पुलिस अधिकारियों के लिए विशेष मोटिवेशनल सत्र
- इस्कॉन उज्जैन के अध्यक्ष ने दी गीता के ज्ञान की सीख
- तनाव प्रबंधन और बेहतर निर्णय लेने में सहायक होंगे गीता के सिद्धांत
मंडला महावीर न्यूज 29. पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली में नैतिक मूल्यों और मानसिक संतुलन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से योजना भवन मंडला में एक विशेष प्रेरणात्मक सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र का मार्गदर्शन उज्जैन से पधारे अंतराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता और इस्कॉन मंदिर उज्जैन के अध्यक्ष परमपूज्य भक्ति प्रेम स्वामी जी महाराज द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में स्वामी जी महाराज ने श्रीमद् भगवद्गीता के ज्ञान को आधुनिक संदर्भ में साझा किया। उन्होंने बताया कि गीता मात्र एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन और नेतृत्व की एक सार्वभौमिक आचार संहिता है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि गीता का उपदेश एक योद्धा और प्रशासक (अर्जुन) को दिया गया था, जो यह सिद्ध करता है कि इसका संदेश प्रशासनिक और पुलिस सेवा की जिम्मेदारियाँ निभाने वाले व्यक्तियों के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।
तनाव प्रबंधन और निर्णय क्षमता पर दिया जोर
स्वामी जी ने समझाया कि गीता का ज्ञान संकट के समय स्पष्टता, तनाव के समय धैर्य और कठिन परिस्थितियों में विवेकपूर्ण निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करता है। यह पुलिस अधिकारियों को अपने कर्तव्यों को अधिक संतुलित और प्रभावी ढंग से निभाने की प्रेरणा देता है। सत्र के दौरान पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ सहभागिता की।
वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यक्त किए विचार
कार्यक्रम के अंत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने इस सत्र की सराहना करते हुए कहा कि गीता के सिद्धांत पुलिस अधिकारियों के लिए तनाव प्रबंधन और बेहतर कार्यक्षमता विकसित करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। इस अवसर पर रक्षित निरीक्षक सुनील नागवंशी, यातायात थाना प्रभारी ललित धुर्वे, महाराजपुर थाना प्रभारी जय सिंह यादव सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।










