युवक की संदिग्ध मौत, हत्या कर फांसी पर लटकाने का लगाया पिता ने आरोप
- बिना पोस्टमार्टम के परिजनों ने किया अंतिम संस्कार
- संदिग्ध मौत पर उठे सवाल, परिजनों ने दोस्तों और पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के निवास थाना क्षेत्र अंतर्गत आदर्श ग्राम कापा में विगत 9 अगस्त 2025 को 19 वर्षीय युवक पुष्पेंद्र पंद्राम पिता पंसारी लाल, जाति गोंड की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक के पिता पंसारी लाल ने मंडला पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर आशंका जताई है कि उनके पुत्र की मौत फांसी से नहीं हुई है, बल्कि पुराने रंजिश के कारण कुछ लोगों ने उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
आवेदक पंसारी लाल ने बताया कि विगत 9 अगस्त को वह रक्षाबंधन त्यौहार मनाने ससुराल गए थे। अगले दिन 10 अगस्त को लौटने पर उन्होंने अपने बेटे का शव घर में लटकता हुआ पाया। उन्होंने आरोप लगाया है कि घटना के दिन उनके पुत्र के साथ पड़ोसी और उसके दोस्त संदीप, गोपाल, गुलाब सिंह और आजेश घर में शराब पी रहे थे। पिता को आशंका है कि इन्हीं लोगों ने उनके पुत्र की हत्या की है।
उन्होंने बताया कि इस घटना की सूचना उन्हें नहीं दी गई, जबकि गांव की एक बेटी अजवंती जो गुजरात में रहती है को संदीप नामक व्यक्ति ने रात 11 बजे फोन पर बताया था कि पुष्पेंद्र खेतों की तरफ भाग रहा था, जिसे उन्होंने घर में लाकर सुला दिया है। इसके बाद एक अज्ञात नंबर से सुबह 6 बजे उसे फांसी पर लटकाने की सूचना दी गई।
लापरवाही का आरोप
आवेदन में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पंसारी लाल का आरोप है कि उन्हें आज तक एफआईआर या पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कोई जानकारी नहीं मिली है। पुलिस वालों से पूछने पर उन्होंने कहा कि वे केवल 15 मिनट के लिए आए थे और उन्हें अन्य काम है। इसके बाद शव को तुरंत एक निजी वाहन से मर्चुरी निवास ले जाया गया, लेकिन वहां पदस्थडॉक्टर मरावी द्वारा बिना शव परीक्षण किये ही शव को परिजनों को सौंप दिया गया और ना ही पोस्टमार्टम किया गया। आवेदक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कहां कि पोस्टमार्टम के लिए नेता लोगों के पास जाओ। इसके बाद शव को अपने ग्राम कापा में लाकर रीति-रिवाज अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया।
आवेदक पंसारी लाल ने मंडला पुलिस अधीक्षक से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। आवेदक का कहना है कि मामला को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है और कुछ लोग इसमें पर्दा डालने में लगे हुए हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।











