सरस्वती शिशु मंदिर में महंत ने जड़ा ताला

सरस्वती शिशु मंदिर में महंत ने जड़ा ताला

  • छात्र सड़क पर पढऩे को मजबूर
  • जमीन विवाद को लेकर बढ़ा तनाव
  • प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद खुला स्कूल

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के उपनगर महाराजपुर के त्रिवेणी संगम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के बच्चों को भूमि विवाद के कारण सड़क में आकर बैठना पड़ा। भूमि विवाद का मामला तूल पकड़ते ही स्कूल प्रबंधन और महंत के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई और इस दौरान मंदिर ट्रस्ट के महंत दीपक दास ने स्कूल भवन के मुख्य द्वार और कक्षाओं में ताला जड़ दिया। जिसके बाद स्कूल के छात्रों को सड़क पर चटाई बिछाकर पढ़ाई करनी पड़ी, जिससे उनकी शिक्षा बाधित हुई और स्थानीय समुदाय में असमंजस की स्थिति बन गई।

बताया गया कि महंत दीपक दास का दावा है कि जिस जमीन पर स्कूल संचालित हो रहा है, वह मंदिर ट्रस्ट की संपत्ति है। उन्होंने कहां कि यह भूमि केवल एक वर्ष के लिए स्कूल संचालन के लिए दी गई थी। महंत का कहना है कि निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने न केवल भूमि पर कब्जा जमाए रखा, बल्कि मंदिर से जुड़े संतों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी। इस मामले को लेकर महंत ने न्यायालय का रुख किया था, और उनका कहना है कि न्यायालय का फैसला मंदिर ट्रस्ट के पक्ष में आया है।

बताया गया कि न्यायालय के फैसले के बाद महंत द्वारा स्कूल में ताला लगाने की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग विरोध में उतर आए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एसडीएम मंडला, तहसीलदार, आरआई, पटवारी और महाराजपुर थाना प्रभारी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को शांत करने का प्रयास किया। लंबी चर्चा के बाद पंचनामा तैयार किया गया और स्कूल का ताला खुलवाया गया, जिससे बच्चे वापस कक्षाओं में जा सके।
बताया गया कि स्थानीय प्रशासन के दखल के बाद स्कूल में स्थिति सामान्य है और बच्चों की पढ़ाई फिर से शुरू हो गई है। हालांकि यह विवाद अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। स्कूल प्रबंधन ने भी इस मामले को लेकर न्यायालय की शरण में जाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे यह कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।



 

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