सड़क हादसे, धर्म-कर्म, आयोजन, बैठक चर्चा, कार्यक्रम चोरी नई पहल

सड़क हादसे धर्म-कर्म आयोजन बैठक चर्चा कार्यक्रम चोरी नई पहल

 


एक सिगरेट पीने से 11 मिनट की उम्र हो जाती है कम

  • जिले में कोटपा एक्ट का सख्ती से किया जा रहा पालन
  • थीम- बच्चों को तंबाकू उद्योग के हस्ताक्षेप से बचाना
  • आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस

मंडला महावीर न्यूज 29. प्रतिवर्ष 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन वैश्विक तंबाकू संकट और महामारी से होने वाली बीमारियों और मौतों के बढ़ते मामलों को देखते हुए साल 1987 में पहला विश्व तंबाकू निषेध दिवस बनाया गया। वर्ष 1987 में विश्व स्वास्थ्य सभा ने संकल्प डब्ल्यूएचओ 40.38 पारित किया, जिसमें 7 अप्रैल को विश्व धूम्रपान निषेध दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके बाद 1988 में संकल्प डब्ल्यूएचओ 42.19 पारित किया गया, जिसमें 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लिया। बताया गया कि दुनिया भर में तंबाकू और इसके सेवन के घातक परिणामों के प्रति लोगों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की थीम तम्बाकू और निकोटीन उत्पादों पर उद्योग की रणनीति को उजागर करना है।

जानकारी अनुसार भारत में लाखों लोगों की मृत्यु तम्बाकू सेवन से होने वाली बीमारियों के कारण होती है। भारत सरकार ने तम्बाकू आपदा से लोगों को बचाने के लिये सिरगेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003 बनाया गया है। तंबाकू उत्पादों का बढ़ता उपयोग लोगों की असमय मृत्यु का सबसे मुख्य कारण है। भारत में तंबाकू उत्पाद से प्रतिवर्ष 1.3 मिलियन से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो रही है। मप्र में करीब 50.2 प्रतिशत पुरूष एवं 17.3 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करती है एवं 34.2 प्रतिशत वयस्क सार्वजनिक स्थानों पर अप्रत्यक्षित धूम्रपान के संपर्क में आते है। इसके साथ ही युवाओं एवं बच्चों में भी तंबाकू उत्पादों का बढ़ता उपयोग चिंता का विषय बन गया है।

ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे 2009 के अनुसार 13 से 15 वर्ष के 14 प्रतिशत से अधिक बच्चे तंबाकू की लत का शिकार है। इसके साथ ही कम आयु में तंबाकू का उपयोग शुरू करने पर इस आदत को छोड्ऩा बहुत ही कठिन होता है। जिससे विभिन्न असंचारी रोगों के होने की संभावना अधिक हो जाती है। इन्हीं गंभीर रोगों से बचाव के लिए मप्र वालंटरी हेल्थ एसोसिएशन पूरे मप्र में तंबाकू नियंत्रण के प्रयास कर रही है। जिससे युवा वर्ग को इस नशे की लत से बचा सके।

अच्छे परिणाम के लिए किए गए प्रयास 

बताया गया कि जिले में तंबाकू रोकथाम और नियंत्रण के लिए एमपीवीएचए के द्वारा प्रयास किए गए। जिसमें क्षमता वर्धन के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, पंचायत, नगरपालिका, न्यायिक, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारीयों को विगत वर्ष प्रशिक्षित किया गया था। विगत वर्ष 5 राज्यों के लिए डब्ल्यूएचओ के सहयोग से स्वस्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के साथ मिलकर तंबाकू नियंत्रण पर राज्य और क्षेत्रीय कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था। राज्य स्तरीय कार्यशालाएं, 50 जिला स्तरीय कार्यशालाएं, 150 ब्लॉक स्तरीय उन्मुखीकरण, पंचायत स्तरीय उन्मुखीकरण और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। जिससे तंबाकू के सेवन पर रोक लगाई जा सके।

40 तरह के कैंसर और 25 तरह की होती हैं बीमारियां 

दंत चिकित्सक रानी मरावी ने बताया गया कि भारत में तंबाकू और तंबाकू युक्त धूम्रपान की वजह से हर साल करीब 1.3 मिलियन से ज्यादा लोग असमय मौत की नींद सो जाते हैं। तंबाकू के सेवन से 40 तरह के कैंसर होते हैं और 25 तरह की बीमारियां होती हैं। धूम्रपान करने वाले से न करने वाले को ज़्यादा नुकसान होता है, क्योंकि हवा में घुलता धुआं धूम्रपान न करने वाले की श्वांस के माध्यम से उसे नुकसान पहुंचाता है। रिपोट्र्स के मुताबिक भारत में तंबाकू सेवन से पिछले 30 साल में 58.9 प्रतिशत मौत के आंकड़ों में बढ़ोतरी हुई है। सन् 1990 में छह लाख लोगों की जान तंबाकू ने ली थी। जो वर्ष 2019 में दस लाख हो गई।

एक सिगरेट पीने से 11 मिनट की उम्र हो जाती है कम 

दंत चिकित्सक रानी मरावी ने बताया गया कि रिसर्च के मुताबिक 01 सिगरेट पीने से जिंदगी के 11 मिनट कम हो जाते हैं। यही वजह है कि तम्बाकू सेवन के कारण दुनिया में हर 6 सेकंड में 1 मौत होती है। लंबे समय तक तम्बाकू का सेवन शरीर को खोखला कर देता है। यह वात, पित्त और कफ तीनों को बढ़ाता है। इसके कारण कैंसर, दिल से जुड़ी बीमारियां, अनिद्रा, उच्च रक्तचाप, अल्सर आदि कई बीमारियां होती हैं। भारत में मुंह और गले के कैंसर का यह प्रमुख कारण है। दरअसल यह एक धीमा जहर है जो धीरे-धीरे इंसान की जिंदगी को मौत की तरफ धकेलता है।

तंबाकू के सेवन से होने वालीं बीमारियां 

जिला चिकित्सालय मंडला में पदस्थ डॉ. रानी मरावी ने बताया कि धूम्रपान कैंसर, दिल का दौरा, ब्रेन स्ट्रोक, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, पेरिफेरल वैस्कुलर डिजीज का मुख्य कारण तंबाकू का सेवन है। वहीं महिलाओं में जैसे- प्रतिकूल गर्भावस्था के परिणाम, महिला विशिष्ट कैंसर जैसे- स्तन, गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर और हृदय संबंधी जोखिम में वृद्धि आदि। तंबाकू में निकोटिन होता है तो सबसे ज्यादा आपपके नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है। इसे आसानी से छोडऩा काफी मुश्किल है लेकिन अगर आप खुद पर विश्वास कर लें तो हो सकता है कि आप इससे दूरी बना लें। अगर आप लगातार कोशिश कर रहे हैं कि तंबाकू का सेवन करना छोड़ दें और कर नहीं पा रहे हैं तो आप जिला चिकित्सालय मंडला के व्यसन केन्द्र में आकर संपर्क करें।

मंडला जिले में भी चल रहा प्रयास

तंबाकू नियंत्रण के लिए जबलपुर संभाग केे सभी जिलों समेत मंडला में कार्य किया जा रहा है। यहां जिला प्रशासन के सहयोग से तंबाकू के सेवन को कम करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। जिले में तंबाकू सेवन की रोकथाम के लिए स्वयं सेवी संस्था जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रहे है। तंबाकू नियंत्रण के प्रयास के लिए मंडला जिले में भी सार्वजनिक स्थानों में धू्रमपान करने वालों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ स्कूलों में तंबाकू नियंत्रण के लिए अनेक कार्यक्रम किए गए। जिससे इसके प्रति युवाओं और लोगों में जागरूकता आई है। वहीं जिला चिकित्सालय में तंबाकू नियंत्रण के लगातार चालानी कार्रवाई दंत चिकित्सक रानी मरावी और गठित टीम द्वारा समय-समय पर की जाती है।

डॉ. रानी मरावी, जिला चिकित्सालय मंडला



निवास में चोरों का आतंक जारी-सूने मकान से लाखों के जेवर और नकदी पार

  • खेरमाई वार्ड में 2.30 लाख नकद और लाखों के जेवर चोरी, पुलिस जांच में जुटी

मंडला महावीर न्यूज 29. निवास नगर और आसपास के क्षेत्रों में चोरी की वारदातें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। निवास नगर के खेरमाई वार्ड नंबर 12 में अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। बताया गया कि समी फुटवेयर के संचालक शुऐव खान उर्फ मोनू के सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाया।

जानकारी अनुसार बुधवार शाम को शुऐव खान और उनका परिवार एक कार्यक्रम में शामिल होने जबलपुर गया हुआ था। देर रात जब वे घर लौटे, तो देखा कि सामने गेट के ताले टूटे हुए थे। अंदर जाकर देखने पर अलमारी का लॉकर भी टूटा हुआ मिला और कपड़े बिखरे पड़े थे। अलमारी से नकदी और जेवरात गायब थे। मकान मालिक शुऐव खान ने बताया कि लगभग आठ तोला सोना और लगभग 15 तोला चांदी अलमारी में रखे हुए थे, इसके साथ ही दो लाख तीस हजार रुपये नकद भी गायब हुए हैं। घटना की जानकारी तत्काल निवास पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही निवास पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है।

लेंटर के लिए रखे थे 2.30 लाख रुपये 

शुऐव खान की फुटवेयर की दुकान शतचंडी मार्केट में स्थित है। खेरमाई मोहल्ले में उनके मकान पर सेकंड फ्लोर का निर्माण भी चल रहा है। मकान मालिक ने बताया कि लेंटर की तैयारियों के लिए उन्होंने दुकान के पैसों के साथ-साथ अन्य जगहों से पैसे इक_ा कर लगभग 2 लाख 30 हजार रुपये अलमारी में रखे हुए थे, जिससे मटेरियल और लेबर का भुगतान किया जा सके। हालांकि अज्ञात चोर लाखों के कीमती जेवरात के साथ यह नकदी भी ले उड़े। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।



सरेआम युवक की पिटाई का वीडियो वायरल

  • 30 हजार के लेनदेन को लेकर झड़प
  • बिछिया में दिनदहाड़े मारपीट
  • युवक को डंडों से पीटा
  • पुलिस जांच में जुटी

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के बिछिया क्षेत्र में एक युवक की सरेआम पिटाई का मामला सामने आया है। यह घटना बिछिया सहकारी बैंक के ठीक सामने घटित हुई है, जिसका राहगीरों ने वीडियो बना लिया। वीडियो अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि लखन सिंह उइके नाम का व्यक्ति चौरंगा निवासी मथुरा साहू को डंडों से बेरहमी से पीट रहा है। वीडियो में लखन सिंह, मथुरा साहू का कॉलर पकड़कर खींचता दिख रहा है।

यह घटना दिनदहाड़े और सार्वजनिक स्थान पर हुई, जब मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे। हालांकि चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी भीड़ होने के बावजूद किसी ने भी बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं की। इस दौरान बाद में एक बुजुर्ग व्यक्ति ने आकर मारपीट करने वाले लखन सिंह को वहां से हटाया। बताया गया कि कि यह मारपीट का विवाद पैसे के लेन देन को लेकर हुआ था। जिसमें लखन सिंह को मथुरा साहू से 30 हजार रूपए लेने थे, जिसके चलते यह विवाद इतना बढ़ गया कि नौबत मारपीट तक आ गई। बताया गया कि पुलिस ने वीडियो फुटेज और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

इनका कहना है

यह घटना 29 मई की है। पीडि़त मथुरा साहू ने इस संबंध में बिछिया थाने में आकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
धर्मेंद्र सिंह धुर्वे, बिछिया थाना प्रभारी



 


वनरोपण को बढ़ावा देने 10 हजार सीड बॉल बनाने का लक्ष्य

  • जंगल और पहाड़ों को पुनर्जीवित करने की पहल
  • नारायणगंज में सीड बॉल निर्माण कार्य शुरू
  • जंगल और पहाड़ों को हरा-भरा करने की अनूठी पहल
  • स्थानीय समुदाय की भागीदारी से बढ़ेगी हरियाली

मंडला महावीर न्यूज 29. पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मंडला जिले के नारायणगंज में सीड बॉल निर्माण कार्य शुरू किया गया है। यह अनूठी परियोजना जंगल और पहाड़ों को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, जिसमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इस पहल से न केवल वनाच्छादित क्षेत्र में वृद्धि होगी, बल्कि जैव विविधता को भी संरक्षित करने में मदद मिलेगी। सीड बॉल, मिट्टी, खाद और विभिन्न प्रजातियों के बीजों का एक मिश्रण होती है, जिसे गेंद का आकार दिया जाता है। इन सीड बॉल्स को विशेष रूप से उन दुर्गम या बंजर क्षेत्रों में फेंका जाता है जहां पारंपरिक तरीके से वृक्षारोपण करना मुश्किल होता है। मानसून की पहली बारिश के साथ ही ये सीड बॉल्स नमी को अवशोषित करते हैं और बीज अंकुरित होने लगते हैं, जिससे नए पौधे उगने की संभावना बढ़ जाती है।

जानकारी अनुसार जनपद पंचायत नारायणगंज में जंगल एवं पहाडिय़ों में पौधारोपण के अभियान के तहत सीड बॉल बनाने का कार्य प्रारंभ हो गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रकृति से बिना छेड़छाड़ किए वृक्षा रोपण करना और जंगलों को पुनर्जीवित करना है। जिले स्तर से लगभग दस हजार सीड बॉल बनाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसकी प्रक्रिया शुरू की गई। पहले ही दिन लगभग 2600 सीड बॉल बनाए गए हैं। वहीं अभी तक पांच सीड बॉल बनकर तैयार हो गए है। आगामी दो दिनों में दस हजार से अधिक सीड बॉल का निर्माण हो जाएगा। इन सीड बॉल्स को बारिश के दिनों में जंगल एवं पहाड़ों में डाला जाएगा, जिससे बॉल के अंदर डाले गए बीज अंकुरित होकर विकसित होंगे।

इन बीजों के बनाए सीड बॉल्स 

नारायणगंज सीईओ गौरी शंकर डहेरिया ने बताया कि जंगल, पहाड़ों को हरा भरने के लिए नारायणगंज जनपद पंचायत परिसर में विभिन्न प्रकार के पेड़, पौधों के बीज के सीड बॉल्स तैयार किये जा रहे है। सीड बाल के लिए विभिन्न प्रकार के स्थानीय पेड़ों के बीज एकत्र कर क्षेत्र की जलवायु और मिट्टी के हिसाब से इन बीजों को सावधानीपूर्वक मिट्टी और जैविक खाद के साथ मिलाकर सीड बॉल्स तैयार किया जा रहा है। बनाए जा रहे सीड बॉल्स में नीम, बेल, मुनगा, नींबू, आंवला और करंज जैसे विभिन्न प्रकार के बीजों को डाला जा रहा है। यह प्रयास न केवल वन आवरण को बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी मजबूत करेगा।

सीड बॉल्स बनाने में इनका मिल रहा सहयोग 

सीड बॉल निर्माण कार्य में जनपद पंचायत नारायणगंज के सभी अधिकारी, कर्मचारियों का सहयोग मिल रहा है। सीड बॉल बनाने में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष अविनाश शर्मा, सीईओ गौरीशंकर डेहरिया, बीपीओ रम्मू सिंह मरावी, आकांक्षी ब्लॉक फेलो हेमंत चंद्रोल, रमाकांत मसराम सहायक यंत्री, पंकज कुमार साहू एपीओ, सुनील कुमार दुबे एएओ, संतोष मेश्राम बीसी एसबीएम, श्रुतिसागर उपाध्याय प्रबंधक एनआरएलएम, ओमती मरावी एडीईओ, बरखारानी रमगढिया एसएसएम, पंकज कुमार पटेल, सुदीप कुमार चौरसिया, यशवंत सिंह मार्को, प्रेरणा चौरसिया एडीएम, निधि पटेल बीसी आरजीएसए, सत्येंद्र कुमार सिंगरौरे, नोखेलाल यादव, अरविंद बर्मन, अरविंद चौकसे, आनंद गजबिये, भूपेंद्र परर्ते, रोहित चक्रवती, विकास सिंह, देवेंद्र श्रीवास्तव सचिव, अनिल कुमार शर्मा सचिव, विनोद यादव, दुर्गा यादव, योगेंद्र झारिया, युगलकिशोर सचिव एवं समूह की दीदियों द्वारा सक्रिय रूप से सहयोग किया जा रहा है।



 


एनएच 30 में अज्ञात वाहन ने दो युवकों को कुचला, मौके पर मौत

  • हाईवे पर बेलगाम रफ्तार, हादसों का सिलसिला जारी
  • एक युवक राजस्थान, दूसरा उत्तरप्रदेश निवासी
  • तेज रफ्तार और लापरवाही से बढ़ रहा दुर्घटना का अंदेशा

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के बीजाडांडी थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार शाम उदयपुर और मोईया नाला के बीच एक दर्दनाक सड़क हादसे में अज्ञात वाहन ने दो बाइक सवार युवकों को कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद चालक वाहन सहित फरार हो गया।

जानकारी के अनुसार यह हृदय विदारक घटना गुरुवार शाम लगभग 6 बजे के करीब मोइया नाला और उदयपुर के बीच घटित हुई। एक अज्ञात वाहन ने दोपहिया वाहन पर सवार दो युवकों को इतनी बुरी तरह कुचला कि वाहन के पहिये उनके सिर के ऊपर से गुजर गए, जिससे दोनों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने इस घटना की सूचना तत्काल बीजाडांडी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बीजाडांडी पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बीजाडांडी पहुंचाया।

बीजाडांडी पुलिस ने बताया कि उनके मोबाइल फोन के माध्यम से परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया गया। हादसे में मृत दोनों युवकों की पहचान हो गई। जिसमें प्रियंकेश मीणा राजस्थान एवं अभिषेक पाठक उत्तर प्रदेश बताए गए है। दोनों युवकों के शवों को फिलहाल मरचुरी में रखा गया है। पुलिस हादसे की जांच कर रही है।

हाईवे पर बेलगाम दौड़ रहे रेत भरे हाईवा, हादसों का बढ़ा खतरा 

मंडला से जबलपुर जाने वाले हाईवे 30 मार्ग पर रेत से भरे हाईवा वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही भरी ड्राइविंग लगातार गंभीर हादसों का कारण बन रही है। ये भारी वाहन अक्सर क्षमता से अधिक रेत भरकर तीव्र गति से दौड़ते हैं, जिससे सड़क पर चलने वाले अन्य वाहनों और राहगीरों के लिए हादसे का गंभीर अंदेशा बना रहता है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन हाईवा चालकों द्वारा यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जाती हैं। उनकी लापरवाह ड्राइविंग के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसमें जान-माल का नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। प्रशासन और यातायात विभाग से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और तेज रफ्तार रेत भरे हाईवा पर प्रभावी नियंत्रण लगाने की मांग की है, जिससे मंडला जबलपुर हाईवे 30 मार्ग पर लोग सुरक्षित सफर कर सके।



बारातियों से भरी पिकअप पलटी, दो की मौत, 12 लोग घायल

  • घुघरी के उमरिया गांव में भीषण हादसा
  • 2 गंभीर घायलों को जिला अस्पताल किया रेफर

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के विकासखंड घुघरी अंतर्गत ग्राम उमरिया में बुधवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बारातियों से भरी एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई। जानकारी के अनुसार पिकअप वाहन ग्राम उड़ेला थाना मोतीनाला से बारात लेकर विकासखंड घुघरी के ग्राम पंचायत बनिया जा रहा थी। बुधवार शाम करीब 6 बजे ग्राम उमरिया पहुंचते ही वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में 12 लोग घायल हो गए, जिसमें दो गंभीर घायलों को रेफर कर दिया गया।

बताया गया कि इस सड़क दुघर्टना में मनोज कुमार 27 वर्ष पिता मोतीलाल मरावी निवासी बसनीय बिछिया, और कमल सिंह 45 वर्ष, पिता अघनू सिंह सिंगराम, साकिन उड़ेला थाना मोतीनाला की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे में घायल हुए 12 लोगों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। वहीं घायलों में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए जिन्हें चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार कर मंडला जिला चिकित्सालय रैफर कर दिया। जहां दोनों घायलों का उपचार चल रहा है।

बताया गया कि घटना के बाद जानकारी लगते ही घुघरी तहसीलदार और पुलिस प्रशासन की टीम घायलों की मदद के लिए मुस्तैद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र घुघरी पहुंची। वहीं गंभीर रूप से घायल दो व्यक्ति सरमन मरावी 16 वर्ष और बबलू मरावी 13 वर्ष निवासी उड़ेला को जिला चिकित्सालय मंडला रेफर किया गया है। हादसे में घायलों में नागेश धुर्वे 17 वर्ष मेढा, नीलेश धूमकेति 17 वर्ष उड़ेला, भागचंद पंद्रे 17 वर्ष उड़ेला, दसरथ उइके 15 वर्ष उड़ेला, सुमित धुर्वे 16 वर्ष उड़ेला, बसंत पट्टा 25 वर्ष उड़ेला, संतु मरावी 50 वर्ष उड़ेला, प्रकाश मरावी 21 वर्ष उड़ेला, उमेश पट्टा 14 वर्ष उड़ेला और सेम सिंह पट्टा 42 वर्ष उड़ेला शामिल हैं। सभी का इलाज जारी है। इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।


रिपोर्टर- दुर्गेश प्रजापति घुघरी ✍️



मंडला में बेलगाम ऑटो, ओवर लोडिंग से खतरे में जिंदगियां

  • यातायात विभाग की अनदेखी से बढ़ रहा दुर्घटना का अंदेशा

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय मंडला में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। विशेष रूप से सवारी ऑटो की बेलगाम धमाचौकड़ी और ओवरलोडिंग ने सड़क सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। पड़ाव रोड पर क्षमता से अधिक सवारियां लेकर दौड़ते ऑटो प्रतिदिन देखे जा सकते हैं, जहां यात्रियों को अंदर ठूंस-ठूंस कर भरने के बाद बाहर लटकाकर ले जाया जा रहा है। यह स्थिति किसी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे रही है, लेकिन यातायात विभाग इस ओर से आंखें मूंदे हुए है।

जानकारी अनुसार शहर के अंदर विशेषकर पड़ाव रोड पर ऑटो चालकों की मनमानी खुलेआम जारी है। छोटे से ऑटो में जितने यात्री बैठ सकते हैं, उससे दोगुने या तिगुने यात्रियों को बिठाया जा रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को भेड़-बकरियों की तरह ठूंसा जाता है। इतना ही नहीं अंदर जगह न होने पर कई यात्री ऑटो के बाहर उसके पायदान या पीछे लटककर सफर करने को मजबूर हैं। ऐसे में जरा सी चूक या अचानक ब्रेक लगने पर ये यात्री सीधे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं, या उनकी जान भी जा सकती है। यह स्थिति यात्रियों के लिए खतरनाक और जोखिम भरा है।

नियमों का उल्लंघन, यातायात बाधित 

बताया गया कि यातायात विभाग की निष्क्रियता इस समस्या को और भी जटिल बना रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि यातायात विभाग की कार्यप्रणाली केवल हाईवे मार्गों पर चालानी कार्रवाई तक ही सीमित रह गई है। जिला मुख्यालय के अंदरूनी इलाकों में जहां सबसे अधिक भीड़भाड़ और यातायात नियमों का उल्लंघन होता है, वहां विभाग का कोई ध्यान नहीं है। नतीजा यह है कि ऑटो चालक बिना किसी डर के मनमानी कर रहे हैं। बड़ चौराहा से चौपाटी मार्ग पर भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। सवारी ऑटो कहीं भी, किसी भी स्थान पर खड़े नजर आते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ जाती है। निर्धारित ऑटो स्टैंड होने के बावजूद चालक उन स्थानों पर वाहन खड़े नहीं करते। बावजूद इसके सवारी ऑटो बाजार क्षेत्र में घूम-घूमकर सवारी बैठाते नजर आते हैं, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न होती है और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। एक स्थान पर सवारी ऑटो खड़े न होने से शहर की यातायात व्यवस्था में निरंतर बाधा उत्पन्न हो रही है।

अव्यवस्थाओं से जूझ रहे शहरवासी 

ओवरलोडिंग और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण शहर में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह चिंताजनक है कि यातायात पुलिस जिसका मुख्य कार्य यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है, वह जिला मुख्यालय की इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रही है। शहरवासी लगातार इस अव्यवस्था से जूझ रहे हैं और उनकी सुरक्षा दांव पर लगी हुई है। स्थानीय प्रशासन और यातायात विभाग को इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है, जिससे मंडला की सड़कों पर सुरक्षित यातायात किया जा सके और संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सके।



संग्रहालय के बाहर कचरे का अंबार

  • ऐतिहासिक धरोहर की अनदेखी पर सवाल
  • जिला पंचायत के सामने ही गंदगी का राज
  • स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिला पुरातत्व संग्रहालय की बाउंड्रीवॉल से लगा हुआ स्थान इन दिनों कचरे, मलबे, कबाड़ और गंदगी के विशाल अंबार में तब्दील होता जा रहा है। यह स्थिति न केवल शहर की स्वच्छता पर प्रश्नचिह्न लगा रही है, बल्कि एक ऐसे स्थान पर होने के कारण चिंताजनक है जिसका सीधा संबंध जिले की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर से है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कचरे का यह ढेर मंडला जिला पंचायत कार्यालय के ठीक सामने है। बताया गया कि कचरे और मलबे का यह अंबार अब संग्रहालय की बाउंड्रीवॉल के स्तर तक पहुंच गया है, जिससे संग्रहालय के बाहरी हिस्से की सुंदरता और गरिमा दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति ऐसे समय में और भी गंभीर हो जाती है जब स्वच्छ भारत अभियान के तहत देश भर में स्वच्छता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

जानकारी अनुसार पुरातत्व संग्रहालय किसी भी क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास और विरासत का संरक्षक होता है। मंडला का यह संग्रहालय भी जिले के समृद्ध अतीत को प्रदर्शित करता है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थान के आसपास गंदगी का इस तरह से जमा होना न केवल पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए एक अप्रिय अनुभव है, बल्कि यह जिले की पुरातात्विक विरासत के प्रति स्थानीय प्रशासन और नागरिकों की उदासीनता को भी दर्शाता है। यह कचरा आसपास के वातावरण को भी दूषित तो कर रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने का खतरा बना हुआ है।

स्थानीय निवासियों और जागरूक नागरिकों ने इस गंभीर समस्या पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिला पंचायत कार्यालय के ठीक सामने ऐसी स्थिति का होना समझ से परे है। यदि जिला पंचायत स्वयं अपने परिसर के सामने की स्वच्छता सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो पूरे जिले में स्वच्छता अभियान को कैसे प्रभावी बनाया जाएगा। इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और ठोस कार्रवाई करने की आवश्यकता है। प्रशासन को न केवल इस कचरे के ढेर को हटवाने की व्यवस्था करनी चाहिए, बल्कि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए उचित निगरानी और कचरा प्रबंधन की प्रणाली भी स्थापित करनी चाहिए।



स्थानीय परिवहन एवं कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की पहल

  • नारायणगंज में महिला आजीविका ई-रिक्शा एवं ड्रोन-दीदी सेवा का शुभारंभ

मंडला महावीर न्यूज 29. ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ आवागमन, कृषि में डिजिटल उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ ही दीदियों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने और आत्मनिर्भरता को बल देने की पहल नारायणगंज में की गई। इस पहल के तहत महिला आजीविका ई-रिक्शा एवं ड्रोन-दीदी सेवा शुरू की गई। ई-रिक्शा एवं कृषि ड्रोन मिलने से इन दीदियों को आजीविका के नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनके परिवार की आय में इजाफा होगा और स्थानीय परिवहन एवं कृषि व्यवस्था भी मजबूत होगी। आदित्य बिड़ला केपिटल फाऊंडेशन और प्रदान संस्था के संयुक्त प्रयास से पांच स्वयं सहायता समूह की दीदियों जिसमें संगीता सिंगरौरे, रूपकली नेताम, सेवकली वरकड़े और नेहा विश्वकर्मा को ई-रिक्शा एवं शिवरात्रि पड़वार को कृषि ड्रोन दिया गया।

जानकारी अनुसार नारायणगंज में आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने महिला आजीविका ई-रिक्शा एवं ड्रोन-दीदी की सेवाएं शुरू की हैं। मंडला सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते ने ई-रिक्शा व ड्रोन दीदी सेवाओं का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा इन आजीविका गतिविधियों से जुडऩे पर उन्हे शुभकामनाएं देते हुए सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि इस तरह की आजीविका गतिविधियों से महिलाओं को अतिरिक्त आय होगी और उनका आर्थिक विकास होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन महिलाओं से सतत संपर्क बनाएं रखें और आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षण करायें।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के विकासखंड प्रबंधक श्रुतिसागर उपाध्याय ने बताया कि आजीविका ई-रिक्शा व ड्रोन के लिए आदित्य बिड़ला केपिटल फाऊंडेशन की ओर से आर्थिक सहयोग किया गया है, जबकि तकनीकि सहयोग प्रदान संस्था की ओर से प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम के दौरान ई-रिक्शा संचालिका ज्ञानगंगा स्वसहायता समूह ग्राम देवरीकला की रूपकली तेकाम, दुर्गा स्वसहायता समूह ग्राम दरगढ़ की नेहा विश्वकर्मा, माँ शारदा स्वसहायता समूह ग्राम साल्हेपानी की सेवकली बाई एवं रामजानकी स्वसहायता समूह ग्राम पड़रिया की संगीता सिंगरौरे के साथ ड्रोन दीदी शिवरती पड़वार द्वारा सेवाओं की शुरूआत की गई। इस अवसर पर समाजसेवी रतनसिंह ठाकुर, मनोज मिश्रा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष अविनाश शर्मा, सीईओ जनपद पंचायत नारायणगंज गौरीशंकर डेहरिया, विकासखंड प्रबंधक श्रुतिसागर उपाध्याय, प्रदान संस्था टीम लीडर सौरभ सिंह सहित संबंधित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।



किशोरियों को माहवारी स्वच्छता और प्रबंधन के लिए किया जागरूक

  • माहवारी प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड नारायणगंज के ग्राम खैरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगंज में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय माहवारी प्रबंधन दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों और महिलाओं को माहवारी स्वच्छता और प्रबंधन के बारे में जागरूक करना था, जिससे वे स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जी सकें। कार्यक्रम की शुरुआत ड्राइंग प्रतियोगिता के साथ हुई, जिसमें किशोरियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और माहवारी से संबंधित अपनी समझ को चित्रों के माध्यम से व्यक्त किया। इसके बाद उपस्थित मुख्य अतिथियों का स्वागत किया गया।

परामर्शदाता नीलम पटेल ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान माहवारी प्रबंधन दिवस क्यों मनाया जाता है, इसके उद्देश्य और लक्ष्य की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को यह समझाया गया कि इस दिन को मनाने का क्या महत्व है और यह किस प्रकार समाज में माहवारी से जुड़े मिथकों और भ्रांतियों को दूर करने में सहायक है। माहवारी के संबंध में बुनियादी जानकारी देते हुए माहवारी की परिभाषा स्पष्ट की गई। कार्यक्रम में माहवारी चक्र पर विस्तृत से बताया गया। प्रशिक्षक इंद्रा उइके ने माहवारी चक्र की पूरी प्रक्रिया को विस्तार पूर्वक समझाया, जिसमें शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव और उनके प्रभावों पर प्रकाश डाला गया। इस जानकारी ने किशोरियों को अपने शरीर को बेहतर ढंग से समझने में मदद की।

प्रशिक्षक इंद्रा उइके ने कार्यक्रम में उपस्थित किशोरियों को साफ, सूती, सूखा कपड़े का उपयोग करने और सेनेटरी नैपकिन का उपयोग करने की सलाह दी गई। उन्हें बताया कि माहवारी के दौरान संक्रमण और बीमारियों से बचाव के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही माहवारी के दौरान खान-पान पर भी चर्चा की गई। बताया कि सही खान-पान से कमजोरी और एनीमिया जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. देशबंधु उइके, लैब टेक्नीशियन कैलाश सोनी और फार्मासिस्ट कमलेश सिंह ने सभी उपस्थित लोगों से संवाद किया और उन्हें बहुमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने माहवारी से जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करने और सही जानकारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। प्रशिक्षक इंद्रा ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया और प्रतिभागियों को माहवारी स्वच्छता और प्रबंधन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।



सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान, राजेश क्षत्रिय पर्यावरण कार्य के लिए नवाजे गए

  • ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन की नई पहल
  • हर माह सम्मानित होंगे सेवा निवृत्त शिक्षक

मंडला महावीर न्यूज 29. ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन ने एक नई और सराहनीय पहल करते हुए मंडला के सहायक आयुक्त कार्यालय में सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस मासिक कार्यक्रम में अप्रैल माह में सेवानिवृत्त हुए 19 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस बार सेवानिवृत्ति के बाद पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राजेश क्षत्रिय को विशेष सम्मान से नवाजा गया।

सहायक आयुक्त वंदना गुप्ता के मुख्य आतिथ्य और स्काउट प्रभारी दिनेश दुबे के विशिष्ठ आतिथ्य में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सेवानिवृत्त शिक्षक निरंजन पटेल ने एसोसिएशन की इस पहल को अनुपम बताते हुए पदाधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सम्मान कार्यक्रम शिक्षकों के योगदान को पहचान देता है।

स्काउट प्रभारी दिनेश दुबे ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को स्वस्थ रहने और दीर्घायु की कामना करते हुए उनसे सेवानिवृत्ति के बाद भी सार्वजनिक जीवन में अपनी सक्रियता बनाए रखने का आग्रह किया। मुख्य अतिथि वंदना गुप्ता ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों से उनके पीपीओ जारी होने और स्वत्वों के भुगतान से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी शिक्षक को कोई समस्या है, तो उसका शीघ्र निराकरण कराया जाएगा।

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगौर ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान कार्यक्रम नोबल ड्यूटी के कारण विशेष महत्व रखता है और एसोसिएशन को इसे आयोजित करते हुए गर्व महसूस होता है। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने अपने कार्यक्रम की सार्थकता बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया है कि पूर्व में सेवानिवृत्त हो चुके उन शिक्षकों को भी विशेष सम्मान दिया जाएगा, जिन्होंने समाज और देश कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है। इसी कड़ी में गत वर्ष सेवानिवृत्त हुए शिक्षक राजेश क्षत्रिय को पर्यावरण और सामाजिक क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। राजेश क्षत्रिय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इसकी गूंज पूरे प्रदेश में है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से एक पेड़ मां के नाम लगाने की अपील की।

एसोसिएशन की महिला विंग की जिला अध्यक्ष मीना साहू ने आभार प्रदर्शन किया, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन जिला अध्यक्ष दिलीप मरावी ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरिता मरावी, उपाध्यक्ष उमेश यादव, नारायणगंज ब्लॉक अध्यक्ष कमलेश मरावी और मवई ब्लॉक अध्यक्ष मंगल सिंह पंद्रे ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया। यह कार्यक्रम सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान के साथ समाज में उनके योगदान को भी रेखांकित करता है।


मंडला में किसानों ने सीखा तुलसी से व्यवसाय

  • 68 कृषकों को मिला व्यावसायिक खेती का प्रशिक्षण
  • देवारण्य योजना के तहत एक जिला एक औषधि पहल को मिला बढ़ावा, मार्केट लिंकेज की भी योजना

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला विकासखंड के 68 किसानों ने तुलसी की व्यावसायिक खेती और उसके लाभों को समझने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया। पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास आजीविका मिशन के सीटीसी में आयोजित प्रशिक्षण राज्य औषधि पादप बोर्ड भोपाल के दिशा-निर्देशन और आयुष विभाग के संयुक्त पहल में शासन की महत्वाकांक्षी देवारण्य योजना के अंतर्गत एक जिला एक औषधि (तुलसी) के संबंध में दिया गया। यह मंडला जिले का छठा और अंतिम प्रशिक्षण सत्र था, जिसके बाद अब परियोजना पर कार्य शुरू किया जाएगा। किसानों द्वारा उत्पादित तुलसी को मार्केट लिंकेज प्रदान करने की भी योजना है।

बताया गया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयुष विभाग मंडला के डॉ. शेर सिंह कुडापे, डॉ. मनोज परस्ते और डॉ. ममता धुर्वे के नेतृत्व में आजीविका मिशन की ब्लॉक मैनेजर प्रभारी अभय गौर और विकासखंड समन्वयक संगीता अग्रवाल के समन्वय एवं सहयोग से संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञ के रूप में मास्टर ट्रेनर योगेंद्र जाटव ने आयुर्वेद और आधुनिक इलाज पद्धति में अंतर बताते हुए तुलसी के पैकेज ऑफ प्रैक्टिस पर विस्तृत जानकारी दी। आयुष अधिकारी डॉ. ममता धुर्वे ने तुलसी के औषधीय गुणों और उसकी वैज्ञानिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला। मास्टर ट्रेनर के रूप में चंद्रहास पटेल ने औषधीय खेती और परंपरागत फसलों के बीच के अंतर व औषधीय पौधों से होने वाले आर्थिक लाभ पर अपनी बात रखी।

द्वितीय सत्र में कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर कंपनी के सीईओ रंजीत कछवाहा ने शासन द्वारा बाल कल्याण के लिए सीडब्ल्यूसी द्वारा पूरे जिले में किए जा रहे कार्यों और शासन की योजनाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने तुलसी के व्यवसाय इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट, मार्केट लिंकेज, व्यावसायिक लाभ और व्यवसाय में रखी जाने वाली सावधानियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर किसानों के साथ चर्चा की और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।

जिला आयुष अधिकारी डॉ. गायत्री आहाके ने बताया कि शासन की यह बहुउद्देशीय और महत्वाकांक्षी योजना का यह प्रथम चरण है। तुलसी की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देकर उत्पादक किसानों का आर्थिक सशक्तिकरण किया जाना इसका मुख्य उद्देश्य है। अभी मंडला जिले के चयनित विकासखंड में कृषक उत्पादक संगठन और महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी कुल 60 किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। एक दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र और यात्रा व्यय प्रदान किया गया।


 


पिकअप वाहन ने पैदल जा रहे वृद्ध को मारी टक्कर, गंभीर घायल

  • प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने जबलपुर किया रैफर

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जबलपुर मार्ग पर तेज रफ्तार पर लगाम नहीं लग पा रही है। जिसके कारण हाईवे मार्ग पर प्रतिदिन हादसे हो रहे है। होने वाले हादसों को रोकने के लिए संबंधित विभाग कोई पुख्ता इंतजाम नहीं कर पा रहा है। जिसके कारण हादसों का ग्राफ कम होने के वजाए बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार शाम करीब चार बजे एक तेज रफ्तार जबलपुर की तरफ से मंडला की तरफ जा रहे पिकअप वाहन ने नारायणगंज के ग्राम कुड़ामैली के पेट्रोल पंप के पास पैदल जा रहे एक वृद्ध को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गया। तत्काल टिकरिया पुलिस और 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। वहीं पिकअप वाहन चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया।

जानकारी अनुसार नेशनल हाईव 30 मार्ग में नारायणगंज कुड़ामैली में स्थित पेट्रोल पंप के पास एक पिकअप वाहन ने पैदल जा रहे कुड़ामैली निवासी प्यारे यादव पिता रामप्रसाद यादव 60 वर्ष को टक्कर मार दी। हादसे में प्यारे लाल गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर 108 एम्बुलेंस और टिकरिया पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज भेजा गया। जहां चिकित्सक ने जांच परीक्षण किया। चिकित्सक राजेश अहिरवार ने बताया कि घायल प्यारे यादव के सिर में गंभीर चोट आई है। जिसके कारण प्यारे लाल के दोनों कानों से खून का स्त्राव हो रहा है। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण प्यारे यादव की स्थिति गंभीर है। जिसे ड्रेसर संत लाल ने तत्काल खून का स्त्राव रोकने प्राथमिक उपचार करते हुए चिकित्सक ने तत्काल उच्च स्वास्थ्य उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल रैफर कर दिया।

बताया गया कि घटना स्थल पर टिकरिया पुलिस पहुंची जहां वाहन की लोकेशन का प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया। तत्काल समय ना गबाते हुए पिकअप वाहन का पीछा किया गया और थोड़ी ही दूर में जाकर वाहन को पकड़ लिया गया। बताया गया कि वाहन जबलपुर का है। जिसे पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। मामला दर्ज कर टिकरिया पुलिस हादसे की जांच कर रही है।



दो बाईक की जोरदार टक्कर, दो घायल, एक जबलपुर रेफर

  • खुदरा-समैया के बीच हुआ हादसा
  • नवविवाहित युवक दुर्घटना का शिकार
  • चौथ बारात की युवक कर रहा था तैयारी

मंडला महावीर न्यूज 29. निवास थाना क्षेत्र अंतर्गत बुधवार शाम लगभग चार बजे खुदरा और समैया गांव के बीच दो बाइकों की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में दो लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। बताया गया कि खुदरा निवासी भागचंद पूसाम 22 वर्ष अपनी बाइक से पिपरिया ग्राम से कुछ काम निपटाकर वापस अपने गांव जा रहा था। वहीं विगत दिवस भागचंद की शादी मंगलवार को ही हुई थी और बुधवार को उसके घर चौथ बारात आनी थी। वह मेहमानों की व्यवस्था को लेकर ही गया हुआ था और हादसे का शिकार हो गया।

बताया गया कि हादसे में दूसरा घायल ग्राम खुदरा से निवास बिजली विभाग में पदस्थ मीटर वाचक बाल किशन परस्ते पिता देव सिंह 40 वर्ष निवासी ददर गांव, मीटर की रीडिंग करके अपनी बाइक से वापस निवास मुख्यालय की ओर आ रहे थे। इसी दौरान खुदरा और समैया गांव के बीच दोनों बाइकों की आमने-सामने से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की जानकारी तत्काल 108 एम्बुलेंस को दी गई। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत निवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाकर भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सक ने बाल किशन परस्ते की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें तत्काल जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहीं भागचंद पूसाम का इलाज निवास सीएचसी में जारी है। निवास पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच कर रही है।

चौथ बारात की युवक कर रहा था तैयारी 

बताया गया है कि ग्राम खुदरा निवासी भागचंद का विवाह चिमका टोला में मंगलवार को आदिवासी परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ था। विवाह के बाद बुधवार को परंपरा अनुसार ससुराल पक्ष के रिश्तेदार अपनी बेटी के ससुराल लेने आते हैं और आगे की रीति-रिवाज की रस्में पूरी करते हैं, जिसे चौथ बारात कहा जाता है। भागचंद इसी चौथ बारात की तैयारियों में व्यस्त था और किसी काम से पिपरिया गांव गया था, इसी दौरान वह इस हादसे का शिकार हो गया।



शनि जयंती पर तेलाभिषेक, नीलाभिषेक, सांस्कृतिक कार्यक्रम की बिखरी छटा

  • नक्खी माता मंदिर में शनि जयंती का भव्य आयोजन
  • शनि भक्तों का उमड़ा सैलाब
  • बाल कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोहा

मंडला महावीर न्यूज 29. प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी शनि जयंती के पावन अवसर पर मंगलवार को ग्राम बकोरी स्थित नक्खी माता मंदिर परिसर में स्थित भव्य शनि नवग्रह मंदिर में विशेष अनुष्ठान और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन भक्तों और स्थानीय निवासियों के लिए आस्था और मनोरंजन का संगम बन गया। बताया गया कि प्रात:काल से ही मंदिर में शनि भक्तों की भीड़ उमडऩी शुरू हो गई थी।

भक्तों ने श्रद्धापूर्वक शनि देव की प्रतिमा को स्नान कराया और उन्हें नव वस्त्र धारण कराए। पंडित प्रमोद शुक्ला ने विधि-विधान से मंदिर में स्थापित नवग्रहों की पूजा-अर्चना संपन्न कराई। शनि देव की प्रतिमा को चांदी का मुकुट धारण कराया गया और शनि सिंगणापुर से प्राण प्रतिष्ठित शनि शिला पर नील व तेल से मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया गया। इस अवसर पर शनि यज्ञ का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने आहुतियां दीं।

बताया गया कि शनिदेव की कृपा प्राप्ति के लिए ग्रामवासी, नक्खी माई मंदिर समिति के सदस्य और शिक्षक डीके सिंगौर के परिजन विशेष रूप से इस अनुष्ठान में सम्मिलित हुए। दिन भर मंदिर में शनि भक्तों का तांता लगा रहा, जो शनि देव को प्रसन्न करने के लिए तेल, काले वस्त्र, उड़द, नीले फूलों आदि से पूजन-अर्चन करते रहे। शाम को मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद शनि महाआरती का भव्य आयोजन हुआ, जिसकी लौकिक छटा और जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

सांस्कृतिक संध्या ने बांधा समां 

शनि जयंती के उपलक्ष्य में रात्रि में ग्राम के बाल कलाकारों द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। दर्शकों की उपस्थिति के बीच ग्राम के 32 नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भक्तिमय और आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए, जिसने सभी का मन मोह लिया। इन प्रतिभाशाली बच्चों को उनकी शानदार प्रस्तुतियों के लिए पारितोषिक भी प्रदान किए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान एक ओपन प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। पौराणिक गाथाओं पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देने में दर्शकों ने अच्छी खासी रुचि दिखाई और सही उत्तर देने वाले दर्शकों को पुरस्कृत किया गया। इस पूरे सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक दिलीप मरावी ने किया।
बताया गया कि ख्याति प्राप्त प्राचीन नक्खी माई मंदिर के परिसर में निर्मित नवग्रह शनि मंदिर अपनी भव्यता और काले पत्थरों के विशेष संयोजन से निर्मित होने के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। दूर-दूर से भक्त यहां शनि पूजा और दर्शन के लिए आते हैं, जिससे इस स्थान की ख्याति लगातार बढ़ती जा रही है।



कान्हा के सुलकुम नदी के पास दो पत्थरों में फंसी बाघिन मिली मृत

  • फॉरेंसिक जांच के लिए शव के लिए नमूने, बाघिन की मौत की जांच जारी

मंडला महावीर न्यूज 29. कान्हा टाइगर रिजर्व में मंगलवार को एक मादा बाघ मृत पाई गई। बाघिन की उम्र लगभग 8 से 10 वर्ष बताई जा रही है और उसका शव सुलकुम नदी, बेलवाले कक्ष क्रमांक 119 बीट मुंडीदादर वन परिक्षेत्र कान्हा के अंतर्गत मिला। प्रारंभिक जांच में मृत बाघिन दो पत्थरों के बीच फंसी हुई मिली। घटना की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की गई। घटना स्थल को तत्काल सुरक्षित कर लिया गया। डॉग स्क्वाड की मदद से घटना स्थल और उसके आस-पास गहन छानबीन की गई।

बताया गया कि बाघिन का पोस्टमार्टम वन्यप्राणी चिकित्सक कान्हा डॉ. संदीप अग्रवाल और डॉ. आशीष वैद्य पशु चिकित्सक, पशु चिकित्सालय बैहर द्वारा किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बाघिन के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए। प्रोटोकॉल के अनुसार पोस्टमार्टम के साथ शव के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भी लिए गए हैं। निर्धारित प्रक्रिया के तहत शवदाह, भस्मीकरण की कार्यवाही उपसंचालक कोर पुनीत गोयल, सहायक संचालक बंजर अजय ठाकुर, वन्यजीव चिकित्सक डॉ. संदीप अग्रवाल, पशु चिकित्सक डॉ. आशीष वैद्य, तहसीलदार बिछिया शंकर मेरावी, सरपंच खटिया श्रीमती श्यामवती उइके और एनटीसीए के प्रतिनिधि डीकेश चौधरी कॉर्बेट फाउंडेशन की उपस्थिति में किया गया। इस पूरी कार्यवाही की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की गई है। घटना के संबंध में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्यवाही की जा रही है।

इस वर्ष बाघ की छटवीं मौत 

बताया गया कि इस वर्ष कान्हा नेशनल पार्क और आसपास के क्षेत्र में बाघ की छटवीं मौत है। इससे पहले जनवरी में दो वर्षीय मादा बाघ, फरवरी में 13 वर्षीय बाघिन, मार्च में 5 वर्षीय नर बाघ और अप्रैल में 15 माह की मादा बाघ व 6 माह के बाघ शावक की मौत हो चुकी है। छटवीं मौत मुंडीदादर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत सुलकुम नदी के पास एक बाघिन मृत अवस्था में मिली। इनमें से पांच मौतें पार्क क्षेत्र में और एक पार्क के पास हुई है।



योगेश ने कुश्ती में रचा इतिहास, राष्ट्रीय स्तर पर जीता कांस्य पदक

  • पहली बार जिले के पहलवान ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हासिल किया पदक

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के युवा पहलवान योगेश यादव ने पनवेल हरियाणा में 25 से 27 मई को आयोजित राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। यह मंडला कुश्ती के इतिहास में एक मील का पत्थर है, क्योंकि जिले के किसी भी पहलवान ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल किया है। योगेश ने ग्रीको रोमन शैली के 51 किलोग्राम भार वर्ग में यह उपलब्धि हासिल की। जिला कुश्ती संघ मंडला के कार्यालय सचिव और कुश्ती कोच शिवम सिंधिया ने बताया कि मध्यप्रदेश की टीम ने इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया था, जिसमें योगेश यादव ने अपनी शानदार प्रदर्शन से कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

इस अद्वितीय उपलब्धि के लिए योगेश यादव को जिले भर से बधाइयां मिल रही हैं। नगर पालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के खेल अधिकारी रविंद्र ठाकुर, जिला कुश्ती संघ अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता जी, जिला कुश्ती संघ सचिव संदीप कछवाहा, वरिष्ठ मार्गदर्शक चंद्रशेखर सिंधिया, नरेश सिंधिया, पैशन पटेल, ओमप्रकाश चौकसे, शिवराज कछवाहा, धनेश्वर ने योगेश को बधाई दी है। इसके साथ ही उपाध्यक्ष संतोष कछवाहा, वाजिद खान, कुलदीप सिंधिया, राजेश सोनी, हेमराज कछवाहा, किशोर कुमार गुप्ता, गुलाब मदारिया, सह सचिव नंदकिशोर नंदा, दीपक चक्रवर्ती, कोषाध्यक्ष सुमित सोनी, सोनू भलावी, डॉ. प्रदीप कछवाहा, श्री राम सिंधिया, जगदीश चरण, योगेश कछवाहा, शमी पहलवान, संदीप सिंधिया, हर्षित भलावी, रंजीत, विक्की, अनुराग सिंधिया, अंकित सिंधिया, प्रियम गुप्ता, समीर बाजपेई, शैलेश भैया, पूर्णिमा रजक, सोना दुबे, आकाश खत्री, पंकज उसराठ और देवेंद्र सरोते सहित खेल जगत और समाज के अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी योगेश के उज्जवल भविष्य की कामना की।



 


ट्रैफिकिंग का भयावह चेहरा, मोहगांव में नाबालिग की संदिग्ध मौत, दूसरी लापता

  • मंडला में मानव तस्करी रैकेट का खुलासा, पूर्व विधायक ने उठाए गंभीर सवाल

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के मोहगांव थाना क्षेत्र से मानव तस्करी और नाबालिग बच्चियों की प्रताडऩा का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। ग्राम मचला के पोषक गांव मिर्चा खेड़ा की दो नाबालिग बच्चियों को लगभग डेढ़ साल पहले मोहगांव ब्लाक की ममता बाई और उसके पति सुखचैन मसराम निवासी बोदा खैरी द्वारा दिल्ली ले जाया गया था। इनमें से एक बच्ची का शव 27 मई मंगलवार को एम्बुलेंस से वापस लाया गया है, जबकि दूसरी बच्ची पिछले कई महीनों से लापता है और उसका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।


जानकारी अनुसार यह घटना मानव तस्करी के एक बड़े रैकेट की ओर इशारा कर रही है। ममता बाई और सुखचैन मसराम कई वर्षों से लड़कियों की दलाली और सप्लाई का काम करते हैं। इन पर पूर्व में भी कई शिकायतें दर्ज होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। मंडला के पूर्व विधायक और प्रदेश महासचिव कांग्रेस डॉ. अशोक मर्सकोले ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सूचित किया है।

डॉ. मर्सकोले ने पुलिस प्रशासन और मेडिकल टीम से तत्काल जांच की मांग की है, क्योंकि यह मामला अत्यंत संवेदनशील और गंभीर है। उन्होंने बताया कि ममता बाई और सुखचैन मसराम खैरी गांव में कई वर्षों से रह रहे हैं और उनकी कई बार शिकायतें भी की गई हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही दूसरी लापता बच्ची की तलाश भी जारी है। इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और मानव तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



तेज रफ्तार कंटेनर ने ली दो की जान

  • तेज रफ्तार कंटेनर ने बाईक सवार को रौंदा
  • हादसे में दो की मौत, चार वर्षीय बालक घायल
  • नारायणगंज के ग्राम भावल के पास हुआ हादसा

मंडला महावीर न्यूज 29. नेशनल हाईवे 30 के नारायणगंज मंडला मार्ग पर ग्राम भावल के पास सड़क दुर्घटना में बाईक में जा रहे महिला, पुरूष की मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ चार साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बच्चे को एम्बुलेंस की मदद से जिला चिकित्सालय मंडला उपचार के लिए ले जाया गया। वहीं दोनों मृतकों को पीएम के लिए नारायणगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया। घटना की जानकारी टिकरिया पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही टिकरिया पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं हादसे के बाद करीब आधे घंटे हाईवे पर जाम लगा रहा।

बताया गया कि नारायणगंज भावल के पास जबलपुर की तरफ से रायपुर की तरफ तेज रफ्तार में जा रहे कंटेनर ने बाईक सवार गुजराज सिंह भारतीया पिता लामू सिंह भारतीया 33 वर्ष निवासी ग्राम लावर और अमरवती मरावी पिता गेंदा सिंह मरावी 50 वर्ष निवासी ग्राम लावर और चार वर्षीय अभय परते पिता मंगल सिंह को जोरदार टक्कर मार दी। बाईक सवार गुजराज सिंह अभय और अमरवती जो उनकी रिश्तेदार थी, उनके साथ जबलपुर की तरफ पाठा चुटका ग्राम किसी काम से जा रहे थे। इसी दौरान यह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हादसे में मौके पर ही गुजराज और अमरवती की मौत हो गई। वहीं बच्चा अभय गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे नारायणगंज स्वास्थ्य केन्द्र में प्राथमिक उपचार के बाद मंडला जिला चिकित्सालय रैफर कर दिया गया। बताया गया कि गुजराज सिंह वनकर्मी था।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कंटेनर तेज रफ्तार में जा मंडला की तरफ जा रहा था, वहीं बाईक सवार जबलपुर की तरफ जा रहे थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाईक चला रहा गजराज सिंह और महिला बाईक से छिट गए और तेज रफ्तार में भागते कंटेनर ने दोनों को रौंदे हुए मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी तत्काल नारायणगंज टिकरिया पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। जहां हादसे के बाद हाईवे में दोनों तरफ जाम लग गया। करीब आधे घंटे तक हाईवे में जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस के आते ही यातायात को सुचारू कराया गया। पुलिस ने मौके से फरार कंटेनर को पकड़कर अपने कब्जे में ले लिया है।

बताया गया कि घायल बच्चे को मंडला जिला चिकित्सालय उपचार के लिए तत्काल एम्बुलेंस की मदद से भेजा गया। वहीं दोनों मृतकों को पीएम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज भेजा गया। जहां सीएचसी नारायणगंज में पदस्थ डॉ. राजेश अहिरवार ने दोनों मृतकों का पीएम किया। जिसके बाद दोनों के शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द किया गया। मामला दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।



नौतपा के तीसरे दिन उमस भरी गर्मी

  • बैचेन रहे लोग, दोपहर को बरसे मेघ
  • तापमान में उतार-चढ़ाव जारी, देशी फ्रीज की मांग बढ़ी

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में नौतपा का तीसरा दिन भी सूरज के गरम तेवरों के साथ रहा, जिसने आम जनजीवन पर गहरा असर डाला है। भीषण गर्मी और उमस से लोग बेहाल हैं, जिससे दिनचर्या प्रभावित हुई है। नौतपा में सूर्य देव की प्रंचड किरणों का प्रभाव तो लोगों नहीं पड़ रहा है, लेकिन उमस भरी गर्मी ने हाल बेहाल कर दिया है। उमस और गर्मी से राहत पाने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं, जिसमें देशी फ्रीज की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। इसकी ठंडक लोगों को कुछ हद तक राहत प्रदान कर रही है।

जानकारी अनुसार मंगलवार 27 मई को जिले का अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं एक दिन पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। तापमान में यह उठापटक जिलेवासियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है, जिससे गर्मी और उमस दोनों ही अपने चरम पर हैं।

बताया गया कि उमस भरी गर्मी के बीच दोपहर को लगभग पांच मिनट के लिए मेघ बरसे, जिसने कुछ पल की राहत तो दी, लेकिन उसके बाद बढ़ी उमस ने दिन भर जिलेवासियों को बेचैन रखा। बारिश के बाद उमस और बढ़ गई, जिससे लोगों का हाल बेहाल रहा। गर्मी के इस दौर में स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और सीधे धूप के संपर्क से बचने की सलाह दे रहे हैं। लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए सतर्कता बरतने की अपील भी की जा रही है।


नारायणगंज में सिविल डिफेंस का विशेष प्रशिक्षण, आपदा से निपटने की तैयारी

  • एसडीईआरएफ मंडला टीम ने ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को किया प्रशिक्षित

मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद पंचायत नारायणगंज के सभा कक्ष में सिविल डिफेंस का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण एसडीईआरएफ मंडला की टीम द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्राम पंचायत से चयनित तीन-तीन प्रतिभागियों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना था। इस दौरान भूकंप, बाढ़, आगजनी, सड़क दुर्घटनाओं और युद्ध जैसी आपातकालीन स्थितियों में लोगों की मदद कैसे की जाए, इस पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को आपदा प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और घायलों को तत्काल सहायता प्रदान करने हेतु आपातकालीन उपकरणों के उपयोग संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई ।


प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों को टोल फ्री नंबर 1079 और आगामी पोर्टल में पंजीकरण के संबंध में भी जानकारी दी गई। एसडीईआरएफ से हेमराज परस्ते और उनकी टीम ने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। जनपद पंचायत नारायणगंज से सीईओ गौरीशंकर डेहरिया, बीपीओ रम्मू सिंह मरावी, और आकांक्षी ब्लॉक फेलो हेमंत चंद्रोल ने भी आपातकालीन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में जनपद पंचायत नारायणगंज के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।


नाबालिग से छेड़छाड़ और पीछा करने वाला आरोपी 12 घंटे में गिरफ्तार

  • नैनपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
  • मंडला एसपी के निर्देश पर टीम ने दबोचा आरोपी
  • पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले की नैनपुर पुलिस ने एक नाबालिग लड़की के साथ गंदी नियत से छेड़छाड़ और लगातार पीछा करने वाले आरोपी को 12 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ओमप्रकाश सिंह उर्फ डब्बू जेवार 39 वर्ष को मंगलवार की दोपहर करीब 1 बजे नैनपुर से दबोच कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया।

बताया गया कि घटना का खुलासा तब हुआ जब मंगलवार सुबह नैनपुर पुलिस को नैनपुर निवासी पीडि़ता ने लिखित आवेदन पत्र दिया। पीडि़ता ने बताया कि डब्बू जेवार पिछले लगभग एक वर्ष से उसे गंदी नियत से परेशान कर रहा था, लगातार पीछा कर रहा था और मना करने पर उसके माता-पिता को जान से मारने की धमकी दे रहा था। इस डर के कारण पीडि़ता इतने समय तक चुप रही, लेकिन अंतत: साहस जुटाकर उसने अपनी आपबीती बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, नैनपुर पुलिस ने तत्काल आरोपी के विरूद्ध विभिन्न धाराओं के तहत और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।

बताया गया कि घटना की जानकारी मंडला पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा को दी गई, जिन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल टीम गठित कर आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडला शिवकुमार वर्मा व एसडीओपी नैनपुर मनीष राज के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बलदेव सिंह मुजाल्दा के नेतृत्व में टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ओमप्रकाश सिंह उर्फ डब्बू जेवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से दो एंड्रॉयड मोबाइल भी जब्त किए गए हैं।

आरोपी को पकडऩे में नैनपुर पुलिस टीम में निरीक्षक बलदेव सिंह मुजाल्दा, उपनिरीक्षक निधि नेमा, प्रधान आरक्षक शेख समद खान, संतराम उइके, राजेश उइके, आरक्षक अक्षय भलावी, सुरेश जैतवार, ओमप्रकाश बघेल, सुनील हटोले, महिला आरक्षक गीता युवनाती और सुमन की विशेष भूमिका रही।


बिछिया में देवारण्य योजना के तहत तुलसी की व्यावसायिक खेती पर प्रशिक्षण

  • मंडला में किसानों और स्व-सहायता समूहों को मिला एक दिवसीय प्रशिक्षण, आर्थिक सुदृढीकरण पर जोर

मंडला महावीर न्यूज 29. देवारण्य योजना के अंतर्गत तुलसी की व्यावसायिक खेती पर जिले के बिछिया स्थित आजीविका मिशन के प्रशिक्षण केंद्र में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य औषधि पादप बोर्ड भोपाल के दिशा-निर्देशन और आयुष विभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य एक जिला एक औषधि-तुलसी पहल को बढ़ावा देना है। जिला आयुष अधिकारी डॉ. गायत्री आहाके ने बताया कि यह शासन की एक बहुउद्देशीय एवं महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका लक्ष्य तुलसी की व्यावसायिक खेती के माध्यम से किसानों का आर्थिक सुदृढीकरण करना है। शुरुआती चरण में मंडला जिले के चयनित विकासखंडों से कृषक उत्पादक संगठन और महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी कुल 60 किसानों को यह प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने बताया कि शासन से प्राप्त आदेशानुसार आगे इस परियोजना पर कार्य किया जाएगा और किसानों के उत्पादों को मार्केट लिंकेज प्रदान करने की भी योजना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व आयुष विभाग मंडला के डॉ. शेर सिंह कुडापे, डॉ. मनोज परस्ते, डॉ. गोविंद मरावी और डॉ. ऋचा धुर्वे ने किया, जिसमें आजीविका मिशन मंदाकिनी सीएलएफ अध्यक्ष शशि मसराम का समन्वय एवं सहयोग रहा। विषय विशेषज्ञ के तौर पर ग्राम सेवा ट्रस्ट के क्षेत्रीय समन्वयक योगेंद्र जाटव ने आयुर्वेद और आधुनिक इलाज पद्धति में अंतर बताते हुए तुलसी के पैकेज ऑफ प्रैक्टिस पर विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही आयुष अधिकारी डॉ. ऋचा धुर्वे ने तुलसी के औषधीय गुणों और वैज्ञानिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

द्वितीय सत्र में ग्राम सेवा ट्रस्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर चंद्रहास पटेल ने औषधीय खेती और परंपरागत फसल के अंतर व इसके आर्थिक लाभों पर चर्चा की। इसके बाद कान्हा कृषि वनोपज प्रोड्यूसर कंपनी के सीईओ रंजीत कछवाहा और बाल कल्याण समिति के सदस्य ने बाल कल्याण के लिए सीडब्ल्यूसी द्वारा जिले में किए जा रहे कार्यों और शासन की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने तुलसी के व्यवसाय, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, मार्केट लिंकेज, व्यावसायिक लाभ और व्यवसाय में रखी जाने वाली सावधानियों पर भी विस्तृत उद्बोधन दिया। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और यात्रा व्यय प्रदान कर कार्यशाला का समापन किया गया।


तीन बच्चों को मिली रोशनी, एक की सर्जरी सोमवार को

  • जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में 17 बच्चों में से 11 का पहले ही हो चुका था उपचार

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला कलेक्टर के दूरदर्शी मार्गदर्शन में चलाए जा रहे मिशन नेत्र ज्योति के तहत मंडला जिले में मोतियाबिंद से ग्रसित बच्चों को नई रोशनी देने का कार्य सफलतापूर्वक जारी है। इस मिशन के अंतर्गत कुल 17 बच्चों को मोतियाबिंद से ग्रसित चिह्नित किया गया था, जिनमें से 11 बच्चों का उपचार 19 मई को पहले ही किया जा चुका था। मंगलवार को शेष बच्चों के उपचार के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 9 बच्चों को आरबीएसके टीम द्वारा लाया गया।

बताया गया कि शिविर में 4 बच्चों को सर्जरी के लिए चयनित कर जिला चिकित्सालय मंडला के वार्ड नंबर 52 में भर्ती कर लिया गया था। इनमें से तीन बच्चों की मोतियाबिंद की सर्जरी मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। बताया गया कि एक बच्ची के उपचार के दौरान अस्थिर होने के कारण उसकी सर्जरी सोमवार को एनेस्थीसिया के माध्यम से की जाएगी। इन सभी बच्चों का ऑपरेशन नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण अहिरवाल द्वारा किया गया।

बताया गया कि जिन बच्चों की सर्जरी हुई है, उनमें संजना परस्ते पिता माते सिंह परस्ते 9 वर्ष ग्राम बढ़वार, श्रवण परस्ते पिता माते परस्ते 12 वर्ष ग्राम बढ़वार और अंशिका भंवरे पिता जगत 11 वर्ष ग्राम हीरापुर शामिल हैं। इन सभी बच्चों का नि:शुल्क ऑपरेशन किया गया और सभी बच्चे स्वस्थ हैं । यह नि:शुल्क ऑपरेशन इन बच्चों और उनके परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि मोतियाबिंद के कारण उनकी शिक्षा और सामान्य जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा था। शिविर के दौरान सीएमएचओ डॉ. केसी सरोते, सिविल सर्जन डॉ. विजय सिंह धुर्वे, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण अहिरवाल, आरबीएसके प्रबंधक अर्जुन सिंह, आरबीएसके डॉक्टर, एएनएम, संजय भोयर के साथ आईओपीडी, ओटी के स्टाफ उपस्थित रहे ।


एनएच 30 में हुआ आरटीओ उडऩ दस्ता व ट्रक चालक के बीच विवाद

  • आरटीओ चेक पोस्ट पांडुतला का मामला

मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में परिवहन चेक पोस्ट नाके बंद कर दिए गए। इसके बाद आरटीओ का उडऩ दस्ता जांच कर रहा है। मंडला जिले की सीमा से लगे बालाघाट जिले के पांडुतला में हमेशा उडऩ दस्ता की टीम मौजूद रहती है। जिसपर चालकों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है। रविवार को एक ट्रक चालक और आरटीओ के कर्मचारी के बीच विवाद हो गया। जिससे ट्रक चालको ंने जाम लगा दिया। हालांकि पुलिस के हस्ताक्षेप के बाद मामला शांत हो गया। चालक का आरोप था कि आरटीओ कर्मचारी ने उसका मोबाइल तोड़ दिया है। बाद में मोबाइल के लिए राशि भी चालक को दी गई। जिसके कारण पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।

बताया गया कि भारी वाहनों को आरटीओ चेक पोस्ट पांडुतला में आरटीओ की टीम के साथ शामिल कथित सिविल ड्रेस में कुछ लोग वाहनों को रोक कर अनावश्यक रूप से राशि मांग रहे थे। विरोध करने पर चालक से मारपीट की और मोबाइल छीन कर तोड़ दिया।। जिससे आक्रोश बढ़ गया। चालकों ने हाइवे पर जाम लगा दिया। इस बीच भारी हुजूम उमड़ पड़ा। पुलिस मामला शांत कराया और हाईवे से जाम हटवाया। मोतीनाला थाना प्रभारी हेमंत बवरैया का कहना है कि रविवार को ट्रक चालक और फ्लाइंग स्क्वॉट के कर्मचारियों के बीच विवाद हुआ था। चालको ने हाइवे जाम कर दिया था। दोनो पक्ष के बीच समझौता हो गया। किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है। इस संबंध में आरटीओ विमलेश गुप्ता से संपर्क करना चाहा गया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

इनका कहना है

मामला संज्ञान में आया है। किसी भी पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है। बिछिया एसडीओपी को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिवकुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक


 


कोरोना की आहट से जिला अस्पताल अलर्ट, तैयारी पुख्ता

  • हर परिस्थिति से निपटने स्वास्थ्य अमला तैयार, मरीजों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध

मंडला महावीर न्यूज 29. देश के कुछ हिस्सों में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट के नए मामलों की दस्तक ने मंडला जिले में भी स्वास्थ्य महकमे की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि जिले में अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही कमर कस ली है और इस महामारी से निपटने के मंडला स्वास्थ्य विभाग के पास पुख्ता इंतजाम है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी आवश्यक कदम उठाने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए इससे संबंधित सभी संसाधनों को दुरुस्त रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

जानकारी अनुसार मंडला जिला चिकित्सालय परिसर में ऑक्सीजन प्लांट, रैपिड और आरटीपीसीआर टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए मंडला स्वास्थ्य विभाग का अमला तैयार है। विगत वर्ष कोरोना काल में भी मंडला जिला का स्वास्थ्य अमला इस महामारी से निपटने के लिए अपनी जान तक दाब पर लगा दिए थे। जिससे जिलेवासियों को इस महामारी से बचाया जा सके। उस परिस्थिति को देखते हुए अब जिला चिकित्सालय मंडला मेंं पुख्ता इंतजाम पहले से है। बताया गया कि देश के कुछ हिस्सों में कोरोना के मामले सामने आए, लेकिन अभी मंडला स्वास्थ्य अमले को कोई दिशा निर्देश नहीं मिले है।

जिले के सिविल सर्जन डॉ. विजय धुर्वे ने बताया कि जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इस स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और अर्लट है। उन्होंने कहा हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। ऑक्सीजन प्लांट, वेंटिलेटर, पीपीई किट, मास्क और दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड और आईसीयू बेड की उपलब्धता की नियमित जांच की जा रही है।

बताया गया कि कोविड-19 प्रबंधन को लेकर मंडला स्वास्थ्य अमले को प्रदेश स्तर से कोई दिशा निर्देश नहीं मिले है। जिसके चलते जिले में अभी कोई एडवाईजरी नहीं दी गई है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें। अधिकारियों का कहना है कि यदि ऐसी कोई स्थिति बनती है तो जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने से लेकर उनके इलाज तक की पूरे पुख्ता इंतजाम है। इसके साथ ही ऑक्सीजन सप्लाई, वेंटिलेटर संचालन और अन्य जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध है।

इनका कहना है

अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें। स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं और समय-समय पर उच्च अधिकारियों से मिले निर्देश की अद्यतन जानकारी जारी की जाएगी। मंडला जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि जिले के नागरिकों को कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके और किसी भी आपातकालीन स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
डॉ. वाय.के. झारिया, महामारी नियंत्रण अधिकारी, मंडला

किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने के लिए जिला चिकित्सालय मंडला में पुख्ता इंतजाम है, जिसमें आइसोलेशन वार्ड, ऑक्सीजन सपोर्ट, वेंटिलेटर, आवश्यक दवाएं, स्वास्थ्यकर्मियों की व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण पीपीई किट और अन्य सुरक्षात्मक सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
डॉ. विजय धुर्वे, सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय मंडला



सुहागिनों ने बांधा कलावा, मांगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद

  • महिलाओं ने की वट वृक्ष की पूजा, पति की दीर्घायु की कामना

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला में सोमवार को वट सावित्री व्रत बड़े ही धूमधाम और पारंपरिक श्रृद्धा के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। सुबह से ही जिले के विभिन्न वट वृक्षों के नीचे महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जहां उन्होंने पूरे विधि-विधान से पूजा की।

वट सावित्री व्रत के अवसर पर महिलाओं ने वट वृक्ष के चारों ओर कलावा (रक्षा सूत्र) बांधा और परिक्रमा की। उन्होंने वट वृक्ष को जल अर्पित किया, रोली-चावल लगाए और विभिन्न प्रकार के फल, मिष्ठान व अन्य पूजन सामग्री चढ़ाई। मान्यताओं के अनुसार वट वृक्ष में त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का वास होता है और यह वृक्ष दीर्घायु का प्रतीक माना जाता है। महिलाएं सावित्री और सत्यवान की कथा का श्रवण कर उन्हीं की तरह अपने पति के लिए लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

पारंपरिक वेशभूषा में दिखीं महिलाएं 

व्रत के दौरान महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर पूजा स्थलों पर पहुंचीं। इस दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर और आशीष देकर इस पर्व को और भी खास बना दिया। यह व्रत पति-पत्नी के अटूट रिश्ते और प्रेम का प्रतीक है, जिसे मंडला की महिलाओं ने पूरी निष्ठा और उत्साह के साथ मनाया।

महिलाओं ने की सोमवती अमवस्या की पूजा

बताया गया कि वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाएं अपनी पति की लंबी उम्र के लिए रखती है। इस बार वट सावित्री व्रत पर बहुत ही शुभ योग बना। वट सावित्री व्रत के दिन सोमवती अमावस्या भी रही। महिलाएं निर्जला व्रत रखकर बरगद के पेड़ पर विधिवत पूजा की। रानी पार्क, खैरमाई मंदिर बिंझिया, शीतला मंदिर, रपटा घाट सहित अन्य धार्मिक स्थलों में वट वृक्ष की पूजा करने महिलाएं पहुंची। वट वृक्ष की पूजा के साथ महिलाओं ने सोमवती अमावस्या की पूजा के लिए आवला, तुलसी व अन्य पेड़ की 108 परिक्रमा की।

वट में त्रिदेव का वास 

पौराणिक कथा और मान्यताओं के अनुसार, वट सावित्री के दिन सुहागिन महिलाएं वट यानी बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि इस पेड़ में भगवान विष्णु, ब्रह्मा जी और शिवजी का वास है। इस दिन बरगद के पेड़ की पूजा करने से पति और परिवार को सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है और पति की अकाल मृत्यु का भय भी टल जाता है। वट सावित्री व्रत के दिन पतिव्रता स्त्री वट वृक्ष की परिक्रमा करती है। साथ ही चारों तरफ कलावा बांधती है। कहा जाता है कि ऐसा करने से पति की उम्र लंबी रहती है और संतान की प्राप्ति की मनोकामना भी पूरी होती है।



बाइक सवार पर बंदर ने किया हमला, महिला गंभीर घायल

  • नारायणगंज-बीजाडांडी मार्ग पर लगातार बढ़ रहे हादसे, राहगीर परेशान
  • कूड़ामैली के बंजारी घाट के पहले हुआ हादसा

मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज, बीजाडांडी और उदयपुर क्षेत्रों के साथ-साथ हाईवे मार्ग पर बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। बंदरों के इस उत्पात से राहगीर और क्षेत्रवासी परेशान हैं। सोमवार शाम करीब चार बजे नारायणगंज के कूड़ामैली बंजारी घाट से पहले एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें कालपी के ग्राम जरहा टोला निवासी एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसे चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर मेडिकल रैफर कर दिए।

जानकारी के अनुसार कालपी जरहाटोला निवासी देववती बाई परते 55 वर्ष, पति रज्जो लाल परते अपने बेटे के साथ नारायणगंज कूड़ामैली पैसे निकालने आई हुई थी। यहां से अपना काम करने के बाद वापस अपने ग्राम जरहाटोला जा रहे थे, इसी दौरान कूड़ामैली बंजारी घाट के पहले कुछ बंदरों ने बाइक पर बैठी देववती बाई पर हमला कर दिया। बताया गया कि देववती के हाथ में एक थैला रखा हुआ था। जिसे छुड़ाने बंदरों के अचानक हमला कर दिया। हमले से बाइक अनियंत्रित हो गई और देववती बाई नीचे गिर गईं, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई।

बताया गया कि हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगंज ले लाया गया। जहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल देवती बाई को रैफर कर दिया। घायल महिला के सिर में गंभीर चोट आई थी। जिसके कारण सिर से खून का स्त्राव अधिक हो रहा था। सीएचसी में पदस्थ ड्रेसर संत लाल ने घायल महिला के सिर में टांके लगाकर खून के स्त्राव को रोकने का प्रयास किया। प्राथमिक उपचार देकर घायल देववती बाई को उच्च स्तरीय उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।



आदिवासी बाहुल्य मंडला में दिनदहाड़े अवैध खनन, खनिज विभाग और प्रशासन की मिलीभगत से माफियाओं के हौसले बुलंद

  • मंडला में खनिज संपदा की लूट जारी, प्रशासन बेखबर
  • किसान की जमीन से बिना लीज के हो रहा मुरुम का उत्खनन
  • कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला वर्षों से मिट्टी, मुरुम और रेत सहित अन्य खनिज पदार्थों के अवैध उत्खनन और परिवहन का गढ़ बना हुआ है। यहां दिनदहाड़े जेसीबी मशीनों और हाइवा, डंफर लगाकर अवैध तरीके से मुरुम और मिट्टी का खनन और परिवहन किया जा रहा है, और मंडला जिले की इस लुटती खनिज संपदा को बचाने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है। खनिज विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बावजूद इन पर कोई जांच कार्रवाई नहीं होने से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।

जानकारी अनुसार जिला मुख्यालय मंडला के नजदीकी ग्राम पटपरा रैयत में जहां बिना लीज के एक किसान की जमीन से अवैध रूप से मुर्रम का खनन किया जा रहा है। इस विषय में ठेकेदार का कहना है कि 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर इसकी लिखा-पढ़ी हो गई है, जबकि यह नियम विरुद्ध कार्य है। इस मामले को लेकर कृषि ग्रामीण मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष अनुज दुबे ने बताया कि मंडला जिले के ग्राम पंचायत पटपरा रैयत में किसान के खेत से किए जा रहे अवैध मुरुम खनन को लेकर माइनिंग अधिकारी को इसकी जानकारी देते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की थी। माइनिंग अधिकारी ने भरोसा दिलाया था कि अगले दिन वे ग्राम पंचायत पटपरा रैयत में चल रहे अवैध मुरुम खनन पर कार्रवाई करेंगे।

बताया गया कि अगले दिन जब कृषि ग्रामीण मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष अनुज दुबे, समाजसेवी रज्जू यादव के साथ उसी जगह पर पहुंचे, जहां बेखौफ अवैध रूप से मुरुम का खनन किया जा रहा था, तो उन्होंने पाया कि वहां अवैध मुरुम खनन का काम उसी रफ्तार से जारी था। स्थानीय लोगों से जानकारी लेने पर पता चला कि यहां कोई प्रशासनिक अधिकारी या कोई नहीं आया है और न ही इनको रोका जा रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आदिवासी बहुल्य जिला मंडला में ठेकेदारों का कितना दबदबा है। बाहर से काम करने आए ठेकेदारों ने आदिवासी बाहुल्य जिले को अवैध कारोबार का अड्डा बना लिया है। रात-दिन बेखौफ होकर डम्फर और हाइवा से अवैध रूप से मुर्रम का खनन व परिवहन किया जा रहा है। लेकिन खनिज विभाग, राजस्व और प्रशासन के अधिकारी सब कुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं।

बताया गया कि इस उत्खनन की खनिज विभाग सहित प्रशासन के अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी इन माफियाओं पर किसी भी तरह की कार्रवाई न करना समझ से परे है। इससे लगता है कि मंडला जिले के ग्राम पटपरा रैयत सहित अन्य जगहों पर अवैध रूप से चल रहे खनिज संपदा मुर्रम, मिट्टी, रेत, गिट्टी आदि के अवैध उत्खनन व परिवहन से यहां के माइनिंग विभाग को कोई सरोकार नहीं है, और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही है। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में ठेकेदारों का प्रशासन चल रहा है।


जन्मजात मोतियाबिंद से पीडि़त चार बच्चों का होगा निशुल्क ऑपरेशन

  • जिला चिकित्सालय में आयोजित शिविर में विशेषज्ञों ने किया चयन

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला चिकित्सालय मंडला में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जन्मजात मोतियाबिंद की सर्जरी के लिए एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में आरबीएसके टीम द्वारा नौ बच्चों को सर्जरी के लिए लाया गया था, जिसमें चार बच्चों को सर्जरी के लिए चयनित किया गया है। इन चयनित बच्चों को वार्ड नंबर 52 में भर्ती कर लिया गया है, जिनका ऑपरेशन आज मंगलवार सुबह नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण अहिरवाल द्वारा किया जाएगा। शिविर में जिला चिकित्सालय मंडला के सिविल सर्जन डॉ. विजय सिंह धुर्वे, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण अहिरवाल, आरबीएसके प्रबंधक अर्जुन सिंह, आरबीएसके डॉक्टर, संजय भोयार, आरबीएसके एएनएम और आई ओपीडी, ओटी के स्टाफ उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

बताया गया कि सर्जरी के लिए चयनित हुए बच्चों में समृद्धि मरावी पिता दीपक, निवासी मोतीनाला, संजना परस्ते पिता माते सिंह परस्ते, निवासी ग्राम बढ़वार, श्रवण परस्ते, पिता माते परस्ते निवासी ग्राम बढ़वार, अंशिका भंवरे पिता जगत निवासी ग्राम हीरापुर हैं। इन सभी बच्चों का निशुल्क ऑपरेशन आज मंगलवार सुबह जिला चिकित्सालय में किया जाएगा। जिससे उनके जीवन में रोशनी आएगी और वे स्वस्थ भविष्य की ओर बढ़ सकेंगे।


परंपरा को चुनौती, झनक लाल ने लिया ऐतिहासिक निर्णय

  • 87 वर्षीय झनक लाल ने मृत्यु भोज का किया बहिष्कार, समाज को दी नई राह

मंडला महावीर न्यूज 29. जब समाज सदियों पुरानी रूढिय़ों में जकड़ा हो, तब बदलाव की लौ जलाने के लिए किसी साहसी व्यक्ति की आवश्यकता होती है। बम्हनी बंजर निवासी 87 वर्षीय झनक लाल हरदहा ने ऐसा ही एक अनुकरणीय और ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने अपने ज्येष्ठ पुत्र स्वर्गीय मनमोहन हरदहा के निधन के बाद मृत्यु भोज की रूढि़वादी परंपरा को अस्वीकार करने का क्रांतिकारी निर्णय लिया है।

बताया गया कि स्व. मनमोहन हरदहा का दुखद निधन 12 मई 2025 को मुंबई में हुआ था, जिसके बाद 13 मई को सर्री घाट पर उनका अंतिम संस्कार विधिपूर्वक संपन्न हुआ। इस अत्यंत दुखद घड़ी में भी झनक लाल हरदहा ने समाज के सामने एक नई सोच प्रस्तुत की। उन्होंने मृत्यु भोज जैसे दिखावटी, आर्थिक और मानसिक रूप से बोझिल आयोजन से दूर रहने का संकल्प लिया। उन्होंने दशगात्र के अवसर पर श्री हरदहा ने परिवार और कुटुंबजनों के साथ मिलकर एक शांत, आध्यात्मिक और अर्थपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इस अवसर पर सामूहिक पूजन और मृतात्मा की शांति के लिए प्रार्थनाएं की गईं। यह आयोजन आडंबर से रहित, पूर्ण श्रद्धा और धार्मिक विधियों के साथ संपन्न हुआ।

दिलों को छू गया संदेश 

झनक लाल हरदहा का कहना था कि वास्तविक श्रद्धांजलि भोज नहीं, सेवा, प्रार्थना और सदाचार है, अब समाज में एक नई सोच का प्रतीक बन चुका है। बताया गया कि झनक लाल हरदहा, हरदहा समाज जिला महासभा मंडला के अध्यक्ष कृष्णकुमार हरदहा के पिता हैं। उनके इस साहसिक निर्णय को समाज के बुद्धिजीवी वर्ग, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से व्यापक सराहना मिली है। यह कदम अब एक सामाजिक आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। एक ऐसी पहल जो अनगिनत परिवारों को मानसिक और आर्थिक शोषण से मुक्ति दिला सकती है।

जागरूकता और सादगी के नए अध्याय की शुरुआत 

हरदहा समाज जिला अध्यक्ष कृष्ण कुमार हरदहा ने कहा कि पिताजी का यह निर्णय समाज में चेतना और परिवर्तन की मिसाल बनेगा। यह केवल परंपरा तोडऩा नहीं, बल्कि नई सोच को अपनाना है। हरदहा समाज के संरक्षक गोपाल हरदहा ने कहा यह निर्णय हमारे समाज में जागरूकता और सादगी के नए अध्याय की शुरुआत है। झनक लाल ने जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह आने वाली पीढिय़ों के लिए मार्गदर्शक बनेगा। हरदहा समाज के संरक्षक गणेश हरदहा ने कहा यह कदम समाज को बोझिल परंपराओं से मुक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक शुरुआत है। वार्ड क्रमांक 04 के पार्षद एवं समाजसेवी जगदीश हरदहा ने कहा कि झनक लाल जी का निर्णय हमें यह सिखाता है कि सच्ची श्रद्धांजलि कर्म और सेवा से दी जाती है, न कि दिखावे से। समाजसेवी श्रीमती शारदा राजाराम हरदहा ने कहा कि यह पहल विशेष रूप से महिलाओं और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए प्रेरणा है, जो अक्सर ऐसे आयोजनों में मानसिक और आर्थिक रूप से पीडि़त होते हैं।



 

बीजाडांडी में नर्मदा जन जागरण यात्रा का शुभारंभ

  • जन अभियान परिषद् की पहल
  • नर्मदा तटों का सर्वेक्षण कर किया जा रहा जागरूक
  • देवरी से शुरू हुई नर्मदा जन जागरण यात्रा, विभिन्न पंचायतों में पहुंची, ग्रामीणों से जानी जा रही समस्याएं

मंडला महावीर न्यूज 29. जन अभियान परिषद् की यह पहल नर्मदा जन जागरण यात्रा नर्मदा नदी के संरक्षण और उसके महत्व को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यात्रा के दौरान एकत्र की गई जानकारी के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे नर्मदा नदी और उसके तटों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह यात्रा बीजाडांडी विकासखंड के अन्य पंचायतों का भी दौरा करेगी और लोगों को नर्मदा के प्रति जागरूक करते हुए आगे बढ़ेगी।

मप्र जन अभियान परिषद के तत्वाधान में नर्मदा पथ सर्वेक्षण एवं जन जागरण यात्रा का शुभारंभ जिले के बीजाडांडी विकासखंड के देवरी ग्राम पंचायत से हुआ। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य नर्मदा नदी के तटों का सर्वेक्षण करना और लोगों को इसके महत्व के बारे में जागरूक करना है। यात्रा प्रभारी एवं जिला समन्वयक राजेंद्र चौधरी, विकासखंड समन्वयक मंजुलता पांडेय और जनपद उपाध्यक्ष जन प्रतिनिधि विजेंद्र यादव के नेतृत्व में यात्रा शुरू हुई। इस दौरान मेंटर आदित्य मिश्रा, श्रद्धा तिवारी, देव प्रकाश पांडे, बद्री प्रसाद और नवांकुर प्रमुख जगत परते, हरिलाल परते, दिलीप वरकड़े उपस्थित रहे।

चौपाल में हो रही नर्मदा नदी तटों पर चर्चा 

बताया गया कि देवरी ग्राम पंचायत में मां जगत जननी जीवन तारिणी के चित्रण में तिलक लगाकर और मां नर्मदा जी की आरती कर यात्रा का शुभारंभ किया गया। इसके बाद यात्रा देवरी से बेरपानी पंचायत होते हुए बुदरा पंचायत पहुंची। बुदरा में एक चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों के साथ नर्मदा नदी और उसके तटों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। चौपाल के कार्यक्रम के बाद यात्रा मैली पंचायत पहुंची। विश्राम के बाद एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा के अगले पड़ाव और सर्वेक्षण की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श किया गया।

