पंचम दा को समर्पित संगीतमय शाम, आरडी बर्मन के गीतों पर झूमे श्रोता

पंचम दा को समर्पित संगीतमय शाम, आरडी बर्मन के गीतों पर झूमे श्रोता

  • संगीत प्रेमियों ने हिमाचली केप पहनकर दी सुरीली प्रस्तुतियां
  • शक्ति क्षेतीजा फ्रेंड्स क्लब का सराहनीय योगदान

मंडला महावीर न्यूज 29. शहर के संगीत प्रेमियों द्वारा स्थानीय झंकार भवन में एक शाम आरडी बर्मन के नाम संगीत संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें महान संगीतकार राहुल देव बर्मन (पंचम दा) को उनकी अद्वितीय संगीत प्रतिभा और भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में हिमाचली केप का ड्रेस कोड रखा गया, जिसने आयोजन को एक अनूठा रंग दिया।

संगीत संध्या की शुरुआत पारंपरिक सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद आरडी बर्मन के सदाबहार गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। विभिन्न कलाकारों जिनमें गीता काल्पीवार, प्रियंका अग्निहोत्री, कीर्ति बाजपेयी, मुक्ता पाण्डे, दिव्या खत्री, मीना शुक्ला, मधु बर्मन, पूर्णिमा चौधरी, मोनू ठाकुरता, नीलम खरे, आरती ज्योतिषी, शुभांगी शुक्ला, बबीता चौकसे, सीमा अग्रवाल, अभिषेक अग्निहोत्री, बाबा बाजपेयी, रोहित पाण्डे, चितवन सुखवानी, महेश नामदेव, अभिषेक बाजपेयी, उज्जवल नामदेव, चंद्रेश खरे, विमलेश मिश्रा, जयदत्त झा, विजय बहादुर सिंह, प्रवीण बाजपेयी, निशांत यादव, बलराम जसवानी, कृष्णा क्षत्री, अभिषेक बाजपेयी, राजेश अग्रवाल, अभय सोनी, झामन क्षत्री, अभिजय दत्त झा, रुपेश सोनवानी, अजय रघुवंशी, अर्जुन हरदहा, अभय सोनी और फारूक ने अपनी सुरीली आवाजों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

बताया गया कि राहुल देव बर्मन जिन्हें प्यार से पंचम दा कहा जाता है, उन्होंने 331 से अधिक फिल्मों में संगीत दिया और कुछ में अभिनय भी किया। उनकी प्रयोगधर्मी शैली, जिसमें भारतीय शास्त्रीय, लोक और पश्चिमी संगीत का सहज मिश्रण था, जिसमें उन्हें संगीत जगत का एक बड़ा नाम बनाया। उनके गीत आज भी लाखों लोगों के दिलों पर राज करते हैं और संगीतकारों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।

इस अवसर पर वरिष्ठ मार्गदर्शक सुनील साहू को स्मृति चिन्ह देकर मंच पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नगर के समाजसेवी प्रफुल्ल मिश्रा, आलोक शुक्ला, राजेन्द्र शर्मा, पूर्णिमा शुक्ला, मृदुला काल्पीवार, निधि झा, कोमल पमनानी सहित जिले के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस सफल आयोजन में शक्ति क्षेतीजा फ्रेंड्स क्लब का सराहनीय योगदान रहा।



 

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