नरेगा सड़क में लाखों की हेराफेरी, ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग

नरेगा सड़क में लाखों की हेराफेरी, ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग

  • मार्ग किनारे डाला गया लाल मुर्रम, टिकाऊपन पर उठ रहे सवाल

मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद नारायणगंज के अंतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग पर ग्रामीण विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से नरेगा के तहत स्वीकृत ग्रेवल सड़क निर्माण में हेराफेरी का खुलासा किया है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत फड़की माल से कछार टोला तक जाने वाली सड़क के लिए वर्ष 2024-25 में 61 लाख 60 हजार की राशि स्वीकृत की गई थी। आरोप है कि इस राशि का सही इस्तेमाल नहीं किया गया और ठेकेदार ने बेहद खराब गुणवत्ता का काम किया है। सड़क निर्माण में मानक सामग्री का उपयोग नहीं हुआ है, जिससे इसकी टिकाऊपन पर सवालिया निशान उठ गए हैं।


ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया निर्माण में भी भारी भ्रष्टाचार हुआ है। पुलिया को न तो कांक्रीट से मजबूत किया गया और न ही इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार कोई काम किया गया। सिर्फ नाम के लिए सड़क किनारे लाल मुरम डालकर काम खत्म कर दिया गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से इस मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

अधिकारियों ने दी सफाई 

जब इस मामले में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा कार्यालय मंडला के दिव्यांम सिंह उईके से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बारिश के कारण ग्रेवल सड़क का काम अभी रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार को अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है और जब तक काम पूरी तरह से संतोषजनक नहीं होगा, तब तक भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि 15 सितंबर के बाद बारिश रुकते ही काम फिर से शुरू किया जाएगा और उनके द्वारा पूरी ईमानदारी के साथ कार्य को पूरा कराया जाएगा।



 

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