डिजिटल अरेस्ट और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से निपटने की तैयारी
- मंडला पुलिस की प्रथम प्रतिक्रिया इकाई हुई तकनीकी रूप से दक्ष
- साइबर फ्रॉड राशि रिकवरी पर दिया विशेष फोकस
- साइबर अपराध पर लगाम लगाने की पहल
- थानों के साइबर डेस्क अधिकारियों का विशेष प्रशिक्षण संपन्न
मंडला महावीर न्यूज 29. साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने और नागरिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मंडला पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस कंट्रोल रूम मंडला में थानों के साइबर डेस्क में पदस्थ अधिकारियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। बताया गया कि मंडला पुलिस द्वारा पूर्व से ही प्रत्येक थाना में साइबर डेस्क की स्थापना की गई है, जिसमें उप निरीक्षक रैंक के अधिकारी को प्रभारी और उनके सहायतार्थ युवा पुलिस कर्मियों को नियुक्त किया गया है। यह प्रशिक्षण सत्र साइबर सेल, मंडला द्वारा पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य फोकस तकनीकी दक्षता और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था।
जानकारी अनुसार जिले के सभी थानों के साइबर डेस्क प्रभारी और सहायक अधिकारियों ने इस सत्र में भाग लिया। प्रशिक्षण में फ्रॉड राशि रिकवरी पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए विशेष विषयों पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
एनसीआरपी पोर्टल पर हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस
अधिकारियों को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के तकनीकी और प्रक्रियात्मक पहलुओं पर गहन व्यावहारिक अभ्यास कराया गया, जिससे शिकायत निराकरण की गति बढ़ाई जा सके।
फ्रॉड राशि की ट्रेसिंग एवं रिकवरी
प्रशिक्षण का मुख्य फोकस धोखाधड़ी से गई राशि को ट्रैक करने, बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर उसे फ्रीज कराने और पीडि़तों की राशि की त्वरित रिकवरी सुनिश्चित करने के प्रभावी तरीकों पर रहा।
नवीनतम साइबर ट्रेंड्स
अधिकारियों को डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, टेलीग्राम टास्क फ्रॉड जैसे नए साइबर अपराधों की जानकारी और उनसे निपटने की विशिष्ट रणनीतियों से अवगत कराया गया।
नागरिक व्यवहार एवं संवेदनशीलता
पीडि़तों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी प्रदान करने पर भी विशेष बल दिया गया।
प्राप्त ज्ञान को तत्काल लागू करें अपने थानों में
साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र बिसेन ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक थाने में स्थापित साइबर डेस्क हमारी पहली प्रतिक्रिया इकाई है। इस प्रशिक्षण का एकमात्र उद्देश्य उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है जिससे वे साइबर अपराध के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित कर सकें। मंडला पुलिस साइबर अपराधियों से एक कदम आगे रहने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशिक्षण के समापन पर सभी अधिकारियों को प्राप्त ज्ञान को तत्काल अपने-अपने थानों में लागू करने और आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए सघन अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
आमजन से अपील
मंडला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे साइबर फ्रॉड से बचाव के तरीकों के बारे में जानने के लिए मंडला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें। अपने साथ हुए किसी भी साइबर या सोशल मीडिया फ्रॉड की शिकायत हेल्पलाइन 1930, वेबसाइट cybercrime.gov.in या नजदीकी थाने में तत्काल दर्ज कराएं।