समस्याओं की जानकारी कर रहे एकत्र 

इसके बाद यात्रा अपने अगले पड़ाव खापा पंचायत की ओर रवाना हुई और फिर जमठार पहुंची, जहां भी ग्रामीणों के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। यात्रा दल का विश्राम जमठार में हुआ। इस दौरान यात्रा दल ने ग्राम स्तर पर मां नर्मदा के तटों, ग्राम से तट की दूरी, पारंपरिक रास्तों, धर्मशालाओं, नदियों और मंदिरों इत्यादि का सर्वेक्षण ग्रामवासियों के साथ किया। ग्रामीणों से नर्मदा नदी से जुड़े उनके अनुभव और समस्याओं के बारे में जानकारी एकत्र की गई।


आपदा प्रबंधन पर जागरूकता कार्यशाला

  • नैनपुर में सिविल डिफेंस वर्कशॉप
  • 200 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण
  • ग्रामीण अधिकार मंच और प्रशासन ने मिलकर दिया आपदा से निपटने का ज्ञान

मंडला महावीर न्यूज 29. ग्रामीण अधिकार मंच द्वारा शासकिय स्नातक महाविद्यालय नैनपुर में आपदा प्रबंधन एवं सिविल डिफेंस विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में लगभग 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिन्हें आपदाओं से निपटने के लिए आवश्यक जानकारी और कौशल प्रदान किए गए। आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक राजेंद्र चौधरी एवं विकासखंड समन्वयक संतोष झरिया के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। प्रशिक्षण में परामर्शदाता सुभाष बंशकार, अंजय विश्वकर्मा, राजाराम जंघेला, संतोष भंवरे, नवांकुर संस्था ग्रामीण, अधिकार मंच संस्था प्रमुख अशोक जंघेला, समिति सदस्य, पैसा एक्ट ब्लॉक समन्वयक प्रतीक कुमार, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, मेट, पैसा मोबिलाइजर और आजीविका मिशन से समूह के सदस्य उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण वर्कशॉप के दौरान सिविल डिफेंस वॉलंटियर फार्म भरे गए और उपस्थित सदस्यों को सिविल डिफेंस की 12 सेवाओं की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को सिविल डिफेंस के कार्यों, फर्स्ट एड, अग्नि दुर्घटनाओं में बचाव कार्य, सीपीआर, सायरन की जानकारी और ब्लैक आउट के दौरान बचाव कार्यों के बारे में विस्तार से बताया गया।

प्रशिक्षण में आपदा उपकरणों की जानकारी देते हुए उनका विस्तार से प्रदर्शन किया गया। वर्कशॉप में मरीजों को सुरक्षित रूप से लिफ्टिंग और मूविंग (उठाने और ले जाने) के तरीके का अभ्यास भी कराया गया। उपस्थित प्रतिभागियों और छात्र-छात्राओं को अग्नि दुर्घटनाओं में आग पर काबू पाने और राहत व बचाव से संबंधित प्रैक्टिकल प्रशिक्षण भी दिए गए। कार्यशाला एसडीईआरएफ प्लाटून कमांडर हेमराज परस्ते एवं उनके स्टाफ के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों और प्रतिभागियों का आभार अंजय कुमार विश्वकर्मा द्वारा व्यक्त किया गया।



 


 

उपेक्षा का शिकार जिले के नर्मदा घाट

  • नर्मदा घाटों की जर्जर स्थिति चिंताजनक, प्रशासन की अनदेखी भारी
  • माहिष्मती घाट की तर्ज पर हो अन्य घाटों का भी जीर्णोद्धार, नागरिकों की मांग

मंडला महावीर न्यूज 29. धार्मिक आस्था और पर्यटन के केंद्र मंडला जिला मुख्यालय पर स्थित नर्मदा नदी के घाटों की स्थिति अब दो फाड़ में नजर आ रही है। जहां एक ओर माहिष्मती घाट का जीर्णोद्धार और कायाकल्प किया जा रहा है, उसे एक नया और आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय के अन्य प्रमुख नर्मदा घाटों की जर्जर और बदहाल स्थिति स्थानीय प्रशासन की घोर अनदेखी को उजागर कर रही है। इन घाटों पर रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और आम नागरिक स्नान करने के लिए आते हैं, लेकिन इनकी खस्ता हालत उन्हें भारी परेशानी में डाल रही है।

जानकारी अनुसार नर्मदा नदी को मोक्षदायिनी और जीवनदायिनी माना जाता है। इसके तट पर स्थित मंडला जिला मुख्यालय के विभिन्न घाटों का महत्व न केवल धार्मिक है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी ये महत्वपूर्ण केंद्र हैं। सूर्योदय के साथ ही इन घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो जाता है। लोग आस्था की डुबकी लगाने, धार्मिक अनुष्ठान करने और सुबह की सैर का आनंद लेने के लिए यहां पहुंचते हैं। हालांकि माहिष्मती घाट के अलावा अन्य घाटों पर सुविधाओं का घोर अभाव है और उनकी संरचनाएं जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं।

जर्जर घाटों से हो रही परेशानी 

बताया गया कि कई घाटों की सीढिय़ां टूट चुकी हैं, कहीं रेलिंग गायब है तो कहीं पर पत्थरों के जोड़ उखड़ गए हैं। इससे न केवल बुजुर्गों और बच्चों को बल्कि महिलाओं को भी भारी परेशानी होती है, इसके साथ ही फिसलकर गिरने का भी खतरा बना रहता है। बारिश के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जब घाटों पर फिसलन बढ़ जाती है और उनमें गंदगी भी जमा हो जाती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन का ध्यान केवल माहिष्मती घाट पर केंद्रित है, जबकि अन्य घाटों की सुध लेना आवश्यक है।

माहिष्मती घाट की तर्ज पर हो अन्य घाटों का जीर्णोद्धार

माहिष्मती घाट के कायाकल्प ने एक मिसाल कायम की है कि कैसे एक घाट को आधुनिक सुविधाओं से युक्त कर एक नया स्वरूप दिया जा सकता है। अब समय आ गया है कि स्थानीय प्रशासन इसी प्रेरणा को लेते हुए जिला मुख्यालय के अन्य नर्मदा घाटों की तरफ भी अपना ध्यान केंद्रित करे। इन घाटों का जीर्णोद्धार न केवल स्थानीय नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि मंडला की धार्मिक और पर्यटन संबंधी पहचान को भी मजबूत करेगा। यह देखना होगा कि स्थानीय प्रशासन कब इन उपेक्षित घाटों की सुध लेता है और उन्हें भी माहिष्मती घाट जैसी रौनक प्रदान करता है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं की राय

यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि पवित्र नर्मदा के घाटों की ऐसी उपेक्षा की जा रही है। माहिष्मती घाट का जीर्णोद्धार सराहनीय है, लेकिन हमें समग्रता से सोचना होगा। यदि हम नर्मदा घाटों को सुरक्षित और स्वच्छ नहीं रख पाएंगे, तो यह हमारी सांस्कृतिक विरासत के साथ खिलवाड़ होगा। प्रशासन को चाहिए कि वह सभी घाटों के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाए और चरणबद्ध तरीके से उनका जीर्णोद्धार करे।


श्रीकांत कछवाहा, सामाजिक कार्यकर्ता

घाटों की जर्जर स्थिति से महिलाओं और बच्चों को खास तौर पर दिक्कत होती है। टूटी सीढिय़ों और गंदगी के कारण उन्हें स्नान करने में हिचक होती है। साफ-सफाई और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। जिस तरह माहिष्मती घाट को सुंदर बनाया जा रहा है, उसी तर्ज पर अन्य घाटों पर भी महिलाओं के लिए सुरक्षित और स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।


रीता विनोद चौधरी, सामाजिक कार्यकर्ता

मंडला को पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए नर्मदा घाटों का महत्व निर्विवाद है। लेकिन अगर घाटों की स्थिति ऐसी ही रहेगी, तो पर्यटक क्यों आएंगे? यह सिर्फ धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा है। प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए और स्थानीय युवाओं को भी घाटों के रखरखाव में शामिल करना चाहिए।


राजेश मिश्रा, सामाजिक कार्यकर्ता

नर्मदा हमारे जिले की जीवन रेखा है। इन घाटों का जीर्णोद्धार केवल सौंदर्यकरण का विषय नहीं, बल्कि जन स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी है। प्रशासन को सभी घाटों का सर्वे कर उनकी मरम्मत और रखरखाव का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए। यह स्थानीय नागरिकों की बुनियादी आवश्यकता है, जिसे पूरा करना प्रशासन का दायित्व है।


पूजा तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता



लखनऊ मटका कुल्फी के दीवाने है लोग

  • मंडला में मटका कुल्फी के दीवाने है लोग
  • काजू, मावा, दूध और इलाईची का एक साथ आता है स्वाद
  • 11 वर्ष से शहर में बेच रहे अलग-अलग वैरायटी की मटका कुल्फी

मंडला महावीर न्यूज 29. सूर्यदेव अपने तेवर दिखाने के साथ पारा 40 डिग्री पार पहुंच चुका है, ऐसे में लोग इस चुभन भरी गर्मी में अपना गला तर करने के साथ गर्मी से राहत पाने ठंडे पेय पदार्थ के साथ कुल्फी और आईसक्रीम का उपयोग कर रहे है। माहिष्मती नगरी मंडला में एक विशेष तरह के मटके में बेहद शानदार मटका कुल्फी बनाकर दी जाती है। इस कुल्फी का स्वाद इतना स्वादिष्ट और लाजबाव होता है कि लोगों का मन एक कुल्फी से नहीं भरता, बारबार इस कुल्फी को खाने यहां रोज पहुंचते है। बेहद लाजीज और बेहद स्वादिष्ट होने के कारण इस कुल्फी के लोग दीवाने है। इस कुल्फी का स्वाद लेने लोग गर्मी के इस सीजन का इंतजार करते है।

जानकारी अनुसार इस विशेष मटका कुल्फी को बनाने वाले धर्मेन्द्र झारिया है, जो मंडला नगर में पिछले 11 वर्षो से इस मटका कुल्फी को बनाकर लोगों को खिला रहे है। लखनऊ मटका कुल्फी के नाम शहर में मशहूर मटका कुल्फी शहर के चिलमन चौक चौराहे से तहसील मार्ग किनारे मौजूद है। यहां मटका कुल्फी बेचने वाले धर्मेन्द्र का कहना है कि वह कई विरायटी की कुल्फी ग्राहकों के लिए बनाते है। रोजाना अलग-अलग प्रकार की मटका कुल्फी बर्फ के जरिया मटके से बनाते है। सभी वैरायटी की मटका कुल्फी का स्वाद बेहद शानदार और लाजबाव होता है, सबसे ज्यादा मटका कुल्फी की डिमांड 20 रूपए वाली की होती है।

9 से 12 बजे तक लगता है स्वाद लेने मजमा 

बताया गया कि शहर में अनेक कुल्फी और आईस्क्रीम की दुकानें है, लोग अपनी पंसद अनुसार सभी जगह जाते है, लेकिन लखनऊ मटका कुल्फी वाला दिनभर इस मटका कुल्फी को तैयार करके लोगों तक लाना में खूब मेहनत करता है, इसके बाद लखनऊ मटका कुल्फी वाला धर्मेन्द्र रात्रि 9 बजे के बाद अपना मटका कुल्फी का ठेला लेकर अपने स्थान में पहुंचता है। जैसे ही 9 बजे इनका ठेला चिलमन चौक पहुंचता है, लोग इस लखनऊ मटका कुल्फी में पहुंचना शुरू हो जाते है, इनकी कुल्फी का स्वाद लेने लोग रात्रि 12 बजे तक पहुंचते है।

10 से 50 रुपए तक की मटका कुल्फी 

लखनऊ मटका कुल्फी संचालक धमेन्द्र झारिया ने बताया कि उसका परिवार पहले कुल्फी बेचा करते थे, उसी कार्य को आगे बढ़ाते हुए मैं करीब 11 वर्षो से मटका कुल्फी बनाकर बेच रहा हूं। पहले एक विशेष पत्ते में मटका कुल्फी लोगों को दी जाती थी, जिसे लोग खूब पंसद भी करते थे। अब पत्ते मिलना मुश्किल हो गए है, जिसके कारण अब पत्ते की जगह बांस की लकड़ी में मटका कुल्फी लोगों को खिला रहे है, जिसे भी लोग खूब चाब के साथ बेहद पंसद करते है। हमारी कुल्फी का स्वाद वैसा ही है, जैसा पहले था। अब कुल्फी कई वैरायटी में बना रहे है। इस मटका कुल्फी का स्वाद लोगों को खूब पंसद आ रहा है। लखनऊ मटका कुल्फी में 10 रूपए से लेकर 50 रूपए तक की कुल्फी मिलती है।

रोजाना अलग-अलग वैरायटी की मिलती मटका कुल्फी 

मटका कुल्फी वाले धर्मेन्द्र ने बताया कि उनकी लखनऊ मटका कुल्फी दुकान में रोजान अलग-अलग प्रकार के ड्राई फ्रूट की कुल्फी तैयार की जाती है, जिसे लोग खूब पंसद करते है। उन्होंने बताया कि जिस मटके में कुल्फी तैयार की जाती है, वह मिट्टी का मटका नहीं होता है, वह लोहे का एक विशेष प्रकार का मटका है, जिसे इंदौर से मंगवाया गया है। इस मटके में रोजाना अलग-अलग वैरायटी की मटका कुल्फी बनाई जाती है। मटका कुल्फी बनाने में काजू, मावा, दूध और इलाईची समेत अन्य ड्राई फ्रूट का उपयोग किया जाता है, जिससे कुल्फी का स्वाद बेहद लाजबाव होता है।

बढ़ रही मटका कुल्फी की डिमांड 

मंडला शहर में कुल्फी खाने के शौकीन लोगों की जुंबा पर मंडला के लखनऊ मटका कुल्फी का स्वाद छाया हुआ है। कुल्फी के शौकीन लोगों ने बताया कि पहले लखनऊ मटका कुल्फी की दुकान में एक हरे पत्ते में कुल्फी दी जाती थी, जिसे खाने का मजा कुछ अलग ही था और स्वाद भी लाजबाव था। समय के साथ बदलाव भी होते है, लेकिन मंडला शहर में मशहूर लखनऊ मटका कुल्फी का स्वाद आज भी वैसे ही बरकरार है। आज भी इस मटका कुल्फी के शौकीन यहां रोजाना इसका स्वाद लेने पहुंचते है। मटका कुल्फी की डिमांड समय के साथ बढ़ती जा रही है।

20 रूपए वाली कुल्फी का ज्यादा क्रेज 

गर्मी का सीजन आते ही कुल्फी खाने के शौकीन लोग मटका कुल्फी की दुकान में रोजाना देखे जा सकते है। मंडला शहर में मटका कुल्फी का काफी क्रेज बढ़ गया है। मंडला में रात्रि 9 बजे के बाद लाल रंग के कपड़े से ढंके एक बड़े मटका रखा हुआ ठेले में दिखाई देने लगता है। इस ठेले में रात्रि 9 बजे से रात 12 बजे तक मटका कुल्फी का स्वाद लेने लोगों की भीड़ लग जाती है। 10 रुपए से लेकर 50 रुपए तक की कुल्फी यहां उपलब्ध रहती है। काजू, मावा, दूध, इलाईची और ड्राई फ्रूट को मिला मटका कुल्फी तैयार की जाती है। इस मटका कुल्फी में 20 रूपए वाली मटका कुल्फी की ज्यादा डिमांड रहती है। इस कुल्फी में रोजाना अलग अलग वैरायटी की बनाई जाती है, कभी बादाम, कभी काजू तो कभी अलग अलग ड्राई फ्रूज का उपयोग करके इस 20 वाली मटका कुल्फी बनाई जाती है। इसी कारण लोगों को मटका कुल्फी खूब पंसद आती है। यहां घूमने आने वाले लोग मटका कुल्फी का स्वाद लेना नहीं भूलते।



भारतीय न्याय संहिता और ई-साक्ष्य पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण, 193 विवेचक हुए प्रशिक्षित

  • नवीन विधिक प्रावधानों और डिजिटल साक्ष्य संग्रहण पर दिया जोर

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के कंट्रोल रूम में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और ई-साक्ष्य से संबंधित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का छठा सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विवेचकों को नवीन विधिक प्रावधानों और तकनीकी पहलुओं से अवगत कराना था जिससे वे बदलते कानूनी परिदृश्य में अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। इस छठे सत्र में मंडला जिले के विभिन्न थानों से आए कुल 37 निरीक्षक से प्रधान आरक्षक स्तर के विवेचकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। विशेषज्ञों ने उन्हें नवीन भारतीय दंड संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण, विश्लेषण और न्यायालय में उनकी प्रस्तुति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।

प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञों ने व्याख्यान विस्तृत प्रस्तुतिकरण और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को गहनता से प्रशिक्षित किया। सत्र के अंत में प्रतिभागियों की सभी शंकाओं का समाधान भी किया गया, जिससे उन्हें नए प्रावधानों को समझने में मदद मिली। मंडला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने प्रशिक्षण में भाग लेने वाले सभी अधिकारियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की। उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार इस छठे सत्र में 37 विवेचकों को प्रशिक्षित किया गया है और अब तक कुल 193 जांच अधिकारियों को इन महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया जा चुका है। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लगातार आयोजित करने की जानकारी दी, जिससे पुलिस बल नवीनतम कानूनी और तकनीकी जानकारी से लैस रहे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने और जांच प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


ऑपरेशन मुस्कान सफल

  • बम्हनी बंजर पुलिस की तत्परता से गुमशुदा बच्ची परिजनों से मिली

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के थाना बम्हनी बंजर को ऑपरेशन मुस्कान के तहत बड़ी सफलता मिली है। फरवरी 2025 में दर्ज एक नाबालिग बालिका की गुमशुदगी के मामले में बम्हनी बंजर पुलिस ने अथक प्रयासों से बालिका को महाराष्ट्र के सांगली से सकुशल दस्तयाब कर उसके परिजनों को सौंप दिया है। बताया गया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत नाबालिगों की तलाश के लिए पुलिस टीमें निरंतर प्रयास कर रही हैं। बम्हनी बंजर थाने में दर्ज गुमशुदगी के बाद अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नैनपुर के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी विश्लेषण मुखबिर सूचना और मैदानी तफ्तीश का सहारा लेते हुए बालिका के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई।

सतत प्रयासों के बाद पुलिस टीम महाराष्ट्र राज्य के सांगली शहर तक पहुंची और वहां से नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। बालिका को उसके परिवार को सौंप दिया गया है, जिससे उनके चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है। इस उपलब्धि में थाना प्रभारी बम्हनी बंजर सहित गठित टीम के सभी सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा।


दो मोटरसाइकिल भिड़ीं, डायल 100 ने 4 घायलों को पहुंचाया अस्पताल

  • बिछिया थाना क्षेत्र में हुई दुर्घटना, पुलिस की तत्परता से घायलों को मिली मदद

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के थाना बिछिया क्षेत्र में गुरुवार शाम एक सड़क दुर्घटना हो गई, जिसमें दो मोटरसाइकिलों की टक्कर से चार लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही डायल 112, 100 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। यह घटना खलौड़ी रैयत गाँव के पास मेन रोड पर 23 मई को शाम करीब 6.30 बजे हुई। जैसे ही राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल 112, 100 भोपाल को दुर्घटना की सूचना मिली, तत्काल बिछिया थाना क्षेत्र में तैनात डायल 112/100 वाहन को मदद के लिए रवाना किया गया।

बताया गया कि डायल 112, 100 के स्टाफ आरक्षक हेमंत सिंह और पायलेट सुनील नागर ने मौके पर पहुंचकर बताया कि दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर में चार व्यक्ति घायल हो गए थे। जवानों ने बिना देरी किए सभी घायलों को एफआरव्ही वाहन में बिठाया और तत्काल बिछिया अस्पताल पहुंचाया। सभी घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस की इस तत्परता और त्वरित कार्रवाई से घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी।



दोहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास

  • मंडला न्यायालय का फैसला
  • दामाद ने की थी पत्नी और सास की कुल्हाड़ी मारकर हत्या

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के पंचम अपर सत्र न्यायालय ने एक जघन्य दोहरे हत्याकांड के मामले में आरोपी सियाराम उर्फ शियाराम धुर्वे 24 वर्ष को आजीवन कारावास और अर्थदण्ड से दंडित किया है। आरोपी सियाराम ने अपनी पत्नी और सास की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी थी।

बताया गया कि दोहरे हत्याकांड की घटना 29 नवंबर 2022 को हुई थी। शिकायतकर्ता हल्कू सिंह मरावी ने बताया कि उसने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व अपनी बड़ी बेटी ज्योति की शादी सियाराम धुर्वे से की थी और उसे घर जमाई बनाकर अपने घर रखा था। सियाराम अक्सर ज्योति के साथ मारपीट करता था और उसे अपने पैतृक घर बहरमुण्डा में भी काम करने के लिए मजबूर करता था। वह अक्सर धमकी देता था कि अगर उसकी बात नहीं मानी तो वह किसी दिन उसका खून पी जाएगा। पिछले छह महीने से जब भी सियाराम झिगराटोला मझगांव आता था तो झगड़ा कर अपने घर लौट जाता था।

बताया गया कि घटना वाले दिन 29 नवंबर को दोपहर करीब 3 बजे हल्कू सिंह की पत्नी रत्तोबाई और बेटी ज्योति गांव की फूलबाई के साथ खैरमाई जंगल में लकड़ी लेने गई थीं। इसी दौरान सियाराम कुल्हाड़ी लेकर वहाँ पहुँचा और रत्तोबाई और ज्योति को सिर, हाथ और पैर में कुल्हाड़ी से मारकर मौत के घाट उतार दिया। फूलबाई किसी तरह मौके से भागकर हल्कू सिंह के पास पहुंची और उसे घटना की जानकारी दी। जब हल्कू सिंह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने अपनी पत्नी और बेटी को मृत अवस्था में पाया, जिनके शरीर से खून बह रहा था।

इस घटना के बाद आरोपी सियाराम धुर्वे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया और पूरी विवेचना के बाद न्यायालय के समक्ष अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और तर्कों से सहमत होते हुए। पंचम अपर सत्र न्यायालय, मंडला ने सियाराम उर्फ शियाराम धुर्वे को दोषी पाया। न्यायालय ने उसे प्रत्येक आरोप के लिए पृथक-पृथक आजीवन कारावास और कुल 1000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया। इस प्रकरण में शासन की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी सरमन सिंह ठाकुर ने पैरवी की।


नौतपा के पहले दिन बारिश, पारा 34.6 डिग्री

  • दोपहर तीन बजे के बाद हुई झमाझम बारिश
  • वातावरण से गर्मी, उमस हुई गायब

मंडला महावीर न्यूज 29. 25 मई रविवार से नौतपा की शुरूआत हो गई। पहले दिन जिले में पारा 34.6 डिग्री रहा। दिन की शुरुआत तेज धूप के साथ हुई दोपहर के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिला आसमान में बादल छा गए। जिले के अधिकत्तर क्षेत्रों में तेज बारिश भी हुई है। जिले भर में बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिली।

जिले में दिन में सुबह से तेज धूप, चिपचिपी पसीने वाली गर्मी, फिर तीन बजे के बाद मौसम बदला और बादल गरजे हवा तूफान के साथ बारिश भी हुई। जिसके बाद पूरा वातावरण में ठंडक घुल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर मौसम सेहत के हिसाब से सही होते हैं और उसी प्रकार से चलता है, लेकिन अब पूरेे 12 महीने बरसात हो रही है। चारो ऋतुएं सर्दी ठंडी बरसात गर्मी सभी मौसम में पानी गिर रहा है। अब तो न गर्मी समझ में आती और ना ये नौ तपा। इन दिनों में तेज गरमी से लोग हलाकान हो कर कूलर, पंखा, एसी के बिना रहना मुश्किल हो जाता था। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पानी गिर रहा।

बताया गया कि नौ तपा के पहले दिन ही आंधी तूफान के साथ बारिश हुई। नौतपा 2 जून तक रहेगा। बै मौसम हो रही बारिश इस बार गर्मी के दिनो में हर दो चार दिन में बारिश हो रही है। विगत दिवस भी जिले भर में आंधी तूफान के कारण काफी नुकसान हुआ है। लोगों को बिजली गुल होने के कारण रात्रि जागरण भी करना पड़ा। इस मौसम में लोग घरों में साल भर के हिसाब से खाने पीने के लिए अनाज सुखा कर रखा जाता है। लेकिन अब ये बे मौसम बरसात के कारण वह भी नहीं कर पा रह हैें। पहले कहा जाता था कि नौ तपा की धूप में सूखा हुआ गेंहू पूरे साल सुरक्षित रहता है। ठंडे गर्म मौसम का सेहत पर भी असर पड़ रहा है। जब कभी मौसम इस तरह का होता है तो बीमारियां ज्यादा बढ़ती है और स्वास्थ्य केंद्र में मौसमी बीमारियों के कारण संख्या बढऩे लगी है।


पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीण, टैंकरों और जुगाड़ के कुओं का सहारा

  • आदिवासी बहुल क्षेत्रों में गहराया जल संकट, नल-जल योजनाएँ अधर में

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले के नारायणगंज जनपद में भीषण जल संकट गहरा गया है, जहाँ ग्रामीण पीने के पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर हैं और श्रमदान से जुगाड़ के कुएं खोदने को मजबूर हैं। खासकर ग्राम पंचायत घोटखेड़ा के चाटी और समनापुर गाँव इस समस्या से बुरी तरह प्रभावित हैं। जहाँ एक ओर सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजनाएँ कछुआ चाल चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण दूषित पानी पीने को विवश हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

नारायणगंज जनपद की ग्राम पंचायत घोटखेड़ा के ग्राम समनापुर जल संकट से जूझ रहा है। जिसकी आबादी करीब 1200 की है और सात हैंडपंप होने के बावजूद उनमें से केवल एक ही चालू है। यह अकेला हैंडपंप इतनी बड़ी आबादी की प्यास बुझाने में असमर्थ है। हालात ऐसे हैं कि सुबह से ही महिलाएं और बच्चे पानी लेने के लिए लंबी कतारों में लग जाते हैं, जिससे उनके दैनिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन उनमें पानी अभी तक नहीं पहुँचा है।

समनापुर के भागीरथी सोयम ने बताया कि ग्राम चाटी में भी पानी का जल स्तर इतना काम हो गया है कि गांव में लगे सात हैडपंप में से सिर्फ एक हैंडपंप चालू है। ग्रामीणों को पेयजल के लिए बड़ी दिक्कत हो रही है। गांव में जल समस्या ठंड के सीजन में विकराल रूप ले रही है। नदी, नालों में युवाओं द्वारा श्रमदान से खोदे गए जुगाड़ के कुओं से ग्रामीण प्रदूषित पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं, जो ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गई है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

टैंकरों पर निर्भर चाटी गाँव 

ग्राम चाटी की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। ग्राम चाटी के कृपाल सिंग सैयाम ने बताया कि पंचायत द्वारा एक टैंकर लगाया गया है, जो पेयजल उपलब्ध कराता है। लेकिन यह टैंकर भी दो दिन में केवल एक बार आता है, जिससे पीने के पानी की समस्या कुछ हद तक हल होती है, लेकिन नहाने-धोने और पशुओं को पानी पिलाने के लिए ग्रामीणों को 2 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।

प्रशासन की अनदेखी और दूषित पानी का उपयोग 

ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिवर्ष गर्मी के सीजन में जल स्तर में भारी गिरावट यहां आ जाती है। इस गर्मी में भी नदी, तालाब और स्टॉप डैम का पानी समेत अन्य जल स्रोत भी सूख गए है। महादेव मार्को ने बताया कि गांव में एक ही हैंडपंप के भरोसे ग्रामीण है। गर्मी में सभी जल स्त्रोतों का जल स्तर नीचे चले जाता है। ग्रामीणों वर्षो से इस समस्या से जूझ रहे है।

समस्या निराकरण के लिए बैठक 

जल संकट और नेटवर्क की समस्या के निराकरण के लिए ग्राम समनापुर के बुजुर्गों, मुखिया, पंच, मुकदमों और क्षेत्रीय समाजसेवकों ने एक बैठक आयोजित की। इस बैठक में पेयजल और नेटवर्क की समस्याओं से शासन-प्रशासन को अवगत कराने पर चर्चा हुई। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और गाँव-गाँव पेयजल पहुँचाने की योजनाओं के कार्य में तेजी लानी चाहिए।

इनका कहना है

गांव में एक ही हैंडपंप के भरोसे ग्रामीण हैं। बरसात के दिनों में भले ही नदी, तालाब और स्टॉप डेम में पानी रहता है, लेकिन गर्मी आते ही ये सभी स्रोत सूख चुके हैं। हमें पेयजल की समस्या के चलते इसी में एकत्र गंदा पानी उपयोग करना पड़ रहा है। गांव के युवाओं को श्रमदान कर जुगाड़ का कुआं बनाना पड़ा है।


मोले सैयाम, ग्राम समनापुर

समनापुर गांव के युवा संगठन ने पानी की किल्लत दूर करने के लिए सराहनीय पहल की है। सभी ने मिलकर एक कुएं को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए श्रमदान कर उसकी सफाई की और सभी ने मिलकर कुएं की खुदाई में भी सहयोग किया है। इसके साथ ही चाटी गांव में भी पेयजल की समस्या है।


दुर्गेश सिंगरोरे

चाटी गांव में भी पेयजल का संकट है। चाटी में पेयजल की समस्या है। शासन प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेकर इसका निराकरण करे। गांव-गांव पेयजल पहुंचाने की योजना के कार्य में तेजी से कार्य किया जाना आवश्यक है, खासकर चाटी और समनापुर में पानी की समस्या विकराल रूप ले चुकी है।


कृपाल सिंग सैयाम, ग्राम चाटी

ग्राम चाटी में पानी का जल स्तर इतना काम हो गया है कि गांव में लगे सारे हैंडपंप में से एक भी हैंडपंप से पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों को पेयजल की बड़ी दिक्कत हो रही है। गांव में जल समस्या गर्मी के सीजन में विकराल रूप ले लेती है। स्थानीय प्रशासन इस समस्या की तरफ देते हुए इसका निदान करें।


नरेन्द्र तेकाम, ग्राम चाटी


 


थोड़ी सी बारिश में सड़क बनी तालाब, गंदगी और दुर्गंध से ग्रामीण परेशान

  • नारायणगंज पंचायत की लापरवाही से पड़रिया के वार्ड 12 में वंशिदों में आक्रोश
  • नालियों पर अतिक्रमण, गंदगी का अंबार, 181 में शिकायत भी बेअसर

मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पड़रिया के वार्ड क्रमांक 12 के निवासियों को थोड़ी सी बारिश में भी जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है। यह समस्या विगत कई सालों से जस की तस बनी हुई है, लेकिन संबंधित अधिकारी, सरपंच और सचिव इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसके कारण वार्ड की सड़कों पर गंदा पानी जमा हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

वार्ड के निवासियों का कहना है कि समस्या की मुख्य जड़ नालियों पर किया गया अतिक्रमण है, जिसके कारण नालियां चोक हो गई हैं। नालियों का गंदा पानी सड़क पर बहने लगता है, और थोड़ी सी बरसात होते ही नालियों की गंदगी भी सड़क पर आ जाती है। इससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध और कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। वार्ड मेंबर के घर के सामने भी पानी भरा रहता है, लेकिन उनकी ओर से भी कोई पहल नहीं की जा रही है।

लगातार शिकायतें, नहीं हुई कार्रवाई 

वार्ड के लोगों ने बताया कि इस संबंध में लगातार पंचायत में शिकायतें की गई हैं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। यहां तक कि कई बार 181 में भी शिकायत की गई है, लेकिन हर बार दबाव डालकर शिकायतें वापस ले ली गईं। ग्रामीणों ने उम्मीद की थी कि बरसात से पहले नालियों की मरम्मत और सफाई का काम पंचायत द्वारा करवा दिया जाएगा, लेकिन ऐसी लापरवाही के कारण उन्हें हर साल इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह काम पिछले कई सालों से रुका हुआ है।

ग्रामीणों की मजबूरी बनी 181, फिर भी बेअसर 

वार्ड के लोगों की यह मजबूरी बन गई है कि उन्हें हर समस्या के लिए 181 का सहारा लेना पड़ता है। हालांकि अब तो लोगों की आदत सी बन गई है, क्योंकि पंचायत द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। घरों के सामने गंदगी, दुर्गंध और कीड़े-मकोड़ों से लोग इस कदर परेशान हैं कि उन्होंने लगातार 181 पर शिकायतें कीं। एक साल से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण लोगों को गंदे पानी से होकर ही गुजरना पड़ रहा है।



सावधानी: WhatsApp व सोशल मीडिया पर “पैसा दोगुना करने” वाले फ्रॉड से बचें

  • “जल्दी पैसा कमाने” वाली स्कीमों से दूर रहें और किसी भी अज्ञात लिंक, नंबर या ग्रुप पर विश्वास न करें

प्रायः देखने में आ रहा है सायबर अपराधियों द्वारा WhatsApp, Telegram, Facebook और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी निवेश योजनाएं चल रही हैं, जिनमें दावा किया जाता है कि: “₹5000 भेजें और 24 घंटे में ₹10,000 पाएं!”
“₹10,000 निवेश करें और 7 दिन में ₹25,000 वापस लें!” “हम क्रिप्टो ट्रेडिंग या शेयर मार्केट के माध्यम से पैसा दोगुना करते हैं!”

यह सब धोखाधड़ी है। यह फ्रॉड अक्सर निम्न तरीकों से लोगों को अपने जाल में फँसाते हैं

फ्रॉड कैसे काम करता है ?

  • 1. लुभावने वादे: ये फ्रॉडस्टर आकर्षक रिटर्न का वादा करते हैं – “24 घंटे में पैसा दोगुना”, “सिर्फ एक बार भेजिए”, आदि।
  • 2. फर्जी दस्तावेज और वेबसाइट: नकली वेबसाइट, पैन कार्ड, GST नंबर, और नकली रसीदें भेजकर आपको भरोसा दिलाते हैं।
  • 3. पहली बार पैसा लौटाना: कई बार शुरुआत में ₹5000 भेजने पर ₹10,000 वापस भेजते हैं ताकि आप भरोसा करें और बड़ा अमाउंट भेजें।
  • 4. बड़ा अमाउंट भेजते ही गायब: जब आप ₹20,000 या लाख भेजते हैं – वे आपको ब्लॉक कर देते हैं या संपर्क बंद कर देते हैं।
  • 5. Telegram/WhatsApp ग्रुप: नकली लोगों से भरे ग्रुप बनाते हैं जहाँ कुछ लोग तारीफ करते हुए दिखते हैं – वे सब फ्रॉड के साथी होते हैं।
  • 6. Emotional Manipulation: “मौका बार-बार नहीं मिलता”, “आज आखिरी दिन है”, “सरकारी योजना है” जैसे दबाव बनाते हैं।

कैसे पहचानें ऐसे फ्रॉड को:

  • अगर कोई बिना किसी काम या व्यापार के “पैसा दोगुना” करने का वादा कर रहा है।
  • कोई आपको सिर्फ WhatsApp, Telegram या Facebook पर इनवेस्टमेंट के लिए कह रहा है।
  • अगर कोई केवल UPI, Paytm, Google Pay या किसी व्यक्तिगत खाते में पैसा भेजने को कह रहा है।
  • कोई रजिस्टर्ड वेबसाइट या वैध कार्यालय नहीं है।

क्या करें?

  • किसी अनजान व्यक्ति या संस्था को कभी भी पैसा न भेजें।
  • ऐसे किसी भी मामले की शिकायत www.cybercrime.gov.in पर करें या 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
  • ऐसे मैसेज को तुरंत ब्लॉक करें और अपने जान-पहचान वालों को भी सावधान करें।

मामला

हाल ही में एक पीड़ित द्वारा साइबर सेल मंडला में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें बताया गया कि उसे “Wealth Management Company Investments” नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर, पैसा दोगुना करने का लालच दिया गया।

फ्रॉड करने वालों ने निवेश के नाम पर पीड़ित से जनवरी 2025 से अब तक लगभग ₹9,00,000 (नौ लाख रुपये) अलग-अलग बैंक खातों में डलवा लिए। प्रारंभ में कुछ छोटी राशि वापस करके भरोसा दिलाया गया और फिर बड़ी रकम ऐंठ ली गई।

मंडला पुलिस व साइबर सेल द्वारा जांच जारी है। नागरिकों से अपील है कि वे इस प्रकार की “जल्दी पैसा कमाने” वाली स्कीमों से दूर रहें और किसी भी अज्ञात लिंक, नंबर या ग्रुप पर विश्वास न करें।

मंडला पुलिस नागरिकों की सुरक्षा हेतु सतर्क है। सतर्क रहें, जागरूक बनें, सुरक्षित रहें।


 


 


खाटू श्याम का दिव्य धाम-जबलपुर संभाग का पहला भव्य मंदिर निर्माणाधीन

  • श्रद्धा और सेवा का अनूठा संगम
  • करोड़ों की लागत से आकार ले रहा आस्था का केंद्र

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले के सिलगी ग्राम में एक धार्मिक और सामाजिक पहल आकार ले रही है। यहां श्री श्याम मंदिर अग्रसेन ट्रस्ट द्वारा जबलपुर संभाग का पहला भव्य खाटू श्याम बाबा मंदिर का निर्माण तेजी से जारी है। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगी, बल्कि सेवा और आध्यात्मिक शांति को बढ़ावा देने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम होगी।

ट्रस्ट के प्रमुख संतोष अग्रवाल ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण उनकी माता जी की खाटू श्याम बाबा के प्रति गहरी श्रद्धा से प्रेरित है। उनका सपना था कि इस क्षेत्र में खाटू श्याम बाबा का एक ऐसा भव्य मंदिर हो, जहां श्रद्धालु अपनी आस्था प्रकट कर सकें और आध्यात्मिक शांति प्राप्त कर सकें। इस सपने को साकार करने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से इस दिव्य धाम का निर्माण किया जा रहा है। मंदिर में खाटू श्याम बाबा की विशाल और भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।

धर्मशाला और गौशाला का भी होगा निर्माण 

इस मंदिर परिसर को सिर्फ पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे एक व्यापक सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। मंदिर के साथ ही एक आधुनिक सुविधाओं से युक्त धर्मशाला का निर्माण भी प्रस्तावित है। यह धर्मशाला सैकड़ों श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधा प्रदान करेगी, खासकर उन लोगों को जो दूर-दराज से बाबा के दर्शन के लिए आएंगे। इसके साथ ही परिसर में एक गौशाला का भी निर्माण किया जाएगा जो भारतीय संस्कृति में गायों के प्रति सम्मान और सेवा के महत्व को दर्शाता है। यह गौशाला न केवल बेसहारा गायों को आश्रय देगी, बल्कि गौ-सेवा के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगी।

जन-जन का सहयोग बन रहा आस्था का महासंगम 

इस पुनीत कार्य में मंडला जिले सहित पूरे जबलपुर संभाग के हजारों श्रद्धालु बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। श्रृद्धालु तन, मन और धन से इस मंदिर निर्माण में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। यह जनभागीदारी इस बात का प्रमाण है कि खाटू श्याम बाबा के प्रति लोगों की कितनी गहरी आस्था है। संतोष अग्रवाल ने बताया कि यह सहयोग ही इस भव्य मंदिर के निर्माण की नींव है और इससे समाज में एकजुटता और सेवा भावना का संचार हो रहा है।

सामाजिक और आध्यात्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र 

मंदिर निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम सिलगी स्थित यह खाटू श्याम मंदिर न केवल क्षेत्र की धार्मिक पहचान को सशक्त करेगा, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक गतिविधियों का भी एक प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठान, भजन संध्या, सत्संग और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे लोगों को शांति और सकारात्मकता मिलेगी। इसके अलावा धर्मशाला और गौशाला के माध्यम से सामाजिक सेवा कार्यों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह मंदिर परिसर निश्चित रूप से मंडला और जबलपुर संभाग के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, जो श्रद्धा, सेवा और आस्था का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।



निवास में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर

  • 12 घंटे चली कार्रवाई, तीन दर्जन दुकानें ध्वस्त
  • सीएम मॉनिटरिंग में शिकायत के बाद प्रशासन हुआ सख्त, भारी पुलिस बल रहा मुस्तैद

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के निवास नगर में शनिवार सुबह 6 बजे प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए लगभग तीन दर्जन दुकानों को जेसीबी से अलग किया गया। यह कार्रवाई तहसील कार्यालय अस्पताल और न्यायालय परिसर के सामने बने अतिक्रमण को हटाने के लिए किया गया। अतिक्रमण अभियान की निगरानी एसडीएम शाहिद खान, तहसीलदार शंकर लाल मरावी, नगर परिषद सीएमओ शिवा लोधी, एसडीओपी पीएस वालरे और थाना प्रभारी वर्षा पटेल ने की हैं। कार्रवाई में बीजाडांडी, टिकरिया, मनेरी और मोहगांव थानों की पुलिस के साथ जिला मुख्यालय से भारी पुलिस बल और राइट ड्रिल वाहन तैनात किए गए हैं। नगर परिषद की टीम भी जेसीबी के साथ सक्रिय रूप से कार्रवाई में शामिल रही।

बताया गया कि नगर परिषद ने कुछ माह पूर्व सभी व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया था। नोटिस के बावजूद अतिक्रमण न हटाने पर प्रशासन ने जेसीबी की सहायता से सख्ती दिखाई। कार्रवाई शुरू होते ही कई व्यापारियों ने स्वयं अपनी दुकानें और अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की शिकायतों के आधार पर शुरू की गई, जिन्होंने सीएम मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से अतिक्रमण की समस्या उठाई थी। कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त कर व्यवस्थित और सुगम बनाना है वही बताया गया की लघु व्यापारियों को धारणाधिकार योजना के अंतर्गत पट्टे मिले हैं उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ा संपूर्ण कार्रवाई का नेतृत्व एस डी एम निवास शाहिद खान ने किया।

सीएम मॉनिटरिंग में की थी शिकायत, 12 घंटे चली कार्रवाई 

एक और नगरीय प्रशासन ने अवैध कब्जाधरियो को कुछ माह पूर्व कब्जा हटाने के नोटिस थमा था और उन्हें अल्टीमेटम दिया गया था। लेकिन व्यापारियों ने उक्त नोटिस गंभीरता से नहीं लिया। जिसकी शिकायत सीएम मॉनिटरिंग में भी की गई थी। साथ ही तीन दिन पूर्व प्रशासन द्वारा कब्जेधारियों को समझाइस दी गई थी और अतिक्रमण हटाने के लिए दुकानों को मार्क किया था। इसके बाद भी कब्जाधारी नहीं माने। इसके बाद प्रशासन ने तड़के सुबह छह बजे से कार्रवाई शुरू करदी जो लगभग 12 घंटे शाम 6 बजे तक चली। उक्त कार्रवाई शुरू होने के बाद व्यापारियों ने भी सहयोग किया और अपने कब्जे को हटाया। राइट ड्रील वाहन के साथ भारी पुलिस बल रहा मुस्तैद

स्थानीय प्रशासन सहित भारी पुलिस बल रहा मौजूद 

बताया गया कि जहां सुबह से प्रशासन की कार्रवाई शुरू की, उक्त कार्रवाई में निवास एसडीएम शाहिद खान, तहसीलदार शंकरलाल मरावी, एसडीओपी निवास पीएस बालरे, थाना प्रभारी निवास वर्षा पटेल, नगर परिषद सीएमओ शिवा लोधी सहित टीकारिया थाना, बीजाडांडी थाना, मोहगांव थाना, मनेरी चौकी, जिला मुख्यालय से बल सहित राइट ड्रील वाहन व स्थानीय राजस्व व नगर परिषद का अमला मौजूद रहा।

इनका कहना हैं

हॉस्पिटल के सामने जमे अतिक्रमणकारियों को राजस्व विभाग के सर्वे के आधार पर नोटिस जारी किए गए थे। नियम समय अवधि में कब्जे न हटाए जाने के कारण शनिवार को राजस्व अमले व पुलिस विभाग के साथ मिलकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
शिवा लोधी, सीएमओ, नगर परिषद निवास

सीएम मॉनिटरिंग में अस्पताल के सामने के अतिक्रमण हटाने की शिकायत की गई थी, जिसको लेकर नगर परिषद द्वारा दुकानदारों को नोटिस दिए गए थे, परन्तु लोगों ने अवैध कब्जे को नहीं हटाया। इसके बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की। हालांकि कुछ व्यापारियों ने खुद ही अपने अतिक्रमण स्वयं हटाए और सहयोग किया।
शाहिद खान, एसडीएम निवास


रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे



नई किराना दुकान को चोरों ने बनाया निशाना

  • महाराजपुर-पौड़ी बाईपास पर सूनी सड़क का फायदा उठा रहे चोर

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय के उपनगर महाराजपुर पौड़ी से मोहन टोला बाईपास पर हाल ही में खुली एक किराना दुकान को चोरों ने अपना निशाना बनाया है। दुकान खुलने के महज एक सप्ताह के भीतर ही इस वारदात को अंजाम दिया गया, जिससे दुकान मालिक को करीब 20-25 हजार रुपये के किराना सामान का नुकसान हुआ है।

दुकान मालिक सुजीत श्रीवास्तव ने बताया कि बीते सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात चोरों ने उनकी दुकान में सेंध लगाई। सुजीत रोजाना की तरह शाम को दुकान बंद करके घर गए थे, लेकिन जब सुबह दुकान खोलने आए तो नजारा देखकर हैरान रह गए। दुकान का सारा सामान बिखरा पड़ा था और कीमती किराना सामग्री गायब थी। प्रारंभिक आकलन के अनुसार चोर लगभग 20-25 हजार रुपये का सामान चुरा ले गए हैं। बताया गया कि इस मामले की शिकायत महाराजपुर थाना पुलिस में दर्ज करा दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक चोरी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस को संदेह है कि इस वारदात के पीछे किसी स्थानीय चोर गिरोह का हाथ हो सकता है।

सुनसान मार्ग और सुरक्षा की कमी 

बताया गया कि जिस मार्ग पर यह दुकान स्थित है, वह पूरी तरह से सुनसान है और रात के समय यहाँ घना अंधेरा रहता है। यह स्थिति चोरों के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करती है। इसके साथ ही यह मार्ग शराबियों का अड्डा भी बन गया है, जो एकांत का फायदा उठाकर यहाँ जाम छलकाते हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस से इस स्पॉट पर गश्त बढ़ाने की मांग की है जिससे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



सड़क दुर्घटना में पिता, पुत्र और बेटी गंभीर रूप से घायल

  • बीजाडांडी के मोईयानाला मोड़ पर दर्दनाक हादसा
  • कार-बाइक की टक्कर में पिता-बेटी 40 फिट नीचे खाई में गिरे
  • गलत दिशा से आई कार ने मारी टक्कर, गंभीर घायल जबलपुर रेफर

मंडला महावीर न्यूज 29. जबलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 30 में शनिवार की सुबह थाना बीजाडांडी अंतर्गत ग्राम मोईयानाला के समीप एक मोड़ पर हुए सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्य बाईक में जा रहे पिता, पुत्र और बेटी बुरी तरह घायल हो गए। इस घटना में पिता और बेटी करीब 40 फीट गहरी खाई में जा गिरे। हादसे में पिता बेटी गंभीर रूप से घायल हुए। हादसे के बाद स्थनीय लोगों ने बीजाडांडी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बीजाडांडी पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों खाई से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए बीजाडांडी सामुदायिक स्वास्थ्य भेजा गया। जहां चिकित्सक ने घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें बेहतर उपचार के लिए जबलपुर मेडिकल रैफर कर दिया। वहीं सुनील मरावी पिता चेतराम मरावी का उपचार बीजाडांडी में चल रहा है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 8 बजे मंडला से जबलपुर की ओर जा रही एक कार क्रमांक यूपी 32 जीएस 7610 ने विपरीत दिशा से समनापुर से बीजाडांडी की ओर आ रही बाइक क्रमांक एमपी 20 एनटी 4774 को गलत दिशा में आकर सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक का अगला पहिया कार में फंस गया और बाइक सवार चेतराम मरावी 50 वर्ष और उनकी बेटी बबली मरावी 26 वर्ष लगभग 40 फीट गहरी खाई में नीचे जा गिरे। वहीं सुनील मरावी पिता चेतराम मरावी 30 वर्ष भी घायल हुए। जिसका उपचार बीजाडांडी सीएचसी में किया जा हा है। घटना के तुरंत बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।

ग्रामीणों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया 

दुर्घटना के फौरन बाद मोईयानाला के ग्रामीणों ने डायल 100 को सूचना दी। खबर मिलते ही डायल 100 की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से तीनों घायलों को भारी मशक्कत के बाद तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीजाडांडी ले जाया गया। बताया गया कि पिता और बेटी खाई में अचेत अवस्था में थे, उन्हें स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से पुलिस ने अपने वाहन से अस्पताल में भर्ती कराया।

पिता और बेटी जबलपुर रेफर, पुत्र का इलाज जारी 

इस टक्कर में चेतराम मरावी उनके पुत्र सुनील मरावी और बेटी बबली मरावी घायल हुए हैं। पिता चेतराम और बेटी बबली के पूरे शरीर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल चिकित्सालय जबलपुर रेफर कर दिया गया है। वहीं पुत्र सुनील मरावी का इलाज बीजाडांडी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने फरार कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।



घुघरी के कुसमी गांव में बड़ा हादसा टला

  • बिजली विभाग की लापरवाही से जान को खतरा
  • टूटे पोल और लटके तारों से ग्रामीण परेशान
  • प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के आदिवासी बाहुल्य विकासखंड घुघरी के ग्राम पंचायत कुसमी में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यहां हाईटेंशन विद्युत लाइन का एक पोल लंबे समय से टूटा पड़ा है, जिससे बिजली के तार पेड़ों से टकरा रहे हैं और किसानों के खेतों के ऊपर झूल रहे हैं। इससे जानमाल का गंभीर खतरा बना हुआ है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को लेकर विद्युत विभाग के अधिकारियों से कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें की हैं, लेकिन आज तक विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया है। ग्रामीणों की बार-बार गुहार के बावजूद, विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस जोखिम भरी स्थिति को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण लगातार बड़े हादसे की आशंका में जी रहे हैं।

खेतों के ऊपर लटके और पेड़ों से टकराते ये बिजली के तार किसी भी समय टूटकर गिर सकते हैं, जिससे खेतों में काम कर रहे किसानों या मवेशियों को करंट लगने से गंभीर चोट या मृत्यु हो सकती है। आग लगने का खतरा भी लगातार बना हुआ है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो सकती हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने और टूटे हुए पोल व जर्जर तारों की मरम्मत कराने की मांग की है, जिससे किसी अनहोनी को टाला जा सके। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो विभाग की यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।


रिपोर्टर- दुर्गेश प्रजापति घुघरी ✍️



बच्चों के मोतियाबिंद का होगा इलाज

  • जिला चिकित्सालय मंडला में लगेगा 26 को विशेष शिविर

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले में 0 से 18 वर्ष की आयु के मोतियाबिंद से पीडि़त बच्चों के लिए एक नि:शुल्क जांच और उपचार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह कैंप जिला चिकित्सालय मंडला में 26 मई को सुबह 09 बजे से आयोजित किया जाएगा।
यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मिशन नेत्र ज्योति के अंतर्गत की जा रही है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य मोतियाबिंद से पीडि़त बच्चों की पहचान करना और उन्हें नि:शुल्क सर्जरी उपलब्ध कराना है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला मंडला ने समस्त मुख्य खण्ड चिकित्सा अधिकारियों, आरबीएसके टीमों, स्कूलों के प्राचार्यों और नेत्र सहायकों को शिविर में चिन्हित बच्चों को लाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण अहिरवाल जबलपुर जिला चिकित्सालय मंडला में आयोजित शिविर में अपनी सेवाएं देंगे। इसके साथ ही सीएमएचओ ने शिविर में आए सभी बच्चों की जांच और उपचार सुनिश्चित करने का आदेश दिए है।


 


रामबाग के ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर

  • पानी में कीड़े, तीन माह से गंदगी
  • ग्रामीणों में आक्रोश, बीमारियों का खतरा

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत सकवाह के ग्राम रामबाग में ग्रामीणों को पेयजल के नाम पर दूषित और कीड़े वाला पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। लगभग तीन माह से यह समस्या बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों की घोर लापरवाही और उदासीनता के कारण ग्रामीणों का स्वास्थ्य खतरे में है।

रामबाग ग्राम के निवासियों ने बताया कि उन्हें वितरित किए जाने वाले पानी की टंकी की नियमित रूप से सफाई नहीं की जा रही है। जिसके कारण टंकी में गंदगी जमा हो गई है और पानी में कीड़े निकल रहे हैं। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि यह ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों की घोर लापरवाही को भी उजागर कर रही है। ग्रामीण लगातार इस दूषित पानी का सेवन कर रहे हैं, जिससे उन्हें पेट संबंधी बीमारियों, डायरिया और अन्य जल-जनित रोगों का डर सता रहा है।

तीन माह से अनदेखी, बीमारियों का खतरा 

ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या एक-दो दिन की नहीं, बल्कि पिछले लगभग तीन माह से बनी हुई है। इतने लंबे समय तक दूषित पानी की आपूर्ति होने से गांव में भयंकर बीमारी फैलने का अंदेशा बना हुआ है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका अधिक प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की संभावना है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत सकवाह के सरपंच और सचिव को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया है, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत के जिम्मेदार प्रतिनिधि कुर्सी पर बैठकर खुलेआम ग्रामीणों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।

जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता पर सवाल 

यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस जिले से पीएचई मंत्री हैं, उसी जिले में ग्रामीण स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। यह स्थिति सरकार के नल से जल अभियान पर भी सवाल उठा रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की यह उदासीनता अक्षम्य है। उनका प्राथमिक कर्तव्य अपने क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित सुविधाएं प्रदान करना है, लेकिन इस मामले में वे पूरी तरह विफल रहे हैं। ग्रामीणों की समस्याओं को अनसुना करना और उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।

कलेक्टर को ज्ञापन देने की तैयारी 

दूषित पानी की समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई लडऩे का मन बना लिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि पानी की टंकी की सफाई और पेयजल समस्या का समाधान अतिशीघ्र ग्राम पंचायत द्वारा नहीं किया गया, तो वे जिला कलेक्टर को ज्ञापन देंगे। यह कदम ग्रामीणों की हताशा और आक्रोश को दर्शाता है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और तत्काल हस्तक्षेप कर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे किसी बड़ी स्वास्थ्य आपदा को टाला जा सके।



तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से युवक घायल, दायां पैर फ्रैक्चर

  • बैंक जा रहे युवक की बाइक को मारी टक्कर
  • बाईक सवार युवक मौके से फरार

मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड नारायणगंज के वन ग्राम घुघरी निवासी 19 वर्षीय करन सिंह उरेती अपने दो साथियों के साथ नारायणगंज मुख्यालय स्थित बैंक में खाता खुलवाने जा रहे थे, इसी दौरान वन ग्राम घुघरी और नारायणगंज के बीच ग्राम सिघनपुरी के पास सड़क हादसे का शिकार हो गए। तेज रफ्तार से आ रही एक अन्य बाइक ने करन सिंह की बाइक को सामने से टक्कर मार दी, जिससे करन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका दायां पैर का पंजा फ्रैक्चर हो गया। उनके साथ बाइक पर सवार अन्य दो साथियों को मामूली चोटें आईं।

जानकारी के अनुसार, वन ग्राम घुघरी निवासी करन सिंह उरेती पिता धन सिंह उरेती अपने दो अन्य साथियों के साथ बैंक संबंधी कार्य के लिए नारायणगंज जा रहे थे। इसी दौरान वनग्राम घुघरी की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहे एक बाइक सवार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार नीचे गिर गए। हादसे में करन सिंह को गंभीर चोटें आईं, जबकि दूसरी बाइक का सवार टक्कर के बाद अपनी बाइक लेकर मौके से फरार हो गया।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल करन सिंह को नारायणगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उनका तत्काल उपचार किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि करन सिंह के दायां पैर का पंजा फ्रैक्चर हो गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।


22 वाहनों की जांच, तीन बसें जब्त

  • मंडला में अवैध वाहनों के खिलाफ अभियान जारी, वसूले गए 2500 समन शुल्क

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले में नियम विरुद्ध संचालित वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश, ग्वालियर एवं कलेक्टर के आदेशानुसार जिला परिवहन अधिकारी विमलेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में शुक्रवार को मंडला-नैनपुर मार्ग स्थित नादिया तिराहा पर वाहनों की गहन चेकिंग की गई। अभियान के दौरान कुल 22 वाहनों की जांच की गई, जिसमें उनके फिटनेस, परमिट, बीमा, पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र), अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, ओवरलोडिंग और अधिक किराया लेने जैसे विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की गई। चेकिंग के दौरान तीन बसें बिना परमिट संचालित पाई गईं, जिन्हें तत्काल जब्त कर जिला परिवहन कार्यालय परिसर में सुरक्षित रखवाया गया है।

बताया गया कि चैकिंग अभियान के दौरान मोटरयान अधिनियम 1988 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले तीन अन्य वाहनों पर 2500 का समन शुल्क लगाया गया और मौके पर ही जमा कराया गया। इस चेकिंग अभियान में परिवहन कार्यालय मंडला का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। जिला परिवहन अधिकारी विमलेश कुमार गुप्ता ने बताया कि अवैध और नियम विरुद्ध संचालित वाहनों के खिलाफ यह चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।


कासखेड़ा में प्रकृति का संदेश गूंजा, बिछिया विचार मंच ने पर्यावरण संरक्षण को बनाया जनआंदोलन

  • गाँवों से वैश्विक मुद्दों तक पहुंचा बिछिया विचार मंच का अभियान

मंडला महावीर न्यूज 29. ग्राम पंचायत कासखेड़ा के महात्मा गांधी मैदान में बिछिया विचार मंच द्वारा अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न पंचायतों से आए प्रतिनिधियों, ग्रामीण महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। बिछिया विचार मंच के अध्यक्ष सोभाराम मर्सकोले ने मंच की यात्रा साझा करते हुए बताया कि यह 13 गाँवों से शुरू होकर अब 63 पंचायतों तक फैल चुका है। उन्होंने मोहगांव जलप्रबंधन परियोजना, सड़क निर्माण और लैंटाना उन्मूलन जैसे सामूहिक प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि यह आंदोलन अब जनभागीदारी से आगे बढ़ रहा है।

कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। सुनीता यादव ने लैंटाना मुक्ति बिछिया अभियान पर बात करते हुए जंगलों को बचाने की अपील की, वहीं देवकी उईके ने महिलाओं को हर क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। निवास ब्लॉक के पूर्व विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले ने सामाजिक मूल्यों और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए बचत की आवश्यकता पर जोर दिया। बिछिया विधायक नारायण पट्टा ने प्राकृतिक संसाधनों पर कॉर्पोरेट हस्तक्षेप को खतरनाक बताया और कहा कि संविधान हमें न्याय के लिए खड़ा होने की ताकत देता है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि कान्हा क्षेत्र से एक भी गाँव विस्थापित नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन जैव विविधता की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प और पारंपरिक खानपान के साथ हुआ, जो उमंग और एकजुटता का प्रतीक था।


झोलाछाप डॉक्टरों का नारायणगंज में आतंक, प्रशासन मौन

  • जीवन से खिलवाड़, बीमारियों का बढ़ता खतरा, अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप

मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद पंचायत नारायणगंज और उसके आसपास के क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है, लेकिन संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या पर चुप्पी साधे हुए हैं। अधिकारियों की इस निष्क्रियता के कारण इन फर्जी चिकित्सकों के हौसले बुलंद हैं और वे बेखौफ होकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

जानकारी अनुसार ये झोलाछाप डॉक्टर अपने क्लीनिकों पर बिना किसी अधिकृत लाइसेंस के दवाएं बेच रहे हैं और मरीजों से मनमाने तरीके से अनाप-शनाप पैसे वसूल कर रहे हैं। वे बिना किसी विशेषज्ञता के इलाज कर रहे हैं, जिससे मरीजों का जीवन खतरे में पड़ रहा है। कई ऐसे लोग जो अपनी बात ठीक से नहीं रख पाते, उनके स्वास्थ्य पर इन फर्जी इलाजों का और भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। मजबूरीवश अपनी जान जोखिम में डालकर लोग इन डॉक्टरों से इलाज करवा रहे हैं।

लगातार शिकायतें, फिर भी कार्रवाई नहीं 

ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा इन झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस अनदेखी के कारण नारायणगंज और आसपास के क्षेत्रों में ये फर्जी डॉक्टर अपनी मनमानी कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि नारायणगंज में एक-दो पैथोलॉजी लैब भी खुले हुए हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि जिम्मेदार लोग कितनी उदासीनता बरत रहे हैं। अभी तक उच्च अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न होने के कारण इन डॉक्टरों के खिलाफ ऐसा कोई मामला नहीं बना है, जिससे उन पर कोई दबाव डाला जा सके।

अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका 

क्षेत्रीय निवासियों का मानना है कि अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। दिनदहाड़े ये डॉक्टर खुलेआम मरीजों को ग्लूकोज की बोतलें और गोलियां अपने पास से दे रहे हैं और उनसे अत्यधिक शुल्क ले रहे हैं, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर गहरा प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अक्सर गलत इलाज के बाद इन मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है, जहां उनकी स्थिति पहले से ही गंभीर हो चुकी होती है। क्षेत्र के लोगों ने संबंधित अधिकारियों और जिला कलेक्टर से निवेदन किया है कि इन फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ शीघ्र अति शीघ्र कड़ी कार्रवाई की जाए और उनकी डिग्रियों की गहनता से जांच की जाए, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य को खतरे से बचाया जा सके।



आंतरिक सुरक्षा में नागरिकों की भूमिका पर जोर, सेना को सहयोग और राष्ट्रीय चेतना जगाने का संकल्प

  • राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ एकजुटता का आह्वान
  • मंडला में मातृशक्तियों ने निकाली शौर्य सम्मान यात्रा

मंडला महावीर न्यूज 29. बीजाडांडी मुख्यालय में मातृशक्तियों ने देश की आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक शौर्य सम्मान यात्रा का आयोजन किया। बीजाडांडी स्थित मंगल भवन से खैरमाई मंदिर तक निकाली गई इस यात्रा के बाद आयोजित कार्यक्रम में समाजसेवियों ने राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ एकजुटता का आह्वान किया। कार्यक्रम में समाजसेवियों ने देश की आंतरिक सुरक्षा में नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से राष्ट्रविरोधी शक्तियों द्वारा सामाजिक एकता और समरसता को भंग करने के किसी भी षडयंत्र को विफल करने के लिए निरंतर सतर्क रहने का आग्रह किया।

इस अवसर पर समाजसेविका अलका कुम्हरे ने मार्मिक अपील करते हुए कहा कि सेना सीमा पर लड़ सकती है, लेकिन आंतरिक सुरक्षा का काम हमारा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जब हमारी सेना सीमा पर देश की सुरक्षा में समर्पित है, तब आंतरिक सुरक्षा के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने समस्त मातृशक्तियों और बंधुओं से अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए सेना को जहां भी और जैसे भी आवश्यकता हो, हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर रहने का अनुरोध किया। इसके साथ ही राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को बनाए रखने के सभी प्रयासों को बल प्रदान करने की अपील की।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने अपने आसपास हो रही अराष्ट्रवादी गतिविधियों पर नजर रखने, सतर्क रहने और समाज को जागृत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं और युवा मातृशक्तियों में एकता, अखंडता और राष्ट्रीय चेतना का राष्ट्रभाव जागृत करना उनका मनोबल बढ़ाएगा, जिससे भारतीय सेना को नागरिकों की तरफ से शक्ति प्राप्त होगी।

इस कार्यक्रम में समाजसेविका अलका कुम्हरे, हेमलता यादव, ममता साहू, सोनम नामदेव, बबीता कुलस्ते, मनीता नंदा, रश्मि साहू, छोटा बाई पट्टा, रेणुका बैरागी, आधार बैरागी, सुनीता परिहार सहित समस्त मातृशक्ति उपस्थित रहीं। इसके साथ ही सामाजिक कार्यकर्ताओं में हीरानंद चंद्रवंशी, अरविंद शर्मा, विजय यादव, सेन कुमार, मयंक नामदेव, भागवत मरकाम, जगदीश झारिया, निखिल साहू, विकास यादव, देव पांडे, अंबिका सिंह मरकाम, सुभाष कुलस्ते आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


महिलाओं ने निकाली तिरंगा यात्रा

  • पुलिस लाइन के शहीद स्मारक में हुआ समापन
  • महिला समन्वय समिति ने निकाली शौर्य सम्मान यात्रा

मंडला महावीर न्यूज 29. हाल ही में सफलतापूर्वक सम्पन्न किए गए ऑपरेशन सिंदूर की उपलब्धि के उपलक्ष्य में मंडला की महिला समन्वय समिति ने शौर्य सम्मान यात्रा निकाली। यह यात्रा सेना के शौर्य और मातृशक्ति की रक्षा हेतु किए गए अदम्य साहस को समर्पित रही। यात्रा का शुभारंभ शाम 5 बजे सरस्वती शिशु मंदिर, लालीपुर से हुआ, जो शहर के प्रमुख मार्ग बस स्टैंड, चिलमन चौक, बड़ चौराहा, रेडक्रॉस, बैगा बैगी चौक, और नेहरू स्मारक होते हुए पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर जाकर संपन्न हुई।

पुलिस लाइन में आयोजित शौर्य सम्मान कार्यक्रम में शहीदों को नमन कर दीप प्रज्वलित किए गए। इस अवसर पर शहीद परिवारों को पुष्पहार, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच से उर्वशी राय, तनुश्री और हीरानंद चंद्रवंशी ने देशभक्ति से ओतप्रोत भाषणों से जनसमूह को संबोधित किया। कहा कि भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूरÓ के माध्यम से पूरे देश को गर्व से भर दिया है। हमारे जांबाज जवानों ने जिस तरह दुश्मन के इरादों को नेस्तनाबूद किया है वह हमारी सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक है। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान की धरती पर मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और नौ आंतकवादियों को मौत के घाट उतारा। यह कार्रवाई सिर्फ एक जवाबी हमला नहीं है बल्कि उन माताओं-बहनों के आंसुओं का प्रतिशोध है जिनका सिंदूर पहलगाम जैसी घटनाओं में मिटा दिया गया था।

यात्रा में मातृशक्तियां भारत माता एवं तीनों सेनाओं की वेशभूषा में शामिल रहीं, जबकि महिलाओं ने विंग कमांडर व्योमिका सिंह, कर्नल सोफिया कुरैशी और ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित तख्तियों के साथ देशभक्ति के नारे लगाते हुए जोशपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग में महिलाओं का उत्साह और राष्ट्रभक्ति देखने योग्य रही। बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों सहित बच्चों की भागीदारी ने इस आयोजन को भव्यता प्रदान की। यह यात्रा न केवल भारतीय सेना के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर रही, बल्कि राष्ट्रीय एकजुटता एवं महिला सशक्तिकरण का संदेश देने वाली एक प्रेरणादायक पहल भी सिद्ध हुई।


 


अनूठी पहल- शिक्षा की अलख जगा रहा कान्हा जंगल मित्र पुस्तकालय

  • बच्चे कर रहे नि:शुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
  • आदिवासी क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे की कवायद

मंडला महावीर न्यूज 29. देश, प्रदेश में अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व अब एक नई पहचान कान्हा जंगल मित्र पुस्तकालय के नाम से बना रहा है। यह कान्हा नेशनल पार्क की एक अनूठी पहल है, जिसकी सराहना स्वयं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी की है। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩा है। कान्हा जंगल मित्र पुस्तकालय में पहुंच रहे बच्चों में भी खुशी का माहौल है। छात्रा शुभा यादव ने बताया कि वन विभाग द्वारा आदिवासी क्षेत्र के बच्चों के लिए की जा रही यह सुविधा बहुत सराहनीय है। अभिभावक संतोषी धुर्वे ने भी इस पहल की सराहना की है।

जानकारी अनुसार कान्हा जंगल मित्र पुस्तकालय शिक्षा की अलख जगा रहा है। यह अनोखी पहल कान्हा टाइगर रिजर्व के किसली भिलवानी में भी शुरू हुई है, जहां बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क तैयार किया जा रहा है। इन पुस्तकालयों में बच्चों को वे सभी आवश्यक किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं, जो उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होती हैं। कान्हा टाइगर रिजर्व ने इस पुस्तकालय की शुरुआत सबसे पहले समनापुर से की थी और अब इसका विस्तार हो चुका है, जिसमें 4 अतिरिक्त संस्थान भी खोले गए हैं। इन सभी स्थानों पर बच्चे साल भर नि:शुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं का अध्ययन कर सकते हैं।

किताबें दान करने में ले रहे बढ़चढ़ कर हिस्सा 

बताया गया कि किसली भिलवानी में संचालित कान्हा जंगल मित्र पुस्तकालय आदिवासी क्षेत्रों के गरीब तबके के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें उपलब्ध करा रहे हैं, जो उन्हें अन्यथा नहीं मिल पातीं। ये किताबें समूह के माध्यम से एकत्र की जाती हैं और पुस्तकालय में रखी जाती हैं। लोग भी इन पुस्तकालयों को किताबें दान करने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। कान्हा टाइगर रिजर्व की यह सराहनीय पहल है, जिसकी हर कोई प्रशंसा कर रहा है।

शांत और प्राकृतिक माहौल में बच्चे कर रहे अध्ययन 

कान्हा टाइगर रिजर्व द्वारा राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से लगे गाँवों के बच्चों के लिए शुरू की गई ये लाइब्रेरी पार्क क्षेत्र से लगे पाँच गाँवों में फैली हुई हैं। इसका मुख्य मकसद ग्रामीण बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें उपलब्ध कराना है। बच्चे इन पुस्तकालयों में दिनभर शांत माहौल में बैठकर अध्ययन करते हैं। उन्हें यह भी छूट हासिल है कि वे चाहें तो किताबें घर ले जाकर पढ़ सकते हैं और बाद में जमा कर दूसरी किताब ले सकते हैं। हालांकि ज्यादातर बच्चे जंगल से लगे इन पुस्तकालयों में शांत और प्राकृतिक माहौल में बैठकर पढऩा पसंद करते हैं।

प्रतिस्पर्ध कर प्रतियोगी परीक्षा में सफल होंगे बच्चे 

पुस्तकालय के नियमित पाठकों का कहना है कि उन्होंने शहरी क्षेत्रों के पुस्तकालयों में भी अध्ययन किया है, लेकिन वहाँ वाहनों और दूसरे शोर-शराबे के बीच पढ़ाई में एकाग्रता नहीं बन पाती। जबकि यहाँ एकदम शांत वातावरण में अच्छी तरह से पढ़ाई की जा सकती है। पार्क प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र के मेधावी छात्रों ने नीट जैसी परीक्षाएं भी पास की हैं। इसी को देखते हुए पार्क प्रबंधन ने सोचा कि बच्चों को नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा से लेकर पीएससी और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किताबें उपलब्ध कराई जाएं। इसी मकसद को लेकर पुस्तकालयों का निर्माण किया गया और वहाँ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें उपलब्ध कराई गईं, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे शहरी क्षेत्र के बच्चों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो सकें।



प्रभारी मंत्री के आगमन पर कटरा में लगा जाम

  • यात्रियों को हुई असुविधा, 15 मिनट करना पड़ा इंतजार

मंडला महावीर न्यूज 29.  मंडला जिले में पहली बार पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री और राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग, मध्य प्रदेश शासन, दिलीप जायसवाल के आगमन पर गुरुवार को कटरा में यातायात बाधित हो गया। मंत्री का काफिला गुजरने के कारण जबलपुर मार्ग पर लगभग 15 मिनट तक चौपहिया और यात्री वाहनों को रोक दिया गया, जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में थोड़ी देरी का सामना करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल गुरुवार सुबह करीब 11 बजे जबलपुर मार्ग से मंडला पहुंचे। कटरा में उनके भव्य स्वागत का आयोजन किया गया था। स्वागत कार्यक्रम के बाद, जब उनका काफिला जिला मुख्यालय की ओर रवाना हुआ, तो सुरक्षा कारणों से जबलपुर की तरफ जाने वाले सभी चौपहिया वाहनों को कटरा अस्पताल से पहले ही रोक दिया गया। इस दौरान कई यात्री वाहन भी खड़े हो गए, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई।

प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल का मंडला पहुंचने के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करने का कार्यक्रम में शामिल हुए। बताया गया कि कार्यों की समीक्षा के बाद प्रभारी मंत्री संचालित कार्यों की प्रगति का जायजा भी लेंगे।



खड़े डंपर को ट्राला ने मारी टक्कर, बाल-बाल बचे चालक, परिचालक

  • एनएच 30 मार्ग में नारायणगंज बाबादेवरी चौपाटी के पास की घटना

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जबलपुर नेशनल हाईवे 30 मार्ग में नारायणगंज के ग्राम बाबादेवरी क्षेत्र स्थित चौपाटी के पास एक खड़े डंफर को जबलपुर की तरफ आ रहे एक तेज रफ्तार ट्राला ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में दोनों वाहन क्षतिग्ररुत हो गए। हालाकि इस हादसे में किसी को कोई गंभीर चोट नहीं है। डंपर के चालक परिचालक भी हादसे के दौरान वाहन में नहीं थी, जिसके कारण बाल-बाल बच गए। घटना की जानकारी तत्काल टिकरिया पुलिस को दी गई, सूचना मिलते ही टिकरिया पुलिस मौके पर पहुंची। जहां पुलिस मामला दर्ज कर हादसे की जांच कर रही है।

जानकारी अनुसार मंडला से जबलपुर नेशनल हाईवे 30 मार्ग में नारायणगंज के ग्राम बाबादेवरी के नजदीक चौपाटी के पास सड़क हादसा हो गया। बताया गया कि मंडला से जबलपुर की तरफ एक रेत से भरा डंफर क्रमांक एमपी 49 जेडबी 9055 जा रहा था, इसी दौरान बाबादेवरी चौपाटी के पास डंफर के ड्राईवर साईड का अगला चका पंचर हो गया। जिसे सुधारने के लिए डंफर के चालक, परिचालक ने वाहन का टायर खोल रहे थे। इसी दौरान जबलपुर की तरफ से आ रहे ट्राला ओडी 02 बीसी 2375 के चालक ने खड़े डंफर को जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत रही कि हादसे के दौरान डंपर के चालक, परिचालक मौजूद नहीं थे, वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

बताया गया कि हादसा होते ही आसपास के लोग एकत्र हो गए। वाहनों की टक्कर से कुछ देर के लिए यातायात बाधित हुआ, लेकिन वाहन को मार्ग के किनारे अलग कराया गया। जिसके बाद यातायात सुचारू हुआ। हादसे की जानकारी नारायणगंज टिकरिया पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही तत्काल टिकरिया पुलिस मौके पर पहुंची। जहां हादसे की जांच कर ट्राला चालक के ऊपर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नशे में था ट्राला का चालक 

बताया गया कि जबलपुर से मंडला की तरफ जा रहे ट्राला का चालक नशे में धुत था। नशे में होने के कारण ही ट्राला ने मार्ग किनारे खड़े डंपर को जोरदार टक्कर मार दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्राला के चालक से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन ट्राला का चालक काफी नशे में था, जिसके कारण चालक का नाम भी समाचार लिखे जाने तक पता नहीं चल सका है।



टीबी चैम्पियन ओम बैगा ने बताई स्वयं की टीबी की कहानी

  • ग्राम कन्हरगांव हुआ रजत श्रेणी में चयनित, सरपंच, सीएचओ हुए सम्मानित
  • राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में मंडला से टीबी चैम्पियन, सरपंच एवं कर्मचारियों का सम्मान

मंडला महावीर न्यूज 29. राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 100 दिवसीय निक्षय अभियान के समापन पर राज्य स्तरीय समारोह भोपाल में आयोजित किया गया। राज्यपाल मंगू भाई पटेल के मुख्य आतिथ्य एवं अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल के विशेष आतिथ्य में यह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विकासखण्ड बीजाडांडी के टीबी चैम्पियन ओम बैगा ने स्वयं की टीबी की कहानी बताई। जहां राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों द्वारा टीबी चैम्पियन ओम बैगा का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत वर्ष 2024 में ग्राम कन्हरगांव विकासखण्ड नैनपुर के रजत श्रेणी में चयनित होने पर ग्राम कन्हरगांव की सरपंच ताराबाई सुरेखिया, सीएचओ श्रेया पॉल को प्रमाण देकर सम्मानित किया गया।

बताया गया कि आयोजित कार्यक्रम में टीबी मरीजों को फूड बॉस्केट वितरण किये जाने के लिए चुटका परियोजना, एनपीसीआईएल से संजय कुमार गुमास्ता सीसीई एवं अमित गुप्ता, मेंबर सेक्रेटरी को भी सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में पीएस हेल्थ संदीप यादव, हेल्थ कमिश्नर तरूण राठी, एमडी एनएचएम डॉ. सलोडी सिडाना, एसटीओ डॉ. स्मृति सिंह उपस्थित रही। मंडला जिले से सीएमएचओ डॉ. केसी सरोते, जिला क्षय अधिकारी डॉ. सुमित सिंगौर, प्रभारी डीपीसी गौरव साहू, एसटीएस सुनील करयार एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।


समय से करें बच्चों, गर्भवती महिलाओं की जांच व टीकाकरण

  • एनीमिया, सिकलसेल और मातृ, शिशु मृत्यु दर की समीक्षा
  • संचालित योजनाओं की ली जानकारी, कार्यो की समीक्षा

मंडला महावीर न्यूज 29. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज में मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एनीमिया, सिकलसेल और मातृ, शिशु मृत्यु दर की समीक्षा की गई। बैठक में सीबीएमओ डॉ. अमृत लाल कोल, क्षेत्रीय समन्वयक एनीमिया कार्यक्रम राज वल्लभ ठाकुर, डब्ल्यूजेसीएफ डॉ. मनमोहन हरदहा, डीसीएम हिमांशु सिंगौर, डीपीएचएमओ कमला नंदनवार, बीसीएम शैलेन्द्र सिंह, बीईई विजय मरावी समेत सीएचओ, एएनएम, सुपरवाईजर समेत सीएचसी का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।

नारायणगंज सीएचसी में संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए क्षेत्रीय समन्वयक एनीमिया कार्यक्रम राज वल्लभ ठाकुर ने एनीमिया कार्यक्रम संबंधित जानकारी साझां की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित एएनएम, सीएचओ, सुपरवाईजरों से कहां कि स्कूल खुलने के बाद बच्चों को आयरन की गोलियां वितरित करनी है। प्रत्येक स्कूल में सरकारी और प्राईवेट शाला के 6 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को आयरन की गोली देने निर्देश दिए। इसके साथ ही बच्चों और गर्भवती महिलाओं के खून की जांच भी समय-समय पर करना है। इसके साथ ही एनिमिक वाले बच्चों को थैरोपेटिक डोज देने की सलाह दी।

समीक्षा बैठक में सिकलसेल कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए डब्ल्यूजेसीएफ डॉ. मनमोहन हरदहा ने पीओसीटी किट और हाईड्रोक्सी यूरिया केप्सूल के विषय में जानकारी लेते हुए इसके विषय में बताया। इसके साथ ही एचपीएलसी स्क्रीनिंग, सेम्पल भेजने, मरीजों का फालोअप करने, सिकलसेल कार्ड के माध्यम से काउंसिलिंग करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उपस्थित सीएचओ, एएनएम, सुपरवाईजरों को विकलांगता प्रमाण पत्र की जानकारी दी।

समीक्षा बैठक में मातृ, शिशु मृत्यु दर की समीक्षा करते हुए डीसीएम हिमांशु सिंगौर ने उपस्थित कर्मचारियों से कहां कि मातृ व शिशु मृत्यु की रिपोर्टिंग समय से करें। इसके साथ ही एचबीपीएनसी को गुणवत्तापूर्ण करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने सीएचओ, एएनएम और सुपरवाईजरों से कहां कि ग्राम स्तर पर आशा द्वारा एचबीपीएनसी की जाती है, उसकी मॉनीटरिंग भी सीएचओ और एएनएम को करनी है। इसके साथ ही कोई समस्या होने पर उच्च संस्था में मरीज को भेजकर जांच परीक्षण कराए।

बैठक में संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहां कि निराश्रित बच्चों की भी जानकारी तैयार करें। इसके साथ ही बीएचएनडी सत्रों में केन्द्र को समय पर खोलकर उपस्थित रहने के निर्देश दिए। इसके साथ ही इन सत्रों में सभी उपकरण और दवाईयां रखने कहां गया। इसके साथ ही सभी रिकार्ड संधारण भी रखने कहां गया। उपस्थित सीएचओ, एएनएम और सुपरवाईजर से कहां कि समय से बच्चों का टीकाकरण करें, गर्भवती महिलाओं की जांच और टीकाकरण भी समय से करें, कोई भी लापरवाही ना बरते। सीएचसी नारायणगंज में पदस्थ सभी एएनएम और सीएचओ को एचबीपीएनसी और एचबीवायसी नियमित करने एवं मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए है।



नवविवाहित जोड़े ने पौधे लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

  • गौरव और अल्पा हरदहा ने जीवन की नई शुरुआत में प्रकृति को बनाया साथी

मंडला महावीर न्यूज 29. शादी के बाद अक्सर जोड़े अपने हनीमून या नए घर की तैयारियों में जुट जाते हैं, लेकिन बम्हनी बंजर के गौरव कुमार हरदहा और अल्पा हरदहा ने अपनी नई जिंदगी की शुरुआत एक अनूठे और प्रेरणादायक तरीके से की है। हाल ही में परिणय सूत्र में बंधे इस नवविवाहित जोड़े ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए, खेरमाई मंदिर के पास बम्हनी बंजर रेलवे स्टेशन मार्ग में एक नारियल के पौधे के साथ अन्य फलदार और छायादार पौधे लगाया।

यह कदम सिर्फ एक पौधारोपण नहीं, बल्कि एक गहरा संदेश है कि प्रकृति का संरक्षण हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है, खासकर जब हम एक नई शुरुआत कर रहे हों। गौरव कुमार हरदहा बम्हनी बंजर के प्रस्फुटन समिति के सचिव भी हैं। गौरव ने बताया कि उनका और अल्पा का मानना है कि बढ़ता तापमान एक गंभीर वैश्विक समस्या है। यदि समय रहते लोगों ने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो पृथ्वी पर जीवन जीना और भी मुश्किल हो जाएगा।

गौरव और अल्पा का यह कार्य उन सभी जोड़ों के लिए एक मिसाल है जो अपने जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों को यादगार बनाना चाहते हैं। उन्होंने अपनी शादी की खुशियों को पर्यावरण की सेवा से जोड़कर यह साबित कर दिया है कि व्यक्तिगत खुशी के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इस पहल के माध्यम से वे न केवल हरियाली बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं, बल्कि समुदाय को भी पर्यावरण के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

बताया गया कि पौधारोपण के छोटे-छोटे प्रयासों से भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। गौरव और अल्पा ने मिलकर एक पौधा लगाकर यह उम्मीद जगाई है कि अगर हर कोई अपनी जिम्मेदारी समझे, तो हम मिलकर पृथ्वी को एक बेहतर और हरा-भरा स्थान बना सकते हैं। उनके इस नेक कार्य की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।



वूमेन फॉर ट्री अभियान: मंडला में महिलाएं लगाएंगी पौधे और करेंगी देखभाल

  • अमृत 2.0 और डे-एनयूएलएम के तहत 5 जून से 31 अगस्त तक चलेगा पौधरोपण

मंडला महावीर न्यूज 29. भारत सरकार की अमृत 2.0 और डे-एनयूएलएम योजनाओं के संयुक्त तत्वावधान में नगरीय क्षेत्रों में वूमेन फॉर ट्री अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस अभियान के तहत नगरीय क्षेत्रों में स्थित वाटर बॉडीज, पार्क और ग्रीन स्पेस स्थानों पर 5 जून से 31 अगस्त तक सघन पौधरोपण किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी को डे-एनयूएलएम के अंतर्गत गठित स्व सहायता समूह की महिलाएं निभाएंगी।

अभियान की तैयारियों के तहत 21 मई को स्व सहायता समूह की महिलाओं ने नगर पालिका क्षेत्र के चिन्हित स्थानों का भ्रमण किया। इनमें गोकुलधाम तालाब, वाटर बॉडी, नेहरू पार्क, इंटेक वेल, नमो पार्क और ईडन गार्डन पार्क शामिल हैं। भ्रमण के दौरान, समूह की महिलाओं का स्वागत फूल मालाओं से किया गया। इस अवसर पर अमृत शाखा नोडल अधिकारी प्रवीण कुमार ठाकुर और डे-एनयूएलएम टीम से महेंद्र सिंह सनोडिया शाखा प्रभारी, मुवीन अहमद, पूजा यादव सिटी मिशन मैनेजर, और आशु मरावी सामुदायिक संगठक उपस्थित रहे।

इस अभियान की खास बात यह है कि नगरीय क्षेत्र में संचालित एनयूएलएम योजना के तहत पंजीकृत स्व सहायता समूह न केवल पौधरोरोपण करेंगे, बल्कि दो साल तक रोपे गए पौधों की देखभाल भी करेंगे। इसमें समय पर पानी देना, निंदाई और गुड़ाई की जिम्मेदारी भी महिलाओं की होगी। हालांकि नगर पालिका परिषद इस कार्य में पूरा सहयोग करेगी, लेकिन पौधों को बड़ा पेड़ बनाने की प्राथमिक जिम्मेदारी महिलाओं की ही होगी। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेगी, बल्कि स्व सहायता समूह की महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें सामुदायिक विकास में भागीदार बनाने का भी एक बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करेगी।


समर कैंप में बच्चे जुंबा, स्पोकन इंग्लिश, शास्त्रीय नृत्य में हुए पारंगत

  • पीएम श्री कन्या उमा विद्यालय में समर कैंप का आयोजन
  • पेंटिंग के साथ अन्य राज्य की भाषा, ढोलक वादन भी सीखें

मंडला महावीर न्यूज 29. शासकीय पीएम श्री कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महाराजपुर में आयोजित 20 दिवसीय समर कैंप का उत्साह पूर्वक समापन किया गया। प्राचार्या विभा मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कैंप में छात्राओं ने अकादमिक गतिविधियों के साथ रचनात्मक और सृजनात्मक कला कौशल विकास का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समर कैंप में विद्यार्थियों ने विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा को निखारा। कंचन झारिया के मार्गदर्शन में छात्राओं ने नृत्य कला, कत्थक और जुंबा का प्रशिक्षण लिया। अंकिता ताम्रकार ने लिंपन आर्ट, पेंटिंग और स्केचिंग की बारीकियां सिखाईं, वहीं सोनम गुरवानी ने केनवास, स्टोन, बोतल फैब्रिक, दिया, अखरोट, टिशू पेपर वॉल और टी-शर्ट सहित विभिन्न कलाकृतियां बनाना सिखाया। संगीत के शौकीन विद्यार्थियों ने रवि शंकर ठाकुर से ढोलक बजाना सीखा, जबकि हर्षित यादव के मार्गदर्शन में इंग्लिश स्पोकन का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

बताया गया कि विद्यालय प्रबंधन ने इन सभी विधाओं के लिए कुशल प्रशिक्षकों को आमंत्रित किया था। जिन्होंने पूरी लगन और कुशलता के साथ विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया। विद्यालय के शिक्षकों ने भी समर कैंप में उपस्थित होकर छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि सुरेंद्र कुमार जैन, पार्षद प्रीति राय, प्रभारी प्राचार्य रवीन्द्र चौरसिया, शिक्षिका लता गुरवानी और स्कूल प्रबंधन की उपस्थिति रही। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा प्रस्तुत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उनके द्वारा बनाई गई कलात्मक वस्तुओं के प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया। शिविर में भाग लेने वाली सभी छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई।


