पंचायत उन्नति सूचकांक में पडरिया ग्राम पंचायत को मिला प्रथम स्थान
- विकास कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 11000 रुपये का मिला पुरस्कार, कार्यशाला आयोजित
मंडला महावीर न्यूज 29. पंचायत उन्नति सूचकांक 1.0-2.0 प्रचार-प्रसार विषय पर जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम की अध्यक्षता में कार्यशाला जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई। कार्यशाला में ग्राम पंचायतों के लिए समग्र, समावेशी और सतत विकास, पंचायत उन्नति सूचकांक में ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन को एक मानकीकृत स्कोर के रूप में मापना, पंचायतों को देय संचालित निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना, सतत विकास के लक्ष्यों का स्थानीयकरण थीम पर चर्चा की गई। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश तेकाम, अपर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार सिंह, जनपद पंचायत सदस्य सावित्री धूमकेती, श्रीमती झरिया, शकुन जंघेला, गीता मरावी, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनोद मरावी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक उर्मिला मरावी, समन्वयक मो. नजीम खान, सहायक परियोजना अधिकारी कपिल तिवारी उपस्थित रहे।
जानकारी अनुसार पंचायत उन्नति सूचकांक के तहत मंडला जिले के विकासखंड नारायणगंज की ग्राम पंचायत पडरिया को प्रथम स्थान मिला है। पंचायत के समग्र विकास के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए उसे 11 हजार रुपये का पुरस्कार भी प्रदान किया गया है। भारत सरकार के निर्देशानुसार वर्ष 2022-2023 में किए गए पंचायत उन्नति सूचकांक का विमोचन जिला स्तर पर जिला पंचायत के सभा कक्ष में एक कार्यशाला के दौरान किया गया। इस कार्यशाला में जिले की सर्वोच्च रैंकिंग प्राप्त करने वाली 10 पंचायतों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
बताया गया कि पंचायत उन्नति सूचकांक के तहत जिले की जिन पंचायतों को सर्वोच्च स्थान मिला है, उनमें नारायणगंज की पडरिया पंचायत को प्रथम के साथ 11 हजार रूपए, मंडला की मलारा पंचायत को द्वितीय स्थान के साथ 7 हजार 100 रुपये और बीजाडांडी की बीजाडांडी पंचायत को तृतीय स्थान 5 हजार100 रुपये का पुरस्कार मिला है। इसके साथ ही घुघरी चौथे स्थान पर रही, नैनपुर की निवारी पंचायत पांचवां स्थान, मंडला की ग्राम पंचायत जंतीपुर छटवां स्थान, नैनपुर की ग्राम पंचायत गौझी सातवां स्थान, नारायणगंज की ग्राम पंचायत मैली आठवें स्थान पर, बीजाडांडी की ग्राम पंचायत पौंडी नौवे स्थान पर और नैनपुर की ग्राम पंचायत झीरिया दसवें स्थान पर रही। चौथे से दसवें स्थान प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायतों को 2100 रूपए पुरस्कार के रूप में मिले है।









