नारायणगंज विकास खंड में शिक्षा का नवाचार
- हमारा विद्यालय सुंदर विद्यालय की पहल
- बीईओ की पहल पर शिक्षकों ने सामूहिक रूप से किया टीएलएम का निर्माण
- स्कूल से घर जाते बच्चे पढ़ रहे गिनती, पहाड़े
- टीएलएम के प्रयोग से बढ़ रही उपस्थिति, घट रहे शाला त्यागी बच्चे
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के नारायणगंज विकासखंड में खंड शिक्षा अधिकारी डीके सिंगौर और बीआरसी कमलेश भवेदी के संयुक्त प्रयासों से प्राथमिक शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार आयोजित जन शिक्षा केंद्र स्तरीय शैक्षिक संवाद कार्यक्रम में शिक्षकों ने शिक्षण सहायक सामग्री का सामूहिक रूप से निर्माण कर एक विशिष्ट नवाचार को साकार किया।
विकासखण्ड नारायणगंज में विद्यार्थियों को शिक्षानुकूल वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से बीईओ द्वारा हमारा विद्यालय सुंदर विद्यालय कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में विगत दिवस आयोजित शैक्षिक संवाद में प्राथमिक कक्षाओं में अध्यापन कराने वाले शिक्षकों को टीएलएम के महत्व को समझाया गया। इसके बाद सभी शिक्षकों ने संवाद स्थल पर ही सामूहिक रूप से विभिन्न विषय वस्तुओं को सरलता से समझाने के लिए सहायक शिक्षण सामग्री तैयार की। कुछ शिक्षक घर से भी सामग्री तैयार कर लाए थे, जिससे अन्य शिक्षकों को भी प्रेरणा मिली।
सामूहिक निर्माण से बढ़ी सामग्री की गुणवत्ता
इस दौरान शिक्षकों ने एक-दूसरे के सुझावों का आदान, प्रदान करते हुए बच्चों के लिए एक से बढ़कर एक सरल और प्रभावी टीएलएम तैयार किए। बीईओ डी के सिंगौर, बीआरसी, और बीएसी द्वारा इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग की गई। बीईओ डीके सिंगौर ने बताया कि शिक्षण सहायक सामग्री के उपयोग से बच्चों का ध्यान विषय वस्तु पर जल्दी आकर्षित होता है और वे चीजों को जल्दी सीखते हैं। उनका मानना है कि जब बच्चे जल्दी सीखेंगे, तो उनकी विद्यालय में उपस्थिति बढ़ेगी और शाला त्यागी बच्चों की संख्या में भी कमी आएगी।
उत्साहपूर्ण वातावरण बनाने पर जोर
शिक्षा के माहौल को सहज और उत्साहपूर्ण बनाने के लिए एक और अनूठी पहल की गई है। बीईओ डीके सिंगौर ने बताया कि स्कूल में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और पठन-पाठन का माहौल सहज बनाने के लिए पूरे विकासखंड के प्राथमिक विद्यालयों में यह अभियान चलाया जा रहा है कि बच्चे स्कूल से घर जाते समय एक लाइन से निकलते हुए कभी गिनती, कभी पहाड़ा, तो कभी पोयम आदि का जोर-जोर से वाचन कर रहे हैं। इसके अलावा बच्चों के एक दिन भी अनुपस्थित रहने पर नोटिस किया जा रहा है और पालकों से संपर्क किया जा रहा है।
आकांक्षी विकासखंड में गुणात्मक सुधार का लक्ष्य
बीईओ डीके सिंगौर ने स्पष्ट किया कि प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए लगातार अच्छे प्रयास किए जाएंगे। वहीं नारायणगंज विकास खंड भारत सरकार की आकांक्षी विकासखंड योजना में शामिल है, इसलिए शिक्षा के लिए निर्धारित किए गए सभी 11 संकेतकों को शत प्रतिशत संतृप्त कर विकासखंड को अग्रणी श्रेणी में खड़ा करने का लक्ष्य रखा गया है।










