बिछिया विचार मंच की कमान अब रागिनी परते के हाथ

बिछिया विचार मंच की कमान अब रागिनी परते के हाथ

  • सर्वसम्मति से चुनी गईं नई अध्यक्ष
  • जमीनी मुद्दों पर संघर्ष की नई शुरुआत
  • रागिनी परते बनीं बिछिया विचार मंच की अध्यक्ष
  • महिलाओं की भागीदारी पर रहेगा जोर

मंडला महावीर न्यूज 29| क्षेत्र के ज्वलंत मुद्दों पर मुखर रहने वाले सामाजिक संगठन ‘बिछिया विचार मंच’ के नेतृत्व में बड़ा बदलाव हुआ है। संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक में सभी नेताओं और सदस्यों की सर्वसम्मति से रागिनी परते को निर्विरोध नई अध्यक्ष चुना गया है।

स्व. शोभाराम मर्सकोले के कार्यों को बढ़ाएंगी आगे

बैठक के दौरान मंच के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय शोभाराम मर्सकोले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सदस्यों ने उनके द्वारा किए गए कार्यों को याद करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया। रागिनी परते का चयन स्वर्गीय मर्सकोले के निधन के बाद रिक्त हुए स्थान को भरने और संगठन को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से किया गया है।

छात्र जीवन से समाज सेवा में सक्रिय

नई अध्यक्ष रागिनी परते छात्र जीवन से ही सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रही हैं। उनकी सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका नामांकन हाल ही में यूनाइटेड स्टेट के एक सर्वे में भी हुआ है, जो उनके सामाजिक कार्यों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाता है।

महिलाओं की भागीदारी पर रहेगा विशेष फोकस

पदभार ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में रागिनी परते ने कहा कि बिछिया विचार मंच हमेशा से पानी, बिजली, सड़क, जंगल बचाव (सतकठा), नशा मुक्ति और महिला सशक्तिकरण जैसे बुनियादी मुद्दों पर काम करता रहा है। उन्होंने भविष्य की कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि वे संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान देंगी और जमीनी संघर्षों में सभी साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेंगी।

2015 से सक्रिय है मंच

बता दें कि बिछिया विचार मंच की स्थापना वर्ष 2015 में चार नदी घाटी फेडरेशन को मिलाकर की गई थी। स्थापना काल से ही यह संगठन लेंटाना उन्मूलन और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान हेतु एक प्रभावी मंच साबित हुआ है। रागिनी परते की नियुक्ति पर संगठन के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए विश्वास जताया है कि उनके नेतृत्व में मंच और अधिक सशक्त होगा।



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