रसोइयों का हल्ला बोल
- मानदेय वृद्धि और नियमितीकरण को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
- चार हजार में कैसे चलेगा परिवार, कलेक्टर दर पर भुगतान की मांग
- एमडीएम और साझा चूल्हा रसोइयों की हड़ताल की चेतावनी
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के शासकीय स्कूलों में मध्यान्ह भोजन और आंगनबाड़ी केंद्रों में साझा चूल्हा कार्यक्रम के तहत सेवाएं दे रहे रसोइयों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को बड़ी संख्या में एकत्रित हुए रसोइयों ने कलेक्ट्रेट के समीप एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी व्यथा सुनाई।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें प्रतिमाह मात्र चार हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जिससे इस महंगाई के दौर में परिवार का भरण-पोषण करना असंभव हो गया है। रसोइयों ने मांग की है कि मानदेय को बढ़ाकर कलेक्टर दर पर भुगतान किया जाए। साझा चूल्हा कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनबाड़ी में कार्यरत रसोइयों का मानदेय, जो वर्तमान में मात्र 500 रुपये है, उसे भी बढ़ाकर कलेक्टर रेट पर लाया जाए। हर महीने एक निश्चित तारीख को मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
जून माह के वेतन और छंटनी पर आक्रोश
रसोइयों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 3 वर्षों से उनसे जून की भीषण गर्मी में भी कार्य लिया जा रहा है, लेकिन उस अवधि का मानदेय अब तक अप्राप्त है। साथ ही उन्होंने मांग की है कि स्कूल मर्ज होने या छात्र संख्या कम होने के बहाने रसोइयों को काम से न निकाला जाए। जिन रसोइयों को पूर्व में हटाया गया है, उन्हें तत्काल वापस काम पर लेने की मांग भी उठाई गई है।
काम बंद करने की चेतावनी
सरकार की नीतियों के प्रति कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए रसोइयों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया गया, तो वे जिले भर में भोजन पकाने का कार्य बंद कर देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में सरकार की इन नीतियों का पुरजोर विरोध किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।









