अस्पताल की मेहनत लाई रंग, 890 ग्राम के नवजात को मिली नई जिंदगी
- मंडला में 31 दिनों के सफल इलाज के बाद बच्ची को अस्पताल से मिली छुट्टी
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिला अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में 890 ग्राम की एक नवजात बच्ची को 31 दिनों के इलाज के बाद नई जिंदगी मिली है। बच्ची का जन्म जुड़वां बच्चों में से एक के रूप में हुआ था, जिसकी डिलीवरी सीएचसी मवई में हुई थी। जन्म के समय उसका वजन केवल 890 ग्राम था, जबकि उसके भाई का वजन 1 किलो 640 ग्राम था। डॉ. अंकित चौरसिया ने बताया कि 890 ग्राम के बच्चे को बचाना एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि उसकी हालत बहुत ही खराब थी। बच्ची को 25 घंटे वेंटिलेटर और 42 घंटे सीपीएपी मशीन के सहारे रखा गया था। धीरे-धीरे उसे नली के माध्यम से दूध पिलाया गया और कंगारू मदर केयर भी दी गई। डॉक्टरों और स्टाफ की कड़ी मेहनत रंग लाई और 890 ग्राम के नवजात को नई जिंदगी मिल गई।
डॉ. अंकित चौरसिया ने बताया कि एसएनसीयू नवजात बच्चों के इलाज के लिए एक विशेष इकाई है, जहां पूरा स्टाफ और डॉक्टर बच्चों की गहन निगरानी करते हैं। स्टाफ नर्सों के सहयोग और डॉक्टरों की मॉनिटरिंग से बच्ची को सफलतापूर्वक बचाया जा सका। 31 दिनों के इलाज के बाद जब बच्ची को डिस्चार्ज किया गया, तब उसका वजन बढ़कर 1.280 किलोग्राम हो चुका था। दोनों जुड़वां बच्चों को स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।









