू, देवराम भावरे, राजा चौरसिया, चिंटू कछवाहा, बीरबल विश्वकर्मा, अमित सिंगरौरे, विजय नाविक, पुन्नू सिंह मरावी, गोलू कोकड़िया, सतीश हरदहा, सुखचैन वरकड़े, खुशीराम झारिया, संगीत कुमार साहू सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।










