वर्षो पुराने सिद्धपीठ मंदिर की दहलीज पर मटन-मछली का बाजार

वर्षो से उपेक्षित आस्था

200 साल पुराने सिद्धपीठ मंदिर की दहलीज पर मटन-मछली का बाजार

  • मुख्यमंत्री के आदेश कागजों तक सीमित, नियमों की उड़ रही धज्जियां
  • नैनपुर की दक्षिण मुखी हनुमान गढ़ी की पवित्रता पर संकट
  • मंदिर के पास मटन-मछली मार्केट हटाने की उठी मांग
  • नैनपुर में सिद्धपीठ मंदिर और स्कूलों के बीच खुलेआम मांस विक्रय से जनआक्रोश

मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पदभार संभालते ही प्रदेश में धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों के पास खुले में मांस और मछली के विक्रय पर कड़े प्रतिबंध के निर्देश दिए थे, लेकिन नैनपुर मुख्यालय के बुधवारी बाजार क्षेत्र में इन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहाँ करीब 200 वर्ष पुराना प्राचीन श्री सिद्धपीठ दक्षिण मुखी श्री हनुमान गढ़ी मंदिर स्थित है, जिसकी पावन परिधि में ही मटन और मछली का बाजार संचालित हो रहा है। यह न केवल प्रशासनिक उदासीनता का प्रमाण है, बल्कि हजारों धर्मप्रेमियों की आस्था पर सीधा प्रहार भी है।स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं का कहना है कि जिस स्थान पर आज मांस का बाजार लग रहा है, वह वर्षों पूर्व आवंटित किया गया था जब नैनपुर एक ग्राम पंचायत थी। आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। मंदिर और इस मार्केट की दूरी महज 30 मीटर है। मंदिर के पास ही शनि मंदिर भी स्थित है, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुँचते हैं। विडंबना यह है कि श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन के लिए दुर्गंध के बीच से मुंह पर कपड़ा रखकर गुजरना पड़ता है। सावन सोमवार, नवरात्र, नर्मदा जयंती और राष्ट्रीय पर्वों पर भी यहाँ मटन-मछली का विक्रय बंद नहीं होता, जिससे धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँच रही है।

नियमों को ताक पर रखकर संचालन 

नियम कहते हैं कि धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक मार्गों के पास मांस का खुले में विक्रय प्रतिबंधित है। यहाँ न केवल मंदिर है, बल्कि चारों तरफ स्कूल और क्लीनिक भी संचालित हैं। बावजूद इसके प्रशासन ने इस मार्केट को अब तक अन्यत्र शिफ्ट नहीं किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यहाँ हरी सब्जियों के साथ ही मांस का विक्रय किया जा रहा है, जो स्वच्छता और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी गंभीर चिंता का विषय है। पूर्व में इसे शिफ्ट करने का प्लान भी बनाया गया, लेकिन वह फाइलों से बाहर नहीं निकल सका।

इनका कहना है

यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि नैनपुर के सबसे प्राचीन और जाग्रत सिद्धपीठ हनुमान मंदिर के पास मांस का बाजार लग रहा है। विश्व हिंदू परिषद इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेश हैं कि मंदिरों के पास ऐसी गतिविधियां नहीं होंगी, फिर नैनपुर प्रशासन मौन क्यों है, हम चेतावनी देते हैं कि यदि जल्द ही इस मटन-मछली मार्केट को यहाँ से हटाकर कहीं और शिफ्ट नहीं किया गया, तो विहिप उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।


रूपेश कुमार सोनी, नगर अध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद

हम किसी के व्यवसाय के विरोधी नहीं हैं, लेकिन स्थान का चयन पवित्रता को ध्यान में रखकर होना चाहिए। यहाँ मंदिर जाने वाली महिलाओं और स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानी होती है। हम कई बार आवेदन-निवेदन कर चुके हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि और स्थानीय प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोए हुए हैं। आस्था को ताक पर रखकर नियमों की बलि दी जा रही है। इस बाजार का तुरंत स्थाई समाधान निकलना चाहिए।


अखिलेश शुक्ला, समाज सेवी



 

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