पशु चिकित्सा अधिकारी पर लापरवाही, दवाओं की कमी और अभद्र व्यवहार का आरोप
- विश्व हिंदू परिषद ने हटाने की मांग, कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन
मंडला महावीर न्यूज 29. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के जिला गौ रक्षा विभाग ने जिला पशु चिकित्सा अधिकारी उग्रसेन तिवारी पर चिकित्सा में लापरवाही बरतने और गौ सेवकों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन सौंपने के पहले सभी कार्यकर्ताओं ने अधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन भी किया। दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि अधिकारी द्वारा पिछले कई वर्षों से अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरती जा रही है, जिससे पशुओं के इलाज में समस्याएं आ रही हैं। विश्व हिंदू परिषद ने अपने ज्ञापन में बताया है कि जिला पशु चिकित्सालय में पशुओं के लिए किसी भी प्रकार की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है । हर साल दवाईयां आती हैं, लेकिन वे अस्पताल तक पूरी नहीं पहुंच पातीं। घायल जानवरों के इलाज के लिए रूई और पट्टी जैसी सामान्य चीजें भी नहीं होतीं, जिन्हें बाजार से खरीदने के लिए कहा जाता है। इसके अलावा, अस्पताल में घायल जानवरों को भर्ती करने की भी कोई व्यवस्था नहीं है और न ही ऑपरेशन की सुविधा है, जबकि सालों से मशीनें रखी हुई हैं ।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जब घायल जानवरों को अस्पताल लाया जाता है, तो कुछ दवाएं बाजार से लाने के लिए कहा जाता है। अधिकारी का कहना है कि दवाइयां ऊपर से नहीं आ रही हैं, तो वे क्या करें। यह भी बताया कि स्टॉफ द्वारा आवारा गौवंश का इलाज बीच में ही छोड़ दिया जाता है, जिसके कारण अधिकतर जानवरों की मृत्यु हो जाती है। इसके अलावा अधिकारी ड्यूटी के दौरान भी इलाज के लिए बुलाने पर नहीं आते और रात के समय फोन बंद कर देते हैं। एक पशु एम्बुलेंस 10 बजे सुबह से 5 बजे शाम तक ही उपलब्ध रहती है, जबकि अधिकतर घटनाएं शाम या रात को होती हैं।
विश्व हिंदू परिषद ने ज्ञापन में बताया कि विगत दिवस एक पागल गाय को बेहोशी का इंजेक्शन लगाना था, लेकिन अधिकारी ने कहा कि उनके पास कोई व्यवस्था नहीं है। जब कलेक्टर को सूचना दी गई, तब जाकर व्यवस्था बन पाई। इन सभी समस्याओं के कारण विश्व हिंदू परिषद ने पशु चिकित्सा अधिकारी को तत्काल पद से हटाने की मांग की है इसके साथ ही जिले के सभी पशु चिकित्सा केंद्रों में दवाओं, डॉक्टरों और घायल जानवरों के खाने-पीने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है। ज्ञापन देने वालों में रेनू कछवाहा, विश्व हिंदू परिषद, जिला गौ रक्षा प्रमुख समेत सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे।









