साल्हेपानी में भक्ति का अनूठा इतिहास
- सात दिवसीय अखंड रामधुन का महाप्रसाद के साथ समापन
- बैगा बाहुल्य क्षेत्र में आस्था की मिसाल
- 17 वर्षों से अनवरत जारी है भक्ति की यह परंपरा
मंडला महावीर न्यूज 29. आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम ग्राम पंचायत डोभी के पोषक ग्राम साल्हेपानी में देखने को मिला, जहाँ सार्वजनिक हनुमान मंदिर में आयोजित सात दिवसीय अखंड रामधुन का हवन, कन्या भोज और विशाल भंडारे के साथ विधिवत समापन हुआ। महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया।
17 वर्षों से अटूट है परंपरा
बताया गया कि नारायणगंज ब्लाक का ग्राम साल्हेपानी एक बैगा बाहुल्य क्षेत्र है, जहाँ आधुनिकता के दौर में भी सनातन संस्कृति की जड़ें काफी गहरी हैं। मंदिर के पुजारी प्रेमाबाबा और पूर्व सरपंच व वर्तमान जनपद अध्यक्ष आशाराम भारतीया के नेतृत्व में यह परंपरा पिछले 17 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि जहाँ कई क्षेत्रों में धार्मिक आयोजन कम हो रहे हैं, वहीं साल्हेपानी के ग्रामीण आपसी सहयोग से हर वर्ष इस भव्य आयोजन को सफल बनाते हैं।
भक्ति में डूबे ग्रामीण
सात दिनों तक चले इस अखंड कीर्तन में गांव के बुजुर्गों से लेकर नन्हे-मुन्ने बच्चों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ढोलक, हारमोनियम, झांझ-मजीरे और मृदंग की थाप पर ग्रामीण सीताराम-सीताराम की धुन में झूमते नजर आए। आस्था का आलम यह था कि ग्रामीण दिन-रात खड़े होकर नृत्य करते हुए भगवान की भक्ति में भाव-विभोर रहे।
क्षेत्र के लिए बना मिसाल
नारायणगंज विकासखंड और निवास तहसील में स्थित ग्राम साल्हेपानी संभवत: इकलौता ऐसा गांव है, जहां इतने लंबे समय से सात दिवसीय अखंड आयोजन की निरंतरता बनी हुई है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मंदिर के पुजारी प्रेमाबाबा, जनपद अध्यक्ष आशाराम भारतीया सहित समस्त ग्रामवासियों और धर्मप्रेमियों का विशेष योगदान रहा। रामधुन के समापन की पूर्णाहुति में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर हवन में आहुतियां दीं और कन्या पूजन के बाद महाप्रसाद ग्रहण किया। क्षेत्र भर में इस आयोजन की सराहना की जा रही है।