 


सब-जूनियर राष्ट्रीय वूशु चैंपियनशिप: मंडला के पांच खिलाड़ी तमिलनाडु के लिए चयनित

  • देवास में शानदार प्रदर्शन, जिले का नाम रोशन करने को तैयार युवा प्रतिभाएं

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के लिए गौरव का क्षण आगामी 25वीं सब-जूनियर राष्ट्रीय वूशु चैंपियनशिप के लिए मंडला जिले के पांच होनहार खिलाडिय़ों का चयन हुआ है। यह चैंपियनशिप 26 से 31 मई तक तमिलनाडु में आयोजित की जाएगी। इन खिलाडिय़ों का चयन देवास में 20 और 21 मई को आयोजित चयन प्रतियोगिता में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ।

टीम कोच पूर्णिमा रजक ने बताया कि देवास में आयोजित चयन प्रतियोगिता में मंडला के बालक-बालिकाओं ने विभिन्न इवेंट और भार वर्गों में हिस्सा लिया। टीम मैनेजर सोनिया रजक के मार्गदर्शन में इन युवा खिलाडिय़ों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और राष्ट्रीय स्तर पर अपना स्थान पक्का किया।

चयनित खिलाडिय़ों में प्रखर बर्मन ने 39 किलोग्राम भार वर्ग में दो रोमांचक नॉकआउट फाइट जीतकर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं आर्या शुक्ला ने भी एक नॉकआउट फाइट जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इवेंट में मेकल करोसिया और अबिगेल कुशवाहा ने भी प्रथम स्थान पर कब्जा जमाया, जबकि आशुतोष जायसवाल ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी जगह बनाई।

इन सभी खिलाडिय़ों ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। मंडला आगमन पर राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने की खुशी में इन खिलाडिय़ों का भव्य स्वागत किया गया, जिससे उनका उत्साह और भी बढ़ गया है। यह चयन जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और उम्मीद है कि ये खिलाड़ी तमिलनाडु में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मंडला का नाम रोशन करेंगे।



चिरईडोंगरी में नर्सरी निर्माण की तैयारी, कुओं की सफाई और पौधारोपण

  • जल गंगा संवर्धन: पीपल घाट आश्रम में जन अभियान परिषद का श्रमदान

मंडला महावीर न्यूज 29. जन अभियान परिषद द्वारा चिरईडोंगरी के पीपल घाट आश्रम में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत श्रमदान और बैठक, संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिला समन्वयक के मार्गदर्शन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की दिशा में कई अहम कदम उठाए गए।
कार्यक्रम के तहत पीपल घाट आश्रम में एक नर्सरी बनाने की कार्य योजना तैयार की गई। नर्सरी निर्माण के लिए लगभग आधा एकड़ भूमि का चिह्नांकन किया गया है, जहां भविष्य में बड़ी संख्या में पौधों का उत्पादन किया जाएगा। इस दौरान नर्सरी में लगाए जाने वाले पौधों के लिए बीज एकत्र करने का कार्य भी किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

श्रमदान के अंतर्गत आश्रम परिसर में स्थित पीपल घाट के कुएं की सफाई की गई, जिससे जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही परिसर में पौधारोपण भी किया गया, जो हरित आवरण को बढ़ाने और पर्यावरण को स्वस्थ रखने में सहायक होगा।

इस कार्यक्रम में जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक नारायणगंज अनिल कुमार और परामर्शदाता कृष्ण कुमार झारिया की सक्रिय भूमिका रही। नवांकुर संस्था से इंद्रा उइके, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति सहजनी से परमू, और समाज कार्य स्नातकोत्तर विद्यार्थी हीरमोतीन ने भी अपना योगदान दिया। आश्रम की प्रमुख स्वामी सुख दीनानंद एवं माता श्री की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी प्रेरणादायक बना दिया।

यह अभियान नवांकुर संस्था मझगांव के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जो स्थानीय समुदायों को जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस तरह के आयोजनों से न केवल जल स्रोतों का संरक्षण होता है, बल्कि सामुदायिक भागीदारी भी बढ़ती है, जिससे दीर्घकालिक पर्यावरण संतुलन स्थापित करने में मदद मिलती है।


आईटी ट्रेड के छात्रों ने सीखा पाइथन बेसिक्स, हिंदी टाइपिंग और कम्प्यूटर कमर्शियल कार्य

  • सीएम राइज विद्यालय टिकरिया के छात्रों ने सफलतापूर्वक पूरी की ओजेटी

मंडला महावीर न्यूज 29. सीएम राइज विद्यालय टिकरिया नारायणगंज, के वोकेशनल आईटी ट्रेड के छात्रों ने अपनी ऑन-जॉब ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने छात्रों को व्यावहारिक कौशल से लैस कर भविष्य के लिए तैयार किया है। कक्षा 12 के छात्रों ने पाइथन प्रोग्रामिंग भाषा की मूल बातें सीखीं। इस प्रशिक्षण में उन्होंने पाइथन के सिंटैक्स, वेरिएबल्स, डेटा टाइप्स और कंट्रोल स्ट्रक्चर्स का गहन अध्ययन किया। इसके साथ ही नारायणगंज स्थित समर कम्प्यूटर नारायणगंज में इन छात्रों ने कस्टमर डीलिंग और फोटोशॉप जैसे महत्वपूर्ण कमर्शियल कार्यों का अनुभव प्राप्त किया, जो उन्हें व्यावसायिक दुनिया के लिए तैयार करेगा।
इस 20 दिवसीय ओजेटी प्रशिक्षण के दौरान नारायणगंज विकासखंड शिक्षा अधिकारी आरके विश्वकर्मा ने छात्रों से मिलकर उन्हें भविष्य के लिए मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम शासकीय सीएम राइज विद्यालय नारायणगंज की प्राचार्या श्रीमती अर्चना नेमा और नोडल अधिकारी श्रीमती संगीता गुप्ता के मार्गदर्शन में व्यवसायिक प्रशिक्षक हेमंत पटेल द्वारा आयोजित किया गया।

बताया गया कि कक्षा 10 के छात्रों ने ईशा इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर एजुकेशन से हिंदी टाइपिंग और सीपीसीटी बेसिक्स का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान छात्रों ने अपनी हिंदी टाइपिंग की गति और सटीकता में उल्लेखनीय सुधार किया, इसके साथ ही सीपीसीटी के मूलभूत सिद्धांतों को भी समझा। यह प्रशिक्षण संस्था के संचालक उदय यादव की देखरेख में शिक्षिका अंजलि सिंगरौरे और आयुषी शर्मा द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के अंत में छात्रों को संस्था द्वारा प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।

भविष्य के लिए तैयार होने की पहल 

प्रशिक्षण के बाद छात्रों ने बताया कि इस कार्यक्रम से उन्हें अपने कौशल को बढ़ाने और भविष्य के लिए तैयार होने में काफी मदद मिली है। यह प्रशिक्षण शासन की एक महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य छात्रों को व्यावसायिक कौशल में प्रशिक्षित करना और उन्हें उद्योग की मांगों के अनुसार तैयार करना है जिससे वे अपने करियर में सफल हो सकें।



 


थानमगांव बनेगा जैविक कृषि का केंद्र

  • आत्मनिर्भरता की राह-थानमगांव में वर्मी कम्पोस्ट यूनिट स्थापित
  • ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा सशक्तिकरण
  • थानमगांव में नाबार्ड और प्रदान की पहल
  • वर्मी कम्पोस्ट यूनिट से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते ग्रामीण
  • जैविक खेती को बढ़ावा, महिलाएं होगी सशक्त
  • थानमगांव में वर्मी कम्पोस्ट क्रांति

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के निवास विकासखंड स्थित थानमगांव अब आत्मनिर्भरता और सतत विकास की ओर अग्रसर है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक और प्रदान संस्था के संयुक्त प्रयासों से ग्राम में एक आधुनिक वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन इकाई की स्थापना की गई है। यह महत्वपूर्ण पहल न केवल क्षेत्र में सतत कृषि और जैविक खेती को बढ़ावा देगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को भी सशक्त करने के साथ इनके लिए नए अवसर भी सृजित करेगी। यह पहल निश्चित रूप से क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव लाएगी और अन्य गांवों को भी इसी प्रकार के स्थायी विकास मॉडल अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

जानकारी अनुसार इस वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना का मुख्य ध्येय थानमगांव के ग्रामीणों को रासायनिक उर्वरकों पर अपनी निर्भरता कम करने और जैविक खाद के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने में सक्षम बनाना है। इस इकाई के माध्यम से ग्रामीण अब स्वयं ही उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद का निर्माण कर सकेंगे, जिससे उनकी कृषि भूमि की उर्वरता में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी आने से पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा और किसानों को खेती में आने वाली लागत को कम करके अधिक उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

बताया गया कि इस परियोजना के अंतर्गत प्रदान संस्था द्वारा वाटरशेड ग्राम विकास समिति और स्थानीय महिला किसानों के साथ मिलकर लगातार तकनीकी मार्गदर्शन और सामुदायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन प्रशिक्षण सत्रों में ग्राम की महिलाओं को केंचुआ पालन की वैज्ञानिक विधियों, गोबर और अन्य जैविक अपशिष्टों के प्रभावी प्रबंधन और उच्च गुणवत्ता वाली वर्मी कम्पोस्ट बनाने की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है। इस कौशल विकास से न केवल महिलाएं सशक्त होंगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में भी एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

अनूठी पहल से दूसरे के लिए बनेगा प्रेरणा स्त्रोत 

थानमगांव में स्थापित यह वर्मी कम्पोस्ट यूनिट न केवल जैविक कृषि को बढ़ावा दे रही है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार प्राप्त करने और सामुदायिक नेतृत्व करने का भी एक सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है। अपनी इस अनूठी पहल के साथ थानमगांव अब आसपास के अन्य गांवों के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत बन रहा है, जो आत्मनिर्भरता और सतत विकास की ओर अग्रसर होना चाहते हैं। यह परियोजना नाबार्ड और प्रदान संस्था के सहयोगात्मक प्रयासों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को एक साथ साधने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

इनका कहना है

वर्मी कम्पोस्ट इकाई की स्थापना न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह थानमगांव के ग्रामीण परिवारों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि करने की क्षमता रखती है। नाबार्ड हमेशा से ही ऐसे नवोन्मेषी प्रयासों को बढ़ावा देता रहा है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास को सुनिश्चित कर सकें। इसके साथ ही हम इस पहल को आगे जारी रखने का प्रयास करेंगे, जिससे महिला किसान आत्मनिर्भर हो सके।
देवव्रत पाल, डीडीएम, नाबार्ड

हम वाटरशेड ग्राम विकास समिति और यहां की मेहनती महिला किसानों के साथ मिलकर लगातार तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सामुदायिक प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य ग्राम की महिलाओं को इस वर्मी कम्पोस्ट यूनिट के माध्यम से केंचुआ पालन, गोबर और अन्य जैविक अपशिष्ट पदार्थों के कुशल प्रबंधन में दक्ष बनाना है। यह पहल कृषि क्षेत्र में स्थानीय किसानों के लिए एक नई दिशा और आत्मनिर्भरता के अवसर खोलेगी।
अनुरूद्ध शास्त्री, प्रदान संस्था

इस नई पहल से उत्साहित है, हमें पहली बार ऐसा महसूस हो रहा है कि हम महिलाएं भी मिलकर कुछ बड़ा और महत्वपूर्ण कार्य कर सकती हैं। अब हम अपने खेतों के लिए खुद की बनी हुई जैविक खाद का उपयोग कर पाएंगे, जिससे हमारी खेती की लागत भी काफी कम हो जाएगी और मिट्टी की सेहत भी सुधरेगी। हमारा यह प्रयास अन्य महिला किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाएगा।
लालिया बाई, महिला किसान



 


रासलीला भगवान की अंतरंग लीला है

  • भागवत कथा में नीलू महाराज ने बताई रासलीला की गूढ़ता

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय के अंबेडकर वार्ड स्थित सिंधी समाज के गुरुद्वारा में श्रीमद् भागवत महापुराण का संगीतमय आयोजन किया जा रहा है। कथा का वाचन पंडित नीलू महाराज द्वारा किया जा रहा है। भिरयानी परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में भागवत रसिक नीलू महाराज ने रासलीला के वास्तविक अर्थ को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि रासलीला भगवान की अंतरंग लीला है, जिसमें काम का कोई स्थान नहीं है।

नीलू महाराज ने श्रोताओं को बताया कि ग्यारह वर्ष के बालक के प्रति कामभाव जागृत होने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रासलीला कोई साधारण स्त्री-पुरुष का मिलन नहीं था। यदि ऐसा होता तो परम विरक्त शुकदेव जी जैसे महायोगी इसका वर्णन कदापि नहीं करते। महाराज जी ने स्पष्ट किया कि गोपी का अर्थ केवल गांव की कोई स्त्री नहीं है। उन्होंने बताया गोपी तो शुद्ध जीव का नाम है। शुद्ध हृदय का भाव, प्रेम भाव ही गोपी है। देह भान भूलकर प्रत्येक इंद्रियों से भक्ति रस का पान करने वाला जीव ही गोपी है। उन्होंने बताया कि साधारण जीव गोपी की कथा करने या सुनने का अधिकारी नहीं है। आज गुरुवार को कथा में सुदामा चरित्र का वर्णन किया जाएगा।



कॉम्बिंग गश्त में चार वारंटी गिरफ्तार

  • नैनपुर पुलिस ने अरोपियों को न्यायालय में किया पेश

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशानुसार स्थायी वारंटियों और आरोपियों की धरपकड़ अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडला शिवकुमार वर्मा और एसडीओपी नैनपुर मनीष राज के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बलदेव सिंह मुजाल्दा के नेतृत्व में नैनपुर पुलिस टीम ने कॉम्बिंग गश्त के दौरान चार वारंटियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी वारंटियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

बताया गया कि गिरफ्तार किए गए वारंटियों में मोहित वंशकार पिता संजय वंशकार, निवासी नैनपुर, सोभाराम भवेदी पिता मुन्नालाल भवेदी, निवासी भालीवाड़ा चौकी पांडीवारा, जागेश्वर ठाकुर पिता जगदीश ठाकुर, निवासी नैनपुर, नीरज भारतीया पिता प्रहलाद भारतीया, निवासी नैनपुर पर विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध है।

इस कार्यवाही में निरीक्षक बलदेव सिंह मुजाल्दा, सउनि वंदना नाग, महिला प्रधान आरक्षक ज्योति नाग, प्रधान आरक्षक प्यार सिंह कुशराम, आरक्षक ओमप्रकाश बघेल, विनोद उइके, सुनील हटोले, डोमेश्वर राउत और महिला आरक्षक रीता मरावी की विशेष भूमिका रही। पुलिस द्वारा वारंटियों और आरोपियों की लगातार धरपकड़ की कार्यवाही जारी है।


मधुमक्खियों के बिना फसलें और मानव जाति को नुकसान, इनका संरक्षण आवश्यक

  • नाबार्ड और सीडीवीडी संस्था ने बिछिया में मनाया विश्व मधुमक्खी दिवस
  • नई नवाचार परियोजना का शुभारंभ

मंडला महावीर न्यूज 29. शासकीय महाविद्यालय बिछिया परिसर में विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर स्वयंसेवी संस्था सेंटर ऑफ डिस्कवरी फॉर विलेज डेवलपमेंट मंडला ने कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान मवई और बिछिया के हनी हंटर्स शहद शिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि डीडीए मधु अली ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में मधुमक्खियों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि मधुमक्खियों के बिना न केवल फसलें, बल्कि भविष्य में मानव जाति को भी नुकसान होगा, इसलिए इनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मधुमक्खी संरक्षण से कृषि उत्पादन में लगभग बीस प्रतिशत की वृद्धि होती है, क्योंकि मधुमक्खियां फसलों में परागीकरण का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।

नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक देवब्रत पाल ने नाबार्ड की विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने घोषणा की कि मंडला जिले में पहली बार मधुमक्खियों पर अध्ययन किया जाएगा। श्री पाल ने बताया कि इस मधुमक्खी नवाचार परियोजना के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और आजीविका सृजन के दो मुख्य उद्देश्य सुनिश्चित किए जाएंगे, जिससे सतत विकास की ओर बढ़ा जा सके। यह अध्ययन सीडीवीडी संस्था द्वारा किया जाएगा, जिसके बाद भविष्य में हितग्राहियों को कृषि उत्पादक संगठन से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा और मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जाएगा।

महाविद्यालय के ओपी झरिया ने मंच संचालन किया और संस्था के फिरोज अहमद खान ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मवई और बिछिया के हनी हंटर्स बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। महिला हनी हंटर्स कृष्णा मार्को, संगीता मार्को और दीपक परसते ने अपने विचार साझा किए और इस कार्य को करने पर खुशी व्यक्त की।

मध्यप्रदेश का पहला वुमेन हनी हंटर्स ग्रुप

संस्था के डायरेक्टर एवं मधुमक्खी एक्सपर्ट निसार कुरैशी ने सीडीवीडी द्वारा की जा रही विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने मधुमक्खी परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में यह पहली बार नवाचार किया जा रहा है, जिसमें हनी हंटर्स को शहद निकालने के लिए नई तकनीकी सिखाई जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश का पहला वुमेन हनी हंटर्स ग्रुप बनाया जाएगा, जिसे विशेष प्रशिक्षण देकर भंवर मधुमक्खी से शहद निकालने का कार्य कराया जाएगा।

मधुमक्खी संरक्षण के लिए अभिनव प्रयास 

कार्यक्रम की अध्यक्ष एवं प्राचार्य राजेश्वरी मरकाम ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि मधुमक्खी संरक्षण से होने वाले लाभ की जानकारी अद्भुत थी और संस्था द्वारा इसे जन-जन तक पहुंचाने का कार्य सराहनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शहद संग्रहण की नई तकनीकें प्रदेश को लाभ पहुंचाएंगी। मधुमक्खी के लिए कार्य करने वाले हनी मैन निसार कुरैशी ने बताया कि हनी हंटर्स की वेशभूषा में बदलाव किया जाएगा, महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, और मधुमक्खियों को आकर्षित करने के लिए पेड़ों में अट्रैक्शन प्लेट लगाई जाएंगी, जो कि यह पहला प्रयोग होगा। इसके अलावा, सीढ़ी के स्थान पर सुगम झूले का निर्माण किया जाएगा और मधुमक्खी के पलायन पर भी संस्था अध्ययन करेगी।


बच्चों को अपने जीवन के महत्वपूर्ण कौशलों की पहचान करने की पहल

  • तिलई में 10 दिवसीय सक्षम जीवन कौशल समर कैंप शुरू

मंडला महावीर न्यूज 29. जनजातीय कार्य विभाग और मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मंडला जिले के नैनपुर विकासखंड के ग्राम तिलई में एक 10 दिवसीय सक्षम जीवन कौशल समर कैंप का शुभारंभ किया गया है। पंचायत और हाई स्कूल तिलई के सहयोग से आयोजित इस कैंप का उद्देश्य बच्चों को अपने जीवन के महत्वपूर्ण कौशलों की पहचान करने और रचनात्मक कार्य करने में मदद करना है। कम्युनिटी यूथ लीडर गीतांजलि धुर्वे ने पहले दिन गतिविधियों की शुरुआत परिचय पत्र बनाने और गिरे हुए पत्तों से कलाकृतियां तैयार करने के साथ की। यह समर कैंप 10 दिनों तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन 2 घंटे बच्चों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण आयामों की समझ विकसित की जाएगी।

मास्टर ट्रेनर संजय सिंगौर ने बताया कि इस कैंप में बच्चों को सूखे पत्ते, कागज, मिट्टी और अनुपयोगी वस्तुओं से खिलौने, सजावट का सामान और शिक्षण सहायक सामग्री बनाना सिखाया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों को गोंडी आर्ट पेंटिंग भी सिखाई जाएगी और उन्हें अपने नाना-नानी, दादा-दादी से सुनी कहानियों का संग्रह करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इस पहल को सफल बनाने में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सुभाष चतुर्वेदी, बीआरसी विजेंद्रधर द्विवेदी का मार्गदर्शन, प्रभारी प्राचार्य अनिल दुबे, जिला प्रोग्राम मैनेजर रोहित पाटिल और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर विकास चंद्रोल का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।


मंडला की जैव विविधता ने विश्व में बनाई पहचान

  • आज मनाया जाएगा अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस

मंडला महावीर न्यूज 29. प्रतिवर्ष 22 मई को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस का उद्देश्य जैव विविधता के महत्व के प्रति आम जनता में जागरूकता बढ़ाना और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए वैश्विक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। भारत एक जैव विविधता से समृद्ध देश है, और इसी कड़ी में मंडला जिले ने भी अपनी जैव विविधता के लिए पूरी दुनिया में अपना नाम स्थापित किया है। यहां विभिन्न प्रकार के वन्य जीव, पौधे और पारिस्थितिकीय तंत्र पाए जाते हैं।

सरकार द्वारा वन समितियों और गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से कार्यशालाएं, वृक्षारोपण अभियान तथा स्कूल एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों व आम नागरिकों के द्वारा विशेष अभियान चलाकर जनता को जागरूक किया जाता है। इससे स्थानीय समुदायों को जैव विविधता के महत्व और उनके संरक्षण के उपायों के बारे में जानकारी मिलती है।

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मंडला जिले की पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसने अपनी जैव विविधता के कारण पूरी दुनिया में ख्याति प्राप्त की है। यहां के जंगल, वन्य जीव और आसपास के ग्रामीण समुदायों के मध्य एक आत्मिक संबंध बन चुका है। कान्हा में पाई जाने वाली विशेष प्रजातियों के पादप, पुष्प, जीव-जंतु, साल के जंगल और विशेष रूप से बारहसिंघा एवं बाघ की प्रजाति विश्व प्रसिद्ध है। इन सभी वन्य जीवों के संरक्षण के लिए टाइगर रिजर्व प्रोजेक्ट कान्हा, वन विभाग और वन समितियां पूर्ण रूप से समर्पित हैं।

मंडला जिला एक नैसर्गिक जिले के रूप में जाना जाता है, जहां के जंगल, पहाड़, नदियां और भौगोलिक परिवेश जैव विविधता से परिपूर्ण है। राजेश क्षत्री पर्यावरण प्रबंधन समिति सदस्य एवं स्थानीय सलाहकार सदस्य, टाइगर रिजर्व कान्हा उद्यान, वन विभाग, मंडला, मध्यप्रदेश शासन ने सभी से अपील की है कि अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस को विशेष हर्षोल्लास से मनाया जाए। उन्होंने हर व्यक्ति से एक वृक्ष लगाने और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए पहल करने का आग्रह किया है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस का उद्देश्य पूर्ण होगा।


अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस

  • प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत विकास की आवश्यकता
  • भारत और जैव विविधता, एक समृद्ध विरासत और चुनौतियां

मंडला महावीर न्यूज 29. 22 मई अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर इस वर्ष का विषय प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत विकास हमें प्रकृति के साथ अपने गहरे संबंध और जैव विविधता के संरक्षण की तत्काल आवश्यकता की याद दिलाता है। जैव विविधता पृथ्वी पर सभी जीवन का आधार है और मानव जाति की आर्थिक समृद्धि के लिए मौलिक है।
भारत, दुनिया के शीर्ष 10 जैव विविधता वाले देशों में से एक है, जहां घने वर्षा वनों से लेकर तटीय आर्द्र भूमि तक समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र हैं। यहां 45,000 से अधिक पौधों की प्रजातियां और 90,000 से अधिक पशुओं की प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें प्रतिष्ठित बंगाल टाइगर और भारतीय हाथी भी शामिल हैं। प्राचीन समय से ही भारत के ऋषि-मुनियों ने प्रकृति संरक्षण और मानव स्वभाव की गहरी जानकारी को समझते हुए प्रकृति के साथ मानवीय संबंध विकसित किए। पेड़ों की तुलना संतान से और नदियों को मां स्वरूप माना गया है, जो प्रकृति के प्रति आदर और संरक्षण की भावना को दर्शाता है।

जैव विविधता पर मंडराते खतरे 

हालांकि जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, अति-दोहन और भूमि उपयोग परिवर्तन जैसी व्यापक समस्याएं जैव विविधता में गिरावट का कारण बन रही हैं। सुंदरबन जैसे मैंग्रोव वन समुद्र-स्तर में वृद्धि, कीचड़ की कमी और सिकुड़ते पर्यावासों जैसे तिहरे खतरे का सामना कर रहे हैं। जंगलों में आग भी वन और जैव विविधता को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है।
केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने हाल ही में काठमांडू में सागरमाथा संवाद में हिमालय की बढ़ती पारिस्थितिकी अति संवेदनशीलता पर चिंता व्यक्त की, जो तेजी से ग्लेशियर पिघलने की ओर इशारा करता है। हिमालयी क्षेत्र में तापमान वृद्धि के कारण प्रजातियां अधिक ऊंचाई की ओर जा रही हैं, जिससे उच्च-तुंगता पर वास करने वाले हिम तेंदुए जैसे जीवों के लिए खतरा उत्पन्न हो रहा है।
गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु से गुजरने वाले पश्चिमी घाट भी अनियंत्रित उत्खनन, पहाडिय़ों और पेड़ों की कटाई, अत्यधिक बुनियादी ढांचे के विकास आदि बड़े पैमाने पर झेल रहे हैं, जबकि विशेषज्ञों ने इसे पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्रों के रूप में घोषित करने का सुझाव दिया है।

जैव विविधता का महत्व और संरक्षण के उपाय 

जैव विविधता हमारे ग्रह के नाजुक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है। जंगल और घास के मैदान प्राकृतिक फिल्टर के रूप में हमारी हवा और पानी को शुद्ध करते हैं। विविध पारिस्थितिकी तंत्र मिट्टी की उर्वरता में योगदान करते हैं और मिट्टी के कटाव को रोकते हैं। मधुमक्खियों और तितलियों जैसे कीट परागणकर्ता हमारी फसलों की सफलता सुनिश्चित करते हैं, जबकि अनगिनत अन्य प्रजातियां खाद्य श्रृंखला की नींव बनाती हैं, जो पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखती हैं। जैव विविधता के नुकसान के प्रमुख कारकों में प्रदूषण, आवास की हानि, शिकार, आक्रामक प्रजातियों की बढ़ोतरी, पसंदीदा प्रजातियों का अत्यधिक दोहन, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाएं शामिल हैं। मछलियां, जिन्हें बायोइंडीकेटर माना जाता है, जलीय पर्यावरण को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नर्मदा नदी पर बांधों के निर्माण से इसकी प्राकृतिक बहाव में रुकावट आई है, जिससे मध्य प्रदेश की राजकीय मछली महाशीर के अस्तित्व पर संकट आ गया है।

संरक्षण के लिए भारत का बहुआयामी दृष्टिकोण 

भारत में जैव विविधता के नुकसान से निपटने के लिए एक स्पष्ट बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है। जैव विविधता संरक्षण प्रयासों में मूल कारणों का समाधान होना चाहिए और यह स्थानीय समुदायों को शामिल करके ही किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार द्वारा जैव विविधता संरक्षण कानून 2002 और इसके क्रियान्वयन के लिए मध्य प्रदेश में जैव विविधता नियम 2004 बनाया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने 2005 में जैव विविधता बोर्ड का गठन भी किया है। हाल ही में, राज्य जैव विविधता बोर्ड की 17वीं बैठक में प्रदेश की जैव विविधता का दस्तावेजीकरण करने के लिए लोक जैव विविधता पंजी का निर्माण और इसे डायनेमिक डिजिटल लोक जैव विविधता पंजी के रूप में बनाने का निर्णय लिया गया। गिद्धों की घटती संख्या एक चिंता का विषय थी, लेकिन डाइक्लोफेनेक नामक पशु चिकित्सा दवा पर प्रतिबंध लगाने के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। 2021 में मध्य प्रदेश में 9,446 गिद्ध थे, जो 2024 में 10,845 और 2025 की पहली गणना में 12,000 से अधिक पहुंच चुके हैं। ऐसे कई विलुप्त होते वनस्पति और जीव-जंतुओं को संरक्षित करना आवश्यक है।

स्वदेशी समुदायों की भूमिका 

राज कुमार सिन्हा, बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के अनुसार पृथ्वी की अधिकांश जैव विविधता का प्रबंधन स्वदेशी लोगों और स्थानीय समुदायों द्वारा किया जाता है। यही कारण है कि यह सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि उन्हें प्रकृति की रक्षा और पुनर्स्थापना के लिए आवश्यक समर्थन मिले। जैव विविधता का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से ही संभव नहीं है, बल्कि इसमें जनभागीदारी और सामुदायिक सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है।


विश्व मधुमक्खी दिवस

  • मंड़ला के शहद ने राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान
  • देश भर में लोगों की सेहत बना रहा मंडला का प्राकृतिक शहद
  • देश के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचता है जिले का शहद

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला यूनियन मंड़ला के द्वारा वर्ष 2021-2022 में अंजनिया में प्रधानमंत्री वन धन विकास केन्द्र स्थापित किया गया था। केन्द्र के सदस्यों ने लघुवनोपजों के संग्रह के साथ शहद का एकत्रीकरण और प्रसंस्करण का कार्य प्रारम्भ किया। इस केन्द्र में संलग्न 15 वन धन समूह के 300 सदस्यों में से चिन्हित सदस्यों को वैज्ञानिक विधि से शहद एकत्रीकरण और प्रसंस्करण का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यहां 6 लाख रूपए की लागत से शहद प्रसंस्करण इकाई स्थापित की गई।

वन धन केन्द्र के प्रभारी बालसिंह ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री वन धन विकास केन्द्र की अध्यक्ष कलिंद्री नेटी है। केन्द्र के द्वारा 225 रूपए किलो की दर से वनीय शहद एकत्र किया जाता है। केन्द्र द्वारा वर्ष में 30 क्विंटल शहद एकत्र किया जाता है। मंड़ला का शहद ए प्लस श्रेणी का उच्च गुणवत्ता का शहद है। उच्च गुणवत्ता के इस वनीय शहद को देश भर में आयोजित मेला, प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया जाता है। इसके साथ ही कान्हा नेशनल पार्क के शोभिनियर शॉप में भी यहां का शहद विक्रय के लिए जाता है। जहां आने वाले देशी, विदेशी पर्यटकों को यह प्राकृतिक शहद खूब पंसद आ रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय वनमेला में मिला था द्वितीय स्थान 

मध्यप्रदेश शासन द्वारा भोपाल म़ें आयोजित अंर्तराष्ट्रीय वनमेला 2022 में जिला यूनियन पूर्व मंड़ला को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ था। बताया गया कि एमएफपी पार्क, भोपाल, ट्राइफेड और कान्हा नेशनल पार्क स्थित एम्पोरियम में जिले का शहद विक्रय के लिए उपलब्ध है। प्रबंध संचालक वनमंडल अधिकारी, पूर्व सामान्य वनमंडल मंडला श्रीमति प्रीता एसएम वनोपज से आत्मनिर्भरता के लिए प्रयासरत हैं। उपप्रबंधक माधव राव भी इस कार्य में सहयोगी हैं। वन धन केन्द्र अंजनिया के प्रभारी बाल सिंह ठाकुर ने बताया कि साजपानी के ग्रामीण प्रमुखता से शहद एकत्रीकरण के कार्य में संलग्न हैं। केन्द्र में शहद के अलावा वनोपज उत्पाद, आचार और गुड़ निर्माण व विक्रय किया जा रहा है।

प्रशिक्षण के साथ स्पेशल ड्रेस 

शहद एकत्रित करने के लिए समूह के सदस्यों को समय समय पर प्रशिक्षित किया जाता है। इन्हें प्रशिक्षण के दौरान बताया जाता है कि किस तरह मधुमक्खी के छाते को नुकसान पहुंचाए बिना ही शहद एकत्रित किया जा सकता है। विक्रय केन्द्र के प्रभारी डॉ एमवाय खोखर ने बताया कि मधुमक्खी के छाते के महज 10 प्रतिशत हिस्से में ही शहद बनता है। जिसे तोडऩे से शहद असानी से निकल जाता है व छात्ते को नुकसान भी नहीं पहुंचता। पूर्व में गांव के लोग आग व धूंआ के माध्यम से शहद निकालते थे जिससे छत्ते को नुकसान तो होता ही है वहीं मधुमक्खियों की भी मौत हो जाती थी। प्रशिक्षण के बाद डंक रोधी स्पेशल ड्रेस सदस्यों को दी जाती है जिसे पहन कर बिना भय के छाते से शहद निकाल लेते हैं। बाद में उक्त शहद को 225 रुपए किलो के हिसाब से संस्था द्वारा खरीद लिया जाता है और उसे फिल्टर करने के बाद 300 रुपए के आसपास विक्रय किया जाता है। फिल्टर के दौरान 15 से 20 प्रतिशत खराब शहद व कचरा अलग कर दिया जाता है। शुद्ध शहद का विक्रय वनौषधि प्रसंस्करण एवं विक्रय केन्द्र के अलावा कलादिर्घा रपटा घाट में किया जा रहा है।

देश के विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जा रहा शहद 

बता दे कि विंध्य हर्बल्स उत्पाद श्रंृखला भोपाल के मार्ग दर्शन में लघुवनोपज प्रसंस्करण एवं अनुसंधान केन्द्र का संचालन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों को रोजगार उपलब्ध तो कराया ही जा रहा है वहीं वनोषधियों को भी संरक्षित किया जा रहा है। जिले में ग्राम पंचायत देवदरा में जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित पूर्व मंडला द्वारा वनौषधि प्रसंस्करण एवं विक्रय केन्द्र की स्थापना की गई है। जहां से जिले भर से शहद एकत्रित किया जाता है। केन्द्र में समूह से क्रय किए गए शहद को फिल्टर कर उपयोग लायक बनाया जाता है। जिसके बाद भोपाल स्थित केन्द्र भेज दिया जाता है जहां से पैंकिंग के बाद देश के विभिन्न क्षेत्रों में शहद पहुंचाया जाता है।



मधुमक्खी संरक्षण के लिए बन गए हनी मेन

  • हनी मैन के नाम से प्रसिद्ध है निशार कुरैशी
  • प्रदेश के कोने-कोने में पहुंचा रहे शहद की मिठास
  • शहद से दिला रहे जिले को पहचान
  • वनांचल के लोगों को मिल रहा रोजगार

मंडला महावीर न्यूज 29. शहद का नाम सुनते ही एक मिठास का एहसास होने लगता है। शहद में कई औषधीय गुण होते है, जो बेहद गुणकारी होने के साथ स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद भी है। विशेषज्ञ बताते है कि हनी बी माइंड में अपने घर का नक्शा बना लेती है, जो दिनभर परिश्रम करके सफल श्रमिक कहलाती है, पृथ्वी पर इनकी कई प्रकार की प्रजाति है, जिनमें कुछ प्रजातियां विलुप्त होती जा रही है। मधुमक्खियों का पर्यावरण में क्या योगदान है लोग अभी भी नहीं जानते है। विशेषज्ञों के अनुसार खेतों में अच्छे उत्पादन से लेकर फलों की ज्यादा आवक में भी मधुमक्खियों का योगदान होता है। इसलिए इनके छत्तों को जलाना नहीं चाहिए, वर्तमान में युवा मधुमक्खी पालन करके अपनी आय भी बढ़ा सकते है। ऐसे ही कुछ युवा मंडला जिले में है, जो मधुमक्खी पालन से अपनी पहचान बनाई है।

जानकारी अनुसार जिले में मधुमक्खियों के संरक्षण के लिए विगत 28 वर्षो से कार्य कर रहे निशार कुरैशी की पहचान हनी मैन के नाम से हो गई है। निशार ने शहद शिकारियों को जागरूक करने का प्रयास किया है, जिसमें ये सफल भी हुए। निशार ने ग्रामीण अंचल के हनी हंटर्स को वैज्ञानिक पद्धती से शहद निकालने के गुर सिखाए है। जिससे मधुमक्खियों का जीवन भी बचा रहे और ग्रामीण लोगों की आय में वृद्धि हो सके। निशार कुरैशी के प्रयास से अब स्थानीय लोग शहद उत्पादन कर आत्मनिर्भर भी बन रहे है।

मंडला आदिवासी बाहुल्य जिला है। यहां की प्राकृति में अनमोल जड़ी, बूटियां उपलब्ध है। वहीं औषधी के रूप में उपयोग किए जाने वाले शहद का यहां परंपरागत तरीके से उत्पादन किया जाता रहा है, जिससे मधुमक्खियों का जीवन समाप्त हो रहा था। अब लोगों को जागरूक और वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी उपलब्ध कराई है। पहले लोग शहद निकालने के लिए मधुमक्खी को जलाकर, धुंआ करके और वृक्षों की डाली काटकर मधुमक्खियों को मार देते थे। इन सबको देखते हुए जिले के निशार कुरैशी ने शहद शिकारियों को मधुमक्खी संरक्षण के लिए जागरूक किया। शिकारियों को वैज्ञानिक तरीके से शहद निकालने का प्रशिक्षण दिया। जिसके बाद से शहद शिकारी ही मधुमक्खियों के संरक्षक बन गए।

रोजगार से जुड़ रहे लोग 

निशार कुरैशी पिछले 28 वर्षो से मधुमक्खी के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे है। इन्होंने जिले में करीब दो सैकड़ा से अधिक लोगों को वैज्ञानिक तरीके से शहद निकालने के लिए प्रशिक्षित किया है। वहीं प्रदेश में करीब छह हजार से अधिक लोगों को वैज्ञानिक तरीके से शहद निकालने के लिए प्रशिक्षित कर चुके है। इन शिकारियों को प्रशिक्षित करने के साथ ये अब मधुमक्खी के सरंक्षक भी बन गए है, जिससे अब लोग एक छत्ते से एक से अधिक बार शहद का उत्पादन कर रोजगार से जुड़ रहे है। निशार ने एक कंपनी भी बनाई है, जिसमें लोगों से शहद खरीदकर कर स्थानीय बाजार में विक्रय के लिए देते है।

प्रसंस्करण ईकाई की स्थापना 

अधिकांश युवा सरकारी नौकरी के लिए ही प्रयास करते रहते हैं। सीमित संख्या में पद होने के कारण बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी है जो लक्ष्य लेकर आगे बढ़े तो फिर कोई बाधा उन्हें रोक नहीं सकी। बता दे कि राजीव कॉलोनी निवासी निशार कुरैशी शहद प्रसंस्करण इकाई से जिले के शहद की मिठास दूसरे जिले व प्रदेशों में पहुंचा रहे हैं। निशार का कहना है कि उन्हें प्रधानमंत्री सृजन योजनांतर्गत कॉर्पोरेशन बैंक से 5 लाख रुपए की सहायता मिली। इसके बाद उन्होंने प्रसंस्करण इकाई की स्थापना कर जिले के जंगल के शहद को नाम दिया और मार्केट उपलब्ध कराया।

असान नहीं था सफर 

उन्होंने शहद प्रसंस्करण ईकाई के लिए कई बैंकों के चक्कर काटे जिससे उन्हें ऋण के माध्यम से आर्थिक सहायता मिल सके। कई स्थानों पर उन्हें निराशा लगी। बहुत से बैंक को इनका आइडिया पंसद नहीं आया और घाटे का सौदा बताया। लेकिन निशार ने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करते रहे। वर्ष 2020 में उन्हें कॉर्पोरेशन बैंक से पांच लाख की मदद मिली। फिर कुछ ही सालों में टेस्ट ऑफ मंडला लाइफ हनी के साथ शहद को नाम दिया और महाकौशल के साथ ही विभिन्न जिलों में शहद को पहुंचाने काम शुरू किया। दूसरे जिले में लगनी वाले प्रदर्शनी मेले में अपने उत्पाद रखे जिसे लोगों ने पंसद भी किया। अब निशार सीडीवीडी संस्था के साथ वनोपज आधारित प्रोडक्ट निर्माण कर रहे हैं और मार्केट उपलब्ध करा रहे हैं। उनसे जुड़कर 100 से अधिक लोगों को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है।

जिला बन सकता है आत्म निर्भर 

शहद के बाद आचार, कुटकी, चटपटा महुआ, टेस्टी अलसी, आंवला केंडी, बेल केंडी, अदरक गुड़, कोम्बहनी आदि स्वास्थ्य बर्धक सामग्री का निर्माण कर रहेे हैं। जिससे वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा मिल रहा है। निशार का कहना है कि जिले में वनोपज दूसरे जिले में पहुंच रहा है जहां से दूसरे प्रोडेक्ट के रूप में वापस जिले के लोग खरीद कर उपयोग कर रहे हैं। अगर शासकीय मदद से लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जाता है तो जिला आत्मनिर्भर बन सकता है। महुआ, शहद, हरण-बहेरा, आयुर्वेदिक दवाईयां, लकड़ी के उत्पादों से लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूह को भी जोड़ा जा सकता है।

शहद शिकारी वैज्ञानिक पद्धती से निकाल रहे शहद 

मधुमक्खी के छत्ते से शहद निकालने के लिए वैज्ञानिक पद्धती द्वारा मधुमक्खी को बिना नुकसान पहुंचाए इनके छत्ते से एक सीजन में दो बार तक शहद निकाल सकते हैं। सुरक्षा के लिए शहद शिकारियों को अब वैज्ञानिक तरीके से शहद निकालने के लिए निशार कुरेशी इन्हें डंक रहित ड्रेस, सीढ़ी, टार्च समेत अन्य सामग्री उपलब्ध कराते है। जिससे मधुमक्खी व शहद शिकारी दोनों सुरक्षित रहते है। मधुमक्खी के परागीकरण करने से फसलों एवं वनोपज में बढ़ोतरी होती है।



11 बच्चों को मिली मोतियाबिंद से मुक्ति, हुई सफल सर्जरी

  • आरबीएसके की पहल से जन्मजात बीमारी से 0 से 18 वर्ष के बच्चों को मिल रहा लाभ

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के विकासखंडों में मोतियाबिंद से पीडि़त बच्चों का जिला चिकित्सालय मंडला में सफल सर्जरी की गई। इस सर्जरी के बाद अब इन 11 बच्चों को मोतियाबिंद से मुक्ति मिली है। अब बच्चों की आंखे कुछ ही दिनों में स्वस्थ हो जाएगी। बताया गया कि आरबीएसके अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के 11 बच्चों की जन्मजात और ट्रॉमेटिक मोतियाबिंद की सफल सर्जरी की गई। आरबीएसके टीम द्वारा स्कूलों और आंगनवाडी केन्द्रों में जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग की गई थी, जिसमें 17 बच्चे मोतियाबिंद से पीडि़त के चिन्हित किये गए थे। मोतियाबिंद शिविर के पहले चरण में 11 बच्चों की सफल सर्जरी की गई।

जानकारी अनुसार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिला चिकित्सालय मंडला में जन्मजात मोतियाबिंद से जूझ रहे बच्चों के लिए एक विशेष सर्जरी शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिले के बिछिया, मवई, निवास, मोहगांव, घुघरी और नैनपुर ब्लाक के 17 बच्चों को चिन्हित किया गया था। शिविर के पहले चरण में जिले भर से आए कुल 11 बच्चों को सफल सर्जरी के लिए जिला चिकित्सालय के वार्ड नंबर 52 में भर्ती किया गया था, जहां सर्जरी से पहले बच्चों की सभी जांचे की गई। रिपोर्ट के बाद मंगलवार को सभी बच्चों का ऑपरेशन नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण अहरवाल द्वारा किया गया। सर्जरी के बाद इन बच्चों के जीवन में नई रोशनी आई।

मोतियाबिंद ऑपरेशन की टीम में ये रहे शामिल

बताया गया कि 19 मई को जिला चिकित्सालय मंडला में आयोजित शिविर में चिन्हांकित सभी 11 बच्चों को आई वार्ड नंबर 52 में भर्ती किया गया था। मंगलवार सुबह नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण अहरवाल, एनेस्थेसिया विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण उइके, डॉ. अनूप कुशराम और चिकित्सीय टीम में हीरानंद चंद्रवंशी, संजय भोयर, नर्सिंग ऑफिसर वैशाली सहलाम, सूर्या पटेल और पूजा बर्मन शामिल थी। चिकित्सकीय टीम द्वारा सफलतापूर्वक इन सभी बच्चों की नि:शुल्क सर्जरी की। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. केसी सरोते, सीएस डॉ. विजय सिंह धुर्वे, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण अहरवाल, उप प्रबंधक अजय सैयांम, आरबीएसके प्रबंधक अर्जुन सिंह, आरबीएसके डॉक्टर और एएनएम के साथ आई ओपीडी, ओटी का स्टाफ उपस्थित रहा।

सर्जरी ये बच्चें हुए लाभान्वित

बताया गया कि मोतियाबिंद से ग्रसित बच्चों में महिमा 7 वर्ष पिता धर्मवीर ग्राम बर्रा खमरिया मवई, तरूण 6 वर्ष पिता झानक लाल ग्राम पिपरिया निवास, ज्योति मार्को 6 वर्ष पिता राजेंद्र ग्राम खमरिया निवास, नीरज 14 वर्ष पिता दिलीप परते ग्राम पीपरडॉन घुघरी, अंकित 11 वर्ष पिता राकेश यादव ग्राम चारगांव नैनपुर, धर्मेन्द्र 8 वर्ष पिता अमृत परस्ते ग्राम नयाटोला मवई , अक्षय यादव 8 वर्ष पिता अजय ग्राम दादी मवई, शेख आर्यन 13 वर्ष पिता आकलम ग्राम तबलपानी घुघरी, नकुल वरकड़े 15 वर्ष पिता दिलीप ग्राम जामगांव नैनपुर, साहिल मरकाम 10 वर्ष पिता नंदलाल ग्राम बहराटोला घुघरी, अंकित परस्ते 7 वर्ष पिता अमराट ग्राम नयाटोला मवई की नि:शुल्क सर्जरी नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ तरूण अहरवाल द्वारा जिला चिकित्सालय मंडला में की गई।

मोतियाबिंद एक गंभीर नेत्र रोग 

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण अहरवाल ने बताया कि मोतियाबिंद एक नेत्र रोग है जो आमतौर पर बच्चों में जन्मजात, चोट लगने से या बढ़ती उम्र के साथ होता है। यह लेंस में सफेद परत या धुंधलेपन के कारण होता है, जिससे धुंधली, फीकी या धुंधली दृष्टि होती है। इस बीमारी के सामान्य लक्षण है, जिसमें दूर की चीजों का धुंधला दिखना या रंगों का फीका दिखाई देना। रात में खासकर कम रोशनी में देखने में कठिनाई। तेज रोशनी से आँखें चुंधियाना या देखने में दिक्कत होना। रंगों का पहले से फीका या पीला दिखाई देना। मोतियाबिंद आमतौर पर जन्मजात, चोट, उम्र बढऩे, मधुमेह, आँखों में चोट, कुछ दवाओं के उपयोग या पारिवारिक इतिहास के कारण होता है। इसके साथ ही लेंस में प्रोटीन और फाइबर के टूटने से दृष्टि धुंधली हो जाती है।

मोतियाबिंद का सर्जरी ही एकमात्र समाधान 

सिविल सर्जन डॉ. विजय सिंह धुर्वे ने बताया कि सर्जरी ही मोतियाबिंद को हटाने और स्पष्ट दृष्टि को बहाल करने का एकमात्र तरीका है। इस सर्जरी के दौरान एक नेत्र रोग विशेषज्ञ धुंधले प्राकृतिक लेंस को हटाकर उसकी जगह एक इंट्राओकुलर लेंस लगाता है, जो आँख में स्थायी रूप से रहता है। सीएमएचओ डॉ. केसी सरोते ने आम जनता से अपील की है कि मोतियाबिंद एक गंभीर स्थिति है, जिसका इलाज न करने पर यह अंधापन का कारण बन सकता है। मोतियाबिंद तब खतरनाक होता है जब यह परिपक्व हो जाता है, इसके कारण दृष्टि में काफी गिरावट आ जाती है। उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि यदि बच्चों में मोतियाबिंद के लक्षण दिखें तो सही समय पर उपचार कराए।



बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मरीज और तीमारदार त्रस्त

  • अस्पताल प्रशासन पर उठे सवाल, वेटिंग एरिया में पंखे नदारद
  • स्टाफ की कमी से करना पड़ रहा इंतजार

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिला चिकित्सालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर के बाहर बने प्रतीक्षालय में पंखों की व्यवस्था न होने से तपती गर्मी और उमस ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। विगत दिवस भी इस समस्या को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी, लेकिन जब हमारी टीम दोबारा मंगलवार को पहुंची और देखा तो स्थिति जस की तस रही, जिससे अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय के ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठे मरीजों के परिजन भीषण गर्मी से बेहाल हैं। प्रतीक्षालय में पंखों की अनुपस्थिति के कारण ऑपरेशन या ड्रेसिंग का इंतजार कर रहे लोग पसीने-पसीने होते नजर आ रहे हैं। वहीं प्रथम तल में स्थित ओटी में महिला नर्सिंग स्टाफ की कमी के कारण आने वाले मरीजों को परेशानी के साथ इंतजार भी करना पड़ रहा है। ओटी में यदि कोई पुरूष मरीज ड्रेसिंग के लिए आता है, तो उसके लिए मेल नर्सिंग स्टाफ है, जो उनकी ड्रेसिंग तत्काल कर देते है, लेकिन महिला मरीजों के लिए स्टाफ की कमी है, यदि उसी दौरान ओटी में डिलेवरी केस आ गए तो नर्सिंग स्टाफ व्यस्त हो जाते है। जिसके कारण महिला मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्टाफ की कमी से मरीज परेशान 

बताया गया कि विगत दिवस भी इस समस्या को लेकर खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था, लेकिन संबंधित अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं गया। मंगलवार को भी प्रथम तल और द्वितीय तल में स्थित ऑपरेशन थिएटर के वेटिंग एरिया में लोग गर्मी से परेशान होते नजर आए। मरीजों और तीमारदारों को गर्मी से निजात दिलाने के लिए एक भी पंखे की व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण प्रतीक्षा कर रहे महिला, पुरुष मरीज और अधिक परेशान होते रहे। मंगलवार को एक महिला मरीज जो सुबह करीब 10 बजे अपनी ड्रेसिंग करवाने आई थी, लेकिन महिला नर्स स्टाफ की कमी के कारण करीब साढ़े तीन घंटे इंतजार करना पड़ा। बताया गया कि डिलीवरी केस होने के कारण सभी नर्सिंग स्टाफ को डिलीवरी केस में लगा लिया गया था, जिसके कारण माइनर ड्रेसिंग के लिए भी महिलाओं को फीमेल नर्स का इंतजार करना पड़ा। जिसके कारण गर्मी में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बुनियादी सुविधाओं की मांग 

इन अव्यवस्थाओं के कारण जिला चिकित्सालय की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं का अभाव मरीजों और उनके परिजनों को परेशान कर रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने और ऑपरेशन थिएटर के बाहर प्रतीक्षालय में पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिला चिकित्सालय प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब ध्यान देता है और कब तक मरीजों के परिजनों को इस असहनीय गर्मी से राहत मिलती है। फिलहाल ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठे बेहाल परिजन राहत की उम्मीद में टकटकी लगाए हुए हैं।

इनका कहना है

दोनो ओटी के सामने प्रतिक्षालय में समस्या तो है यहां सिंलिंग फेन के लिए कोई पाइंट नहीं है। एक दो दिन में दीवाल फैन या कूलर की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
डॉ विजय धुर्वे, सिविल सर्जन, मंडला



भगवान कृष्ण ने पूतना को देखते ही अपने नेत्र कर लिए थे बंद 

  • गूंजी गोवर्धन लीला की कथा, भगवान कृष्ण ने उठाया गिरीराज
  • नीलू महाराज ने बताया अहंकार त्याग और प्रकृति संरक्षण का संदेश

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय के अंबेडकर वार्ड स्थित गुरुद्वारा में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण में पूतना वध के प्रसंग को विस्तार से बताते हुए भागवत रसिक नीलू महाराज ने भगवान श्री कृष्ण की अद्भुत गोवर्धन लीला का मनोहारी वर्णन किया। इस प्रसंग को सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। कथा में पंडित नीलू महाराज ने पूतना वध के प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आखिर क्यों भगवान कृष्ण ने पूतना को देखते ही अपने नेत्र बंद कर लिए थे, उन्होंने कहा कि पूतना एक नारी थी, और शास्त्रों में नारी को अवध्य माना गया है। भगवान को उसे मारने में संकोच हो रहा था, इसीलिए उन्होंने नेत्र बंद कर लिए। दूसरा कारण बताते हुए कहा कि भगवान की आँखों में वैराग्य का भाव है। यदि वे पूतना से सीधे आँखें मिलाते, तो उसे तुरंत ज्ञान प्राप्त हो जाता, जो कि उस समय उचित नहीं था। इसलिए उन्होंने आँखें बंद कर लीं ताकि उसे तत्काल आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति न हो। तीसरा कारण को समझाते हुए नीलू महाराज ने बताया कि भगवान जिस पर भी अपनी दृष्टि डालते हैं, उसे तुरंत उनके स्वरूप का ज्ञान हो जाता है। पूतना को अपनी वास्तविकता का ज्ञान न हो, इस कारण भी भगवान ने नेत्र बंद किए।

पंडित नीलू महाराज ने कथा में आगे बताया कि यह लीला भगवान कृष्ण द्वारा इंद्र के अभिमान को तोडऩे और गोकुल वासियों को प्रकृति और गौ सेवा का महत्व समझाने के लिए रची गई थी। महाराज श्री ने कथा का वर्णन करते हुए बताया कि गोकुल के लोग प्रतिवर्ष इंद्रदेव की पूजा कर उन्हें प्रसन्न करते थे, जिससे अच्छी वर्षा हो। भगवान कृष्ण ने देखा कि इस पूजा में बहुत अधिक अन्न और धन का व्यय होता है। उन्होंने गोकुल वासियों को समझाया कि उन्हें इंद्र की नहीं, बल्कि उस गोवर्धन पर्वत की पूजा करनी चाहिए जो उन्हें वनस्पति, गौ-धन के लिए चारा और जीवन देता है।

भगवान कृष्ण के कहने पर गोकुल वासियों ने इंद्र पूजा बंद कर गोवर्धन पर्वत की पूजा की। इससे कुपित होकर इंद्रदेव ने घनघोर वर्षा की, जिससे गोकुल में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा। तब भगवान कृष्ण ने अपने बाल स्वरूप में ही गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया और सात दिनों तक उसे उठाए रखा, जिसके नीचे सभी गोकुल वासी और उनके पशु सुरक्षित रहे। गोवर्धन लीला के वर्णन के साथ नीलू महाराज ने बताया कि इस लीला के माध्यम से भगवान ने भक्तों को यह विश्वास दिलाया कि जब भी उन पर कोई संकट आएगा, भगवान उनकी रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। श्रद्धालुजन इस अद्भुत कथा को सुनकर भगवान कृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति में लीन हो गए।



 


कान्हा नेशनल पार्क में दो माह में हुई 94 आग की घटनाएं, 316.43 हेक्टेयर वन क्षेत्र जले

  • तैनात कर्मचारियों की मदद से समय पर पाया गया काबू

मंडला महावीर न्यूज 29. प्रतिवर्ष गर्मी के सीजन में जंगल का सबसे बड़ा नुकसान आग के कारण होता है। इस आगजनी के कारण जंगल में रहने वाले जीव, जंतु, पशु पक्षी को नुकसान पहुंचता है। इसके साथ ही जंगल की जमीन भी इस आगजनी से प्रभावित होती है। जंगल में लगे छोटे-छोटे पौधे भी नष्ट हो जाते हैं। जिससे कि हमारा जंगल असंतुलित होता है। मई माह का प्रथम पखवाड़ा समाप्त हो गया है और तापमान 40 डिग्री के आसपास चल रहा है। आगामी दिनों में तापमान में और बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। बताया गया कि लगातार बढ़ रहे पारे और गर्मी के चलते जहां गांव, कस्बों और शहरों में आग लगने की घटनाएं होती है, वहीं जंगलों में भी आग का खतरा बना रहता है। विश्व विख्यात कान्हा नेशनल पार्क में भी आगजनी की घटनाओं से बचाव के खास इंतजाम किए जाते है, जिससे जंगल में आग से बचाव किया जा सके। जिसके लिए पार्क प्रबंधन समेत सैकड़ों कर्मचारी तैनात हैं, जो जंगल को दिन-रात आग से बचाते है।

जानकारी अनुसार 940 वर्ग किलोमीटर में फैले कान्हा नेशनल पार्क में आग न लगे इसके लिए फायर कैंप व सैटेलाइट के माध्यम से निगरानी की जाती है। वहीं दूसरे तरफ रेंज अफसर, बीट गार्ड और मैदानी अमलीा हमेशा तैनात रहता है। जंगल के चप्पे-चप्पे पर कर्मचारियों की पैनी नजर होती है, वही प्रबंधन के आला अफसर भी हमेशा चौकन्ने रहते है। जिसके कारण अब तक कान्हा नेशनल पार्क में आगजनी की कोई बड़ी घटना अब तक सामने नहीं आई है। कान्हा में आगजनी की जो घटनाएं हुई है, वह बड़ी घटना नहीं है। 15 फरवरी से 7 मई तक कान्हा के 94 क्षेत्रों में आगजनी की घटना हुई, जिसमें 316.43 हेक्टेयर वन क्षेत्र जला है। वैसे तो कान्हा नेशनल पार्क के कोर एरिया में आम नागरिकों का प्रवेश नहीं होता है, जिससे कृत्रिम आग का खतरा कम होता है लेकिन जंगल मे बांस के पेड़ों की अधिकता होने से प्राकृतिक आग का खतरा हमेशा बना रहता है। इस खतरे से निपटने प्रबंधन हमेशा मुस्तैद रहता है।

कोर जोन में 25 आगजनी की घटना में 113 हेक्टेयर वनक्षेत्र प्रभावित 

जानकारी अनुसार 15 फरवरी से 7 मई तक कान्हा नेशनल पार्क में कुल 94 आग लगने की घटनाएं दर्ज की गईं, जिसमें कोर और बफर जोन मिलाकर कुल 316.43 हेक्टेयर वन क्षेत्र जल गया। यह आग की घटनाएं वन्यजीवों और पार्क की पारिस्थितिकी के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। कोर जोन में घटित हुई आगजनी की घटना में इस वर्ष कान्हा रेंज में आग लगने की कोई घटना नहीं हुई है। किसली रेंज में 4 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिसमें लगभग 11 हेक्टेयर वन क्षेत्र जल गया। मुक्की रेंज में 4 घटना में 39.61 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। सुपखार रेंज में 12 आग की घटना में 45.50 हेक्टेयर वन क्षेत्र जल गया। बघट रेंज में 4 घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें 12 हेक्टेयर वन क्षेत्र का नुकसान हुआ है। सरही रेंज में 3 घटना में 5 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ। फेन रेंज में आग लगने की कोई घटना दर्ज नहीं की गई है। कोर जोन में कुल 25 आग लगने की घटनाएं दर्ज की गईं, जिसमें 113 हेक्टेयर वन क्षेत्र जल गया।

बफर जोन में 69 घटना में 203.32 हेक्टेयर को नुकसान 

बताया गया कि बफर जोन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न रेंज में आग लगने की घटनाएं हुई है। जिससे कुछ क्षेत्र प्रभावित हुए है। जिसमें खटिया रेंज में 8 आग लगने की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे 28 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। खापा रेंज में 9 घटना में 34 हेक्टेयर वन क्षेत्र, समनापुर रेंज में 5 घटना में 18 हेक्टेयर वन क्षेत्र, गढ़ी रेंज में सबसे अधिक 36 आग लगने की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे 99.82 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। बफर जोन में यह रेंज आग से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। मोतीनाला रेंज में 2 आग की घटनाओं में 3.50 हेक्टेयर वन क्षेत्र का नुकसान हुआ है। सिझोरा रेंज में 9 आग की घटनाओं में 20 हेक्टेयर वन क्षेत्र जला है। बफर जोन में कुल 69 आग लगने की घटनाएं दर्ज की गईं, जिसमें 203.32 हेक्टेयर वन क्षेत्र का नुकसान हुआ है।

पार्क कें पास उपलब्ध है अग्नि नियंत्रण और संसाधन 

कान्हा पार्क प्रबंधन आग पर नियंत्रण पाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हमेशा सर्तक रहते हुए पार्क क्षेत्र में पैनी नजर बनाए रखता है। पार्क प्रबंधन इस घटना से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध है। बताया गया कि पार्क प्रबंधन के पास 530 अग्रि योद्धा है, जिसमें कोर जोन में 361, बफर जोन में 169 अग्नि योद्धा आग बुझाने के कार्यों में संलग्न हैं। इसके साथ ही कोर जोन में 31 और बफर जोन में 12 ब्रशवुड कटर उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग झाडिय़ों और सूखी पत्तियों को हटाने में किया जाता है, जो आग फैलने का कारण बन सकती हैं। ऐसे 43 ब्रशवुड कटर पार्क में कार्यरत हैं। पार्क प्रबंधन ने बताया कि आग को फैलने से रोकने के लिए हवा के ब्लोअर का उपयोग किया जाता है। कोर जोन में 41 और बफर जोन में 8 ब्लोअर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही आग की घटनाओं की निगरानी और शुरुआती पहचान के लिए फायर वॉच टॉवर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कोर जोन में 31 और बफर जोन में 27 फायर वॉच टॉवर स्थापित हैं। जिसकी मदद से आगजनी की घटनाओं पर नजर बनी रहती है। इसके साथ ही पार्क में वायरलेस स्टेशन भी स्थापित है, जो संचार को सुचारू बनाए रखने में वायरलेस स्टेशनों का उपयोग किया जाता है। पार्क में फिक्स 46 और 180 वायरलेस सेट उपलब्ध हैं।

अग्रि रेखा की हो चुकी सफाई

बताया गया कि फायर सीजन के लिए कार्य योजना बनाने के बाद विगत दो माह पहले ही वन मार्ग व वनक्षेत्र से लगे मुख्य मार्गो के दोनों तरफ तीन-तीन मीटर अग्रि रेखा की सफाई की जा चुकी है। जिससे आग लगने की स्थिति में आग एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं पहुंच पाती है। जिससे जंगल में आग फैलने से बचाव होता है। इस तपती गर्मी में मार्ग किनारे गिरे पत्तों को भी एकत्र कर नष्ट किया जा रहा है। जिससे जंगल में आग का खतरा ना बने। जंगल में आगजनी से निपटने के लिए कान्हा, किसली और सरही में करीब 118 अग्रि शामक दल बनाए गए है, जो जंगल की निगरानी कर रहे है।

कान्हा के बफर जोन में अग्रि दुर्घटनाएं
नोट- वर्ष 2025 में बफर जोन में 07 मई तक हुई अग्रि दुर्घटनाएं और उसका रकवा।



मंडला में त्रिदेव वृक्ष बना हरा भरा

  • नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा का सफल वृक्षारोपण

मंडला महावीर न्यूज 29. विगत वर्ष 2016 में नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा के दौरान मंडला जिले के पूर्व सामान्य वन मंडल में तत्कालीन वन मंडलाधिकारी लालजी मिश्रा के नेतृत्व में पर्यावरण वानिकी के अंतर्गत 0.8 हेक्टेयर क्षेत्र में फलदार पौधों का वृक्षारोपण किया गया था। इस वृक्षारोपण की खास बात यह थी कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं यहां त्रिदेव तीन पौधों का रोपण किया था, जो आज एक हरा-भरा वृक्ष बन गया है।

बताया गया कि नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा के दौरान प्रदेश के कई स्थानों पर वृक्षारोपण किया गया था, लेकिन मंडला जिले का यह प्रयास विशेष रूप से सफल रहा है। यह वृक्ष न केवल पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है, बल्कि सेवा यात्रा के दौरान किए गए प्रयासों की सफलता की भी कहानी कह रहा है।


निवास के बाहुर गांव में तेज हवा तूफान का कहर

  • मकान पर गिरा आम का पेड़, टला बड़ा हादसा

मंडला महावीर न्यूज 29. रविवार की शाम लगभग चार बजे निवास मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में अचानक मौसम बदल गया। तेज हवा और तूफान के साथ हुई जोरदार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। इसी दौरान निवास थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बाहुर में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बाहुर गांव में शोभा परस्ते का कच्चा मकान स्थित है। उनके घर के पास ही एक विशाल आम का पेड़ लगा हुआ था। रविवार की शाम आए तेज हवा और तूफान के कारण वह पेड़ जड़ से उखड़ गया और सीधा शोभा परस्ते के मकान के ऊपर गिर पड़ा। पेड़ के गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। गनीमत रही कि जब पेड़ मकान पर गिरा, तब घर के सदस्य अंदर ही मौजूद थे, लेकिन किसी को भी कोई गंभीर चोट नहीं आई। परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए, जिससे सभी ने राहत की सांस ली।
पीडि़त शोभा परस्ते ने बताया कि उनके घर पर उनकी बेटी का विवाह है और जल्द ही शादी होने वाली है। इसके लिए घर के आंगन में टेंट भी लगाया गया था।

दुर्भाग्यवश पेड़ गिरने से टेंट बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय कुछ रिश्तेदार भी घर पर मौजूद थे, हालाकि इस हादसे में किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दी गई है। राजस्व विभाग के अधिकारियों से नुकसान का आकलन करने और पीडि़त परिवार को उचित मुआवजा प्रदान करने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने इस प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान पर दुख व्यक्त किया है और पीडि़त परिवार को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने एक बार फिर तेज हवा और तूफान के खतरे को उजागर किया है, खासकर कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों के लिए यह और भी अधिक जोखिम भरा साबित हो सकता है।


रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे


हीरापुर में गहराया जल संकट, 1200 की आबादी एक हैंडपंप के भरोसे, आंदोलन की चेतावनी

  • हर घर जल का दावा खोखला
  • हीरापुर में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरसे ग्रामीणों में आक्रोशित

मंडला महावीर न्यूज 29. भीषण गर्मी के बीच जहां अधिकांश लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं, वहीं निवास जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत जवेधा के पोषक ग्राम हीरापुर के ग्रामीण गंभीर जल संकट से जूझ रहे हैं। लगभग 1200 की आबादी वाले इस गांव में न तो कोई नल जल योजना है और न ही हैंडपंप काम कर रहे हैं। हैंडपंपों से हवा निकल रही है। पूरे गांव के लोग मात्र एक चालू हैंडपंप के भरोसे अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं।

बताया गया कि चिलचिलाती धूप में गांव की महिलाओं को एकमात्र हैंडपंप में पानी भरने के लिए लंबी कतारों में खड़े देखा जा सकता है। दिनभर इस हैंडपंप पर पानी भरने वाली महिलाओं की भीड़ लगी रहती है और कई बार पानी को लेकर आपस में कहासुनी और लड़ाई तक की नौबत आ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी विकट जल संकट की स्थिति उनके गांव में प्रतिवर्ष उत्पन्न होती है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन के साथ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को अनेकों बार लिखित आवेदन दिया है, लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है और अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा अतिरिक्त आर्थिक बोझ 

ग्रामीणों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि इन दिनों गांव में शादी-विवाह के आयोजन चल रहे है, जिसके चलते घरों में रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहता है। हालांकि पानी की कमी के कारण उन्हें दिनभर पानी भरने में ही समय बिताना पड़ता है। मजबूरी में उन्हें शादियों में बाहर से टैंकर मंगवाकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

उग्र आंदोलन की चेतावनी 

ग्रामीणों ने सरकार की हर घर जल योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर हकीकत इसके विपरीत है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनके गांव में पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। हीरापुर के ग्रामीणों का यह संकटपूर्ण हाल विकास के दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है।

इनका कहना है

हमारे ग्राम में प्रतिवर्ष जल संकट रहता हैं, शासन हर घर जल की बात करती हैं परन्तु जमीनी हकीकत कुछ और हैं हमारा गांव एक हैंडपंप के भरोसे है, अगर समस्या का हल नहीं हुआ तो आंदोलन करने हम मजबूर होंगे।
सालिक राम धार्वे
वरिष्ठ नागरिक ग्राम हीरापुर

हमारे गांव में पानी की समस्या है, पांच हैंडपंप हवा उगल रहे है, एक चालू है जिसके भरोसे पूरा गांव है, पानी भरने दिन रात लाइन तक लगना पड़ता है अनेकों बार शिकायत संबंधित अधिकारी से किए पर कोई सुनने वाला नहीं हैं।
दिनेश दास
ग्रामीण युवा

जल संकट से निपटने के लिए जांच करके नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी, हमने सभी पंचायतों को निर्देशित किया है कि जहां जल संकट है तत्काल टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराए।
दीप्ति यादव
सीईओ, जनपद पंचायत निवास

हमारी टीम ने गांव का निरीक्षण किया है, पेयजल की समस्या को लेकर गांव में जल्द खनन कराया जाएगा ताकि ग्रामीणों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े।
गरिमा मरकाम सहायक यंत्री
पीएचई विभाग, निवास


रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे



जन्मजात मोतियाबिंद से पीडि़त 11 बच्चों को मिलेगी नई रोशनी

  • राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत होगी बच्चों की सर्जरी

मंडला महावीर न्यूज 29. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिला चिकित्सालय मंडला में जन्मजात मोतियाबिंद से जूझ रहे बच्चों के लिए एक विशेष सर्जरी शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिले के बिछिया, मवई, निवास, मोहगांव, घुघरी और नैनपुर ब्लाक के 17 बच्चों को चिन्हित किया गया था। शिविर के पहले चरण में जिले भर से आए कुल 11 बच्चों को सफल सर्जरी के लिए जिला चिकित्सालय के वार्ड नंबर 52 में भर्ती किया गया है। शेष बच्चों का दूसरे चरण में सर्जरी की जाएगी। इन सभी बच्चों का ऑपरेशन नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण अहिरवार द्वारा किया जाएगा, जिससे उनके जीवन में नई रोशनी आएगी।

बताया गया कि इस शिविर के सफल आयोजन में जिला चिकित्सालय मंडला के सिविल सर्जन डॉ. विजय सिंह धुर्वे ने सक्रिय भूमिका निभाई। शिविर के दौरान डॉ. धुर्वे ने भर्ती किए गए बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी दी। ऑपरेशन करने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण अहिरवार ने बताया कि जन्मजात मोतियाबिंद बच्चों की दृष्टि के लिए एक गंभीर समस्या है और समय पर सर्जरी ही इसका एकमात्र प्रभावी इलाज है। उन्होंने कहा कि शिविर में चयनित सभी बच्चों की सर्जरी सफलतापूर्वक की जाएगी और वे जल्द ही सामान्य जीवन जी सकेंगे। आरबीएसके प्रबंधक अर्जुन सिंह ने बताया कि 11 बच्चों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए भर्ती कर लिया गया है। इनकी सभी जांचे सोमवार को ही कर ली गई है। जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को सभी 11 बच्चों का मोतयाबिंद ऑपरेशन डॉ. तरूण अहिरवार द्वारा किया जाएगा।

शिविर के सफल संचालन में जिला चिकित्सालय के उप प्रबंधक अजय सैयाम, आरबीएसके प्रबंधक अर्जुन सिंह, आरबीएसके, आरबीएसके एएनएम, संजय भोयार और आई ओपीडी, ओटी के समस्त स्टाफ ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। सभी ने मिलकर बच्चों की भर्ती प्रक्रिया को सुगम बनाया और उनके परिजनों को आवश्यक सहायता प्रदान की। आरबीएसके प्रबंधक अर्जुन सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल करना और उन्हें गंभीर बीमारियों से मुक्त कराना है। इस कार्यक्रम के तहत जन्मजात बीमारियों से पीडि़त बच्चों की पहचान कर उन्हें मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाता है। मंडला में आयोजित यह शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को नई उम्मीद और बेहतर भविष्य प्रदान करेगा। बताया गया कि इस शिविर के आयोजन से न केवल 11 बच्चों को दृष्टि मिलेगी, बल्कि यह कार्यक्रम जिले के अन्य जरूरतमंद बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।


बारातियों से भरी तूफान गाड़ी और डंपर की टक्कर, टला बड़ा हादसा

  • तेज रफ्तार डंपर ने मारी टक्कर, मामूली चोटों के साथ बाल-बाल बचे बाराती

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक डंपर और एक यात्री वाहन की आमने-सामने टक्कर हो गई। यह घटना तब हुई जब यात्री वाहन तूफान गाड़ी में सवार होकर बाराती जा रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने नारायणगंज के ग्राम बाबादेवरी के पास उनकी गाड़ी को साईड से टक्कर मार दी। यह टक्कर यात्री वाहन के साईड से लगी और डंफर से सट गई। गनीमत रही कि गाड़ी में सवार सभी यात्री बाल-बाल बच गए। हादसे में कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज ले जाया गया। जहां उनका उपचार किया गया। चिकित्सक ने बताया कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं। बताया गया कि इस हादसे की शिकायत पुलिस में नहीं की गई है। इस हादसे के बाद बारातियों के विवाह कार्यक्रम में जरूर खलल पड़ा, लेकिन सभी इस बात से राहत महसूस कर रहे हैं कि कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि डंपर की रफ्तार बहुत तेज थी और चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। इस घटना ने एक बार फिर जिले में तेज रफ्तार वाहनों की समस्या को उजागर किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन इस पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि सड़कों पर गति नियंत्रण के सख्त उपाय किए जाएं जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।



प्रत्येक प्राणी का अंतिम लक्ष्य भगवान नारायण हरि को प्राप्त करना

  • भगवान श्री कृष्ण की बाललीला का मनोहारी वर्णन, नीलू महाराज ने बताया आनंद का मार्ग

मंडला महावीर न्यूज 29. स्थानीय अंबेडकर वार्ड स्थित गुरुद्वारा में आयोजित श्री मद् भागवत महापुराण कथा में भगवान श्री कृष्ण की मनमोहक बाललीला, माखन लीला का पंडित नीलू महाराज ने रसपूर्ण वर्णन किया। सोमवार को भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के उल्लास के साथ कथा में बाल गोपाल की नटखट और प्रेम भरी लीलाओं को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भागवत रसिक नीलू महाराज ने अपने प्रवचन में उपस्थित भक्तों को बताया कि प्रत्येक प्राणी का अंतिम लक्ष्य भगवान नारायण हरि को प्राप्त करना है। उन्होंने अपने गहन शास्त्रीय अध्ययन और मनन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने यह दृढ़ निश्चय किया है कि जीवन में केवल भगवान नारायण का ही निरंतर ध्यान करना चाहिए।

महाराज जी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जब तक मनुष्य के हृदय में निर्गुण निराकार ब्रह्म के प्रति अटूट श्रद्धा और निष्ठा उत्पन्न नहीं होती, तब तक मन से राग-द्वेष जैसी नकारात्मक भावनाएं समाप्त नहीं हो सकतीं। उन्होंने कहा कि जब ध्यान के समय मन सांसारिक विचारों और विकारों से अशुद्ध रहता है, तो सच्ची आत्मानंद की अनुभूति कदापि संभव नहीं है। नीलू महाराज ने वर्तमान समय में जीवन के अत्यधिक भोग-विलास में लिप्त होने पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भौतिक सुखों की क्षणिक तृप्ति में आनंद की खोज करना भ्रम मात्र है। सच्चा आनंद तो निर्मल मन से भगवान के ध्यान में ही निहित है।

उन्होंने माखन लीला का सुंदर दृष्टांत देते हुए भगवान कृष्ण की बालसुलभ चंचलता और माता यशोदा के प्रति उनके प्रेम का भावपूर्ण चित्रण किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान अपने भक्तों के प्रेम के वशीभूत होकर साधारण लीलाएं करते हैं और उनमें भी गहरा आध्यात्मिक संदेश छिपा होता है। कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने नीलू महाराज के अमृतमयी वचनों को ध्यानपूर्वक सुना और भगवान की बाललीला के मधुर प्रसंगों का आनंद लिया। इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर भक्तिमय वातावरण से ओतप्रोत था। भिरयानी परिवार द्वारा आयोजित इस महापुराण कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।


चोरी गई गाय और भैंस बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार

  • बिछिया पुलिस की त्वरित कार्रवाई से किसानों के 16 मवेशी मिले वापस

मंडला महावीर न्यूज 29. थाना बिछिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 01 नग गाय और 15 नग भैंस की चोरी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चोरी गए मवेशियों को बरामद कर किसानों को वापस सौंप दिया है, जिससे उन्हें राहत मिली। बताया गया कि थाना बिछिया क्षेत्र के ग्राम धनगांव निवासी एक किसान ने 18 मई को थाने में सूचना दी कि उनके और गांव के अन्य किसानों के 16 मवेशी, जिनमें गाय और भैंस शामिल हैं, तालाब के पास से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर लिए गए हैं।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बिछिया धर्मेंद्र सिंह धुर्वे के नेतृत्व में बिछिया पुलिस और स्थानीय लोगों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए मवेशियों और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। सघन तलाशी अभियान के दौरान पुलिस टीम ग्राम हर्राभाट के खेतों में पहुंची, जहां उन्हें चोरी किए गए मवेशियों के साथ तीन संदिग्ध व्यक्ति दिखे। पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। इनकी पहचान अशोक कुमार उर्फ लुडी पिता पन्नू साहू, उपेंद्र साहू पिता प्रमोद साहू और अमित साहू पिता भूपेंद्र साहू, सभी निवासी ग्राम चौरंगा थाना बिछिया के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गई सभी 16 मवेशियों को बरामद कर लिया और उन्हें उनके किसानों को सौंप दिया।

इस मामले में थाना बिछिया में आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी बिछिया धर्मेंद्र सिंह धुर्वे, सहायक उप निरीक्षक सुरेश विजयवार, उमेलाल झुलेश्वर, उपेंद्र यादव और आरक्षक अरविंद बर्मन, हेमंत शिव, संजय कटरे, गजरू उद्दे शामिल रहे, जिनकी तत्परता और सक्रियता से चोरी गए मवेशियों को जल्द ही बरामद कर लिया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की किसानों और ग्रामीणों द्वारा सराहना की जा रही है।


तिरंगा यात्रा के लिए घुघरी में सर्व समाज का आह्वान

  • भारतीय सैनिकों के सम्मान में आज निकलेगी तिरंगा यात्रा

मंडला महावीर न्यूज 29. ग्राम पंचायत घुघरी में सोमवार को सर्व समाज के लोगों की बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारतीय सैनिकों के सम्मान में आज 20 मई को सुबह 11 बजे आयोजित होने वाली भव्य वंदे मातरम तिरंगा यात्रा की रूपरेखा तय की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यह तिरंगा यात्रा घुघरी के प्रमुख चौराहों से होते हुए त्यागी चौक तक निकाली जाएगी। इस सम्मान यात्रा में क्षेत्र के सभी वर्गों के लोगों से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की गई है। बैठक में हिंदू परिषद, जन अभियान परिषद और घुघरी के सर्व समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक में जनपद अध्यक्ष जनिया बाई मरावी, भाजपा जिला महामंत्री नीरज मरकाम, सांसद प्रतिनिधि रामप्रकाश साहू, मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र धुर्वे, पूर्व मंडल अध्यक्ष शंभू प्रसाद साहू, महामंत्री संजय साहू सहित अनेक प्रमुख व्यक्तियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्र सेवा के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह तिरंगा यात्रा हमारे वीर सैनिकों के प्रति सम्मान और एकजुटता का प्रतीक होगी। आज सुबह 11 बजे घुघरी के मुख्य चौराहों से शुरू होकर त्यागी चौक तक जाने वाली इस वंदे मातरम तिरंगा यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर भारतीय सैनिकों के प्रति अपना सम्मान प्रदर्शित करने का आह्वान सर्व समाज ने किया है। इस पहल को क्षेत्र के नागरिकों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।


रिपोर्टर- दुर्गेश प्रजापति घुघरी ✍️


हिरदेनगर में अवैध मुर्रम उत्खनन का तांडव, लाखों की सड़क हुई जर्जर

  • अस्पताल के पीछे मुर्रम चोरों का अड्डा, प्रशासन मौन

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के हिरदेनगर क्षेत्र में इन दिनों अवैध उत्खनन और परिवहन का कारोबार युद्ध स्तर पर चल रहा है। हिरदेनगर अस्पताल के पीछे मुर्रम चोरों ने अपना अड्डा बना लिया है, जहां रात भर भारी वाहनों जैसे हाइवा और डंपर से अवैध रूप से मुर्रम का परिवहन किया जा रहा है। सिंगल सड़क पर इन भारी वाहनों की धमाचौकड़ी ने स्थानीय लोगों का जीवन दूभर कर दिया है। रात भर चलने वाले इस अवैध उत्खनन और भारी वाहनों की आवाजाही पर संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न किया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

बताया गया कि अवैध उत्खनन करने वाले खुलेआम अपनी मशीनें लगाकर बेखौफ होकर उत्खनन कर रहे हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण वहां की लगभग पंद्रह लाख रुपये की लागत से निर्मित ग्रेवल रोड पूरी तरह से खराब हो गई है। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि इन माफियाओं के ऊपर कब कठोर कार्रवाई की जाएगी, जो अपने निजी लाभ के लिए सारी व्यवस्थाओं को तहस-नहस कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि ये अवैध उत्खननकर्ता शासकीय संपत्ति को अपना मालिकाना हक समझने लगे हैं और इनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में दर्जनों भारी वाहन मुर्रम भरकर तेज गति से निकलते हैं, जिससे धूल और शोर के कारण उनका जीना मुश्किल हो गया है। मरीजों और बुजुर्गों को रात भर नींद नहीं आती है। सड़क किनारे रहने वाले लोगों के घरों में धूल की मोटी परत जम जाती है, जिससे उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है। कई बार इन भारी वाहनों के कारण छोटे-मोटे हादसे भी हो चुके हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है। बताया गया कि यह सारा अवैध कारोबार स्थानीय अस्पताल के ठीक पीछे चल रहा है, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लग रही है या फिर वे जानबूझकर अनजान बने हुए हैं। लोगों का आरोप है कि कहीं न कहीं इन अवैध उत्खननकर्ताओं को कुछ अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण उनके हौसले बुलंद हैं और वे बिना किसी डर के खुलेआम इस गोरखधंधे को चला रहे हैं।

प्रभावी कदम उठाने की मांग 

स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से इस अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने की गुहार लगाई है, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। इससे लोगों में निराशा और गुस्सा बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही इस अवैध कारोबार पर लगाम नहीं लगाया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस अवैध उत्खनन से सबसे बड़ा नुकसान शासकीय संपत्ति का हो रहा है। लाखों रुपये की लागत से बनी ग्रेवल रोड इन भारी वाहनों की आवाजाही के कारण पूरी तरह से टूट-फूट गई है। अब यह सड़क चलने लायक भी नहीं बची है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करे और अवैध उत्खनन करने वालों और उनका परिवहन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। उन्होंने मांग की है कि इन माफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उनके द्वारा किए गए नुकसान की वसूली की जाए। इसके साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और क्षेत्र में नियमित रूप से निगरानी करने की मांग की है।



 


बेलगाम कंटेनर ने युवक को कुचला, एक की मौत

  • एक अन्य युवक घायल, गुस्साए ग्रामीणों ने रात्रि में हाईवे किया जाम 
  • आरटीओ हटाने और ब्रेकर लगाने की मांग 

मंडला महावीर न्यूज 29. बीजाडांडी थाना अंतर्गत नेशनल हाईवे 30 स्थित उदयपुर में शनिवार रात्रि लगभग पौने दस बजे एक बेलगाम कंटेनर ने दोपहिया वाहन सवार युवको को पीछे से टक्कर मार कर फरार हो गया, जिसमें एक युवक पवन कुमार कुंजाम पिता मंगल सिंग 22 वर्ष निवासी उदयपुर की घटना स्थल में मौत हो गई। वही दूसरा युवक जितेंद्र परते पिता बाबू लाल 21 वर्ष घायल हो गया।

जानकारी अनुसार शनिवार की रात लगभग 9.45 बजे अपनी नई गाड़ी में पवन और उसका दोस्त जितेंद्र बैहर बारात जाने के लिये पेट्रोल डलाने पेट्रोल पम्प जा रहे थे। उन्हें क्या पता था कि पीछे से आ रहा कंटेनर उसकी मौत का कारण बन जाएगा। बाईक में जा रहे दोनों युवक की बाईक को कंटेनर ने पीछे से टक्कर मार दी और पवन को रौंदते हुए फरार हो गया। यह घटना उदयपुर के मिडिल स्कूल के सामने की है। यह क्षेत्र सूनसान इलाका था लोगो ने जब तक देखा कंटेनर फरार हो गया। हालाकि की उसको बरेला टोल में पकड़ लिया गया था, लेकिन उसका चालक वहाँ से भी फरार हो गया। कंटेनर को पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने मंडला जबलपुर मार्ग नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। रात्रि में लगभग तीन घंटे जाम के बाद पुलिस की समझाइस पर लोग हाईवे से अलग हुए और जाम को खोला जा सका।

आरटीओ हटाने और ब्रेकर लगाने की मांग 

घटना के बाद लोगो का गुस्सा फूट पड़ा और हाईवे में जाम लगा दिया। इस दौरान सैकड़ो ग्रामीण हाईवे मार्ग पर बैठ गए। उनकी मांग थी की उदयपुर डोभी में जो आरटीओ रोज अपना डेरा डाला रहता है जिसकी वजह से दिन में हैवी वाहन कम चलते है और शाम होते ही जब आरटीओ हट जाता है तब बड़ी गाडिय़ो का रेला निकलता है, जिसके कारण इस मार्ग में दुर्घटनाएं हो रही है। वहीं इन वाहनों की गति कम करने के लिये तिराहे और चौराहे में ब्रेकर की मांग ग्रामीणों ने की है। मौके पर मौजूद बीजाडांडी पुलिस अधिकारी एवं बल के द्वारा समझाईश दी गई, जिसके बाद गुस्साएं ग्रामीण शांत हुये। जिसके बाद युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिये बीजाडांडी ले जाया गया। जहाँ पर दूसरे दिन पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौप दिया गया।

एक लौता बेटा था पवन 

बताया गया कि पवन अपने माँ बाप का एकलौता लाडला बेटा था, जिसकी शादी भी लग गई थी। माँ और बाप उसकी शादी की तैयारी में जुटे थे और अभी कुछ दिन पहले ही उसने नई बाइक ली थी, घटना की खबर सुनकर माँ बाप का बुरा हाल है। पूरे उदयपुर में हादसे की खबर लगते ही मातम छा गया। रात्रि में करीब 12 बजे तक हाईवे के दोनों तरफ लंबा जाम लगा रहा है।

गुस्साए भीड़ ने एसआई को मारा पत्थर 

घटना की खबर जैसे ही बीजाडांडी पुलिस को लगी थाना इंचार्ज मुवेल एवं स्टाप घटना स्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। जाम में सैकड़ो ग्रामीण सड़क पर थे, पुलिस के द्वारा लोगो को समझाया जा रहा था, अंधेरा भी अधिक था, और लोगो का गुस्सा भी अपने शबाव पर था, भीड़ के बीच से किसी ने पत्थर चलाया, जिसमें बीजाडांडी थाना के एसआई पंकज विश्कर्मा के कनपटी से लग गया। हालाकि इसमें एसआई को गम्भीर चोट नही आई, हल्की सी चोट आई है। इसके बाद भी पुलिस के द्वारा समझाई देते हुये लोगो के गुस्से को शांत किया एवं उचित कार्यवाही का आश्वाशन दिया।



पदमी का अमृत सरोवर तीन वर्ष बाद भी प्यासा, जल संवर्धन कार्यों में लापरवाही

  • ग्राम पंचायत पदमी में निर्माणाधीन अमृत सरोवर तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरा 
  • लाखों की लागत, फिर भी बूंद-बूंद पानी को तरसता सरोवर, जिम्मेदारों की अनदेखी

