नाबालिग से बलात्कार के दोषी को आजीवन कारावास
- 6 हजार 500 रूपए के अर्थदंड से किया दंडित, मंडला कोर्ट का फैसला
- गुजरात के मोसीन दीवान को पॉक्सो एक्ट और एससी, एसटी एक्ट के तहत सजा
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला के विशेष न्यायाधीश ने एक नाबालिग से बलात्कार के दोषी मोसीन दीवान 19 वर्ष, निवासी वारिसणा गांधीनगर गुजरात को आजीवन कारावास और 6 हजार 500 रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास और पॉक्सो एक्ट की धारा और एससी, एसटी एक्ट की धारा के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 26 अप्रैल 2022 को सामने आई जब पीडि़ता की मां ने बम्हनी थाने में अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल की रात उनकी बेटी बिस्तर से गायब थी और उन्हें शक था कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर ले गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान 16 जुलाई 2022 को पीडि़ता को गुजरात के जमालपुर, थाना कपडग़ंज, जिला खेड़ा से दस्तयाब किया गया और आरोपी को भी हिरासत में ले लिया गया। पुलिस पूछताछ में पीडि़ता ने बताया कि आरोपी मोसीन ने इंस्टाग्राम पर उससे दोस्ती करने की कोशिश की। जब पीडि़ता ने मना किया तो आरोपी ने अपना हाथ काटने की धमकी दी, जिससे डरकर पीडि़ता उससे फोन पर बात करने लगी। मोसीन ने उसे शादी का झांसा दिया और जब पीडि़ता ने अपनी नाबालिग उम्र और अनुसूचित जाति का होने की बात कही तो आरोपी ने कहा कि वह धर्म नहीं मानता और 2 साल बाद बालिग होने पर शादी कर लेगा।
पीडि़ता के परिजनों को इस बात का पता चलने के बाद उसने अपने मामा के मोबाइल से इंस्टाग्राम आईडी बनाकर आरोपी से संपर्क किया। 24 अप्रैल 2022 की रात 1 बजे आरोपी पीडि़ता को लेने उसके मामा के गांव आया, जहां वे पहली बार मिले। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और तर्कों से सहमत होते हुए विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ने आरोपी मोसीन दीवान को दोषी ठहराया और उक्त सजा सुनाई। इस प्रकरण में अभियोजन का संचालन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी विजय अहिरवार द्वारा किया गया।









