मधुमक्खियों के बिना फसलें और मानव जाति को नुकसान, इनका संरक्षण आवश्यक
- नाबार्ड और सीडीवीडी संस्था ने बिछिया में मनाया विश्व मधुमक्खी दिवस
- नई नवाचार परियोजना का शुभारंभ
मंडला महावीर न्यूज 29. शासकीय महाविद्यालय बिछिया परिसर में विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर स्वयंसेवी संस्था सेंटर ऑफ डिस्कवरी फॉर विलेज डेवलपमेंट मंडला ने कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान मवई और बिछिया के हनी हंटर्स शहद शिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि डीडीए मधु अली ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में मधुमक्खियों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मधुमक्खियों के बिना न केवल फसलें, बल्कि भविष्य में मानव जाति को भी नुकसान होगा, इसलिए इनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मधुमक्खी संरक्षण से कृषि उत्पादन में लगभग बीस प्रतिशत की वृद्धि होती है, क्योंकि मधुमक्खियां फसलों में परागीकरण का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक देवब्रत पाल ने नाबार्ड की विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने घोषणा की कि मंडला जिले में पहली बार मधुमक्खियों पर अध्ययन किया जाएगा। श्री पाल ने बताया कि इस मधुमक्खी नवाचार परियोजना के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और आजीविका सृजन के दो मुख्य उद्देश्य सुनिश्चित किए जाएंगे, जिससे सतत विकास की ओर बढ़ा जा सके। यह अध्ययन सीडीवीडी संस्था द्वारा किया जाएगा, जिसके बाद भविष्य में हितग्राहियों को कृषि उत्पादक संगठन से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा और मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जाएगा।
महाविद्यालय के ओपी झरिया ने मंच संचालन किया और संस्था के फिरोज अहमद खान ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मवई और बिछिया के हनी हंटर्स बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। महिला हनी हंटर्स कृष्णा मार्को, संगीता मार्को और दीपक परसते ने अपने विचार साझा किए और इस कार्य को करने पर खुशी व्यक्त की।
मध्यप्रदेश का पहला वुमेन हनी हंटर्स ग्रुप
संस्था के डायरेक्टर एवं मधुमक्खी एक्सपर्ट निसार कुरैशी ने सीडीवीडी द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने मधुमक्खी परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में यह पहली बार नवाचार किया जा रहा है, जिसमें हनी हंटर्स को शहद निकालने के लिए नई तकनीकी सिखाई जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश का पहला वुमेन हनी हंटर्स ग्रुप बनाया जाएगा, जिसे विशेष प्रशिक्षण देकर भंवर मधुमक्खी से शहद निकालने का कार्य कराया जाएगा।
मधुमक्खी संरक्षण के लिए अभिनव प्रयास
कार्यक्रम की अध्यक्ष एवं प्राचार्य राजेश्वरी मरकाम ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि मधुमक्खी संरक्षण से होने वाले लाभ की जानकारी अद्भुत थी और संस्था द्वारा इसे जन-जन तक पहुंचाने का कार्य सराहनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शहद संग्रहण की नई तकनीकें प्रदेश को लाभ पहुंचाएंगी। मधुमक्खी के लिए कार्य करने वाले हनी मैन निसार कुरैशी ने बताया कि हनी हंटर्स की वेशभूषा में बदलाव किया जाएगा, महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, और मधुमक्खियों को आकर्षित करने के लिए पेड़ों में अट्रैक्शन प्लेट लगाई जाएंगी, जो कि यह पहला प्रयोग होगा। इसके अलावा, सीढ़ी के स्थान पर सुगम झूले का निर्माण किया जाएगा और मधुमक्खी के पलायन पर भी संस्था अध्ययन करेगी।










