लोक परोपकारी मंच ने चार ज्वलंत जनसमस्याओं के निराकरण की उठाई मांग

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लोक परोपकारी मंच ने चार ज्वलंत जनसमस्याओं के निराकरण की उठाई मांग

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, सिक्कों के चलन और धान पंजीयन की उठाई मांग

  • पलेहरा स्कूल से शिक्षिका नदारद, चिलमन चौक पर शौचालय की दरकार
  • मंच ने कहा, लगातार शिकायतों के बाद भी नतीजे सिफर

मंडला महावीर न्यूज 29.  जिले के समग्र विकास में बाधक बन रही चार प्रमुख और ज्वलंत जनसमस्याओं को लेकर ‘लोक परोपकारी मंच, मंडला’ ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। मंच के पदाधिकारियों ने इन समस्याओं पर तत्काल संज्ञान लेने और ठोस कार्रवाई करने की मांग की है। लोक परोपकारी मंच के पी.डी. खैरवार और चंद्रगुप्त नामदेव ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जनहित के इन मुद्दों पर लगातार पत्राचार और आवेदन किए जा रहे हैं, लेकिन नतीजे अब तक ‘सिफर’ (शून्य) ही रहे हैं। समस्याओं का समाधान न होने से शासन की योजनाओं पर जनता का विश्वास घट रहा है, जो एक गंभीर विचारणीय विषय है। हालांकि, मंच ने स्पष्ट किया है कि जनहित में उनके प्रयास अनवरत जारी रहेंगे।

कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में मंच ने मुख्य रूप से इन 4 मुद्दों को उठाया है

पहला मुद्दा

1 और 2 रुपये के सिक्कों का अघोषित प्रतिबंध

मंच ने ज्ञापन में बताया कि मंडला जिले में पिछले कई वर्षों से 1 और 2 रुपये के सिक्कों का चलन अघोषित रूप से बंद है, जबकि पड़ोसी जिलों में ये सिक्के धड़ल्ले से चल रहे हैं। सिक्कों के चलन में न होने से हर आम ग्राहक आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहा है। दुकानदार 9 रुपये के सामान के बदले 10 रुपये वसूलते हैं या छुट्टे के नाम पर ‘टॉफी’ थमा देते हैं। मंच ने इसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों का खुला उल्लंघन बताते हुए इसकी गहन जांच की मांग की है। साथ ही मांग की है कि बैंकों के माध्यम से सिक्कों का वितरण कराया जाए और गांव-शहर में मुनादी कराकर इनका चलन पुनः शुरू किया जाए।

दूसरा मुद्दा

पलेहरा स्कूल में शिक्षा बेहाल, शिक्षिका नदारद

शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलते हुए मंच ने बताया कि मोहगांव विकासखंड की प्राथमिक शाला पलेहरा (परधान मोहल्ला) में पदस्थ शिक्षिका बृहस्पति भारतीया पिछले दो माह से बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूल से नदारद हैं। इसके चलते कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को पढ़ाने और स्कूल के प्रभार का पूरा बोझ केवल एक ही शिक्षक के कंधों पर है। इससे आदिवासी बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। जांच में पुष्टि होने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मंच ने तत्काल वैकल्पिक शिक्षक की नियुक्ति करने और अनुपस्थित शिक्षिका का वेतन रोकने की मांग की है।

तीसरा मुद्दा

सर्वर डाउन होने से धान पंजीयन से वंचित रह गए किसान

किसानों की समस्या उठाते हुए मंच ने बताया कि जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर निर्धारित थी। लेकिन, अंतिम दिनों में नेटवर्क और सर्वर की भारी समस्या के कारण जिले के आधे से भी कम किसान अपना पंजीयन करा सके हैं। पंजीयन न होने से शेष हजारों किसान समर्थन मूल्य के लाभ से वंचित रह जाएंगे। मंच ने किसानों के हित में पंजीयन की तिथि 15 दिन और बढ़ाने की मांग की है।

चौथा मुद्दा

चिलमन चौक में सुलभ शौचालय का अभाव

जिला मुख्यालय के सबसे व्यस्ततम व्यावसायिक केंद्र ‘चिलमन चौक’ पर सार्वजनिक शौचालय न होने का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल है। मंच ने बताया कि कृषि विभाग के सामने लोग खुले में पेशाब करने को मजबूर हैं, जिससे सड़क पर गंदगी बहती है और भयंकर दुर्गंध से वहां से गुजरना मुहाल हो गया है। इस स्थिति में महिलाओं को सर्वाधिक शर्मिंदगी और परेशानी का सामना करना पड़ता है। मंच ने स्वच्छ मंडला की परिकल्पना को साकार करने के लिए सभी व्यस्त चौक-चौराहों पर तत्काल ‘सुलभ शौचालय’ निर्माण की मांग की है।


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