कलेक्टर के न आने से नाराज संघर्ष समिति ने मां नर्मदा को सौंपा ज्ञापन

कलेक्टर के न आने से नाराज संघर्ष समिति ने मां नर्मदा को सौंपा ज्ञापन

सर्वसमाज और महिलाओं का मिला भारी समर्थन

  • रेलवे आंदोलन का दूसरा चरण संपन्न
  • अब मंडला बंद और चक्काजाम की तैयारी

मंडला महावीर न्यूज 29. राष्ट्रीय रेलवे संघर्ष समिति के बैनर तले रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर आंदोलन का दूसरा चरण संपन्न हुआ। कलेक्ट्रेट परिसर में घंटों इंतजार के बाद भी जब जिला कलेक्टर ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे, तो आक्रोशित आंदोलनकारियों ने महिष्मति घाट पहुंचकर आस्था की प्रतीक जीवनदायिनी मां नर्मदा को अपना ज्ञापन सौंप दिया। जिले के इतिहास में यह संभवत: यह पहला मौका है जब प्रशासन की बेरुखी से नाराज होकर किसी जन-आंदोलन का ज्ञापन नदी को समर्पित किया गया हो।आंदोलन की शुरुआत सुबह 11 बजे धरना प्रदर्शन से हुई। इस प्रदर्शन को वकील एसोसिएशन, पत्रकार संगठन और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने अपना खुला समर्थन दिया। विशेष रूप से ईश्वर चंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं का समूह लालीपुर चौराहे से बस स्टैंड और रेडक्रॉस होते हुए धरना स्थल पहुंचा। महिलाओं के इस जज्बे ने आंदोलन में नई जान फूंक दी। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि रेल संचालन मंडला के विकास के लिए अनिवार्य है और इसके लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।

प्रशासनिक बेरुखी पर फूटा आक्रोश 

दोपहर 3 बजे तक चले धरने के बाद विशाल जनसमूह रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचा। संघर्ष समिति के सदस्य इस बात पर अड़े थे कि ज्ञापन केवल कलेक्टर को ही सौंपा जाएगा। हालांकि मौके पर डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार मौजूद थे, लेकिन कलेक्टर के न आने पर समिति ने रोष व्यक्त किया। यहां तक कि समिति ने प्रतीकात्मक रूप से किसी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को भी ज्ञापन लेने भेजने का आग्रह किया, जो स्वीकार नहीं हुआ। अंतत: प्रदर्शनकारी वहां से पैदल मार्च करते हुए नर्मदा तट पहुंचे और मां नर्मदा के चरणों में अपनी मांगों का पत्र रख दिया।

आगामी रणनीति-मंडला बंद और रेल रोको 

प्रशासन के रवैये से नाराज संघर्ष समिति ने अब आंदोलन को और उग्र करने का निर्णय लिया है। जल्द ही बैठक कर पूरे शहर और जिले के व्यापारियों से एक दिन मंडला बंद का आह्वान किया जाएगा। मार्च माह में जिले के प्रमुख मार्गों पर चक्काजाम और रेल रोकने का वृहत आंदोलन प्रस्तावित भी है।

जिलेवासियों से अपील 

संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि यह किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि पूरे मंडला जिले की भविष्य की लड़ाई है। समिति ने समस्त व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि नवीन रेलमार्ग और ट्रेनों के सुचारू संचालन के लिए आगामी आंदोलनों में अपनी पूरी शक्ति के साथ साथ दें।



 

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