स्व-अध्ययन से नीट में रितिका पटेल ने रचा इतिहास
- 546 अंक हासिल कर बढ़ाया गांव टिकरवारा का मान
- टेलर पिता की बेटी ने सीमित संसाधनों में बिना कोचिंग पाई सफलता
- बनी ग्रामीण छात्राओं के लिए प्रेरणा
मंडला महावीर न्यूज 29. स्व-अध्ययन से नीट परीक्षा में रितिका पटेल की सफलता वास्तव में संघर्ष, समर्पण और सफलता की एक अद्वितीय गाथा है, जो आने वाली पीढिय़ों को यह सिखाएगी कि अगर हौसले बुलंद हों तो कोई भी मंजिल नामुमकिन नहीं। बताया गया कि आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के ग्राम टिकरवारा की रितिका पटेल ने राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा में 720 में से शानदार 546 अंक प्राप्त कर पूरे भारत में 13457वीं रैंक हासिल की है। यह उपलब्धि न केवल उनके माता-पिता डीलन पटेल और आशिमा पटेल के लिए गर्व का विषय है, बल्कि इसने समूचे ग्राम और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया है।
जानकारी अनुसार रितिका की यह सफलता इस मायने में और भी खास है कि उन्होंने सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बिना किसी कोचिंग संस्थान की सहायता के पूरी तरह से स्व-अध्ययन के माध्यम से यह मुकाम हासिल किया है। रितिका के पिता डीलन पटेल पेशे से एक टेलर हैं। आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की शिक्षा को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी और हर परिस्थिति में उसका मनोबल बढ़ाया। रितिका ने दिन-रात कड़ी मेहनत की और अपने संकल्प, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर यह साबित कर दिया कि अगर दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।
बताया गया कि जहां एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों की कई बेटियां संसाधनों के अभाव में अपने सपनों से समझौता कर लेती हैं, वहीं रितिका ने एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। उनकी यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गौरव का विषय है, बल्कि समस्त टिकरवारा ग्राम और मंडला जिले के लिए भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है। गांव के लोगों में खुशी की लहर है और रितिका अब क्षेत्र की अन्य छात्राओं के लिए एक सशक्त प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।