मंडला महावीर न्यूज 29. कम होते भू-जल स्तर को देखते हुए अमृत सरोवर योजना शुरू की गई है, जिससे जल संकट की समस्या कम की जा सके, इसके साथ ही क्षेत्र के जीव, जंतुओं, पशु, पक्षियों को पानी की कमी ना हो सके। जल स्तर बढ़ाने और पानी की किल्लत से बचाने के लिए अमृत सरोवर जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें अच्छी खासी धनराशि खर्च की जा रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर उचित क्रियान्वयन और नियमित निरीक्षण के अभाव में ये योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। मंडला जिले के ग्राम पदमी का अमृत सरोवर भी इसका जीता जागता उदाहरण है, जो निर्माण शुरू होने के तीन साल बाद भी एक बूंद पानी को तरस रहा है। अब देखना यह है कि क्या संबंधित विभाग मानसून से पहले इस कार्य को पूर्ण करा पाता है और सरोवर में पानी भर पाता है, या फिर इस वर्ष भी यह सरोवर अपनी बदहाली पर आंसू बहाता रहेगा। यह स्थिति जिले के अन्य अपूर्ण अमृत सरोवरों की भी कहानी बयां करती है, जो सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवालिया निशान खड़ा करती है।

जानकारी अनुसार जिले में भूमिगत जल स्तर साल दर साल नीचे जा रहा है। वहीं हर साल बारिश का आंकड़ा कम हो रहा है, दूसरी ओर बारिश की बूंदे सहेजने के लिए किए जा रहे उपाय जिले में नाकाफी साबित हो रहे हैं। भूमिगत जलस्तर को बनाने में तालाबों की सबसे बड़ी भूमिका होती है जिसे देखते हुए शासन द्वारा अमृत सरोवर योजना प्रारंभ की गई। लेकिन जिले में इस योजना के तहत बनाए गए सरोवरों का काम जहां प्रारंभ से ही लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। बताया गया कि जिले में बनाए जा रहे अलग-अलग अमृत सरोवरों में करीब 10 से 25 हजार घनमीटर पानी सहेजने की क्षमता का निर्धारण किया गया है। वहीं छोटे सरोवर के निर्माण में करीब 15 लाख रुपए की राशि और बड़े क्षेत्रफल के अमृत सरोवरों में 40 से 60 लाख रूपए की राशि व्यय की गई है। इतनी राशि खर्च करने के बाद भी न तो समय में इनका निर्माण पूरा हो सका है। वहीं जहां निर्माण पूर्व में हो चुका है उसमें गुणवत्ता को लेकर लापरवाही भी उजागर हो चुकी है।

ग्राम पदमी का अमृत सरोवर उदासीनता का शिकार 

ग्राम पंचायत पदमी में जल संवर्धन के उद्देश्य से बनाया जा रहा अमृत सरोवर विभागीय उदासीनता और लापरवाही का शिकार होकर तीन वर्ष बाद भी पूर्ण नहीं हो सका है। जबकि इस क्षेत्र में पूर्व में मुर्रम उत्खनन के कारण सरोवर के लिए प्राकृतिक रूप से आकार और गहराई उपलब्ध थी, जिससे निर्माण कार्य अपेक्षाकृत आसान था। इसके बावजूद, कार्य की धीमी गति जल संरक्षण के प्रति संबंधित अधिकारियों की घोर लापरवाही को उजागर करती है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सरोवर का कार्य अधर में लटका हुआ है। उनका कहना है कि यदि समय पर ध्यान दिया जाता तो यह सरोवर अब तक बनकर तैयार हो गया होता और क्षेत्र के जल संकट को दूर करने में सहायक होता।

अमृत सरोवर का उद्देश्य 

अमृत सरोवर के माध्यम से जिले में तालाबों का निर्माण कराया जाना है जिससे कि गर्मी के समय में होने वाले भूजल की कमी को दूर किया जा सके, इस तालाब में मछली पालन हो सकेगा जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, तालाब से आसपास के क्षेत्रों में पेयजल सहित सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी। बताया गया कि इन सरोवरों का निर्माण जिला पंचायत द्वारा आरईएस के माध्यम से कराया जा रहा है। संबंधित ठेकेदारों द्वारा तालाब निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। लाखों के खर्च कर तैयार किए गए अमृत सरोवर ग्रामीणों के काम नहीं आ रहे हैं। गर्मी अपने चरम पर है, ऐसे में इन सरोवरों के उपयोगिता की याद ग्रामीणों को आ रही है। तीन साल से बन रहे सरोवर में कुछ ही ऐसे हैं जो शत प्रतिशत उपयोगी साबित हुए हैं। जिले में करीब 105 अमृत सरोवर बनाए गए हैं। जिनकी लागत लाखों में है। जल संचयन के लिए बनाए गए अमृत सरोवर बेमकसद साबित हो रहे हैं।



 


आतंकवाद के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर उमड़ा जनसैलाब

  • हाथों में तिरंगा और जुंबा पर भारत माता के जयकारे के साथ निकाली तिरंगा यात्रा 

मंडला महावीर न्यूज 29. आतंकवाद के विरुद्ध चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेनाओं के अद्वितीय शौर्य, पराक्रम और साहस के प्रदर्शन की सफलता के उपलक्ष्य में मंडला में शनिवार को एक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई। राष्ट्रीय सुरक्षा नागरिकों के आह्वान पर आयोजित इस यात्रा में सभी वर्गों के लोगों ने भारी संख्या में भाग लिया, जिनके हाथों में तिरंगा और जुंबा पर भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयकारे गूंज रहे थे।

बताया गया कि शनिवार शाम 5 बजे लालीपुर चौक से शुरू हुई तिरंगा यात्रा में सर्व समाज के नागरिक, देशभक्त, गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति, बुद्धिजीवी, भूतपूर्व सैनिक, स्काउट गाइड, सीआरपीएफ की 148वीं बटालियन, एनसीसी कैडेट्स, खिलाड़ी और समाजसेवी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। बैंड की धुन, आतिशबाजी और मनमोहक झांकियों के साथ पैदल मार्च करते हुए लोगों ने अपनी देशभक्ति का खुलकर प्रदर्शन किया।

तिरंगा यात्रा के दौरान नगर के चौराहों में स्थापित प्रतिमाओं रानी अवंती बाई, पं. दीनदयाल एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर के साथ शहीद उदय चंद की प्रतिमा पर फूल वर्षा की गई। सर्व समाज के इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देश की सेना का सम्मान और हौसला अफजाई रहा है। आतंकवाद के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेनाओं ने शौर्य पराक्रम और साहस का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है जिससे यह ऑपरेशन सिंदूर सफल हुआ है। इसके लिए देशभर में सैनिकों के सम्मान के साथ अभिवादन किया जा रहा है।

यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। विशाल जनसमूह हाथों में तिरंगा लहराते हुए भारत माता की जय और वंदे मातरम के उद्घोष से पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया, जिससे यह यात्रा अभूतपूर्व और अविस्मरणीय बन गई। यात्रा का समापन स्थानीय उदय चौक पर सारे जहां से अच्छा और राष्ट्रगान जन गण मन के गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर तीनों सेनाओं के वीर जवानों के पराक्रम का अभिवादन किया गया।

इस तिरंगा यात्रा में कैबिनेट मंत्री श्रीमति सम्पतियां उईके भी शामिल हुई और उन्होंने पूरी यात्रा में अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए लोगों का उत्साह वर्धन किया। वहीं पूर्व केन्द्रीय मंत्री और जिले के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते भी शामिल हुए। तिरंगा यात्रा के समापन अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने उपस्थित सभी जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तिरंगा यात्रा के इस अद्भुत आयोजन में आप सभी की उपस्थिति से कार्यक्रम को गरिमा मिली है। इस कार्यक्रम में संत समाज ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई है।



मंडला-जबलपुर एनएच 30 में दर्दनाक हादसा, एक की मौत

  • लगा लंबा जाम, तीन घंटे बाद यातायात हुआ सुचारू

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जबलपुर नेशनल हाईवे 30 मार्ग पर ग्राम उदयपुर स्थित स्कूल के पास शनिवार रात करीब 9.30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। इस घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार मृतक अपनी मोटरसाइकिल में पेट्रोल भरवाकर वापस लौट रहा था, इसी दौरान एक ट्रक ने बाईक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल पर दो लोग सवार थे। हादसे के बाद हाईवे मार्ग के दोनों ओर करीब दस किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम में भारी वाहन और यात्री वाहन के साथ एक बारात भी फंसी रही, जो विवाह के लिए जा रही थी।

बताया गया कि जाम में फंसे यात्री और वाहन चालक करीब तीन घंटे तक परेशान होते रहे। स्थानीय प्रशासन और पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई, लेकिन स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा होने के कारण जाम को खुलवाने में मुश्किल आ रही है। पुलिस द्वारा लोगों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हुए। बहुत समझाने के बाद लोग माने और 12 बजे के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य कराया गया।

नोट- समाचार लिखे जाने तक घटना में शामिल मृतक का नाम और उसके साथी के नाम की जानकारी नहीं लग सकी है। घटना से संबंधित जानकारी जाम में फंसे यात्रियों के बताए अनुसार प्रेषित की गई है। हादसे की खबर की पूरी जानकारी के लिए महावीर न्यूज 29 के साथ बने रहे, इसकी अपडेट जानकारी आगे अपडेट की जाएगी।


 


निवास के चकदेही घाट पर बारातियों से भरी बस पलटी, हेल्पर की मौत, एक दर्जन घायल

  • पेड़ से टकराने के कारण बड़ा हादसा टला, चालक फरार, पुलिस जांच जारी

मंडला महावीर न्यूज 29. निवास थाना क्षेत्र के ग्राम चकदेही घाट के पास शुक्रवार शाम लगभग 6 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ग्राम छपरा से मरावी परिवार की लगभग पचास बारातियों को लेकर डिंडोरी जिले के मेहंदवानी ब्लॉक के डुलहरी गांव जा रही एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हृदयविदारक घटना में बस के हेल्पर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग एक दर्जन बाराती गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्रों से 108 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर पहुंचीं और घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। घायल बारातियों को निवास, नारायणगंज और बबलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उप स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि चकदेही घाट पर एक मोड़ पर पहुंचने के बाद बस अचानक अनियंत्रित हो गई और पलट गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह पर यह हादसा हुआ, वहां एक पेड़ मौजूद था। बस उस पेड़ से टकराकर पलट गई, जिससे वह गहरी खाई में गिरने से बच गई। यदि पेड़ नहीं होता, तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था और जानमाल का और अधिक नुकसान हो सकता था।

घटना की जानकारी मिलते ही निवास थाना प्रभारी वर्षा पटेल अपने पूरे स्टाफ के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। बताया गया कि मृतक हेल्पर और एक अन्य बाराती बस के नीचे बुरी तरह से दब गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद और जेसीबी मशीन की सहायता से बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया।

मौके पर पहुंचा स्थानीय प्रशासन 

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आया। घटना स्थल पर निवास नायब तहसीलदार आलोक सोनी और निवास एसडीओपी पीएस वालरे भी घटना स्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना के बाद बस का चालक मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। निवास पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।


रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे



मोहगांव के किसान तुलसी की लाभदायक व्यवसायिक खेती के लिए उत्साहित

  • आयुष विभाग की पहल लाई उम्मीद की किरण, किसानों को मिलेगा नया आय का स्रोत
  • मंडला में एक जिला एक औषधि तुलसी योजना के तहत किसानों को व्यवसायिक खेती का प्रशिक्षण

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के किसान अब तुलसी की व्यवसायिक खेती कर अपनी आय बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं। आयुष विभाग मंडला की एक प्रेरक पहल के तहत राज्य औषधि पादप बोर्ड भोपाल के दिशा निर्देशन में संचालित एक जिला एक औषधि तुलसी देवारण्य योजना के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया है। जिसमें तय तिथि अनुसार ब्लाक स्तर पर वहां के किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी के अंतर्गत इस पहल की शुरूआत मोहगांव विकासखंड से की गई। जहां एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।

जानकारी अनुसार जनपद पंचायत मोहगांव में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में आजीविका समूह और कृषक उत्पादन संगठन की महिला किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पांच विषय विशेषज्ञों ने उन्हें तुलसी की रोपाई से लेकर इसके व्यवसायिक लाभ तक की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इसके साथ ही अध्ययन सामग्री भी वितरित की गई।

कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष जीएस भवेदी, उपाध्यक्ष शिव कुमार मिश्रा, आयुष विभाग के जिला के सभी चिकित्सक, कान्हा एफपीओ के सीईओ रंजीत कछवाहा, ग्राम सेवक ट्रस्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर चंद्रहास पटेल, योगेंद जाटव मोहगांव आजीविका मिशन विकासखंड प्रबंधक, मुकेश नंदा एवं राजकुमार यादव सहायक विकास खंड प्रबन्धक, विकासखंड का स्टाफ, समूह के सीआरपी और समूह की किसान दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान तुलसी के दैनिक जीवन में विभिन्न उपयोगों पर भी चर्चा हुई और आगामी समय में इसकी व्यवसायिक खेती पर सभी ने सहमति जताई।

मंडला जिला आयुष अधिकारी डॉक्टर गायत्री आहाके ने बताया कि विभिन्न विभागों के सहयोग से मंडला जिले के छह विकासखंडों में तुलसी की व्यवसायिक खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण आयुष विभाग के नेतृत्व में और जिला के एफपीओ कृषक उत्पादक संगठन, एनआरएलएम आजीविका मिशन, मनरेगा, उद्यानिकी विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र एवं अशासकीय संस्था एनजीओ के सामूहिक प्रयासों से आयोजित किया जा रहा है। बताया गया कि तुलसी उत्पादक किसानों को प्रशिक्षण के बाद भी संबंधित गतिविधियां आयोजित कर उनके द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार से जोडऩे के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस पहल से मोहगांव के किसानों को एक नया और लाभदायक व्यवसाय अपनाने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।



जिले को टीबी मुक्त करने फिर शुरू होगा नि:क्षय शिविर अभियान

  • जिले की सभी सीएचओ, एएनएम को दिया प्रशिक्षण

मंडला महावीर न्यूज 29. राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गतिविधियां तेज की जाएंगी। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक द्वारा निर्देश जारी किये गए है। जिसमें कहा गया है कि 100 दिवसीय नि:क्षय शिविर अभियान की सफलता के बाद इसे अब प्रदेश के सभी जिलों में नि:क्षय शिविर अभियान के रूप में विस्तारित किया जाएगा, जिसमें मंडला जिला भी शामिल है। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जिले के सभी विकासखंडों की एएनएम और सीएचओ को प्रशिक्षण देने कार्यशाला का आयोजन किया गया।

आयोजित कार्यशाला में उपस्थित सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को बताया गया कि अभियान के तहत स्थानीय स्तर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से गतिविधियों का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। जिसमें कमजोर वर्ग की स्क्रीनिंग, बिना लक्षण वाले मरीजों के एक्स-रे, प्रारंभिक नॉट टेस्टिंग, निजी क्षेत्र की सहभागिता, उपचार निगरानी और पोषण योजनाओं को प्रत्येक टीबी मरीज तक पहुंचाया जाएगा।

बताया गया कि जिले में सीएचओ द्वारा हर 15 दिन में और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा हर सप्ताह टीबी रोगियों के घर भ्रमण सुनिश्चित करेंगी, जिससे सेवाओं का पूर्ण विस्तार हो सके और टीबी मरीजों की पोषण स्थिति की निगरानी की जा सके। इसके साथ ही नि:क्षय मित्रों से उनका 100 प्रतिशत लिंकेज सुनिश्चित किया जाएगा। दिए गए निर्देश में अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जनप्रतिनिधियों, नगरीय निकायों, एनजीओ, निजी क्षेत्र और मीडिया की सक्रिय सहभागिता हो। अभियान की समस्त गतिविधियों की जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य मंडला जिले और पूरे प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में सशक्त प्रगति करना है।



डेंगू के लक्षण और बचाव के बताए उपाए

  • नारायणगंज और बीजाडांडी सीएचसी में मनाया डेंगू दिवस

मंडला महावीर न्यूज 29. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज में शुक्रवार को सीबीएमओ डॉ. अमृत लाल कोल के मार्गदर्शन में डेंगू दिवस मनाया गया। इस दौरान सीएचसी का पूरा स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मलेरिया निरीक्षक सुमेर चंद जैन ने डेंगू बीमारी के विषय में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही कार्यक्रम में हस्ताक्षर अभियान भी आयोजित किया गया।

प्रभारी मलेरिया निरीक्षक सुमेर चंद जैन ने बताया कि इस वर्ष डेंगू दिवस की थीम चैक क्लीन, कवर स्टेपस टू डिफिट डेंगू पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। डेंगू दिवस के अवसर पर डेंगू के लक्षण एवं उपचार बचाव की विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान सीबीएमओ डॉ अमृत लाल कोल, प्रभारी मलेरिया निरीक्षक सुमेर चंद जैन, बीईई विजय मरावी, डॉ देशबंधु उइके, राजेश अहिरवार, प्रदीप कुशवाहा, जयकरण चौधरी, पवित्र कछवाहा, कैलाश सोनी, नरेन्द्र बैरागी, रंजीता पटेल, आशाराम, पूरन, अखिलेश, दीनू पडवार समेत सीएचसी का स्टाफ और स्कूल के छात्र, छात्राएं मौजूद रहे।


लक्षण दिखाई देने पर तत्काल कराए जांच

  • बीजाडांडी सीएचसी में मनाया गया डेंगू एवं चिकनगुनिया दिवस

मंडला महावीर न्यूज 29.सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बीजाडांडी में राष्ट्रीय डेंगू एवं चिकनगुनिया दिवस मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान सीएचसी अस्पताल परिसर में उपस्थित मरीजों एवं आमजनों को डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के उपाए बताए गए। उपस्थित मरीजों और तीमारदारों को इस बीमारी से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करने, पानी के बर्तनों को सप्ताह में एक बार साफ करने, पानी को ढक कर रखने की सलाह दी गई।

कार्यक्रम के दौरान बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया के लक्षण बताए। जिसमें बताया गया कि तेज बुखार आना, आंखों में दर्द, सिर में दर्द, नाक से खून बहना, शरीर पर लाल चकते आना ये लक्षण हो सकते है। लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पास के शासकीय अस्पताल में जाकर डेंगू और चिकनगुनिया की जांच कराए। जिससे इस बीमारी की चपेट में आने से पहले ही उपचार लेकर स्वस्थ्य हो सके।

डेंगू दिवस के अवसर पर बीएमओ डॉ. अभय कीर्ति गजभिये, मेडिकल ऑफिसर डॉ. अक्षय हरदहा, बीईई सुहागा झारिया, मलेरिया निरीक्षक बलराम कोल, बीपीएम कमलेश मरावी, राकेश विश्वकर्मा, नेहा सोनी, अनिल झारिया, नितिन साहू, नेत्र सहायक संतोष, बीसीएम राहुल चंद्रौल, ज्योति समेत बीजाडांडी सामुदायिक स्वास्थ्य का स्टाफ मौजूद रहा।



17 बच्चों के मोतियाबिंद की होगी मंडला में सर्जरी

  • 19 मई को लगेगा मोतियाबिंद से पीडि़त बच्चों के लिए शिविर

मंडला महावीर न्यूज 29. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के मोतियाबिंद से पीडि़तों का आयोजित शिविर के माध्यम से जांच एवं उपचार किया जाएगा। इसके लिए आरबीएसके की टीम ने जिले में भ्रमण कर ऐसे मोतियाबिंद से पीडि़त बच्चों का चिन्हाकन कर लिया है। जिले से चिन्हित मोतियाबिंद के मरीज किये गए है। जिनका मिशन नेत्र ज्योति द्वारा शिविर का आयोजन कर उपचार किया जाएगा।

बताया गया कि जिले में मिशन नेत्र ज्योति और आरबीएसके कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूलों में मोतियाबिंद से पीडि़त बच्चों की पहचान की गई है। इन बच्चों की नि:शुल्क सर्जरी के लिए जिला चिकित्सालय मंडला में 19 मई को शिविर का आयोजन किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. केसी सरोते ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे चिन्हित बच्चों को शिविर में लेकर आएं। शिविर सुबह 9 बजे से शुरू होगा। आयोजित शिविर 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए है। इस शिविर का उद्देश्य मोतियाबिंद से पीडि़त बच्चों को उपचार प्रदान करना है।

आरबीएसके के जिला समन्वयक अर्जुन सिंह ने बताया कि जिले के बिछिया, मवई, निवास, मोहगांव, घुघरी और नैनपुर ब्लाक से आयोजित मोतियाबिंद शिविर के लिए 17 बच्चे चिन्हित कर लिये गए है। जिनके मोतियाबिंद की सर्जरी जिला चिकित्सालय मंडला में की जानी है। इन बच्चों में अंशिका भांवरे, कुशाग्रा जंघेला, अंकिता यादव, नकुल बरकड़े, नीरज परते, साहिल मरकाम, शेख आर्यन, ज्योति मार्को, तरूण मसराम, विशाल परते, अंकित परस्ते, धर्मेन्द्र, श्रावण परस्ते, संजना परस्ते, समृद्धि मरावी, अक्षय यादव, अहम भांवरे शामिल है।


गुरूकुल के शिविरार्थियों का पारंपरिक कलाओं का अद्भुत प्रदर्शन

  • काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल में युवक-युवती चरित्र निर्माण शिविर का समापन

मंडला महावीर न्यूज 29. काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल जिलहरी घाट में आयोजित छह दिवसीय युवक-युवती चरित्र निर्माण शिविर का समापन समारोह बड़े ही धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। 10 से 15 मई तक चले इस शिविर में जिला मंडला के अनेक समाजसेवी, विभिन्न संगठनों के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि वेदप्रकाश कुलस्ते, नगरपालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, प्रिया धुर्वे और विभिन्न गुरुकुलों के प्रतिष्ठित आचार्य, सर्वेश शास्त्री वेदयोग गुरुकुल, खंडवा, आचार्य अग्नि देव ब्रह्मचर्यतीर्थ गुरुकुल, पंजाब, आचार्य सत्येंद्र परली वैजनाथ गुरुकुल, महाराष्ट्र और आचार्या आर्याशा कन्या गुरुकुल, हरियाणा मौजूद रही। इस दौरान पतंजलि योग समिति के सदस्यों सहित जिले के कई अन्य संगठनों के सदस्य एवं धर्मप्रेमी भी इस वार्षिक महोत्सव में शामिल हुए।

समापन समारोह में शिविरार्थियों और गुरुकुल के ब्रह्मचारियों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन किया। लाठी, तलवार, भाला, रस्सा मलखंब, कराटे और कलारी पट्टू जैसी पारंपरिक युद्ध कलाओं का जीवंत प्रदर्शन देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। युवाओं ने शारीरिक कौशल और अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया, जो शिविर के दौरान प्राप्त प्रशिक्षण का परिणाम था। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने गुरुकुल के छात्रों के समर्पण और कौशल की सराहना की।

उन्होंने चरित्र निर्माण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को भारतीय संस्कृति और मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। गुरुकुल के इस वार्षिक महोत्सव ने न केवल छात्रों की प्रतिभा को मंच प्रदान किया, बल्कि समाज में शिक्षा और संस्कृति के महत्व को भी रेखांकित किया। यह आयोजन मंडला जिले के लिए एक प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण क्षण रहा।


इंटेक ने जिले की सांस्कृतिक, विरासत के संरक्षण और विकास के लिए किए प्रयास

  • मंडला की सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के लिए इंटेक ने सौंपा ज्ञापन

मंडला महावीर न्यूज 29. इंडियन नेशनल ट्रस्ट फार आर्ट एंड कल्चर हेरिटेज मंडला अध्याय ने जिले की सांस्कृतिक एवं विरासत के संरक्षण और विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। इंटेक के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर के मंडला आगमन पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। पर्यटन विभाग जबलपुर के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में इंटेक मंडला अध्याय के सदस्यों ने संयोजक अरुण अग्रवाल के मार्गदर्शन में श्री ठाकुर का श्रीफल एवं शाल से सम्मान किया। इस अवसर पर दल ने मंडला जिले की पुरातत्व, संस्कृति, विरासत, जल संग्रहण की बावडिय़ों, पर्यटन व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र के विकास व अन्य महत्वपूर्ण स्थलों के विकास के लिए इंटेक से आगे आने का आग्रह करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में डिंडोरी जिले में पुरातत्व संग्रहालय के नवनिर्माण और मंडला जिले के पुरातत्व संग्रहालय के विकास में योगदान देने की भी अपील की गई। इसके साथ ही पाला सुंदर, तारागढ़, झूलपुर, धनगांव फॉसिल पार्क और नर्मदा तट के घाटों के पुनरुद्धार जैसे अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों को भी ज्ञापन में शामिल किया गया।
कार्यक्रम में जबलपुर संभाग के नवागंतुक संभागायुक्त धनंजय भदौरिया का स्वागत किया गया। इस अवसर पर इंटेक के राज्य संयोजक दीपक खांडेकर सेवानिवृत्त प्रमुख सचिव, मप्र शासन, राज्य सह संयोजक राजेश बहुगुणा आईएएस सेवानिवृत्त कमिश्नर जबलपुर, संजय मेहरोत्रा संयोजक, जबलपुर अध्याय, श्री नागवंशी संयोजक, कटनी अध्याय, ब्रिगेडियर विपिन त्रिवेदी, चंद्रकांत राय इंटेक दिल्ली से चैप्टर डिवीजन डायरेक्टर और गु्रप कैप्टन अरविंद शुक्ला डायरेक्टर मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मंडला अध्याय से वरिष्ठ सदस्य विजय अग्रवाल, संजय सिंगोर, राजेश क्षत्री, आशीष अग्रवाल और सुनील अग्रवाल उपस्थित रहे। इंटेक मंडला के वरिष्ठ सदस्य राजेश क्षत्री ने नई दिल्ली में आयोजित 16वीं बिल्डिंग कैपेसिटी वर्कशॉप में प्राप्त अपने प्रशिक्षण के अनुभवों को सभागार में उपस्थित लोगों के साथ साझा किया।


रामनवमी शोभायात्रा को भव्य बनाने पर होगा विचार

  • श्रीराम सेना 18 मई को करेगी बैठक

मंडला महावीर न्यूज 29. नगर में रामनवमी के अवसर पर हरदौल लाला मंदिर से निकलने वाली पैदल शोभायात्रा को और अधिक भव्य बनाने के उद्देश्य से श्रीराम सेना के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक आगामी 18 मई रविवार को शाम 4 बजे श्रीराम मंदिर सराफा मंडला में आयोजित होगी।
बताया गया कि विगत कई दशकों से हरदौल लाला मंदिर समिति द्वारा रामनवमी पर शोभायात्रा निकाली जाती रही है, लेकिन नगर के युवाओं में इसे और विशाल रूप देने का उत्साह देखा जा रहा है। इसी उद्देश्य से श्रीराम सेना नामक व्हाट्सएप समूह बनाकर सैकड़ों युवा एकजुट हो रहे हैं। इन युवाओं की मंशा है कि हरदौल लाला मंदिर में पूरे वर्ष धार्मिक आयोजन होते रहें और रामनवमी की शोभायात्रा में अधिक से अधिक रामभक्त शामिल हों, जिससे यह आयोजन और भी भव्य बन सके।


बताया गया कि युवाओं की यह भी इच्छा है कि हिंदू नववर्ष से रामनवमी तक पूरा शहर भगवामय रहे, जिसके लिए चैत्र नवरात्र बैठकी से पूर्व ही बैठक आयोजित कर नगर की सजावट, होर्डिंग और झंडे लगाने की योजना बनाई जा सके। बड़े जोश के साथ युवाओं ने स्पष्ट किया कि वे किसी का विरोध नहीं कर रहे हैं। उन्होंने वरिष्ठों से आगे बढ़कर मुख्य जिम्मेदारी सौंपने का आग्रह करते हुए कहा कि यदि उन्हें अवसर मिलता है, तो वे अपनी पूरी टीम के साथ समर्पित होकर इस आयोजन को अद्वितीय बनाने के लिए कार्य करेंगे, जिसकी प्रशंसा हर रामभक्त करेगा।

श्रीराम सेना की ओर से हरदौल लाला मंदिर से जुड़े सभी आयोजकों, कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सभी सहयोगियों से विनम्र आग्रह किया गया है कि वे इस महत्वपूर्ण बैठक में दो घंटे का समय निकालकर अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। इस बैठक में सभी मिलकर एकजुट होकर एजेंडा के अनुसार अपने सुझावों के साथ सर्वसम्मति से ठोस निर्णय लेंगे और आगामी कार्यवाही शुरू करेंगे।


 


तेंदूपत्ता परिपक्व के लिए तेज धूप, तपन की जरूरत

  • कुछ क्षेत्रों में तेंदुपत्ता हुआ तैयार, संग्रहण कार्य शुरू
  • 400 रूपए प्रति सैकड़ा दर निर्धारित, गुणवत्तायुक्त पत्ता की उम्मीद

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के लोगों की आजीविका और आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई प्रकार के साधन होते हैं। वहीं वनांचल और ग्रामीण क्षेत्र के लोग वनों पर निर्भर रहते हैं। वनों से प्राप्त होने वाले सभी सामग्री को एकत्र करके बेचना यहां के ग्रामीणो का मुख्य व्यवसाय होता है। इसी क्रम में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य शासन के दिशा-निर्देश के अंतर्गत किया जाता है। जिस पर आदिवासी और ग्रामीण अंचल क्षेत्र के लोग संग्रहित करते हैं और वन विभाग द्वारा बनाए गए फड को बेचते हैं। तेंदूपत्ता सीजन 2025 में तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए वन समितियों, पेसा एक्स के अंतर्गत ग्राम सभा और फड मुंशीयों को निर्देशित किया गया है। तेंदूपत्ता समिति में फड़ों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य किया जाएगा। तेंदू पत्ता संग्रहण के लिए प्रति सैकड़ा 400 रूपए शासन स्तर से निर्धारित किया गया है।

तेंदूपत्ता संग्राहकों ने बताया गया कि इस वर्ष बेइमान मौसम के कारण तेंदूपत्ता परिपक्क नहीं हो पाया है, जिसके कारण इस वर्ष भी तेंदूपत्ता प्रभावित होने का डर संग्रहकों को लग रहा है। मार्च के बाद अपै्रल माह से सूर्य देव की प्रंचडता दिखने लगती थी, लेकिन इस वर्ष बेमौसम बारिश के चलते गर्मी की तपन देर से शुरू हुई। विगत दो से मौसम कुछ साफ हुआ है, सूर्य देव भी अपने तीखे तेवर धीरे-धीरे दिखाना शुरू कर दिए है। अब तेंदूपत्ता धीरे-धीरे परिपक्व होना शुरू हुआ है। जिले में जहां तेंदूपत्ता परिपक्व हो चुके है, वहां तेंदु की तुड़ाई शुरू कर दी गई है और जहां तेंदू परिपक्व नहीं हुआ है, वहां दो चार दिन बाद परिपक्व होने के बाद तुडाई कार्य शुरू किया जाएगा। फिलहाल तेंदूपत्ता को तेज धूप, तपन की जरूरत है।

बताया गया कि जिले में तेंदुपत्ता की तुड़ाई को लेकर वन विभाग की तैयारी हो चुकी है। शासन स्तर से जारी आदेश के जिले के जंगल से तेंदू पत्ता की तुड़ाई शुरू कर दी गई है। बताया गया कि विगतों वर्षो की अपेक्षा इस वर्ष तेंदुपत्ता बेहतर गुणवत्तायुक्त मिलने की उम्मीद है। वही जिले में समितियों और ग्राम सभा से प्रस्तावित संग्रहकों द्वारा तेंदू पत्ता तुड़ाई कार्य शुरू किया गया है। पेशा एक्ट के अंतर्गत ग्रामसभा द्वारा पश्चिम वनमंडल एवं 12 समिति पूर्व वनमंडल के संग्रहकों द्वारा तुड़ाई की जाएगी। वन समितियों और ग्राम सभा के माध्यम से वनक्षेत्र के ग्रामीण तेंदुपत्ता का संग्रहण कार्य शुरु कर दिए है। वही कुछ क्षेत्रों में तेंदू पत्ता संग्रहण कार्य शुरु नहीं हुआ है। यहां भी एक दो दिन में तेंदू संग्रहण शुरू हो जाएगा।

विगत तीन वर्ष पहले ज्यादा नहीं मिला लाभ 

जानकारी अनुसार विगत वर्ष 2020-2021 में तेंदुपत्ता संग्रहण कार्य प्रभावति रहा। जिससे वन क्षेत्रो के ग्रामीणो अधिक लाभ नहीं मिल सका। गत वर्ष मई के सिर्फ पन्द्रह दिन ही संग्रहण कार्य हो सका था। ग्रामीणो को काम देने के लिए पत्ता तुड़वाया गया लेकिन उसका लाभ ग्रामीण को नहीं मिल सका। कुछ जगह पत्ता रखा रह गया और ठेकेदार ने लेने से इंकार तक कर दिया। इसके बाद वर्ष 2022 के सीजन में ग्रामीणो में काफी उत्साह देखा गया। क्योंकि फरवरी 2022 में मौसम अच्छा रहा। जिससे तेंदु पेड़ों में कर्तन का काम किया गया। जिसके बाद मई माह की पहली तपन से नई पत्तियां आना शुरू हो गई थी और मौसम अच्छा होने के कारण विगत वर्ष गुणवत्तायुक्त तेंदूपत्ता संग्रहण किया गया। यह वनवासियों के रोजगार के हिसाब पत्ता तुड़ाई का काम किया जाता है। पिछले एक दशक से प्रति सैंकड़ा से मानक बोरा मामूली इजाफा ही हुआ था। वहीं विगत वर्ष 2024 के सीजन में शासन ने चार हजार रूपए प्रति मानक बोरा निर्धारित किया था। इस वर्ष चार हजार प्रति मानक बोरा किया गया है।

एकत्र किया जाएगा फड में तेंदू पत्ता 

संग्रहकों को अभी तक कोई भी सुविधा मुहैया नहीं कराई गई। जिसके कारण ग्रामीणों क्षेत्रो में पत्ता तोडऩे वालों में कमी भी देखी जा रही है। वन विभाग के द्वारा यह काम वन समितियो के माध्यम से कराया जाता है। मंडला के जंगल में छोटे झाड़ में मिलने वाला यह पत्ता मूल रूप से बीड़ी बनाने के काम आता है लेकिन यह ग्रामीणों की आर्थिक आय का मुख्य जरिया भी है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही तेंदूपत्ता की तोड़ाई शुरू हो जाती है। फिलहाल तेंदू पत्ता तोडऩे का कार्य शुरु हो गया है। विभाग द्वारा बनाए गए फड में तेंदू पत्ता एकत्र किया जाएगा।

ग्रामीणो की आय का जरिया जंगल 

ग्रामीण व वनांचल के रहवासियो के आय एक मात्र जारिया वन है। यहां अधिकांश लोग अपनी आजीविका के लिए जंगल पर ही निर्भर रहते हैं। इसमें से कुछ मनरेगा के तहत मजदूरी का कार्य पर जा रहे हैं, लेकिन मनरेगा के काम भी ग्रामीणो को रास नहीं आ रहे है। इनमें महिलाएं, बच्चे, वृद्ध और अन्य मजदूर महुआ और तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य करने में रूचि दिखाते है। उन्हे जंगल जाकर पत्ते तोडऩे के बाद संग्रहण करने में आसानी होती है। अब तेंदू तोडऩे का कार्य शुरु हो गया है, इन पत्तो को फड़ मुंशी के पास जमा कर भुगतान भी मिल जाता है।

इन क्षेत्रों में अधिक मिलता हैं तेंदुपत्ता 

जिले में सबसे अधिक पश्चिम सामान्य वनमंडल क्षेत्र में तेंदुपत्ता का संग्रहण किया जाता है। पिंडरई, नैनपुर, गोराछापर, बम्हनी, टाटरी, मछरिया, मंडला, किंद्री, चिरइडोंगरी, खारी, बबलिया, बीजेगांव, टिकरिया, कालपी, जमुनिया, घोंटखेड़ा, लखनपुर, मोइयानाला, पड़रिया, निवास, छपरा,पददीकोना समितियों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण कराया जा रहा है। पूर्व सामान्य वनमंडल में अंजनिया,कामता, ककैया, मोहगांव, घुघरी, सलवाह, बिछिया, सिमरिया, मोतीनाला, दाड़ीभानपुर, मवई समितियों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण होता है। मौसम साथ दिया तो इस बार जून तक तुडाई का कार्य किया जा सकता है।



 


सैनिकों के सम्मान में 17 मई को तिरंगा यात्रा का आयोजन

  • रूपरेखा के लिए बैठक आयोजित, नागरिकों से शामिल होने की अपील

मंडला महावीर न्यूज 29. 22 अप्रैल को काश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में नागरिकों की निर्मम हत्या के विरोध में सरकार एवं देश की तीनों सेनाओं के द्वारा ऑपरेशन सिंदूर अभियान चलाया गया, जिसमें पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। आतंकवाद का जबरदस्त विरोध करते हुए महत्वपूर्ण जवाबी कार्यवाही की गई। इसमें हमारी भारतीय सेना में शामिल सैनिकों का सबसे बड़ा योगदान रहा। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में देश भर में सैनिकों के शौर्य, पराक्रम, साहस का सम्मान किया जा रहा है। इसी तारतम्य में मंडला में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नागरिकों के द्वारा शनिवार को तिरंगा यात्रा का वृहद आयोजन किया जा रहा है।

बताया गया कि तिरंगा यात्रा 17 मई को शाम 5 बजे लालीपुर चौराहा से शहीद उदयचंद चौक के लिए निकाली जाएगी। इसके लिए गुरुवार को नगर पालिका टाउन हॉल में जिले के बुद्धिजीवी, सामाजिक जनों के द्वारा बैठक आयोजित की गई। जिसमें तिरंगा यात्रा को लेकर रूपरेखा तैयार की गई। इसमें नगर के सर्वसमाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सैनिकों के सम्मान की इस यात्रा को सफल बनाने के लिए अपने विचार रखे। देश की रक्षा करने वाले सैनिकों के सम्मान एवं अभूतपूर्व योगदान के लिए आयोजित तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में सहभागिता करते हुए आयोजन को अविस्मरणीय बनाने के लिए अपील की गई है।



20 मई से शुरू होगा किले वाले बाबा का उर्स मुबारक

  • उदय चौक दुर्गा मंदिर, बस स्टैंड खैरमाई मंदिर में बैंड की धुन में होगी देवी गीतों की प्रस्तुति

मंडला महावीर न्यूज 29. हर साल की तरह इस साल भी हजरत बाबा बर्हेना शाह रहमतुल्लाह अलैह (किले वाले बाबा) का 4 दिवसीय उर्स मुबारक 20 मई सोमवार से शुरू होगा। 20 मई की रात 9 बजे दरगाह परिसर में कुरआन खानी व मिलाद का आयोजन किया गया है। 21 मई मंगलवार की सुबह 4 बजे दरगाह को ग़ुस्ल देकर निसान पेश किया जायेगा। 21 मई मंगलवार की शाम 4 बजे दुर्गा मंदिर उदय चौक में पूजा व राजकुमार बैंड जबलपुर द्वारा देवी गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। दुर्गा मंदिर प्रस्तुति के बाद शाम 5 बजे खेरमाई मंदिर बस स्टैंड में पूजा और राजकुमार बैंड द्वारा भक्तिमय गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी।

बताया गया कि 21 मई मंगलवार की ही शाम 6 बजे किले वाले बाबा साहब का शाही संदल हजरत दाता अल्लाद्दीन बंगाली शाह रहमतुल्लाह अलैह दाता साहब की दरगाह से निकल कर शहर गश्त करते हुए देर रात किले वाले बाबा साहब की दरगाह में पेश किया जायगा। इस शाही संदल में जबलपुर का मशहूर राजकुमार बैंड अपने अनोखे अंदाज में नात व कलाम पेश करेंगे। 21 मई की शाम 8 बजे से और 22 मई की शाम 7 बजे से किले वाले बाबा की दरगाह में लंगर -ए -आम का भी एहतमाम किया गया है। 23 मई की सुबह कुल की फातिहा से उर्स का समापन होगा।


अपहरण कर लूट करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, दो फरार

  • आरोपियों पर पहले भी दर्ज है अपराध
  • नैनपुर पुलिस टीम की कार्यवाही
  • आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे

मंडला महावीर न्यूज 29. नैनपुर पुलिस ने अपहरण और लूट की घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। 14 मई को एक पीडि़ता ने अपने पिता राजेंद्र सिंह कुर्वेती के साथ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 11 मई को दोपहर 2 बजे वह अपने दोस्त के साथ बालाघाट रोड स्थित चर्च के आगे मोटरसाइकिल चलाना सीख रही थी । जब वे पानी पीने के लिए रुके, तो दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार लड़के आए और उनसे पूछताछ करने लगे। शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने उनकी गाड़ी की चाबी निकाल ली और दोनों को अपहरण कर जंगल में ले गए । वहाँ उन्होंने चाकू दिखाकर और मां-बहन की गंदी गालियाँ देते हुए वीडियो बनाकर बदनाम करने की धमकी दी। आरोपियों ने दोनों से पांच – पांच हजार रुपये की मांग की, जिसके बाद पीडि़ता ने फोन पे के माध्यम से 5300 रुपये ट्रांसफर कर दिए । आरोपियों ने रुपये लेने के बाद घटना के बारे में किसी को न बताने की धमकी दी ।

इस घटना के संबंध में थाना नैनपुर में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मंडला रजत सकलेचा ने आरोपियों की तलाश के लिए एक टीम गठित करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडला शिवकुमार वर्मा और एसडीओपी नैनपुर मनीष राज के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बलदेव सिंह मुजाल्दा के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम ने गहन पूछताछ के बाद आरोपी तुषार मानकर पिता नरेंद्र मानकर 21 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 2, नैनपुर को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान, तुषार मानकर ने 11 मई को दोपहर 2 बजे अपने साथी नबी खान पिता शरीफ खान निवासी वार्ड नंबर 10, नैनपुर और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया।

पुलिस ने आरोपी तुषार मानकर और नबी खान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से 1550 रुपये नकद और 40 हजार रुपये मूल्य के 2 एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले में शामिल अन्य दो आरोपियों की तलाश कर रही है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। नैनपुर पुलिस ने बताया कि आरोपी तुषार मानकर के खिलाफ पहले से ही 6 अपराध और नबी खान के खिलाफ 3 अपराध दर्ज हैं। इस मामले में उप निरीक्षक निधि नेमा, रमेश इंगले, सहायक उप निरीक्षक राजेश सेवईवार, प्रधान आरक्षक प्रशांत चौधरी, प्यार सिंह कुशराम, आरक्षक सजल चकोले, सुरेश जैतवार, पेयंत राने, ओमप्रकाश बघेल, अक्षय भलावी और साइबर सेल मंडला से आरक्षक सूर्यचंद बघेल और सुरेश भटेरे की विशेष भूमिका रही ।


डीजल और बैटरी चोरी के आरोपी 24 घंटे में हुए गिरफ्तार

  • नैनपुर पुलिस ने दबोचा चोरी के आरोपी
  • गिरफ्तार आरोपियों को पेश किया न्यायालय में
  • न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा

मंडला महावीर न्यूज 29. नैनपुर पुलिस ने डीजल और बैटरी चोरी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया कि 14 मई को मयंक जायसवाल पिता दिलीप जायसवाल, निवासी नैनपुर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 13 मई की रात लगभग 3 बजे सागर यादव और विवेक पटेल दोनों निवासी ग्राम निवारी ने मंडला रोड स्थित धूमकेती पेट्रोल पंप निवारी ईटका रोड पर खड़ी उनकी जायसवाल बस से लगभग 20 लीटर डीजल और अखिलेश ठाकुर के डम्फर की बैटरी चोरी कर ली। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों के पास कट्टा जैसा हथियार था और वे मोटरसाइकिल पर आए थे। चोरी किए गए सामान की कीमत लगभग 12 हजार रुपये बताई गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक मंडला रजत सकलेचा ने आरोपियों की तलाश के लिए एक टीम गठित करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडला शिवकुमार वर्मा और एसडीओपी नैनपुर मनीष राज के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बलदेव सिंह मुजाल्दा के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम ने गहन पूछताछ के बाद आरोपी सागर यादव पिता जानकी प्रसाद पटेल, 21 वर्ष और विवेक कुमार पटेल पिता शरद यादव 19 वर्ष दोनों निवासी ग्राम निवारी, थाना नैनपुर को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 13 मई की रात को पीसी जायसवाल की बस क्रमांक एमपी 20 पीए 0561 के डीजल टैंक का ताला तोड़कर 20 लीटर डीजल और डम्फर क्रमांक टीएस 08 यूई 4350 से बैटरी चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि बैटरी चोरी करने में उनका एक और साथी भी शामिल था।

पुलिस ने 15 मई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से एक प्लास्टिक केन में लगभग 20 लीटर डीजल, एक लिवगार्ड कंपनी की बैटरी, घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल डीजल निकालने का पाइप, एक देशी पिस्तौल और एक चाकू बरामद किया। बरामद किए गए सामान की कुल कीमत 1 लाख 15 हजार रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक सलमान कुरैशी, सहायक उप निरीक्षक राजेश सेवईवार, सहायक उप निरीक्षक यशवंत राहंगडाले, प्रधान आरक्षक प्यार सिंह कुशराम, आरक्षक पेयंत राने, विनोद उइके, दुर्गेश लिल्हारे, सुरेश जैतवार, ओमप्रकाश बघेल और साइबर सेल मंडला से आरक्षक सूर्यचंद बघेल और सुरेश भटेरे शामिल रहे।


सिकलसेल रोगियों को गंभीर संक्रमण से बचाता है न्यूमोकोकल टीकाकरण

  • नारायणगंज सीएचसी में सिकलसेल पॉजीटिव को लगाई वैक्सीन
  • न्यूमोकोकल संक्रमण से बचाव के लिए न्यूमोकोकल टीकाकरण महत्वपूर्ण

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में सिकल सेल एनीमिया से पीडि़त रोगियों के लिए न्यूमोकोकल टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नारायणगंज सीएचसी में टीकाकरण का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य सिकल सेल रोगियों को गंभीर संक्रमणों से बचाना है, जिसके लिए उन्हें न्यूमोकोकल वैक्सीन दिया जाएगा। टीकाकरण के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारी की है। सीएमएचओ डॉ. केसी सरोते ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर यह टीका उपलब्ध है।

बीईई विजय मरावी ने बताया कि सिकल सेल पॉजिटिव वाले व्यक्तियों के लिए न्यूमोकोकल टीकाकरण महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन्हें न्यूमोकोकल संक्रमण जैसे निमोनिया और मेनिंगाइटिस से बचाने में मदद करता है। सिकल सेल रोग से पीडि़त लोगों में ये संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। सीएचसी नारायणगंज सीबीएमओ डॉ अमृत लाल कोल के मार्गदर्शन में इस संक्रमण से बचाव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगंज में न्यूमोकोकल टीकाकरण अभियान शुरू किया गया। सीएचसी में एएनएम शिवकुमारी पटेल, योगिता नागवंशी द्वारा टीकाकरण किया जा रहा है।

सीबीएमओ डॉ अमृत लाल कोल ने बताया कि शासन के निर्देशों का पालन करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज में सिकल सेल पॉजिटिव रोगियों को न्यूमोकोकल वैक्सीन लगाई गई। जिससे इस संक्रमण से बचा जा सके। इस दौरान नारायणगंज स्वास्थ्य केन्द्र के सीबीएमओ डॉ अमृत लाल कोल, बीईई विजय मरावी, फार्मासिस्ट कमलेश सिंह समेत समेत स्टाफ मौजूद रहा। सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने इस टीकाकरण कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।



 


जल, जंगल, जमीन को बेहतर करने तीन गांव की चार पहाड़ी में 6400 कंटूर ट्रेंच तैयार

  • जल स्तर बढ़ाने नाबार्ड व प्रदान संस्था ने तैयार किया मॉडल
  • कन्टूर ट्रेंच जल संरक्षण की कारगर तकनीक, सुधरेगा जलस्तर

मंडला महावीर न्यूज 29. पर्यावरणीय चुनौतियों और गिरता भूजल स्तर जिले के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। इसी चुनौतियों के बीच विकासखंड निवास के तीन ग्राम जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और अनुकरणीय कार्य कर एक मॉडल तैयार किया है। प्रदान संस्था और राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के संयुक्त तत्वावधान में वॉटरशेड परियोजना के अंतर्गत कन्टूर ट्रेंच तकनीक का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है, जो क्षेत्र में जल स्तर सुधार की एक मजबूत उम्मीद जगाता है। अनुरुद्ध शास्त्री ने बताया कि विकासखंड निवास के ग्राम थानमगांव, पायलीबाहुर, लौहारी ये तीन गांव की चार पहाड़ी में 6400 कंटूर ट्रेंच बनाए गए है। पायलीबाहुर की दो पहाड़ी में 3200 कंटूर ट्रेंच, थानमगांव की एक पहाड़ी में 1600 और लौहारी की एक पहाड़ी में 1600 कंटूर ट्रेंच बनाए है। इस प्रयास से क्षेत्र का जल स्तर में सुधार आएगा।

जानकारी अनुसार कन्टूर ट्रेंच एक वैज्ञानिक जल संरक्षण विधि है, जिसमें खेतों या ढलानों पर समान ऊंचाई पर लंबी और उथली खाइयां बनाई जाती हैं। वर्षा के दौरान बारिश का पानी इन खाइयों में एकत्र होता है और धीरे-धीरे जमीन में रिसता है। इस प्रक्रिया से न केवल भूजल का पुनर्भरण होता है, बल्कि मिट्टी के कटाव को भी प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है। यह तकनीक उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, जहां जल संकट गहरा रहा है और मानसून की अनियमितता खेती और पेयजल की उपलब्धता को प्रभावित कर रही है।

बताया गया कि निवास के ग्राम थानमगांव, पायलीबाहुर, लौहारी के किसान लंबे समय से वर्षा आधारित खेती पर निर्भर थे, इस परियोजना के माध्यम से एक नई आशा की किरण देख रहे हैं। सिंचाई सुविधाओं की कमी के कारण यहां रबी की फसल का उत्पादन सीमित था और कई बार पीने के पानी के लिए भी ग्रामीणों को संघर्ष करना पड़ता था। इस परियोजना की शुरुआत से पहले प्रदान की टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण किया। वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर उन स्थानों की पहचान की गई जहां कन्टूर ट्रेंच का निर्माण सबसे अधिक प्रभावी साबित हो सकता था।

सामुदायिक सहभागिता सफलता का मूल मंत्र 

इस परियोजना की अद्वितीय सफलता का श्रेय स्थानीय समुदाय की सक्रिय और उत्साही भागीदारी को जाता है। स्वयं सहायता समूहों, युवाओं और किसानों ने एकजुट होकर न केवल श्रमदान किया, बल्कि जल संरक्षण के महत्व को भी गहराई से आत्मसात किया। प्रदान की महिला कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जल संचयन, जल प्रबंधन और टिकाऊ खेती की तकनीकों के बारे में शिक्षित किया। इस सामुदायिक जुड़ाव ने परियोजना को स्वामित्व की भावना प्रदान की और इसकी दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित की।

यह मॉडल बनेगा प्रेरणा स्त्रोत 

निवास के ग्राम थानमगांव, पायलीबाहुर, लौहारी पंचायत में जल संरक्षण का यह मॉडल न केवल पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह सामुदायिक सहभागिता और वैज्ञानिक तकनीकों के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है। नाबार्ड और प्रदान के इस संयुक्त प्रयास से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए अधिक पानी उपलब्ध होगा, पेयजल की समस्या कम होगी और अंतत: उनकी आजीविका में सुधार आएगा। यह परियोजना अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत बन सकती है, जहां जल संरक्षण और सामुदायिक विकास की आवश्यकता है।

इनका कहना है

थनमगांव पंचायत में जो कार्य हुआ है, वह वास्तव में जल संरक्षण के क्षेत्र में एक मॉडल के रूप में स्थापित किया जा सकता है। कन्टूर ट्रेंच के निर्माण से क्षेत्र के जल स्तर में निश्चित रूप से सुधार होगा। प्रदान द्वारा जिस तरह से समुदाय को साथ लेकर यह कार्य किया गया, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। भविष्य में हम इस सफल मॉडल को जिले की अन्य पंचायतों में भी दोहराने की योजना बना रहे हैं।


देवव्रत पाल, डीडीएम नाबार्ड

हमने प्रत्यक्ष रूप से देखा है कि कन्टूर ट्रेंच तकनीक न केवल भूजल स्तर को बेहतर करती है, बल्कि यह वर्षा जल को जमीन में रोकने में भी सहायक है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है। इस वर्ष पहली बारिश के बाद ही ट्रेंच में पानी भरा हुआ दिखाई दिया, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि क्षेत्र के जल स्तर में बहुत जल्द सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।


अनुरुद्ध शास्त्री, प्रदान संस्था



बेटी ने निभाया बेटे का फर्ज, तोड़ी परंपरा

  • खुशबू ने पिता को मुखाग्नि देकर दिया समाज को नया संदेश

मंडला महावीर न्यूज 29. बेटियाँ किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं, इस सोच को मंडला जिले की एक बेटी ने सच कर दिखाया है। बम्हनी बंजर निवासी खुशबू हरदहा ने अपने पिता के निधन पर न केवल उन्हें मुखाग्नि दी, बल्कि अंतिम संस्कार की सभी रस्में निभाकर समाज की सदियों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए एक नई मिसाल कायम की है। बताया गया कि राजनीति और समाज सेवा में सक्रिय रहे स्वर्गीय मनमोहन हरदहा का 12 मई बुद्ध पूर्णिमा को मुंबई में निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर एम्बुलेंस से मंडला में उनके गृहग्राम बम्हनी बंजर वार्ड क्रमांक 4 लाया गया, जहाँ 13 मई को सर्री घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

जानकारी अनुसार परिवार में पुत्र न होने के बावजूद उनकी बड़ी बेटी खुशबू हरदहा ने अपनी बहन निशिता के साथ मिलकर अपने पिता को नम आंखों से विदाई दी। खुशबू ने आगे बढ़कर न केवल अपने पिता को मुखाग्नि दी, बल्कि पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार की सभी रस्में निभाईं। यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए अत्यंत भावुक क्षण था और समाज को एक गहरा संदेश दे गया कि बेटियाँ भी बेटों की तरह हर जिम्मेदारी निभा सकती हैं।

इस अवसर पर हरदहा समाज जिला महासभा मंडला के अध्यक्ष कृष्णकुमार हरदहा, संरक्षक गोपाल हरदहा, बम्हनी इकाई अध्यक्ष महेन्द्र हरदहा, आनंद गुप्ता, प्रहलाद मूलचंदानी, डालचंद केशवानी, अखिलेश चंदौल, अरविन्द सहित समाज के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। बेंगलुरु, दिल्ली, पुणे, प्रयागराज, जबलपुर, रायपुर, नागपुर और ग्वालियर से आए समाजजनों ने भी इस दुखद घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाया। बताया गया कि खुशबू हरदहा का यह साहसिक कदम सिर्फ एक अंतिम संस्कार की रस्म तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह बदलाव, समानता और नारी शक्ति का प्रतीक बन गया। आज उनकी इस पहल की पूरे हरदहा समाज और मंडला क्षेत्र में सराहना हो रही है और यह अनेक लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।



56.64 लीटर देशी, विदेशी शराब जप्त

  • मंडला आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई
  • अवैध शराब का जखीरा पकड़ाया, दो गिरफ्तार

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला आबकारी विभाग ने कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशन और जिला आबकारी अधिकारी रामजी पांडेय के मार्गदर्शन में विगत 13 मई को वृत मंडला में नंदिया से बहेंगा रोड पर गश्त के दौरान आबकारी टीम ने एक संदिग्ध मारुति कार को रोका और तलाशी ली। जिसकी तलाशी के दौरान कार की पिछली सीट और डिक्की से भारी मात्रा में अवैध देशी और विदेशी शराब बरामद हुई। वाहन में सवार अंशुल मोंगरे, निवासी राधाकृष्ण वार्ड मंडला और सौरभ उर्फ शंशाक पटेल, निवासी सरदार पटेल वार्ड मंडला के कब्जे से कुल 56.64 बल्क लीटर देशी और विदेशी शराब जब्त की गई।

बताया गया कि आबकारी विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जब्त की गई शराब और कार की अनुमानित कीमत 2 लाख 40 हजार रुपये बताई जा रही है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक सर्वेश नागवंशी, आरक्षक दुर्जन कुलेश, सत्यपाल मरावी, विजय कमलेश, ऋषभ शुक्ला और प्रिया नायडू शामिल रहे। आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखने की बात कही है।


 


अब बच्चे सामान्य बच्चों की तरह दिख सकेंगे

  • कटे होंठ फटे तालू के बच्चों को मिला उपहार
  • डीईआईसी जिला चिकित्सालय में जांच परीक्षण, 03 बच्चे हुए चयनित

मंडला महावीर न्यूज 29. अब कटे होंठ, फटे तालू के बच्चे सामान्य बच्चों की तरह दिख सकेंगे। इन बच्चों के माता पिता के चेहरों में खुशी झलक रही है। इनकी खुशी को बरकरार रखने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र में दी जाती है। जिससे कि पीडि़त बच्चे निरोगी हो सके। इसी उद्देश्य से आरबीएसके अंतर्गत जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र जिला चिकित्सालय मंडला में कटे होंठ, फटे तालू के बच्चों का नि:शुल्क जांच व उपचार शिविर आयोजित किया गया। शिविर में दुबे एवं डेंटल केयर हॉस्पिटल जबलपुर से आए विशेषज्ञ डॉ. केके पटेल ने बच्चों का जांच, परीक्षण किया। इसके साथ ही दुबे एवं डेंटल केयर के राजा बाबू और डीईआईसी केन्द्र के स्टाफ ने शिविर में सेवाएं दी।

जानकारी अनुसार कटे होंठ, फटे तालू के बच्चों के लिए आयोजित नि:शुल्क शिविर में आरबीएसके चिकित्सक द्वारा बच्चों को चिन्हित किया गया। जिसके बाद आयोजित शिविर में जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र जिला चिकित्सालय मंडला में कटे होंठ, फटे तालू के बच्चों का जांच परीक्षण डॉ. केके पटेल द्वारा किया गया। आयोजित शिविर में आठ बच्चे जांच के लिए पहुंचे। इसके साथ ही शिविर में कुछ बच्चे फालोअप के लिए आए। शिविर में आए इन बच्चों का जांच परीक्षण के बाद तीन बच्चों को सर्जरी के लिए चयनित किया गया। चयनित बच्चों का उपचार दुबे सर्जिकल एवं डेंटल हॉस्पिटल जबलपुर में नि:शुल्क किया जाएगा। चयनित बच्चों को जबलपुर से आए चिकित्सक ने जांच परीक्षण के बाद अपने साथ जबलपुर उपचार सर्जरी के लिए ले गए। इस दौरान बच्चों के परिजनों में खुशी देखी गई। परिजनों ने कहा कि आज आरबीएसके टीम द्वारा आयोजित नि:शुल्क शिविर ने बच्चों को उपहार दिया है। अब बच्चे सामान्य बच्चों की तरह दिख सकेंगे।

आठ बच्चों की हुई स्क्रीनिंग 

बताया गया कि आयोजित शिविर में आठ बच्चो की स्क्रीनिंग की गई। जिसमें पूर्वी नेटी पांच माह, धनेश्वरी नेटी सात माह, सृष्टि झारिया दो माह, विवांश चलहनिया डेढ़ माह, रंजीत पांच माह, अर्पिता पांड्रे दो माह, पवित्रता चार माह, योगांश विश्वकर्मा ढाई माह के बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। स्क्रीनिंग में तीन बच्चे रंजीत, पूर्वी नेटी, धनेश्वरी नेटी को सर्जरी के लिए चिन्हित किया गया। इसके साथ ही दो अन्य बच्चे योगांश विश्वकर्मा, पवित्रता को फालोअल के लिए ले जाया गया है। इनकी सर्जरी दुबे सर्जिकल एवं डेंटल केयर जबलपुर में स्माइल ट्रेन के माध्यम से नि:शुल्क की जाएगी। जिला समन्वयक अर्जुन सिंह ने बताया कि शिविर में आए दो बच्चों को न्यूट्रीशन एवं फॉलोअप के लिए ले गए है। इसके साथ ही पांच बच्चों की उम्र एवं वजन कम होने के कारण इन बच्चों को अगले माह उपचार के लिए तिथि निर्धारित की है।

जागरूकता का अभाव

आरबीएसके जिला समन्वयक अर्जुन सिंह ने बताया कि कुछ नवजात शिशुओं में जन्मजात विकार हो जाते है। उनमें से अधिकांश विकार ठीक हो सकते है, यदि उनका समय पर उपचार और चिकित्सा सेवा का लाभ मिल जाए लेकिन ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्रों में जागरूकता के आभाव के कारण बच्चो में आए विकार को पहचान नहीं पाते और आगे चलकर ऐसे बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से विकृत हो जाते है। इसके लिये सरकार द्वारा हर जिले में ब्लाक स्तर पर मोबाइल हेल्थ टीम आरबीएसके का गठन किया गया है जो बच्चों को चयनित कर इनका स्वास्थ्य परीक्षण करते है। इसके बाद डीईआईसी के माध्यम से इन बच्चो को संबन्धित विभाग से नि:शुल्क उपचार दिलाया जाता है।

ये रहे उपस्थित 

कटे होंठ फटे तालू के बच्चों के लिए आयोजित शिविर में सीएमएचओ डॉ. केसी सरोते, सिविल सर्जन डॉ. विजय धुर्वे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, आरबीएसके नोडल अधिकारी, आरबीएसके डीईआईसी मैनेजर अर्जुन सिंह, डॉ. केके पटेल, आडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच थैरेपी वीरेन्द्र पाटिल, फिजोथैरेपिस्ट नेजा आफरीन, डॉ. मुकेश झरिया, डॉ. टीआर झरिया, डॉ. अजय खंडेल, डॉ. रोशनी परस्ते, डॉक्टर किरण पंद्रे, डॉ. धनराज भांवरे, डॉ. राजकुमार नंदा, एएनएम श्रीमती अनीता टेकाम, हेमलता विश्वकर्मा, एवं अन्य स्टाफ ने शिविर में अपनी सेवाएं प्रदान की।



मंडला अस्पताल में गर्मी का सितम, ऑपरेशन थिएटर के बाहर परिजन पसीने से बेहाल

  • वेटिंग एरिया में बिना पंखे गर्मी में मरीज और तीमारदार त्रस्त

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला चिकित्सालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं के चलते मरीजों और उनके परिजनों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठे परिजन गर्मी और उमस से बेहाल नजर आए। पंखों की व्यवस्था न होने के कारण तपती गर्मी में मरीजों और तीमारदारों का बुरा हाल है।

जानकारी अनुसार मंडला जिला चिकित्सालय में ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठे मरीजों के परिजन भीषण गर्मी से बेहाल हो रहे हैं। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते प्रतीक्षालय में पंखों की व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को असहनीय गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को सुबह करीब 10.30 बजे ऑपरेशन थिएटर के बाहर का दृश्य अत्यंत कष्टदायक था। अपनी प्रियजनों के ऑपरेशन और ड्रेसिंग के लिए आए परिजन गर्मी से पसीने-पसीने हो रहे थे। वेटिंग एरिया में हवा की आवाजाही बिल्कुल न होने से उमस और गर्मी के कारण मरीज और उनके परिजनों का बैठना मुश्किल हो रहा था। कई बुजुर्ग और महिलाएं गर्मी के कारण बेचैन दिखाई दे रही थी।

एक मरीज की ड्रेसिंग के लिए आए जिनके परिजन ने बताया कि उसकी पत्नी की ड्रेसिंग चल रही है और वह सुबह 10 बजे से यहां बैठा हैं, इस गर्मी में बिना पंखे के बैठना बहुत मुश्किल हो रहा था। अस्पताल प्रशासन को मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए। इसी तरह एक अन्य महिला नाम ना छापने की शर्त पर बताई कि गर्मी के कारण यहां आने वाले मरीजों और परिजनों को गर्मी और उमस के कारण बेहद परेशानी उठानी पड़ती है। जिसके कारण बीमार मरीज और बीमार हो जाता है, महिलाओं को चक्कर आने लगते हैं। हमने कई बार अस्पताल के कर्मचारियों से पंखे लगवाने की बात कही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

बताया गया कि यह स्थिति न केवल परिजनों के लिए कष्टदायक है, बल्कि मरीजों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। ऑपरेशन के बाद और ड्रेसिंग के लिए आने वाले मरीजों को यदि इसी तरह गर्मी में इंतजार करना पड़े तो उनकी तबीयत और बिगड़ सकती है। मरीजों के परिजनों ने बताया कि आपरेशन थियेटर के बाहर वेटिंग एरिया में यह समस्या लंबे समय से है। मरीजों और परिजनों के लिए बाहर पंखों की कमी लंबे समय से बनी हुई है लेकिन इस समस्या के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मरीजों का कहना है कि सुविधाएं पर्याप्त ना होने से जिला चिकित्सालय की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं का अभाव मरीजों और उनके परिजनों को परेशान कर रहा है।

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने और ऑपरेशन थिएटर के बाहर प्रतीक्षालय में पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह मरीजों और उनके परिजनों के मौलिक अधिकारों का हनन है और अस्पताल प्रशासन को इस पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। अब देखना यह होगा कि जिला चिकित्सालय प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब ध्यान देता है और कब तक मरीजों के परिजनों को इस असहनीय गर्मी से राहत मिलती है। फिलहाल ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठे बेहाल परिजन राहत की उम्मीद में टकटकी लगाए हुए हैं।



बीजाडांडी में महिला एवं बाल विकास विभाग की तत्परता से दो बाल विवाह रुके

  • 15 व 28 मई को होने वाला था विवाह, परिजनों को दी समझाईश

मंडला महावीर न्यूज 29. महिला एवं बाल विकास परियोजना बीजाडांडी की तत्परता से ग्राम पंचायत भैंसवाही के टिकरा टोला में होने वाले दो बाल विवाह रोक दिए गए। 14 मई को परियोजना कार्यालय को सूचना मिली थी कि टिकरा टोला में दो नाबालिग लड़कों का विवाह होने वाला है। सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी मनीषा तिवारी, पर्यवेक्षक अमर काली मसराम एवं मीना टेकाम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सीता तिवारी, आशा कार्यकर्ता राज पांडेय और पुलिस बल की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची।

बताया गया कि संयुक्त टीम ग्राम पंचायत भैंसवाही के टिकरा टोला पहुंची। जहां जांच में पाया कि सुरेन्द्र कुमार धुर्वे पिता सुखदेव धुर्वे निवासी टिकराटोला जिनकी जन्मतिथि 28 दिसंबर 2005 है और उम्र 19 वर्ष है, का विवाह 15 मई को होने वाला था। इसी प्रकार दिनेश धुर्वे पिता तितरा धुर्वे निवासी टिकराटोला जिनकी जन्मतिथि 9 मई 2006 है और उम्र 18 वर्ष है, का विवाह 28 मई को निर्धारित था। जांच में दोनों ही लड़के नाबालिग मिले। टीम ने मौके पर उपस्थित परिवारजनों और रिश्तेदारों को समझाया कि कानून के अनुसार लड़के की उम्र 21 वर्ष होने पर ही विवाह किया जा सकता है। उन्हें बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। जिसे सुनकर सभी विवाह रोकने के लिए सहमत हो गए। अधिकारियों की समझाइश के बाद भी यदि बाल विवाह किया जाता है, तो विवाह में शामिल होने वाले सभी परिवारजनों और रिश्तेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


 


पाईप बिछे, टोंटी लगी, फिर भी नहीं आ रहा पानी

  • आजादी के वर्षो बाद ग्रामीण सड़क पानी के लिए मोहताज ग्रामीण
  • ग्राम पंचायत इमलिया के ग्रामीण कर चुके कई बार आवेदन, निवेदन, समस्या का नहीं हो रहा निराकरण

मंडला महावीर न्यूज 29. ग्राम पंचायत इमलिया के ग्रामीण आजादी के बाद से लेकर आज दिनांक तक मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे है। यहां गांव से लेकर अंजनिया रामनगर मुख्य मार्ग तक पहुंच मार्ग नहीं है। यहां के वंशिदे पगडंडी वाले रास्ते से आवागमन करने मजबूर है। बारिश के दिनों में परेशानी का सामना भी करना पड़ता है। इस समस्या के निजात के लिए कई बार शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से आवेदन, निवेदन किया गया, लेकिन इस समस्या का निराकरण नहीं किया गया। जिसके कारण यहां के ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। जिसका असर विगत वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार करके दिखाया।

ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत इमलिया के पोषक ग्राम इमलिया रैयत समेत अन्य वार्डो के करीब एक हजार की आबादी बदहाल मार्ग और पेयजल की समस्या से जूझ रहे है। इस पोषक ग्राम में पीने के पानी के लिए कोई भी जल स्त्रोत नहीं है। यहां कुंआ और हैंडपंप भी नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों को करीब एक किलोमीटर दूसरे ग्राम जाकर पानी लाना पड़ता है। जिसके कारण ग्रामीणों के अन्य कार्य भी प्रभावित होते है। ग्रामीणों ने बताया कि जहां इमलिया रैयत के लोग पानी लेने जाते है, वहां भी सिर्फ एक ही हैंडपंप और कुंआ है। उसी हैंडपंप और कुंआ से दोनों ग्रामों के ग्रामीण पानी उपयोग करते है। जिसके कारण काफी परेशानी उठानी पड़ती है।

ग्रामीणों ने बताया कि विगत कई वर्षो पहले ग्राम में पेयजल की व्यवस्था के लिए पाईप लाईन बिछाई गई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने आस लगा ली कि अब ग्राम के हर घर तक पानी पहुंच जाएगा, लेकिन ग्रामीण पाईपों में पानी का इंतजार करते रहे है और पाईप लाईन खराब हो गई। इसके बाद विगत तीन वर्ष पहले एक बार फिर पाईप लाईन बिछाई गई, हर घर तक कनेक्शन किये गए, नलों में टोंटी लगाई गई। पानी के ग्राम में बोर भी कर दिया गया, ट्रांसफार्मर भी लगा दिया गया। लेकिन नलों में पानी के स्थान हवा निकल रही है। विगत तीन वर्षो से ग्रामीण नलों की टोंटी को चालू, बंद करके देखते ही है कि कब इन नलों से पानी उनके घरों तक पहुंचेगा, लेकिन ग्रामीणों का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। बताया गया कि पेयजल के लिए ग्राम में अभी पानी की टंकी नहीं बनाई गई है। वहीं कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पानी की सप्लाई सीधे बोर से ग्राम में की जाएगी, जिसका इंतजार ग्रामीणों को है।

लोकसभा चुनाव का किया था बहिष्कार 

विगत वर्ष 19 अप्रैल को मप्र की 06 सीटों में लोकसभा चुनाव में मतदान किये गए थे, लेकिन मंडला जिले के जनपद पंचायत बिछिया अंतर्गत ग्राम पंचायत इमलिया माल, इमलिया रैयत, डूंगरिया में आजादी के बाद से आज तक ग्राम वासियों ने सड़क नहीं देखी और ना ही इन गांवों को मुख्य मार्ग के प्रधानमंत्री सड़क योजना से जोड़ा गया। सड़क समेत अन्य मूलभूत समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार समस्या निराकरण की मांग की, लेकिन यहां की समस्या का निदान नहीं हो सका। जिससे आक्रोशित होकर यहां के ग्रमीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर दिया और वोट नहीं डाले। बताया गया कि मंडला जिले के विकासखंड बिछिया अंतर्गत तीन ग्रामों के ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया था। ग्राम पंचायत इमलिया माल, इमलिया रैयत और डूंगरिया के मतदाताओं ने गांव में सड़क की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था। इन तीन ग्रामों में 1263 मतदाताओं में से सिर्फ 31 वोट ही डाले गए थे। इन 31 वोट में 11 वोट शासकीय मतदाताओं के और शेष 20 वोट अन्य लोगों के थे।

समस्या निराकरण नहीं होने पर किया जाएगा उग्र आंदोलन 

ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में कई बार ग्राम की मूलभूत समस्या को लेकर आवेदन, निवेदन किया जा चुका है। विगत फरवरी माह में भी जन सुनवाई में ग्रामीणों ने कलेक्टर मंडला को इस समस्या के लिए आवेदन दिया था, जिसके बाद यहां के बोर में मोटर तो लगा दी गई लेकिन अभी भी यहां के नलों में पानी की जगह हवा निकल रही है। ग्रामीणों की मूलभूत समस्या की तरफ स्थानीय प्रशासन, जिला प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रैंग रही है। इन सब परेशानियों को देखते हुए ग्राम इमलिया के ग्रामीणों ने पुन: प्रशासन को जगाते हुए कहां कि जल्द ही ग्राम की समस्या का निराकरण नहीं किया जाता है तो ग्राम पंचायत इमलिया के ग्रामीण उग्र आंदोलन करने मजबूर होंगे। जिसकी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन की होगी।

इनका कहना है

इमलिया में विगत कई वर्षो से सड़क और पीने के पानी के लिए यहां के ग्रामीण परेशान है। बारिश के दिनों में सबसे ज्यादा परेशानी का ग्रामीणों को करना पड़ता है। गांव से लेकर अंजनिया रामनगर मुख्य मार्ग तक पहुंच मार्ग नहीं है। जिसके कारण ज्यादा परेशानी हो रही है।


बलराम यादव, ग्रामीण



कटे होंठ, फटे तालू से पीडि़त बच्चों के लिए उम्मीद की किरण

  • आज जिला चिकित्सालय मंडला में नि:शुल्क जांच शिविर
  • जबलपुर के विशेषज्ञ करेंगे बच्चों की जांच

मंडला महावीर न्यूज 29. कटे होंठ और फटे तालू रोग से पीडि़त बच्चों के लिए नि:शुल्क जांच शिविर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आज 14 मई को जिला चिकित्सालय मंडला के जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में अयोजित किया जाएगा। शिविर सुबह 10.30 बजे से शुरू किया जाएगा। इस विशेष शिविर में कटे होंठ और फटे तालू की समस्या से जूझ रहे बच्चों का गहन परीक्षण और आवश्यक जांचें की जाएंगी। शिविर का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान करना है, जिन्हें इस समस्या के समाधान के लिए सर्जरी की आवश्यकता है। जांच के बाद चिन्हित बच्चों को आगे के उपचार और शल्य चिकित्सा के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

सीएमएचओ डॉ. केसी सरौते ने बताया कि इस शिविर में अपनी विशेषज्ञ सेवाएं प्रदान करने के लिए दुबे सर्जिकल और डेंटल हॉस्पिटल जबलपुर की एक अनुभवी टीम को विशेष रूप से अपनी सेवाएं देंगे। शिविर में उपस्थित होकर बच्चों की बारीकी से जांच करेगी और उन्हें आवश्यक परामर्श देगी। इसके साथ ही जिले के समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमों को भी इस शिविर में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए निर्देशित किया है, जिससे जरूरतमंद बच्चों तक इस शिविर की जानकारी पहुंचे और वे इसका लाभ उठा सकें।

बताया गया कि जांच शिविर नि:शुल्क है, जिसका मुख्य लक्ष्य कटे होंठ और फटे तालू जैसे जन्मजात विकारों से पीडि़त बच्चों को आवश्यक चिकित्सा सहायता सुलभ कराना है। इस पहल से न केवल बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य मिलेगा, बल्कि उनके परिवारों को भी इस समस्या से निपटने में संबल प्राप्त होगा। जिला स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस शिविर का लाभ उठाएं और अपने ऐसे बच्चों को निर्धारित तिथि और समय पर जिला चिकित्सालय मंडला के डीईआईसी केंद्र में लेकर आएं, जिससे उन्हें उचित चिकित्सा सहायता मिल सके। यह शिविर ऐसे बच्चों के जीवन में एक नई उम्मीद की किरण लेकर आएगा।


जमीन समतलीकरण के नाम पर धोखाधड़ी

  • अंतर्राज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश, राजस्थान के दो आरोपी गिरफ्तार

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला पुलिस ने जमीन समतलीकरण के नाम पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों से धोखाधड़ी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बम्हनी थाने में चिरईडोंगरी निवासी एक सेवानिवृत्त शिक्षक ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ लोगों ने उनसे संपर्क कर रेलवे विभाग में लगी जेसीबी मशीन को दो-तीन दिन की छुट्टी पर होने के कारण कम पैसों में उनके खेत में काम कराने की बात कही। इसके बाद जेसीबी मशीन से खेत में खुदाई की गई और फिर तीन अन्य व्यक्ति वहां पहुंचे। इन व्यक्तियों ने खुद को रेलवे अधिकारी और तहसील कार्यालय का कर्मचारी बताकर शिकायतकर्ता पर कार्रवाई करने और जेल भेजने की धमकी दी। उन्होंने मामले को रफा-दफा करने के लिए 10 से 15 लाख रुपये का जुर्माना भरने और रसीद प्राप्त करने की बात कही, जिससे शिकायतकर्ता डर गया।

सरकारी कर्मचारी होने के कारण भयभीत शिकायतकर्ता ने जेल जाने के डर से उन तीन व्यक्तियों के साथ स्टेट बैंक मंडला के मुख्य शाखा से चेक के माध्यम से 10 लाख 70 हजार रुपये निकाले। इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी और उसे महाराजपुर में छोड़कर भाग गए। शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर बम्हनी थाने में विभिन्न धारा के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नैनपुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बम्हनी अरुण प्रताप सिंह भदौरिया के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई।

जांच के दौरान टीम ने घटनास्थल का रूट मैप तैयार किया और सीसीटीवी फुटेज एवं साइबर सेल मंडला से प्राप्त तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया। इसके बाद 6 सदस्यीय टीम को राजस्थान अज्ञात संदिग्ध आरोपियों की जानकारी प्राप्त करने के लिए रवाना किया गया। टीम को जानकारी मिली कि इस घटना में परवीन खान पिता कमाल खान 31 वर्ष और नबीशेर खान पिता मुमताज खान 55 वर्ष, दोनों निवासी पुलिस लाइन के सामने करौली, राजस्थान, शामिल हैं। घटना को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को थाना घंसौर जिला सिवनी में गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

आरोपियों ने पूछताछ में अन्य राज्यों में भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों बालोद, बालोदा बाजार, राजनांदगांव, जबलपुर, सिवनी में भी इसी तरह से धोखाधड़ी कर पैसे वसूले हैं। यह भी पता चला है कि बालोद और राजनांदगांव में इस तरह के मामलों में वे जेल भी जा चुके हैं। पुलिस द्वारा इन मामलों के संबंध में अन्य जिलों और राज्यों से जानकारी एकत्र की जा रही है, जिससे और भी मामलों का पता चल सकता है।

इस कार्रवाई में एसडीओपी नैनपुर मनीष राज, उप निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह भदौरिया थाना प्रभारी बम्हनी, सहायक उप निरीक्षक राकेश बघेल, सहायक उप निरीक्षक मुकेश चौरसिया, प्रधान आरक्षक धीरज नाग, प्रधान आरक्षक इंदर सिंह राजपूत, आरक्षक सुनील सिंह, आरक्षक खिलेन्द्र राहगडाले, नवीन कठौते और साइबर सेल मंडला की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


मंडला पुलिस ने किया बलवा ड्रिल

  • आपातकालीन स्थितियों से निपटने का किया अभ्यास
  • भीड़ नियंत्रण उपकरणों के साथ पुलिस ने किया मॉक ड्रिल
  • ग्राम रक्षा समिति भी हुई शामिल

मंडला महावीर न्यूज 29. पुलिस लाइन मंडला में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा बलवा ड्रिल का आयोजन किया गया। मप्र पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के तहत आयोजित इस ड्रिल का उद्देश्य कानून व्यवस्था के दौरान आने वाली चुनौतियों से निपटना, आपातकालीन परिस्थितियों में स्थिति पर नियंत्रण रखना और समाज में भयमुक्त वातावरण बनाए रखना है। मंडला पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में हुई जनरल परेड के दौरान पुलिसकर्मियों ने विभिन्न प्रकार के भीड़ नियंत्रण उपकरणों का अभ्यास किया। इनमें आंसू गैस ग्रेनेड, चिली ग्रेनेड, इस्टन ग्रेनेड, डाई मार्कर ग्रेनेड, नॉर्मल सेल ग्रेनेड, सॉफ्ट नोज सेल एलआर, एसआर और इलेक्ट्रिक सेल ग्रेनेड जैसे शस्त्र शामिल थे, जिनका टीयर गैस गन और वज्र वाहन से संचालन कर अभ्यास किया गया।

बलवा ड्रिल के माध्यम से पुलिसकर्मियों को आपातकालीन स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया। ड्रिल में दंगाइयों को रोकने के विभिन्न तरीके सिखाए गए, जिनमें उपकरणों का इस्तेमाल, आंसू गैस के गोले दागना, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए स्मोक गैस का उपयोग करना और दंगे के दौरान घायल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शामिल था।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार वर्मा ने बताया कि मंडला पुलिस ने बलवा ड्रिल का रिहर्सल किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के रिहर्सल समय-समय पर किए जाते हैं जिससे हमारी तैयारी में कोई कमी रहती है तो उसमें सुधार किया जा सके और बलवा जैसी स्थिति उत्पन्न होने पर पुलिस को त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार किया जा सके।

ड्रिल के दौरान रक्षित निरीक्षक सुनील नागवंशी, थाना प्रभारी आरती धुर्वे, सूबेदार सहित जिला बल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। बलवा ड्रिल में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए ग्राम एवं नगर रक्षा समिति के सदस्यों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।


अंधेरी रातों में बिना नंबर और बिना लाइट के दौड़ते ओवरलोड ट्रैक्टर बने यमदूत, प्रशासन बेखबर

  • नैनपुर की सड़कों पर मौत का तांडव
  • ट्रैक्टरों की धमा चौकड़ी से आमजन त्रस्त

मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद पंचायत नैनपुर क्षेत्र में इन दिनों ट्रैक्टरों का बेलगाम आतंक जारी है। शाम ढलते ही ये ट्रैक्टर मालिक अपने राजनीतिक रसूख के दम पर नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर मौत बनकर दौडऩे लगते हैं। बिना नंबर प्लेट और बिना लाइट के ये वाहन रात्रि के अंधेरे में आम नागरिकों के लिए खतरा बन गए हैं। हाल ही में तीन दर्दनाक मौतों के बाद भी स्थानीय प्रशासन इस गंभीर समस्या पर लगाम कसने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रात्रि 7 बजे से सुबह 7 बजे तक ये ट्रैक्टर बेखौफ होकर ओवरलोड रेत भरकर सड़कों पर फर्राटे भरते हैं। खदानों से मशीनों द्वारा क्षमता से अधिक रेत भरकर बिना किसी वैध रॉयल्टी के चोरी-छिपे लोगों तक पहुंचाई जा रही है। यह गोरखधंधा प्रशासन की नाक के नीचे खुलेआम चल रहा है, लेकिन राजनीतिक संरक्षण के चलते अधिकारी इन गैरकानूनी ट्रैक्टरों पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं।

हाल ही में मिनी ट्रक संघ के मालिकों ने भी इस गंभीर समस्या को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें इन अवैध ट्रैक्टरों के संचालन पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि इस ज्ञापन पर भी अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे आम नागरिकों में प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन ट्रैक्टरों की तेज रफ्तार और अंधेरे में इनकी पहचान न हो पाने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए यह स्थिति अत्यंत भयावह है। लोगों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि प्रशासन जानबूझकर इन ट्रैक्टर मालिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ रही है।

यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रही है, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। आम जनता अब यह मांग कर रही है कि प्रशासन तत्काल हरकत में आए और इन गैरकानूनी ट्रैक्टरों के संचालन पर प्रभावी रोक लगाए, जिससे और अधिक जानहानि को रोका जा सके और सड़कों पर सुरक्षा का माहौल कायम हो सके। देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे रहता है और कब आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाता है।


आपदा प्रबंधन के लिए जुटे स्वयंसेवी

  • ग्रामीण विकास एवं महिला उत्थान संस्थान के वॉलेंटियर्स ने लिया प्रशिक्षण
  • होमगार्ड और एसडीईआरएफ ने सिखाए बचाव के गुर, आपदा में सहयोग का लिया संकल्प

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर जन जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय सामाजिक संस्था ग्रामीण विकास एवं महिला उत्थान संस्थान मंडला के स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

यह प्रशिक्षण बैरक होमगार्ड, एसडीईआरएफ मंडला में आयोजित किया गया, जहां डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट नरेश कुमार साहू और सब-इंस्पेक्टर हेमराज परस्ते ने वॉलेंटियर्स को आपदा प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। प्रशिक्षण में बाढ़, भूकंप, आगजनी, सड़क दुर्घटना जैसी विभिन्न आपदाओं के दौरान स्वयं को सुरक्षित रखते हुए बचाव कार्य करने की विस्तृत तकनीकी जानकारी सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों रूपों में प्रदान की गई।

बताया गया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वॉलेंटियर्स को आपदा की स्थिति में प्रभावी ढंग से सहयोग करने और आम नागरिकों को आपदाओं के प्रति जागरूक करने के लिए सक्षम बनाना था। स्वयंसेवकों को आपदा के समय पीडि़तों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने और राहत कार्यों में सहायता करने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया। ग्रामीण विकास एवं महिला उत्थान संस्थान मंडला के वॉलेंटियर्स और संस्था प्रमुख रामकुमार सिंगौर, कार्यकर्ता सुभाष बंशकार, मनीष सिंगौर और रमेश परस्ते सहित सभी प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया और सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के समापन पर सभी वॉलेंटियर्स ने संस्था की ओर से आपदा की घड़ी में हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

आयोजित प्रशिक्षण ग्रामीण विकास एवं महिला उत्थान संस्थान मंडला के स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन के लिए तैयार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षित वॉलेंटियर्स अब जिले में आपदा प्रतिक्रिया प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और समुदाय को सुरक्षित रखने में अपना योगदान देंगे।


नकली नंबर प्लेट से वेयरहाउस में सेंध

  • 5 लाख के 490 बोरी चावल लेकर फरार दो आरोपी गिरफ्तार
  • कोतवाली पुलिस ने 241 क्विंटल चावल और घटना में इस्तेमाल ट्रक किया जब्त

मंडला महावीर न्यूज 29. थाना कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वेयरहाउस टिकरिया से नकली नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी से 490 बोरी चावल लगभग 241 क्विंटल जिसकी कीमत करीब 5 लाख रुपये है, उड़ाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए चावल और घटना में प्रयुक्त ट्रक को भी जब्त कर लिया है। घटना का खुलासा तब हुआ जब 25 अप्रैल को वेयरहाउस टिकरिया में माल लोडिंग और अनलोडिंग के लिए गाड़ी उपलब्ध कराने वाले कर्मचारी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया कि ट्रक क्रमांक एमपी 22 एच 9060 का चालक बनकर आए व्यक्ति ने उनसे 490 बोरी चावल अपने ट्रक में लोड करवा लिया। उस पर विश्वास करके चावल को सुरक्षित रूप से बोरगांव स्थित गुलशन पालियोन्स, जिला पांढुर्ना में खाली करने के लिए कहा गया था। हालांकि ट्रक चालक ने धोखाधड़ी करते हुए चावल को गंतव्य तक नहीं पहुंचाया और करीब 5 लाख रुपये के चावल की चोरी कर ली।

शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली में बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। कोतवाली मंडला से निरीक्षक शफीक खान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसे आरोपियों की तलाश में लगाया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राप्त सूचना के आधार पर दो आरोपियों की पहचान की, जो इस धोखाधड़ी में शामिल थे। आरोपी मकसूद पिता अब्दुल माबूत खान 37 वर्ष, निवासी गोपालगंज, थाना लखनवाड़ा, जिला सिवनी और अनीश खान पिता वजीद खान 45 वर्ष, निवासी गोपालगंज, थाना लखनवाड़ा, जिला सिवनी निकले। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से ट्रक एमपी 22एच 9060 में नकली नंबर प्लेट लगाकर इस घटना को अंजाम दिया था।

पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से चोरी किए गए 490 बोरी चावल और घटना में इस्तेमाल ट्रक को जब्त कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी में निरीक्षक शफीक खान की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें उप निरीक्षक संजीव उईके, सहायक उप निरीक्षक भुमेश्वर वामनकर, आरक्षक सुंदर भलावी, साइबर सेल आरक्षक सूर्यचंद बघेल, सुरेश भटेरे और हेमंत मरावी शामिल थे।


 


पीला सोना की महक इस वर्ष जंगलों से हुई गायब

  • मौसम की बेरूखी से ग्रामीणों में निराशा
  • ग्रामीणों की अतिरिक्त आय पर लगा ग्रहण

मंडला महावीर न्यूज 29. गर्मी का सीजन शुरू होते ही आदिवासी ग्रामीण, वनांचल क्षेत्र के ग्रामीण महुआ बीनने में व्यस्त हो जाते थे। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों महुआ बीनने का कार्य प्रगति रहता था, लोग भोर होते ही उठकर महुआ पेड़ों के नीचे पहुंच जाते थे, जिससे महुआ पेड़ से गिरे हुए फूल को मवेशी ना खाएं। क्षेत्र में महुआ एक अतिरिक्त आमदनी का साधन है, लोग कच्चा महुआ बीनकर उसे धूप में सुखाते है, उसके बाद बाजार में ले जाकर विक्रय करते है, यह महुआ ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय का साधन है। जिससे ग्रामीणों को इस पीला सोना के संग्रहण से आर्थिक मदद मिलती है। लेकिन इस वर्ष ग्रामीणों की अतिरिक्त आय पर ग्रहण लग गया।

मौसम की बेरूखी का असर महुआ संग्राहकों की अतिरिक्त आय पर हुआ है। जिले के वनांचल, ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों महुआ संग्राहक परिवार की उम्मीदें इस बार बेमौसम बारिश ने पानी फेर दिया है। मार्च अप्रैल माह में पीला सोना कहां जाने वाले महुएं की खुशबू जंगलों से गायब रही। मार्च और अप्रैल माह में कुछ महुआ संग्राहकों ने महुआ का संग्रहण किया था, लेकिन महुआ गर्मी बढऩे के साथ अप्रैल माह में अपने पूरे शबाव पर रहता है और महुआ संग्राहकों का डेरा जंगलों में अल सुबह से हो जाता है, लेकिन इस बार मौसम के बिगडैल मिजाज ने महुआ संग्राहकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बारिश और ओले ने महुआ फूल को नष्ट कर दिया है। जिससे इस बार महुआ संग्राहकों की अतिरिक्त पर विराम लग गया।

बेमौसम बारिश ने महुआ का बिगाड़ दिया गणित 

जानकारी अनुसार मार्च के पहले सप्ताह से शुरु होकर अप्रैल अंतिम सप्ताह तक झरने वाले महुआ के फूल पर इस बार मौसम का ग्रहण लग गया। हर साल की भांति फूल गिरना शुरू हुआ था, लेकिन बारिश ने इस पर ब्रेक लगा दी। बताया गया कि मार्च के अंतिम सप्ताह व अप्रैल के दूसरे सप्ताह के बीच महुआ फूल की बंफर बरसात होती है, पर इस बीच बेमौसम बारिश व ओले ने महुआ का सारा गणित बिगाड़ दिया। मार्च के बाद से लगातार रुक रुक कर बारिश तो कहीं-कहीं ओले भी गिरे, वन क्षेत्र में जमकर आंधियां चली। आंधी से महुआ फूल गिरकर बेकार हो गए तो तापमान में गिरावट के कारण अपरिपक्व फूल में सडऩ भी आ गई। बताया गया कि मौसम की बेरूखी के कारण महुआ के पेड़ों में सुरक्षित फूल की खुशबू इस वर्ष जंगलों में महक नहीं बिखेर सकी।

कम मात्रा में हुआ महुआ का संग्रहण 

बताया गया कि जिले के वनांचल क्षेत्र में हुई बारिश और उसके बाद बीच बीच में गरज चमक व तेज हवाओं के चलने से वनोपज को भारी नुकसान हुआ है। वनोपज के बारिश की भेंट चढ़ जाने से इस बार वनांचल क्षेत्रों के गरीब आदिवासियों की आय का मुख्य स्त्रोत महुआ प्राकृतिक आपदा की भेंट चढ़ चुका है। बता दे कि तेज गरज, चमक के साथ हुई बारिश के साथ जिले से महुआ की वनोपज को नुकसान पहुंचा है और कम मात्रा में महुआ का संग्रहण किया गया है। वनांचल क्षेत्र के आदिवासी परिवारों के लिए आय के मुख्य स्त्रोत की वनोपज महुआ की फसल हुआ करती है, लेकिन इस बार प्राकृतिक आपदा ने उनके वनोपज संग्रहण पर पानी फे र दिया है। वनांचल क्षेत्र के आदिवासियों की आय का मुख्य साधन वनोपज है। ग्रामीणों ने बताया कि वनोपज हमारे क्षेत्र के लोगों की मुख्य आय का साधन होता है। वनोपज हमारा आय के लिए अतिरिक्त सहारा है।

मौसम की नमी से महुआ हुआ प्रभावित 

ग्रामीणों ने बताया कि इस साल मौसम साथ नहीं दिया। जनवरी फरवरी से ही मौसम का रुख बिगड़ा हुआ था। जिसके कारण जिले में महुआ की फसल प्रभावित हुई। मौसम में नमी आने के कारण महुआ पेड़ों से कम ही गिरे। जिसके कारण महुआ के उत्पादन में भारी गिरावट आई है। ग्रामीणों ने बताया कि जैसे- जैसे गर्मी अधिक पड़ती है, वैसे वैसे महुआ की फसल भी अच्छी होती है, लेकिन इस बार खराब मौसम से हालत बिल्कुल विपरीत रहे। इससे ग्रामीण आदिवासी परिवार के लोगों के चेहरों में परेशानी झलक रही है। इस वर्ष बारिश के चलते फसल पिछले सालों के मुकाबले काफी कम है। उत्पादन कम होने के महुआ के दामों में बढ़ोतरी रहेगी, लेकिन महुआ अधिक मात्रा में आदिवासियों के पास नहीं रहेगा।

पशुओं के लिए है पौष्टिक आहार 

महुए के फूल रसीले और मीठे होते हैं। इनको चूसने के लिए कीट-पतंगों में जबरदस्त होड़ लगी रहती है। गरीब तबके के लोगों को महुआ से सालभर ईंधन के लिए जलाऊ लकड़ी मिल जाती है। इसकी छाल, फल व फूल में औषधिय गुण होने से इनका उपयोग आयुर्वेदिक उपचार में भी किया जाता है। इसकी पत्तियां व फूल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, इसलिए ये पशुओं के लिए बेहतरीन पौष्टिक आहार होते हैं। इनको खिलाने से पशु में दूध की गुणवता व मात्रा दोनों में ही बढ़त होती है। इसकी मजबूत लकड़ी घर के दरवाजे, फर्नीचर आदि बनाने के काम आती है। ग्रामीणों को सालभर महुआ के पेड़ों से अतिरिक्त आय होती है।

औषधीय गुणों से भरपूर है महुआ 

बुजूर्गो का कहना है कि महुआ में औषधीय गुण भी होते है। पूर्व से ही आयुर्वेद में महुआ का उपयोग अनेक प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता रहा है। महुआ में प्रोटीन, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट्स जैसे पोषक तत्व के साथ इसमें कई अन्य तत्व भी पाए जाते हैं, जो शरीर को अलग-अलग प्रकार से लाभ प्रदान करते हैं।



नक्सल उन्मूलन में वीरता, मंडला के 28 जवानों को मुख्यमंत्री ने दी पदोन्नति

  • नक्सलियों के खिलाफ मिली थी महत्वपूर्ण सफलता

मंडला महावीर न्यूज 29. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रानी अवंतीबाई स्टेडियम लांजी में आयोजित कार्यक्रम से पूर्व पदोन्नति समारोह में मंडला जिले के 28 वीर जवानों सहित बालाघाट के 64 पुलिसकर्मियों को उनकी वीरता के लिए पदोन्नति प्रदान किया है। यह पदोन्नति इस राज्य में अब तक का सबसे बड़ा पदोन्नति समारोह था, जिसमें मुख्यमंत्री ने स्वयं जवानों को बैज लगाकर सम्मानित किया है। बताया गया कि मंडला जिले के थाना बिछिया अंतर्गत गनेरीदादर-मुण्डीदादर मुठभेड़ में शामिल हॉक फोर्स के 28 जवानों को मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सम्मानित किया। इन जवानों को उनकी असाधारण बहादुरी और नक्सल उन्मूलन में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पदोन्नत किया गया है। पदोन्नत होने वाले जवानों में 5 उप निरीक्षक से निरीक्षक, 1 सहायक उप निरीक्षक से उप निरीक्षक, 3 प्रधान आरक्षक से सहायक उप निरीक्षक, 1 कार्यवाहक प्रधान आरक्षक से प्रधान आरक्षक और 18 आरक्षक से प्रधान आरक्षक शामिल हैं।

जवानों के साहस और समर्पण की सराहना 

बताया गया कि विगत 2 अप्रैल 2025 को थाना बिछिया अंतर्गत गनेरीदादर और मुण्डीदादर वन चौकी जंगल क्षेत्र में पुलिस और प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के सक्रिय सदस्यों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में पुलिस ने कान्हा भोरमदेव डिवीजन के भोरमदेव एरिया कमेटी की दो हार्डकोर महिला नक्सलियों, प्रमिला उर्फ मासे मंडावी और ममता उर्फ रामबाई मंडावी को मार गिराने में सफलता प्राप्त की थी। इन महिला नक्सलियों पर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र राज्यों द्वारा संयुक्त रूप से 28 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उनके पास से एसएलआर राइफल, सिंगल शॉट 315 बोर राइफल, वायरलेस सेट, दैनिक रसद सामग्री, नक्सल साहित्य और पैम्फलेट बरामद किए थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जवानों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना अदम्य साहस का परिचय दिया और नक्सलियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि सरकार इन वीर जवानों के साथ हमेशा खड़ी है और उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगी। इस समारोह में 11 निरीक्षक, 6 उप निरीक्षक, 8 सहायक उप निरीक्षक और 39 प्रधान आरक्षक को पदोन्नति दी गई।

मंडला के पदोन्नत हुए 28 जवान 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लांजी में आयोजित पदोन्नति समारोह में नक्सल उन्मूलन में उल्लेखनीय वीरता के लिए मंडला के हॉक फोर्स के 28 जवानों को पदोन्नति प्रदान की गई। जिसमें निरीक्षक पद पर पदोन्नत उज्जवल सिंह, अरूण मिश्रा, लोकेन्द्र सिंह जादौन, अतुल कुमार शुक्ला, मनोज कुमार कापसे हुए है। सहायक उपनिरीक्षक से उप निरीक्षक पद पर रविन्द्र पदोन्नत हुए है। इसी तरह प्रधान आरक्षक मंदीप सिंह को सहायक उप निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया है। हॉक फोर्स के कार्यवाहक प्रधान आरक्षक शशीकांत तिवारी को प्रधान आरक्षक पद पर पदोन्नत किया है। प्रधान आरक्षक चन्द्रेश सिंह जादौन, अरविंद सोनी को सहायक उप निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया है।

आरक्षक से प्रधान आरक्षक पद पर पदोन्नत में मनीष धुर्वे, हेमसिंह वरकड़े, कमलकिशोर सिंह तोमर, मनीष कुमार सिंह, अनील कुमार, अशोक पाल, पुष्पेन्द्र सिंह, विष्णु झडिया, रामकरण साहू, संतोष कुमार मरकाम, संजय बाबरिया, धर्मेन्द्र सिंह यादव, रेवाराम अमरोदे, अनिरूद्ध कुमार मिश्रा, प्रीतम सिंह, सुशील कुमार उच्चारिया, अमित कुमार, सोनू वर्मा प्रधान आरक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है।



सीवर लाइन बनी मुसीबत, हल्की बारिश में दलदल में तब्दील हुईं कालोनी की सड़कें

  • देवदरा के कई वार्डों में सीवर लाइन का घटिया काम, वार्डवासी परेशान

मंडला महावीर न्यूज 29. ग्राम पंचायत देवदरा की आनंद कालोनी के निवासियों के लिए सीवर लाइन का काम मुसीबत का सबब बन गया है। कई वर्षों की मांग के बाद बनी कांक्रीट की मार्ग सीवर लाइन के अधूरे और लापरवाही भरे काम के कारण फिर से बदहाल हो गई हैं। हल्की सी बारिश में भी सड़कें दलदल में तब्दील हो जाती हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जिला मुख्यालय के नजदीक स्थित ग्राम पंचायत देवदरा के कई वार्डों की सड़कें सीवर लाईन कार्य के चलते खस्ताहाल हो गई है। स्थानीय लोगों ने मार्ग निर्माण के लिए कई बार आवेदन और निवेदन किए, जिसके बाद आनंद कालोनी में कांक्रीट की सड़क बन पाई थी। हालांकि सीवर लाइन का काम शुरू होने के बाद लोगों को लगा था कि अब उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

वार्डवासियों का कहना है कि सीवर लाइन के लिए पाइप बिछाने के बाद गड्ढों को केवल मिट्टी से भरकर छोड़ दिया गया है। इसके ऊपर बारीक गिट्टी डाल दी गई है, जो वाहनों की आवाजाही के कारण पूरे मार्ग पर फैल रही है। इस कारण वाहन अनियंत्रित होकर फिसल रहे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि सीवर लाइन के काम में हर स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है और गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा है।

बेमौसम बारिश ने कालोनी के लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सड़कों पर कीचड़ जमा हो गया है, जिससे पैदल चलने वालों को भी भारी दिक्कत हो रही है। स्थानीय निवासियों ने पंचायत प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने और सीवर लाइन के काम को गुणवत्ता के साथ पूरा कराने की मांग की है, जिससे उन्हें इस मुसीबत से छुटकारा मिल सके।


गौवंश के वध मामले में नैनपुर पुलिस ने 12 घंटे में एक आरोपी को दबोचा

  • तीन आरोपी फरार, एसपी ने किया इनाम घोषित

मंडला महावीर न्यूज 29. नैनपुर पुलिस ने ग्राम जैतपुरी में चार गौवंशों की निर्दयतापूर्वक हत्या करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 12 घंटे के भीतर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस शेष तीन फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और उनकी गिरफ्तारी पर मंडला पुलिस अधीक्षक ने इनाम घोषित किया गया है।

जानकारी अनुसार विगत 11 मई को राजाराम राजपूत ने पिंडरई चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि ग्राम जैतपुरी में विवेक नामक व्यक्ति के खेत को ठेके पर लेकर उसमें मक्के की फसल लगाई है। जब वे सुबह करीब 6.30 बजे मक्का तुड़वाई के लिए खेत पर पहुंचे, तो खेत के किनारे नाले के पास अज्ञात व्यक्तियों द्वारा चार गौवंशों को काटकर उनके मांस को ले जाया गया था, जबकि उनके सिर और हड्डियां मौके पर ही छोड़ दी गई थीं। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मंडला ने तत्काल टीम गठित कर आरोपी की तलाश के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडला शिवकुमार वर्मा और एसडीओपी नैनपुर मनीष राज के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बलदेव सिंह मुजाल्दा और चौकी प्रभारी राजकुमार हिरकने के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।

बताया गया कि टीम ने गहन पूछताछ और पतासाजी के दौरान ग्राम भैसवाही के चार लोगों को संदिग्ध पाया। इनमें से एक आरोपी मुईन कुरैशी पिता अब्दुल शाहिद कुरैशी 46 वर्ष, निवासी ग्राम भैसवाही थाना नैनपुर को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी मुईन कुरैशी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लोहे का बका और मांस काटने का लकड़ी का गुटका भी जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी मुईन कुरैशी को न्यायालय में पेश किया गया है।

बताया गया कि इसमें संलिप्त शेष तीन आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए मंडला पुलिस अधीक्षक द्वारा इनाम घोषित किया गया है। पुलिस टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस ने इस संबंध में विभिन्न धाराओं और मप्र गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी मुईन कुरैशी के विरुद्ध पूर्व में भी गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 के तहत 5 अपराध पंजीबद्ध हैं।

इस कार्रवाई में निरीक्षक बलदेव सिंह मुजाल्दा, उप निरीक्षक राजकुमार हिरकने, सहायक उप निरीक्षक राजेश सेवईवार, सहायक उप निरीक्षक भागचंद बोपचे, प्रधान आरक्षक प्यार सिंह, आरक्षक नंदकिशोर, आरक्षक सुंदरलाल, आरक्षक पेयंत, आरक्षक मुकेश, महिला आरक्षक संगीता, महिला आरक्षक स्नेहलता और साइबर सेल मंडला से आरक्षक सूर्यचंद बघेल एवं सुरेश भटेरे की विशेष भूमिका रही।



 


भैसवाही के पास मिले गोवंश के अवशेष, क्षेत्र में फैली सनसनी

  • बजरंग दल ने पशु बाजार पर रोक लगाने की मांग

मंडला महावीर न्यूज 29. नैनपुर ब्लॉक के भैंसवाही से डेढ़ किलोमीटर दूर रविवार सुबह ग्रामीणों को चार गोवंश के अवशेष मिले, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और मामले की जांच शुरू कर दी। इस घटना के बाद ग्राम पंचायत पिण्डरई द्वारा संचालित पशु बाजार के माध्यम से गोवंश की निकासी पर रोक लगाने की मांग तेज हो गई है। आरोप है कि इस साप्ताहिक बाजार की आड़ में गोवंश की खरीदी-बिक्री होती है, जहां व्यापारी कृषि कार्य के बहाने पशुओं को खरीदते हैं और फिर उन्हें कसाइयों को बेच देते हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि बदमाश व्यापारी पिण्डरई बाजार से पशुओं को भैंसवाही के कत्लखाने में ले जाते हैं, जहां उनकी बेरहमी से हत्या की जाती है। इससे सनातन धर्म के अनुयायियों की भावनाएं आहत हो रही हैं। बताया गया कि पूर्व में भी मंडला पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा और नैनपुर पुलिस थाना प्रभारी बलदेव मुजाल्दा ने भैंसवाही में एक बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें कुछ अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था लेकिन सूत्रों की मानें तो उन्हीं अपराधियों के परिवार के कुछ सदस्य आज भी भैंसवाही गांव में गोहत्या में लिप्त हैं।

नैनपुर के राष्ट्रीय बजरंग दल ने मांग की है कि गोवंश हत्या को रोकने के लिए पशु बाजार से गोवंश की निकासी पर प्रतिबंध लगाया जाए और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। संगठन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गौ तस्करों और ग्राम पंचायत पिण्डरई बाजार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इनका कहना है

पशु अत्याचार अधिनियम के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला कायम कर आरोपियों की तलाश की जा रही है
राजकुमार हिरकने, चौकी प्रभारी पिंडरई



दीवाल में छेद कर चोरी की वारदात को दिया अंजाम

  • सोने, चांदी की दुकान में चोरी
  • चोरी वारदात सीसीटीव्ही कैमरे में कैद
  • महाराजपुर में मां गौरी ज्वेलर्स में चोरी, लाखों का माल पार

मंडला महावीर न्यूज 29. महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पदमी चौराहे पर स्थित मां गौरी ज्वेलर्स में बीते 9 और 10 मई की दरमियानी रात्रि चोरी की एक वारदात सामने आई है। चोरों ने दुकान के पीछे की दीवार में सेंध लगाकर अंदर प्रवेश किया और नकदी, सोने के आभूषण समेत भगवान की मूर्तियों सहित लाखों रुपए का माल पार कर दिया। दुकान मालिक सौरभ सोनी ने बताया कि उन्होंने गुरुवार शाम को अपनी दुकान बंद की थी। शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण दुकान बंद रही। शनिवार सुबह जब वह दुकान खोलने पहुंचे तो पीछे की दीवार में एक बड़ा छेद देखकर हैरान रह गए। अंदर जाकर देखने पर पता चला कि दुकान से 20 हजार रुपए नकद, भगवान की दस पीतल की मूर्तियां और लगभग 5 ग्राम का सोने का मंगलसूत्र गायब था।

बताया गया कि इस पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज भी दुकान में लगे कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि एक चोर मुंह पर कपड़ा बांधकर दुकान के अंदर घुसता है। वह दुकान में रखे सामान को एकत्र कर दीवार में किए गए छेद के पास ले जाता है, जहां उसका एक साथी बाहर खड़ा होकर चोरी किए गए सामान को लेता हुआ नजर आ रहा है। फुटेज में चोरों की गतिविधियों को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिससे पुलिस को उनकी पहचान करने में मदद मिल सकती है।

घटना की सूचना तत्काल महाराजपुर थाने में दी गई। दुकान मालिक सौरभ सोनी ने थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया और सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधीक्षक ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। महाराजपुर थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है। आसपास के क्षेत्रों में भी संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा और चोरी किए गए माल को बरामद कर लिया जाएगा। इस घटना से क्षेत्र के अन्य व्यापारियों में भी दहशत का माहौल है।


बच्चों ने दिया अपनी माँ को सरप्राइज, माँ के चेहरे में आई मुस्कान

  • माँ के प्रति प्यार जताने बच्चों में दिखा उत्साह, मनाया मदर्स डे

मंडला महावीर न्यूज 29. अपनी मां के त्याग, बलिदान, करुणा, दया और नि:स्वार्थ प्रेम के प्रति आभार प्रकट करने के लिए मदर्स डे मनाया जाता है। बदलते समय के साथ मदर्स डे को मनाने के तरीके भी जरूर बदलते जा रहे हैं, लेकिन इस दिन को मनाने का उद्देश्य आज भी नहीं बदला है। अपनी मां के प्रति प्यार जताने के लिए लोग मां को उपहार समते कुछ खास चीज देते हैं। वैसे तो मां को प्यार करने और तोहफे देने के लिए किसी खास दिन की जरूरत कभी नहीं पड़ती, फिर भी मदर्स डे के दिन मां को सम्मान दिया जाता है।

बच्चों को लाड और ढेर सारा प्यार देने वाली माँ के लिए आज विशेष दिन है जिसको लेकर बच्चों में काफी उत्साह देखा गया। कुछ दिन पहले से ही बच्चे मदर्स डे को सेलिब्रेट करने के लिए प्लानिंग शुरू कर दी थी। किसी ने सेल्फ कुकिंग की, जिससे उनकी माँ को किचिन से छुट्टी दिए, सरप्राइज गिफ्ट भी अपनी माँ को बच्चों ने दिए और स्पेशल फील कराने के लिए मां के साथ फोटो सेशन भी किया। बेटियों ने बताया कि मम्मी दिन भर हमारी पसंद से कुछ न कुछ कुक करती हैं तो इस बार हम उनकी पसंद का बनाकर उनको खुश किये है।

ये रिश्ता है खास 

मां और बच्चों का रिश्ता इस दुनिया का सबसे खूबसूरत रिश्ता है,जो बिना किसी शर्त, बिना किसी उम्मीद के बेपनाह प्यार से भरपूर होता है। मां के लिए कोई भी शब्द, कोई भी लेख,कोई भी कविता या कुछ भी लिखना हो तो शब्द कम पड़ जाएंगे, माँ का प्यार इन सबसे बहुत ऊपर है।

हमारी मां हमारे लिये अपना सारा जीवन समर्पित करती हैं इसलिये उनके लिये मदर्स डे समर्पित करते हैं। मैंने उनके लिए एक सरप्राइज गिफ्ट तैयार कर उनको दी हूं, जो उन्हे बहुत पंसद आया। उनके साथ में मंदिर भी गई, अपना सारा दिन मैं उनके साथ बिताया है। मम्मी को दिन भर पॉजिटिव रखने की कोशिश की। मदर्स डे का यह दिन उनके लिए यादगार रहेगा।


माधुरी, अवनी कछवाहा

सबसे पहले अपनी मां के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और इनको मदर्स डे की शुभकामनायें दी। इस खास दिन को सेलिब्रेट करने के लिए आर्डर करके केक मंगवाए थे, जो घर के सभी लोग मिलकर सेलिब्रेाट किये। मां के लिए एक प्यारा सा कार्ड मैं स्वयं बनाकर दिया हूं।


किरणलता दैविक बरमैया

मदर्स डे मेरे लिए बहुत ही खास है, मैं अपनी माँ के लिए एक सुंदर सा कार्ड बनाया हूँ उसमें मां के लिए खास लाइनें लिखकर मदर्स डे पर अपनी माँ को दिया। इसके साथ ही मैंने अपनी मां के साथ पूरा दिन बिताया और फोटो सेशन भी किये। मेरी माँ मेरे लिए प्रेरणा स्रोत है और जिंदगी में हमेशा बढऩे के लिए प्रेरित किया है । मुझे हर समस्या को सुलझाने में मेरी माँ मेरा मार्गदर्शन करती हैं, इसलिए मेरी माँ मेरी बेस्ट फ्रेंड है ।


श्रीमति संजना अक्षत राय

दुनिया में सबसे सुंदर अगर कोई है तो वह है मेरी मां। मां एक ऐसा शब्द है जिसमें मेरी सारी दुनिया समाई हुई है। मदर्स डे का मुझे हमेशा इंतजार रहता है। मैं उनके लिए एक छोटे से सरप्राइज प्लान कर दिया, जिससे माँ काफी खुश हो गई। मदर्स डे पर मैं अपनी मां के साथ पूरा दिन टाइम स्पेंड भी किया।


रूचि रीधान ठाकुर



 


माँ के सपने को दादी के सहारे किया पूरा, बनाई अपनी पहचान

  • आदिवासी बैगा सांस्कृति को संजोने कर रही प्रयास
  • जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक बनाई पहचान

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के वनांचल विकासखंड मवई निवासी 26 वर्षीय आदिवासी समाज की होनहार युवती भारती धुर्वे अपनी माँ का सपना पूरा करने बैगा आदिवासी की परंपराएं, रीति रिवाज और इसकी कलाओं को संजोकर रखने के लिए आदिवासी बैगा समाज के लोगों को जागरूक कर रही है। बैगा आदिवासी संस्कृति की पहचान कर्मा, रीना, शैला नृत्य को जीवंत रखने भारती धुर्वे पुरजोर प्रयास कर रही है। इस संस्कृति को सहजने अब युवा भी आगे आ रहे हैं। कुछ सालों में ही जिले की पहचान रखने वाले कर्मा, रीना, शैला नृत्य दूसरे प्रदेशों तक अपनी पहचान बना लिया है। मवई विकासखंड के ग्राम पंचायत परसाटोला में रहने वाली भारती धुर्वे इस परंपरा, संस्कृति को संरक्षित करने में प्रयासरत है।

जानकारी अनुसार अपनी माँ के अधूरे सपने को पूरा करने के लिए आदिवासी समाज की होनहार युवती भारती धुर्वे ने अपनी दादी माँ की मेहनत और उसकी आस को टूटने नहीं दिया। उसने न केवल अपनी पहचान बनाई, बल्कि अपने समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को भी जिला और प्रदेश स्तर पर पहचान दिलाई। हम बात कर रहे हैं भारती धुर्वे की जिन्होंने अपनी स्वर्गीय माँ माहे बाई धुर्वे की इच्छा को साकार करते हुए बैगा आदिवासी संस्कृति को संजोने और उसे आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

भारती धुर्वे मवई ब्लॉक के एक छोटे से गांव की रहने वाली है। स्कूल समय से ही भारती को अपनी संस्कृति से लगाव रहा है। इसके लिए उसे उसकी माँ से प्रेरणा मिली। भारती की माँ स्व. माहे बाई धुर्वे की इच्छा थी कि उसकी बेटी बैगा आदिवासी की परंपराएं, रीति रिवाज और इसकी कलाओं को जीवंत रखने में सहयोग करें, लेकिन भारती की माँ का सपना उसकी बेटी ने पूरा तो किया लेकिन इसे देखने के लिए वह करीब 21 वर्ष पहले ही इस दुनिया से विदा ले चुकी थी। भारती धुर्वे जब पांच वर्ष की थी, तब ही उसकी माँ का देहांत हो चुका था। जिसके बाद उसकी दादी मनमत बाई धुर्वे ने भारती और उसके छोटे भाई की जिम्मेदारी ली और उनका पालन, पोषण किया। अब दोनों बच्चों की जिम्मेदारी मनमत बाई के कंधों पर आ गई थी। दोनों बच्चों को स्वयं खेती, किसानी और मजदूरी करके पढ़ाया और भाई बहन को पैरों पर खड़ा किया। भारती ने बताया कि उनके पिता हवल सिंह धुर्वे खेती कार्य करते है, जिनका साथ उसका छोटा भाई भी देता है।

माँ के सपने को पूरा करने पीछे नहीं हटी भारती

दादी मनमत बाई ने बताया कि भारती धुर्वे पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में एक उद्योगनीय संस्था में कार्यरत हैं। पढ़ाई के साथ भारती के इस सफर में उनकी दादी माँ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। दादी माँ ने कठिन परिस्थितियों में मजदूरी करके भारती को पढ़ाया-लिखाया और उसे इस मुकाम तक पहुंचाया। अपनी माँ के सपने को साकार करने के लिए भारती ने बैगा संस्कृति के विभिन्न पहलुओं का गहन अध्ययन किया। भारती की माँ की इच्छा थी कि उसकी बेटी बैगा आदिवासी की परंपराएं, रीति रिवाज और इसकी कलाओं को जीवंत रखने में सहयोग करें। जिसके भारती ने बखूबी पूरा किया लेकिन भारती की माँ का सपना उसकी बेटी ने पूरा तो किया लेकिन इसे देखने के लिए वह करीब 21 वर्ष पहले ही इस दुनिया से विदा ले चुकी थी। भारती ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मंचों के माध्यम से बैगा संस्कृति की जीवंत प्रस्तुति दी, जिससे इस अनमोल धरोहर को व्यापक पहचान मिली।

पंरपराओं को संरक्षित रखने युवाओं की जिम्मेदारी 

भारती ने बताया कि मंजिल तक पहुंचने के लिए रास्ता आसान नहीं थी, उस रास्ते पर कई अड़चने, रूकावटें थी, माँ का सपना भी पूरा करना था और अपने समाज के लिए कुछ कर दिखाना था। इसी चाह को राह बनाकर वह आगे बढ़ते गई और अपनी मंजिल और अपनी मां का सपना पूरा कर दिया। भारती धुर्वे अब किसी पहचान की मोहताज नहीं है। जिले समेत प्रदेश स्तर में भी इसे जाना पहचाना जाता है। भारती ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व एक कार्यक्रम में बस्तर जिला जाना हुआ, जहां लोक नृत्य और रोजमर्रा की जरूरी चीजों में प्रकृतिक चीजों का उपयोग जैसे डिस्पोजल की जगह दोना, बॉटल की जगह सुराही आदि से काफी पे्ररित हुईं। इसके बाद स्कूल समय से ही कर्मा, रीना, दादरिया, शैला आदि नृत्य व गीतों को संरक्षित करने का प्रयास शुरू कर दिया था। भारती का कहना है कि आदिवासी संस्कृति में लोक नृत्य प्रमुख है। जिसे सरंक्षित रखना युवाओं की जिम्मेदारी है। जिससे के लिए भारती समय-समय पर दूसरे बच्चों को भी नृत्य व लोक गीत सिखाती हैं। मवई ब्लॉक में लगभग 40-50 लोगों का एक दल बना हुआ है जो आदिवासी लोक नृत्य की प्रस्तुति देने देश के विभिन्न क्षेत्रों में भी जाते है।

आदिवासी समाज प्राकृतिक के पूजक 

आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला अपने आप में एक एतिहासिक धरोहर से कम नहीं है। यहां प्राकृतिक छटां की सुंदरता के साथ प्राचीन कालीन सभ्यता की विरासत भी दिखने मिलती है। यहां राष्ट्रीय मानव का दर्जा प्राप्त बैगा आदिवासी जाति भी निवास करती है। जिले के अनेक क्षेत्रों में बैगा आदिवासी अपना जीवन बसर कर रहे है। छोटा कश्मीर कहे जाने वाला विकासखंड मवई मूलत: बैगा आदिवासी समाज से सुसज्जित है। मवई के प्रत्येक ग्राम में आदिवासी निवास करते है, यहां ये प्राकृतिक के पूजक है। यहां के बैगा आदिवासी समाज का पहनावा और इनके रीति रिवाज पुराने समय से चली आ रही है।

आदिवासी समाज का रहन, सहन, पहनावा 

भारती धुर्वे ने बताया कि बैगा आदिवासी समाज की महिलाएं घुटने से ऊपर लपेटकर लुगरा पहनती हैं, घांस से बने हुए गहने पहनती है और वहीं पुरुष धोती कुर्ता फेटा और सिर पर कल्घीं पहनते हैं। समय-समय पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जाते हैं। जिसमें रीना, सैला, करमा, ददरिया मांदर टिमकी की झंकार से किया जाता है। महिलाएं मिलकर अपनी समूह में रीना गाती है और पुरुष दूसरी और शैला नाचते हैं। बीच-बीच में पुरुष और महिला दोनों एक साथ नाचने लगते हैं। बैगा आदिवासी खाने में कोदो कुटकी का चावल और पेज का ज्यादा उपयोग करते है। इसके साथ चेंच की भाजी चकोडा़ की भाजी व जंगल में उपलब्ध सरुता की भाजी समेत अन्य भी है जो बहुत ही पौष्टिक और शुद्ध होती है। बता दे कि इन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में मक्के के पान रोटी नहीं बनाई जाती है। गांवों में लोगों का सांस्कृतिक कार्यक्रमों को एक साथ मिलकर करने से भाईचारा की भावना बढ़ती है।

परंपराओं को सहजने की जरूरत 

बढ़ती जनसंख्या के कारण आज हमारे देश की कई परंपराए, सांस्कृति और रीति रिवाज विलुप्त होते जा रही है। पुरानी सभ्यता, परंपराए, रीति रिवाज को आज की पीढ़ी भूलते जा रही है, गांव से शहर की तरफ पलायन होने लगा है। ऐसे में प्राचीनकालीन रीति रिवाज आने वाली पीढ़ी के लिए इतिहास बनकर रह जाएगी। इस आदिवासी संस्कृति और रीति रिवाजों को सहजने बहुत जरूरी है। जिसके लिए जिले के युवा वर्ग और कुछ सामाजिक संगठन भी काम कर रहे है।

पारंपरिक सभ्यता को बचाने प्रयास 

भारती धुर्वे का कहना है कि आज आदिवासी रीति रिवाज विलुप्त होते जा रही है, हमें अपनी पारंपरिक सभ्यता व रीति-रिवाजों को बनाए रखने के लिए हमें अपने ग्रामों में लोगों से मिलकर चर्चा करनी चाहिए। इस सभ्यता को संजोकर रखने के लिए समय-समय पर रीना, सैला, ददरिया जैसे पुरानी कलाओं के कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए। बैगा आदिवासी के परंपरिक पहनावा को भी निरंतर बनाए रखने के लिए हमें अपनी वेशभूषा में रहना चाहिए। रीना सैला में बड़े बुजुर्ग से लेकर अन्य छोटे बच्चों तक के लोगों को शामिल करना चाहिए। जिससे छोटे बच्चे अपनी संस्कृति व रीति-रिवाजों को जाने और आगे तक अपनी रीति-रिवाजों को पारंपरिक रूप से बनाए रखे।



पुलिस लाईन मंडला में मॉक ड्रिल आयोजित

  • पुलिस, जिला प्रशासन एवं एसडीआरएफ ने किया ड्रिल, क्विक रिस्पांस की हुई ड्रिल

मंडला महावीर न्यूज 29. भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव को लेकर सिविल डिफेंस भी अलर्ट पर है। इसको लेकर पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों की पुलिस के लिए एसओपी जारी किया गया। इसी के अंतर्गत वर्तमान परिपेक्ष्य में किसी भी आपात स्थिती से निपटने के लिए मंडला पुलिस एवं प्रशासन की टीम द्वारा पुलिस लाईन में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के सहयोग से मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

बताया गया कि इस मॉक ड्रिक के आयोजन का उद्देश्य आपातकालीन तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमताओं को बढ़ाना हैं। संयुक्त टीमों ने विभिन्न आपदा स्थिती, आगजनी जैसी स्थितियों के लिए वास्तविक समय में बचाव अभियान का अनुकरण किया। अभ्यास में समन्वय में सुधार और सुरक्षा दिशा-निर्देशों के अनुरूप बचाव प्रोटोकॉल के प्रभावी निष्पादन पर ध्यान केंद्रित किया गया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य आपदा प्रतिक्रिया कर्मियों के लिए एक एकीकृत और संरचित प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करना था। जिसमें विभिन्न ढही हुई संरचना खोज और बचाव, ढही हुई इमारतों में फंसे लोगों की खोज और बचाव की तकनीक। चिकित्सकों की टीम द्वारा मेडिकल फस्र्ट रिस्पॉन्डर अंतर्गत घायल व्यक्तियों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए बुनियादी चिकित्सा कौशल आदि की जानकारी डेमो के माध्यम से दी।

डेमो के तहत रस्सी की गांठें, रस्सियों और उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न गांठें बांधने का कौशल। आपदा प्रबंधन, आपदा के दौरान समन्वय, संचार और संसाधन आवंटन का प्रशिक्षण, राहत सामग्री वितरण आपदा पीडि़तों को राहत सामग्री पहुंचाने का प्रशिक्षण, आगजनी के दौरान फायर सेफ्टी टूल्स के संचालन आदि का ड्रिल किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान अपर कलेक्टर जेपी यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडला शिवकुमार वर्मा, संयुक्त कलेक्टर सीएम वर्मा, होमगार्ड कंमानडेंट नरेश साहू, एसडीएम मंडला श्रीमति सोनल सिडाम, डॉ प्रवीण उइके, रक्षित निरीक्षक मंडला सुनील नागवंशी होमगार्ड पीसी प्रभात तिवारी, पीसी हेमराज परस्ते, डॉ की टीम, एसडीआरएफ की टीम व पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहें।



सशक्त और प्रगतिशील समाज के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा शिविर

  • काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल में युवक-युवती चरित्र निर्माण शिविर का शुभारंभ

मंडला महावीर न्यूज 29. काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल जिलहेरी घाट गाजीपुर मंडला में शनिवार को युवक-युवती चरित्र निर्माण शिविर का शुभारंभ हुआ। इस प्रेरणादायक कार्यक्रम में निवास विधायक चैनसिंह वरकडे, ग्राम पंचायत चटूआमार सरपंच शिवनारायण कुसरो और विभिन्न समाजसेवी संगठनों के सदस्यगण मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चारण और गुरुकुल के वटुक ब्रह्मचारियों द्वारा प्रभावशाली शस्त्र प्रदर्शन के साथ हुआ, जिसने उपस्थित सभी लोगों को भारतीय संस्कृति और शौर्य की गौरवशाली परंपरा से परिचित कराया।

विधायक चैनसिंह वरकडे ने शिविरार्थी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें शिविर में प्राप्त होने वाले प्रशिक्षण के महत्व को समझाया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे इस अवसर का सदुपयोग कर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएं और समाज में सकारात्मक योगदान दें। इसके साथ ही उन्होंने गुरुकुल की गोशाला को हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन भी दिया, जिससे गुरुकुल के सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों को और अधिक बल मिलेगा। सरपंच शिवनारायण कुसरो ने भी अपने विचार व्यक्त किए और गुरुकुल द्वारा युवाओं के चरित्र निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर युवाओं को सही दिशा देने और उनमें नैतिक मूल्यों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गुरुकुल परिवार ने विधायक चैनसिंह वरकडे की प्रेरणादायक उपस्थिति और सहयोग के आश्वासन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। गुरुकुल का मानना है कि इस शिविर के माध्यम से युवा पीढ़ी में आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का विकास होगा, जो एक सशक्त और प्रगतिशील समाज के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा। यह शिविर आने वाले दिनों में युवाओं को व्यक्तित्व विकास और नैतिक मूल्यों की शिक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न सत्रों और गतिविधियों का आयोजन करेगा।


समर कैम्प में बच्चों का होता है सर्वागीण विकास

  • किडजी सिविल लाइंस मंडला में दस दिवसीय समर कैंप आयोजित

मंडला महावीर न्यूज 29. किड जी प्ले स्कूल सिविल लाइंस मंडला में दस दिवसीय विशेष समर कैंप का आयोजन किया गया, जिसका समापन शनिवार को किया गया। यह समर कैम्प 3 से 10 वर्ष तक के बच्चों के लिए डिजाइन किया गया था। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों को यह सिखाना था कि गर्मियों की छुट्टियों को कैसे आनंदपूर्वक और रचनात्मक रूप से व्यतीत किया जाए। समर कैंप प्रतिदिन लगभग 3 घंटे आयोजित किया गया। जिसमें प्रतिदिन 3 से 4 गतिविधियाँ कराई गईं। सभी गतिविधियाँ बच्चों की शुरुआती रुचियों और सीखने के चरण को ध्यान में रखते हुए बनाई गई थीं।

बताया गया कि गतिविधियों को पाँच मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया। रिदम एंड मूवमेंट श्रेणी में बच्चों ने डांस, ज़ुम्बा, एरोबिक्स और स्केटिंग का आनंद लिया। संगीत श्रेणी में बच्चों को विभिन्न वाद्ययंत्रों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही सारेगामापा के माध्यम से सुरों की पहचान और संगीत में रुचि को प्रोत्साहित किया गया। क्रिएटिव पर्सूट्स एंड कुलिनरी आर्ट्स श्रेणी में बच्चों ने ड्राइंग, डू इट युवर सेल्फ क्राफ्ट्स और कोल्ड कुकिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियों में भाग लिया।

बौद्धिक एवं सामाजिक अनुभव के अंतर्गत पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, पब्लिक स्पीकिंग और समूह खेलों के माध्यम से बच्चों के आत्मविश्वास और सामाजिक कौशल को विकसित किया गया। एक्सक्लूसिव आर्ट फॉम्र्स श्रेणी में बच्चों ने कलात्मक लेखन, मंडला आर्ट, भिक्षु कला, मधुबनी आर्ट, सैंड आर्ट, कलमकारी, वारली आर्ट जैसी विशिष्ट भारतीय कला शैलियों को सीखा और उनका भरपूर आनंद लिया। यह समर कैंप बच्चों के लिए न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन में स्कूल प्राचार्या शालिनी शुक्ला, एकेडमिक कोऑर्डिनेटर राशि पमनानी एवं स्कूल प्रबंधन का सराहनीय सहयोग रहा।



मंडला में विस्फोटक सामग्री की जांच, सुरक्षा के निर्देश जारी

मंडला महावीर न्यूज 29. सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक मंडला रजत सकलेचा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडला शिवकुमार वर्मा के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मंडला पीयूष मिश्रा ने थाना कोतवाली मंडला क्षेत्र के ग्राम कटंगी और तलईपानी में स्थित 06 एक्सप्लोसिव और मैगजीन लाइसेंस की जांच की। जांच के दौरान भंडारण गृहों में रखे गए रजिस्टर आदि की जांच की गई। संचालकों को नियमों के अनुसार रजिस्टर रखने और सुरक्षा उपकरणों से संबंधित दिशा-निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही यह निर्देश दिया गया कि विस्फोटक नियम 2008 के नियम 128 के तहत क्षेत्र में स्थित भंडारण गृहों की लगातार जांच और तलाशी ली जाए। यह भी कहा गया कि यदि जांच के दौरान कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो नियमों के अनुसार जब्ती की कार्यवाही की जाएगी।


 


अधिकारी नकार रहे सिरे से, फिर भी कब्जा कार्यालय पर

  • मंडला जनसंपर्क कार्यालय पुन: विवाद के घेरे पर ?

मंडला महावीर न्यूज 29. जनसंपर्क कार्यालय मंडला इन दिनों विवादों के घेरे में है। एक मामला यह भी प्रकाश में आया है कि जनसंपर्क कार्यालय परिसर में एक ऐसे व्यक्ति के अनाधिकृत रूप से जो कि जनसंपर्क विभाग में फोटोग्राफी का भी कार्य करता है। सूत्रों के मुताबिक इस पर रेट से ज्यादा बिल भुगतान की बात भी चर्चा में है। किन्तु इसे जनसंपर्क अधिकारी सिरे से नकार रहे है।

चौंकाने वाली बात यह है कि यह व्यक्ति कार्यालय में अधिकारी के लिए बने आवास में रह रहा है। जानकारी के अनुसार यह व्यक्ति जनसंपर्क कार्यालय में फोटोग्राफर के तौर पर कार्यरत है। हालांकि उसकी नियुक्ति किस आधार पर हुई यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। विभाग के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। सबसे गंभीर बात यह है कि इसी फोटोग्राफर द्वारा विभाग को भारी-भरकम बिल सौंपे गए हैं।

विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि इन बिलों में कई तरह की अनियमितताएं हैं और कई बिल बाजार दर से अधिक के हैं। यहां तक कि यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि विभाग द्वारा इन संदिग्ध बिलों का भुगतान भी कर दिया गया है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। अधिकारी के आवास पर एक गैर-अधिकारी का रहना और फोटोग्राफी के नाम पर लाखों रुपयों के संदिग्ध भुगतान ने विभाग के कामकाज पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस गंभीर मामले पर जिला प्रशासन क्या रुख अपनाता हैं और क्या कोई पारदर्शी जांच प्रक्रिया शुरू की जाती है। फिलहाल, मंडला जनसंपर्क कार्यालय में मचे इस हड़कंप ने विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

इस संबंध में जब सहायक जनसंपर्क अधिकारी से केके मरावी से बात करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने गोलमोल जबाव देते हुए सिरे से इस तरह के आरोप को इंकार कर दिया, साथ ही उन्होंने यह भी कहां कि जनसंपर्क कार्यालय में कोई भी फोटोग्राफर अधिकृत नहीं है, सुविधा अनुसार जब जिसे जहां आवश्यकता पड़ती है, उन फोटोग्राफरों को बुला लिया जाता है। यह बात समझ से परे है कि जिले में उत्कृष्ट फोटोग्राफी के लिए इतने फोटोग्राफर उपलब्ध है, बावजूद इसके मनमानी का दौर जारी है। अब देखना यह है कि जनसंपर्क विभाग इस पर क्या कार्रवाई करता है।



एक तरफा हो रही जांच, पंचनामा से पंच, ग्रामवासी असंतुष्ट

  • सुडग़ांव पंचायत में चल रही भ्रष्टाचार की जांच
  • 17 लाख से अधिक राशि का किया गया गोलमाल

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के मोहगांव विकासखंड की ग्राम पंचायत सुडग़ांव में सरपंच और सचिव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। इन आरोपों के चलते शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि कई महीनों से शिकायतें दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से पंच और ग्रामवासी संतुष्ट नहीं है। शिकायत के बाद जांच दल गठित किया गया था, जांच में देरी होने से ग्रामीणों में आक्रोश था, लेकिन गठित जांच दल शनिवार को ग्राम पंचायत सुडग़ांव पहुंचा। जहां ग्रामीणों के साथ किये गए कार्यो की जांच की गई।

जानकारी अनुसार इस मामले में जांच के लिए एक दल का गठन किया गया था। इस जांच दल में सहायक यंत्री, प्रभारी खंड पंचायत अधिकारी, उपयंत्री और पंचायत समन्वयक अधिकारी शामिल थे। जांच दल ने शिकायत के प्रत्येक बिंदु पर गहन जांच की और अपनी रिपोर्ट मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मंडला को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इन अनियमितताओं में सरकारी धन का दुरुपयोग, फर्जी बिलों का निर्माण, नियमों का उल्लंघन और स्वीकृत राशि से अधिक का भुगतान करना शामिल है।

जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा 

ग्राम पंचायत सुडग़ांव और डोंगरगांव के आंतरिक मार्गों में मुरमीकरण के नाम पर 2 लाख 12 हजार 500 की राशि निकाली गई, जबकि मौके पर कोई कार्य नहीं पाया गया। यह कार्य नियमों के विरुद्ध था और यह राशि वसूली योग्य है। ग्राम पंचायत भवन की मरम्मत के नाम पर 79600 का फर्जी भुगतान किया गया, जबकि कोई मरम्मत कार्य नहीं हुआ था। यह राशि भी वसूली योग्य है। लोहार टोला स्टॉप डैम में कड़ी शटर के नाम पर 75000 का फर्जी बिल बनाया गया, जबकि कोई शटर नहीं लगाया गया था। यह राशि भी वसूली योग्य है। नल जल योजना के कार्यों में भी अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें स्वीकृत राशि से अधिक का भुगतान और अधूरा कार्य शामिल है। इस मामले में 1012211 की राशि वसूली योग्य है। सरपंच पति द्वारा सरकारी राशि से अपने उपयोग के लिए मोबाइल खरीदने का भी आरोप है, जिसमें 13 हजार का भुगतान किया गया। यह राशि भी वसूली योग्य है। बताया गया कि इसके साथ ही नल जल कनेक्शन, सार्वजनिक कूप मरम्मत और किचन शेड मरम्मत के नाम पर भी फर्जी भुगतान किए जाने के आरोप हैं, जिनमें लाखों रुपए की राशि का दुरुपयोग किया गया है। सचिव पर अपने भांजे के नाम पर फर्जी बिल लगाकर राशि निकालने का भी आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही जांच रिपोर्ट के अनुसार ग्राम पंचायत सुडग़ांव के सरपंच और सचिव द्वारा कुल 1751666.56 की राशि का दुरुपयोग किया गया है, जो कि मध्यप्रदेश पंचायत एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत वसूली योग्य है।

ग्रामीणों में असंतोष 

मोहगांव की ग्राम पंचायत सुडग़ांव में चल रही भ्रष्टाचार जांच के दौरान जांच टीम ने ग्राम पंचायत में बैठक आयोजित की। बैठक में सरपंच को अलग बैठा दिया गया, जबकि जांच टीम, सरपंच सचिव, पंच और ग्रामवासियों ने कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। इसके बाद ग्राम पंचायत भवन पर पंचनामा बनाया गया। हालांकि पंच और ग्रामवासी इस पंचनामे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जांच अधिकारी मामले में देरी कर रहे हैं और जांच एक तरफा चल रही है। बैठक में सरपंच कत्तो बाई मलगाम, पंच राजाराम वरकड़े, फग्गन सिंह मरावी, ममता मार्को, लाल सिंह मार्को, राजकुमार कुलस्ते, गोतम परते, जयपाल मार्को, इन्द्रमेन मार्को, सुख राम पन्द्रो, राज कुमार धुर्वे, सचिव कमलेश प्रसाद यादव, रोजगार सहायक सचिव महेश कुमार परते और अन्य नागरिक उपस्थित थे।



घाट निर्माण के बाद दो फिट चौड़ा कर रहे घाट

  • विवादो में मंगलेश्वर मंदिर घाट, सीएम हेल्पलाइन में शिकायत

मंडला महावीर न्यूज 29. उपनगर महाराजपुर के ज्वालाजी वार्ड स्थित प्राचीन शिवालय श्री मंगलेश्वर मंदिर के पास घाट निर्माण का कार्य विवादों में घिर गया है। स्थानीय निवासियों ने निर्माण कार्य में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया है। मंदिर समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने घाट निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत जनसुनवाई में कलेक्टर से की है और मौके पर निरीक्षण की मांग की है। इसके साथ ही, इस मामले में सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई गई है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार और पार्षद पति की मिलीभगत से पहले से बने घाट को दोनों तरफ से दो फीट कांक्रीट डालकर चौड़ा किया जा रहा है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट का निर्माण ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री का उपयोग करके किया गया है। निर्माण स्थल पर ठेकेदार द्वारा कोई डिजाइन बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिसमें कार्य की जानकारी हो। यहां तक कि स्वीकृत राशि का भी उल्लेख नहीं किया गया है और घाट का निर्माण मनमाने ढंग से शुरू कर दिया गया है।

बताया गया कि श्री मंगलेश्वर मंदिर के पास मैया नर्मदा के तट पर घाट निर्माण के लिए 6 लाख 61 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। आरोप है कि नगरपालिका के उपयंत्री, पार्षद पति और ठेकेदार मिलकर इस राशि का दुरुपयोग करने में लगे हुए हैं। इसके साथ ही नगरीय क्षेत्र में प्रस्तावित कुछ निर्माण कार्यों की टेंडर प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि एक ही ठेकेदार को सारा काम दे दिया गया है, जो आगे चलकर अलग-अलग कार्यों को अनुभवहीन पेटी ठेकेदारों को सौंप रहा है। इन पेटी ठेकेदारों से गुणवत्तापूर्ण काम की उम्मीद करना मुश्किल है और नगरीय निकाय द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
शिकायत दर्ज होने के बाद भी जिम्मेदार उपयंत्री द्वारा मौके पर निरीक्षण नहीं किया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर वे कलेक्टर से शिकायत नहीं करते, तो घाट की चौड़ाई भी मनमाने ढंग से बढ़ाई जा रही है। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा निकाय के डिजाइन से अलग हटकर काम किया जा रहा है और इसमें लाखों रुपये कमीशन के रूप में दिए गए हैं।


मंडला पुलिस हाई अलर्ट पर, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई

  • सभी थाना क्षेत्रों में गश्ती, होटल, लॉज, धर्मशाला की ली जा रही तालाशी

मंडला महावीर न्यूज 29. भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के चलते, मंडला पुलिस हाई अलर्ट पर है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों की पुलिस के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। मंडला पुलिस आम जनता में सुरक्षा की भावना पैदा करने और किसी भी गलत जानकारी के प्रसार को रोकने के लिए पूरी रात सतर्क रही। जिले के सभी थानों की पुलिस ने अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त की और होटल, लॉज, धर्मशाला और हॉस्टल जैसे स्थानों की तलाशी ली। पुलिस सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रख रही है ताकि सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाले भ्रामक संदेशों को फैलने से रोका जा सके।

रेलवे स्टेशन, राष्ट्रीय राजमार्ग और मनेरी औद्योगिक क्षेत्र जैसे महत्वपूर्ण स्थानों का सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है और आवश्यकतानुसार सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय स्तर पर आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल भी आयोजित किए जा रहे हैं।



घुघरी में आवासीय पट्टा रद्द करने की मांग, अतिक्रमण का विरोध

  • अतिक्रमण रोकने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

मंडला महावीर न्यूज 29. घुघरी तहसील के झिगरघटा ग्राम पंचायत छिलाटोला के निवासियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौपकर अतिक्रमण रोकने की मांग की है। इस दौरान ग्रामवासियों के साथ जनपद अध्यक्ष जनिया बाई मरावी, भाजपा जिला महामंत्री नीरज मरकाम भी मौजूद रहे। आवेदन में ग्रामवासियों ने ग्राम के ही ओमप्रकाश खुराना और समीर खुराना के आवासीय पट्टे को रद्द करने और अतिक्रमण को रोकने की मांग की है।

तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि ओमप्रकाश खुराना और समीर खुराना ने झिगरघटा स्थित शासकीय भूमि पर स्थित मकान को खरीदा है, जो कि शासकीय भूमि में बना हुआ है। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि उक्त भूमि का आवासीय पट्टा दोनों पति-पत्नी के नाम से जारी हुआ है, जबकि आवासीय पट्टा मिलने से पहले ही अपनी दादागिरी दिखाकर जेसीबी लगाकर दूसरे की जगह को कब्जा कर रहे हैं। आवेदन में बताया गया कि इस संबंध में ग्राम पंचायत छिवलाटोला में कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ है, और न ही किसी अधिकारी द्वारा आवेदनकर्ताओं को इस बारे में कोई सूचना दी गई है।

ग्रामवासियों का कहना है कि यह पट्टा अनुचित है और इसे तत्काल रद्द किया जाना चाहिए। ओमप्रकाश खुराना और समीर खुराना ग्राम में जबरन ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे हैं, जिससे ग्रामवासियों में परेशानी है और वे उन्हें डरा-धमका कर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बना रहे हैं। ग्रामवासियों ने तहसीलदार से विनम्र प्रार्थना की है कि उपरोक्त मामले की उचित जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। इस मामले में अब देखना होगा कि तहसील प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और ग्रामवासियों को कब तक न्याय मिल पाता है।


रिपोर्टर- दुर्गेश प्रजापति घुघरी ✍️


 


कार्य क्षेत्र में मिलने वाली चुनौतियों और वास्तविकताओं से हुए रूबरू

  • ट्रेनी आईएएस अधिकारियों ने किया सीएचसी नारायणगंज का निरीक्षण, लिया स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा
  • पांच आईएएस अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाओं से हुए परिचित

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बहुल्य जिला मंडला के विकासखंड नारायणगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगंज में पांच ट्रेनी आईएएस अधिकारियों ने पहुंचकर निरीक्षण किया। इन युवा प्रशासनिक अधिकारियों ने सीएचसी के सभी विभागों का बारीकी से अवलोकन किया और वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। स्वास्थ्य सुविधाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लेने पहुंचे ट्रेनी आईएएस अधिकारियों के दल में डीएसपी ऋषभ चड्डा, नायब तहसीलदार आकाश वैसुनिया, डिप्टी कलेक्टर डॉ. ज्योति राजोरे, नायब तहसीलदार रंजना चौहान और नायब तहसीलदार मुकेश साहू शामिल थे। सीएचसी नारायणगंज पहुंचने पर इन अधिकारियों ने अस्पताल में मरीजों को प्रदान की जा रही विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली।

जानकारी अनुसार नारायणगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सीबीएमओ डॉ. अमृतलाल कोल ने ट्रेनी आईएएस अधिकारियों को पूरे अस्पताल का भ्रमण कराया। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक विभाग की कार्यप्रणाली, उपलब्ध चिकित्सा उपकरण, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों के लिए मौजूद सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। ट्रेनी अधिकारियों ने प्रसव कक्ष, ऑपरेशन कक्ष, ट्रामा, बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), अंत: रोगी विभाग (आईपीडी) और प्रयोगशाला सहित विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण किया।

स्वास्थ्य सेवाओं की दी जानकारी 

बताया गया कि ट्रेनी आईएएस अधिकारियों ने मरीजों से भी बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। ट्रेनी आईएएस ने अस्पताल के कर्मचारियों से भी उनके कार्य अनुभव और चुनौतियों के बारे में चर्चा की। उनका मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं किस प्रकार संचालित होती हैं और मरीजों तक इनका लाभ किस तरह पहुंचता है। निरीक्षण के दौरान ट्रेनी अधिकारियों ने अस्पताल के रिकॉर्ड और रखरखाव की व्यवस्था का भी अवलोकन किया। उन्होंने दवाओं के वितरण प्रणाली और अस्पताल में स्वच्छता के स्तर की भी जांच की। सीबीएमओ डॉ. अमृतलाल कोल ने उन्हें अस्पताल की कार्यप्रणाली और सीमित संसाधनों के बावजूद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के प्रयासों से अवगत कराया।

अनुभव और सुझावों को किया साझा 

इस निरीक्षण का उद्देश्य ट्रेनी आईएएस अधिकारियों को जमीनी स्तर पर प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियों और वास्तविकताओं से परिचित कराना था। नारायणगंज जैसे आदिवासी बहुल्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्ता और उनके संचालन की बारीकियों को समझना उनके प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण के अंत में ट्रेनी आईएएस अधिकारियों ने सीबीएमओ डॉ. अमृतलाल कोल और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों के साथ अपने अनुभवों और सुझावों को साझा किया। उन्होंने अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। यह दौरा युवा प्रशासनिक अधिकारियों के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गहरी समझ विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।



बारात में घराती और बराती आपस में भिड़े, निवास थाने पहुंचा मामला

  • निवास पुलिस की समझाईश के बाद हुई दुल्हन की विदाई

मंडला महावीर न्यूज 29. निवास थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बस्तरी के उमरिया गांव में एक बारात के दौरान बैंड बाजे को लेकर विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि घराती और बराती पक्ष के लोग आपस में भिड़ गए, जिसके कारण कुछ लोग घायल हो गए। घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार बुधवार की रात डिंडोरी जिले के मुंडी मटियारी से एक बारात निवास के ग्राम बस्तरी के मुक्कदम टोला स्थित परस्ते परिवार के यहां आई थी। बारात बैंड बाजों और आतिशबाजी के साथ धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी, इसी दौरान कुछ दूरी पर बरातियों ने अचानक बैंड बाजे बंद करा दिए, जिससे विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई, जिसमें लगभग चार लोग घायल हो गए। बताया गया कि गुरुवार की सुबह बाराती पक्ष ने निवास थाने में इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई और रात में हुई घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही निवास थाने का स्टाफ मौके पर पहुंचा और मामले को शांत कराने की कोशिश की। पुलिस ने आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।

आपसी समझौता के बाद हुई विदाई 

बताया गया कि जहां गुरुवार की सुबह बाराती पक्ष ने थाने में मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई, वहीं घराती पक्ष दूल्हा-दुल्हन की विदाई नहीं होने दे रहा था। घराती पक्ष का कहना था कि विवाद बारातियों ने शुरू किया है, इसलिए वे आकर माफी मांगें, तभी दुल्हन को विदा किया जाएगा। घंटों तक इस बात पर हंगामा चलता रहा। अंतत:, निवास थाने के स्टाफ ने समझाइश दी और आपसी सहमति के बाद दूल्हा-दुल्हन की विदाई कराई गई और बारात को जाने दिया गया।

नाचने को लेकर विवाद 

बताया गया कि विवाद नाचने को लेकर हुआ था। बाराती पक्ष ने थाने में जानकारी दी कि घराती उनके बैंड बाजों पर नाच रहे थे और मना करने पर नहीं माने, इसलिए उन्होंने बाजे बंद कर दिए। वहीं घराती पक्ष का कहना है कि बाराती पक्ष के कुछ लोग शराब का सेवन कर माहौल खराब कर रहे थे, इसलिए उन्होंने हस्तक्षेप किया और विवाद हो गया।

इनका कहना है

ग्राम उमरिया में रात्रि पर घराती और बराती पक्ष में विवाद हुआ था सूचना सुबह मिली मौके पर स्टाफ पहुंचा और समझाइश दी जिसके बाद बारातियों को रवाना किया गया हैं।
वर्षा पटेल, थाना प्रभारी निवास


रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे


सीवर लाइन कार्य में गुणवत्ता की कमी, हादसे का अंदेशा

  • ट्रेक्टर फंसा, बाल-बाल बचे लोग

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम पंचायत देवदरा में सीवर लाइन बिछाई गई है, लेकिन कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया है। इसके कारण ग्राम पंचायत देवदरा और राजीव कॉलोनी क्षेत्र की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। चेम्बर के आसपास की फिलिंग गुणवत्तायुक्त नहीं होने से थोड़ी सी बारिश में मिट्टी धंस रही है, जिससे हादसे का अंदेशा बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार गुरुवार को शाम करीब पांच बजे एक ट्रैक्टर ईंट लेकर राजीव कॉलोनी की तरफ जा रहा था, इसी दौरान शंकर नगर के सामने सीवर लाइन के लिए खोदी गई सड़क के किनारे ट्रैक्टर का चक्का धंस गया। ट्रैक्टर ईंटों से भरा होने के कारण वह फंसकर एक तरफ झुक गया। हालांकि, इस हादसे में किसी को चोट नहीं आई है।

यह मार्ग व्यस्त मार्गों में से एक है और इस पर स्कूल और पॉलीटेक्निक कॉलेज भी हैं। घनी आबादी के कारण इस मार्ग पर दिनभर आवाजाही बनी रहती है। ट्रैक्टर जिस समय सीवर लाइन की गुणवत्ताविहीन कार्य का शिकार हुआ, उस समय वहां से कोई गुजर नहीं रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। ट्रैक्टर जहां फंसा उसके ठीक सामने एक दुकान थी, लेकिन गनीमत रही कि किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।


बलात्कार के आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास और जुर्माना

मंडला महावीर न्यूज 29. प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मंडला के न्यायालय के प्रथम अतिरिक्त न्यायाधीश आरके रावतकर मंडला द्वारा आरोपी राजा कछवाहा पिता प्रमोद कछवाहा, 23 वर्ष निवासी कौरगांव, महाराजपुर को 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है।

बताया गया कि विगत 18 फरवरी 2019 को अभियोक्त्री ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 2016 में उसकी मम्मी के नाम पर गांव में 30 डिस्मिल जमीन थी, जिसे उसकी मम्मी ने रिश्तेदारी में बेचने की बात की थी। तब उसकी बड़ी मां का लड़का अपने दोस्त राजा कछवाहा के साथ जमीन बिकवाने की बात करने उसके घर आया था, और उसकी मम्मी ने जमीन बेचने की बात की थी। तब से राजा कछवाहा उसके घर जमीन के संबंध में बात करने के लिए आता-जाता रहता था।


26 जनवरी 2017 को उसके दोस्त का जन्मदिन था। उसके दोस्त ने उससे कहा कि वे सिद्धबाबा टेकरी मंडला में जाकर जन्मदिन मनाएंगे। वे लोग सुबह करीब 6 बजे सभी दोस्त और राजा कछवाहा सिद्ध बाबा टेकरी मोटरसाइकिल से पड़ाव रोड की तरफ से गए थे। सुबह करीब 8 बजे केक काटने के बाद राजा कछवाहा ने उसे केक का एक टुकड़ा खिलाया, जिसके बाद उसे नींद आने लगी, और राजा ने उसे लेटने के लिए कहा। जब उसे होश आया, तो उसने देखा कि उसके कपड़े उतरे हुए थे और उसके गुप्तांग से खून बह रहा था। जब उसने राजा से पूछा कि उसने उसके साथ ऐसा क्यों किया, तो राजा ने कहा कि वह उससे शादी करेगा, इसलिए उसने ऐसा किया। फिर उसने नीचे उतरकर घटना के बारे में अपने दोस्त को बताया।

इस घटना के आधार पर अभियुक्त राजा कछवाहा के खिलाफ पुलिस थाना मंडला में अपराध पंजीबद्ध कर संपूर्ण जांच के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और तर्कों से सहमत होते हुए, आरोपी राजा कछवाहा को दोषी पाया और उसे सजा सुनाई। प्रकरण में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक ब्रजेश चौरसिया ने अभियोजन का संचालन किया।


गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए महिला चिकित्सक को सौंपी जिम्मेदारी

  • आज प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिला में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन आज 9 तारीख को जिला चिकित्सालय समेत जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. केसी सरोते ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशानुसार इस दिन प्रसव पूर्व देखभाल की गुणवत्ता और कवरेज को बढ़ावा दिया जाएगा और हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की जांच, निदान एवं परामर्श सेवाओं में सुधार किया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले की महिला चिकित्सकों को निर्देशित किया है कि वे शासन द्वारा निर्धारित दिशा निर्देशों के अनुसार आवंटित विकासखंड में प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को उपस्थित होकर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान और एचआरपी क्लीनिक का आयोजन करें, और सभी गर्भवती महिलाओं की आवश्यक जांच और उपचार सुनिश्चित करें।

ये महिला चिकित्सक देंगे अपनी सेवाएं 

बताया गया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस में डॉ. उषा धुर्वे और डॉ. मालती उइके जिला चिकित्सालय मंडला में अपनी सेवाएं देंगी। डॉ. जागृति अग्रवाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हनी बंजर में सेवाएँ देंगी। डॉ. राबिया बेगम सीएचसी बिछिया, डॉ. पारुल तिवारी, डॉ. पलक जैन सीएचसी बीजाडांडी में, डॉ. स्नेहा कोरी सीएचसी मवई में, डॉ. कांछी सिंह सीएससी घुघरी में, डॉ. बी. कडोपा मोहगांव में, डॉ. वर्षा चावला सिविल अस्पताल नैनपुर में, डॉ. मिताली डामौर, डॉ. प्रगति रोमडे सीएचसी नारायणगंज, डॉ. विकसिता श्याम सीएचसी निवास में और डॉ. श्रिया जैन शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंडला में अपनी सेवाएं देगी।


 


 


प्राचीन आदिवासी धरोहर घुलघुल राजा-रानी की प्रतिमाएं वापस स्थापित हों, ग्रामीणों की चेतावनी

  • आदिवासी समाज प्रतिमाओं के मूल स्थलों को संरक्षित करने की कर रहा मांग
  • पुरातत्व विभाग बरत रहा लापरवाही, उच्च स्तरीय जांच करने की मांग

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के निवास तहसील के ग्राम पोंड़ी स्थित घुलघुल टोला और समीपवर्ती शेव टेकरी (घुरनेर) में स्थापित घुलघुल राजा और रानी की प्राचीन प्रतिमाओं को उनके मूल स्थान पर वापस स्थापित करने की मांग जोर पकड़ रही है। ग्रामीणों ने पुरातत्व विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि लगभग पचास वर्ष पूर्व इन प्रतिमाओं को बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के ले जाकर कार्यालय में रख दिया गया, जो आदिवासी समाज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का अपमान है।

ग्रामीणों का कहना है कि इन स्थलों पर सदियों से धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित होती रही हैं। क्षेत्र में यह मान्यता है कि घुलघुल राजा-रानी की प्रतिमाएं सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए पूजनीय हैं और आज भी स्थानीय समुदाय द्वारा भजन, कीर्तन, पूजन जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से किए जाते हैं। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि मूर्तियों को ले जाते समय कई प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त हुईं, जिनके हाथ-पैर टूट गए। बिना स्थानीय समिति और समाज को जानकारी दिए प्रतिमाओं को ले जाना सांस्कृतिक असंवेदनशीलता और जनभावनाओं का अपमान है।

ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर भी आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि विधायक, सांसद सहित कई जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को बार-बार आवेदन और ज्ञापन दिए गए, लेकिन किसी ने भी इस मामले पर ध्यान नहीं दिया। इससे नाराज होकर अब आदिवासी समाज सोशल मीडिया और जनसंपर्क के माध्यम से अपनी मांग को पुरजोर तरीके से उठा रहा है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

ग्रामीणों का कहना है कि घुलघुल राजा और रानी की प्रतिमाओं को उनके मूल स्थान पर तुरंत वापस स्थापित किया जाए। प्रतिमाओं के मूल स्थलों को संरक्षित कर उन्हें प्राचीन आदिवासी धरोहर स्थल के रूप में विकसित किया जाए। पुरातत्व विभाग द्वारा इस मामले में बरती गई लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो समस्त आदिवासी समाज और अन्य समुदाय मिलकर एक बड़ा जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

राजा रानी के स्थान पर गौतम बुद्ध की प्रतिमा है स्थापित 

ग्रामीणों ने बताया कि जैसे प्रत्येक गांव में खैर माई माता की पूजा की जाती है, वैसे ही यहां राजा रानी की पूजा हुआ करती थी। मूर्ति ले जाने के बाद यहां ग्रामीण प्रति दिन उसी खाली स्थान की पूजा किया करते है, लेकिन विगत पांच साल पहले यहां क्षेत्र के जबलपुर मंडी सचिव राजेश सैयाम द्वारा उस खाली स्थान में अपनी तरफ से उस स्थान के आसपास बाऊंड्रीबाल बनावकर खाली स्थान में भगवान गौतम बुद्ध की मूर्ति स्थापित कराई थी। जहां आज भी प्रतिदिन पूजा पाठ किया जा रहा है। अब यहां के ग्रामीणों को आज भी यहां के राजा रानी की प्राचीन प्रतिमा का इंतजार है। यह स्थान यहां के लोगों के किसी प्रसिद्ध शक्तिपीठ से कम नहीं है।

इनका कहना है

अभी इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा किसी प्रकार का आवेदन नहीं दिया गया है। यह बात वर्षों पहले की है, आवेदन आने के बाद इस संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
केएल डाभी
उप संचालक, पुरातत्व विभाग, मंडला

निवास क्षेत्र की यह बहुत पुरानी मांग है कि घुलघुल राजा और रानी की मूर्तियों को मंडला संग्रहालय से वापस घुलघुल में उनके मूल स्थान पर स्थापित किया जाए, जिससे उनकी विधिवत पूजा-अर्चना की जा सके। यहां पहले मेला भरता था, जिसमें दूर-दूर से लोग दर्शन करने आते थे। हम सभी की मांग है कि उन्हें पुन: स्थापित कराया जाए।
प्रदीप जैन
संयोजक, जिला बनाओ संघर्ष समिति, निवास

आपके द्वारा यह मामला मेरे संज्ञान में लाया गया है। इस संबंध में मैं विभाग को जल्द ही प्रतिमाओं को वापस किए जाने हेतु पत्र लिखूंगा।
चैन सिंह वरकड़े
विधायक, निवास विधानसभा



न्यूमोकोकल संक्रमण से बचाव के लिए न्यूमोकोकल टीकाकरण महत्वपूर्ण

  • बीजाडांडी सीएचसी में 0 से 20 वर्ष के सिकलसेल पॉजीटिव को लगाई वैक्सीन

मंडला महावीर न्यूज 29. सिकल सेल पॉजिटिव वाले व्यक्तियों के लिए न्यूमोकोकल टीकाकरण महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उन्हें न्यूमोकोकल संक्रमण जैसे निमोनिया और मेनिंगाइटिस, से बचाने में मदद करता है। सिकल सेल रोग से पीडि़त लोगों में ये संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। सीएचसी बीजाडांडी बीएमओ डॉ अभय सिंह गजभिए के मार्गदर्शन में इस संक्रमण से बचाव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीजाडांडी में न्यूमोकोकल टीकाकरण अभियान चलाया गया।

बीएमओ डॉ अभय सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशों का पालन करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बीजाडांडी में 0 से 20 वर्ष की आयु के सिकल सेल पॉजिटिव रोगियों को न्यूमोकोकल वैक्सीन लगाई गई। जिससे इस संक्रमण से बचा जा सके। इस दौरान बीजाडांडी स्वास्थ्य केन्द्र के बीएमओ डॉ अभय सिंह, बीईई सुहागा झारिया, बीसीएम राहुल चंद्रौल, बीपीएम कमलेश मरावी, आरके विश्वकर्मा, दलपत सिंह पंद्रो, ज्योति यादव, सुषमा सिंगौर, संगीता मरावी समेत स्टाफ मौजूद रहा। सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने इस टीकाकरण कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।


बच्चे मोबाईल की दुनिया से निकलकर सकारात्मक रूप से आगे बढ़े

  • नारायणगंज में ग्रीष्मकालीन खेल शिविर शुरू, मिल रहा नि:शुल्क प्रशिक्षण

मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड नारायणगंज में 30 मई तक सीएम राइज स्कूल टिकरिया में शासन के निर्देशानुसार और जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग अधिकारी राजेंद्र ठाकुर के आदेशानुसार ग्रीष्मकालीन खेल शिविर का आयोजन किया जा रहा है। ब्लॉक खेल समन्वयक नारायणगंज करुणा मर्सकोले ने बताया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्रीष्मकालीन खेल शिविर लगाया गया है। इस शिविर में मुख्य रूप से क्रिकेट का प्रशिक्षण श्रीमती करुणा मर्सकोले द्वारा, हॉकी का प्रशिक्षण सुश्री सुजीत यादव द्वारा और कबड्डी का प्रशिक्षण सुश्री नंदिनी उइके द्वारा दिया जा रहा है। यह नि:शुल्क प्रशिक्षण 30 मई तक चलेगा।

शिविर का शुभारंभ सीएचसी में पदस्थ आयुष्मान मित्र प्रहलाद कछवाहा द्वारा किया गया। उन्होंने बच्चों को अपने जीवन के संघर्षों के बारे में बताते हुए प्रेरित किया और कहा कि जीवन एक संघर्ष है, जिसमें मेहनत और लगन से हर मंजिल को पाया जा सकता है। उन्होंने खिलाडिय़ों को निरंतर अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित किया। श्रीमती मर्सकोले ने बताया कि जो भी खिलाड़ी इस शिविर में भाग लेना चाहते हैं, वे नि:शुल्क रूप से शामिल हो सकते हैं। शिविर में खेलों के महत्व और लाभ, खेलो बढ़ो अभियान की महत्ता के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।

इसके साथ ही विभिन्न विभागों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शारीरिक कसरत और व्यायाम संबंधी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने खिलाडिय़ों के अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को इस शिविर में भेजकर लाभ उठाएं, जिससे बच्चे मोबाइल की दुनिया से निकलकर अपने भविष्य की ओर सकारात्मक रूप से आगे बढ़ सकें। यह शिविर निश्चित रूप से क्षेत्र के युवा खिलाडिय़ों के लिए एक सुनहरा अवसर है।


आदि शंकराचार्य के महान कार्यो व उनके विचारों को जीवन में अपनाए

  • मवई महाविद्यालय में आदि शंकराचार्य जयंती पर व्याख्यानमाला आयोजित

मंडला महावीर न्यूज 29. जन अभियान परिषद् विकासखंड मवई द्वारा शासकीय महाविद्यालय मवई में आदि शंकराचार्य की 1236वीं जयंती के उपलक्ष्य पर एक व्याख्यानमाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मध्यप्रदेश शासन के आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास द्वारा 2 मई से 16 मई तक मनाए जा रहे आचार्य शंकर प्रकटोत्सव एकात्म पर्व के तहत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष श्रीमती मनीषा मरकाम और मुख्य वक्ता विशिष्ट अतिथि युवा कवि एवं सामाजिक कार्यकर्ता भयंकर बोस, जन अभियान परिषद् विकासखंड समन्वयक सुनील कुमार साहू मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत मंचासीन अतिथियों द्वारा आदि शंकराचार्य जी के चित्र का पूजन और माल्यार्पण कर की गई। विकासखंड समन्वयक सुनील कुमार साहू ने कार्यक्रम की रूपरेखा और जन अभियान परिषद् के कार्यों की जानकारी अतिथियों को दी। महाविद्यालय के समाजकार्य के विद्यार्थियों ने आचार्य शंकर के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता भयंकर बोस ने अपने संबोधन में आदि शंकराचार्य द्वारा अल्पायु में किए गए महान कार्यों और उनके विचारों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। जनपद अध्यक्ष श्रीमती मनीषा मरकाम ने आदि शंकराचार्य के अद्वैत वेदांत दर्शन की महत्ता बताते हुए जाति-पाति से ऊपर उठकर एकता और समानता के साथ रहने का संदेश दिया। उन्होंने छात्रों से शासन की योजनाओं को समितियों के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचाकर सभी का हित करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के अंत में विकासखंड समन्वयक सुनील कुमार साहू ने मंचासीन अतिथियों, समाजकार्य के विद्यार्थियों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन जल शपथ के साथ हुआ। इस अवसर पर नवांकुर संस्था के प्रतिनिधि अशोक साहू, भारती धुर्वे, संतोष धुर्वे, सरोज पड़वार, परामर्शदाता नंदलाल नायक, तारेंद्र झारिया, पंकज चौरसिया, स्वती सोनी और सोमकली धुर्वे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


गुरुकुल के चरित्र निर्माण शिविर में पतंजलि योग समिति ने किया सहयोग

  • 100 थाली, चम्मच काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल में किया दान

मंडला महावीर न्यूज 29. काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल में आगामी 10 मई से 16 मई तक आयोजित होने वाले युवक व युवती चरित्र निर्माण शिविर की सुव्यवस्था में पतंजलि योग समिति मंडला ने सराहनीय योगदान दिया है। समिति द्वारा शिविर के लिए 100 थाली और 100 चम्मच दान स्वरूप प्रदान किए गए हैं। इसके साथ ही समाजसेवी राकेश गुप्ता ने शिविर के लिए 26 किलोग्राम चावल और अरविंद जोशी ने 30 किलोग्राम गेहूं का आटा दान किया है। गुरुकुल परिवार ने इस उदार सहयोग के लिए पतंजलि योग समिति और दोनों दानदाताओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

गुरुकुल प्रबंधन ने सभी सामाजिक संगठनों से भी इसी प्रकार समाज के उत्थान और धर्म, संस्कृति के प्रचार, प्रसार के लिए समय-समय पर आयोजित होने वाले युवक व युवती चरित्र निर्माण शिविरों में सहयोग करने की अपील की है। उनका कहना है कि सामाजिक संगठनों के सामूहिक प्रयासों से शिविर में पहुंचने वाले बालक-बालिकाएं निर्बाध रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे और लाभान्वित होंगे।

बताया गया कि काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल युवाओं में शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए नियमित रूप से चरित्र निर्माण शिविरों का आयोजन करता है, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी भाग लेते हैं। इन शिविरों के सफल आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। गुरुकुल परिवार ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी उन्हें सामाजिक संगठनों और दानदाताओं का सहयोग मिलता रहेगा।


 


हाईस्कूल परीक्षा की प्रदेश मेरिट लिस्ट में जिया बघेल सातवें और 12 वीं के वाणिज्य संकाय से जीशान कुरेशी प्रदेश में तीसरे स्थान पर

  • मंडला जिले का बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन, प्रदेश में लहराया परचम
  • होनहारों ने छू लिया आसमां, प्रदेश की मैरिट सूची में जिले के 11 विद्यार्थी शामिल
  • हाईस्कूल का 89.83 व हायरसेकेंडरी का 85.05 प्रतिशत रिजल्ट
  • दसवी के 6 और बारहवी के 5 विद्यार्थियों ने बनाया प्रदेश मेरिट लिस्ट में स्थान

मंडला महावीर न्यूज 29. मप्र बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाओं में मंडला जिले के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। जिले ने 10वीं कक्षा में 89.83 प्रतिशत परिणाम के साथ पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल कर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वहीं 12वीं कक्षा में 85.05 प्रतिशत रिजल्ट के साथ जिले ने चौथा स्थान प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखा है। इसके साथ ही 12 वीं कक्षा में जिले के शासकीय विद्यालयों ने भी निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर देते हुए 85.67 प्रतिशत का सराहनीय परिणाम दर्ज किया है, जबकि निजी स्कूलों का परिणाम 84.05 प्रतिशत रहा। इसके साथ ही कक्षा 10 वीं की परीक्षा में निजी स्कूलों की अपेक्षा शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम बेहतर रहा। शासकीय स्कूल 90.48 प्रतिशत रिजल्ट और निजी स्कूलों का 85.75 प्रतिशत रिजल्ट रहा।

10वीं कक्षा की मेरिट लिस्ट में मंडला जिले के कई विद्यार्थियों ने अपना स्थान सुनिश्चित किया है। अमल ज्योति स्कूल महाराजपुर की छात्रा जिया बघेल ने 494 अंकों के साथ प्रदेश में सातवां स्थान प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया है। इसके अलावा ज्ञान ज्योति स्कूल नैनपुर के तीन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों – विराज चावला, सुरभि लालवानी और यशस्वी प्रजापति ने संयुक्त रूप से आठवां स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही प्रदेश में दसवें स्थान पर पूर्वी ठाकुर ज्ञान ज्योति स्कूल नैनपुर और सलोनी चांदेवार विवेकानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय निवारी नैनपुर रही।

12वीं कक्षा में भी जिले के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। वाणिज्य संकाय में ज्ञान ज्योति नैनपुर के जीशान कुरेशी ने 488 अंकों के साथ प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है, वही इसी विद्यालय के तेजस ठाकुर ने 487 अंकों के साथ चौथा और शौर्य नाहटा ने 484 अंकों के साथ सातवां स्थान हासिल किया है। जीवविज्ञान संकाय में अमल ज्योति मंडला की छात्रा प्रिंशी पटैल ने 480 अंकों के साथ चौथा और भारत ज्योति मंडला की अनुष्का सोनवानी ने 475 अंकों के साथ नौवां स्थान प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया है।

कारपेंटर की बेटी प्रिंशी जीवविज्ञान में चौथा स्थान 

जिले के एक साधारण परिवार की बेटी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। कारपेंटर की बेटी प्रिंशी पटैल ने मध्यप्रदेश बोर्ड की 12वीं कक्षा की जीवविज्ञान समूह की प्रावीण्य सूची में चौथा स्थान हासिल कर पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। प्रिंशी ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 500 में से शानदार 480 अंक प्राप्त किए हैं। अपनी इस सफलता का श्रेय प्रिंशी ने अपने दादा-दादी, माता-पिता, शिक्षकों और सहपाठियों को दिया है, जिन्होंने हर कदम पर उसका हौसला बढ़ाया और मार्गदर्शन किया।

प्रिंशी ने बताया कि उसकी सफलता में परिवार और शिक्षकों का अटूट समर्थन रहा है, जिसने उसे कठिन परिश्रम करने की प्रेरणा दी। प्रिंशी का लक्ष्य एक सफल डॉक्टर बनना है और अपनी इस महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए अब वह राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी में जुट गई है। प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने के बाद प्रिंशी का आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प और भी मजबूत हुआ है। उसकी यह उपलब्धि न केवल उसके परिवार बल्कि पूरे समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो यह साबित करती है कि लगन और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

माता पिता और शिक्षक ने किया मोटीवेट 

वाणिज्य संकाय में ज्ञान ज्योति नैनपुर के जीशान कुरेशी ने 488 अंकों के साथ प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। जीशान का कहना है कि यह सफलता उनकी अकेले की सफलता नहीं है, इस सफलता के पीछे उनके माता पिता और शिक्षकों का साथ रहा। इसके साथ ही शिक्षकों का मार्गदर्शन हमेशा मिला।

जीशान ने बताया कि उनके क्लास टीचर जायसवाल सर ने उनका सपोर्ट किया, हमेशा मोटीवेट करते थे। जायसवाल सर की मोटिवेशनल बातें मुझे हमेशा आगे बढऩे के लिए प्रेरित करती थी। इसके साथ ही माता पिता भी इसके लिए मोटीवेट करते है, जिसके कारण आज मैं इस मुकाम पर सफलता हासिल की है। मेरी इस सफलता से हमारे जूनियर प्रेरित होकर अपने माता पिता, जिले और प्रदेश का नाम रोशन करें।

कक्षा 10 वीं में जिले के 6 हजार 979 विद्यार्थी प्रथम 

मंडला जिले में कक्षा दसवी में कुल 12059 विद्यार्थी दर्ज थे जिनमें 5410 छात्र तथा 6649 छात्रा शामिल हैं। इन दर्ज विद्यार्थियों में 5336 छात्र एवं 6619 छात्रा सहित कुल 11955 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। जिले में 10722 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं जिनमें 4667 छात्र एवं 6055 छात्राएं सम्मिलित हैं। 2839 छात्र और 4140 छात्राएं सहित 6979 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। 1793 छात्र और 1890 छात्रा सहित कुल 3683 विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी में आए। इसके साथ ही 35 छात्र एवं 25 छात्रा सहित कुल 60 विद्यार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। 659 छात्र तथा 554 छात्राएं सहित 1213 विद्यार्थी कक्षा दसवी की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए हैं। हाईस्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा में छात्रों का सफलता प्रतिशत 87.62 तथा छात्राओं का सफलता प्रतिशत 91.61 रहा है।

कक्षा 12 वीं में जिले के 4 हजार 933 विद्यार्थी प्रथम 

मंडला जिले में कक्षा बारहवी में कुल 9386 विद्यार्थी दर्ज थे जिनमें 4126 छात्र तथा 5260 छात्रा शामिल हैं। 4104 छात्र एवं 5243 छात्रा सहित कुल 9347 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। जिले में 7990 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं जिनमें 3409 छात्र एवं 4581 छात्राएं सम्मिलित हैं। 1917 छात्र और 3016 छात्राएं सहित 4933 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। 1475 छात्र व 1561 छात्रा सहित कुल 3036 विद्यार्थी द्वितीय श्रेणी तथा 17 छात्र एवं 04 छात्रा सहित कुल 21 विद्यार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। 694 छात्र तथा 661 छात्राएं सहित 1355 विद्यार्थी कक्षा बारहवी की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए हैं। हायरसेकेंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा में छात्रों का सफलता प्रतिशत 83.07 और छात्राओं का सफलता प्रतिशत 87.37 रहा है।


