महिला को आजीवन कारावास और तीन हजार का जुर्माना
- विशेष न्यायाधीश ने हत्या और एससी-एसटी एक्ट के उल्लंघन के लिए सुनाया दंड
मंडला महावीर न्यूज 29. विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट मंडला जिले की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में दुर्गा मौर्य पत्नी रोहित कुशराम 25 वर्ष, निवासी करौदाटोला भीमडोंगरी, थाना मोतीनाला को आजीवन कारावास और तीन हजार रूपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। जानकारी अनुसार यह घटना 26 मई 2019 को दोपहर लगभग 1 बजे की है। शिकायतकर्ता जगदीश कुशराम को उनकी चचेरी बहन मनीषा ने बताया कि उनकी अम्मा को गर्दन में चोट लगी है। जगदीश अपने घर पहुंचे और देखा कि उनकी अम्मा रमोतिन बाई कुशराम खाट पर लेटी हुई थीं, उनकी गर्दन पर किसी धारदार हथियार से कटा हुआ निशान था और खाट व जमीन पर खून फैला हुआ था। जब उन्होंने अम्मा से पूछा कि यह किसने किया, तो वे कुछ भी बोल नहीं पा रही थीं। परिवार के सदस्य रोहित कुशराम भाई, मीराबाई कुशराम चाची और उमेश मरावी भांजा उन्हें इलाज के लिए बिछिया अस्पताल ले गए।
प्रारंभिक सूचना के आधार पर थाना मोतीनाला में भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पीडि़ता से पूछताछ की गई, लेकिन वह बोल नहीं पा रही थी, केवल होंठ हिला रही थी और बुदबुदाने जैसी आवाज आ रही थी। परिजनों से भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई। विवेचना के दौरान अभियुक्ता दुर्गा मौर्य के विरुद्ध प्रथम दृष्टया अपराध किया जाना प्रमाणित पाया गया, जिसके बाद उनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। संपूर्ण विवेचना के बाद न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और तर्कों से सहमत होते हुए विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट मंडला जिले की अदालत ने अभियुक्ता दुर्गा मौर्य को दोषी पाया और उपरोक्त दंड से दंडित किया। इस मामले में शासन की ओर से अभियोजन का संचालन जिला लोक अभियोजन अधिकारी एसएस ठाकुर द्वारा किया गया।










