राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का दबदबा
- बालिकाओं ने जीता स्वर्ण
- मंडला के तनु और राघवेंद्र ने बढ़ाया जिले का मान
- 69वीं राष्ट्रीय शालेय खो-खो में चमका मध्य प्रदेश
- जबलपुर में संपन्न हुई स्पर्धा में मंडला के दो होनहारों ने जीते पदक
मंडला महावीर न्यूज 29. स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वाधान में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय शालेय खो-खो प्रतियोगिता (19 वर्ष आयु वर्ग) में मध्य प्रदेश की टीमों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। जबलपुर में 23 से 28 दिसंबर तक चली इस प्रतिष्ठित स्पर्धा में मध्य प्रदेश की बालिका टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है, वहीं बालक टीम उपविजेता रहते हुए रजत पदक हासिल करने में सफल रही।
फाइनल में महाराष्ट्र को दी शिकस्त
बालिका वर्ग के रोमांचक फाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश की टीम ने खो-खो की दिग्गज मानी जाने वाली महाराष्ट्र की टीम को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। वहीं, बालक वर्ग के कड़े मुकाबले में महाराष्ट्र ने विजय हासिल की और मध्य प्रदेश को दूसरे स्थान (रजत पदक) से संतोष करना पड़ा। फाइनल तक के सफर में मध्य प्रदेश की टीमों ने प्री-क्वार्टर में हिमाचल प्रदेश, क्वार्टर फाइनल में कर्नाटक और सेमीफाइनल में दिल्ली जैसी मजबूत टीमों को हराकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की।
मंडला के दो सितारों का कमाल
इस राष्ट्रीय सफलता में मंडला जिले का विशेष योगदान रहा। मध्य प्रदेश की टीम में जिले के दो प्रतिभावान खिलाडिय़ों तनु यादव एवं राघवेंद्र सैयाम का चयन हुआ था। इन दोनों खिलाडिय़ों ने अपने उत्कृष्ट खेल से पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उल्लेखनीय है कि तनु और राघवेंद्र पिछले 5 वर्षों से जिला खो-खो प्रशिक्षण केंद्र, पुलिस लाइन मंडला में कड़ा अभ्यास और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
खेल प्रेमियों में हर्ष की लहर
राष्ट्रीय मंच पर पदक हासिल कर लौटने पर जिले में उत्साह का माहौल है। जिला खेल अधिकारी विकास खराड़कर, जिला प्रशिक्षक सुश्री सोना दुबे, जसवंत अहिरवार सहित खेल विभाग के अधिकारियों और खेल प्रेमियों ने खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। खेल प्रेमियों का कहना है कि इन खिलाडिय़ों की सफलता जिले के अन्य उभरते खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।










