स्वार्थ का नहीं, भगवत प्रेम ही सच्चा आनंद

स्वार्थ का नहीं, भगवत प्रेम ही सच्चा आनंद

  • करिया गांव में कथा वाचिका देविका पटेल ने बिखेरी भक्ति की छटा
  • भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब, 30 गांवों के श्रद्धालु ले रहे धर्म लाभ

मंडला महावीर न्यूज 29. ग्राम करिया गांव में कुर्मी समाज की होनहार बेटी और कथा वाचिका देविका पटेल के मुखारविंद से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जहाँ भक्ति और ज्ञान का अनूठा संगम देखने को मिला। कथा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए देविका जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत मात्र एक पुस्तक नहीं, बल्कि भक्ति, ज्ञान और त्याग की जीवंत गाथा है। उन्होंने सांसारिक प्रेम और ईश्वरीय प्रेम के अंतर को समझाते हुए कहा, संसार का प्रेम स्वार्थ पर टिका है, जो स्वार्थ खत्म होते ही टूट जाता है। सच्चा और अटूट प्रेम वही है जो जीव और ईश्वर के बीच स्थापित होता है।

दुखों से मुक्ति का मार्ग है प्रभु का दास बनना 

मानवीय दुखों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस संसार में हर व्यक्ति किसी न किसी पीड़ा से ग्रसित है। इन दुखों की बेडिय़ों को काटने का एकमात्र तरीका राम का दास यानी प्रभु का सेवक बनना है। जब हम स्वयं को ईश्वर को समर्पित कर देते हैं, तो जीवन के सारे कष्ट स्वत: ही समाप्त हो जाते हैं।

30 गांवों के श्रद्धालुओं का लगा तांता 

कथा वाचिका देविका पटेल की कथा सुनने के लिए आसपास के लगभग 30 गांवों से लोगों का तांता लग गया। इनमें मंडला, खैरी, पदमी, सुकतरा, माधोपुर, नरैनी, अंजनिया, मांद, पौड़ी, खामटीपुर, झिगराघाट, केवलारी, नारा, दिवारा, गंगोरा, करिया गांव, ककैया, सिलगी, मांगा, बम्हनी बंजर, बोरिया, सर्री, ठरका, टिकरवाड़ा और घटिया जैसे ग्राम शामिल हैं। कथा श्रवण करने आए भक्तों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपनी समाज की बेटी पर गर्व है। वह न केवल धर्म का प्रचार कर रही हैं, बल्कि समाज सुधार और राष्ट्र उत्थान की दिशा में ज्ञान का प्रकाश फैला रही हैं। ग्रामीणों का मानना है कि इस आयोजन से क्षेत्र में सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश प्रसारित होगा।



 

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