पोषण पुनर्वास केंद्र में चमत्कार: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की पहल पर स्वस्थ हुए जुड़वा बच्चे

मंडला NRC की सफलता: कुपोषण से जूझ रहे जुड़वा बच्चे 14 दिन में हुए स्वस्थ, 3 किलो पार पहुंचा वजन

जिला चिकित्सालय में जीवनदान: खून की कमी वाले रियांश और दिव्यांश सकुशल डिस्चार्ज, स्टाफ को बधाई


पोषण पुनर्वास केंद्र में चमत्कार: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की पहल पर स्वस्थ हुए जुड़वा बच्चे

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिला चिकित्सालय के पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) ने एक बड़ी सफलता की कहानी लिखी है। कुपोषण से जूझ रहे जुड़वा बच्चों को 14 दिन के गहन उपचार के बाद पूर्णतः स्वस्थ करके उन्हें डिस्चार्ज किया गया है। यह सफलता आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की जागरूकता और NRC स्टाफ की विशेष निगरानी का परिणाम है।

उपचार के लिए कराया भर्ती 

लुडिया ग्राम, ब्लॉक-मंडला निवासी रामकृपाल सैय्याम और संगीता सैय्याम के जुड़वा बच्चे रियांश सैय्याम और दिव्यांश सैय्याम कुपोषण की श्रेणी में आ रहे थे, जिनका वजन काफी कम था आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की पहल पर बच्चों को स्वयं 3 अक्टूबर 2025 को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया

भर्ती के समय बच्चों का वजन 

रियांश सैय्याम: 2.755 किग्रा (लंबाई 51 सेमी) 

दिव्यांश सैय्याम: 2.655 किग्रा (लंबाई 50 सेमी) 

केन्द्र में NRC प्रभारी डॉ. कमलेश ठाकुर (शिशु रोग विशेषज्ञ) की निगरानी में, एन.आर.सी. दिशा-निर्देशानुसार दोनों बच्चों का दो सप्ताह तक उपचार किया गया जांच के दौरान बच्चों में खून की कमी पाई गई, जिसके कारण दोनों को खून भी चढ़ाया गया

सफलतापूर्वक डिस्चार्ज

14 दिन के सफल उपचार के बाद, 16 अक्टूबर 2025 को बच्चों को स्वस्थ घोषित कर दिया गया । डिस्चार्ज के समय उनका वजन संतोषजनक रूप से बढ़ गया था:

रियांश सैय्याम: 3.045 किग्रा

दिव्यांश सैय्याम: 3.195 किग्रा

सिविल सर्जन डॉ. विजय धुर्वे के मार्गदर्शन में बच्चों को सफलतापूर्वक डिस्चार्ज किया गया केन्द्र की समस्त नर्सिंग स्टाफ (इंदु जंघेला, रोशनी मेरावी, प्रियंका पटेल आदि) और सपोर्ट स्टाफ द्वारा मां व दादी की विशेष निगरानी की गई और उन्हें बच्चों की देखभाल के लिए प्रतिदिन परामर्श दिया गया मां व दादी को दोनों बच्चों के पूर्णतः शारीरिक रूप से स्वस्थ होने की पुष्टि की गई है , और उन्हें 15 दिवस में फॉलोअप के लिए आने की सलाह दी गई है



 

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