शुभांशी वाल्को ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक के साथ जिले में किया टॉप

महाराजपुर स्थित अमल ज्योति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा शुभांशी वाल्को ने मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले की मैरिट सूची में टॉप स्थान बनाया है। शुभांशी की इस शानदार उपलब्धि से अपने विद्यालय का बल्कि अपने परिवार और पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। शुभांशी के पिता राम किशोर वाल्को माहिष्मती नागरिक सहकारी बैंक की बम्हनी बंजर शाखा में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता श्रीमती ओमलता वाल्को एक कुशल गृहिणी हैं। अपनी बेटी की इस असाधारण सफलता पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।

अमल ज्योति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य ने शुभांशी वाल्को को उनकी इस शानदार सफलता पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने शुभांशी को विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बताया, जिसकी मेहनत और लगन से यह उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त हुआ है। शुभांशी की इस उपलब्धि से विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों में भी हर्ष की लहर है।



मछरिया वन ग्राम समिति ने लकड़ी तस्करों को पकड़ा, ट्रक और बाइक जब्त

  • ग्रामीणों ने वन तस्करों और वन विभाग पर मिलीभगत के लगाए आरोप

मंडला महावीर न्यूज 29. मोहगांव प्रोजेक्ट के अंतर्गत वन ग्राम समिति मछरिया के सदस्यों ने सक्रियता दिखाते हुए सागौन लकड़ी की अवैध तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। ग्रामीणों की सतर्कता के चलते सागौन की 11 लकड़ी, एक ट्रक और एक दोपहिया वाहन जब्त किया गया है। समय पर कार्रवाई न करने पर ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों के प्रति नाराजगी भी व्यक्त की है।

जानकारी अनुसार ग्रामीणों को सूचना मिली थी कि रात्रि में सागौन के पेड़ों की कटाई हो रही है। जांच करने पर मौके से 11 सागौन के कटे हुए पेड़ बरामद हुए। ग्रामीणों ने दो दिनों तक संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और तस्करों को रंगेहाथ पकडऩे की योजना बनाई। उन्होंने वन विभाग को सूचित किया और कटे हुए पेड़ों की निगरानी करने की जिम्मेदारी ली, जिससे तस्करों को वापस आने पर पकड़ा जा सके।

घेराबंदी करके पकडऩे का प्रयास 

वनग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों ने वन तस्करों को पकडऩे के लिए अपनी योजना बनाई। ग्रामीणों ने रात्रि में जंगल की घेराबंदी की। उन्होंने दो और सागौन के पेड़ों की कटाई की आवाज सुनी। जिसके बाद समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे, लेकिन तस्कर मौके से भागने में सफल रहे। हालांकि भागते समय वे अपना एक ट्रक जो सिवनी जिले का था और एक बाइक सहित अन्य सामान मौके पर ही छोड़ गए, जिसे ग्रामीणों ने जब्त कर लिया। इसके साथ ही पांच लकड़ी काटने के आरे और तस्करों के मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

ग्रामीणों में है वनविभाग के प्रति नाराजगी 

समिति के सदस्यों ने बताया कि रात्रि में सामान जब्त करने के बाद वन विभाग के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सूचित किया गया, लेकिन वे घटनास्थल पर 12 घंटे बाद पहुंचे। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों पर तस्करों से मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। वन विभाग ने मामला दर्ज कर लिया है और वन अधिकार अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। जब्त किए गए ट्रक और बाइक के साथ अन्य सामान की जांच की जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों की सूझबूझ और वन सुरक्षा के प्रति उनकी सक्रियता की सराहना की है।



अनियंत्रित ट्रैक्टर ने तीन साल की मासूम को कुचला

  • घटना स्थल पर मासूम की मौत

मंडला महावीर न्यूज 29. नैनपुर क्षेत्र में रेत परिवहन कर रहे वाहनों की बेलगाम रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन दुर्घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं। बिना रोक-टोक के दिन-रात दौड़ रहे ट्रैक्टर से लेकर भारी वाहन तक लोगों की जान पर खतरा बने हुए हैं। हाल ही में पाठा सिहोरा में डंपर से कुचलकर एक युवक की मौत की घटना को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि अब एक और हृदय विदारक घटना सामने आई है।

जानकारी अनुसार मंगलवार शाम करीब 6 बजे ग्राम पंचायत जामगांव के पोषक गांव बहैरा टोला में एक अनियंत्रित रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने तीन साल की मासूम बच्ची को कुचल दिया, जिससे उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। मृतक बच्ची की पहचान ईशा भोरिया पिता अनिल भूरिया, 3 वर्ष के रूप में हुई है। बताया गया कि ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 51 एवी 3148  है, को एक नाबालिग चला रहा था। ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर बच्ची को रौंदता हुआ निकल गया।

घटना की सूचना तत्काल नैनपुर पुलिस थाने को दी गई। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बच्ची के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए नैनपुर सिविल अस्पताल ले जाया गया। इस दुखद घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों में रेत परिवहन कर रहे वाहनों की तेज रफ्तार और नाबालिग चालकों द्वारा वाहन चलाने को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं और निर्दोष लोगों की जान जा रही है। उन्होंने मांग की है कि रेत परिवहन करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए और नाबालिग चालकों पर लगाम लगाई जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


अवनी सोनी ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में लहराया सफलता का परचम

  • नारायणगंज कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की विज्ञान संकाय की प्रतिभाशाली छात्रा
  • अवनी सोनी ने 88.4 प्रतिशत अंक किए हासिल

मंडला महावीर न्यूज 29. कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल नारायणगंज की विज्ञान संकाय की प्रतिभाशाली छात्रा अवनी सोनी ने माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय और पूरे जिले का मान बढ़ाया है। अवनी ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 88.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। अवनी सोनी राजेश सोनी और नीरा सोनी की सुपुत्री हैं। अपनी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर अवनी को उनके परिवारजनों, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों से ढेरों बधाइयाँ मिल रही हैं।

सभी ने उनकी कड़ी मेहनत और लगन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। विद्यालय प्रबंधन ने भी अवनी सोनी की इस शानदार सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अवनी की यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है और यह दर्शाती है कि कठिन परिश्रम और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।



 


आदि उत्सव कार्यक्रम ने जनजातीय समाज को गौरवान्वित किया

  • आदि उत्सव का छग सीएम ने किया शुभारंभ, समापन में पहुंचे मप्र सीएम
  • रामनगर में हुआ सातवे आदि उत्सव का शुभारंभ
  • आदि उत्सव कार्यक्रम में लोकगीत, लोकनृत्य व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ

मंडला महावीर न्यूज 29. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मंडला जिले के रामनगर में आयोजित आदि उत्सव का कार्यक्रम जनजातीय समाज के लिए गौरव की बात है। आदि उत्सव कार्यक्रम में जनजातीय समाज के रीति-रिवाज, परंपरा, संस्कृति, इतिहास इत्यादि के बारे में जानकारी दी जाती है, इसलिए संपूर्ण जनजातीय समाज आदि उत्सव के महाकुम्भ में उपस्थित हुआ है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार को रामनगर में आयोजित आदि उत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय के आगमन पर उनका फूलमालाओं, लोकगीत व लोकनृत्य कर भव्य स्वागत किया गया, इस अवसर पर गोंडवाना ध्वजारोहण भी किया गया।

जानकारी अनुसार रामनगर में आदि उत्सव का शुभारंभ रविवार को माँ नर्मदा के तट पर हुआ। सातवे आदि उत्सव के शुभारंभ अवसर पर देशभर से आए अतिथियों ने उत्सव की शोभा बढ़ाई। शुभारंभ दिवस पर मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन विष्णुदेव साय, केन्द्रीय जनजातीय मंत्री जुएल ओराम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजातीय आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य, मध्यप्रदेश शासन की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री समाज कल्याण अनुजा एवं जन. कल्याण संजीव गौंड़, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, लोकसभा सांसद कांकेर भोजराज नाग, विधायक बिछिया नारायण सिंह पट्टा, विधायक निवास चैनसिंह वरकड़े, विधायक लखनादौन योगेन्द्र सिंह बाबा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, जिला पंचायत अध्यक्ष डिंडौरी रूद्रेश परस्ते, पूर्व विधायक रामप्यारे कुलस्ते, शिवराज शाह, जिला भाजपा अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, कलेक्टर सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कूमट, प्रदेश एवं अन्य प्रांतों से आए गौंड़ राजाओं के वंशज, अधिकारी, कर्मचारी तथा ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि उन्हें आदि उत्सव कार्यक्रम के महाकुंभ में शामिल होने का अवसर मिला है। आदि उत्सव कार्यक्रम में पहुंचने से पहले जनजातीय समाज के चौगान स्थित मढिय़ा में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता के लिए सुख-समृद्धि की कामना करते हुए आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश राज्य, छत्तीसगढ़ राज्य का बड़ा भाई है इसलिए मध्यप्रदेश में आने पर उन्हें बहुत प्रसन्नता होती है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। छत्तीसगढ़ राज्य बने अब 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामनगर मंडला में आदि उत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ केन्द्रीय मंत्री जुएल ओराम के द्वारा किया गया था। आदि उत्सव कार्यक्रम आयोजित करने से जनजातीय समाज की संस्कृति, रीति-रिवाज, परंपरा और इतिहास को जानने का अवसर मिलेगा।

दो दिवसीय इस उत्सव के प्रथम दिवस में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए महा आरोग्य शिविर व नि:शक्तजन के कल्याण के लिए एमिल्को के सहयोग से दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदाय करने के लिए दिव्यांग शिविर का आयोजन किया गया। उत्सव के दौरान लगातार सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित हुए अतिथियों द्वारा महा आरोग्य शिविर, दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग प्रदाय करने के लिए एमिल्को के सहयोग से लगाए गए सहायक उपकरण वितरण शिविर व मिलेट फेस्टिवल का अवलोकन किया गया।

आज होंगे 600 जोड़ों से अधिक वर वधु का विवाह 

आदिवासी गुदुम दल, आदिवासी नृत्य एवं अन्य आदिवासी लोक संस्कृति के सांस्कृतिक आयोजनों ने लोगों का मन मोह लिया। दोपहर बाद उत्सव में संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। उत्सव के दौरान शासन के विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं के स्टॉल प्रदर्शित किए गए, इसके अलावा कृषि विभाग एवं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से फूड स्टॉल लगाए गए। आदि उत्सव के प्रथम दिवस पर जिले एवं जिले के बाहर से आदिवासी परंपरा एवं पूजा पद्धतियों को संभालने वाले पंडा व भुमका भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। आज सोमवार 5 मई को आदि उत्सव के दूसरे एवं अंतिम दिन मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह, निकाह का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 600 से अधिक जोड़ों का विवाह संस्कार संपन्न कराया जायेगा। सामूहिक विवाह, निकाह कार्यक्रम के साथ आदि उत्सव का समापन होगा।

पूर्वजों के इतिहास जानने का मिला अवसर 

मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि रामनगर के महलों का निर्माण राजा हृदयशाह ने किया था। उन्होंने कहा कि आजादी के लिए रानी माँ दुर्गावती ने मुगलों से, राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथशाह ने अंग्रेजों से संघर्ष किया है। उन्होंने बताया कि अंग्रेजों ने राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथशाह को तोप में बांधकर उड़ा दिया गया था। आदि उत्सव कार्यक्रम के माध्यम से जनजातीय समाज को अपने पूर्वजों के इतिहास को जानने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि आदि उत्सव कार्यक्रम में देशभर के जनजातीय समाज के लोग एकत्रित हो रहे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी को एक मंच में बैठने का अवसर मिला है।

चौगान की मढिय़ा आस्था का केन्द्र 

सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि आजादी के लिए रानी माँ दुर्गावती ने मुगलों से और उनके वंशज राजा शंकरशाह व कुंवर रघुनाथशाह ने अंग्रेजों से संघर्ष किया है। रामनगर में गोंड राजा हृदयशाह ने मोतीमहल, रायभगत की कोठी, बेगम महल, दल-बदल महल का निर्माण किया है। यह हमारी संस्कृति, धरोहर का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि गोंडवाना राज्य में गोंड राजाओं ने 1750 साल तक शासन किया। विभिन्न नगरों की स्थापना और विकास कार्य किए। उन्होंने बताया कि उन्हें गर्व होता है कि नागपुर शहर का निर्माण गोंड राजा बख्त बुलंदशाह ने किया है। सांसद श्री कुलस्ते ने कहा कि आदि उत्सव कार्यक्रम का आयोजन कर आदिवासी रीति-रिवाज, परंपरा, संस्कृति, इतिहास इत्यादि के बारे में बताना जरूरी है जिससे आने वाली पीढ़ी इसे जान सके। उन्होंने बताया कि चौगान स्थित देव मढिय़ा आदिवासियों का आस्था का केन्द्र है, यहां पर प्रदेशभर के नागरिक आकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हेलीपैड में किया भव्य स्वागत  

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का रविवार को चौगान स्थित हेलीपैड में आगमन हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय रागनगर में आयोजित आदि उत्सव कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री श्री साय के आगमन पर सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, जिला भाजपा अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, कलेक्टर सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रेयांश कूमट ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने की चौगान मढिय़ा में पूजा-अर्चना 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने रविवार को प्राचीन देव मढिय़ा चौगान में पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की जनता के लिए सुख-समृद्धि की कामना करते हुए आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर विधायक चैनसिंह वरकड़े, जिला भाजपा अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कूमट मौजूद थे।


हृदय शाह के मोतीमहल, रानीमहल सहित शंकर शाह, रघुनाथ शाह एवं रानी दुर्गावती के स्मारकों का विकास किया जाएगा – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

  • रामनगर स्थित चौगान के विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने कलेक्टर को मंच से दिए निर्देश
  • पेसा कानून में जल, जंगल, जमीन संरक्षण के लिए बैगा, भारिया व सहरिया जनजाति के लिए 1600 करोड़ की स्वीकृति
  • किसानों को 5 रुपये में मिलेंगे बिजली कनेक्शन, सोलर पम्प देकर बिजली मुक्त किसान की दिशा में सरकार

मंडला महावीर न्यूज 29. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आजादी के लिए आन, बान और शान से लडऩे वाले राजा हृदय शाह, राजा शंकर शाह, कुंवर रघुनाथ शाह, रानी दुर्गावती, बिरसा मुंडा और टंट्या मामा ने महान कार्य किया है, जो जल जमीन, जंगल और जमीर की रक्षा के लिए आगे आये हैं। हमारे प्रदेश और देश के जनजातीय महापुरुषों ने हमें गौरवान्वित किया है। हमें गर्व है ऐसी जनजातियों पर जिसने आजादी में न तो अंग्रेजों से और न तोप से डरे। भारत शासन द्वारा जनजातीय महापुरुषों के उल्लेखनीय योगदान के सम्मान में खरगोन में टंट्या मामा विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। यह विचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडला के रामनगर में दो दिवसीय आदि उत्सव ने रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां हृदय शाह द्वारा बनाये गए मोती महल का अवलोकन करते हुए लोक कला प्रदर्शनी का भी उदघाटन किया। साथ ही उन्होंने 61 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समुदाय के गौंड राजाओं के बने स्मारकों व किलों के विकास कार्य कराने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि रामनगर और मंडला नगर में राजा शंकरशाह, कुंवर रघुनाथ शाह, रानी दुर्गावती, मोतीमहल, रानी महल को भी विकास कार्यों में शामिल किया जाएगा। उन्होंने मंच से कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा को रामनगर स्थित मढिय़ा के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें करीब 5 हजार नागरिकों की बैठक व्यवस्था के लिए सभागार, पेयजल और ठहरने की व्यवस्था आदि के प्रस्ताव शामिल होंगे।

जल, जंगल, जमीन के संरक्षण के लिए बैगा भारिया व सहरिया जनजाति के लिए राशि हुई स्वीकृत 

रामनगर में आयोजित हो रहे आदि उत्सव के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पेसा कानून के तहत जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए शासन द्वारा बैगा, भारिया और सहरिया जनजाति क्षेत्र के लिए 1600 करोड़ की राशि की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही किसानों के सम्बंध में उन्होंने कहा कि किसानों से 2600 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं उपार्जन किया जा रहा है। आगे किसानों को 5 रुपये में बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। वहीं किसान आगे सभी किसानों को सोलर पम्प प्रदान कर बिजली बिल से मुक्त करने की दिशा में बढ़ रही है। अब प्रदेश का किसान बिजली का भी उत्पादन करेगा बिजली शासन खरीदेगी।

गाय भैंस खरीदने पर 25 प्रतिशत अनुदान 

मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि मप्र में दूध उत्पादन को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के किसानों को 25 गाय या भैंस खरीदने पर 25 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। वहीं 200 गाय या भैंस खरीदने पर 50 गाय या भैंस शासन द्वारा दी जाएगी।

आदि उत्सव में जनजातीय कन्याओं का विवाह आयोजन 

आदि उत्सव की महत्वपूर्ण कड़ी में 600 कन्याओं का मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनान्तर्गत विवाह आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में पहुचते हुए सभी नव विवाहित जोड़ों पर पुष्प वर्षा की। साथ ही कार्यक्रम के अंत मे उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनान्तर्गत कन्याओं को मिलने वाली 49 हजार रुपये की राशि के सांकेतिक रूप से चौक भी प्रदान किये।

बच्चों को वकील डॉक्टर व इंजीनियर बनाओं कॉलेज की फीस शासन वहन करेगी 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने के लिए कहा कि वकील, डॉक्टर और इंजीनियर जो चाहे बनाओ। बच्चों के कॉलेजों की फीस शासन द्वारा वहन की जाएगी। अच्छी से अच्छी कोचिंग दिलाने को भी कहा है। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि रामनगर में सन् 2015 से लगातार आदि उत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आदि उत्सव का कार्यक्रम कोरोना काल में संपन्न नहीं हो सका था। आदि उत्सव में आदिवासी लोक संस्कृति, रीति-रिवाज, परंपरा और इतिहास के संबंध में जानकारी दी जाती है। आदि उत्सव कार्यक्रम में पहुँचे लोगों को उन्होंने बधाई व शुभकामनाएं दी। सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने बताया कि आदि उत्सव कार्यक्रम में संपूर्ण भारत के आदिवासी लोग शामिल होते हैं। गोंडवाना की इस भूमि में गोंड राजाओं ने 1500 से अधिक वर्षों तक शासन किया है। आदि उत्सव में आदिवासी संस्कृति, रीति-रिवाज, परंपरा और इतिहास के बारे में बताया जाता है। जिससे आने वाली पीढ़ी अपने आदिवासी समाज की संस्कृति, रीति-रिवाज, परंपरा और इतिहास से अवगत हो सके।

मप्र छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रदेश के मंत्री विधायक व सांसद हुए आदि उत्सव में शामिल 

रामनगर में आयोजित हुए आदि उत्सव कार्यक्रम में मप्र शासन के अलावा छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रदेश सरकार के मंत्री व विधायक सांसद शामिल हुए। कार्यक्रम में मप्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, केन्द्रीय राज्यमंत्री जनजातीय कार्य श्री दुर्गादास उइके, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर महिला बाल विकास, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री समाज कल्याण अनु.जा. एवं जन. कल्याण श्री संजीव गौंड़, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, शहडोल लोकसभा सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह, लोकसभा सांसद कांकेर भोजराज नाग, विधायक बरघाट कमल मर्सकोले, विधायक गोटेगांव महेन्द्र नागेश, विधायक सिहोरा संतोष वरकड़े, विधायक शहपुरा ओमप्रकाश धुर्वे, विधायक धरमपुरी श्री कालूसिंह ठाकुर, विधायक रामकोला उत्तरप्रदेश विनयप्रकाश गौंड़, मंडला जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, डिंडौरी जिला पंचायत अध्यक्ष रूद्रेश परस्ते, नगरपालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, पूर्व विधायक देवसिंह सैयाम, रामप्यारे कुलस्ते, शिवराज शाह, पंडित सिंह धुर्वे, जिला भाजपा अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, नगर भाजपा अध्यक्ष शिवारानू राजपूत, कलेक्टर सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कूमट, अपर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार सिंह एवं अपर कलेक्टर अरविंद सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार वर्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अखिलेश उपाध्याय एवं दिलीप मरकाम ने किया।



 


बिना स्वीकृत राशि के बन रही ग्रेवल सड़क

  • ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित, लेकिन किस मद से किया जा रहा मार्ग निर्माण पता नहीं
  • वनांचल ब्लाक मवई के ग्राम बरगांव का मामला

मंडला महावीर न्यूज 29. मवई रेंज के भगदू सर्किल अंतर्गत वन ग्राम बरगांव के निवासियों ने डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड पर शासकीय राशि के बंदरबांट करने के आरोप लगाए है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग में कोई भी कार्य उनकी मर्जी से कराया जाता है और वन सुरक्षा समिति को किसी भी काम की जानकारी नहीं दी जाती है। अभी हाल ही में बरगांव में तालाब विस्तारीकरण के नाम पर लगभग दो लाख रुपए का कार्य कराया गया, जबकि चार लाख रुपए की राशि निकाली गई। वन सुरक्षा समिति बरगांव के सदस्यों ने जब इस कार्य की जानकारी के लिए मवई रेंज प्रभारी से संपर्क किया तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें इस काम के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

जानकारी अनुसार वनांचल विकासखंड मवई के ग्राम बरगांव में ग्रेवल सड़क का कार्य किया जा रहा है। जिसमें जेसीबी के माध्यम से मुर्रम निकाल कर डाली जा रही है। इस कार्य में भी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। मुर्रमीकरण के नाम पर लीपापोती की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जहां ग्रेवल सड़क बनाई जा रही है। वहां मुर्रम का छर्रा डालकर पतीला लगाया गया है। वन विभाग में यह एक बड़ी विडंबना बनी हुई है कि विभागीय कार्यों की लागत कितनी है, यह न तो डिप्टी रेंजर को पता है और न ही रेंज प्रभारी को। जब इस बारे में पता करने की कोशिश की जाती है, तो अधिकारियों का सीधा जवाब होता है कि उन्हें कार्य की राशि की कोई जानकारी नहीं है, कहकर मामले को टाल दिया जाता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड मिलकर शासकीय राशि का दुरुपयोग कर रहे हैं और वन सुरक्षा समिति को अंधेरे में रखा जा रहा है। कार्यों में पारदर्शिता की कमी और अधिकारियों की कथित मिलीभगत से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। वन सुरक्षा समिति बरगांव के सदस्यों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, जिससे शासकीय राशि के दुरुपयोग की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे वन सुरक्षा समितियों को भी कार्यों की जानकारी मिल सके और वे अपनी निगरानी की भूमिका प्रभावी ढंग से निभा सकें। इस मामले में उच्च अधिकारियों की चुप्पी भी संदेह पैदा करती है और ग्रामीणों ने इस पर भी सवाल उठाए हैं।

इनका कहना है

ग्रेवल सड़क का निर्माण गुणवत्तायुक्त नहीं किया जा रहा है। मनमर्जी से कार्य किया जा रहा है, वहीं किस मद से कार्य किया जा रहा है, समिति के किसी सदस्य और ग्रामीणों को इसकी जानकारी नही है। बैठक में प्रस्ताव तो किया जाता है, लेकिन कुछ बताया नहीं जाता है।
लाल सिंह मरावी, सदस्य, वनग्राम सुरक्षा समिति, बरगांव

सर्किल अधिकारी ने हमे आदेश दिए है कि यहां ग्रेवल सड़क निर्माण कराया जाना है, प्रस्ताव में जेसीबी से मुर्रम निकालने की अनुमति दी गई है। राशि कितनी स्वीकृत हुई है, इसकी जानकारी अभी नहीं है। अधिकारियों से पूछा गया है, लेकिन स्वीकृत राशि की जानकारी नहीं दी गई है।
अमृत लाल पुषाम, अध्यक्ष वनग्राम सुरक्षा समिति, बरगांव

हमारे साहब ग्रेवल सड़क निर्माण की स्वीकृत राशि की जानकारी नहीं दिए है, उनके आदेश के अनुसार मुर्रम डालकर मार्ग निर्माण कार्य शुरू किया गया है। प्रस्ताव में राशि स्वीकृत नहीं की जाती है, जो कार्य किया जाना है, प्रस्ताव में उसे दर्शाया जाता है। प्रस्ताव में ग्रेवल सड़क बस दर्शाया गया है।
गनेश पंद्रे, वनरक्षक, सचिव, वनग्राम सुरक्षा समिति, बरगांव



चुनाव आयोग जल्द लॉन्च करेगा एकल-बिंदु ऐप

  • चुनावी प्रक्रिया होगी और सुगम
  • 40 से अधिक आईटी ऐप्स को इस उन्नत यूआई यूएक्स वाले ऐप में किया जाएगा शामिल

मंडला महावीर न्यूज 29. भारत निर्वाचन आयोग एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मतदाताओं, चुनाव अधिकारियों, राजनीतिक दलों और नागरिक समाज जैसे सभी हितधारकों के लिए एक एकीकृत और उपयोगकर्ता अनुकूल डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की तैयारी में है। इस नए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म, ईसीआई-नेट का लक्ष्य आयोग के वर्तमान में मौजूद 40 से अधिक मोबाइल और वेब अनुप्रयोगों को एक साथ लाना और उन्हें आधुनिक बनाना है। ईसीआई नेट में आकर्षक यूजर इंटरफेस और सरल यूजर एक्सपीरियंस होगा, जो चुनाव संबंधी सभी गतिविधियों के लिए एक ही मंच प्रदान करेगा। इस प्लेटफॉर्म को डिजाइन करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि उपयोगकर्ताओं को विभिन्न ऐप डाउनलोड करने, उन पर नेविगेट करने और अलग-अलग लॉगिन याद रखने की आवश्यकता न रहे।

बताया गया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने मार्च 2025 में आयोजित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान की थी। इस दौरान निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित थे। ईसीआई-नेट उपयोगकर्ताओं को अपने डेस्कटॉप या स्मार्टफोन पर सुसंगत चुनावी डेटा तक आसानी से पहुंचने में सक्षम करेगा। डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए, इस प्लेटफॉर्म पर डेटा केवल आयोग के अधिकृत अधिकारियों द्वारा ही दर्ज किया जाएगा। हालांकि किसी भी विवाद की स्थिति में विधिवत रूप से भरे गए प्राथमिक डेटा ही मान्य होंगे।

बताया गया कि इस नए एकीकृत प्लेटफॉर्म में वोटर हेल्पलाइन ऐप, वोटर टर्नआउट ऐप, सी-विजिल, सुविधा 2.0, ईएसएमएस, सक्षम और केवाईसी ऐप जैसे लोकप्रिय मौजूदा ऐप शामिल होंगे, जिन्हें 5.5 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है। ईसीआई-नेट से देश के लगभग 100 करोड़ मतदाताओं और संपूर्ण चुनावी तंत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिसमें 10.5 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त लगभग 15 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए), लगभग 45 लाख मतदान अधिकारी, 15,597 सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ), 4,123 निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और 767 जिला चुनाव अधिकारी (डीईओ) शामिल हैं।

ईसीआई नेट वर्तमान में विकास के उन्नत चरण में है और इसकी सुचारू कार्यप्रणाली, उपयोग में आसानी और मजबूत साइबर सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने के लिए गहन परीक्षण किए जा रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 36 सीईओ, 767 डीईओ और उनके राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के 4,123 ईआरओ को शामिल करते हुए एक व्यापक परामर्शी प्रक्रिया के बाद विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, आयोग द्वारा जारी चुनावी ढांचे, निर्देशों और पुस्तिकाओं के 9 हजार पृष्ठों वाले 76 प्रकाशनों की भी समीक्षा की गई है।



किशोर, किशोरियों को बताए किशोरावस्था में होने वाले बदलाव

  • नारायणगंज के घोंटखेड़ा और चाटी में किशोर का शोर कार्यक्रम आयोजित

मंडला महावीर न्यूज 29. राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मंडला जिले के नारायणगंज विकासखंड के ग्राम घोंटखेड़ा और चाटी में किशोर का शोर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरों को मनोरंजक गतिविधियों और खेलों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना है। कार्यक्रम में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें जागरूकता रैली और स्लोगन प्रमुख थे। किशोरों ने उत्साहपूर्वक रैली में भाग लिया और स्वास्थ्य संबंधी नारे लगाए। इसके बाद ले मशालें चल पड़े हम लोग मेरे गांव के गीत और साथिया एंथम का सामूहिक गायन किया गया, इस गीत ने कार्यक्रम में जोश भर दिया।
कार्यक्रम के दौरान किशोरावस्था पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। प्रशिक्षक कमलेश पावले ने मानव जीवन की पांच अवस्थाओं बाल्यावस्था, बचपन अवस्था, किशोरावस्था, वयस्कता और बुढ़ापा के बारे में विस्तार से बताते हुए किशोरावस्था की परिभाषा और इस दौरान किशोरों एवं किशोरियों में होने वाले शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक परिवर्तनों पर विस्तार से चर्चा की। उनके सामान्य व्यवहारों में आने वाले बदलावों पर भी प्रकाश डाला गया।

पोषण के महत्व को समझाने के लिए एक गीत गतिविधि आयोजित की गई, जिसकी शुरुआत पोषण की हम बच्चे, सुनेंगे आज कहानी से हुई। पोषण की परिभाषा बताते हुए, प्रशिक्षकों ने पोषण तत्वों के दो मुख्य प्रकार माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और मैक्रोन्यूट्रिएंट्स पर चर्चा की। उन्होंने पानी और आहार फाइबर को भी महत्वपूर्ण पोषक तत्वों के रूप में शामिल किया और स्वस्थ जीवन के लिए पोषण का ध्यान रखना क्यों आवश्यक है, इस पर जोर दिया। इसके साथ ही सुमन कार्यक्रम और उमंग स्वास्थ्य केंद्र से प्राप्त होने वाली विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में भी किशोरों को जानकारी दी गई। चैट बोट के उपयोग और टोल फ्री नंबरों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।

आयोजित कार्यक्रम में बाल विवाह विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशिक्षकों ने बाल विवाह के कारणों और इसके गंभीर दुष्परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी, जिससे किशोर इस सामाजिक बुराई के प्रति जागरूक हो सकें। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशिक्षक इंद्रा उइके और कमलेश पावले ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने रोचक और तरीके से किशोरों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान की। किशोर का शोर कार्यक्रम किशोरों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूक करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रहा।


 


अज्ञात वाहन की टक्कर से अज्ञात व्यक्ति की मौत

  • नारायणगंज के ग्राम लालीपुर के पास की घटना

मंडला महावीर न्यूज 29.  नेशनल हाईवे 30 पर नारायणगंज के ग्राम लालीपुर के पास सोमवार रात्रि करीब 8 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में एक अज्ञात वाहन ने एक अज्ञात व्यक्ति को टक्कर मार दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। टक्कर मारने के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही नारायणगंज टिकरिया पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया।

पुलिस मृतक की पहचान करने का प्रयास कर रही है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है जिससे दुर्घटना के बारे में कोई जानकारी मिल सके। इस हादसे के बाद लोग तेज रफ्तार वाहनों के कारण हो रहे हादसों पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।


रामनगर आदि उत्सव में टीबी मरीजों को पोषण आहार वितरित

  • नारायणगंज के चुटका परमाणु विद्युत परियोजना ने टीबी मरीजों को वितरित किया पोषण आहार
  • प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत रामनगर में फूड बास्केट वितरित

मंडला महावीर न्यूज 29. ऐतिहासिक ग्राम रामनगर में आयोजित आदि उत्सव कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों को पोषण आहार वितरित किया गया। यह फूड बास्केट चुटका मध्यप्रदेश परमाणु विद्युत परियोजना, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा टीबी मरीजों के लिए उनकी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी निधि से प्रदान किया गया है।

आयोजित कार्यक्रम में टीबी मरीजों को फूड बास्केट का वितरण मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, सीएमएचओ डॉ. केसी सरोते, सिविल सर्जन डॉ. विजय धुर्वे, जिला क्षय अधिकारी डॉ. सुमित सिंगौर और एनपीसीआईएल के स्टाफ अधिकारियों द्वारा आदि उत्सव के मंच से किया गया। इस पहल का उद्देश्य टीबी मरीजों को बेहतर पोषण सहायता प्रदान करना है, जो उनके शीघ्र स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सांसद श्री कुलस्ते ने इस अवसर पर टीबी उन्मूलन के प्रयासों पर जोर दिया और एनपीसीआईएल के इस सहयोग की सराहना की। स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी टीबी मरीजों को नियमित उपचार लेने और पौष्टिक आहार का सेवन करने के लिए प्रेरित किया।


तापमान में उतार-चढ़ाव जारी, बदले रहेंगे मौसम के मिजाज

  • मौसम बदलने से उमस से मिली थोड़ी राहत

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिससे मौसम का मिजाज पल-पल बदल रहा है। मौसम में आए बदलाव के कारण उमस से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन दिन में तेज धूप के कारण लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 5 मई को मंडला का न्यूनतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं एक दिन पहले रविवार को अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस था। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि तापमान में लगातार बदलाव हो रहा है।

जानकारी अनुसार दिन में मौसम साफ रहने के कारण सूर्य की प्रचंड किरणें लोगों को परेशान करती रहीं। तेज धूप के कारण लोगों को घरों और छायादार स्थानों पर आश्रय लेना पड़ा। हालांकि सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट से थोड़ी राहत महसूस हुई। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक मौसम में इसी तरह के उतार-चढ़ाव की संभावना जताई है। पूर्वानुमान के अनुसार तापमान में वृद्धि और गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा। इसके साथ ही बादल छाने और हल्की बारिश होने की भी संभावना भी है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करें और गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय अपनाएं।
मौसम वैज्ञानिक आदित्य बिसेन ने बताया कि तापमान में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रहा है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए अपनी कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को गर्मी और बदलते मौसम के कारण होने वाली बीमारियों से सतर्क रहने की सलाह दी है।

सूखने लगे नदी, तालाब 

तेज गर्मी के चलते नदी, नालों व तालाबों का जलस्तर भी तेजी से कम हो गया है। अप्रैल माह खत्म हो गया है और मई माह का प्रथम पखवाड़ा शुरू हुआ है। सूरज की प्रचण्ड किरणें फिलहाल तीखी नहीं है, लेकिन इसके पहले पड़ी गर्मी के कारण तालाबों में भरा पानी तेजी से सूख रहा है। जिले भर के कई तालाबों का पानी सूख गया है। तालाबों में दरारें स्पष्ट दिखने लगी है। जिला मुख्यालय के नजदीकी जलाशयों, तालाबों का जल स्तर कम होकर सूख गए है।

न्यूनतम तापमान में आंख मिचौली 

विगत दिनों से न्यूनतम तापमान में जमकर उठा पटक देखी जा रही है। न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री कभी बढ़ रहा है तो कभी उछाल मार रहा है। ऐसे में इस बार गर्मी पिछले वर्ष की तुलना में कम तेवर दिखा रही है। विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अधिकतम और न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री का अंतर है। जिसके कारण सूर्य देव की प्रंचड तेज से लोग बचे हुए है। मौसम विभाग ने आगे भी तापमान में वृद्धि दर्ज किए जाने की संभावना जताई है। तेज गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से लू से बचाव करने की एडवाइजरी जारी की है।


कूड़ामैली घाट में भीषण सड़क हादसा, तीन वाहन आपस में टकराए

  • दस घंटे लगा रहा लंबा जाम, क्रेन की मदद से फंसी गाडिय़ों को निकाला

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जबलपुर नेशनल हाईवे 30 मार्ग में कूड़ामैली घाट के पास रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में तीन वाहन आपस में टकरा गए। हादसे के कारण हाईवे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से ठप्प हो गया। समाचार लिखे जाने तक हादसे के कारणों का पता नहीं चल सका है। वहीं टिकरिया पुलिस इस हादसे में फंसे वाहनों को मार्ग से अलग कराने का प्रयास कर रही है। जिसके लिए घटना स्थल पर एक क्रेन बुलाई गई। जिसके बाद हाईवे मार्ग में शाम चार बजे के बाद एक तरफ से आवाजाही शुरू की गइ। जिससे जाम में फंसे लोगों को राहत मिली।

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हाईवे मार्ग में एक वाहन ने अचानक ब्रेक लगा दिया। जिसके कारण पीछे आ रहा वाहन अनियंत्रित हो गया और सामने वाले वाहन से टकरा गया। जिसके बाद उसके पीछे आ रहा वाहन भी इस हादसे का शिकार हो गया। इस घटना में तीन वाहन की जबरदस्त भिंडत हो गई। जिसमें तीनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हालाकि इस हादसे में किसी को कोई नुकसान नही पहुंचा है। तीनों वाहनों के वाहन चालक भी सुरक्षित है।

हाईवे में घटित सड़क दुर्घटना की सूचना टिकरिया पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और यातायात व्यवस्था को सुचारू करने का प्रयास शुरू किया गया। सड़क पर फंसे वाहनों को धीरे-धीरे डायवर्ट किया गया और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का कार्य समाचार लिखे जाने तक जारी रहा। पुलिस द्वारा सड़क हादसे की जांच कर रही है। बताया गया कि सड़क हादसे के कारण नेशनल हाईवे मार्ग में लंबा जाम लग गया। करीब दस घंटे तक हाईवे मार्ग में जाम लगा रहा। जिसके कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

लापरवाही से हुआ हादसा 

बताया गया कि यह हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुरक्षा को सामने लाया है। तेज गति और अचानक ब्रेक लगाने जैसी लापरवाही के कारण अक्सर इस तरह के हादसे होते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान होता है और यातायात भी बाधित होता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग करें जिससे ऐसे हादसों से बचा जा सके।


नारायणगंज सहजनी और ग्राम भावल के बीच दो वाहनों की टक्कर

  • वाहन में सवार चालक बचे बाल-बाल

मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज सहजनी और ग्राम भावल के बीच रविवार दोपहर दो चौपहिया वाहनों की आमने सामने की जबरदस्त टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में दोनों गाडिय़ों के ड्राइवर घायल हो गए, हालांकि इस हादसे में किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई है, वाहन में सवार लोग बाल-बाल बच गए।

जानकारी अनुसार एक चौपहिया वाहन जबलपुर की तरफ से मंडला की ओर जा रहा था, वहीं दूसरा वाहन जबलपुर की और जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों वाहन तेज रफ्तार में थे। जिसके कारण यह भीषण टक्कर हुई और हादसा हो गया। इस हादसे में दोनों वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए है, वही किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। इस हादसे की सूचना टिकरिया पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच कर रही है।



 


पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे पिपरटोला के वंशिदे

  • प्यास बुझाने के लिए जान जोखिम में डाल डेढ़ किलोमीटर से ला रहे पेयजल
  • हालोन नदी के पास रेत में झिरिया बनाकर पीने का निकाल रहे पानी

मंडला महावीर न्यूज 29. गर्मी की तपीश बढऩे के साथ ही पानी की समस्या भी बढऩे लगी है, लेकिन कुछ जगह पर जल संकट इतना गहरा गया है कि लोग बूंद-बूंद पानी को मोहताज है। ग्रामीण क्षेत्रों के कुंए, हैंडपंप हवा उगल रहे है, इनसे पानी नहीं निकल रहा है। अन्य जल स्त्रोतों का भी जल स्तर कम होने की कगार पर है। लोग अपने रोजमर्रा के काम छोड़कर अपनी प्यास बुझाने के लिए जतन कर रहे हैं। गर्मी अपने तीखे तेवर तो दिखा ही रही है, लेकिन जब गर्मी अपने पूरे शबाव पर होगी तब हालत और बदतर होने की संभावना जताई जा रही है।

बिछिया विकासखंड के ग्राम पिपरटोला में इस समय पानी की समस्या है। यहां के कुंए, तालाब, हैंडपंप सूख चुके है। लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करीब डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर है। पिपरटोला के वंशिदे जिस जल स्त्रोत के पास से पेयजल लेकर आते है, उसी स्त्रोत का मवेशी उपयोग करते है। जिससे यह पानी दूषित हो जाता है। वहीं ग्रामीणों को पथरीले और कच्चे रास्ते से होकर पानी लेने जाना पड़ रहा है। इस दौरान ग्रामीण पथरीले मार्ग में चोटिल भी हो जाते है।

जानकारी अनुसार आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले के एक छोटे से गांव पिपरटोला में इन दिनों पेयजल संकट गहरा गया है। करीब एक हजार की आबादी वाले ग्राम के वंशिदों का दैनिक जीवन नारकीय बना गया है। भीषण गर्मी के दस्तक देते ही गांव में पानी की किल्लत बढ़ गई है, जिससे यहां के रहवासियों को अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। गांव में पानी का कोई स्थायी स्रोत नहीं है, जिसके चलते यहां के लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए हर रोज जान जोखिम में डालकर पास की नदी तक करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। विवश ग्रामीण हालोन नदी के किनारें एकत्र रेत में गड्डा और झिरिया बनाकर उससे पीने के पानी का इंतजाम कर रहे है। चिलचिलाती धूप में पुरुष, महिलाएं और बच्चे सभी पानी की तलाश में दिनभर भटकते रहते हैं। यह कमरतोड़ मेहनत उनकी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन गई है, और प्यास बुझाने की इस जद्दोजहद में यही उनके पास एकमात्र विकल्प बचा है।

दूसरे गांव के लोग पिपरटोला में नहीं कर रहे विवाह 

बताया गया कि जल संकट न केवल पिपरटोला के ग्रामीणों के जीवन और मृत्यु का प्रश्न बन गया है, बल्कि इसने गांव के सामाजिक ताने-बाने को भी बुरी तरह से प्रभावित किया है। पानी की कमी के कारण यहां रोजमर्रा की जिंदगी दूभर हो गई है, और इसका सबसे दुखद पहलू यह है कि इस गांव के युवकों के विवाह पर भी गहरा असर डाला है। गांव के आधे से ज्यादा युवा आज भी कुंवारे हैं, क्योंकि दूसरे गांवों के लोग अपनी बेटियों की शादी ऐसे गांव में करने से कतराते हैं, जहां पीने जैसे बुनियादी जरूरत की चीज भी नसीब नहीं होती।

संक्रमण का खतरा 

पिपरटोला के लोगों ने बताया कि कई बार उन्हें पीने के पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है और यहां स्थित नदी का पानी भी दूषित है। इस नदी में आकर गांव के मवेशी अपनी प्यास बुझाते है। जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। बुजुर्ग और छोटे बच्चे इस जल संकट से सबसे ज्यादा परेशान हैं, जिनके लिए दूर तक चलकर पानी लाना और भी मुश्किल हो जाता है। वहीं स्थानीय प्रशासन का कहना है कि ग्रामीणों को नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही गांव में पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो जाएगा और हर घर तक नल से पानी पहुंचाया जाएगा।



 

नालियों में पानी निकासी के नहीं है इंतजाम

  • 181 में शिकायत पर नहीं हो रही सुनवाई
  • बेमौसम बारिश से नारायणगंज में आफत
  • जलभराव से वार्ड बन जाता है तालाब

मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड नारायणगंज की ग्राम पंचायत पडरिया के वार्ड क्रमांक 13 और 14 में विगत कई माह से नालियों की साफ सफाई नहीं की गई है और ना ही इसके निकासी की कोई उचित व्यवस्था है। जिसके कारण नालियों का गंदा पानी थोड़ी सी बारिश में पूरे वार्ड में भर जाता है। स्थिति तालाब जैसे हो जाती है। जिसके कारण वार्डवासियों को पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। इसके कारण संक्रमण का भी खतरा हमेशा बना रहता है। वहीं वार्ड के लोगों ने सीएम हेल्पलाईन में भी इस समस्या को विगत छह माह पहले ही शिकायत दर्ज करा चुके है, लेकिन आज दिनांक तक समस्या का निराकरण नहीं हो सका है। नालियों की साफ सफाई ना होना पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाती है कि आखिर क्यों शिकायत दर्ज होने के बाद भी छह महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। गर्मी के मौसम में बेमौसम बारिश ने पहले ही लोगों को परेशान किया है, और अब जलभराव ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वार्ड के लोगों का जीना और भी दूभर हो जाएगा।

जानकारी अनुसार जिले में विगत कुछ दिनों से मौसम के मिजाज बदले हुए है। जिले में रोजाना कहीं ना कही बारिश हो रही है। जिसके कारण स्थानीय प्रशासन और जनप्रनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े हो रहे है। वार्डो में घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए कोई पुख्ता इंतजाम पंचायत द्वारा नहीं किये गए है। बताया गया कि नारायणगंज के ग्राम पंचायत पडरिया के वार्ड क्रमांक 13 और 14 में नालियों के पानी की निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं है। जिसके कारण वार्डवासी बजबजाती नालियों के बीच रहने मजबूर है। विगत दिवस हुई बेमौसम बारिश ने वार्डवासियों की मुसीबत खड़ी कर दी है। बारिश के कारण नालियां जाम हो गई हैं, जिसके चलते पूरे वार्ड में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। आलम यह है कि घरों के आसपास पानी जमा हो गया है, जिससे वार्ड तालाब जैसा नजर आ रहा है।

181 में भी नहीं हो रहा समाधान 

बताया गया कि वार्ड क्रमांक 13 और 14 के तीन वंशिदों ने इस समस्या को लेकर सीएम हेल्पलाइन नंबर 181 पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जलभराव के कारण उन्हें आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और मच्छरों के पनपने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के छह महीने बीत जाने के बावजूद पंचायत व स्थानीय प्रशासन द्वारा नालियों की सफाई और पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। पर्याप्त जल निकासी प्रणाली न होने के कारण थोड़ी सी बारिश भी पूरे वार्ड को जलमग्न हो जाता है।

थोड़ी सी बारिश में परेशान होते है वार्डवासी 

थोड़ी सी बारिश में जलभराव के कारण वार्ड के लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। घरों के आसपास पानी जमा होने से लोगों को निकलने में दिक्कत हो रही है, वहीं छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान होते है। रास्तों पर पानी भरने से दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। स्थानीय निवासियों ने पंचायत प्रशासन के उदासीन रवैये पर रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से तत्काल नालियों की सफाई कराने और पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है, जिससे उन्हें इस मुसीबत से छुटकारा मिल सके।



पंचायत की लापरवाही, उदासीनता से तालाब का अस्तित्व खतरे में

  • तालाब में लगा कचरे का अंबार, टाटरी पंचायत का मामला
  • ग्रामीणों की मांग-तालाब का गहरीकरण कराकर कराया जाए सौंदर्यीकरण

मंडला महावीर न्यूज 29. एक तरफ जहां भाजपा सरकार जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नदियों और तालाबों को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए प्रयासरत है, वहीं मंडला जिले की टाटरी पंचायत में तालाब की सफाई और गहरीकरण को लेकर सरपंच की उदासीनता चिंता का विषय बनी हुई है। पंचायत की लापरवाही और मनमानी के चलते तालाब अपना अस्तित्व खोता नजर आ रहा है, जिससे स्थानीय लोग परेशान हैं। बताया गया कि तालाब में लंबे समय से कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिसके कारण शाम होते ही पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की सफाई न होने से वे इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। गर्मी के मौसम में यह तालाब मवेशियों के लिए पेयजल का एकमात्र स्रोत था, जो अब प्रदूषित हो चुका है।

ग्रामीणों ने बताया कि तालाब की मेढ़ और किनारे पर दुकानें व मकान बनाकर अतिक्रमण किया जा रहा है, जिस पर सरपंच और सचिव द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसके साथ ही तालाब के ओवरफ्लो की नाली को एक कपड़ा व्यवसायी द्वारा तोड़ दिया गया है, लेकिन पंचायत का इस पर भी ध्यान नहीं है। इसके साथ ही गांव में कूड़ेदान तो बनाए गए हैं, लेकिन पंचायत द्वारा कोई नियम या मापदंड निर्धारित न करने के कारण लोग अपनी सुविधानुसार कहीं भी कचरा फेंक रहे हैं।

चारों तरफ फैला प्लास्टिक का कचरा 

बताया गया कि तालाब, हैंडपंप, खेल मैदान और मंदिर सहित पूरे गांव में प्लास्टिक का कचरा फैला हुआ है, जिससे स्वच्छता कहीं भी दिखाई नहीं देती। गांव में बनी नालियां भी कचड़े से भरी पड़ी हैं और उनकी सफाई नहीं की जा रही है। दुकानों में डस्टबिन अनिवार्य नहीं किए गए हैं, जिससे प्लास्टिक का अंबार लग रहा है। स्कूल के सामने एक ही जगह पर दो-दो कूड़ेदान बना दिए गए हैं। बस स्टैंड के हैंडपंप में अभी तक सोकपिट और कांंक्रीट फाउंडेशन नहीं बनाया गया है, जिससे लोगों को पानी भरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सफाई कराकर कराया जाए सौंदर्यीकरण 

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से तालाब पर पंचायत द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया है। सरपंच और सचिव राशि न होने का हवाला देते हैं, जबकि पंचायत की अपनी आमदनी भी है, जिसमें बाजार ठेका और दुकानों का किराया शामिल है। ग्रामीणों ने जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पर भी गांव के विकास में कोई योगदान न देने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही सरपंच के संरक्षण में ठेकेदारों द्वारा मनरेगा मद से बनाए गए स्टॉप डेम और पुलिया की गुणवत्ता पर भी सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से इसकी जांच कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब की सफाई कराकर उसका गहरीकरण कराया जाए, जिससे यह तालाब अपना अस्तित्व बचा सके। इसके साथ ही इस तालाब का सौंदर्यीकरण भी किया जा सके।



मंगलेश्वर मंदिर घाट निर्माण में अनियमित्ता, गुणवत्ता पर सवाल

  • इस्टीमेट का नहीं हुआ पालन, वार्डवासियों में रोष

मंडला महावीर न्यूज 29. नगरीय निकाय मंडला में निर्माण कार्यों में मनमानी का सिलसिला जारी है। उपनगरीय क्षेत्र महाराजपुर के ज्वालाजी वार्ड स्थित प्राचीन मंगलेश्वर मंदिर नर्मदा नदी तट पर बन रहे घाट निर्माण कार्य में स्वीकृत इस्टीमेट का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही निर्माण कार्य में अनियमित्ताएं बरती जा रही है। जिससे वार्डवासियों और मंदिर समिति के सदस्यों में गहरा रोष व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार मंगलेश्वर मंदिर से नर्मदा तट तक पहुंचने के लिए लगभग 6 लाख 61 हजार रुपये की लागत से घाट का निर्माण किया जा रहा है। स्वीकृत इस्टीमेट में घाट की चौड़ाई 15 फीट निर्धारित है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा इसकी अनदेखी कर केवल 12 फीट चौड़ाई में निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही निर्माण से पहले उखाड़े गए पुराने पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है और 10 एमएम की पतली लोहे की सरिया डाली जा रही है, जिससे घाट की गुणवत्ता संदिग्ध है।

स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाए है कि घाट के निचले हिस्से कछार में लोहे की जाली तक नहीं बनाई गई है, जबकि उखाड़े गए कमजोर पत्थरों और मिट्टी का भराव कर ऊपर से कांक्रीट कर दिया गया है। वार्डवासियों का मानना है कि ठेकेदार द्वारा मनमाने तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा है और यह घटिया निर्माण कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गया है। इसको लेकर वार्ड वासियो व मंदिर समिति के सदस्यो में रोष देखा जा रहा है।

वर्षो इंतजार के बाद स्वीकृत हुआ था घाट 

बताया गया कि इस घाट निर्माण कार्य का भूमिपूजन पीएचई मंत्री संपतिया उइके द्वारा किया गया था, जिसमें नगर पालिका परिषद अध्यक्ष और पार्षद भी मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि मंगलेश्वर मंदिर के पास नर्मदा तट तक पहुंचने के लिए घाट निर्माण की मांग वे करीब डेढ़ दशक से कर रहे थे। लंबे प्रयासों के बाद जब निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ तो लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई थी, लेकिन अब गुणवत्ताहीन निर्माण को देखकर उनमें भारी निराशा और गुस्सा है।

गुणवत्ताविहीन किया जा रहा घाट निर्माण 

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य इसी तरह घटिया स्तर का रहा तो नर्मदा नदी में आने वाली पहली बाढ़ में ही यह घाट बह जाएगा। उन्होंने बताया कि तट किनारे कछार पर कमजोर पत्थरों और मिट्टी का भराव किया गया है, जबकि सरिया के बीम और जाली लगाकर कांक्रीट नहीं किया गया है। मानक स्तर का काम न होने के कारण इस घाट का टिक पाना मुश्किल है। वार्डवासी और मंदिर समिति के सदस्य इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग कर रहे हैं।

इनका कहना है

घाट निर्माण कार्य छह लाख रूपए से अधिक लागत से किया जा रहा है। इस्टीमेट का पालन नहीं हो रहा है या फिर फाडी पत्थर का उपयोग करने की जानकारी नहीं है। इसकी जानकारी ली जाएगी।
प्रवीण ठाकुर, उपयंत्री नपा, मंडला



 


तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने ली बाईक सवार की जान

  • घुघरी के स्टेट बैंक के पास हुआ सड़क हादसा, स्थानीयजनों में आक्रोश

मंडला महावीर न्यूज 29. घुघरी मुख्यालय स्थित स्टेट बैंक के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो वाहन ने एक मोटरसाइकिल सवार को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक की पहचान जयसिंह पिता बखत सिंह कुशराम 27 वर्ष आमाटोला ग्राम तिंदनी मंडला निवासी के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मोटरसाइकिल सवार अपनी मोटरसाइकिल पर सामान्य गति से जा रहा था, इसी दौरान अचानक विपरीत दिशा से आई एक स्कॉर्पियो गाड़ी ने उसे ज़ोरदार टक्कर मार दी। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक मोटरसाइकिल सवार की जान जा चुकी थी। वहीं मोटरसाइकिल भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी और मृतक खून से लथपथ सड़क पर पड़ा था।

घटना की सूचना मिलते ही घुघरी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने यातायात को सुचारू रूप से व्यवस्थित किया और मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी भेजा गया। पुलिस मृतक के परिजनों से संपर्क कर रही है। जिससे मृतक के शव को परिजनों को दिया जा सके।

बताया गया कि इस हृदय विदारक दुर्घटना के बाद घटना स्थल पर चीख-पुकार और मातम का माहौल छा गया। आसपास के लोग और राहगीर इस दर्दनाक दृश्य को देखकर गहरे सदमे में थे। स्थानीय लोगों ने स्कॉर्पियो चालक द्वारा तेज गति से वाहन चलाने को लेकर गहरा आक्रोश है। घुघरी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्कॉर्पियो वाहन को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश कर रही है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर हादसे की जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों के खतरे और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया है।


रिपोर्टर- दुर्गेश प्रजापति घुघरी ✍️



बोलेरो ने बाईक सवार को मारी टक्कर, दो घायल

  • एक गंभीर घायल जबलपुर किया रैफर
  • बीजाडांडी के खापामाल और कुकरी के बीच की घटना

मंडला महावीर न्यूज 29. बीजाडांडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत जमठार के खापामाल और कुकरी गांव के बीच एक बोलेरो वाहन ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बाईक में सवार युवक अजय परते पिता बबलू सिंह परते 26 वर्ष और आशीष मरावी पिता सुखराम मरावी 23 वर्ष अपनी मोटरसाइकिल पर खापामाल से कुकरी गांव की ओर किसी काम से जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनकी मोटरसाइकिल एक बोलेरो वाहन से टकरा गई। जिसमें दोनो युवक घायल हो गए। हादसे में एक युवक अजय परते गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल जबलपुर रैफर कर दिया। इस हादसे की जानकारी बीजाडांडी पुलिस को दी गई।

बताया गया कि इस हादसे में अजय परते गंभीर रूप से घायल हो गया, हादसे में उसके बाएं पैर के पंजे की सभी उंगलियां कट गईं। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया है। दूसरे घायल युवक आशीष मरावी का इलाज बीजाडांडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।

दो दिन बाद है शादी 

बताया गया कि यह दुखद संयोग है कि गंभीर रूप से घायल अजय परते की आगामी 5 मई को शादी होनी है, और उससे ठीक पहले वह इस हादसे का शिकार हो गया। इस घटना से उसके परिवार और गांव में शोक का माहौल है। दुर्घटना की सूचना तत्काल बीजाडांडी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया और मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।



महिष्मति नगरी में शराब विक्रय पर अंकुश नहीं

  • शहर में चल रहे अवैध काउंटर, बायपास के ढाबो में जांच कर की जाए कार्रवाई

मंडला महावीर न्यूज 29. मां नर्मदा के तट पर स्थित महिष्मति नगरी मंडला में शराब विक्रय पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। नगर और उपनगर में पहले जहां चार शराब की दुकानें थीं, वहीं नर्मदा तट पर विक्रय प्रतिबंधित होने के बाद अवैध विक्रेताओं की बाढ़ आ गई है। वर्तमान में सैकड़ों लोग शराब बेचकर अपना रोजगार चला रहे हैं। इस अवैध शराब विक्रय से कई परिवार नशे की गिरफ्त में आकर बर्बाद हो चुके है। आबकारी विभाग द्वारा कार्रवाई की बात तो कही जाती है, लेकिन उनकी कार्रवाई अक्सर छोटे स्तर पर ही दिखाई देती है। बड़े अवैध ठिकाने या भारी मात्रा में शराब की जब्ती कम ही देखने को मिलती है, ज्यादातर देशी शराब के छोटे मामले ही बनते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आबकारी विभाग अपनी औचित्यपूर्ण कार्रवाई करने में विफल रहा है और इसे कहीं और मर्ज कर देना चाहिए। बताया गया कि आज 4 मई से मंडला जिले के रामनगर में आदि उत्सव का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें शासन-प्रशासन के कई जिम्मेदार अधिकारी, मंत्री और मुख्यमंत्री तक मौजूद रहेंगे। रामनगर जो ऐतिहासिक चौगान मढिय़ा और राजा-महाराजाओं के किले के साथ मां नर्मदा का तट क्षेत्र भी है, वहां भी शराब खुलेआम बिक रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि मंडला नगर के 5 किलोमीटर के दायरे में जितने भी शराब के अवैध काउंटर चल रहे हैं, इसके साथ ही बायपास के ढाबों पर शराब परोसने वाले ढाबा संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

इनका कहना है

नर्मदा नगरी में शराब का अवैध कारोबार फल फूल रहा है। आबकारी विभाग की कार्रवाई दिखावटी लगती है। सैकड़ों लोग खुलेआम शराब बेच रहे हैं, जिससे कई परिवार तबाह हो रहे हैं। प्रशासन को नगर और आसपास के अवैध शराब विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।


किशोर रजक, माँ नर्मदा भक्त

नर्मदा तट जैसे पवित्र क्षेत्र में भी शराब का अवैध विक्रय धड़ल्ले से जारी है। आबकारी विभाग को अपनी कार्यशैली में सुधार लाना होगा और बड़े शराब माफियाओं पर शिकंजा कसना होगा। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि क्षेत्र में शराब का अवैध कारोबार पूरी तरह से बंद हो।


राजेश मिश्रा, सामाजिक कार्यकर्ता



युवक-युवती चरित्र निर्माण शिविर में 500 प्रतिभागी लेंगे भाग

  • प्रचार, प्रसार के लिए गांव-गांव निकाली जा रही प्रभातफेरी

मंडला महावीर न्यूज 29. काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल गाजीपुर में युवक युवती चरित्र निर्माण शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर 10 मई से शुरू होगा। इसके लिए प्रचार प्रसार गांव-गांव किया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह प्रभात फेरी जिला मुख्यालय के आसपास के ग्रामों में निकाली जा रही है। जिससे युवक-युवती चरित्र निर्माण शिविर में आसपास क्षेत्र के बच्चे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस शिविर का लाभ ले सके।

बताया गया कि प्रतिदिन इस शिविर के लिए गांव-गांव प्रभातफेरी निकाली जा रही हे। शनिवार को सुबह जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम चटुआमार में प्रभात फेरी निकाली गई। जिसमें गुरुकुल के बच्चे व आचार्य चटूआमार पहुंचे और अभिभावकों को शिविर की जानकारी देते हुए बच्चों को भेजने की अपील की गई। इस प्रभात फेरी में ग्राम के सरपंच, सचिव समेत ग्रामवासी मौजूद रहे। गुरूकुल के आचार्य ने बताया कि इस शिविर का मुख्य लक्ष्य युवा पीढ़ी को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाना है। शिविर में लगभग 500 बालक-बालिकाएं भाग लेंगे।

शिविर के दौरान युवक-युवतियों को योग, आसन, प्राणायाम, ध्यान, कराटे, मलखंब, स्तूप, कलारीपट्टू, अग्नि चक्र और विभिन्न प्रकार के अस्त्र-शस्त्र जैसे भाला, लाठी व तलवार चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें सनातन वैदिक सिद्धांतों का ज्ञान भी प्रदान किया जाएगा, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके।


मां नर्मदा से मिलने आई मां गंगा

  • गंगा सप्तमी में लगाई आस्था की डूबकी, अनुष्ठान में हुए शामिल
  • नर्मदा स्नान के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

मंडला महावीर न्यूज 29. गंगा सप्तमी के अवसर पर धार्मिक नगरी आस्था से सराबोर रही। श्राद्धलुओं ने मां गंगा की पूजा अर्चना की और में मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई। शनिवार को संगम घाट, माहिष्मती घाट, रंगरेज घाट सहित सभी घाटों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। घाटों पर सुबह से ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। जो दोपहर तक जारी रहा। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ ही संध्याकालीन माहिष्मती में होने वाली पंच चौकी महाआरती में भी भाग लिया।

पंडित नीलू महाराज ने बताया कि गंगा अवतरण दिवस पर नर्मदा व गंगा स्नान का बड़ा महत्व है। इस दिन मां नर्मदा स्नान करने से सौ गुना पुण्य फल मिलता है। वैशाख मास शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मां गंगा स्वर्ग लोक से शिवशंकर की जटाओं में पहुंची थी। इसलिए इस दिन को गंगा सप्तमी के रूप में मनाया जाता है। जिस दिन गंगा जी की उत्पति हुई वह दिन गंगा जयंती वैशाख शुक्ल सप्तमी और जिस दिन गंगाजी पृथ्वी पर अवतरित हुई वह दिन गंगा दशहरा ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाता है। इस दिन मां गंगा का पूजन किया जाता है।

इसके साथ ही नर्मदा स्नान का भी काफी महत्व है। इस दिन गंगा जी मां नर्मदा से मिलने आती है। जो व्यक्ति नर्मदा स्नान करता है उसे गंगा जी के स्नान का भी पूण्य मिलता है। गंगा सप्तमी के अवसर पर्व पर मां नर्मदा व गंगा जी में डुबकी लगाने से मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं और मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन नर्मदा स्नान करने से मनुष्य सभी दुखों से मुक्ति पा जाता है।



 


नारायणगंज में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का डंडा, दी गई चेतावनी

  • कार्रवाई में एसडीएम, तहसीलदार और टिकरिया पुलिस बल रहा मौजूद

मंडला महावीर न्यूज 29. मार्ग तक आ गई दुकानें, कभी भी लग जाता है जाम शीर्षक से प्रकाशित खबर पर त्वरित असर देखने को मिला। नारायणगंज मुख्यालय स्थित बस स्टैंड मार्ग से लेकर अस्पताल मार्ग तक फैले अतिक्रमण की समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। नारायणगंज एसडीएम, तहसीलदार और स्थानीय प्रशासन के अमले की मौजूदगी में टिकरिया पुलिस बल के सहयोग से बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान सड़क किनारे दुकान लगाने वाले और अतिक्रमण करने वालों को सख्त हिदायत दी गई कि वे भविष्य में मार्ग पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बताया गया कि प्रशासनिक अधिकारियों ने दुकानदारों को अपनी दुकानों की सीमा के भीतर ही व्यवसाय करने और सड़क पर सामान फैलाने से बचने की चेतावनी दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्य मार्ग को पार्किंग जोन के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की और उम्मीद जताई कि इससे अब उन्हें आवाजाही में सुविधा होगी और जाम की समस्या से निजात मिलेगी। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने आमजन से भी अपील की है कि वे सड़कों को अतिक्रमण मुक्त रखने में सहयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें।

यह कार्रवाई नारायणगंज के आमजनों और राहगीरों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है, जो लंबे समय से अतिक्रमण और जाम की समस्या से जूझ रहे थे। प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस दिशा में नियमित रूप से कार्रवाई जारी रहेगी। अब यह देखना है कि इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोग और दुकानदार कितना अनुशासित रहते हैं और क्या नारायणगंज के मुख्य मार्ग वास्तव में अतिक्रमण मुक्त हो पाता है कि नहीं।



भव्य आयोजन के साथ होगी महादेव की प्राण प्रतिष्ठा

  • नीलू महाराज, साध्वी मीरा माता के सानिध्य में होगा भक्तों का समागम

मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड निवास के ग्राम मझगांव में एक भव्य आयोजन के साथ भोलेनाथ महादेव की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। यह धार्मिक आयोजन पंडित नीलू महाराज वरदान आश्रम अंजनिया वाले के सान्निध्य एवं साध्वी मीरा माता के सानिध्य में किया जाएगा। महादेव भोलेनाथ के शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा का तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू हो गया है। 4 मई को शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। बताया गया कि निवास के ग्राम मझगांव में आयोजित महादेव की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में श्री अष्ट लक्ष्मी महायज्ञ एवं श्री मद भागवत महापुराण आयोजन का संकल्प अमरकंटक कपिल धारा आश्रम की साध्वी मीरा माता द्वारा मझगांव में लिया जाएगा।

बताया गया कि यह दिव्य कार्यक्रम निवास के मझगांव ग्राम में आयोजित तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा एवं महासंकल्प महोत्सव का मुख्य आकर्षण होगा।
पंडित नीलू महाराज ने बताया कि साध्वी मीरा माता ग्राम मझगांव में संकल्प लेने के बाद अमरकंटक में 28 मई से 5 जून तक श्री मीरा माता आश्रम कपिल धारा अमरकंटक में श्री अष्ट लक्ष्मी महायज्ञ एवं श्री मद भागवत महापुराण का आयोजन करेंगी। जिसका वाचन पंडित नीलू महाराज द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही महायज्ञ के यज्र्ञाचार्य भी पंडित नीलू महाराज ही रहेगे। श्री अष्ट लक्ष्मी महायज्ञ एवं श्री मद भागवत महापुराण का सार्वभौमिक संकल्प रवि पुष्य योग एवं सर्वार्थ सिद्धि योग के शुभ संयोग में 4 मई को निवास के ग्राम मझगांव में साध्वी मीरा माता द्वारा संकल्प लिया जाएगा। सिद्ध साध्वी मीरा माता कपिल धारा वाली के भक्तगण इस महत्वपूर्ण अवसर के साक्षी बनने के लिए लगभग 26 विभिन्न स्थानों और 4 राज्यों से ग्राम मझगांव पहुंचेगे। यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का एक अद्भुत संगम होगा।


बालिकाओं को प्रोत्साहित करने का सफल प्रयास

  • नारायणगंज में धूमधाम से मनाया लाड़ली उत्सव कार्यक्रम

मंडला महावीर न्यूज 29. विकासखंड नारायणगंज के जनपद सभा कक्ष में लाडली उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नारायणगंज जनपद सीईओ गौरी शंकर डहेरिया दीप प्रज्वलित कर और माँ सरस्वती की विधिवत पूजा अर्चना कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित बालिकाओं का कन्या पूजन किया गया और उन्हें स्नेह पूर्वक उपहार वितरित किए गए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लाडली प्रमाण पत्रों का वितरण रहा, जिसे सीईओ श्री डहेरिया और अन्य अतिथियों ने बालिकाओं को प्रदान किया।

बताया गया कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली मेधावी छात्राओं को मोमेंटो देकर उनकी उपलब्धियों को सराहा गया। जिसमें वैदेही यादव, छाया झरिया, अनन्या अग्रवाल, राधिका कछवाहा, पूर्वी सोनी, दिशा सिंगरौर, नित्या साहू और सुहाना यादव प्रमुख रहीं। कार्यक्रम में बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए मधुर गीतों की प्रस्तुति दी, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच का सफल संचालन भी बालिकाओं द्वारा ही किया गया, जो उनकी आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।

परियोजना अधिकारी संजीव मोहरे ने बालिकाओं से छात्रवृत्ति के संबंध में विस्तृत चर्चा की और उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं को जाना। उन्होंने बालिकाओं के भविष्य के लक्ष्यों के बारे में भी बातचीत की और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक सुझाव और मार्गदर्शन प्रदान किया। इसके साथ ही कार्यक्रम में लाडली लक्ष्मी योजना की लाभार्थी बालिका आरवी श्रीवास, श्रद्धा तेकाम, यशिका नामदेव, सौम्या सोनी और प्रेरणा अग्रवाल को आश्वासन प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह प्रमाण पत्र उन्हें भविष्य में शिक्षा और विकास के लिए सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता का प्रतीक है। लाडली उत्सव का यह आयोजन बालिकाओं को प्रोत्साहित करने और समाज में उनके महत्व को उजागर करने का एक सफल प्रयास रहा।



सेवानिवृत्त शिक्षकों का एसोसिएशन ने किया सम्मान

  • समाज में योगदान देने वालों को पुन: सम्मानित करने की घोषणा

मंडला महावीर न्यूज 29. ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन की मंडला इकाई ने सहायक आयुक्त कार्यालय में फरवरी और मार्च माह में सेवानिवृत्त हुए 30 शिक्षकों के लिए एक सम्मान समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में सहायक आयुक्त कार्यालय में पदस्थ एओ विष्णु सिंगौर, सहायक जिला पेंशन अधिकारी राहुल कुमार चौरसिया और सेवानिवृत्त सहायक जिला पेंशन अधिकारी यशवंत डिके विशेष रूप से उपस्थित थे। सेवानिवृत्त शिक्षकों ने एसोसिएशन की इस पहल की सराहना करते हुए अपने सेवाकाल के अनुभव साझा किए और आने वाली पीढ़ी को अपने ज्ञान और अनुभव का लाभ देने का आश्वासन दिया। सेवानिवृत्त जिला पेंशन अधिकारी यशवंत डिके और सहायक जिला पेंशन अधिकारी राहुल चौरसिया ने शिक्षकों की पेंशन संबंधी समस्याओं को सुना और उनके समाधान के लिए मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम के संयोजक एवं ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डी के सिंगौर ने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान एसोसिएशन के वेलफेयर कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक सेवा में रहते हुए और सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज को अपना योगदान दे सकते हैं। श्री सिंगौर ने घोषणा की कि जिन सेवानिवृत्त शिक्षकों द्वारा समाज में विशिष्ट योगदान दिया जाएगा, उन्हें भविष्य में होने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान समारोह में विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों से अपने उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी और तस्वीरें एसोसिएशन तक पहुंचाने का आग्रह किया।

एरिया ऑर्गेनाइजर विष्णु सिंगौर ने कहा कि शासकीय सेवा से निवृत्त होने के बाद शिक्षकों को अपने अनुभवों का लाभ समाज उपयोगी कार्यों में देना चाहिए। कार्यक्रम के आयोजन में श्रीमती मानकली मलगाम, दिनेश दुबे और लोक सिंह पदम का विशेष सहयोग रहा। आभार प्रदर्शन श्रीमती सरिता सिंह ने किया और कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती मीना साहू ने किया।


नैनपुर नगर में बेकाबू हो रहे डंपरों की तेज रफ्तार पर लगेगा लगाम

  • घटना के बाद जागा स्थानीय प्रशासन, वाहनों का सघन जांच अभियान शुरू

मंडला महावीर न्यूज 29. तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाकर लोगों की जान जोखिम में डालने वालों पर स्थानीय प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हाल ही में हुई डिठौरी की दुखद घटना में एक डंपर ने घर के आंगन में बैठे एक निर्दोष व्यक्ति को रौंद दिया था। जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया है। इस घटना के डंपर चालक को जेल भेज दिया गया है।

जानकारी अनुसार गुरुवार रात्रि नैनपुर के एसडीएम आशुतोष महादेव ठाकुर और एसडीओपी मनीष राज के नेतृत्व में संयुक्त टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में वाहनों की गहन जांच की। सोशल मीडिया पर ओवरलोडिंग, बिना रॉयल्टी और नशे में वाहन चलाने की खबरों के फैलने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। एसडीएम आशुतोष महादेव ठाकुर और एसडीओपी मनीष राज स्वयं मैदान में उतरे और उन्होंने वाहनों की जांच का नेतृत्व किया। इस दौरान पहली बार गलती करने वाले वाहन चालकों को समझाइश भी दी गई।

थाना प्रभारी बलदेव मुजाल्दा ने बताया कि गुरुवार को 14 चालान किए गए हैं। इसके साथ ही एसडीएम और एसडीओपी के निर्देश पर दो डंपरों को भी थाने में खड़ा कराया गया है, जिन पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। बताया गया कि नगर में बेकाबू हो रहे डंपरों की तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की इस कार्रवाई से आम जनता ने राहत की सांस ली है और प्रशासन को धन्यवाद दिया है। एसडीएम आशुतोष महादेव ठाकुर और एसडीओपी मनीष राज ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी समय, किसी भी सड़क मार्ग पर वाहनों की जांच की जा सकती है। इस पूरी कार्रवाई में तहसीलदार केसी त्यागी, थाना प्रभारी बलदेव मुजाल्दा और राजस्व एवं पुलिस विभाग की टीमें मौजूद रहीं।


बिना अनुमति चल रही थी केमिकल इंडस्ट्रीज सील

  • कृषि विभाग ने गोदाम सील करके विक्रय किया प्रतिबंध

मंडला महावीर न्यूज 29. कृषि विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध रूप से संचालित केमिकल इंडस्ट्रीज पर छापा मारा है जहां अवैध तरीके से कीटनाशक एवं फफूंदनाशक दवाइयां पाई गई। इसके साथ ही अन्य दस्तावेजो की जाँच की गई। जिसमें अनियमितता पाई गई। जिस पर कार्रवाई करते हुए रशियन केमिकल इंडस्ट्री को सील कर दिया गया है। इसके साथ ही विक्रय को पूर्णत प्रतिबंधित कर दिया गया है।

जानकारी अनुसार संयुक्त संचालक कृषि जबलपुर संभाग जबलपुर के आदेश अनुसार गठित दल द्वारा 1 मई को रशियन केमिकल इंडस्ट्रीज उमरिया विकासखंड नैनपुर जिला मंडला का निरीक्षण किया गया। जिसमें पाया गया की गोदाम मे 41 क्विंटल सल्फर 250 लीटर कीटनाशक एवं अन्य 1400 लीटर चिपको एवं अन्य फफूंदनाशक दवाएं रखी हुई थी जिसके बिल, बिल्टी एवं चालान फर्म के पास नहीं पाए गए हैं और रशियन केमिकल इंडस्ट्रीज मुडलाना सोनीपथ, हरियाणा से प्रदेश एवं जिले के अंदर का व्यवसाय करने के लिए (संयुक्त संचालक गुण नियंत्रण) संचालनालय किसान कल्याण तथा कृषि विकास मप्र भोपाल से 2025 के लिए वैद्य अनुमति भी प्राप्त नहीं होना पाया गया।

बताया गया कि कमियां पाए जाने पर कीटनाशी अधिनियम 1968 की धारा 4 ( 1 )एवं 1971 के नियम 10 बी(सी)का उल्लंघन करने पर देवेन्द्र कुमार बारस्कर, इंस्पेक्टर गुण नियंणत्र सह सहायक संचालक कृषि मंडला एवं टीम द्वारा गोदाम सील करके विक्रय प्रतिबंध किया गया है तथा केएस नेताम संयुक्त संचालक कृषि एवं मधु अली, उप संचालक कृषि मंडला को निरीक्षण पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत कर रशियन केमिकल इंडस्ट्रीज उमरिया विकासखंड नैनपुर के संचालक रामधन जाट का उर्वरक लाइसेंस निरस्त कर कड़ी कार्रवाई करने की अनुशंसा की गई हैं।


मंडला चैप्टर ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय मंच पर किया मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व

  • देश भर के सदस्यों ने मंडला की प्रकृति के अनमोल उपहार के लिए खूब सराहा

मंडला महावीर न्यूज 29. इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटेक) की 16वीं कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व मंडला चैप्टर ने किया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में भारत के विभिन्न हिस्सों से 56 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय चैप्टरों की कार्य क्षमता को मजबूत करना, विरासत धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रभावी रणनीतियां विकसित करना, समुदाय आधारित कार्यक्रमों को महत्व देना, प्राकृतिक धरोहरों की रक्षा करना और भारतीय विरासतों के संरक्षण में सक्रिय योगदान देना था। इसके साथ ही स्कूल एवं महाविद्यालय स्तर पर हेरिटेज क्लबों का गठन कर उन्हें सक्रिय बनाने जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञों द्वारा प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ इंटेक के अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर और डायरेक्टर ग्रुप कैप्टन अरविंद शुक्ला द्वारा किया गया। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि यह मंच देश भर के चैप्टरों को अपने कार्यों, चुनौतियों और नवाचारी प्रयासों को साझा करने का अवसर प्रदान करता है। मंडला चैप्टर के कन्वेयर अरुण अग्रवाल ने बताया कि मंडला चैप्टर ने अपने क्षेत्र में विरासत संरक्षण, स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम और प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत जन भागीदारी के माध्यम से किए गए अनेक कार्यों को प्रस्तुत किया।

मंडला चैप्टर के वरिष्ठ सदस्य राजेश क्षत्री एवं आशीष अग्रवाल ने मंडला जिले में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों, जिले की विरासतों के संरक्षण और प्रकृति के संरक्षण में किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी देश भर से आए सदस्यों को दी, जिसे सभी ने सराहा। इस दौरान मंडला जिले के अनेक ऐतिहासिक, नैसर्गिक एवं प्राकृतिक स्थलों के पुनर्निर्माण एवं संरक्षण के लिए भी विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यशाला में जिले के विद्यालयों में गठित हेरिटेज क्लब एवं पर्यावरण क्लब के सक्रिय योगदान को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया। स्कूली शिक्षा के माध्यम से कंप्टीशन, हेरिटेज वॉक, स्थानीय कल्चरल कार्यक्रम, स्थानीय क्राफ्ट, स्थानीय नेचर और मेडिसिन प्लांट जैसे अनेक कार्यक्रमों को विकसित किए जाने पर भी विचार विमर्श किया गया। इसके साथ ही मंडला जिले में स्थित मां नर्मदा की उत्तरवाहिनी पदयात्रा, राष्ट्रीय उद्यान कान्हा, घुघवा फॉसिल पार्क, शंक फॉसिल्स और पालासुनदर गरम कुंड जैसे महत्वपूर्ण स्थलों की जानकारी भी प्रस्तुत की गई, जिसे देश भर के सदस्यों ने प्रकृति के इस अनमोल उपहार के लिए खूब सराहा।


 


जबलपुर की सातवीं कक्षा की छात्रा मंडला में सामूहिक दुष्कर्म का शिकार

  • सोशल मीडिया बना जाल
  • आरोपियों की तालाश कर रही पुलिस

मंडला महावीर न्यूज 29. जबलपुर जिले की एक नाबालिग छात्रा सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती के चलते यौन उत्पीडऩ का शिकार हो गई। पीडि़ता सातवीं कक्षा में पढ़ती है, और स्नेप चैट में राजन नामक एक युवक से दोस्ती हुई। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने उसे मंडला बुलाया, जहां उसने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म किया। गढ़ा थाने में मामला दर्ज होने के बाद, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह मामला गढ़ा थाना क्षेत्र का है। पीडि़ता के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। छात्रा ने अपनी शिकायत में कहा है कि स्नैपचैट पर दोस्ती के बाद आरोपी ने उसे मंडला बुलाया और एक जगह पर रोककर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। बताया गया कि छात्रा बिना किसी को बताए मंडला चली गई थी। मंडला पहुंचने पर आरोपी उसे अपने एक दोस्त के कमरे पर ले गया, जहां दोनों ने मिलकर छात्रा का यौन उत्पीडऩ किया।

पीडि़ता ने बताया कि उसकी दोस्ती मंडला निवासी राजन से सोशल मीडिया ऐप स्नैपचैट के माध्यम से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों करीब आए और उन्होंने मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान किया। इसके बाद, उन्होंने मिलने की योजना बनाई। आरोपी ने छात्रा को मंडला बुलाया, जहां उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस छात्रा द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। फिलहाल, आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे और मामले में आगे की कार्रवाई करेंगे। यह घटना सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने के खतरों को उजागर करती है और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाती है।



मार्ग तक आ गई दुकानें, कभी भी लग जाता है जाम

  • मुख्य मार्ग बन गए पार्किंग जोन, यात्री वाहनों को हो रही परेशानी
  • ओव्हर लोड, तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई नहीं
  • आमजन, राहगीरों की मुसीबत, बस स्टेंड में भी अव्यवस्था

मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज मुख्यालय स्थित बस स्टेंड मार्ग से लेकर अस्पताल मार्ग तक फैले अतिक्रमण का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। जिसके कारण आवाजाही में लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। नारायणगंज क्षेत्र की सड़के वैसे ही सकरी है, उसके ऊपर मार्ग किनारे दुकानों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। जिससे मार्ग और सकरा हो गया है। यदि इस मार्ग से दो यात्री वाहन क्रॉस करना चाहे तो बड़ी मशक्कत के बाद दोनों वाहन क्रॉस हो पाते है। मार्ग किनारे अतिक्रमण के साथ वाहनों का भी जमावाड़ा यहां बना रहता है। जिससे आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ती है। आए दिन जाम की स्थिति नारायणगंज बस क्षेत्र में बनती है। जिससे स्थानीयजन के साथ राहगीर भी आक्रोशित है।

जानकारी अनुसार नारायणगंज बस स्टेंड के आसपास समेत अस्पताल मार्ग, टिकरिया मार्ग, मंडला मार्ग में अतिक्रमण फैलता ही जा रहा है। यहां सड़क पर दुकानें आ गई हैं। इसके साथ ही मार्ग किनारे वाहनों की पार्किंग की जा रही है। जिससे सड़के और सकरी हो गई हैं। यहां आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जिसके कारण अतिक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। नारायणगंज के आमजनों में बेहद नाराजगी व्याप्त है।

जाम से आमजन परेशान 

स्थानीयजनों ने बताया कि नारायणगंज में बस स्टेंड से बस्ती, बस स्टैंड से जनपद पंचायत कार्यालय मार्ग, बस स्टेंड से जबलपुर मार्ग और मंडला मार्ग की सड़कें सकरी हो गई है। दुकानें के सामने आधी सड़क में वाहनों का जमावाड़ा लग रहा है। अतिक्रमण सड़क में फैल जाने के कारण यहां आवागमन में मुश्किलें हो रही है। आलम यह है कि जाम के हालात बन रहे है। कई बार यहां विवाद की स्थिति तक निर्मित होने के साथ हादसे का भी अंदेशा बना रहता है। आए दिन यहां जाम की समस्या के बीच जनता परेशान होना पड़ रहा है। मार्ग पर लगने वाले जाम से हर वर्ग परेशान हो चुका है। लेकिन इससे निपटने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किये जा रहे है। स्थानीयजनों ने बताया कि बुधवार को नारायणगंज में साप्ताहिक बाजार लगता है, इस दिन तो यहां के चारो तरफ के मार्ग में पैर रखने की जगह नहीं मिलती है। जाम के बीच लोगो को अपने गंतव्य तक जाना पड़ता है। यदि चार पहिया वाहन इस जाम में फंस गया तो, ये चौपहिया वाहन भी रेंगते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच पाता है।

बेतरतीब खड़े हो रहे वाहन 

नारायणंज बस स्टैंड में भी वाहन बेतरतीब खड़े हो रहे हैं। जिसके कारण यहां यात्रियों तक को खड़े होने की जगह नहीं होती है। बस स्टेंड आने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। यहां बस स्टेंड भी अतिक्रमण की चपेट में आ चुका है। वाहनों के अलावा अस्थाई अतिक्रमण भी यहां बढ़ गया है। बताया गया कि तहसील मुख्यालय होने के कारण यहां मंडला, जबलपुर, रायपुर नागपुर के लिए यात्री आते है। जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों को बस स्टेंड की अव्यस्था से परेशान होना पड़ता है। इस और प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। बताया गया कि शिकवा, शिकायत के बाद ही औपचारिकता के लिए कार्रवाई की जाती है, जिसके बाद हालात जस के तस बन जाते है। यहां स्थानीय प्रशासन अतिक्रमण को लेकर गंभीर नहीं है। जिसके चलते यहां की जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन के द्वारा जानबूझकर कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से ही अतिक्रमण बढ़ रहे हैं।

ओवरलोड वाहन से खतरा 

नारायणगंज क्षेत्र में वाहनों में जमकर ओवरलोडिंग की जा रही है। इससे हादसे का भी खतरा बना हुआ है। मुख्यालय से ग्रामीण अंचलों के सवारी ऑटो, जीप और वैन का संचालन किया जा रहा है। इनमें क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर ले जाया जा रहा है। प्रतिदिन अपने काम लेकर नारायणगंज आने वाले लोग इन वाहनों में सफर कर रहे हैं। इन वाहनों के लिए निर्धारित स्टैंड भी नहीं बनाए गए हैं। जिसके कारण नारायणगंज बस स्टैंड में अव्यवस्था बनी रहती है। पुलिस द्वारा जांच कार्रवाई करते हुए सख्ती नहीं की जा रही है। जिससे ओवरलोडिंग की वजह से हादसे का खतरा बना हुआ है। नारायणगंज क्षेत्र में पहले भी ओवरलोडिंग के चलते सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी है। ओवरलोडिंग के साथ तेज रफ्तार से नौसिखिए वाहन चालकों द्वारा वाहन चलाया जा रहा है लेकिन परिवहन और पुलिस द्वारा जांच कार्रवाई नहीं की जा रही है।


 


मवई में तेज आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त

  • बिजली गुल, सीएचसी मवई के सामने बिजली खंबे पर गिरा पेड़

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र मवई में गुरुवार को अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी-तूफान के साथ लगभग चार घंटे तक बारिश हुई। इस दौरान ओले भी गिरे, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ।

गुरुवार दोपहर बाद आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगीं। इसके तुरंत बाद जोरदार बारिश शुरू हो गई, जिसके साथ ओले भी गिरने लगे। मूसलाधार बारिश के कारण मवई की सड़कों पर पानी भर गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई निचले इलाकों में पानी जमा होने से लोगों के घरों तक पहुंचना भी कठिन हो गया।

बारिश और तूफान का सबसे ज्यादा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मवई के ठीक सामने एक विशाल पेड़ तेज हवाओं के कारण वहां लगे बिजली के खंभे पर गिर गया। इस घटना से बिजली का खंभा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके चलते पूरे मवई क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
बिजली विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त बिजली के खंभे की मरम्मत का कार्य शुक्रवार तक ही पूरा हो पाएगा। इस कारण मवई के निवासियों को पूरी रात और अगले दिन भी बिजली के बिना ही गुजारना पड़ेगा, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

सरई के पेड़ में गिरी आकाशीय बिजली 

मौसम के इस प्रकोप के बीच मवई के पुराने कटोरा तालाब के पास एक सरई के पेड़ पर आकाशीय बिजली भी गिरी। बिजली पेड़ के मध्य भाग में गिरी, जिससे पेड़ बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इस घटना में किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन पेड़ का क्षतिग्रस्त होना प्रकृति के प्रकोप की भयावहता को दर्शाता है।

