मंडला में किसानों ने सीखा तुलसी से व्यवसाय

मंडला में किसानों ने सीखा तुलसी से व्यवसाय

  • 68 कृषकों को मिला व्यावसायिक खेती का प्रशिक्षण
  • देवारण्य योजना के तहत एक जिला एक औषधि पहल को मिला बढ़ावा, मार्केट लिंकेज की भी योजना

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला विकासखंड के 68 किसानों ने तुलसी की व्यावसायिक खेती और उसके लाभों को समझने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया। पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास आजीविका मिशन के सीटीसी में आयोजित प्रशिक्षण राज्य औषधि पादप बोर्ड भोपाल के दिशा-निर्देशन और आयुष विभाग के संयुक्त पहल में शासन की महत्वाकांक्षी देवारण्य योजना के अंतर्गत एक जिला एक औषधि (तुलसी) के संबंध में दिया गया। यह मंडला जिले का छठा और अंतिम प्रशिक्षण सत्र था, जिसके बाद अब परियोजना पर कार्य शुरू किया जाएगा। किसानों द्वारा उत्पादित तुलसी को मार्केट लिंकेज प्रदान करने की भी योजना है।

बताया गया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयुष विभाग मंडला के डॉ. शेर सिंह कुडापे, डॉ. मनोज परस्ते और डॉ. ममता धुर्वे के नेतृत्व में आजीविका मिशन की ब्लॉक मैनेजर प्रभारी अभय गौर और विकासखंड समन्वयक संगीता अग्रवाल के समन्वय एवं सहयोग से संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञ के रूप में मास्टर ट्रेनर योगेंद्र जाटव ने आयुर्वेद और आधुनिक इलाज पद्धति में अंतर बताते हुए तुलसी के पैकेज ऑफ प्रैक्टिस पर विस्तृत जानकारी दी। आयुष अधिकारी डॉ. ममता धुर्वे ने तुलसी के औषधीय गुणों और उसकी वैज्ञानिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला। मास्टर ट्रेनर के रूप में चंद्रहास पटेल ने औषधीय खेती और परंपरागत फसलों के बीच के अंतर व औषधीय पौधों से होने वाले आर्थिक लाभ पर अपनी बात रखी।

द्वितीय सत्र में कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर कंपनी के सीईओ रंजीत कछवाहा ने शासन द्वारा बाल कल्याण के लिए सीडब्ल्यूसी द्वारा पूरे जिले में किए जा रहे कार्यों और शासन की योजनाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने तुलसी के व्यवसाय इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट, मार्केट लिंकेज, व्यावसायिक लाभ और व्यवसाय में रखी जाने वाली सावधानियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर किसानों के साथ चर्चा की और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।

जिला आयुष अधिकारी डॉ. गायत्री आहाके ने बताया कि शासन की यह बहुउद्देशीय और महत्वाकांक्षी योजना का यह प्रथम चरण है। तुलसी की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देकर उत्पादक किसानों का आर्थिक सशक्तिकरण किया जाना इसका मुख्य उद्देश्य है। अभी मंडला जिले के चयनित विकासखंड में कृषक उत्पादक संगठन और महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी कुल 60 किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। एक दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र और यात्रा व्यय प्रदान किया गया।


 

Leave a Comment