11 वर्षों से अनवरत जारी है प्रातःकालीन सुमिरन और नाम जाप की परंपरा

अमृत वेला के आध्यात्मिक रंग में रंगा मंडला : 11 वर्षों से अनवरत जारी है प्रातःकालीन सुमिरन और नाम जाप की परंपरा

प्रोजेक्टर से गुरुवाणी और वाहेगुरु का जाप: अंबेडकर वार्ड गुरुद्वारे में ब्रह्म मुहूर्त में जुट रहे श्रद्धालु, ले रहे धर्मलाभ

  • प्रातः काल सुमिरन नाम जाप से जगा रहे आध्यात्म की अलख
  • 11 वर्षों से नियमित रूप से चल रहा अमृत वेला का आयोजन
  • प्रोजेक्टर के माध्यम से दे रहे गुरुवाणी का संदेश

ब्रह्म मुहूर्त में गूँज रहे वाहेगुरु के जयकारे, श्री अमृतवेला संगत समिति जगा रही अध्यात्म की अलख

मंडला महावीर न्यूज 29. आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में जहाँ मानसिक शांति दुर्लभ होती जा रही है, वहीं मंडला का अंबेडकर वार्ड स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब अध्यात्म और शांति का केंद्र बना हुआ है। यहाँ श्री अमृतवेला संगत समिति द्वारा पिछले 11 वर्षों से नियमित रूप से ‘अमृत वेला’ का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ श्रद्धालु प्रातः काल नाम जाप और सुमिरन के जरिए अपने दिन की शुरुआत कर रहे हैं।

आयोजन समिति के अनुसार, प्रतिदिन सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालु पूर्ण श्रद्धा के साथ गुरुद्वारे में एकत्रित होते हैं। कार्यक्रम में सुखमनी साहिब का पाठ, जपजी साहिब, चौपाई साहिब, सिमरन, आरती और अरदास जैसी आध्यात्मिक क्रियाएं संपन्न की जाती हैं। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए प्रोजेक्टर के माध्यम से गुरुवाणी का संदेश प्रसारित किया जा रहा है, ताकि संगत गुरुवाणी को गहराई से समझ सके। ‘सतनाम श्री वाहेगुरु’ के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो जाता है। आयोजन के पश्चात शामिल श्रद्धालु जनों को प्रसादी का वितरण किया जा रहा है।

प्रातः 4 बजे से शुरू होता है आयोजन

श्री अमृतवेला संगत समिति ने बताया कि आयोजन में प्रातः 4 बजे से धार्मिक श्रद्धालु,आस्था प्रेमी शामिल हो रहे हैं,अमृत काल के इस समय का विशेष महत्व है।पूर्ण श्रद्धा भक्ति के साथ बड़ी संख्या में पुरुष महिलाएं श्रृद्धालु गण शामिल होकर धर्म लाभ ले रहे हैं। संगत प्रातः काल पूर्ण स्नान आदि से निवृत होकर आयोजन में शामिल हो रहे हैं। धार्मिक पाठ,नाम जाप, गुरुवाणी,आरती,अरदास के साथ दिन की शुरुआत कर रहे हैं। नित्य सुचारू संचालन में सदस्य गण सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं।

मानसिक,शारीरिक और आध्यात्मिक प्रभाव

प्रातः काल सुमिरन,नाम,जाप का वैज्ञानिक कारण मन को शांत करना,एकाग्रता बढ़ाना,मानसिक तनाव कम करना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना भी है। वैज्ञानिक कारण यह भी है कि जब कोई व्यक्ति सही उच्चारण,भावना और एकाग्रता के साथ मंत्रों का जाप करता है तो यह मानसिक शारीरिक और आध्यात्मिक स्तर पर प्रभाव डालता है।मंत्रों के उच्चारण से विशेष ध्वनि तरंगें उत्पन्न होती हैं जो हमारे मस्तिष्क और शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं। नियमित मंत्र, जाप से मन शांत रहता है और ध्यान केंद्रित करने की शक्ति बढ़ती है।

श्रद्धा भक्ति और धूमधाम से मनाते हैं प्रमुख पर्व

श्री अमृतवेला संगत समिति के द्वारा प्रमुख धार्मिक पर्व धूमधाम से मनाए जाते हैं।इसमें आराध्या देव दस गुरुओं की जयंती प्रकाश पर्व के रूप में मनाई जाती है। इसके साथ ही साल में दो बार चालीसा महोत्सव विशेष रूप से आयोजित होता है।चालीसा महोत्सव एक बार ग्रीष्म काल में और एक बार शीत काल में आयोजित होता है जिसको समिति के द्वारा श्रद्धा भक्ति भाव से मनाया जाता है। आयोजन का सार्थक उद्देश्य यह भी है कि हमारी अगली पीढ़ी भी आध्यात्मिक की ओर अग्रसर हो।



 

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