तालाब बन गई सड़क 

मवई में हुईजोरदार बारिश के बाद मवई बस स्टैंड के पास नाली जाम हो जाने के कारण वहां तालाब जैसा पानी भर गया है। वार्ड नंबर 06 और 07 का पूरा गंदा पानी सड़क पर आ गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में बीमारियों और मच्छरों के बढऩे की आशंका बढ़ गई है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नाली की सफाई कराने की मांग की है जिससे जलभराव की समस्या से निजात मिल सके और बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।

अंधेरे में मवईवासी 

गुरुवार को मवई में आए इस अप्रत्याशित मौसम के बदलाव ने सामान्य जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बिजली गुल होने से लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है, वहीं जलभराव और ओलावृष्टि से दैनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई है। स्थानीय प्रशासन को उम्मीद है कि मौसम जल्द ही सामान्य होगा और बिजली आपूर्ति को भी जल्द बहाल कर दिया जाएगा।



पिकअप और ऑटो की टक्कर, 10 लोग घायल

  • दो गंभीर घायलों का जिला चिकित्सालय मंडला में चल रहा उपचार

मंडला महावीर न्यूज 29. बम्हनीबंजर थाना क्षेत्र के सिविल लाइन फारेस्ट नाका के पास एक सड़क हादसा हो गया। जिसमें एक पिकअप वाहन और सवारियों से भरे एक ऑटो रिक्शा की आपस में टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो पलट गया और पिंकअप खेत में घुस गया। इस हादसे में 10 लोग घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों ने बम्हनी पुलिस और 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हनी उपचार के लिए भर्ती कराया।

जानकारी के अनुसार ऑटो रिक्शा ग्राम धनपुरी से सवारियां लेकर मंडला की ओर जा रहा था। वहीं पिकअप वाहन सिवनी से अस्थियां लेकर संगम घाट की ओर जा रहा था। इसी दौरान सिविल लाइन फारेस्ट नाका के पास दोनों वाहनों की आपस में भिड़ंत हो गई। इस हादसे में 10 लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को ऑटो से बाहर निकाला। सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हनी बंजर ले जाया गया, जहाँ उनका उपचार शुरू किया गया।

बताया गया कि पिकअप और ऑटो की भिंडत में 10 लोग घायल हुए, जिसमें कोहली मरावी 60 वर्ष निवासी मांगा, यशवंत यादव 35 वर्ष निवासी टाटरी, गहिया उईके 50 वर्ष निवासी मंडला, रहिया 65 वर्ष निवासी खैरलांजी, कृष्णा 44 वर्ष निवासी धनवाही, शशि 40 वर्ष निवासी खिमरहा, सावित्री 55 वर्ष निवासी धनपुरी, हर्षिता 15 वर्ष निवासी टाटरी, मंजू 60 वर्ष, सेवकली उइके 60 वर्ष घायल हुए है। इन घायलों में दो लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए मंडला जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया है। अन्य घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है और घटना की जांच कर दी है।


पेड़ से टकराया बाइक सवार, इलाज के दौरान मौत

  • जारगा, जारगी जंगल के सुभरिया बंजारी घाट के पास हुआ हादसा

मंडला महावीर न्यूज 29. महाराजपुर थाना अंतर्गत जारगा-जारगी जंगल के सुभरिया बंजारी घाट के पास एक बाइक सवार युवक पेड़ से जा टकरा गया। इस हादसे में युवक को सिर व पैर में चोटे आई। सूूचना पर पहुंची डायल 100 की टीम हरिश बिंझिया, पायलट गणेश सिसोदिया ने स्थानीय लोगों की मदद से युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान युवक नें दम तोड़ दिया।

युवक की पहचान जारगा निवासी लालमान परते पिता बाराती लाल उम्र 20 के तौर में हुई है। जानकरी के मुताबिक युवक का हादसे में पैर फेक्चर और सिर में अधिक चोट लगी थी। चिकित्साकों के काफी प्रयास के बाद भी नहीं बचाया जा सका। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में ले लिया। पीएम के बाद शव परिजनो को सौंप दिया गया है।



सीएस वरकड़े ने कृषि विकास के क्षेत्र में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

  • घुघरी कृषि विभाग में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सीएस वरकड़े हुए सेवानिवृत्त, दी भावभीनी विदाई

मंडला महावीर न्यूज 29. कृषि विभाग घुघरी में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सीएस. वरकड़े की सेवानिवृत्ति के अवसर पर विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर कृषि परियोजना संचालक आत्मा जिला मंडला आरडी जाटव उपस्थित रहे। समारोह में कृषि विकास अधिकारी अशोक भलावी ने श्री वरकड़े द्वारा कृषि क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों और उनके अटूट समर्पण की सराहना की। श्री भलावी ने श्री वरकड़े के लंबे और सफल कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए उन्हें उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

विदाई समारोह में कृषि विभाग घुघरी के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी ने मिलकर श्री वरकड़े को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। शासकीय वाहन द्वारा उन्हें सम्मानपूर्वक उनके निवास स्थान तक पहुंचाया गया। इस दौरान सभी ने उनके सेवाकाल के दौरान दिए गए अमूल्य योगदान के लिए आभार व्यक्त किया और उनके स्वस्थ एवं खुशहाल सेवानिवृत्त जीवन की कामना की। अपने सेवाकाल के दौरान सीएस वरकड़े ने कृषि विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे अपने सहकर्मियों के बीच हमेशा एक प्रेरणास्रोत बने रहे। आयोजित इस समारोह में सभी ने उनके साथ बिताए यादगार पलों को साझा किया और उन्हें स्नेहिल विदाई दी।


रिपोर्टर- दुर्गेश प्रजापति घुघरी ✍️


ग्रामीणों को जल के महत्व के लिए किया जागरूक

  • नारायणगंज के चिरईडोंगरी में जल गंगा संवर्धन के लिए दीवार लेखन

मंडला महावीर न्यूज 29. मप्र जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में विकासखंड नारायणगंज के सेक्टर चिरईडोंगरी में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जन जागरूकता गतिविधियां की जा रही हैं। अभियान के तहत ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति चीरी और नवांकुर संस्था मझगांव के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम चीरी में दीवार लेखन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जल संरक्षण और संवर्धन के महत्व के बारे में जागरूक करना और उन्हें इस दिशा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना था। दीवारों पर जल संरक्षण से संबंधित प्रेरक संदेश और चित्र उकेरे गए, जो लोगों का ध्यान आकर्षित कर उन्हें जल के महत्व को समझने और बचाने के लिए प्रेरित करेंगे।

जागरूकता कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक अनिल कुमार मेहरा, परामर्शदाता कृष्ण कुमार झारिया, नवांकुर अध्यक्ष इंद्रा उइके और एमएसडब्ल्यू की छात्रा भुवनेश्वर मरावी सहित ग्रामीणजन शामिल हुए। सभी ने मिलकर दीवार लेखन कार्य में सहयोग किया और ग्राम के लोगों से जल संरक्षण के प्रयासों में एकजुट होने का आह्वान किया। नवांकुर संस्था अध्यक्ष इंद्रा उइके ने युवाओं से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। वहीं एमएसडब्ल्यू छात्रा भुवनेश्वर मरावी ने सामुदायिक स्तर पर जल संरक्षण के महत्व को समझाया। ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति चीरी के सदस्यों ने भी ग्रामीणों को जल संरक्षण के लिए विभिन्न उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

विकास खंड समन्वयक अनिल कुमार मेहरा ने जल गंगा संवर्धन अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल ही जीवन है और इसका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से वर्षा जल संचयन और जल के विवेकपूर्ण उपयोग को अपनाने का आग्रह किया। परामर्शदाता कृष्ण कुमार झारिया ने जल संरक्षण के पारंपरिक तरीकों और आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी दी।

यह दीवार लेखन कार्य जल गंगा संवर्धन अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका लक्ष्य समुदाय के हर वर्ग तक जल संरक्षण का संदेश पहुंचाना और उन्हें इस महत्वपूर्ण कार्य में भागीदार बनाना है। इस तरह की जागरूकता गतिविधियां निश्चित रूप से ग्रामीणों को जल के महत्व को समझने और भविष्य के लिए इसे बचाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने में मदद करेंगी।



 


35 गांव के मुख्यालय में नहीं है एटीएम सुविधा, ग्रामीणों की परेशानी

  • आठ वर्ष से एटीएम के लिए तरस रहे ग्रामीण
  • अतिक्रमण क्षेत्र में आने से अलग किया था एटीएम, क्षेत्र में सिर्फ एक बैंक

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला से जबलपुर नेशनल हाईवे 30 में बसे ग्राम उदयपुर में स्थित एसबीआई बैंक ने कई खाता धारकों को एटीएम कार्ड तो दे दिए, लेकिन एटीएम मशीन नहीं होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां उदयपुर समेत 35 ग्रामों की आबादी लगभग 50 हजार से भी ज्यादा है। जहां करीब 30 हजार बैंक खाताधारक है। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण हजारों किसान, कर्मचारी, दुकानदार व मजदूर निवास करते हैं, लेकिन गांव में बैंक के नाम पर एक मात्र एसबीआई बैंक संचालित है। जिसमें किसानों, श्रमिकों, व्यापारियों, कर्मचारियों, पेंशनधारियों के हजारों खाते हैं। इस बैंक की ओर से गांव में या लगभग 15 से 20 किमी के बीच एटीएम नहीं होने से लोगों को बीजाडांडी या बरेला जाना पड़ता है। जिसके कारण इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने उदयपुर में एटीएम मशीन जल्द लगाने की मांग की है।
जानकारी अनुसार ग्राम उदयपुर करीब 35 ग्रामों का मुख्यालय है। जहां सिर्फ एक ही बैंक एसबीआई ही संचालित है। जिसमें हजारों खाताधारक है। जिन्हें रूपए निकासी के लिए एटीएम की भी सुविधा दी गई है। जिससे इन्हें पैसे निकालने में परेशानी का सामना ना करना पड़े। लेकिन उदयपुर में स्थित एक मात्र एटीएम विगत आठ वर्षो से गायब है। जिसके कारण क्षेत्र के हजारों खाताधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बताया गया कि ग्राम उदयपुर में करीब आठ साल से एटीएम के लिए क्षेत्रवासी तरस रहे है। यहां नेशनल हाईवे 30 निर्माण कार्य शुरू होने के समय अतिक्रमण क्षेत्र हटाए गए थे, जिसमें एसबीआई का एटीएम भी इसी जद में आ गया था। जिसके बाद बैंक प्रबंधन ने इस एटीएम को यहां से अलग कर दिया गया और उसके बाद एटीएम को अन्य स्थान पर नहीं लगाया गया। जिसके कारण क्षेत्रवासियों को बैंक में लाईन लगाना पड़ रहा है। पैसे निकासी के लिए लोगों को अपने कार्य को छोड़कर बैंक या क्षेत्र से दूर 15 से 20 किमी जाना पड़ रहा है।

कियोस्क में लगते है 10 प्रतिशत

ग्रामीणों ने बताया कि उदयपुर क्षेत्र में सिर्फ एसबीआई का एटीएम था, जो विगत आठ वर्ष पहले हाईवे मार्ग निर्माण के समय अलग कर दिया गया था। जिसके बाद एटीएम को नहीं लगाया गया। जिसके कारण क्षेत्रवासियों को अपने रूपए निकालने के लिए कियोस्क या यहां से दूर जाना पड़ता है। कियोस्क संचालक स्वयं के पैसे निकालने के लिए 10 प्रतिशत राशि काटते है। जिससे हमें आर्थिक नुकसान होता है। स्वयं के रूपए निकालने के लिए 10 प्रतिशत राशि अधिक होती है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि उदयपुर में जल्द ही एटीएम लगाया जाए। जिससे ग्रामीणों को इस परेशानी से निजात मिल सके।

इनका कहना है

ग्राम उदयपुर के स्थानीय कारखाने में सैकड़ों लोग कार्य करते है, जिनकी सैलरी बैंक खातें में ही आती है। बैंक में भीड़ होने के कारण एटीएम से सुविधानुसार पैसे निकाल लेते थे, लेकिन विगत आठ वर्ष से यहां एटीएम ही नहीं है। जिसके कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जल्द ही क्षेत्र में एक एटीएम की व्यवस्था होना चाहिए।


सचिन सिंह झिकराम

क्षेत्र में एक मात्र एटीएम गायब हो गया है, विगत आठ वर्षो से क्षेत्र के लोग एटीएम ना होने से काफी परेशान हो रहे है। पैसे निकालने के लिए 15 से 20 किमी दूर जाना पड़ रहा है। हमारा गाडिय़ों का काम है, कब पैसों की जरूरत पड़ जाए, उसके लिए भी हमें परेशानी उठानी पड़ती है। यदि रात्रि में कोई इमरजेंसी है तो 15 किमी दूर जाना पड़ता है।


अब्दुल समद

उदयपुर में सिर्फ एक ही बैंक एसबीआई है, इसी बैंक का एटीएम था, लेकिन विगत आठ वर्षो से यहां एटीएम नहीं है। जिसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंक अधिकारी क्षेत्रीय जन की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे है। जिसके कारण उदयपुर के करी 35 ग्रामों के लोगों को परेशान होना पड़ रहा है, यहां जल्द मशीन लगाई जाए।


इकबाल अहमद

उदयपुर स्थित एसबीआई में करीब 30 हजार खाताधारक है। जिसके कारण एटीएम मशीन ना होने के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है और क्षेत्र में एक मात्र एक ही बैंक एसबीआई का है, जिसके कारण यहां खाताधारकों की भीड़ भी बनी रहती है। पैसे निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। जल्द ही क्षेत्र में एटीएम मशीन लगाई जाए।


पवन पाठक


 


आयुष्मान भारत दिवस पर विशेष

जिले के जरूरतमंदों की बीमारी में अब तक 44 करोड़ रूपए खर्च

  • 43 हजार जरूरतमंदों को मिला आयुष्मान योजना का लाभ
  • उपचार के लिए शासन ने किए 47 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत

मंडला महावीर न्यूज 29. किसी को दीर्घायु होने के लिए दिया जाने वाला आशीर्वाद है आयुष्मान भव:। लंबी जिंदगी का आशीर्वाद देने के लिए आयुष्मान भव बोलने की परंपरा हमारे भारत देश में है। आयुष्मान भव: यानी लंबी उम्र का आशीर्वाद। पांच लाख रुपये तक की नि:शुल्क चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर सरकार ने लोगों की लंबी उम्र की प्रतिबद्धता जाहिर कर आयुष्मान भारत बीमा योजना संचालित की जा रही है। प्रधानमंत्री की जन कल्याणकारी योजना आयुष्मान योजना का लाभ मंडला जिले वासियों को मिल रहा है।

गंभीर बीमारी जिसके उपचार के लिए शायद पैसा जुटा पाना मुश्किल होता और लंबे समय तक बीमारी से पीडि़त रहते। लेकिन एक योजना ने हजारों लोगों को राहत दी। शासकीय राशि से उपचार हुआ और अब लोग बीमारी से मुक्ति पा रहे हैं। वह योजना है आयुष्मान भारत योजना। आज इस योजना को पांच साल साल पूरे हो गए हैं। केन्द्र सरकार की योजना का लाभ जिले के 43 हजार लोगों ने उठाया है। सरकार जरूरतमंदो की बीमारी ठीक करने के लिए जिले में अब तक 47 करोड़ रुपए स्वीकृत कर चुकी हैं। योजना का लाभ दिलाने के लिए जिला से ब्लॉक स्तर तक टीम कार्य कर रही है।

पात्र हितग्राहियों का कार्ड बनाने से लेकर उनको उपचार दिलाने तक का काम किया जा रहा है। इस कार्य में कुछ समाज सेवी भी अपना सहयोग दे रहे हैं। बीमारी में पैसे की कमी ना आये इसके लिए यह योजना शुरू की गई थी। आयुष्मान योजना के तहत जिले में आठ लाख 69 हजार लोग पात्र हैं जिसमें 7 लाख 57 हजार लोगों का कार्ड जारी हो चुका है। अब तक 47 करोड की राशि उपचार के लिए स्वीकृत हुई है, जिसमें से 44 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है। जहां कार्ड जारी करने में जिले की स्थिति 87.09 प्रतिशत है, वहीं वितरित राशि में 92.22 प्रतिशत है।

अब तक बने 7 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड 

जानकारी अनुसार जिले में 8 लाख 69 हजार 368 व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें से अब तक 7 लाख 57 हजार आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। जिले में विगत माह तक सात लाख पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। फिलहाल आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए अब आशा कार्यकर्ता भी प्रशिक्षित हो चुकी है, जिससे पात्र हितग्राही को परेशानी का सामना ना करना पड़े। जिले के प्रत्येक गांव में पात्र लोगों के कार्ड बनाए जा रहे है।

दो युवियोंं ने दिलाया लाभ 

नारायणगंज विकासखंड के ग्राम मझगांव की दो युवती इंद्रा और वंदना ने विगत दो वर्ष पहले 580 लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ दिला चुकी है। पांच लाख रुपए तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर सरकार ने लोगों की लंबी उम्र की प्रतिबद्धता जाहिर कर आयुष्मान भारत योजना संचालित की जा रही है। प्रधानमंत्री की जन कल्याणकारी योजना आयुष्मान योजना का लाभ जिले वासियों को छोटी से बड़ी बीमारी तक मिल भी रहा है। इस योजना को बखूबी लोगों तक पहुंचाने नारायणगंज के ग्राम मझगांव निवासी दो आदिवासी नायिका इंद्रा उइके और वंदना मरावी ने बीड़ा उठाया था। इनके दृढ़ संकल्प ने ही जिले के करीब 500 से अधिक लोगों को आयुष्मान योजना से आयुष्मान भव दिला दिया गया है।

गांव-गांव किया सर्वे, दी समझाई

नवांकुर संस्था मझगांव की अध्यक्ष इंद्रा उइके द्वारा आयुष्मान योजना के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिए गांव-गांव जाकर सर्वे कर पात्र लोगों को समझाया और आयुष्मान योजना के फायदे बताए। इसके साथ ही जिनके आयुष्मान कार्ड नहीं बने, उनके कार्ड बनवाए। इसके साथ बीमार व्यक्तियों को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाया गया। इंद्रा उइके ने बताया कि ग्राम में ऐसे कई पात्र हितग्राही थे, जिनके आयुष्मान कार्ड तो थे, लेकिन इसका लाभ नहीं ले पा रहे थे। ऐसे हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड का लाभ दिलाया गया, जो आज अपने परिवार के साथ स्वस्थ्य है। इन्होंने सभी मरीजों को स्वयं उपचार कराने के लिए अपने साथ लेकर गए और उपचार के बाद वहां से वापस लाकर उनके गंतव्य तक पहुंचाया। आयुष्मान योजना से नारायणगंज क्षेत्र से 358 महिला, 215 पुरुष और 7 बाल्यावस्था और किशोरावस्था के मरीजों को योजना का लाभ दिलाया गया है।

इन बीमारियों पर मिलता है लाभ 

कार्डधारियों को योजना से मिलने वाले लाभ और बीमारियों के ईलाज के बारे में जानकारी दी जा रही है। जिसमें पेट दर्द गैस की तकलीफ, सर्दी जुकाम, खांसी, अस्थमा, दमा, श्वास संबंधी समस्याए, बुखार, कुष्ठरोग, चेचक खसरा, दाद, खाज, खुजली, मधुमेह, चक्कर आना, सिर दर्द, कमर दर्द, पैर हाथ दर्द, मूत्र में जलन, गठियावात, बीपी, मुख में सूजन व छाले, मसूड़ों से रक्त आना, दर्द होना, शरीर में एलर्जी, इंफेक्शन होना, पाइल्स, मिर्गी, झटके आना, इसके साथ ही सर्जरी वाली बीमारी में हार्निया, हाइड्रोसिल, पथरी, पित्त की थैली का ऑपरेशन, एपेंडिक्स, फ्रेक्चर, एक्सीडेंट, ट्यूमर से निजात की सुविधा के साथ स्त्री रोग के संबंधी बीमारी सहित अन्य आयुष्मान योजना के अंतर्गत आने वाली बीमारियों के उपचार का लाभ आयुष्मान कार्ड से मिल रहा है।

इनका कहना है

जिला चिकित्सालय मंडला में बने डायलिसिस सेंटर में 65 मरीज डायलिसिस कराने आते हैं, जिसमें 50 मरीजों का आयुष्मान योजना के तहत डायलिसिस किया जाता है। जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को आयुष्मान योजना से मिलने वाले लाभ के विषय में जानकारी भी दी जाती है। जिससे जरूरतमंद इस योजना का लाभ ले सके।
अमन पटेल, जिला समन्वयक, आयुष्मान भारत योजना, मंडला

विगत तीन वर्ष से जिला चिकित्सालय मंडला में डायलिसिस कराने आ रही हूं, आयुष्मान योजना से हमे बहुत सहारा मिला है। आयुष्मान के माध्यम से जिला अस्पताल मंडला में नि:शुल्क डायलिसिस किया जा रहा है। यह योजना जरूरतमंदों के लिए वरदान है।
संपतिया, ग्राम लाटो, घुघरी



62 वर्ष की आयु पूर्ण कर आशा कार्यकर्ता रामबाई हुई सेवानिवृत्त

  • टाटरी सेक्टर के धनपुरीमाल की आंगनवाडी में थी पदस्थ, 19 वर्ष तक दी अपनी सेवाएं
  • एक लाख रूपए की मिलेगी वृद्धावस्था सहायता राशि
  • विगत वर्ष बिछिया और मंडला ब्लॉक की एक-एक आशा कार्यकर्ता हुई थीं सेवानिवृत्त 

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बहुल जिले मंडला के विकासखंड नैनपुर के तिलई सेक्टर टाटरी के ग्राम धनपुरी माल में कार्यरत आशा कार्यकर्ता रामबाई मर्सकोले 30 अप्रैल को अपनी 19 वर्षों की समर्पित सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गईं। उन्होंने 10 अक्टूबर 2006 को इस पद पर कार्यभार ग्रहण किया था और तब से लगातार पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। रामबाई मर्सकोले मंडला जिले की तीसरी ऐसी आशा कार्यकर्ता हैं जिन्होंने 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद इस पद से सेवानिवृत्ति प्राप्त की है। इससे पहले विगत वर्ष बिछिया और मंडला ब्लॉक की एक-एक आशा कार्यकर्ता अपनी 62 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त हुई थीं। बताया गया कि सेवानिवृत्त पर आशा कार्यकर्ताओं को राज्य सरकार द्वारा 80 हजार और एनएचएम द्वारा 20 हजार रूपए की वृद्धावस्था सहायत राशि दी जाती है।

जानकारी अनुसार आशा कार्यकर्ता के रूप में रामबाई ने गांव की स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने टीकाकरण कार्यक्रमों, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य जांच और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने में सक्रिय योगदान दिया। उनकी लगन और समर्पण के कारण ग्राम धनपुरी माल में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार हुआ।

सेवानिवृत्ति के अवसर पर गांव के लोगों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने रामबाई मर्सकोले के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की और उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। उनकी सेवाओं को याद करते हुए ग्रामीणों ने बताया कि रामबाई हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए तत्पर रहती थीं और उन्होंने अपने कार्य को केवल एक जिम्मेदारी के तौर पर नहीं, बल्कि सेवा भाव से किया। रामबाई मर्सकोले के सेवानिवृत्त होने पर सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। उनकी सेवाओं के सम्मान स्वरूप उचित सहायता राशि से सम्मानित किया जाएगा। इनकी सेवानिवृत्ति से स्वास्थ्य विभाग में एक अनुभवी और समर्पित कार्यकर्ता की कमी महसूस होगी, लेकिन उनकी प्रेरणा और कार्यशैली हमेशा अन्य आशा कार्यकर्ताओं के लिए अनुकरणीय रहेगी। रामबाई का 19 वर्षों का सेवाकाल ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति उनके अटूट समर्पण का प्रतीक है।

आयोजित विदाई समारोह में डीसीएम हिमांशु सिंगौर, आशा प्रशिक्षण समन्वयक तरसेन सिंह, जिला समन्वयक राजबल्लभ ठाकुर, सेक्टर सुपरवाईजर डीपी सिंगौर, सीएचओ रेशमा कार्तिकेय, एएनएम रिचा राजपूत, एमपीडब्ल्यू राजेन्द्र ठाकुर, एएनएम अन्नपूर्णा सिंगरहा, अंजूलता परस्ते, सरोज परस्ते, आशा पर्यवेक्षक जेडी लागोटिया, सुनीता बंसकार समेत सेक्टर टाटरी की समस्त आशा कार्यकर्ता और कर्मचारी मौजूद रहे।



तेज रफ्तार डम्फर ने युवक को कुचला, चालक नशे में था धुत

मंडला महावीर न्यूज 29. ग्राम पंचायत पाठा सिहोरा में एक दर्दनाक हादसे में विनोद देसाई पिता रघु देसाई 42 वर्ष की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विनोद अपने घर के सामने बैठकर ढोलक बना रहे थे, इसी दौरान मंडला की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार दस चक्का डम्फर क्रमांक एमपी 51 एच ए 0102 ने अनियंत्रित होकर उनके घर के आंगन में घुस गया और डम्फर ने विनोद को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इसके बाद डम्फर घर की दीवार तोड़ते हुए एक पेड़ से जा टकराया। स्थानीय लोगों ने बताया कि डम्फर का चालक शराब के नशे में धुत था, जिसके कारण यह घटना घटी।

बताया गया कि यह डम्फर आरसी जैन मंडला का है और पिछले कई दिनों से खुर्सीपार गिट्टी क्रेशर से मटेरियल लाने-ले जाने का काम कर रहा था। घटना की सूचना तत्काल नैनपुर पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। चालक के नशे में होने के आरोप की भी जांच की जा रही है। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग तेज रफ्तार वाहनों और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


दामाद ने ससुर की हत्या की, पुलिस ने 48 घंटे में किया गिरफ्तार

  • घुघरी के ग्राम पीपरदोन नेझर की घटना, आरोपी को भेजा जेल

मंडला महावीर न्यूज 29. घुघरी थाना क्षेत्र के पीपरदोन नेझर के खेरमाई मोहल्ले में विगत रात्रि लगभग 10 बजे एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसमें एक दामाद ने अपने ही ससुर की जान ले ली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।

घुघरी थाना प्रभारी पूजा बघेल ने बताया कि आरोपी दामाद सरमन पिता धरम सिंह 31 वर्षीय ने अपने ससुर मोहन सिंह धूमकेती से धान बेचने के बदले कुछ पैसे मांगे थे। बताया गया कि सरमन ने बेचे गए धान की आधी रकम की मांग की थी, जिस पर मोहन सिंह ने आनाकानी की। इसी बात को लेकर दोनों के बीच मकान की छत पर विवाद हो गया। आक्रोशित सरमन ने ईंट और बबूल की लकड़ी से मोहन सिंह पर हमला कर दिया। मारपीट के बाद आरोपी ने अपने ससुर को छत से नीचे धकेल दिया, जिससे उनकी घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई।

घटना की सूचना तत्काल डायल 100 को दी गई। सूचना मिलते ही तत्काल घुघरी पुलिस मौके पर पहुंची और घायल मोहन सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घुघरी ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी पूजा बघेल के नेतृत्व में पुलिस ने तत्काल आरोपी की तलाश शुरू कर दी। जिसके लिए एक टीम गठित की गई। जिसमें उपनिरीक्षक मनोज गौतम, उपनिरीक्षक रामकिशोर माथरे, प्रधान आरक्षक राम सिंह परते, आरक्षक दीपक मसराम, सुंदरलाल ऊइके, आरक्षक शिव परस्ते और महिला आरक्षक जय श्री उईके, टीकाराम परस्ते ने लगातार प्रयास करते हुए 48 घंटे के अंदर घेराबंदी कर आरोपी सरमन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी सरमन के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से आरोपी सरमन को जेल भेज दिया गया।



266 जोड़ों ने थामा एक-दूसरे का हाथ, परिणय सूत्र में बंधे

  • बैंड, बाजे और आतिशबाजी के साथ निकाली बारात
  • जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने की बारात की आगवानी
  • बीजाडांडी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह एवं निकाह सम्मेलन संपन्न

मंडला महावीर न्यूज 29. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह एवं निकाह सम्मेलन का आयोजन न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा साबित हुआ, बल्कि इसने सामाजिक समरसता और एकता का भी संदेश दिया। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम की महत्ता को और बढ़ाया है। नवविवाहित जोड़ों ने एक नए जीवन की शुरुआत करते हुए खुशी और उत्साह का अनुभव किया। यह सामूहिक विवाह निश्चित रूप से क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और सामुदायिक भावना को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा।

जानकारी अनुसार जनपद पंचायत बीजाडांडी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह एवं निकाह सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में करीब 266 जोड़ों ने एक साथ दाम्पत्य जीवन की शुरुआत की। वैवाहिक कार्यक्रम की शुरुआत हाई स्कूल बीजाडांडी से एक विशाल बारात के साथ हुई, जिसमें 266 दूल्हे सजे-धजे वाहनों पर सवार होकर निकले। बारात में शामिल बारातियों ने बैंड बाजों की मधुर धुनों पर जमकर नृत्य किया, जिससे वातावरण उत्सवी और आनंदमय हो गया। बारात में दूल्हों के परिजन, जनपद सदस्य, सरपंच और क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

बारात का स्वागत बीजाडांडी जनपद कार्यालय मुख्य द्वार पर किया गया, जहाँ जनपद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी बासंती दुबे, महिला एवं बाल विकास अधिकारी मनीषा तिवारी और आजीविका मिशन के साहेब लाल सूर्यवंशी ने नवयुगलों का अभिनंदन किया। विवाह की रस्में पारंपरिक गोड़ी रीति-रिवाजों और हिंदू धर्म के अनुसार विधिवत रूप से संपन्न कराई गईं। इस सर्वधर्म सद्भाव के प्रतीक कार्यक्रम में सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, मंडला के पूर्व विधायक देव सिंह सैयाम, निवास विधायक चैन सिंह वरकडे, निवास एसडीएम, जिला सदस्य पुष्पा मरकाम, जनपद अध्यक्ष करिश्मा पुट्टा, राजेन्द्र पुट्टा, जनपद उपाध्यक्ष विजेन्द्र यादव, सरपंच संघ के अध्यक्ष बलदेव परते, पुस्वा उद्दे, सचिन झिकराम, मदन वरकडे, रवि नर्रेति, संदीप नामदेव, जाकिर हुसैन और मानिकसरा सरपंच अम्बिका सहित अनेक प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त बीजाडांडी सरपंच डुमारी लाल, धुँधुवा सरपंच सेमु मरकाम, जनपद सदस्य मुकेश धूर्बे, लामु सिंह, समई लाल, ईशा रानी झिकराम, बबीता कुलस्ते, ज्ञानवती वरकडे, सुखवती वरकडे, सोनम नामदेव, विकास यादव, कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष अजमेर सिंह गौठरिया, रफीक मंसूरी, अलका कुम्हरे, अमिक गौठरिया, अजीत श्रीवास्तव, राहुल सिसोदिया और जनपद बीजाडांडी के सभी कर्मचारी एवं अधिकारी, 42 पंचायतों के सरपंच, सचिव और विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी इस वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में बीजाडांडी पुलिस ने भी अपना विशेष सहयोग प्रदान किया, जिससे शांति व्यवस्था बनी रही।



 


युवाओं को शारीरिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने शस्त्र और शास्त्र की शिक्षा

  • काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल में 10 से 16 मई तक आयोजित होगा युवक-युवती चरित्र निर्माण शिविर
  • प्रभात फेरी निकालकर गांव-गांव कर रहे जागरूक

मंडला महावीर न्यूज 29. बालक-बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र की शिक्षा अनिवार्य रूप से देनी चाहिए। इसी उद्देश्य से जिले में काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल जिला मुख्यालय से करीब 10 किमी दूर ग्राम गाजीपुर के जिलहरी घाट में संचालित है। गुरूकुल के संचालक आचार्य भीमदेव नैष्ठिक ने बताया कि विद्यालय में पढ़ाई के अतिरिक्त बालिकाओं में सनातन संस्कृति के संस्कार और अपनी आत्म सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित होना भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से काशी विश्वनाथ वैदिक गुरूकुल में वार्षिकोत्सव के अवसर पर 10 से 16 मई तक एक विशेष युवक-युवती चरित्र निर्माण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सनातन संस्कृति के मूल्यों से परिचित कराना और उन्हें शारीरिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाना है।

आचार्य भीमदेव नैष्ठिक ने बताया कि शिविर में प्रतिभागियों को योग, प्राणायाम, ध्यान, कराते के साथ रस्सी मलखंब, स्तूप, अग्निकर्म और विभिन्न प्रकार के अस्त्र-शस्त्र जैसे लाठी, भाला, तलवार चलाना आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें सनातन वैदिक सिद्धांतों का ज्ञान भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपने जीवन को सार्थक दिशा दे सकें। गुरुकुल का मानना है कि वर्तमान समय में बालक-बालिकाओं को आत्मरक्षा और सांस्कृतिक ज्ञान दोनों ही आवश्यक हैं। आयोजित युवक-युवती चरित्र निर्माण शिविर में बौद्धिक सत्र के लिए प्रशिक्षिका कन्या गुरूकुल यमुनानगर हरियाणा से आचार्या आर्याशा दर्शनाचार्या और व्यायाम प्रशिक्षिका आचार्या सुरभि राजस्थान, आचार्या प्रतिमा उड़ीसा, आचार्या विमल राजस्थान द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।

गुरूकुल के ये है नियम 

आचार्य भीमदेव नैष्ठिक ने बताया कि काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल में आयोजित होने वाले युवक-युवती चरित्र निर्माण शिविर में भाग लेने के लिए कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं। जिसमें शिविरार्थियों के भोजन और आवास की व्यवस्था गुरुकुल द्वारा की जाएगी। शिविर में 10 वर्ष से अधिक आयु के युवा भाग ले सकते हैं और इसके लिए 200 रूपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। प्रतिभागियों को अपने साथ थाली, कटोरी, लोटा, आसन, पेन-कॉपी, टॉर्च, लाठी, थाली, गिलास, चम्मच और गणवेश के लिए सफेद सलवार-सूट या सफेद कुर्ता-पाजामा व सफेद जूते-जुराब लाना आवश्यक है। गुरुकुल ने प्रतिभागियों से कीमती सामान साथ न लाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही 9 मई को शाम 4 बजे तक शिविर स्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया है।

15 मई को निकाली जाएगी भव्य शोभायात्रा 

युवक-युवती चरित्र निर्माण शिविर के लिए रूपरेखा बना ली गई है। जिसके अंतर्गत 15 मई को दोपहर 3.30 बजे मंडला शहर में एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शिविर का समापन 16 मई को किया जाएगा। जिसमें सुबह 8 से 11 बजे तक कुंडीय सर्व कल्याण महायज्ञ किया जाएगा। इसके साथ ही वीरांगनाओं द्वारा शस्त्र कलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजित कार्यक्रम में साधु-संतों व राजनेताओं का उद्बोधन भी किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

प्रभात फेरी निकालकर कर रहे जागरूक 

काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल में वार्षिकोत्सव के अवसर पर युवक-युवती चरित्र निर्माण शिविर का आयोजन किया जाएगा। जहां बालक-बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा प्रदान की जाएगी। जिसके लिए गुरुकुल के ब्रह्मचारीगण प्रभात फेरी निकालकर गांव-गांव में इस शिविर का प्रचार कर रहे हैं। गुरुकुल ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को इस महत्वपूर्ण शिविर में अवश्य भेजें, जिससे वे शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनें और अपनी संस्कृति से जुड़ें रहें।



 


ब्राम्हण बालकों का हुआ यज्ञोपवीत संस्कार

  • दो दिवसीय भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव का समापन

मंडला महावीर न्यूज 29. दो दिवसीय भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव के अवसर पर बुधवार को सिंहवाहिनी वार्ड के नावघाट स्थित भगवान परशुराम मंदिर के पास मैदान में बाम्हण बालकों का यज्ञोपवीत संस्कार किया गया। जिसमें करीब दो दर्जन ब्राम्हण बालकों को जज्ञोपवीत संस्कार कराया गया है। वैदिक विधि-विधान से यज्ञोपवीत संस्कार के बाद शोभायात्रा निकाली गई।

माहिष्मती सर्व ब्राह्मण सभा मंडला के अध्यक्ष पं. आकाश दीक्षित, सचिव पं.अशोक दुबे कुररिया उपाध्यक्ष पं.प्रशांत बाजपेयी कोषाध्यक्ष पं.ऋषि तिवारी, भगवान परशुराम मंदिर के पुजारी पं.संतोष शुक्ला ने बताया कि भगवान परशुराम प्रकटोत्सव के अवसर दो दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें मंगलवार को जहां उपनगर महाराजपुर से मंडला के सिंहवाहिनी वार्ड के भगवान परशुराम मंदिर तक भव्य वाहन रैली निकाली गई वहीं बुधवार को अक्षय तृतीया के दिन ब्राम्हण बालकों का यज्ञोपवीत संस्कार किया गया है।

मंडला सहित अन्य जिलों से भी यज्ञोपवीत के लिए ब्राम्हण बटुकों को लेकर उनके परिजन पहुंचे थे जिनके लिए आयोजकों द्वारा चाय, नाश्ता, भोजन आदि की भी व्यवस्था की गई थी। बताया गया कि जीवन में होने वाले जरूरी 16 संस्कारों में यज्ञोपवीत संस्कार 10 वां संस्कार है, बताया गया कि यज्ञोपवीत धारण करने के बाद ब्राम्हण बटुकों को जनेऊ धारण करने का आध्यात्मिक महत्व भी समझाया गया है जिसमें बताया गया कि तीन धागे वाले जनेऊ धारण करने वाले व्यक्ति को आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है। जनेऊ के तीन धागे को देवऋण, पितृऋण और ऋषि ऋण का प्रतीक माना जाता है। इसे सत्व, रज और तम और तीन आश्रमों का भी प्रतीक माना जाता है।

विवाहित व्यक्ति के लिए छह धागों वाला जनेऊ होता है। इन छह धागों में से तीन धागे स्वयं के और तीन धागे पत्नी के लिए माने जाते हैं। हिंदू धर्म में किसी भी धार्मिक या मांगलिक कार्य आदि करने के पूर्व जनेऊ धारण करना जरूरी है। बगैर जनेऊ के किसी भी हिंदू व्यक्ति का विवाह संस्कार नहीं होता है। यज्ञोपवीत संस्कार पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ कराया गया। करीब दो दर्जन ब्राम्हण बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया है इनमें मंडला जिले के साथ आसपास के जिलों से भी ब्राम्हण बटुक, उनके परिजनों के साथ, बड़ी संख्या में ब्राम्हण समाज के लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा भी पहुंचे थे। कार्यक्रम के समापन पर सभी ब्राम्हण बटुकों को भगवान परशुराम का स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया गया।


 


भगवान परशुराम प्रकटोत्सव पर निकाली भव्य वाहन रैली

  • आज होगा यज्ञोपवीत संस्कार
  • भव्य वाहन रैली में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
  • जगह-जगह हुआ स्वागत

मंडला महावीर न्यूज 29. भगवान परशुराम प्रकटोत्सव के अवसर दो दिवसीय आयोजन किए जा रहे हैं आयोजन की शुरूआत मंगलवार को भव्य वाहन रैली के साथ हुई। आज दूसरे दिन सिंहवाहिनी वार्ड के नाव घाट स्थित भगवान परशुराम मंदिर परिसर में ब्राम्हण बालकों का यज्ञोपवीत संस्कार किया जाएगा। इस अवसर पर नगर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।

मंगलवार की सुबह 10 बजे उपनगर महाराजपुर के बजरंग चौक से भव्य वाहन रैली निकाली गई। रैली नगर भ्रमण करते हुए परशुराम मंदिर, नावघाट सिंहवाहिनी परिसर में सम्पन्न हुई। रैली में ब्राम्हण समाज के महिला मंडल, युवा वर्ग, समाजसेवी और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पारंपरिक परिधान में और उत्साह के साथ भाग लिया।

सजीव झांकियां रही आकर्षक का केन्द्र 

वाहन रैली में सजीव झांकियों को शामिल किया गया था। जिसमें भगवान परशुराम, भगवान शंकर-पार्वती, आदि की सजीव झांकियां आकर्षण का केन्द्र रही। बताया गया कि आयोजन का उद्देश्य भगवान परशुराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना, युवाओं में धार्मिक चेतना का संचार करना और समाज में एकता व समरसता को बढ़ावा देना रहा है। श्रद्धालुओं के लिए रैली के पूर्व एवं बाद में स्वल्पाहार की व्यवस्था भी की गई थी, जिसमें नगर एवं आस-पास से आए लोगों ने सहभागिता कर पुण्य अर्जित किया।

आज होगा यज्ञोपवीत संस्कार 

आज अक्षय तृतीया के अवसर पर भगवान परशुराम प्रकटोत्सव मनाया जाएगा। जिसमें आज भगवान परशुराम का विशेष पूजन, प्रसादी वितरण किया जाएगा। वहीं आज बुधवार को प्रात: 9 बजे से ब्राम्हण बटुकों का वैदिक विधि-विधान से यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कार सम्पन्न होगा। ब्राम्हणाचार्यों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ संस्कार सम्पन्न कराया जाएगा। संस्कार उपरांत नगर में वटुकों की शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो धर्म और संस्कृति के संदेश का प्रचार करेगी। इसके बाद नावघाट स्थित भगवान परशुराम मंदिर में देवदर्शन, पूजन और सांध्य आरती का आयोजन किया जाएगा। आयोजन के समापन पर श्रद्धालु भगवान परशुराम जी के चरणों में आस्था व्यक्त कर धार्मिक पुण्य अर्जित करेंगे।



शिक्षिका के सूने घर में दिन दहाड़े चोरी, नगदी व जेवर ले गए चोर

  • निवास से शहपुरा मार्ग के बीच ग्राम मानिकपुर की घटना

मंडला महावीर न्यूज 29. निवास थाना क्षेत्र अंतर्गत निवास से शहपुरा मार्ग के बीच स्थिति ग्राम मानिकपुर पर शासकीय शिक्षिका के सूने मकान पर नगदी सहित कीमती जेवर अज्ञात चोरों ने दिन दहाड़े पार कर दिए। जिसकी शिकायत पुलिस से की गई है। जानकारी के अनुसार मंगलवार की दोपहर लगभग 12 बजे हाई स्कूल बिसौरा में पदस्थ शिक्षिका मिथलेश दुबे जब स्कूल से वापस अपने घर पहुंची तो सामने गेट का ताला टूटा देखा। अंदर दरवाजे का भी ताला टूटा देखा। इसके बाद शिक्षिका अंदर गई तो देखा कि आलमारी का लॉक टूटा है और कपड़े बिखरे हुए है तो वह दंग रह गई।

आलमारी के अंदर रखे कीमती जेवर और नगद 20 हजार रुपए गायब कर दिए गए। घटना की जानकारी उन्होंने परिजनों और निवास पुलिस को भी दी। जानकारी मिलते ही निवास थाना स्टाफ मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की है। पीडि़ता के अनुसार अलमारी में रखे लगभग चार तोला सोना, ढाई सौ ग्राम चांदी और 20 हजार नगदी चारों ने पार कर दिए। शिक्षिका मिथलेश दुबे ने बताया कि मैं हाई स्कूल बिसौरा पर शिक्षिका के पद पर पदस्थ हूं सुबह स्कूल चले गई थी। पति परस राम दुबे अपने इलाज के लिए जबलपुर गए हुए हैं तभी अज्ञात चोरों ने सूने घर का फायदा उठाकर घटना को अंजाम दिया।


रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे


विवाह समारोह में उमड़ा भक्तों का सैलाब, दूर-दराज से पहुंचे बाराती

  • हिरदेनगर माँ नर्मदा मंदिर में संपन्न हुआ कृष्णा और विधि का विवाह समारोह

मंडला महावीर न्यूज 29. हिरदेनगर माँ नर्मदा मंदिर में आचार्य संतोष जी महाराज के सानिध्य में आयोजित विवाह समारोह में भक्तों का अभूतपूर्व जमावड़ा देखने को मिला। यह विवाह कृष्णा (अनिलेश) और विधि (हर्षिता) के परिणय सूत्र में बंधने का साक्षी बना। जिसमें नागपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, चांदामेटा, परासिया, बालाघाट, बैहर, मोहगांव, मालाजखंड, चावी, मेहदवानी, डिडौरी, भोपाल, मेरठ, दिल्ली, हरियाणा, मंडला, सिवनी, छपारा, लखनादौन, नैनपुर, इंदौर और कटनी सहित दूर-दराज के स्थानों से लगभग एक हजार बाराती शामिल हुए।

यह विवाह समारोह विभिन्न कार्यक्रमों से भरा रहा, जिसकी शुरुआत 23 अप्रैल को मंडला हिरदेनगर के माँ नर्मदा मंदिर में मंडप स्थापना और हल्दी रस्म के साथ हुई। 24 अप्रैल को गाडरवारा में मेहंदी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके बाद 25 अप्रैल को बारात प्रस्थान हुई। मुख्य विवाह समारोह 26 अप्रैल को हिरदेनगर माँ नर्मदा मंदिर में संपन्न हुआ। इसके अतिरिक्त आशीर्वाद समारोह और प्रीतिभोज का आयोजन 27 अप्रैल को हिरदेनगर के माँ नर्मदा मंदिर में किया गया।

विवाह के इस शुभ अवसर श्री अकाली लाल-श्रीमती रुकमणी देवी डेहरिया (दादा-दादी), श्री आनंद डेहरिया (दादा), संतोष-श्रीमति विनीता देवी डेहरिया (पापा-मम्मी), श्री रेखराम-श्रीमति रमनिया बाई (नाना-नानी), अनिमेष डेहरिया (भाई) की प्रेरणा से संपन्न हुआ।

विवाह समारोह में दूर-दूर से आए भक्तों ने इस आयोजन की महत्ता को दर्शाया। विभिन्न स्थानों से आए बारातियों ने नवविवाहित जोड़े को अपनी शुभकामनाएं दीं और इस शुभ अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह विवाह न केवल दो परिवारों का मिलन था, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों के भक्तों का एक स्नेहपूर्ण समागम भी रहा।



छात्रावास अधीक्षक का बना जॉब कार्ड, मृत होने के बाद भी कार्ड जिंदा है

  • गॉव के बाहर रहकर पढ़ रही छात्रा के नाम पर भी लगी हाजरी
  • मनरेगा में बड़ा घोटाला उजागर, मृत और अनुपस्थित लोगों के नाम पर निकाली राशि

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के नारायणगंज जनपद पंचायत के घोंटखेड़ा में मनरेगा में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। पोषक ग्राम चाटी के रोजगार सहायक सुरेश कुमार कुशराम पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी जॉब कार्ड और हाजरी भरकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया है। चाटी निवासी रामप्रसाद आर्मो ने 43 पृष्ठों के दस्तावेजों के साथ जिला कलेक्टर से रोजगार सहायक सुरेश कुमार कुशराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रोजगार सहायक ने अपने दूर रहने वाले रिश्तेदारों, नाबालिग बच्चों, मृत व्यक्तियों और यहां तक कि अपनी शासकीय शिक्षिका पत्नी के नाम पर भी फर्जी हाजरी भरकर राशि निकाली है।

शिकायत में बताया गया है कि रोजगार सहायक सुरेश कुमार कुशराम ने स्वयं का नाम बदलकर सूरज के नाम पर जॉब कार्ड बनाया और अपनी पत्नी नीलू जो शिक्षिका है का नाम बदलकर नीलम के नाम से फर्जी हाजरी भरी। इसके अलावा 9 वर्षीय पुत्री समृद्धि और 13 वर्षीय भतीजी साक्षी के नाम पर भी राशि निकाली गई। बुजुर्ग नाना, नानी जो वृद्धा पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, उनके नाम पर भी फर्जी हाजरी भरी गई।

चौंकाने वाली बात यह है कि ग्राम मधुपुरी मंडला तहसील निवासी स्व. महासिंह मरावी पिता स्व. परम मरावी ग्राम चाटी में शासकीय आदिवासी बालक छात्रावास में अधीक्षक थे, जिनके नाम पर भी जॉब कार्ड बनाया गया और उनकी मृत्यु के बाद भी उसमें हाजरी भरी जाती रही। शिकायत में रोजगार सहायक की बुआ के दो बेटों का भी उल्लेख है, जो पिछले 20 वर्षों से इंदौर में रह रहे हैं, लेकिन उनके नाम पर भी फर्जी हाजरी भरी गई। आंगनबाड़ी सहायिका और जबलपुर में रहने वाले एक ड्राइवर के नाम पर भी इसी तरह फर्जीवाड़ा किया गया। यहां तक कि मृत व्यक्तियों के नाम पर भी जॉब कार्ड बनाकर राशि का आहरण किया गया। एक ही व्यक्ति के दो-दो जॉब कार्ड बनाने के भी आरोप हैं।

शिकायतकर्ता रामप्रसाद आर्मो का कहना है कि जनपद स्तर पर इस मामले की जांच में लीपापोती की जा रही है, जबकि उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी बिंदु प्रमाणित हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बाद रोजगार सहायक उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस अधीक्षक से भी की है। अब यह देखना है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर शिकायत पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करते हैं और क्या मनरेगा के इस कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच हो पाती है कि नहीं।

नियम विरूद्ध शासकीय राशि का बंदरबांट 

शिकायतकर्ता ने बताया कि भोपत पिता हरीसिंह परते पोषक ग्राम चाटी निवासी थे इस दौरान इनका जॉब कार्ड बनाया गया था। अब ये लगभग 15 वर्षों से ग्राम खुखसर बकौरी मंडला में निवासरत हैं। नियमानुसार इनका जॉब कार्ड निरस्त कर दिया जाना चाहिए था, लेकिन उक्त जॉब कार्ड में अनावेदक के दोस्त संजीव कुमार यादव एवं रोशनी यादव का नाम जोड़कर फर्जी हाजरी लगाकर राशि का आहरण किया गया है। जबकि जॉब कार्ड एसटी वर्ग के नाम से बना है और उसमें ओबीसी वर्ग के लोगों का नाम जोड़ दिया गया है। वहीं सुबांसिया बाई पति सुकाली ग्राम चाटी निवासी हैं दोनों की लगभग 15 वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है जिनका जॉब कार्ड बनाया गया है जिसमें मृतक की परनातिन शकुन्तला की फर्जी हाजरी लगाकर राशि का आहरण किया गया है। जबकि शकुन्तला पॉलिटेक्निक कॉलेज मंडला में छात्रावास पर रहकर वर्ष 2023-24 में अध्ययनरत थी और इसी दौरान उनके खाते में राशि डाली गयी है जो नियम विरूद्ध है।



संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को मिला आश्वासन हड़ताल स्थगित

  • उपमुख्यमंत्री, मिशन संचालक से चर्चा के बाद लिया निर्णय

मंडला महावीर न्यूज 29. 22 अप्रैल से शुरू हुई संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल सात दिन बाद स्थगित कर दी गई है। भोपाल में प्रदेश कार्यकारिणी की स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ मिशन संचालक एनएचएम के साथ मीटिंग हुई जिसमें सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाने का भरोसा दिलाया गया है। जिसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी ने हडताल को स्थगित करने का निर्णय लिया है और कहा है कि मांग पूरी ना होने की स्थिति में संविदा कर्मचारी कभी भी हडताल पर आगे बढने के लिए तैयार रहेंगे। हड़ताल स्थगित होने के बाद जिले में संविदा कर्मचारी अपने कार्य पर लौट गए हैं।

जानकारी के मुताबिक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 22 अप्रेल से अनिश्चितकालीन हडताल पर चले गए थे। संविदा कर्मियों की मांग थी कि रिक्त 50 प्रतिशत पदों पर संविदा कर्मियों का संविलियन कर नियमित किया जाए, ईएल, मेडिकल को यथावत रखा जाए, अनुबंध प्रथा को समाप्त किया जाएं, शुरू किए गए अप्रेजल को समाप्त किया जाए, सेवनिवृत्ति 65 वर्ष रखी जाये, एनपीएस, ग्रेज्युटी, बीमा, डीए दिया जाए, वेतन निर्धारण विसंगति कोदूर किया जाए, निष्कासित सपोर्ट स्टाफ एवं मलेरिया एमपीडब्ल्यू की वापसी की जाए।

सात दिन तक लगातार हड़ताल के बाद सोमवार शाम को भोपाल में प्रदेश कार्यकारिणी और उपमुख्यमंत्री, मिशन संचालक के साथ बैठक हुई। जिसमें अप्रेजल, स्वास्थ्य बीमा, ईपीएफ, समकक्षता निर्धारण, ग्रेजुएटी, अर्जित एवं मेडिकल अवकाश, हडताल अवधि का वेतन, कार्यवाही वापसी पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। जिसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी ने हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया। मंगलवार को मंडला में जिलाध्यक्ष डॉ मुकेश झारिया के नेतृत्व में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन समेत सभी बीएमओ को हड़ताल स्थगित होने की सूचना देते हुए संविदा कर्मी काम पर वापस लौट गए। जिलाध्यक्ष ने बताया कि मांग पूर्ण ना होने की स्थिति में जिले के संविदा कर्मी आंदोलन के लिए कभी भी एकजुटता से तैयार रहेंगे।


 


भगवान परशुराम प्रकटोत्सव पर होंगे दो दिवसीय कार्यक्रम

  • आज निकाली जाएगी भव्य वाहन रैली
  • 30 अप्रैल को विप्र बालकों के होंगे उपनयन संस्कार

मंडला महावीर न्यूज 29. भगवान परशुराम प्रकटोत्सव के अवसर पर इस वर्ष दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रमों की शुरूआत आज मंगलवार को भव्य वाहन रैली के साथ होगी। वाहन रैली आज सुबह 9 बजे उपनगर महाराजपुर के बजरंग चौराहा से निकाली जाएगी, जो शहर भ्रमण करते हुए मंडला शहर के सिंहवाहिनी वार्ड के नावघाट स्थित भगवान परशुराम मंदिर में समापन होगी। बुधवार 30 अप्रैल को सिंहवाहिनी वार्ड के नावघाट स्थित भगवान परशुराम मंदिर परिसर में विप्र बच्चों का जनेऊ संस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम 

माहिष्मती सर्व ब्राह्मण सभा मंडला के अध्यक्ष पं. आकाश दीक्षित, भगवान परशुराम मंदिर के पुजारी पं. संतोष शुक्ला ने बताया कि बुधवार 30 अप्रैल को वैशाख शुक्ल तृतीया यानी अक्षय तृतीया है। यह दिन न केवल शुभ कार्यों के लिए जाना जाता है, बल्कि भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी भगवान परशुराम प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। दो दिवसीय कार्यक्रम की कड़ी में आज वाहन रैली के साथ शुरूआत होगी। वाहन रैली के बाद भगवान परशुराम मंदिर में भगवान परशुराम का पूजन अभिषेक के बाद हवन किया जाएगा।

विप्र बालकों को होगा उपनयन संस्कार 

माहिष्मती सर्व ब्राह्मण सभा मंडला के अध्यक्ष आकाश दीक्षित ने बताया भगवान परशुराम प्रकटोत्सव के उपलक्ष्य में 30 अप्रैल को विप्र बालकों का जनेऊ संस्कार प्रात: 8 बजे से प्रारंभ होगा। इसके बाद भगवान परशुराम की आरती के साथ कार्यक्रम की समाप्ति होगी। माहिष्मती सर्व ब्राह्मण सभा मंडला के अध्यक्ष पं. आकाश दीक्षित, सचिव पं. अशोक दुबे कुररिया उपाध्यक्ष पं. प्रशांत बाजपेयी कोषाध्यक्ष पं. ऋषि तिवारी, भगवान परशुराम मंदिर के पुजारी पं. संतोष शुक्ला ने इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।


परशुराम जयंती आज, 30 को अक्षय तृतीया

मंडला महावीर न्यूज 29. वरदान आश्रम के यज्ञाचार्य नीलू महाराज ने बताया कि इस वर्ष परशुराम जयंती 29 अप्रैल को मनाई जाएगी, जबकि अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को मनाई जाएगी। वैसे तो परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया एक ही दिन मनाई जाती हैं, लेकिन इस वर्ष तिथियों में अंतर है।

परशुराम जयंती 29 तारीख को प्रदोष काल के कारण है, जबकि तृतीया तिथि 29 तारीख को रात 8 बजे शुरू होती है और 30 तारीख को पूरे दिन सूर्योदय से लेकर शाम 5.49 बजे तक रहती है, इस कारण अक्षय तृतीया 30 तारीख बुधवार को मनाई जाएगी। नीलू महाराज ने सभी परशुराम उपासकों से आग्रह किया है कि वे मंगलवार को रात 8 बजे परशुराम जी की अभिषेक, अर्चना, पूजन और हवन करें और अपने ईष्ट देवता का आशीर्वाद प्राप्त करें।



44 दिन की जंग के बाद नवजात ने पाई नई जिंदगी

  • मंडला जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती थी बच्ची
  • बच्चे को सांस की गंभीर समस्या के कारण सीपीएपी मशीन पर रखा
  • चिकित्सकों की देखरेख में स्वस्थ्य हुई नवजात बच्ची

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला चिकित्सालय मंडला में 4 मार्च को नॉर्मल डिलीवरी से एक बच्चे का जन्म हुआ था। जन्म के समय उसका वजन 1 किलो 200 ग्राम था और नवजात को सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। बच्चे की हालत काफी गंभीर थी, जिसके कारण उसे मंडला जिला अस्पताल एसएनसीयू में भर्ती किया गया। नवजात का इलाज तुरंत शुरू किया गया और नवजात बच्चा 44 दिन की जंग के बाद एक नई जिंदगी मिली।

जानकारी अनुसार विकासखंड बिछिया के ग्राम खरपरिया निवासी बेबी ऑफ सोनकली पिता राहुल पटेल ने विगत माह 4 मार्च को एक बच्ची को जन्म दिया था। एसएनसीयू प्रभारी डॉ. अंकित चौरसिया ने बताया कि बच्चे को सांस की गंभीर समस्या के कारण सीपीएपी मशीन पर रखा गया था। नवजात की हालत काफी गंभीर थी, और उसका वजन गिरने लगा था। हीमोग्लोबिन की मात्रा भी बहुत कम थी। बच्चे को तीन बार खून चढ़ाया गया और नली से दूध देना शुरू किया गया। डॉक्टरों की टीम और माता-पिता ने उम्मीद नहीं हारी और आईसीयू के स्टाफ के सहयोग और डॉक्टरों की देखभाल में नवजात का स्वास्थ्य धीरे-धीरे ठीक होने लगा। 44 दिनों के इलाज के बाद बच्ची स्वस्थ हो गई और उसे छुट्टी दे दी गई।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केसी सरोते ने बताया कि चिकित्सकों की यह सफलता चिकित्सा विज्ञान की प्रगति और डॉक्टरों, नर्सों, और परिवार के सदस्यों के समर्पण को दर्शाता है। एक कमजोर नवजात शिशु का 44 दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष करना और अंतत: स्वस्थ होकर घर जाना एक प्रेरणादायक है। यह घटना जिला चिकित्सालय मंडला की चिकित्सा टीम की क्षमता और संसाधनों को भी उजागर करती है। इसके साथ ही माता-पिता ने चिकित्सकों पर विश्वास रखा और बच्चे की देखभाल में सक्रिय रूप से शामिल रहे। इस सफलता से अन्य परिवारों को भी उम्मीद मिलेगी जो इसी तरह की परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर प्रगति और मानव समर्पण से कई जीवन बचाए जा सकते हैं।



सात दिन से हड़ताल पर संविदा स्वास्थ्य कर्मी

  • स्वास्थ्य व्यवस्था लडखडाई
  • नहीं हो पा रहा टीकाकरण
  • आशा उषा संघ पदाधिकारियों ने धरना में पहुंचकर दिया समर्थन

मंडला महावीर न्यूज 29. 22 अप्रैल से शुरू हुई संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की बेमियादी हड़ताल के सात दिन के बाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर दिखाई देने लगा है। बच्चों के टीकाकरण से लेकर गर्भवती महिलाओं की जांच और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से जिला अस्पताल तक सेवाओं पर असर देखने मिल रहा है। विशेष टीकाकरण अभियान भी बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। सोमवार को सातवें दिन आशा उषा संघ के पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल और मांगो का समर्थन करते हुए शासन से मांगों का निराकरण करने की अपेक्षा की है।

जानकारी के मुताबिक संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की बेमियादी हड़ताल में जिले के 700 से अधिक संविदा कर्मचारी शामिल है। जिसमें आरबीएसके टीम, नर्सिंग आफिसर, सीएचओ, बीसीएम, बीपीएम, लेखापाल, आपरेटर, एएनएम, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, एसटीएस, एसटीएलएस समेत अन्य केडर शामिल है। हड़ताल पर चले जाने से इन संविदा कर्मियों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं ठप्प पड़ गई है। विभाग द्वारा असर ना होने के दावे किये जा रहे है लेकिन हकीकत में स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर देखने मिल रहा है।

भटक रहे हितग्राही, एचडब्ल्यूसी से वापस लौट रहीं महिलाएं 

संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से जननी सुरक्षा योजना और प्रसूति सहायता योजना के भुगतान लटक गये है। हड़ताल के पहले से काफी समय से भुगतान नहीं हुए हैं। जिससे हितग्राहियों को दोनों सहायता योजना की राशि नहीं मिल पा रही है। इसके साथ जिले में 311 सीएचओं हड़ताल पर है। जिससे आरोग्य केन्द्र पर गर्भवती महिलाओं की जांच नहीं हो पा रही है। महिलाओं को प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जाना पड रहा है। आयुष्मान कार्ड बनाये जाने का काम ठप्प पड गया है। हितग्राहीमूलक योजनाएं पूरी तरह से प्रभावित हो गई हैं।

आशा उषा संघ ने किया समर्थन 

संविदा कर्मियों की हड़ताल का समर्थन आशा उषा संघ ने किया। अध्यक्ष राधा शर्मा ने बताया कि संविदा कर्मियों की सभी मांग जायज है और पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में घोषणा की जा चुकी है। इसमें एनएचएम द्वारा कटौती किया जाना अनुचित है। उन्होंने शासन व एनएचएम से माग की है कि संविदा कर्मियों की मांगों का निराकरण किया जाये। इस दौरान संगठन से अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।



काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल में नव प्रवेशित ब्रह्मचारियों का उपनयन संस्कार

मंडला महावीर न्यूज 29. काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल में उत्तरायण, वैशाख मास, ग्रीष्म ऋतु में अमावस्या पर्व पर गुरुकुल में 2025 सत्र में आए नए बटुक ब्रह्मचारियों का आचार्य भीमदेव जी के ब्रह्मत्व में उपनयन संस्कार किया गया। उपनयन संस्कार में ब्रह्मचारी को यज्ञोपवीत धारण कराया जाता है।

बताया गया कि यज्ञोपवीत विद्या का चिन्ह है, जो गुरुकुल में प्रवेश के समय दिया जाता है। इसका उद्देश्य ब्रह्मचारी को हमेशा अपने कंधे पर चढ़े तीन ऋणों (ऋषि ऋण, देव ऋण, पितृ ऋण) का स्मरण कराना है, और उसे एक दिन इन ऋणों से मुक्त होना है। जिन ब्रह्मचारियों का उपनयन संस्कार किया गया है, वे गुरुकुल में रहकर वेदादि शास्त्रों और ऋषि ग्रंथों का अध्ययन करेंगे।

आचार्य भीमदेव आर्य ने बताया कि ब्रह्मचार इसी मार्ग पर आगे चलकर सत्य सनातन वैदिक धर्म, राष्ट्र और गौ माता की रक्षा करेंगे। काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुल ने नए सत्र में आए सभी बटुक ब्रह्मचारियों का स्वागत किया है। गुरुकुल परिवार उन धार्मिक दानी सज्जनों का धन्यवाद करता है जो इन ब्रह्मचारियों की शिक्षा, आवास और भोजन की व्यवस्था के लिए दान देकर सहयोग कर रहे हैं।


गांव के विकास के लिए मिलकर काम करने लिया संकल्प

  • नारायणगंज के ग्राम मझगांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज की ग्राम पंचायत मझगांव में राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। बताया गया कि यह दिवस वर्ष 1993 से संविधान के 73 वें संशोधन अधिनियम के प्रभावशील होने की स्मृति में मनाया जाता है, जिसने पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत मझगांव में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत सदस्य और ग्रामवासियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पंचायती राज व्यवस्था के महत्व को रेखांकित करना और ग्रामीण विकास में पंचायतों की भूमिका को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम के दौरान स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता जन जागरूकता पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता बनाए रखने और अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की शपथ दिलाई गई। वक्ताओं ने स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला और सभी से इस मिशन में सक्रिय रूप से योगदान करने का आह्वान किया। लोगों को स्वच्छता के नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प दिलाया गया।

इस अवसर पर पंचायत के कार्यों और विकास योजनाओं पर भी चर्चा की गई। सरपंच और अन्य पंचायत सदस्यों ने ग्राम पंचायत द्वारा पिछले वर्ष में किए गए कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया और आगामी विकास योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामवासियों से विकास कार्यों में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। इस अवसर पर ग्राम पंचायत मझगांव में एकजुटता और उत्साह का माहौल देखने को मिला। लोगों ने पंचायती राज व्यवस्था के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की और गांव के विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। यह आयोजन ग्राम पंचायत के सदस्यों और ग्रामीणों के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित करने में भी सहायक रहा।

बताया गया कि राष्ट्रीय पंचायत दिवस ग्राम पंचायत मझगांव के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करने वाला साबित हुआ। आयोजित कार्यक्रम में सहायक सचिव पवन कुमार मरकाम, मोबिलाइजर इंद्रा उइके, सरपंच गंजन सिंह भारतीया, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पार्वती मार्को, बत्ती धुर्वे समेत ग्रामीणजन मौजूद रहे।


 


पीने का पानी खरीदने मजबूर ग्रामीण, खाली डिब्बा लेकर किया प्रदर्शन

  • खाली डब्बे लेकर महिलाओ ने जनपद पंचायत का किया घेराव
  • जिले में एक ऐसा गाँव जहाँ आज तक नही पहुँची नल जल योजना
  • ग्राम बीरमपुर में जल संकट, महिलाओं ने किया खाली डिब्बों के साथ प्रदर्शन

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में एक ऐसा गांव है जहां आज तक नल जल योजना नहीं पहुंची है, जिसके कारण ग्रामीण और मवेशी पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। इस गंभीर स्थिति से परेशान होकर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने सिर पर खाली डिब्बे लेकर जनपद पंचायत बीजाडांडी का घेराव करने पहुंचीं।

जानकारी अनुसार जनपद पंचायत बीजाडांडी की ग्राम पंचायत बेलखेड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम बीरमपुर में हर घर नल, हर घर जल के सरकारी दावे और जिले के पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पूरी तरह से विफल साबित होती नजर आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में आज तक नल जल योजना का लाभ नहीं मिला है और वे पिछले कई वर्षों से अन्य जल स्रोतों से अपनी प्यास बुझाते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस भीषण गर्मी में गांव के जल स्रोत भी सूख गए हैं, जिससे स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। ग्राम बीरमपुर की महिलाओं ने बताया कि वे तो जैसे-तैसे पानी का इंतजाम करके अपना काम चला लेती हैं, लेकिन उनके मवेशियों को बिल्कुल पानी नसीब नहीं हो रहा है, जिसके चलते बेजुबान जानवर प्यासे मर रहे हैं।

बताया गया कि जिले की ग्राम पंचायत बेलखेड़ी के ग्राम बीरमपुर में पिछले कई वर्षों से पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन पीएचई विभाग ने ग्रामीणों को नल जल योजना का लाभ नहीं पहुंचाया है, जिसके कारण हर साल ग्रामीणों को पानी के लिए तरसना पड़ता है। हर घर नल, हर घर जल का दावा करने वाली सरकार और पीएचई विभाग के दावों की पोल खुल गई है। अब यह देखना होगा कि उक्त गांव में कब तक पानी पहुंचता है या ग्रामीण हमेशा की तरह इस वर्ष भी पानी के लिए तरसते रहेंगे।

500 रूपए महिने में खरीद रहे पानी 

जिले की जनपद पंचायत बीजाडांडी की ग्राम पंचायत बेलखेड़ी के ग्राम बीरमपुर में नलजल योजना शुरू नहीं हुई है। ग्रामीणों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नल जल योजना का कोई लाभ नहीं मिला है। वे निजी बोर से 500 रुपये प्रति माह देकर दिन में एक बार पानी भरकर दो-तीन दिन तक उसका उपयोग करने को मजबूर हैं। इससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है और दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कभी कभी तो निजी बोर वाला पानी देने को भी तैयार नहीं होता है। जिसके कारण परेशानी होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल इस समस्या का समाधान करने की मांग की है। सरकार द्वारा चलाई जा रही नलजल योजना का लाभ उन्हें मिले।

इनका कहना है

इस गांव में हर साल पानी की समस्या बनी रहती है, इसके लिए कई बार उच्च अधिकारियों के साथ जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को अवगत कराया है, लेकिन आज दिनांक तक कोई समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणो की इस समस्या का जल्द निदान होना जरूरी है।


विजेन्द्र यादव, जनपद उपाध्यक्ष

बीजाडांडी सीईओ को दो महीने पहले ही ग्राम बीरमपुर की पानी की समस्या के बारे में जानकारी दे दी थी, लेकिन सीईओ द्वारा आज तक ग्रामीणों की पानी की समस्या का समाधान नहीं कराया गया है। इसी वजह से बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर खाली डिब्बे लेकर जनपद पंचायत बीजाडांडी पहुंची हैं।


रवि नररेती, जनपद सदस्य

गांव में पानी की बहुत समस्या है, ना पीने का पानी मिल रहा है ना ही निस्तार के लिए पानी मिल रहा है, मवेशी के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है, बहुत परेशानी है, दूसरे के बोर से पानी पैसे से लेकर अपना गुजारा कर रहे है। एक नल बड़ाटोला में है, जिसमें से भी बमुश्किल पानी मिलता है।


दुर्गिया बाई, ग्रामीण

तीन साल से पानी की समस्या से ग्रामीण जूझ रहे है, मवेशी को पानी नहीं मिल पा रहा है। मवेशी मरने की स्थिति में आ गए है। नलजल योजना के लाभ से गांव दूर है। निजी बोर से 500 रूपए महिना देकर एक एक टाईम पानी भर कर दो तीन इस पानी का उपयोग करते है। जल्द पानी की समस्या हल की जाए।


विमला बाई बरकड़े, ग्रामीण

पानी की समस्या के निदान के लिए सभी ग्रामीण जनपद आए है, सीईओ मेडम ने कहां कि दो चार दिन में इस समस्या का हल हो जाएगा। वहीं गांव में पानी के लिए दो दिन टेंकर भेजा गया था, लेकिन इसके बाद टेंकर से भी पानी की सप्लाई नहीं की जा रही है। जिसके कारण ग्रामीण परेशान है।


बबली परते, ग्रामीण



जिला मुख्यालय में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश बिजली गुल

  • तापमान में गिरावट, मौसम विभाग ने दी चेतावनी

मंडला महावीर न्यूज 29. अप्रेल माह में रिकॉर्ड तोड़ तेज गर्मी से जूझ रहे लोगों को मौसम बदलने से कुछ राहत मिली है। शनिवार की शाम से ही शहर के मौसम खराब है। शनिवार की रात तेज आंधी व धूलभरी हवा से अधिकतम पारा एक डिग्री कम रहा। शनिवार की रात तेज हवाओं के कारण बिजली सप्लाई बाधित हुई। कई स्थानों में पेड़ की टहनियां गिरने से लाइल टूटी और शहर के लोगों को रात में कई घंटे बिना बिजली के रहना पड़ा।

जानकारी अनुसार जिले में रविवार को कई स्थानों पर बारिश हुई। जिले में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर में लगभग 1 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट भी आई है। जहां शनिवार को अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस था। वहीं रविवार को 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। मौसम विभाग के अनुसार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। दक्षिणी पश्चिम राजस्थान के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बना हुआ है। बताया गया कि मंडला सहित कई जिलों में अगले दो दिनों में तेज हवाएं, वज्रपात और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।

बताया गया कि रविवार को सुबह से ही तेज धूप व गर्म हवा के थपेड़ों से गर्मी महसूस होने लगी थी। दोपहर ढाई बजे तक तेज धूप से गर्मी हुई। तीन बजे अचानक से बादल छाए और हवा में हल्की ठंडक महसूस होने लगी। कुछ ही देर में धूलभरी हवा के साथ बारिश हुई। जिससे लोगों ने ठंडक महसूश की। बारिश के कारण कुछ जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जिससे जिला मुख्यालय में भी बिजली गुल रही।

किसानों की चिंता 

बारिश के बाद खेतों में कटाई के लिए खड़ी गेहूं की फसल और मंडी में रखे अनाज की सुरक्षा की चिंता किसानों को सताने लगी है। तेज हवाओं और बारिश के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। हालांकि ग्रीष्म कालीन मूंग, मक्का और अन्य फसलों के लिए बारिश लाभ कारी है।

विवाह आयोजनों में व्यवधान उत्पन्न 

बताया गया कि रविवार को देर रात तक रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा, जिसके कारण जिले में होने वाले कई विवाह समारोहों में व्यवधान उत्पन्न हुआ। जिले में रविवार को कई शादियां थीं, लेकिन अचानक मौसम बदलने से आयोजनों में परेशानी आई।


निवास में तूफान का कहर

  • कच्चे मकान की छत उड़ी
  • परिवार बाल-बाल बचा

मंडला महावीर न्यूज 29. रविवार की शाम निवास मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं और तूफान के साथ भारी बारिश हुई। इस प्राकृतिक आपदा ने हरिसिंगोरी ग्राम पंचायत के पोषक ग्राम बरमदाना में एक कच्चे मकान को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।

जानकारी अनुसार तूफान के कारण रामभरोसे गोटियां पिता पिंगू लाल के कच्चे मकान की सीमेंट की छत पूरी तरह से उड़ गई, जिसके परिणामस्वरूप घर के अंदर रखा सामान भी बर्बाद हो गया। हालांकि यह राहत की बात रही कि घटना के समय घर में रामभरोसे की वृद्ध मां, बहन और पत्नी मौजूद थीं और किसी को भी कोई चोट नहीं आई। मकान मालिक रामभरोसे, घटना के समय अपने खेत पर गए हुए थे।

तूफान की तीव्रता के कारण मकान की पूरी सीमेंट की छत नष्ट हो गई और घर का सामान भी खराब हो गया। स्थानीय प्रशासन को घटना की सूचना दे दी गई है। यह घटना प्राकृतिक आपदाओं के दौरान कच्चे घरों में रहने वाले लोगों की असुरक्षा को उजागर करती है। प्रशासन से उम्मीद की जाती है कि वह प्रभावित परिवार को तत्काल सहायता प्रदान करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए उचित कदम उठाएगा।


रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे



जिला अस्पताल मंडला में 28 दिनों तक चला इलाज, मिला जीवनदान

  • लगातार बच्चे का किया स्वास्थ्य परीक्षण और मॉनीटरिंग

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय स्थित जिला चिकित्सालय में एक नवजात को 28 दिनों तक चले गहन इलाज के बाद जीवनदान मिला है। पूरे इलाज के दौरान चिकित्सक एवं उनकी टीम द्वारा लगातार बच्चें का स्वास्थ्य परीक्षण एवं मॉनिटरिंग की गई। इस पूरी प्रक्रिया में मां एवं परिजनों को इलाज की प्रक्रिया में शामिल किया जाता है ताकि बच्चे की हालत में सुधार जल्दी आए।

जानकारी के अनुसार बेबी ऑफ रीना साहू इसका जन्म मंडला जिला अस्पताल में नॉर्मल डिलेवरी से हुआ। जन्म के समय का वजन 2 किलो 200 ग्राम था नवजात जन्म के समय ठीक सेरोया नहीं उसे सांस लेने की गंभीर समस्या हुई। नवजात को सीपीएपी मशीन पर रखा गया। बच्चे की हालत काफी गंभीर होने लगी थी। बचने की बहुत ही कम संभावना लग रही थी, पर जिला अस्पताल के डॉक्टर्स ने हार नहीं मानी और उसका हर हाल में करने का फैसला किया। नवजात को खून की कमी हुई बच्चे को तीन बार खून की बोतल लगी। नवजात को कड़ी निगरानी में रखा गया, केएमसी मां के द्वारा दी गई और डेवलपमेंट सपोर्टिव केयर तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

मां की ममता और आईसीयू के स्टाफ की कड़ी मेहनत के बाद 28 दिनों के इलाज के बाद बच्चा स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुआ। उसके बाद बच्चे का डेवलपमेंट और मानसिक स्थिति सही बनी रहे। जिसके लिए अस्पताल के आरबीएसके केंद्र में फिजियोथैरेपी ऑक्यूपेशनल यूनिट बनाया गया है। समय-समय पर डॉक्टर की निगरानी में उसका डेवलपमेंट असेसमेंट किया जाता है इसके साथ ही उसमें सुधार रखने की प्रक्रिया जारी रहती है।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अंकित चौरसिया ने बताया कि जो बच्चे जन्म के तुरंत बाद ठीक से रोते नहीं हैं। उनमें सांस लेने की दिक्कत और झटके आने की समस्या आती है। ऐसे बच्चों को एसएनसीयू में रखकर ट्रीटमेंट दिया जाता है और सुधार आने पर मां एवं परिजनों को इलाज की प्रक्रिया में शामिल किया जाता है ताकि बच्चे की हालत में सुधार जल्दी आए।


जिले की अर्थव्यवस्था में पूर्व छात्रों का 25 प्रतिशत योगदान

  • ज्ञान दीप स्कूल की एलुमनाई मीट 2025 का भव्य आयोजन
  • देश विदेश में सीधा प्रसारण देख रोमांचित हुए ज्ञानदीप स्कूल के पूर्व छात्र
  • अगला सम्मेलन कॉन्फ्रेस हॉल में होगा

मंडला महावीर न्यूज 29. ज्ञानदीप इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल मंडला के पूर्व छात्रों का सम्मेलन आयोजित किया गया। एल्युमिनाई मीट 2025 में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से ज्ञानदीप के पूर्व छात्र मंडला पहुंचे थे। कार्यक्रम को भव्य व यादगार बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। सबसे पहले इस एल्युमिनाई मीट में शामिल होने वाले सभी पूर्व छात्र नगर पालिका परिसर में एकत्र हुए और उसके बाद ढोल और धमाकों के साथ थिरकते हुए सभी ज्ञानदीप स्कूल पहुंचे। ज्ञानदीप स्कूल के प्रवेश द्वार में वर्तमान छात्राओं द्वारा तिलक लगाकर और पुष्प बरसाकर उनका स्वागत, अभिनंदन किया गया। स्कूल में प्रवेश करते ही पूर्व छात्र अतीत की सुनहरी यादों में खोए नजर आए। मंचीय कार्यक्रम की शुरुआत एडीएम अरविंद सिंह ने दीप प्रज्वलित कर की। इस दौरान संस्था के उपाध्यक्ष विनोद अग्रवाल, सचिव डॉक्टर संजय तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य संजय मिश्रा व लक्ष्मी नारायण पटेल भी उपस्थित थे।

दीप प्रज्वलन के बाद ज्ञानदीप स्कूल की छात्राओं द्वारा स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया। स्वागत भाषण करते हुए कॉलेज एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी के सचिव डॉक्टर संजय तिवारी ने स्कूल प्रबंधन की तरफ से सभी पूर्व छात्रों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि यह बहुत ही खुशी का पल है कि देश के दिल्ली, नोएडा, पूना, रायपुर, दुर्ग, दमोह, भोपाल, जबलपुर, बैतूल, नागपुर, बैंगलोर आदि जगहों से यहां पहुंचे। स्कूल से पढ़कर पूर्व छात्र भारतीय सेना, प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, न्यायिक सेवा, अधिवक्ता और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहे।

अगला सम्मेलन कॉन्फ्रेस हॉल में होगा 

मंडला जिले के प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं में स्कूल के पूर्व छात्र शामिल है। उसकी ऑटोमोबाइल्स, ट्रैक्टर, कंफेक्शनरी, टाइल्स, माइनिंग, होटल इंडस्ट्री, स्कूल इंडस्ट्री सहित विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में दक्षता रखते हुए जिले की अर्थव्यवस्था में 25 प्रतिशत योगदान दे रहे हैं। इस आयोजन को मूर्त रूप देने के लिए उन्होंने मंडला कलेक्टर व संस्था के अध्यक्ष डॉ सोमेश मिश्रा का खास तौर से जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पहल पर ही यह कार्यक्रम यहां आयोजित हुआ है। उन्होंने पूर्व छात्रों का आवाहन किया कि वह इस स्कूल के उत्थान में हर तरह का अपना योगदान दें। संजय तिवारी ने कहा कि इस बार तो यह मीट ओपन मैदान में हुई है लेकिन अगला सम्मेलन कॉन्फ्रेस हॉल में होगा।

पुराने दिनों को किया याद 

संस्था की वरिष्ठतम शिक्षिका तपोशी सिंह ने कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि आज वह सभी छात्र यहां मौजूद हैं जो पिछले 30 से 35 साल पहले यह अध्यनरत थे। आज कई ऐसे कई छात्र नजर आ रहे है जिनको हमने पढ़ाया और उनके साथ उनके बच्चों को पढऩे का मौका मिला। इस दौरान उन्होंने कहा कि संस्था के पूर्व छात्र आज भी उतने ही आदर से मिलते हैं जैसे बचपन में मिलते थे। उन्होंने अपना एक संस्मरण सांझा किया जब वो स्कूल की ट्रिप लेकर इंदौर गई थी और उन्हें कोई परेशानी का सामना करना पड़ा तब उन्होंने इंदौर में पदस्थ एडिशनल एसपी व ज्ञान दीप के पूर्व छात्र अंकित शुक्ला के संपर्क किया और उन्होंने तत्काल समस्या का समाधान कराया। जब वे यह संस्मरण सुना रही थी तब अंकित भी सम्मलेन में मौजूद थे। स्कूल के छात्राओं द्वारा शानदार छत्तीसगढ़ी और पंजाबी नृत्य प्रस्तुत किया गया। पूर्व छात्रों की तरफ से दीपक गुप्ता और ताजिम अल्वी ने अपने स्कूल के दिनों के संस्मरणों को कविता के जरिए प्रस्तुत कर माहौल बना दिया।

पूर्व छात्रों ने दिखाई अपनी प्रतिभा 

इस दौरान स्कूल की अनेक पूर्व छात्राओं ने अपने संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे आज एक सफल जीवन व्यतीत करने में स्कूल के दिनों में टीचर्स द्वारा दी गई सीख कमा आई। ऐसे ही संस्मरण मंडला के स्थापित अधिवक्ताओं और व्यवसायी ने भी व्यक्त किया, जो स्कूल के पास आउट होकर अपने क्षेत्र में काफी नाम कमा रहे हैं। पूर्व छात्रों की तरफ से संस्था को एक मोमेंट गिफ्ट किया गया। आभार प्रदर्शन प्राचार्य रफीक खान ने किया कार्यक्रम का संचालन वैशाली सिंह ने किया। मंचीय कार्यक्रम के बाद सभी पूर्व छात्रों ने अपने-अपने क्लास रूमों का भ्रमण किया और यादगार तस्वीरें ली। स्कूल परिसर से सभी पूर्व छात्र माहिष्मती घाट के लिए रवाना हुए और संध्या आरती में शामिल हुए। कार्यक्रम का दूसरा चरण होटल किंगफिशर में हुआ जहां समस्त पूर्व छात्र एकत्रित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत केक काटकर हुई और फिर शुरू हुआ डांस और मस्ती का सिलसिला। कई लोगों ने अपनी प्रतिभा के हुनर दिखाते हुए एक से बढ़कर एक नग्मे प्रस्तुत कर माहौल को यादगार बना दिया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में सभी पूर्व छात्रों को स्मृति-चिह्न भेंट कर अगले साल फिर मिलने का वादा करते हुए विदा किया गया।

अमेरिका में बैठकर देखा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण 

ज्ञान दीप स्कूल की एल्युमिनाई मीट 2025 का सीधा प्रसारण यूट्यूब चैनल में किया गया। इस प्रसारण को देश-विदेश में मौजूद ज्ञानदीप के पूर्व छात्रों ने देखा और इसके सहभागी बने। शैली व विपिन पटेल ने अमेरिका के ग्रीनवुड इंडियाना से इस कार्यक्रम को देखा और इसकी एक यादगार तस्वीर भी साझा की। बड़ोदरा गुजरात में मौजूद नीति गुरु ने बताया कि यूट्यूब पर इस कार्यक्रम को उन्होंने अपने परिवार व कॉलोनी वासियों के साथ लाइव देखा और बाकायदा एक छोटा समारोह भी आयोजित किया। इंडियन आर्मी में कर्नल और खामगांव महाराष्ट्र में पदस्थ ओमेश शुक्ला व जम्मू में पदस्थ कर्नल विक्रम सिंह सहित अनेक पूर्व छात्रों ने इसे लाइव देखा और इसकी सराहना की।



 


संगम और किला घाट में नाव चालकों की मनमानी

  • श्रद्धालुओं से वसूल रहे मनमाना किराया
  • संगम घाट में पुल निर्माण के बाद मिलेगी राहत

मंडला महावीर न्यूज 29. नर्मदा नगरी मंडला के संगम घाट महाराजपुर और किला घाट पर नाव चालकों द्वारा खुलेआम मनमानी वसूली की जा रही है। नगरपालिका द्वारा नाव का ठेका समाप्त किए जाने के बाद से इन दोनों ही घाटों पर नाव चालक आम लोगों और श्रद्धालुओं से अपनी मर्जी का किराया वसूल रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया कि मां नर्मदा के तट पर अस्थि विसर्जन के लिए दूर-दूर से और अन्य जिलों और प्रदेशों से भी लोग मंडला आते हैं। इन लोगों से नाव चालक अधिक पैसे वसूल रहे हैं, जो कि सरासर अनुचित है।

जानकारी अनुसार जिले समेत अन्य जिलों और प्रदेशों से उपनगर महाराजपुर में स्थित मां नर्मदा और बंजर के संगम स्थल रोजाना आते है। यहां आने वाले श्रृद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां कुछ नाव चालक शराब के नशे में भी नाव चलाते हैं, जिससे भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने इस गंभीर विषय पर चिंता व्यक्त की है और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।

बताया गया कि किला घाट का विशेष महत्व है, क्योंकि यहां व्यास नारायण मंदिर नर्मदा तट पर स्थित है। प्रतिवर्ष यहां से उत्तर वाहिनी परिक्रमा का आयोजन भी होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। पर्यटन की दृष्टि से भी इस तट का विकास और सौंदर्यीकरण की भी आवश्यकता है, जिससे यहां आने वाले पर्यटकों को सुखद अनुभव हो सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि किला घाट पर हमेशा ही समस्याएं बनी रहती हैं। वर्तमान में नाव चलाने का अधिकार केवल एक ही व्यक्ति के पास होने के कारण यात्रियों को उसकी मनमानी शर्तों को मानने के लिए मजबूर होना पड़ता है। बरसात के मौसम में तो स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब लोगों को कीचड़ भरे रास्ते से होकर घाट तक जाना पड़ता है।

नाव की सवारी का निर्धारित हो किराया 

श्रृद्धालुओं और नागरिकों ने नगरपालिका मंडला से इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने और किला घाट पर व्यवस्थित घाट का निर्माण कराने, तट तक पहुंचने के लिए सुगम रास्ते का निर्माण कराने की मांग की है। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि नगरपालिका स्वयं अपने नियंत्रण में नावों का संचालन करे और नाव की सवारी के लिए उचित दरें निर्धारित करे, जिससे यात्रियों का शोषण न हो सके। लोगों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जताई है जिससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को इस मनमानी वसूली से मुक्ति मिल सके और घाटों पर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।

