भोपाल में मछुआरों का वार्षिक अधिवेशन केवल औपचारिकता
- समस्याओं की अनदेखी पर महासंघ को चेतावनी
- मजदूरी कम, राहत राशि रुकी, मछुआरा संघ ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
मंडला महावीर न्यूज 29. राज्य मत्स्य महासंघ द्वारा आयोजित प्राथमिक मछुआरा सहकारी समितियों के सदस्यों की वार्षिक आम सभा को मध्यप्रदेश श्रमिक मछुआरा संघ ने मात्र औपचारिकता करार दिया है। मुन्ना बर्मन, रमेश नंदा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि महासंघ दो दशकों से अधिक समय से बिना चुनाव के प्रशासक के माध्यम से संचालित हो रहा है।
मछुआरों का कहना है कि उनकी मुख्य समस्याओं जैसे मछली पकडऩे की कम मजदूरी दर का निराकरण नहीं हो रहा है, जिससे ठेकेदारों को लाभ और मछुआरों को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। इसके साथ ही विगत दो वित्तीय वर्षों से बचत सह राहत योजना की राशि का भुगतान नहीं हुआ है।
संघ ने बताया कि बरगी जलाशय जैसे बड़े जलस्रोतों में मत्स्याखेट कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे मछुआरे बेरोजगार बैठे हैं। सभी 26 जलाशयों में पारदर्शिता और विकास की कमी बताते हुए, संघ ने मत्स्य विकास मंत्री को ज्ञापन सौंपा है और चेतावनी दी है कि यदि जायज मांगों पर कार्यवाही नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।









