मंडला में बेलगाम ऑटो, ओवर लोडिंग से खतरे में जिंदगियां
- यातायात विभाग की अनदेखी से बढ़ रहा दुर्घटना का अंदेशा
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय मंडला में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। विशेष रूप से सवारी ऑटो की बेलगाम धमाचौकड़ी और ओवरलोडिंग ने सड़क सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। पड़ाव रोड पर क्षमता से अधिक सवारियां लेकर दौड़ते ऑटो प्रतिदिन देखे जा सकते हैं, जहां यात्रियों को अंदर ठूंस-ठूंस कर भरने के बाद बाहर लटकाकर ले जाया जा रहा है। यह स्थिति किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे रही है, लेकिन यातायात विभाग इस ओर से आंखें मूंदे हुए है।
जानकारी अनुसार शहर के अंदर विशेषकर पड़ाव रोड पर ऑटो चालकों की मनमानी खुलेआम जारी है। छोटे से ऑटो में जितने यात्री बैठ सकते हैं, उससे दोगुने या तिगुने यात्रियों को बिठाया जा रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को भेड़-बकरियों की तरह ठूंसा जाता है। इतना ही नहीं अंदर जगह न होने पर कई यात्री ऑटो के बाहर उसके पायदान या पीछे लटककर सफर करने को मजबूर हैं। ऐसे में जरा सी चूक या अचानक ब्रेक लगने पर ये यात्री सीधे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं, या उनकी जान भी जा सकती है। यह स्थिति यात्रियों के लिए खतरनाक और जोखिम भरा है।
नियमों का उल्लंघन, यातायात बाधित
बताया गया कि यातायात विभाग की निष्क्रियता इस समस्या को और भी जटिल बना रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि यातायात विभाग की कार्यप्रणाली केवल हाईवे मार्गों पर चालानी कार्रवाई तक ही सीमित रह गई है। जिला मुख्यालय के अंदरूनी इलाकों में जहां सबसे अधिक भीड़भाड़ और यातायात नियमों का उल्लंघन होता है, वहां विभाग का कोई ध्यान नहीं है। नतीजा यह है कि ऑटो चालक बिना किसी डर के मनमानी कर रहे हैं। बड़ चौराहा से चौपाटी मार्ग पर भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। सवारी ऑटो कहीं भी, किसी भी स्थान पर खड़े नजर आते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ जाती है। निर्धारित ऑटो स्टैंड होने के बावजूद चालक उन स्थानों पर वाहन खड़े नहीं करते। बावजूद इसके सवारी ऑटो बाजार क्षेत्र में घूम-घूमकर सवारी बैठाते नजर आते हैं, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न होती है और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। एक स्थान पर सवारी ऑटो खड़े न होने से शहर की यातायात व्यवस्था में निरंतर बाधा उत्पन्न हो रही है।
अव्यवस्थाओं से जूझ रहे शहरवासी
ओवरलोडिंग और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण शहर में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह चिंताजनक है कि यातायात पुलिस जिसका मुख्य कार्य यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है, वह जिला मुख्यालय की इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रही है। शहरवासी लगातार इस अव्यवस्था से जूझ रहे हैं और उनकी सुरक्षा दांव पर लगी हुई है। स्थानीय प्रशासन और यातायात विभाग को इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है, जिससे मंडला की सड़कों पर सुरक्षित यातायात किया जा सके और संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सके।











