मवई की रमोतिन ने सोशल मीडिया पर बिखेरी आदिवासी परंपराओं की छटा
सोशल मीडिया सेंसेशन बनीं मवई की आदिवासी बेटी रमोतिन तेकाम
- 75 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स कर रहे वनांचल की संस्कृति का दीदार
- नेटवर्क के टोटे के बीच डिजिटल उड़ान
मंडला महावीर न्यूज 29. सुविधाओं और संसाधनों में छोटा कश्मीर कहें जाने वाले मवई का वनांचल क्षेत्र भले ही आज भी आधुनिक विकास की दौड़ में कुछ कदम पीछे नजर आता हो, लेकिन यहां की प्रतिभाएं अब डिजिटल दुनिया में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। सीमित संसाधनों और नेटवर्क जैसी बुनियादी चुनौतियों को पार करते हुए क्षेत्र के युवा अपनी मेहनत के दम पर सोशल मीडिया पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। हम बात कर रहे आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के विकासखंड मवई के ग्राम पंचायत परसाटोला की होनहार आदिवासी बेटी रमोतिन तेकाम की, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं। रमोतिन ने अपने अनूठे और स्थानीय परिवेश से जुड़े वीडियो कंटेंट के दम पर 75 हजार से अधिक फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर लिया है, जो पूरे अंचल के लिए गौरव का विषय है।
मनोरंजन नहीं, संस्कृति का जीवंत दस्तावेज हैं वीडियो
बताया गया कि रमोतिन तेकाम के सोशल मीडिया अकाउंट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उनका कंटेंट केवल साधारण मनोरंजन या आधुनिक चकाचौंध तक सीमित नहीं है। उनके वीडियो मवई के वनांचल की शुद्ध प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आदिवासी संस्कृति, सदियों पुरानी परंपराओं, ठेठ ग्रामीण रहन-सहन और कृषि से जुड़ी दैनिक गतिविधियों को बारीकी से दर्शाते हैं। एक ऐसे दौर में जब आधुनिकता की अंधी दौड़ में पारंपरिक जीवनशैली कहीं पीछे छूटती जा रही है, रमोतिन अपने कैमरे के माध्यम से वनांचल की इस अनमोल संस्कृति को देश और दुनिया के सामने बेहद सादगी और गर्व के साथ प्रस्तुत कर रही हैं।
चुनौतियों को पार कर पेश की मिसाल
मवई जैसे सुदूर आदिवासी अंचल में जहां आज भी लोगों को बेहतर मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए संघर्ष करना पड़ता है, वहां से निकलकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हजारों लोगों तक अपनी पहुंच बनाना आसान नहीं है। रमोतिन की यह उपलब्धि यह साबित करती है कि यदि इंसान में लगन और अपनी जड़ों से जुड़ाव हो, तो कोई भी भौगोलिक या तकनीकी बाधा उसका रास्ता नहीं रोक सकती। वे बिना किसी अत्याधुनिक संसाधन के केवल अपने कौशल के जरिए अपनी माटी की महक को ग्लोबल मंच तक ले जा रही हैं।
जनप्रतिनिधियों ने की सराहना, बताया गौरव
वनांचल की इस बेटी की सफलता पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी हर्ष व्यक्त किया है। ग्राम पंचायत परसाटोला के सरपंच अशोक कुमार बघेल और भाजपा मंडल मवई के पूर्व उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांत पाठक ने रमोतिन तेकाम के इन अभिनव प्रयासों की खुलकर सराहना की है। उन्होंने रमोतिन के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्र में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें पहचानने और उचित प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने कहा कि प्रकृति, आदिवासी संस्कृति और कृषि से जुड़े वीडियो बनाकर उसे व्यापक समाज तक पहुंचाना रमोतिन की एक बेहद सकारात्मक पहल है।
युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
मवई जैसे सुदूर क्षेत्र से निकलकर सोशल मीडिया पर 75 हजार से अधिक लोगों का प्यार और समर्थन पाना रमोतिन को अंचल के अन्य युवाओं के लिए एक रोल मॉडल बनाता है। उनकी सफलता यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि अपनी मूल संस्कृति, सादगी और स्थानीय परिवेश को अपनाकर भी डिजिटल दुनिया में एक बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।









