जानलेवा बना नारायणगंज बस स्टैंड का गड्ढा, मौत का कुआं बना मुख्य मार्ग, जिम्मेदार बेपरवाह
- विकास की बातें बेमानी, नारायणगंज में एक गड्ढे ने खोल दी पोल, कई हादसों के बाद भी प्रशासन मौन
मंडला महावीर न्यूज 29. एक तरफ जहां देश विकास की नई ऊंचाइयों को छूने की बात कर रहा है, वहीं मंडला जिले के नारायणगंज बस स्टैंड की जमीनी हकीकत इस दावे पर सवाल खड़े कर रही है। बस स्टैंड से टिकरिया रोड को जोडऩे वाली मुख्य सड़क पर बना एक गहरा गड्ढा अब लोगों के लिए जानलेवा मुसीबत बन चुका है। हैरानी की बात यह है कि कई हादसों के बावजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या से आंखें मूंदे हुए हैं।
बताया गया कि यह गड्ढा कोई साधारण गड्डा नहीं, बल्कि एक ऐसा जाल बन गया है जिससे होकर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। स्कूल के बच्चे, महिला शिक्षक, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और आम ग्रामीण सभी इसी खतरनाक गड्डे से होकर निकलने को मजबूर हैं। बरसात शुरू होते ही यह गड्ढा पानी से लबालब भर जाता है, जिससे इसकी गहराई का अंदाजा लगाना नामुमकिन हो जाता है।
जिम्मेदार प्रशासन मौन
दोपहिया वाहन चालक इस गड्ढे को देखकर अक्सर घबराकर अपना संतुलन खो देते हैं, जिससे गिरने और चोटिल होने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं चारपहिया वाहन इसमें धंसने की कगार पर पहुंच जाते हैं, जिससे वाहनों को भारी नुकसान हो रहा है। कई बार वाहन क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और लोग चोटिल भी हुए हैं, लेकिन जनपद पंचायत प्रशासन, ग्राम पंचायत और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर खामोश हैं।
लगातार शिकायतें, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस गड्ढे की मरम्मत के लिए पंचायत और जनपद अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया है। बावजूद इसके अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। विडंबना यह है कि यह वही निवास विधानसभा क्षेत्र है जहां से 6 बार सांसद, 1 बार विधायक और 1 बार राज्यसभा सदस्य निर्वाचित हो चुके हैं। इसके साथ ही जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निवास क्षेत्र भी यही है, फिर भी इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।









