डकैती डालने वाले पांच शातिर आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार
साजिश का पर्दाफाश, जान-पहचान का ही निकला मास्टरमाइंड
- रेकी कर फिल्मी अंदाज में दिया वारदात को अंजाम
- 10 हजार के इनामी डकैत चढ़े पुलिस के हत्थे
- काले टेप से नंबर बदलकर वारदात को दिया था अंजाम
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला पुलिस ने हनुमान घाट के पास हुई सनसनीखेज डकैती के मामले को सुलझाते हुए जबलपुर के पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी कार का नंबर तक बदल दिया था, लेकिन सायबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से कोतवाली पुलिस ने पूरी वारदात का खुलासा कर दिया।
बताया गया कि घटना 30 दिसंबर की रात की है। फरियादी सुनिता मौसी उर्फ शबनम अपने साथी के साथ मोटरसाइकिल से 1 लाख 50 हजार रूपए लेकर जा रही थीं। इसी दौरान हनुमान घाट के पास एक सफेद टाटा जेस्ट कार ने उन्हें टक्कर मारी। जैसे ही सुनिता नीचे गिरीं और उनका रुपयों से भरा पर्स सड़क पर गिरा, कार सवार बदमाश उसे उठाकर फरार हो गए।
जान-पहचान वाले ने ही रची थी साजिश
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी सलमान खान फरियादी के समूह की एक सदस्य का परिचित था। उसने अपनी पहचान का फायदा उठाते हुए समूह की गतिविधियों और रुपयों के लेन-देन की पूरी रेकी की थी। इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने जबलपुर के अन्य साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।
नंबर प्लेट पर लगाया था काला टेप
आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए जबलपुर से अपनी कार एमपी 20 टीए 1157 लेकर आए और रास्ते में काले टेप से नंबर बदलकर 4757 कर दिया। वारदात के बाद आरोपी अंजनिया मार्ग से होते हुए जबलपुर भाग गए और रास्ते में ही पैसे आपस में बांट लिए।
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी
लूट की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को मंडला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों में इमरान अंसारी, श्याम सुंदर चौहान, दीपक चौधरी, मोहम्मद सलमान और मास्टरमाइंड सलमान खान सभी जबलपुर निवासी है। पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त टाटा जेस्ट कार और लूटी गई राशि में से 32 हजार 100 रूपए नकद बरामद किए हैं। शेष राशि की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
एसपी ने की थी इनाम की घोषणा
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी। सफलता प्राप्त करने वाली टीम में एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा, निरीक्षक शफीक खान, निरीक्षक रेडियो कृष्ण गोपाल जगाती, उपनिरीक्षक संजीव उइके, सुरजीत सिंह परमार, सहायक उपनिरीक्षक भूमेश्वर बामनकर, संतोष कुमरे, आरक्षक मृदुल, प्रियांश, रमेश, यमुना, राजकुमार मान सिंह, दिनेश, मधुर, दुर्गेश, धीरू, सुरेश की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक मंडला रजत सकलेचा द्वारा उक्त मामले में अधिकारी कर्मचारी को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।









