मंडला: नाबालिगों को नशीली वस्तुओं की बिक्री पर लगा प्रतिबंध, नियम तोड़ने पर होगी जेल
कलेक्टर का सख्त आदेश: बिना डॉक्टर के पर्चे के नहीं मिलेगी कफ सिरप, थिनर-व्हाइटनर बेचने पर भी पाबंदी
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में युवाओं और नाबालिग बच्चों के बीच बढ़ती नशे की लत पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने एक विशेष प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए कॉरेक्स (Corex) कफ सिरप, थिनर और व्हाइटनर जैसी वस्तुओं की खुले बाजार में बिक्री को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं।
बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं मिलेगी दवा
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब मेडिकल स्टोर्स पर कॉरेक्स (Corex) जैसी कफ सिरप की बिक्री केवल पंजीकृत डॉक्टर के नवीन प्रिस्क्रिप्शन (पर्चे) दिखाने पर ही की जा सकेगी। बिना डॉक्टरी सलाह के इन दवाओं को बेचना अब अपराध की श्रेणी में आएगा।
नाबालिगों को थिनर और व्हाइटनर देने पर रोक
अक्सर देखा गया है कि बच्चे Bonfix, Whitener, Thinner और पंचर सॉल्यूशन जैसी सामान्य सामग्रियों का उपयोग नशे के रूप में कर रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने नाबालिग बच्चों को इन सामग्रियों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। दुकानदार अब किसी भी नाबालिग को ये वस्तुएं नहीं बेच सकेंगे।
कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों या व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समाज और स्वास्थ्य पर बुरा असर
प्रशासन का तर्क है कि इन वस्तुओं का नशे के रूप में उपयोग बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को गंभीर रूप से बाधित कर रहा है। इसके कारण क्षेत्र में अपराध, सड़क दुर्घटनाएं और असामयिक जनहानि की आशंकाएं बढ़ रही हैं। इस कदम से जिले में नशामुक्ति अभियान को मजबूती मिलने की उम्मीद है।










