फेन अभयारण्य को MEE रिपोर्ट में प्रदेश में दूसरा स्थान
- फेन अभयारण्य ने 85.16% अंकों के साथ अच्छी’ श्रेणी में जगह बनाई
- जैव विविधता संरक्षण, स्थानीय भागीदारी और नवाचार के लिए मिला सम्मान
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले में स्थित फेन वन्यजीव अभयारण्य ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन (MEE) रिपोर्ट में मध्य प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। अभयारण्य ने 85.16% अंकों के साथ ‘बहुत अच्छी’ श्रेणी में जगह बनाई है। इस सूची में वन विहार, भोपाल 88.33% अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा।
बताया गया कि यह सम्मान फेन वन्यजीव अभयारण्य को जैव विविधता संरक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन, पर्यटन में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी, स्वच्छ प्रबंधन प्रथाओं और नवाचार प्रयोगों के लिए प्रदान किया गया है।
उपसंचालक कान्हा पुनीत गोयल ने बताया कि कान्हा टाइगर रिजर्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा के फेन वन्यजीव अभयारण्य की स्थापना 1983 में हुई थी और यह 110.74 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह अभयारण्य बाघ, तेंदुआ, सियार, भालू, गौर, चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली सुअर सहित कई स्तनधारियों और पक्षियों की विविध प्रजातियों का घर है। फेन नदी इस क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण जलधारा है, जो वन्यजीवों के लिए जीवन रेखा का काम करती है।
महत्वपूर्ण केन्द्र है फेन अभयारण्य
बताया गया कि फेन अभयारण्य से एक महत्वपूर्ण वन्यप्राणी कॉरिडोर भी गुजरता है, जो कान्हा टाइगर रिजर्व को अचानकमार टाइगर रिजर्व से जोड़ता है, जिससे वन्यजीवों के निर्बाध आवागमन में मदद मिलती है। फेन अभयारण्य न केवल वन्यजीव संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है, बल्कि पर्यावरणीय शिक्षा और सतत इको-पर्यटन को बढ़ावा देने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह उपलब्धि अभयारण्य के कर्मचारियों और प्रबंधन द्वारा किए गए अथक प्रयासों का परिणाम है।
पहले भी अच्छे अंक किये थे प्राप्त
बताया गया कि दिसंबर 2023 में विशेषज्ञों की टीम ने अभयारण्य का निरीक्षण किया। टीम ने जैव विविधता, पर्यटन में स्थानीय भागीदारी, सुरक्षा प्रबंधन और नवाचार का मूल्यांकन किया। इसके साथ ही कर्मचारी सुविधाएं, आवास प्रबंधन और घास के मैदानों की स्थिति की जांच की। इसके पहले वर्ष 2017-19 के मूल्यांकन में भी अभयारण्य ने 82.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।
इनका कहना है
कान्हा पार्क के सभी अधिकारी, कर्मचारी के संयुक्त प्रयासों का यह परिणाम है। फेन अभयारण्य ने वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह सफलता सभी के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है, जो प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है।
पुनीत गोयल, उपसंचालक, कान्हा टाइगर रिजर्व














