वेंटिलेटर के उपयोग से 20 बच्चों की बचाई जान

वेंटिलेटर के उपयोग से 20 बच्चों की बचाई जान

  • नवजात बच्चों को मिला जीवनदान
  • मंडला एसएनसीयू में दर्ज हुई वर्ष की सबसे कम मृत्यु दर
  • परिजनों ने की सराहना

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है। जिला अस्पताल मंडला के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट ने नवंबर माह में इस वर्ष की सबसे कम नवजात मृत्यु दर और सबसे अधिक डिस्चार्ज रेट हासिल की है, जो सरकारी स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप एक बड़ी उपलब्धी है। सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती ने बताया कि जिला चिकित्सालय मंडला में संचालित एसएनसीयू में नवजात बच्चों के इलाज के लिए एक समर्पित इकाई है। इसमें कम वजन, सांस लेने में परेशानी, इन्फेक्शन और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित नवजात शिशुओं का विशेष उपचार किया जाता है।जानकारी अनुसार विगत नवंबर माह में एसएनसीयू इकाई में नवजात मृत्यु दर घटकर 5.8 प्रतिशत पर आ गई, जो इस वर्ष की सबसे कम दर है। वही बच्चों के ठीक होकर घर जाने की दर भी 88.4 प्रतिशत दर्ज की गई, जो कि सबसे अधिक है। सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती ने बताया कि बेहतर सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों के कारण यह सफलता मिली है। एसएनसीयू में वेंटिलेटर मशीन का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करके इस वर्ष अब तक 20 नवजात बच्चों की जान बचाई गई है, जिन्हें सफलतापूर्वक इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है।

समर्पित टीम का प्रयास 

बताया गया कि एसएनसीयू की इस सफलता के पीछे एक समर्पित चिकित्सा दल का हाथ है। नवजात बच्चों का इलाज सिविल सर्जन डॉ. विजय धुर्वे, एसएनसीयू इंचार्ज डॉ. अंकित चौरसिया, डॉ. कमलेश ठाकुर और डॉ. अलका तेजा की विशेषज्ञ टीम द्वारा किया जाता है। इसके साथ ही नर्सिंग स्टाफ पूरे समय बच्चों की देखरेख और मॉनिटरिंग के लिए कार्यरत होता है। बैजंती माला नर्सिंग स्टाफ इंचार्ज के रूप में सभी स्टाफ के कार्य समन्वय और एसएनसीयू के रखरखाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बच्चों के सफल इलाज और अस्पताल प्रबंधन की उच्च व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर बच्चों के परिजनों ने भी एसएनसीयू की सेवाओं और इलाज की खुले दिल से सराहना की है।



 

Leave a Comment