दशलक्षण पर्व का समापन, क्षमा वाणी के साथ आत्म-शुद्धि का संकल्प

मंडला में दशलक्षण पर्व का समापन, क्षमा वाणी के साथ आत्म-शुद्धि का संकल्प

  • मुनिद्वय नीरजसागर और निर्मदसागर के सानिध्य में जैन समाज ने मनाया क्षमा का महापर्व

मंडला महावीर न्यूज 29. नैनपुर के पिंडरई में जैन धर्म के महत्वपूर्ण दशलक्षण पर्व का समापन क्षमा वाणी पर्व के साथ हुआ। युगश्रेष्ठ आचार्य विद्यासागर महाराज और आचार्य समयसागर महाराज के आशीर्वाद से मुनिद्वय नीरजसागर और निर्मदसागर महाराज के चातुर्मास के दौरान इस पर्व को पूरी श्रद्धा और आत्म-साधना के साथ मनाया गया। बताया गया कि सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष चौधरी कैलाश चंद्र जैन ने बताया कि इस साल मुनिद्वय की प्रेरणा से समाज के सभी सदस्यों ने पर्व के वास्तविक महत्व को समझा और अपनी-अपनी विकारों का शमन करते हुए आत्म-साधना की। इसी साधना के साथ क्षमा वाणी पर्व मनाया गया, जिसमें सभी ने एक-दूसरे से क्षमा माँगी।

नवयुवक मंडल अध्यक्ष पीयूष सराफ ने बताया कि पिंडरई के इतिहास में पहली बार इस तरह की साधना और आनंद के साथ पर्व मनाया गया। क्षमा वाणी पर्व के उपलक्ष्य में भट्टे जी परिवार की ओर से समाज के लिए स्वल्पाहार का आयोजन किया गया। साधु सेवा समिति के मीडिया प्रभारी ऋषभ जैन ने बताया कि चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष मनीष जैन ने समाज और कमेटी के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से यह दस दिनों का महा-अनुष्ठान धर्म और ध्यान पूर्वक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


 

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