छात्र-छात्राओं ने जाना वन धन से आत्मनिर्भरता का मंत्र

कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने जाना वन धन से आत्मनिर्भरता का मंत्र

  • प्रसंस्करण और मार्केटिंग की बारीकियों से हुए रूबरू
  • परिक्षेत्र अधिकारी ने दिया करियर मार्गदर्शन
  • वन उत्पादों की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग का लिया ज्ञान

मंडला महावीर न्यूज 29. शासकीय महाविद्यालय अंजनिया के बीए अंतिम वर्ष के एनएसएस स्वयंसेवकों ने वन परिक्षेत्र जगमण्डल के अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री वन धन विकास केंद्र अंजनिया का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने वनों से प्राप्त उत्पादों के प्रसंस्करण और उनसे जनजातीय समूहों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया को बारीकी से समझा।भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं को वनों से संग्रहित किए जाने वाले मुख्य उत्पादों जैसे हर्रा, बहेड़ा, आंवला और वनीय शहद के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही मोटे अनाज (कोदो-कुटकी) और स्थानीय स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले अचार व अन्य उत्पादों की प्रोसेसिंग, प्रसंस्करण पैकेजिंग और मार्केटिंग की व्यावहारिक कार्यप्रणाली दिखाई गई।

कैरियर और आत्मनिर्भरता पर दिया मार्गदर्शन 

जगमण्डल परिक्षेत्र अधिकारी श्रीमती लतिका तिवारी उपाध्याय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वन उत्पादों के औषधीय व आर्थिक फायदों के बारे में बताया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए कैरियर मार्गदर्शन देते हुए वन विभाग और उद्यमिता के क्षेत्रों में संभावनाओं की जानकारी दी। वन धन केंद्र प्रभारी बालसिंह ठाकुर ने विस्तार से समझाया कि कैसे कच्चे माल को प्रसंस्कृत कर बाजार में उतारा जाता है और किस प्रकार वन धन केंद्र के माध्यम से जनजातीय समूह आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

प्राचार्य और शिक्षकों की रही उपस्थिति 

इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नवीन कुमार हरदहा, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र लिल्हारे एवं डॉ. घनश्याम झरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। शिक्षकों ने इस भ्रमण को विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक ज्ञान की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।


 

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