थानमगांव में पुनर्जीवित कृषि को मिली नई दिशा
- पीजीएस इंडिया प्रमाण पत्र वितरण कर किसानों को किया सम्मानित
- मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण के लिए जैविक खेती आवश्यक-विधायक चैन सिंह बरकड़े
मंडला महावीर न्यूज 29. निवास विकासखण्ड के थानमगांव ग्राम पंचायत में नाबार्ड एवं प्रदान संस्था के सहयोग से गठित वाटरशेड विकास समिति ने जैविक एवं पुनर्जीवित कृषि को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष जागरूकता और सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया, जहाँ महिलाओं की भूमिका, टिकाऊ खेती की आवश्यकता और बदलते कृषि परिवेश में जैविक खेती के महत्व पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि अधिकारी अनीता उपाध्याय, पंकज धुर्वे, वरिष्ठ उद्यानिकी अधिकारी बसंत उइके, आजीविका मिशन से ब्लॉक प्रबंधक पूजा शर्मा, नाबार्ड एवं प्रदान संस्था से सौरभ सिंह, अनुरुद्ध शास्त्री सहित अन्य अधिकारी और टीम प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने विश्वास व्यक्त किया कि थानमगांव क्षेत्र निकट भविष्य में पुनर्जीवित कृषि का एक सफल मॉडल बनेगा।
बताया गया कि आज के दौर में जब अधिकांश किसान रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग पर निर्भर हैं, तब मिट्टी की उर्वरता घट रही है, जलस्रोत प्रदूषित हो रहे हैं और खाद्य उत्पादन की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। इसके विपरीत कार्यक्रम में जैविक एवं पुनर्जीवित कृषि को मिट्टी की सेहत पुनर्जीवित करने, पर्यावरण को सुरक्षित रखने तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित, पोषक एवं स्वास्थ्यवर्धक खाद्य प्रदान करने की दिशा में एक सशक्त समाधान के रूप में प्रस्तुत किया गया।
पीजीएस इंडिया प्रमाण पत्र का वितरण
आयोजित कार्यक्रम में पीजीएस इंडिया ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन की महत्ता पर जोर देते हुए कहां कि यह प्रमाणपत्र किसानों के उत्पाद को जैविक मानकों के अनुरूप प्रमाणित करता है, जिससे उन्हें बाजार में एक विशिष्ट पहचान, बेहतर मूल्य और नए अवसर प्राप्त होते हैं। वक्ताओं ने बताया कि यह सामुदायिक, कम लागत वाली और पारदर्शी प्रणाली छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है। कार्यक्रम में विधायक चैन सिंह बरकड़े, जनपद अध्यक्ष श्रीमती मंजू एवं अन्य अतिथियों ने पीजीएस इंडिया प्रमाणपत्रों का वितरण पीजीएस लीडर्स और महिला किसानों को किया, जो रसायनमुक्त खेती को बढ़ावा देने में उनके निरंतर प्रयासों का सम्मान था।
जनप्रतिनिधियों ने किया किसानों को प्रेरित
विधायक चैन सिंह बरकड़े ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, जल संरक्षण करने, कृषि लागत घटाने और स्वस्थ फसलों के उत्पादन के लिए जैविक एवं पुनर्जीवित कृषि अत्यंत आवश्यक है। यह न केवल किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी, बल्कि पर्यावरण की रक्षा भी करेगी। जनपद अध्यक्ष श्रीमति मंजू ने किसानों को जंगल और भूमि प्रबंधन की बेहतर योजना के साथ खेती करने के लिए प्रेरित किया।
वाटरशेड समिति के प्रयासों की सराहना
कार्यक्रम में सभी अतिथियों ने नाबार्ड एवं प्रदान समर्थित वाटरशेड विकास परियोजना के अंतर्गत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, मुर्गी पालन, महिला किसानों की समूह आधारित भागीदारी और जैविक खेती को बाजार से जोडऩे जैसे कार्यों की सराहना की। थानमगांव की वाटरशेड विकास समिति द्वारा संचालित संरचनात्मक कार्य और सामुदायिक नेतृत्व को एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।










