अहीरी नृत्य बना यातायात जागरूकता का माध्यम
- मंडला के मेलों में सूबेदार योगेश राजपूत की अनूठी पहल
- ग्रामीण अंचलों तक पहुंचा ट्रैफिक सेफ्टी का संदेश
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के ग्रामीण अंचलों में लगने वाले पारंपरिक मढ़ई मेलों में अब मनोरंजन और लोक-संस्कृति के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश भी देखने को मिल रहा है। यातायात सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर एक प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। सूबेदार योगेश राजपूत के निर्देशन में यह अनूठा जागरूकता कार्यक्रम, पारंपरिक अहीरी नृत्य के माध्यम से लोगों तक ट्रैफिक नियमों का संदेश पहुँचा रहा है। लोकनृत्य जो दशकों से उत्सव और उल्लास का प्रतीक माना जाता था, अब सीधे-सीधे सामाजिक संदेश देने का सशक्त माध्यम बन गया है।
अभियान के तहत अहीरी नृत्य दल गीतों और संवादों के माध्यम से ग्रामीणों को सरल भाषा में समझाता है कि सड़क पर वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट पहनना, गति सीमा का ध्यान रखना और शराब पीकर गाड़ी चलाने से दूरी बनाए रखना कितना आवश्यक है। नृत्य के दौरान कलाकार स्थानीय भाषा और पारंपरिक वाद्यों की धुन पर सुरक्षित चलो जैसे संदेश देते हुए दर्शकों से भावनात्मक रूप से जुड़ते हैं।
सूबेदार योगेश राजपूत ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर लोग बिना हेलमेट के लापरवाही से वाहन चलाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह पारंपरिक माध्यम अधिक प्रभावी साबित हो रहा है, क्योंकि अहीरी नृत्य हमारी क्षेत्र की पहचान है और लोग इन लोकधुन को सुनकर उस पर विश्वास भी करते हैं। इस जागरूकता कार्यक्रम को स्थानीय पुलिस प्रशासन, यातायात विभाग और जनपद पंचायतों के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है।
सूबेदार योगेश राजपूत ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य पहाड़ी और ग्रामीण अंचलों में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और आमजन में नियम पालन की आदत विकसित करना है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल मनोरंजक है, बल्कि शिक्षाप्रद और सार्थक भी है। इस अनूठी पहल ने सिद्ध कर दिया है कि यदि जनसंदेशों को संस्कृति और लोककला से जोड़ा जाए, तो वह सीधे दिल तक उतरता है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाता है।









