रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग के शुभ संयोग में श्री रामार्चा यज्ञ
मंडला में पहली बार एक नवंबर को वरदान आश्रम में होगा भव्य श्री रामार्चा यज्ञ
- अयोध्या के विख्यात यज्ञाचार्य कराएंगे संपन्न
- बाहर से प्रसाद लाने पर रहेगी रोक, शाम 5 बजे से बंटेगा महाप्रसाद
मंडला महावीर न्यूज 29. श्री राम, कृष्ण और विष्णु के उपासकों के लिए विश्व के सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक श्री रामार्चा यज्ञ का भव्य आयोजन 1 नवंबर रविवार को मंडला के वरदान आश्रम में होने जा रहा है। यह पहला अवसर है जब मंडला जिले में इस महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक और दिव्य अनुष्ठान को संपन्न कराने के लिए श्री धाम अयोध्या के श्री राम मंदिर के विश्व विख्यात यज्ञाचार्य प्रात: स्मरणीय महंत श्री श्री विष्णु दास महाराज अपने सहयोगियों के साथ विशेष रूप से आ रहे है। नगर में पहली बार हो रहे इस यज्ञ को लेकर वरदान आश्रम और स्थानीय श्रद्धालुओं में भारी उत्साह का माहौल है और भव्य तैयारियां की जा रही हैं।
शुभ संयोग और अनुष्ठान का समय
यह महायज्ञ अहोई अष्टमी की पावन तिथि पर रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के अत्यंत दुर्लभ व शुभ संयोग में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन समिति ने बताया कि शनिवार को यज्ञशाला का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाएगा। इसके बाद मुख्य आयोजन रविवार 1 नवंबर को प्रात: 10.24 बजे से प्रारंभ होकर शाम 5 बजे तक अनवरत चलेगा।
बाहर से पूजन सामग्री और प्रसाद लाने पर रहेगी रोक
इस यज्ञ के नियम अत्यंत कठोर और पूर्ण शुद्धता पर आधारित हैं। यज्ञ में बाहर से लाई गई किसी भी वस्तु को सीधे नहीं चढ़ाया जाता, बल्कि उसे पूर्णत: शुद्ध करके ही अर्पित करने का कड़ा विधान है। यज्ञ में केवल देसी गाय के शुद्ध घी से निर्मित वस्तुओं का ही भोग चढ़ाया जाता है। अत: आश्रम प्रबंधन ने दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं से विशेष आग्रह किया है कि वे अपने साथ घर या बाजार से कोई भी फल, मिठाई, प्रसाद या पुष्प लेकर न आएं।
हनुमान जी की कृपा और प्रसाद का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्री रामार्चा यज्ञ पवनसुत हनुमान जी के आराध्य श्री राम का अनुष्ठान है, इसलिए इस यज्ञ का यथोचित फल सीधे हनुमान जी द्वारा प्रदान किया जाता है। इस महायज्ञ में महाप्रसाद का सबसे अधिक महत्व होता है। मान्यता है कि यह प्रसाद प्राप्त कर उसे आपस में बांटना चाहिए। यज्ञ की पूर्णाहूति के पश्चात रविवार शाम 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमियों से आग्रह किया है कि वे इस दुर्लभ अवसर पर उपस्थित होकर प्रसाद अवश्य ग्रहण करें और अपने भाग्य को सौभाग्य में बदलें।