त्रिवेणी संगम में पुल बनने से बढ़ेगा व्यापार, मिलेगा रोजगार 

महाराजपुर त्रिवेणी संगम में हो रहे पुल निर्माण से महाराजपुर की जनता को इसका फायदा मिलेगा। काम लगातार जारी है। लगभग सभी पाया खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल निर्माण से छात्र-छात्राओं को आने जाने में सुविधा मिलेगी। झूला पुल के निर्माण से जो व्यपार महाराजपुर में कम हुआ था उसमें व्यपार बढ़ेगा। इसके साथ नर्मदा परिक्रमावासियों को जो अतिरिक्त दुरी सात किलो मीटर की तय करनी पड़ रही है वह पुल के बनने से कम हो जाएगी। पुल का निर्माण कर रहे ठेकेदार अब्दुल अजीज का कहना जल्द ही पुल का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा, गुणवत्ता के साथ कार्य किया जा रहा है। बड़ी-बड़ी मशीन लगाई गई है जिससे कार्य तेजी से चल रहा है। महाराजपुर के समाजसेवी अजीम खान ने बताया कि पुल निर्माण से पूरवा, रामबाग जैसे अनेकों गांव को जुड़ेंगे। ऑटो चालक एवं छोटे व्यापरियों को भी रोजगार के अवसर मिलेगा। त्रिवेणी संगम स्थल में श्रद्धालुओं की संख्या बढऩे से स्थानीय रोजगार बढ़ेगा।

इनका कहना है

किले घाट और संगम घाट में संचालित नाव चालकों द्वारा मनमाना किराया लिया जा रहा है। जिससे दूर दराज से आने वाले श्रृद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय प्रशासन इस मामले को संज्ञान में लेकर तत्काल कार्रवाई करें।


अखिलेश सोनी, समाजसेवी, मंडला

नर्मदा घाट में नाव चालकों द्वारा ज्यादा किराया लिया जा रहा है। इसके निराकरण के लिए परिषद में बात करके इसका हल निकाला जाएगा। इसके साथ ही महाराजपुर संगम में हो रहे पुल निर्माण के बाद यह परेशानी भी दूर हो जाएगी।


अखिलेश कछवाहा, उपाध्यक्ष, नपा मंडला

किले घाट में बारिश के सीजन में नाव से आने जाने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। किले घाट में मार्ग निर्माण के साथ यहां एक स्थाई घाट भी बनाना जरूरी है। इसके साथ ही अवैध रूप से नाव का ज्यादा किराया लेना भी उचित नहीं है।


राकेश शुक्ला, नर्मदा भक्त, मंडला


 


 


संत निरंकारी मंडल ने रक्तदान शिविर से दिया मानव सेवा का संदेश

  • मानव एकता दिवस की उपलक्ष्य में आयोजित शिविर में 104 पुरुष एवं 26 महिलाओं ने किया 130 यूनिट रक्तदान

मंडला महावीर न्यूज 29. संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वाधान में मानव एकता दिवस की उपलक्ष्य में शुक्रवार को संत निरंकारी भवन बिंझिया में 16 वां विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। बाबा गुरुबचन सिंह की स्मृति में प्रतिवर्ष संस्था के द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है। शिविर का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने रिबन काटकर किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जिले में रक्त इकाई की महती आवश्यकता है। ऐसे में संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन का शिविर का कदम सराहनीय है।

आयोजित शिविर जिले में रक्त की उपलब्धता में सहायक होगा। जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कूमट ने रक्तदान शिविर पर कहा संस्था के इस प्रयास से लोगों के जीवन को सुरक्षित किया जा सकता है, उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर लोगों के मन में भ्रांतियों को दूर करते हुए हमेशा रक्तदान के लिए जागरूक रहना चाहिए क्योंकि शरीर में समय से पुन: रक्त की पूर्ति हो जाती है। शिविर में पुरुष, महिलाओं एवं युवाओं ने मिलकर 130 यूनिट रक्तदान कर जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक को सहयोग किया। बताया गया कि संत निरंकारी मिशन विश्व की एक बड़ी संस्था के रूप में रक्तदान शिविर के माध्यम से मानव सेवा का काम कर रही है और सभी नगरों में जागरूकता संदेश देते हुए रक्तदान के लिए प्रेरित करते हैं।

रक्तदान में पुरुष एवं महिलाओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की इसके साथ ही रक्तदान करने में युवाओं में भी विशेष उत्साह देखा गया। शिविर में रक्तदाताओं के लिए स्वल्पाहार, भोजन, चाय, बिस्किट, जूस, फल आदि की व्यवस्था की गई । सभी रक्तदाताओं को संस्था की ओर से प्रमाण पत्र देकर सम्मान के साथ उत्साह वर्धन किया गया। शिविर के दौरान संस्था के सभी सदस्य, जिला ब्लड बैंक का सराहनीय सहयोग रहा।

इनका कहना है

हम पति-पत्नी रक्तदान के लिए हमेशा उत्साहित रहते हैं और मानव सेवा की भावना को लेकर आज भी संयुक्त रूप से सहभागी बनकर रक्तदान किया। आगे भी समय-समय पर रक्तदान करते रहेंगे। रक्तदान महादान की भावना से हमेशा प्रेरणा लेते हैं।

 

सागर डिंपल लालवानी,रक्तदाता

आज शिविर में सहभागिता करते हुए जीवन में पहली बार रक्तदान करते हुए अच्छा महसूस कर रहा हूं रक्तदान को लेकर हमेशा जागरूकता की सोच होनी चाहिए और इसमें जरूरतमंद के लिए सहयोगी भावना प्राथमिकता है।

ऋषभ मिश्रा रक्तदाता

पहली बार रक्तदान करते हुए अच्छा महसूस कर रहे हैं। आयोजित शिविर में सहभागिता करते हुए जरूरतमंद के लिए रक्त यूनिट का सहयोग किया। मानव सेवा की भावना को लेकर हमेशा ही प्राथमिकता रहती है।

दीपा जेठमलानी रक्तदाता

आयोजित शिविर में सहभागिता करते हुए रक्तदान किया। घर परिवार के लोग हमेशा रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करते हैं। मानव सेवा की भावना से रक्तदान करने में अच्छा महसूस हो रहा है। जरूरतमंद को रक्त यूनिट उपलब्ध हो सकेगी।

लव सहजवानी रक्तदाता



विश्व मलेरिया दिवस

चार माह में 41 हजार 545 जांचे, मिला एक मलेरिया पॉजिटिव

  • विगत वर्ष थे 175 मलेरिया पॉजीटिव
  • ढाई लाख दवायुक्त मच्छरदानी की गई थी वितरित

मंडला महावीर न्यूज 29. साल दर साल जिले में मलेरिया पॉजिटिव की संख्या घट रही है। जिसका कारण तत्वरित जांच है। जांच की सुविधा और सभी स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्य केन्द्र, आरोग्य केन्द्रों में उपलब्ध करा दी गई है। पिछले वर्ष 2024 में जहां 175 मरीज मिले थे वहीं इस वर्ष चार माह में सिर्फ एक ही मरीज सामने आया हैं और जो मरीज सामने आया हैं वह भी बाहर काम से लौटा मरीज हैं। जिला मलेरिया अधिकारी राम शंकर साहू ने बताया कि विगत वर्ष 2024 में मलेरिया के फैलाव को रोकने के लिए जिले के हाईरिस्क 460 ग्रामों में 2 लाख 50 हजार 250 दवायुक्त मच्छरदानी का वितरण भी किया गया था। लगातार कम हो रहे मरीजों से विभाग ने भी राहत की सांस ली। भले जिले के लोग मलेरिया से ग्रसित नहीं हो रहे हों लेकिन बाहर काम में जाने वाले श्रमिकों को लेकर भी विभाग गंभीर नजर आ रहा है।


जिला मलेरिया अधिकारी राम शंकर साहू ने बताया कि सभी ब्लॉक स्तर पर बाहर काम में जाने वाले मजदूरों की जानकारी एकत्रित की जा रही है और फॉलोअप लिया जा रहा है कि कब गए हैं और कब लौटेंगे। इसके लिए गांव में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, एमपीडब्ल्यू कार्य कर रहे हैं। ग्राम पंचायतों में एक डायरी बनाई जा रही है जिसमें पलायन करने वाले श्रमिकों की जानकारी होती है। जैसे ही श्रमिक गांव पहुंचते हैं तत्काल उनके सैंपल लिए जाते हैं। बताया गया कि इस वर्ष जनवरी से अप्रैल तक मलेरिया की 41 हजार 545 जांचे की गई है। जिसमें एक पॉजीटिव मिला है, जो पलायन से वापस लौटा है।

आधे घंटे में मिल जाती है रिपोर्ट 

पॉजिटिव व नेगेटिव रिपोर्ट पालने के लिए अब मरीजों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। पैराचेक कीट से आधा घंटे में ही रिपोर्ट मरीजों को मिल जाती है यही कारण है कि समय पर उपचार मिलने से मलेरिया में लगातार नियंत्रित हो रहा है। पूर्व में स्लाइड के माध्यम से सैंपल लिए जाते थे जिनकी लैब में जांच के बाद रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन लग जाते थे। अब मौके पर ही रिपोर्ट दे दी जाती है। इसके लिए लैब टेक्नीशियन की आवश्यकता भी नहीं है। आशा कार्यकर्ता ही मरीजों के सैंपल लेकर जांच कर सकारात्मक व नकारात्मक परिणामों की जानकारी दे देती है। मलेरिया निकलने पर तीन या अधिक गंभीर होने पर 14 दिन की दवाई दी जाती है। जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में जांच की सुविधा निशुल्क है।

10 साल में आ रहा बेहतर परिणाम

कागजों में दर्ज सरकारी आंकड़े की माने तो 41 हजार से अधिक जांच के बाद जिले में पलायन से लौटा एक व्यक्ति मलेरिया पॉजीटिव मिला है। पॉजीटिव मरीज जिले से बाहर काम के लिए गया हुआ था जो वापस अपने ग्राम लौटा है, जिसके बाद जांच में पॉजीटिव पाया गया। वर्ष 2015 में जिले में 4592 मलेरिया पॉजिटिव पाये गए थे। इसके बाद से लगातार इनकी संख्या कम हो रही है। हलांकि अब मच्छरदानियों का वितरण भी बंद है। वर्ष 2021 से मलेरिया रोधी मच्छरदानी का वितरण नहीं हुआ है। 2019 में 2 लाख 5 हजार 250 मच्छर दानी 460 ग्रामो में बांटी गई थी, वहीं 2020 में एक लाख 30 हजार 317 ग्रामो में मच्छर दानी का वितरण किया। वर्ष 2024 में दो लाख 50 हजार 250 दवायुक्त मच्छरदानी का वितरण हुआ है।

ऐसे समझें लक्षण 

मलेरिया में व्यक्ति को ज्यादा देर तक बुखार आता है और यह बुखार प्रतिदिन तीन से चार घंटे तक रहता है। मलेरिया 10 से 12 दिन तक व्यक्ति को प्रभावित करता है। मलेरिया में तेज बुखार के साथ ठंड लगना, उल्टी, दस्त, तेज पसीना आना तथा शरीर का तापमान 100 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बढ़ जाना, सिरदर्द, शरीर में जलन तथा मलेरिया होने के पश्चात रोगी के शरीर में कमजोरी महसूस होना आदि इसके लक्षण हैं। मलेरिया के बचाव के लिए अपने आसपास व घरों में साफ-सफाई रखें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना, घर में मौजूद पुराने बर्तनों, टायरों एवं खाली गमलों इत्यादि में पानी जमा न होने देना, मच्छरदानी का उपयोग करना। मच्छरों से बचने के लिए पूरा प्रबंध करना चाहिए।

हानिकारक नहीं, बरतें सावधानी 

जिला मलेरिया अधिकारी राम शंकर साहू का कहना है कि इन बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करने के साथ मच्छरों एवं अन्य जहरीले कीटों से सुरक्षा प्रदान करती है। साधारण मच्छरदानी की तुलना में दवायुक्त मच्छरदानी शरीर में स्पर्श होने पर कुछ समय के लिए चुनचुनाहट हो सकती है लेकिन यह किसी भी तरह से मनुष्य के लिए हानिकारक नहीं है और न ही इससे छोटे बच्चे को कोई नुकसान होता है। परिवार में छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, वृद्धजनों को यह मच्छरदानी आवश्यक रुप से उपयोग करने की सलाह दी जाती है। इस्तेमाल के बाद कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी को ठीक से तह लगाकर साफ स्थान पर रखें। अत्यधिक गंदा होने पर कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी को सादे और साफ पानी में हल्की रगड़कर धोयें। हल्का धोने के बाद इसे छांव में सुखाएं। आग से दूर रखें एवं कटने, फटने व जलने से बचाएं। कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी को धूप में न सुखाएं। इसे धोने के लिए गर्म पानी अथवा ब्रश का इस्तेमाल न करें। इसे धोने के लिए पत्थर पर न पटकें। धोने के बाद न निचोंडें। कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी का उपयोग मछली पकडऩे के लिए न करें। कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी को न बेंचे और न की उपहार में दें। मच्छरदानी का उपयोग खाद्य सामग्री ढंकने, सुखाने जैसे अन्य कार्य में नहीं किया जाए।

इनका कहना है

लोगों की जागरूकता से अच्छे परिणाम आ रहे हैं। मलेरिया को जिले से खत्म करना है तो सभी लोगों का सहयोग चाहिए, कोई भी बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर मलेरिया की जांच कराएं, जो की पूरी तरह से निशुल्क है और रिपोर्ट के लिए अधिक इंतजार भी नहीं करना पड़ता।
राम शंकर साहू, जिला मलेरिया अधिकारी, मंडला



भारत को मलेरिया से मुक्त करने दिलाई शपथ

  • नारायणगंज सीएचसी में मनाया विश्व मलेरिया दिवस

मंडला महावीर न्यूज 29. प्रतिवर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिसके अंतर्गत नारायणगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में विश्व मलेरिया दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि डब्ल्यूएमडी प्रतिवर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाता है। देश के 12 राज्यों को मलेरिया मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार मच्छरों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है।

मलेरिया दिवस के आयोजन पर नारायणगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। देश को मलेरिया मुक्त करने के लिए उपस्थित कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही जागरूकता रैली, स्लोगन दीवालों पर लिखे गए। कार्यक्रम में सीबीएमओ डा. अमृत लाल कोल, प्रभारी मलेरिया निरीक्षक एससी जैन, बीईई विजय मरावी, फार्मासिस्ट कमलेश सिंह, एमओ डॉ. देशबंधु उइके, नेत्र सहायक जयकरण चौधरी समेत स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा जन समुदाय को मलेरिया से बचाव एवं रोकथाम के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में मलेरिया मुक्त भारत बनाने की शपथ दिलाई गई।

प्रभारी मलेरिया निरीक्षक एससी जैन ने बताया कि इस वर्ष विश्व मलेरिया दिवस की थीम हमारे साथ मलेरिया का अंत पुनर्निवेश, पुनर्कल्पना पुन: स्थापित है। इस अवसर पर मलेरिया सप्ताह के अंतर्गत मैदानी स्तर पर प्रचार प्रसार के साथ लोगों को जागरूक करने विविध गतिविधियां आयोजित की जाएगी। जिसमें संदेश भेजा जाएगा, फ्लेक्स, बैनर और पंपलेट के माध्यम से लोगों को मलेरिया के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही जागरूकता कार्यशाला समेत अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएगी।


ज्ञानदीप स्कूल में आज पूर्व छात्रों का होगा भव्य सम्मेलन

  • देश-विदेश से पहुंचेंगे पूर्व छात्र, होगे विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के सबसे पुराने इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल ज्ञानदीप का पूर्व छात्र सम्मेलन आज आयोजित किया जा रहा है। शनिवार दोपहर को ज्ञानदीप स्कूल परिसर में होने वाले इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में पूर्व छात्र पहुंचेंगे। ज्ञानदीप स्कूल का उद्घाटन वर्ष 1983-84 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने किया था। स्कूल की स्थापना में तत्कालीन कलेक्टर एमएम दाहिमा और तत्कालीन सचिव एसके शास्त्री ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। तब से यह स्कूल मंडला जिले में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखने में सफल रहा है।

यह पहली बार है कि ज्ञानदीप स्कूल पूर्व छात्रों के सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। सम्मेलन का आयोजन वर्तमान कलेक्टर और संस्था के अध्यक्ष सोमेश मिश्रा की पहल पर किया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों से अलग-अलग बैचों के पूर्व छात्र इस अवसर पर मंडला पहुंच रहे हैं। पूर्व छात्रों का सम्मेलन आज दोपहर 3.30 बजे स्कूल परिसर में शुरू होगा। सम्मेलन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। ज्ञानदीप के प्रवेश द्वार पर एक स्वागत मंच बनाया गया है, जहां स्कूल के वर्तमान छात्र ढोल-नगाड़ों के साथ पूर्व छात्रों का स्वागत करेंगे। सम्मेलन में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें वर्तमान छात्रों के साथ-साथ पूर्व छात्र भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। छात्रों के लिए एक विशेष कक्षा तैयार की गई है, जहां वे अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए दीवारों पर अपने संदेश और अनुभव लिख सकेंगे।

बताया गया कि जिले के इस प्रतिष्ठित इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल से शिक्षा प्राप्त करने के बाद कई छात्र देश और विदेश में उच्च पदों पर आसीन हैं। ज्ञानदीप के कई पूर्व छात्र प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, चिकित्सा सेवा, कानूनी सेवा, व्यवसाय और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस सम्मेलन को लेकर पूर्व छात्रों, वर्तमान छात्रों और स्कूल परिवार में उत्साह का माहौल है। सम्मेलन के समापन के बाद, सभी पूर्व छात्र माहिष्मती घाट पर आयोजित होने वाली संध्या आरती में भाग लेंगे। इसके बाद, होटल किंगफिशर में रात्रि में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।


पारा पहुंचा 40 डिग्री पार, उमस से परेशान

  • बिगड़े पड़े कूलर पंखे करा रहे रिपेयर
  • गर्मी से परेशान हो रहे लोग

मंडला महावीर न्यूज 29. गर्मी का असर अब हर ओर दिखाई दे रहा है। तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। तेज गर्मी, उमस के कारण लोग बाहर कम ही निकल रहे है। जिससे इस झुलसाने वाली गर्मी से लोगों को राहत है। लेकिन जैसे जैसे तापमान बढ़ेगा लोगों की आफत बढऩा शुरू हो जाएगी। सड़के सूनी दिखाई देने लगेगी। लोग कूलर, पंखों और एसी का सहारा लेते नजर आएंगे। आगामी दिनों में सूर्य की और तेज तपन का सामना करना पड़ेगा। रोजाना तापमान में बढ़ोत्तरी हो रही है। सूरज की तपन के कारण पारा 40 डिग्री पार पहुंच चुका है। बढ़ी गर्मी से लोग अब बेचैन होने लगे हैं। सुबह 9 बजे ही सूर्य की तेज किरणें अब चुभने लगी हैं। दोपहर में प्रखर तीव्रता और उमस के कारण लोग घर के अंदर भी बेहाल हो रहे हैं।

बताया गया कि बाहर से आने वाले प्रवासी अपने गतंव्य जाने जिले में प्रवेश कर रहे है। ऐसे में इस गर्मी में अपनी प्यास बुझाने नपा द्वारा लगाए गए वाटर कूलर के पास पहुंच रहे है। नगर में लगे अधिकत्तर वाटर कूलर में ठंडा पानी नहीं आ रहा है। गर्मी का यह मौसम शुरूआती दौर में ही लोगों पर भारी पड़ रहा है। वैशाख माह के प्रथम पखवाड़े में सूरज की तपिश को देखकर लोग जेठ के बारे में सोचकर ही बेचैन हो रहे हैं। अभी से जब पारा 40 के पार पहुंच गया है तो आने वाले समय में सूर्य देव अपना कहर बरपाएंगे। जिससे लोगों को तेज तपन का सामना करना पड़ेगा।

कूलर, पंखे रिपयर करा रहे रिपेयर 

गर्मी से राहत पाने लोगों ने पंखे, कूलर व एसी चलाना शुरू कर दिया है। इलेक्ट्रिानिक दुकानों में लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। लोग घरों में बंद पड़े पंखे, कूलर सुधरवाने का काम करा रहे है। इसके साथ खस की मांग भी बढ़ गई है।

गर्मी से राहत पाने ठण्डे पदार्थों का सेवन 

नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों सूर्य की तपन से लोग बेहाल है। प्रात: 10 बजे से सूर्य ढलने तक झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है, जिससे जीव जन्तु समेत मानव भी इस गर्मी से अछूते नहीं है। सूर्य की तपन अप्रैल के प्रारंभ से ही पडऩे लगी थी। लोग इस गर्मी से बेचैन हैं। लोग ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेकर गर्मी से बच रहे हैं। वही बाहर निकलने वाले कुछ लोग तरावट की आश लिए खरबूज, तरबूज 50 से 60 रू में खरीद रहे हैं। घरों में ठण्डे पानी के लिए रखे जाने वाले मटके भी बाजार में बिकना शुरू हो गए है।

नदी, तालाबों का घट रहा जलस्तर 

भीषण गर्मी के चलते नदी नालों व तालाबों का जलस्तर भी तेजी से नीचे उतर गया है। अप्रैल माह खत्म होने को है और सूरज की प्रचण्ड किरणें आग उगल रही हैं तो तालाबों में बचा-खुचा जल भी बड़ी तेजी से सूख रहा है। आसपास के तालाबों के जलस्तर में गिरावट नजर आई है। चाहे वह आरडी कॉलेज का सिद्धताल हो या बिनेका ग्राम के तालाब हों या खैरी के तालाब हों। सभी तालाबों में पानी बहुत तेजी से घट रहा है। गर्मी से आम आदमियों के साथ-साथ पशु-पक्षी भी परेशान हैं। यही वजह है कि तालाबों का पानी भी बहुत तेजी से कम हो रहा है। ऐसा नहीं है कि यह नजारा केवल जिला मुख्यालय के आसपास के तालाबों का ही है, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों का जलस्तर बड़ी तेजी से गिर रहा है।



कार्रवाई के आदेश की जलाई होली, शत-प्रतिशत टीकाकारण, सेशन चालू नहीं

  • संविदा स्वास्थ्य कर्मियो की चौथे दिन हड़ताल जारी

मंडला महावीर न्यूज 29. संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल शुक्रवार को चौथे दिन जारी रही। धरना स्थल पर संविदा कर्मियों ने एमडी एनएचएम द्वारा जारी किये गये कार्रवाई के आदेश की होली जलाकर विरोध दर्ज कराया। इसमे बड़ी संख्या में संविदा कर्मियों ने विरोध में नारेबाजी की और शासन से मांग पूर्ण किये जाने की अपेक्षा की। शुक्रवार को टीकाकरण दिवस पर हड़ताल के चलते जिले में महिला व बच्चों का टीकाकरण प्रभावित हुआ है। टीकाकरण के राष्ट्रीय पोर्टल यूविन पर 100 प्रतिशत सेशन चालू नहीं हो सके। जिले में 137 संविदा एएनएम कार्यरत है। जिससे टीकाकरण प्रभावित हुआ है।

जानकारी के मुताबिक जिले के विभिन्न केडर के 700 से अधिक संविदा कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। शुक्रवार को संविदा कर्मियों ने कार्रवाई के आदेश की होली जलाकर विरोध दर्ज कराया। जिलाध्यक्ष डॉ. मुकेश झारिया ने बताया कि पूरे प्रदेश के साथ मंडला के संविदाकर्मी मांग पूरी होने तक हडताल जारी रखेंगे। शासन द्वारा बनाये जा रहे दबाव के आगे झुकेंगे नहीं।

समय पर नहीं मिल रही लैब रिपोर्ट, बच्चों की स्क्रीनिंग ठप्प 

संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से लेकर जिला अस्पताल तक लैब में होने वाली जांच प्रभावित होरहीं है। मरीजों को समय पर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो पारही है। सबसे अधिक गंभीर स्थिति सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की बनी है। संविदा लैब टेक्नीशियन हड़ताल पर चले गये है। जिससे नियमित कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ गया है और समय पर रिपोर्ट नहीं मिलने से मरीज परेशान हो रहे हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के चिकित्सक सेवाएं नहीं दे रहे है। जिससे जिले के ग्रामीण अंचलों में बच्चों को मिलने वाली सेवाएं थम गई है। ग्रामीण अंचलों में स्क्रीनिंग नहीं हो पा रही है।

स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का मिला समर्थन 

हड़ताल के चौथे दिन मध्यप्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सीएम सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और संविदा कर्मियों की मांग को जायज ठहराते हुए उन्होंने संविदा व्यवस्था को अभिशाप बताया। उन्होंने कहा कि उनके संगठन के माध्यम से मुख्यमंत्री से मांग की जाएगी कि सभी संविदा कर्मियों को नियमित करते हुए उनका हक दिया जाये।

311 आरोग्य केन्द्र पर ताला, भटक रहे मरीज, नहीं मिल रही प्रसूति सहायता राशि

  • संविदा स्वास्थ्य कर्मियो की हडताल का व्यापक असर

संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की लगातार तीसरे दिन की हड़ताल से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हो गई है। जिले के सीएचओ के हडताल पर चले जाने से 311 आरोग्य केन्द्र पर ताला लटक गया है। 137 संविदा एएनएम के हड़ताल पर होने से टीकाकरण ठप्प हो गया है। स्टाफ नर्स हड़ताल में शामिल हैं जिससे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से लेकर जिला अस्पताल तक सेवाएं प्रभावित हो गई है।

जानकारी के मुताबिक जिले के 700 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मी अपनी मांगो को लेकर 22 अप्रैल से हडताल पर चले गये है। गुरूवार को हड़ताल तीसरे दिन जारी रही। जिसमें सभी केडर के संविदा कर्मी पूरी एकजुटता के साथ शामिल होकर कलेक्टेऊट मार्ग पर धरना दे रहे है। हड़ताल की वजह से जिले के ग्रामीण क्षेत्र में सबसे अधिक सेवाएं प्रभावित हो गई है। ग्रामीण महिलाओं, गर्भवती महिलाओं को मुख्य रूप से सेवाएं देने वाले 311 आरोग्य केन्द्र में ताला पड़ गया है। जिससे महिलाओं को सेवाएं नहीं मिल पा रही है। 137 एएनएम शामिल है जिससे इन उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर टीकाकरण प्रभावित हो गया है।

हितग्राहियों को नहीं मिल रहा भुगतान 

कार्यालयीन स्टाफ जिले में अधिकांशत: संविदा कर्मी है। इनके हड़ताल पर चले जाने से महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना और प्रसूति सहायता योजना समेत एलटीटी आपरेशन व अन्य भुगतान नहीं हो पा रहे है। जननी सुरक्षा योजना की 1400 की राशि और प्रसूति सहायता योजना की राशि के लिए हितग्राहियों को भटकना पड़ रहा है लेकिन उन्हें भुगतान नहीं मिल रहा है।

अस्पताल में सेवाएं प्रभावित

संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल पर जाने से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से लेकर जिला अस्पताल तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई है। हड़ताल के असर से नियमित कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ गया है उनसे अधिक कार्य लिया जा रहा है। सूत्रो के मुताबिक नियमित कर्मचारियों के अवकाश भी रद्द कर दिये गये है। बेमियादी हडताल में आरबीएसके मेडिकल आफिसर, बीपीएम, बीसीएम, लेखापाल, नर्सिंग आफिसर, एएनएम, सीएचओ, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिष्ट, डाटा एंट्री आपरेटर, पोषक प्रशिक्षक, एसटीएस, एसटीएलएस समेत अन्य संविदा केडर शामिल हैं।


विश्व हिंदू परिषद,बजरंग दल, सर्व हिंदू समाज ने किया विरोध प्रदर्शन

  • पहलगाम आतंकी घटना को लेकर देश में व्याप्त रोष पर लगातार हो रहा विरोध

मंडला महावीर न्यूज 29. पहलगाम में आतंकी हमले में देश के बेकसूर नागरिकों की असाधारण मौत को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। देश में व्याप्त आतंकवाद के विरुद्ध सामाजिक संगठन एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं। इसी तारतम्य में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, सर्व हिंदू समाज के द्वारा शुक्रवार को बैगा बैगी चौक में पहलगाम कश्मीर में हिंदू नरसंहार के विरोध में जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसमें इस्लामिक आतंकवाद मुर्दाबाद, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए गए और अमानवीय जेहादी नरसंहार के विरोध में नारे बाजी की गई। सरकार से मांग की गई कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए आवश्यक कड़े कदम उठाए जाएं जिससे आम नागरिकों का जीवन सुरक्षित रह सके।

आतंकवाद से सभी इकाइयों को नष्ट कर दिया जाए। आतंकवादियों को इस अमानवीय नरसंहार का मुंहतोड़ जवाब दिया जाए। पाकिस्तानी आंतकवादी संगठन की इस झकझोर देने वाली घटना के विरोध में देशव्यापी आंदोलन किया जा रहा है। विरोध के दौरान आतंकवाद एवं पाकिस्तान का पुतला दहन किया गया। इसके पश्चात घटना में जान गंवा चुके नागरिकों को दो मिनट का मौन धारण करके श्रृद्धांजलि अर्पित की गई।


बिछिया पुलिस ने मोबाइल दुकान चोरी का किया खुलासा, 4 नाबालिग गिरफ्तार

  • चोरी हुए मोबाईल फोन, एसेसरीज किया बरामद

मंडला महावीर न्यूज 29. बिछिया पुलिस ने एक मोबाइल दुकान में हुई चोरी की घटना का खुलासा किया है और इस मामले में 4 नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने चोरी करना स्वीकार कर लिया है। बताया गया कि ओमप्रकाश निवासी बिछिया ने थाना बिछिया में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि विगत 8 अप्रैल की रात में अज्ञात चोरों ने बजाज मोबाइल दुकान में घुसकर मोबाइल फोन, मेमोरी कार्ड, ईयरफोन, हेडफोन और स्मार्ट वॉच चोरी कर लिए थे। इस रिपोर्ट पर थाना बिछिया में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

बताया गया कि जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से 23 अप्रैल को 4 संदिग्धों की पहचान की और उनसे पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने 8 अप्रैल 2025 की रात को बस स्टैंड बिछिया स्थित बजाज मोबाइल दुकान से चोरी करना स्वीकार किया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दिसंबर 2024 में बिछिया स्थित मनोज अग्रवाल की किराना दुकान में भी उन्होंने ही चोरी की थी। पुलिस ने आरोपियों से चोरी किए गए मोबाइल फोन, ईयरफोन और हेडफोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 65 हजार रुपये है। पुलिस ने इस मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी बिछिया, उप निरीक्षक प्रवीण मालवीय, प्रधान आरक्षक शरद सरोते, आरक्षक हेमंत शिव, आरक्षक रजनीकांत, आरक्षक संजय कटरे और साइबर सेल मंडला की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


नारायणगंज में आतंकवादी हमले के विरोध में निकाली आक्रोश रैली

कैंडल मार्च निकालकर दी शहीदों को श्रद्धांजलि

मंडला महावीर न्यूज 29. भाजपा मंडल नारायणगंज ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हिंदू पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले के विरोध में एक सभा और आक्रोश कैंडल मार्च रैली का आयोजन निर्मल छाया मैरिज गार्डन के सामने आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने आतंकवादी हमले में शहीद हुए भारत मां के बेटों को श्रद्धांजलि अर्पित की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। रैली में दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई।

कैंडल मार्च रैली में भाजपा जिला अध्यक्ष रतन सिंह ठाकुर, भाजपा मंडल महामंत्री मृदु किशोर साहू, जनपद अध्यक्ष आशाराम भारतीया, मंडल उपाध्यक्ष सुंदर सोनी, पूर्व मंडल अध्यक्ष संतोष सोनी, ओबीसी मोर्चा जिला उपाध्यक्ष गया चक्रवर्ती, मंडल मंत्री अनिल मांझी, नरेश सोनी, युवा मोर्चा महामंत्री सोनू मांझी, उपाध्यक्ष अभय साहू, पवन उइके, शिवम चक्रवर्ती, दुर्गेश सोनी, निशांत अग्रवाल, सतीश परते, नितिन साहू, विवेक साहू, मोर्चा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, युवा वर्ग और नगरवासी शामिल हुए।

नारायणगंज में पुलवामा आतंकी हमले की निंदा, मृतकों को श्रद्धांजलि

हाल ही में पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 24 भारतीयों और 2 विदेशी पर्यटकों की निर्मम हत्या की गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरा देश स्तब्ध है। जनपद पंचायत नारायणगंज ने इस अमानवीय कृत्य की कड़ी निंदा की है। जनपद पंचायत अध्यक्ष के नेतृत्व में एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें पंचायत के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।

सभा में केंद्र सरकार से आग्रह किया गया कि दोषियों पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसे जघन्य अपराधों को भविष्य में रोका जा सके। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए, सभा में दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने की शपथ भी ली गई। जनपद पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इसे किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर देश की सुरक्षा और शांति के लिए सहयोग करने का आह्वान किया।


प्रतिनियुक्ति वाले शिक्षक विभाग में होंगे मर्ज-कुंवर विजय शाह

  • ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन मंडला ने सौंपा ज्ञापन

मंडला महावीर न्यूज 29. जनजातीय कार्य विभाग मंत्री कुंवर विजय शाह ने ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन मंडला के पदाधिकारियों को आश्वासन दिया है कि शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति पर आए शिक्षकों को जल्द ही जनजातीय कार्य विभाग में मर्ज किया जाएगा। मंत्री शाह ने मंडला प्रवास के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मुलाकात की, जिन्होंने प्रांत अध्यक्ष डीके सिंगौर के नेतृत्व में उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पदाधिकारियों ने लगभग 4372 शिक्षकों के जनजातीय कार्य विभाग में मर्ज करने की मांग उठाई, जो प्रतिनियुक्ति के माध्यम से स्थानांतरित हुए थे। उन्होंने बताया कि प्रतिनियुक्ति के 6 साल बीत जाने के बावजूद अभी तक संविलयन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, जिससे शिक्षकों को क्रमोन्नति, उच्च पद प्रभार और वरिष्ठता सूची जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

मंत्री शाह ने उनकी मांगों को जायज बताते हुए शीघ्र ही संविलयन की कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि संविलयन के कारण शिक्षकों की वरिष्ठता प्रभावित नहीं होगी, जिस पर पदाधिकारियों ने सहमति जताई। पदाधिकारियों ने यह भी मांग की कि जनजातीय कार्य विभाग में उच्च पद प्रभार और वरिष्ठता सूची का मुद्दा हल किया जाए और खंडवा में की गई तीन साल के सेवा विस्तार की घोषणा को लागू किया जाए।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मंत्री शाह से भोपाल में दोबारा मुलाकात करने की बात कही। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष दिलीप मरावी, सरिता मरावी, विपिन अग्रवाल, अनिल सिंगौर, अमित मिश्रा, संदीप कछवाहा, ब्रजेश पटेल, सुखमन सिंह मरावी और सहायक आयुक्त श्रीमती वंदना गुप्ता उपस्थित थीं।


अस्पताल के गार्ड को मारा थप्पड़, मच गया हंगामा

  • कोतवाली पुलिस में की शिकायत

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला अस्पताल के स्टॉफ के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। जिसको लेकर शुक्रवार को दो घंटो अस्पताल में हंगामा चलता रहा है। परिजन व जिला अस्पताल के स्टॉफ के बीच के विवाद को खत्म करने के लिए पुलिस को हस्ताक्षेप करना पड़ा। जानकारी के अनुसार भगत सिंह वार्ड निवासी युवक दुर्गेश सिंगरौरे ने फांसी लगा ली थी। जिसके बाद परिजन युवक को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। गार्ड की मदद से स्ट्रेचर में इमरजेंसी कक्ष में लेकर गए। जहां चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। परिजन बार-बार मृतक को ट्रीटमेंट देने की बात करने लगे। जब गार्ड स्टे्रचर को बाहर ले जाने लगा तो मृतक के भाई मुकेश सिंगरौरे ने गार्ड को थप्पड़ मार दिया।

परिजनो के अनुसार कुछ ही देर में अस्पताल स्टॉफ एकत्रित हुआ मृतक के भाई के साथ मारपीट करने लगे। घटना की सूचना अस्पताल की चौकी को दी गई। जहां पुलिस टीम के साथ कोतवाली थाना प्रभारी भी अस्पताल पहुंचे। आरएमओ डॉ प्रवीण उइके के अनुसार युवक को मृत आवस्था में लगाया गया था। जब गार्ड स्टे्रचर से ला रहे थे तो मृतक के परिजनो ने गार्ड के साथ मारपीट कर दी। गाली गलौच व अभद्रता की गई जिसकी शिकायत पुलिस से की गई जिससे इस तरह की घटना दोबारा न हो।


 


परिणय सूत्र में बंधे 35 ग्राम पंचायतों के 271 जोड़े

  • निवास में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का भव्य आयोजन
  • नगर परिषद की वार्ड पाषर्द ने किया सामूहिक विवाह समारोह में विवाह

मंडला महावीर न्यूज 29. निवास मुख्यालय स्थित राजा शंकर शाह कुंवर रघुनाथ शाह स्टेडियम में गुरुवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत एक भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में निवास नगर परिषद और निवास जनपद पंचायत की 35 ग्राम पंचायतों के कुल 271 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस सामूहिक विवाह में निवास नगर परिषद ेके वार्ड क्रमांक 11 की पार्षद प्रियंका पूसाम ने भी इस योजना के तहत विवाह बंधन में बंधीं और अपने जीवनसाथी के साथ विवाह पंडाल में उपस्थित रहीं।

जानकारी अनुसार सामूहिक विवाह समारोह की शुरुआत स्थानीय मंगल भवन से एक भव्य बारात के साथ हुई, जिसमें बैंड-बाजे और आतिशबाजी की गई। बारात में मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, निवास विधायक चैन सिंह वरकड़े, पूर्व विधायक रामप्यारे कुलस्ते, जनपद पंचायत अध्यक्ष मंजू रानी कुलस्ते, उपाध्यक्ष घनश्याम सूर्यवंशी, निवास नगर परिषद अध्यक्ष हेमलता, उपाध्यक्ष बसंत चौधरी और विभिन्न दलों के कई जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में बाराती शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों ने बारात में उत्साहपूर्वक नृत्य किया।

बारात के राजा शंकर शाह कुंवर रघुनाथ शाह स्टेडियम पहुंचने पर निवास एसडीएम शाहिद खान, तहसीलदार शंकर लाल मरावी, नायब तहसीलदार आलोक सोनी, निवास जनपद पंचायत सीईओ दीप्ति यादव, निवास बीईओ सुनील दुबे और महिला बाल विकास और आजीविका मिशन की महिलाओं ने पुष्प वर्षा कर बारात का स्वागत किया। मंचीय कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और कन्या पूजन के साथ हुई। मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने इस अवसर पर कहा कि वे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत विवाह बंधन में बंधने वाले सभी जोड़ों को बधाई देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार गरीब और असहाय लोगों के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि जो जोड़े किसी कारणवश इस आयोजन में शामिल नहीं हो पाए, उन्हें जिले के रामनगर में आयोजित होने वाले आदि उत्सव में अवसर दिया जाएगा।

नशा से दूर रहने ले संकल्प 

निवास विधायक चैन सिंह वरकड़े ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि निवास जनपद क्षेत्र से 271 जोड़े इस सामूहिक विवाह में शामिल हुए। उन्होंने सभी से नशा मुक्त रहने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने वधुओं से सात वचन लेते समय अपने पतियों से नशा न करने का वचन लेने का भी अनुरोध किया। उन्होंने सभी जोड़ों को शुभकामनाएं दीं। समारोह के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों और नवविवाहित जोड़ों के लिए भोज का आयोजन किया गया।

पहलगाम आतंकी हमले के पीडि़तों को दी श्रद्धांजलि 

हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कारण हुए जानमाल के नुकसान पर कार्यक्रम में दुख व्यक्त किया गया। सामूहिक विवाह कार्यक्रम स्थल पर मंच से अतिथियों, उपस्थित वर-वधुओं, स्वजातीय बंधुओं और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में मारे गए पर्यटकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और दो मिनट का मौन रखा गया। मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और निवास विधायक चैन सिंह वरकड़े ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया।

निवास नगर परिषद पार्षद का हुआ विवाह

बताया गया कि निवास नगर परिषद की वार्ड क्रमांक 11 की पार्षद प्रियंका पूसाम ने भी मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत अपना विवाह कराया। उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से विवाह कर सकती थीं, लेकिन वे फिजूलखर्ची से बचना चाहती थीं और अन्य बहनों को भी सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने का संदेश देना चाहती थीं। मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और निवास विधायक चैन सिंह वरकड़े ने पार्षद के इस कदम की प्रशंसा की और उन्हें बधाई दी।

हितग्राहियों को किया चैक वितरित 

कार्यक्रम में निवास जनपद पंचायत की 35 ग्राम पंचायतों और नगर परिषद निवास के 14 जोड़ों सहित कुल 271 जोड़ों को विवाह संपन्न होने के बाद 49 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए, जिसे पाकर वर-वधु खुश दिखाई दिए। कार्यक्रम को सफल बनाने में निवास अनुविभागीय अधिकारी शाहिद खान, तहसीलदार शंकर लाल मरावी, नायब तहसीलदार आलोक सोनी, निवास जनपद पंचायत सीईओ दीप्ति यादव, निवास विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुनील दुबे, निवास नगर परिषद की पूरी टीम, पटवारी, सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, सहायक सचिव, जनपद की पूरी टीम और निवास थाने के सभी कर्मचारियों ने सहयोग प्रदान किया।



23 दिन में की माँ नर्मदा परिक्रमा, जारी हुआ पांच रूपए का डाक टिकिट

  • साईकिल से की तीन हजार किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा  
  • भोपाल पोस्ट आफिस में जारी हुआ पांच रूपए का डाक टिकिट

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के 53 वर्षीय हेमंत खरे ने अपनी अटूट श्रद्धा और शारीरिक क्षमता का अद्भुत परिचय देते हुए साइकिल से माँ नर्मदा की तीन हजार किलोमीटर की कठिन परिक्रमा मात्र 23 दिनों में पूरी कर ली। उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की बड़ी परेशानी का सामना नहीं किया, जिसका श्रेय उन्होंने माँ नर्मदा की कृपा को दिया। बताया गया कि एमपीयूडीसी सोशल एक्सपर्ट हेमंत खरे मप्र अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड में कार्यरत हैं। इन्होंने विगत दिनों मध्यप्रदेश की जीवन रेखा मॉ नर्मदा के संरक्षण के लिए जनजागरूकता के उद्देश्य के साथ सबसे कम दिनों में साइकिल से नर्मदा परिक्रमा की। इस उपलब्धि के लिए हेमंत खरे को डाक विभाग भोपाल द्वारा उन्हें सम्मानित किया है। इसके साथ ही इनके फोटो के साथ एक पांच रूपए का डाक टिकिट भी भोपाल पोस्ट आफिस से जारी किया है।

जानकारी अनुसार भोपाल के मुख्य डाकघर में हेमंत खरे की इस असाधारण उपलब्धि को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भारतीय डाक विभाग ने पाँच रुपए का एक विशेष डाक टिकट जारी किया, जिस पर उनकी नर्मदा परिक्रमा की यात्रा की एक फोटो को दर्शाया गया है। यह सम्मान न केवल श्री खरे के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके समर्पण को भी रेखांकित करता है, क्योंकि उन्होंने अपनी इस लंबी यात्रा के लिए परिवहन के पर्यावरण अनुकूल साधन साइकिल का उपयोग करते हुए सबसे कम समय में अपनी परिक्रमा पूरी की।

दृढ़ इच्छा से 23 दिनों में पूरी की नर्मदा परिक्रमा 

बताया गया कि अपनी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्री खरे ने कहा कि माँ नर्मदा की उन पर विशेष कृपा रही, जिसके कारण वे इतनी कठिन यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा कर सके। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान उन्हें प्रकृति के अद्भुत और मनोरम दृश्यों को देखने का अवसर मिला। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर लोगों का स्नेह और सहयोग भी प्राप्त हुआ। उन्होंने नर्मदा नदी के तटों पर स्थित सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के स्थलों का भी भ्रमण किया, जिससे उन्हें इस पवित्र नदी और इसके आसपास के जीवन को गहराई से समझने का मौका मिला। बताया गया कि इतनी लंबी और कठिन साइकिल यात्रा को इतने कम समय में 23 दिनों में पूरा करना शारीरिक और मानसिक रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है। हेमंत खरे ने अपनी तैयारी, दृढ़ इच्छा शक्ति और अनुशासित जीवनशैली के माध्यम से इस लक्ष्य को हासिल किया। उनकी यह यात्रा अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है, जो शारीरिक चुनौतियों का सामना करते हुए अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने का जज्बा रखते हैं।

पांच रूपए का जारी हुआ डाक टिकिट 

विगत दिवस मुख्य डाकघर भोपाल में आयोजित सम्मान समारोह में डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने हेमंत खरे को बधाई दी और उनके इस अद्वितीय प्रयास की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि हेमंत खरे की यह यात्रा न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक आस्था के समन्वय का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि श्री खरे का यह प्रयास अन्य लोगों को भी पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने और अपनी सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित करेगा। बताया गया कि पाँच रुपए का विशेष डाक टिकट जारी करना भारतीय डाक विभाग की ओर से श्री खरे के सम्मान में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। यह डाक टिकट उनकी इस ऐतिहासिक यात्रा को चिरस्थायी बनाएगा और भविष्य में भी लोगों को उनकी इस प्रेरणादायक कहानी से अवगत कराता रहेगा।

साइक्लिस्ट हेमंत खरे की उपलब्धियां 

बताया गया कि साइकिल से 184 घंटे में 3000 किमी की नर्मदा परिक्रमा। इसके साथ ही कई हाफ सेंचुरी और सेंचुरी राइड कर चुके। भारतीय साइक्लिस्ट 2025 से साइक्लिंग किंग पुरस्कार के विजेता रहे। टीम जीपीबीआरए आरआईओ की ओर से नियमित राइडर पुरस्कार मिल चुका। हरदा से भोपाल तक लंबी दूरी की साइकिल यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। आईएएस अधिकारी के साथ साइकिल चलाना, हरदा से जोगा, हरदा जल महोत्सव समारोह के हिस्से के रूप में हरदा के आईएएस अधिकारी के साथ एक विशेष सवारी में भाग लिए और इसके लिए सम्मानित किया गया। देशभक्ति साइकिलिंग गतिविधि के अंतर्गत 26 जनवरी 2025 पर रचनात्मकता और राष्ट्रीय गौरव का प्रदर्शन करते हुए स्ट्रावा पर जीपीएस का उपयोग करके भारतीय राष्ट्रीय ध्वज बनाने के लिए एक योजनाबद्ध मार्ग पर साइकिल चलाना। सीनियर आईएएस राधे श्याम जुलानिया के साथ साइकिल चलाना और जुलानिया जी द्वारा स्टार राइडर का सम्मान दिया गया।



 


बेलगाम कार ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, तीन गंभीर घायल

  • गंभीर घायलों को जबलपुर मेडिकल किया रैफर

मंडला महावीर न्यूज 29. बीजाडांडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत वन ग्राम कालपी और धनवाही के बीच जोगन झुर्री के समीप बुधवार दोपहर करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवारों को आमने-सामने की टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक पर सवार तीन युवक बुरी तरह से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से घायलों को तत्काल एम्बुलेंस द्वारा बीजाडांडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया है।

जानकारी अनुसार वन ग्राम कालपी और धनवाही के बीच जोगन झुर्री के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बताया गया कि जबलपुर की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार क्रमांक एमपी 22 सीए 3904 ने मंडला की तरफ से आ रहे बाइक सवारों को आमने-सामने की जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से एम्बुलेंस द्वारा बीजाडांडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां चिकित्सक ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

बीजाडांडी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दुर्घटना में घायल युवकों की पहचान प्रमोद मरावी पिता खेत सिंग 22 वर्ष, निवासी सलीवाड़ा बरगी जिसका दाहिना पैर और दाहिनी कलाई कटकर अलग हो गई है। अन्य घायल सुखदेव गौठरिया पिता रामभरोस 26 वर्ष, निवासी बेलखड़ी और धर्मेन्द्र परस्ते पिता सुखराम परस्ते 22 वर्ष, निवासी बरगी भी गंभीर रूप से घायल हो गए।

बीजाडांडी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया और दुर्घटनाग्रस्त चारपहिया वाहन को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। कार चालक के खिलाफ मामला पंजीबद्ध कर पुलिस सड़क हादसे की जांच कर रही है।



नियमों का उल्लंघन करने वाले आठ वाहनों पर कार्रवाई

  • आरटीओ और यातायात पुलिस का संयुक्त चेकिंग अभियान

मंडला महावीर न्यूज 29. आरटीओ मंडला और यातायात थाना पुलिस द्वारा संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य नियमों के विरुद्ध संचालित वाहनों पर कार्रवाई करना है। जिससे मार्ग में चल रहे यात्री वाहन नियमों का पालन कर सके।

जानकारी अनुसार मंगलवार को मंडला जबलपुर मार्ग पर वाहनों की सघन चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान 26 बसों की जांच की गई, जिसमें फिटनेस, परमिट, बीमा, पीयूसी, व्हीएलटीडी (वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस), अग्निशमन यंत्र, फस्र्ट एंड बॉक्स, ओवरलोडिंग और अधिक किराया लेने जैसे विभिन्न मानकों का निरीक्षण किया गया।

बताया गया कि 26 बसों की जांच में नियमों का उल्लंघन करने वाले 8 बसों से मोटरयान अधिनियम 1988 के विभिन्न प्रावधानों के तहत 12 हजार रुपये का समन शुल्क वसूला गया और बसों पर किराया सूची चस्पा कराई गई। चेकिंग अभियान में जिला परिवहन अधिकारी मंडला विमलेश कुमार गुप्ता, यातायात थाना मंडला से सूबेदार योगेश राजपूत, परिवहन कार्यालय मंडला से राहुल उइके और अन्य स्टाफ उपस्थित रहा। परिवहन विभाग ने बताया कि चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।


निवास में आज 271 जोड़े बंधेंगे परिणय सूत्र में

  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह के भव्य आयोजन की तैयारी पूर्ण

मंडला महावीर न्यूज 29. निवास मुख्यालय में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत निवास नगर के राजा शंकर शाह कुंवर रघुनाथ शाह स्टेडियम में आज गुरुवार को निवास नगर परिषद व निवास जनपद पंचायत के 35 ग्राम पंचायतों के 271 वर-वधू इस योजना के तहत परिणय सूत्र में बंधेंगे। इस आयोजन की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं, जिसमें सुरक्षा, स्वास्थ्य समेत अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। कार्यक्रम स्थल पर फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के साथ पेयजल की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 5 वर और 5 वधू के रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल का अधिकारियों ने बुधवार को निरीक्षण किया है

निवास जनपद पंचायत की सीईओ दीप्ति यादव ने बताया कि गुरुवार को निवास नगर के राजा शंकर शाह कुंवर रघुनाथ शाह स्टेडियम में 271 जोड़े का विवाह संपन्न होगा। जिनमें निवास नगर परिषद के 14 जोड़े ओर निवास जनपद क्षेत्र की 35 पंचायतों से 257 जोड़े परिणय सूत्र के बंधन में बंधेंगे। गुरुवार सुबह दस बजे बैंड बाजों आतिशबाजी के साथ बारात निकाली जाएगी। जिसमें अतिथियों ओर अधिकारियों द्वारा आगवानी की जाएगी। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर रीति रिवाज पुरोहितों द्वारा विवाह मंत्रोच्चारण के साथ कराया जाएगा। वहीं बताया कि इस आयोजन में मुख्य अतिथि मंडला सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते, कैबिनेट मंत्री संपतिया उईके, निवास विधायक चैन सिंह वरकड़े सहित जिले के व स्थानीय सभी जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। सामूहिक विवाह समारोह के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों और नवविवाहित जोड़ों के लिए भोज का आयोजन किया गया है। यह भोजन समारोह सामुदायिक सद्भाव और उत्सव के माहौल को और भी अधिक यादगार बनाएगा।

बताया गया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना मध्यप्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता करना है। इस योजना के तहत सरकार नवविवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है और सामूहिक विवाह समारोहों का आयोजन करती है, जिससे समाज में समानता और एकजुटता को बढ़ावा मिलता है। निवास में आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह न केवल 271 जोड़ों के जीवन में खुशियाँ लाएगा, बल्कि यह समाज के अन्य लोगों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामुदायिक एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, जो सभी के लिए एक यादगार अनुभव होगा। इस योजना के अंतर्गत सरकार का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है और उन्हें आर्थिक बोझ से मुक्त करना है। इस प्रकार के सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक बंधनों को मजबूत करने और सामुदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे


पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ मंडला में आक्रोश

  • विद्यार्थी परिषद निकाला कैंडल मार्च, आतंकवाद का किया पुतला दहन

मंडला महावीर न्यूज 29. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में दो दर्जन से ज्यादा लोगों की जान चली गई। इस घटना को लेकर पूरे देश में आक्रोश है। इस हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए विद्यार्थी परिषद ने मंडला में कैंडल मार्च निकाला और आतंकवाद का पुतला दहन किया। इस दौरान आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई। शहरवासियों ने बैगा बैगी चौक से चिलमन चौक तक कैंडल मार्च निकाला और पुतला दहन कर अपना विरोध जताया।

विद्यार्थी परिषद के वागीश पटेल ने कहा कि भारत में रह रही देशविरोधी ताकतों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमले में स्थानीय लोगों की संलिप्तता रही है, और उन्हें भी सजा मिलनी चाहिए। लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। लोगों ने कहा कि इस आतंकी घटना के विरोध में देश एकजुट है। उन्होंने आतंकवादियों को पनाह देने वाले देशों के खिलाफ कार्रवाई और कठोर जवाब देने की मांग की। लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि जिस तरह से पर्यटकों का धर्म पूछकर उन्हें गोली मारी गई, वह अत्यंत निंदनीय है।

नागरिकों ने कहा कि आतंकी हमले में देश के निर्दोष नागरिक मारे गए हैं, जिससे पूरे देश में भारी आक्रोश है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि आने वाले दिनों में अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है और पहलगाम से जत्था रवाना होता है, जिससे इस यात्रा को लेकर भय का माहौल बनाया जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक शामिल हुए।


 


नाबालिग से दुष्कृत कर कराया जबरन गर्भपात, पांच आरोपी गिरफ्तार

  • घटना में शामिल अन्य लोगों की धरपकड़ के लिए टीम गठित

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के मोहगांव थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की के साथ पांच अलग-अलग आरोपियों ने दुष्कृत किया फिर उसे गर्भपात के लिए मजबूर किया गया। इसकी शिकायत संबंधित थाने में की गई। जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

पीडि़ता का आरोप है कि उसके गांव के ही लगभग 7-8 लड़कों ने लंबे समय तक उसके साथ दुष्कर्म किया। जब पीडि़ता गर्भवती हो गई, तो आरोपियों ने उस पर और उसके परिवार पर गर्भपात कराने का दबाव डाला। पीडि़ता और उसके परिजनों को लगातार धमकियां भी दी जा रही थीं। दबाव के चलते गांव के ही एक डॉक्टर द्वारा कथित तौर पर गर्भपात कराया गया। इस गंभीर मामले का खुलासा तब हुआ जब पीडि़ता ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल हरकत में आते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और घटना में शामिल अन्य लोगों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर दी हैं।

इनका कहना है

पुलिस ने दफनाए गए भू्रण को बरामद कर डीएनए जांच के लिए भेज दिया है। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद मामले की और स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। इसके अतिरिक्त गर्भपात करने वाले डॉक्टर की भूमिका की भी जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
रजत सकलेचा, पुलिस अधीक्षक मंडला


मवेशियों से भरा वाहन दुर्घटना ग्रस्त, 17 मवेशियों की मौत

मंडला महावीर न्यूज 29. जनपद मुख्यालय मवई के समीपी ग्राम पंचायत के ग्राम मोहगांव के जंगल में सोमवार मंगलवार की दरम्यानी रात में एक मवेशियो से भरा ट्रक अनियंत्रित होने के कारण खाई में गिर गया। जिसमें सवार दर्जनों मवेशियों को घटना स्थल पर ही मौत हो गई। जानकारी अनुसार ट्रक में लगभग 20 नग भैंस थी। रात्रि में तेज रफ्तार से निकलने वाली ट्रक अनियंत्रित हो कर दुर्घटना ग्रस्त हो गई। ट्रक चालक एवं कंडक्टर घटना स्थल से भाग गए।

स्थानीय लोगों का कहना है छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से गाय भैंस का अवैध परिवहन किया जा रहा है। जो मुख्यालय मवई से होकर निकलते है इनका खुलासा अक्सर तभी होता है जब ये वाहन दुर्घटना ग्रस्त हो जाते हैं। इसी घटना की तरह कुछ माह पूर्व एक पिकअप वाहन मवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत पौड़ी बाहरमुंडा में एक रहवासी घर में मध्य रात्रि में जा घुस गया था। विगत वर्ष मवई थाना क्षेत्र के ग्राम अंजनी में मालवाहक वाहन पलटा था जिसमें मवेशी सवार थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे मामले से लगता है कि पशु तस्करों को थोड़ी मात्र भी पुलिस या प्रशासन का भय नहीं है। मवई नगर के भीतर से लगातार रात में पशु तस्करों के वाहन निकल रहे है। पशु तस्करों के वाहन दुर्घटना ग्रस्त होते है तब ही मामला प्रकाश में आता है।


रिपोर्टर- संदीप श्रीवास, मवई



आग के प्रभावी रोकथाम के लिए वर्चुअल दिखाया फायर मॉक ड्रिक

  • स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्नि सुरक्षा की दिलाई शपथ

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थाओं को फायर सेफ्टी मानकों के अनुरूप विकसित करने और संस्थाओं में कार्यरत सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ को निरंतर जागरूक करने और प्रशिक्षित करने के लिए फायर सेफ्टी सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत फायर सेफ्टी सप्ताह के दूसरे दिन स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्नि सुरक्षा संबंधित विषयों पर विस्तार से बेबिनार के माध्यम से जानकारी दी गई। इसके साथ ही शपथ भी दिलाई गई।

जानकारी अनुसार 26 अप्रैल तक जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में फायर सेफ्टी सप्ताह मनाया जाएगा। यह आयोजन स्वास्थ्य संस्थाओं को फायर सेफ्टी मानकों के अनुरूप विकसित करने और कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा के बारे में जागरूक करने के लिए किया जा रहा है। सेफ्टी सप्ताह के अंतर्गत दूसरे दिन आयोजित पीआईवी वेबिनार में अग्नि सुरक्षा अनुपालन और नियामक आवश्यकताओं पर चर्चा की गई। इसके बाद आयोजित वेबिनार में आग की प्रभावी रोकथाम के लिए वर्चयुअल फायर मॉक ड्रिल करके दिखाया गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्नि सुरक्षा की शपथ स्वास्थ्य कर्मचारियों को दिलाई गई।

बताया गया कि आज 23 अप्रैल को केंद्रीय और राज्य सरकार और निजी अस्पतालों में फायर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। 24 और 25 अप्रैल को पोस्टर बनाना, फायर सेफ्टी क्विज, फायर सेफ्टी निरीक्षण का प्रदर्शन, फायर सप्रेशन सिस्टम का प्रदर्शन और आग दुर्घटनाओं पर टेबलटॉप अभ्यास जैसी जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही यह कार्यक्रम सभी शासकीय और प्राइवेट स्वास्थ्य संस्थाओं में आयोजित करने के निर्देश दिए गए है।


संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं हुई प्रभावित

  • अस्पताल और ग्राम स्तर पर होने वाली जांचे ना होने से मरीज हुए परेशान
  • कलेक्टे्रट मार्ग मंडला में धरना प्रारंभ

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मंगलवार 22 अप्रैल से अपनी मांगो को लेकर बेमियादी हड़ताल पर चले गये है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मप्र के प्रांतीय आव्हान पर पूरे प्रदेश के साथ पहले ही दिन मंडला जिले में हडताल का व्यापक असर देखने मिला है। जिले के विभिन्न उप स्वास्थ्य केन्द्र पर टीकाकरण प्रभावित रहा है। सीएचओ की उपस्थिति नहीं होने से 350 से अधिक एचडब्ल्यूसी पर महिलाओं, बच्चों व अन्य मरीजों की जांच नहीं हो सकी है। कार्यालयीन कामकाज ठप्प पड़ गये है। बच्चों की स्क्रीनिंग थम गई है।

जिलाध्यक्ष डा. मुकेश झारिया ने बताया कि जिले में करीब 700 से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये है। वर्ष 2023 में तात्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा महापंचायत में घोषणाएं की गई थी। जिस पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा कटौती कर दी गई है। इसके विरोध में चरणबद्ध आंदोलन के बाद संविदा कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि संविदा कर्मियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं जिले में प्रभावित हो गई है। हितग्राहियों को सेवाएं नहीं मिल सकी है।

यह हैं मुख्य मांग 

संविदा कर्मियों की मांग है कि रिक्त 50 प्रतिशत पदों पर संविदा कर्मियों का संविलियन कर नियमित किया जाये, ईएल, मेडिकल को यथावत रखा जाए, अनुबंध प्रथा को समाप्त किया जाये, शुरू किये गये अप्रेजल को समाप्त किया जाये, सेवनिवृत्ति 65 वर्ष रखी जाये, एनपीएस, ग्रेज्युटी, बीमा, डीए दिया जाए, वेतन निर्धारण विसंगति कोदूर किया जाये, निष्कासित सपोर्ट स्टाफ एवं मलेरिया एमपीडब्ल्यू की वापसी की जाये।

स्वास्थ्य सुविधाएं हुई प्रभावित 

बताया गया कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के हड़ताल में चले जाने के कारण आम जनता को टीकाकरण की सुविधा नहीं मिल पा रही है। गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांचें प्रभावित हुई हैं। एनआरसी और एसएनसीयू का कार्य भी बाधित हो रहा है। एनसीडी के तहत आने वाले मरीजों की बीपी और शुगर जैसी महत्वपूर्ण जांचें नहीं हो पा रही हैं, जिससे मरीज और वृद्धजन परेशान होते नजर आए। इसके साथ ही टीबी और मलेरिया जैसी बीमारियों की जांचें भी हड़ताल के कारण नहीं हो पा रही हैं, जिससे इन बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने सुनी मांग, चर्चा का आश्वासन 

हड़ताल के पहले दिन भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा ने संविदा कर्मियो से मुलाकात कर समस्या और मांग सुनी। महिला कर्मियों ने उनके सामने नियमित महिला कर्मचारियों की तरह सुविधाएं दिलाये जाने की मांग भी रखी। भाजपा जिलाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री से इस संबंध में चर्चा कर ध्यान आकृष्ट कराने का आश्वासन दिया है।



मानवता की सेवा के लिए रक्तदान शिविर 25 अप्रेल को

  • संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वाधान में 16 वें रक्तदान शिविर का होगा आयोजन

मंडला महावीर न्यूज 29. संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में मानव एकता दिवस के उपलक्ष्य में 25 अप्रेल शुक्रवार को विशाल रक्त दान शिविर का आयोजन किया जाएगा। सतगुरु माता सुदीक्षा जी का उपदेश है कि इंसान का खून इंसान के काम आए। प्रतिवर्ष की तरह यह शिविर संत निरंकारी भवन बिंझिया में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया जाएगा। संस्था के सदस्यों ने इस नेक पहल में अधिक से अधिक नागरिकों से इस शिविर में शामिल होकर रक्तदान में सहभागी बनने की अपील की है।

बताया गया कि संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के द्वारा मानवता की सेवा के लिए समय समय पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जाता है। जिसका मुख्य उद्देश्य है कि शिविर के माध्यम से एकत्रित रक्त यूनिट किसी जरूरत मंद के काम आ सके। इसी श्रृंखला में रक्तदान शिविर के एक दिन पहले 24 अप्रैल को शाम 5 बजे जागरूकता वाहन रैली निकाली जाएगी जो कि शहर के मुख्य मार्गो से होती हुई नागरिकों को रक्तदान के लिए जागरुकता संदेश देगी एवं रक्तदान करने की लिए प्रेरित करेगी।


पृथ्वी दिवस पर भारत ज्योति विद्यालय का अनूठा प्रयास

  • सकोरे लगाकर दिया जीव संरक्षण का संदेश

मंडला महावीर न्यूज 29. विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर भारत ज्योति विद्यालय में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस वर्ष की थीम अवर पॉवर, अवर प्लेनेट को साकार करते हुए, विद्यालय के छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण और जीव संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। प्राचार्य शैलेश पटेल के मार्गदर्शन और फादर सीवी जोसेफ के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में उप प्राचार्य राकेश पाठक, शिक्षकगण संतोष रजक, प्रवीण पटेल, अरुण सिसोदिया, मोनिका जोसेफ, भारती दुबे सहित छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

इस अवसर पर छात्रों ने पृथ्वी को हरा-भरा बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मिट्टी से बने जल से भरे सकोरे लगाना रहा। छात्रों ने विद्यालय प्रांगण में विभिन्न स्थानों पर ये सकोरे स्थापित किए, जो ग्रीष्म ऋतु में प्यासे पक्षियों और अन्य छोटे जीवों के लिए पानी का स्रोत बनेंगे। इस अनूठी पहल के माध्यम से छात्रों ने जीव संरक्षण के प्रति अपनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया।

कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित पर्यावरणविद राजेश क्षत्री ने छात्रों को पर्यावरण संतुलन के महत्व और इसे बनाए रखने के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को दैनिक जीवन में पर्यावरण के अनुकूल आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

भारत ज्योति विद्यालय का यह प्रयास न केवल छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करता है, बल्कि उन्हें प्रकृति और जीवों के प्रति करुणा का भाव भी सिखाता है। सकोरे लगाने की यह पहल निश्चित रूप से अन्य विद्यालयों और समुदायों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बनेगी।


मिट्टी के सकोरे में पानी डालकर पक्षी बचाने के अभियान में दिया योगदान

  • विश्व पृथ्वी दिवस पर विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण की दिलाई शपथ

मंडला महावीर न्यूज 29. उत्कृष्ट विद्यालय मंडला में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती कल्पना नामदेव ने छात्रों को संबोधित करते हुए विद्यालय में पॉलिथीन न लाने की सलाह दी और उन्हें प्रकृति के संरक्षण की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण में पक्षियों के लिए पानी के सकोरे लगाए गए। इको क्लब के जिला प्रभारी अखिलेश उपाध्याय ने वर्तमान संदर्भ में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। पर्यावरणविद राजेश क्षत्रि ने छात्रों को विभिन्न पर्यावरणीय गतिविधियों की जानकारी दी और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में श्रीमती सारिका तिवारी और आरके हरदहा भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर मिट्टी के सकोरे में पानी डालकर पक्षी बचाने के अभियान में अपना योगदान दिया। इस पहल के माध्यम से विद्यालय ने छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया।



पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था, वितरित किए मिट्टे के सकोरे

  • वन कर्मचारी संघ की पहल, अपने विभाग के अधिकारियों को दिए सकोरे

मंडला महावीर न्यूज 29. वन कर्मचारी संघ जिला शाखा मंडला ने ग्रीष्म ऋतु में वन्य पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मिट्टी के सकोरे वितरित किए। इस पहल के तहत सर्वप्रथम वन मंडल अधिकारी पूर्व श्रीमती ऋषिभा सिंह नेताम को उनके कार्यालय में मिट्टी के सकोरे भेंट किए गए। इसके बाद सहायक वन संरक्षक एवं उप वन मंडल अधिकारी महाराजपुर उत्पादन, श्रीमती सीमा ठाकुर को भी सकोरे प्रदान किए गए। इसी क्रम में पश्चिम सामान्य वन मंडल मंडला में उप वन मंडल अधिकारी श्रीराम सूत्रकार और संलग्न अधिकारी अभिषेक जरबडे को पक्षियों के लिए पानी रखने के लिए सकोरे वितरित किए गए।

इस अवसर पर वन कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष बालसिंह ठाकुर, संभागीय उपाध्यक्ष अंकित बाजपेई, तहसील अध्यक्ष बिछिया आनंद कुमार रोस्ता, मीडिया प्रभारी अभिषेक रजक, मुख्य लिपिक पूर्व सामान्य अनिता, लिपिक पूर्व सामान्य ललित मित्तल, सहायक ग्रेड-2 राकेश कार्तिकेय, मानचित्रकार परते बाबू, सदस्य दिनेश कुमार तिवारी, कोषाध्यक्ष काशी प्रसाद मिश्रा, स्वेतांक चौरसिया, कुशाल जंजाडे, विनोद पटेल, अरविंद सिंगरोरे, माहू दास और बुद्धसिंह सहित अनेक वन कर्मचारी उपस्थित रहे।

वन कर्मचारी संघ की इस सराहनीय पहल का उद्देश्य भीषण गर्मी में वन्य पक्षियों को पानी उपलब्ध कराकर उनकी रक्षा करना है। संघ के सदस्यों ने आमजन से भी अपने आसपास पक्षियों के लिए पानी रखने की अपील की है।



पेसा एक्ट से वन ग्रामों के निवासियों को मिलते है अधिकार

  • ग्राम स्तर पर कार्यों की समीक्षा एवं वन अधिकार पर बैठक आयोजित

मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज जनपद सभा कक्ष में पेसा एक्ट गतिविधियों के क्रियान्वयन और वन ग्रामों में वन अधिकार पत्र लागू करने के विषय पर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पेसा विकासखंड समन्वयक जितेंद्र धुर्वे ने ग्राम स्तर पर चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान सभी मोबिलाइजरों ने पेसा एक्ट के तहत अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान नवीन ग्राम सभाओं के गठन, फलिया, टोला और मोहल्ला को ग्राम सभा से जोडऩे और ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

बैठक में शांति विवाद निवारण समिति के कार्यों पर भी गहन चर्चा की गई। जिसमें समिति के माध्यम से गांव की समस्याओं का समाधान करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त ग्राम सभा निधि के खाते, सील और उससे संबंधित कार्यों पर भी चर्चा हुई। बैठक में रम्मू सिंह मरावी और पंकज पटेल ने वन ग्रामों में वन अधिकार पत्र और इसके पात्र हितग्राहियों एवं नियमों कानूनों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से वर्ष 2005 के तहत पात्र और अपात्र हितग्राहियों के नियमों पर विस्तार से चर्चा की, जिससे सभी उपस्थितजनों को इस विषय की स्पष्ट समझ हो सके। इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और वन अधिकार पत्र के माध्यम से वन ग्रामों के निवासियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें मान्यता दिलाना था।


मारपीट और जातिगत गाली देने वाले आरोपी को तीन माह की जेल, जुर्माना

मंडला महावीर न्यूज 29. विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी एक्ट न्यायालय मंडला ने मारपीट करने और जातिगत गाली देने के आरोपी अब्दुल समद खान पिता अहमद खान, 40 वर्ष, निवासी ग्राम पखवार, थाना मवई को दोषी ठहराते हुए एससी, एसटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत तीन माह का सश्रम कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

जानकारी अनुसार 12 अप्रैल 2021 को प्रार्थिया मंगली बाई पन्द्रे ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 अप्रैल को ही दोपहर करीब 12 बजे दयाराम आयाम ने उन्हें बताया कि पखवार के अब्दुल समद ने उनके खेत की सीमा पर लगी मेढ़ तोड़ दी है। जब मंगली बाई अपनी भाभी बुद्धो बाई धुर्वे के साथ खेत पर गईं तो उन्होंने देखा कि अब्दुल समद ने पुरानी मेढ़ तोड़कर उनकी सीमा में नई मेढ़ बना ली थी और जामुन के पेड़ के पास सड़क किनारे खड़ा था।

जब मंगली बाई ने अब्दुल समद से कहा कि पहले भी नापजोख हो चुकी है, फिर उसने मेढ़ तोड़कर उनके खेत की सीमा में दूसरी मेढ़ क्यों बनाई, तो अब्दुल समद ने यह जानते हुए कि वह अनुसूचित जनजाति गोंड जाति की महिला हैं, उन्हें जातिगत गालियां देते हुए कहा कि तुम गोंड जाति के मेरा क्या बिगाड़ लोगे और मां-बहन की अश्लील गालियां दीं। जब मंगली बाई ने उसे गाली देने से मना किया तो उसने जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ उठाया और उनका बायां हाथ पकड़ लिया।
बचाव में मंगली बाई ने उसका गमछा पकड़ लिया, जिसे उसने झटका देकर छुड़ा लिया। इसके बाद अब्दुल समद ने अपनी गाड़ी चालू करके पुलिस बुलाने की धमकी दी और मवई की तरफ चला गया। हाथ पकडऩे और झटका देने से मंगली बाई के बाएं हाथ में दर्द हुआ था। घटना को उनकी भाभी बुद्धो बाई और रमतिला के रामनाथ आयाम ने देखा और सुना था। प्रार्थिया ने घटना की जानकारी अपने भाई दरबारी भाई और रमेश मरावी को भी दी थी।

बताया गया कि इस घटना के आधार पर मवई थाने में आरोपी के खिलाफ विभिन्न धारा ओर एससी, एसटी एक्ट की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया। संपूर्ण विवेचना के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी अब्दुल समद खान को दोषी पाया और उपरोक्त सजा सुनाई। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी सरमन सिंह ठाकुर ने की।


 


हर एक की जुबान पर नमामि देवी नर्मदे के स्वर

  • व्यास नारायण मंदिर पहुंचे उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमावासी
  • अभिषेक, पूजन, भंडारे के साथ हुआ उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा का समापन

मंडला महावीर न्यूज 29. नर्मदा नगरी मंडला में उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा विगत पांच वर्ष पहले प्रारंभ की गई। जिसके अंतर्गत महिष्मति मां नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा आयोजन समिति के तत्वावधान में दूसरे चरण में उत्तर वाहिनी नर्मदा परिक्रमा 19 अप्रैल को शुरू की गई, जिसका समापन 20 अप्रैल रविवार को शाम 5.30 बजे व्यास नारायण मंदिर में पूजन अर्चन के साथ किया गया। बताया गया कि मंडला नगर के व्यास नारायण मंदिर में संकल्प लेकर उत्तर वाहिनी नर्मदा परिक्रमा शुरू हुई। परिक्रमा का रात्रि विश्राम घाघा घाघी में हुआ। यहां राँित्र में भजन, कीर्तन किया गया। माँ नर्मदा की मनमोहक आरती भक्तों द्वारा की गई। हजारों की संख्या में यहां परिक्रमावासी के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।


जानकारी अनुसार दो दिवसीय उत्तर वाहिनी नर्मदा परिक्रमा के घाघा घाघी में रात्रि विश्राम के बाद प्रात: घाघा घाघी नर्मदा तट नाव से पार करके बबैहा गरम पानी कुण्ड पहुंचे। यहां गरम पानी कुण्ड में परिक्रमा में शामिल भक्तों ने गरम पानी कुण्ड व नर्मदा में स्नान कर यात्रा को आगे बढ़ाया। बबैहा में अल्प विराम के बाद यात्रा आगे की और बढ़ी। वहीं यहां से कुछ परिक्रमावासी ग्वारी, तिंदनी होते हुए कटरा होते व्यास नारायणगंज मंदिर में अपनी परिक्रमा पूरी की। वहीं कुछ परिक्रमावासी तिंदनी से एमपीटी के आगे गाजीपुर होते हुए जिलहरी घाट के गुरूकुल में कुछ देर विश्राम किया। जहां से माँ नर्मदा नदी के किनारे-किनारे नए पथ मार्ग से सहस्त्रधारा पहुंचे। जहां से गौंझी, देवदरा, नेहरू स्मारक होते हुए जेलघाट, नाव घाट, बुधवारी चौक से किले घाट स्थित व्यास नारायण मंदिर में दो दिवसीय उत्तरवाहिनी माँ नर्मदा परिक्रमा का समापन किया। बताया गया कि परिक्रमा पथ मार्ग में श्रृद्धालुओं द्वारा परिक्रमा कर रहे भक्तो के लिए बबैहा से लेकर कटरा के बीच जगह-जगह स्वल्पाहार, पेयजल एवं चाय नाश्ता की व्यवस्था की गई। इस दौरान नर्मदा भक्तों की सेवा का अवसर क्षेत्रीय लोगों को मिला।

पांव में आए छाले, फिर भी रहा उत्साह 

बताया गया कि दो दिवसीय नर्मदा परिक्रमा में जिले समेत अन्य जिलों और राज्यों के नर्मदा भक्त परिक्रमा में शामिल हुए। जिसमें मुम्बई, केरल, नासिक, नागपुर समेत महाराष्ट्र के सबसे ज्यादा नर्मदा भक्त उत्तरवाहिनी परिक्रमा में पहुंचे। इन्हीं में एक नर्मदा भक्त दूसरे चरण की उत्तरवाहिनी माँ नर्मदा परिक्रमा में नंगे पैर परिक्रमा करने पहुंचे। पहले दिन की परिक्रमा के दौरान ही उनके पैरों में छाले पड़ गए, लेकिन नर्मदा भक्त का उत्साह कम नहीं हुआ। अपने पैरों में कपड़े की पट्टी बांधकर माँ नर्मदा के प्रति अपनी श्रृद्धा व्यक्त करते हुए अपने परिक्रमा पथ पर आगे बढ़ते चले और दो दिवसीय माँ नर्मदा की परिक्रमा पूर्ण की।

39 किमी की रही इस साल की यात्रा

बताया गया कि उत्तरवाहिनी माँ नर्मदा परिक्रमा का यह पांचवा वर्ष है। महाराजपुर संगम से घाघा-घाघी तक लगभग 20 किमी एक तट व 19 किमी बैबहा से राजराजेश्वरी वार्ड तक कुल 39 किमी की परिक्रमा पूर्ण की गई। लालाराम चक्रवती ने बताया कि माँ नर्मदा परिक्रमा को लेकर शास्त्रों में एक प्रावधान यह भी है कि जो कोई भी मां नर्मदा की पूरी परिक्रमा किसी कारणवश चाहते हुए भी न कर पा रहा हो तो वह व्यक्ति उत्तरवाहिनी मां नर्मदा परिक्रमा कर इस पुण्य लाभ को प्राप्त कर सकता है। यह जिलेवासियों का सौभाग्य है कि मां नर्मदा जिले को तीन ओर से घेरते हुए मंडला से कल-कल करती आगे बढ़ रही है। इसी के साथ जिले में उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा तट भी स्थित है। जिससे नर्मदा नगरी का महत्व और बढ़ जाता है।

सम्पूर्ण नर्मदा परिक्रमा के बराबर पुण्यदायक 

अमरकंटक से मां नर्मदा का उद्गम होता है और खंबात की खाड़ी तक मां नर्मदा प्रवाहित होती है, इस पूरे मार्ग में तीन स्थान ऐसे हैं जहां मां रेवा उत्तर दिशा में प्रवाहित हुई हैं। जहां-जहां मां नर्मदा उत्तर दिशा में प्रवाहित हुई उतने क्षेत्र की परिक्रमा करने का प्रावधान शास्त्रों में बताया गया है और यह परिक्रमा वर्ष में सिर्फ एक माह में ही की जाती है, वह चैत्र का माह। पूरे नर्मदा क्षेत्र में 3 स्थान ऐसे हैं जहां माँ नर्मदा उत्तरवाहिनी हुई हैं, इनमें से एक गुजरात प्रदेश में तिलकवाड़ा, दूसरा क्षेत्र मंडला और तीसरा ओमकारेश्वर के पास का स्थान है जो कि अब बांध बन जाने से डूब क्षेत्र में आकर विलोपित हो गया है। गुजरात के तिलकवाड़ा में उत्तरवाहिनी परिक्रमा वर्षो से की जा रही है। यह आयोजन उस क्षेत्र का बहुत बड़ा आयोजन होता है। दो दिवसीय यात्रा में शामिल नर्मदा भक्तों का जगह-जगह स्वागत भी किया गया।

इनका कहना है

माँ नर्मदा की पूरी परिक्रमा मैने 103 दिन में पूरी कर चुकी है और उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा पहली बार कर रही हूं। जिसमें रामपुरा से तिलकवाड़ा की परिक्रमा कर चुकी हू, इसके बाद मंडला में उत्तरवाहिनी माँ नर्मदा परिक्रमा की जानकारी लगी, तो माँ ने हमे यहां बुला लिया और दो दिवसीय उत्तरवाहिनी माँ नर्मदा की परिक्रमा पूर्ण की।


आभा कूलकर्णी, मुम्बई

हमारे करीबी माँ नर्मदा की परिक्रमा में आ रहे थे, तो हमने भी मन बना लिया मंडला में परिक्रमा करने का। यहां माँ नर्मदा की परिक्रमा करने से मन को बहुत सूकुन मिलता, शरीर को तकलीफ होती है, लेकिन मन को नहीं होती है। मंडला के लोगों में बहुत सेवा भाव है, कॉलेज के छात्रों द्वारा परिक्रमावासियों की खूब सेवा की गई, जो सराहनीय है।


नीलिमा टिल्लू, मुम्बई

अपने दोस्तों के साथ मंडला में उत्तरवाहिनी माँ नर्मदा की परिक्रमा करने पहुंचे। इस परिक्रमा में बहुत अच्छा अनुभव रहा। इस परिक्रमा में माँ नर्मदा मैया हम सभी के साथ रही, परिक्रमा में अकेलापन महसूस नहीं हुआ। परिक्रमा करने का संकल्प तो हमारा था, लेकिन ऐसा लग रहा था कि यह संकल्प मैया का था, जो मैया स्वयं संभाल रही थी।


स्नेहल जोशी, नागपुर

माँ नर्मदा की गोद में रहने का मौका मिला है, फिलहाल भोपाल में एमपीयूडीसी में कार्यरत हूं। माँ नर्मदा की तीन हजार किलोमीटर की परिक्रमा फरवरी माह में साईकिल से पूरी की है। इसके बाद यहां मंडला में उत्तरवाहिनी परिक्रमा शुरू हुई तो मैया ने बुला लिया, यहां दो दिवसीय उत्तरवाहिनी माँ नर्मदा की परिक्रमा करके मन को बहुत सुकून मिला।


हेमंत खेर, भोपाल





उत्तरवाहिनी मां नर्मदा परिक्रमा में स्वच्छता का संदेश

  • सम्पूर्ण नर्मदा परिक्रमा के बराबर है उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा का फल
  • मां नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा का शुभारंभ
  • व्यास नारायण मंदिर में संकल्प लेकर श्रृद्धालुओं ने की यात्रा प्रारंभ
  • नर्मदा के किनारे किनारे बढ़ी यात्रा
  • आज होगा उत्तरवाहिनी परिक्रमा का समापन

मंडला महावीर न्यूज 29. नर्मदा नगरी मंडला में उत्तरवाहिनी नर्मदा परिक्रमा विगत पांच वर्ष से की जा रही है। महिष्मति मां नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा आयोजन समिति के तत्वावधान में उत्तर वाहिनी नर्मदा परिक्रमा शनिवार को प्रात: मंडला नगर के व्यास नारायण मंदिर में संकल्प लेकर यात्रा प्रारंभ की गई। दो दिवसीय इस नर्मदा परिक्रमा में एक हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। जिले के आसपास गांव के साथ दूसरे प्रदेश से भी श्रद्धालु पहुंचे। किलाघाट से मां नर्मदा को नाव से पार करके दूसरे तट पर पुरवा स्थित मां सरस्वती प्रस्त्रवण तीर्थ दक्षिण तट पहुंचे। जहां श्रीकृष्ण मंदिर में पूजन के बाद नर्मदा बंजर संगम स्थल पर बने कच्चे पुल को पार करते हुए महाराजपुर संगम से होते हुए घाघी के लिए नर्मदा परिक्रमा पदयात्रा प्रारंभ की।

जानकारी अनुसार महाराजपुर संगम में परिक्रमा में शामिल लोगों का पंजीयन किया गया सभी को परिचय पत्र दिए गए। यहां से परिक्रमा मंगलेश्वर मंदिर मार्ग की ओर आगे बढ़ी। ज्वालाजी मंदिर परिसर में चित्रगुप्त मंदिर के समीप चित्रगुप्त कायस्थ सभा ने बाल भोग की व्यवस्था की। परिक्रमावासी दादा धनीराम जी के दर्शन कि लिये उनकी समाधि स्थल पहुंचें। राधाराज आश्रम होते हुए कच्चे मार्ग से मानादेई ग्राम की ओर प्रस्थान किया। सुबह घुंघरू वाले महाराज जी के आश्रम में जलपान के साथ-साथ विश्राम की व्यवस्था की गई। सुरंगदेवरी ग्राम से गांव के अंदर होते हुए बोठी घाट आश्रम सिलपुरा पहुंचे। आश्रम में दोपहर के भोजन की व्यवस्था की गई। भोजन के साथ-साथ भजन की प्रस्तुति ने सभी को आनंदित कर दिया। दोपहर की तपन को भूलाकर मां नर्मदा की स्तुति से आत्म शांति प्राप्त की। विश्राम करने के बाद यहां से परिक्रमा कच्चे रास्ते से ही सनकुही पहुंची। रात्रि विश्राम घाघी तट पर किया गया। जहां जहां पर टेंट लगाकर परिक्रमावासियों के लिए रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई।

स्वच्छता का दिया संदेश, साथ लेकर पहुंचे थाली 

जगह-जगह प्रसादी व स्वल्पाहार का वितरण श्रद्धालुओं के माध्यम से किया गया। जिसमें डिस्पोजल व अन्य पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री का उपयोग नहीं किया गया। समिति के आग्रह पर परिक्रमावासियों ने अपने साथ थाली, गिलास लेकर पहुंचे। पत्तल एवं डिस्पोजल का कचरा नर्मदा तट नहीं फैलने दिया।

स्काउट गाइड संघ ने दिया जागरूकता संदेश 

बताया गया कि महिष्मति मां नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा के द्वितीय चरण के पहले दिन परिक्रमा पथ पर लोगों को जागरूक करने भारत स्काउट एण्ड गाइड मप्र जिला संघ मंडला द्वारा लोगों को माँ नर्मदा को स्वच्छ रखने, जल को बचाने, प्लास्टिक का उपयोग ना करने, पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने पौधारोपण करने के लिए परिक्रमा में शामिल श्रृद्धालुओं और परिक्रमा पथ में पडऩे वाले ग्रामों के लोगों को जागरूक किया।

तीन स्थान पर उत्तरवाहिनी 

नर्मदा आयोजन समिति ने यात्रा के संदर्भ में बताया कि मां नर्मदा के उद्म स्थल अमरकंटक से खंबात की खाड़ी तक मां नर्मदा का प्रवाह कभी उत्तर और कभी दक्षिण दिशा की ओर है। अमरकंटक से खंबात की खाड़ी तक के पूरे नर्मदा क्षेत्र में तीन स्थान ऐसे हैं। जहां मां नर्मदा उत्तरवाहिनी हुई हैं। इनमें से एक गुजरात में तिलकवाड़ा, दूसरा मंडला और तीसरा ओंकारेश्वर के पास का स्थान है।



संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी आज से करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल

  • अपने ब्लाक प्रमुखों को ज्ञापन सौंपकर दी जानकारी

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी आज 22 अप्रैल से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। बताया गया कि एनएचएम भोपाल द्वारा संविदा कर्मचारियों को दी गई सुविधाओं में कटौती के विरोध में प्रदेश के करीब 32 हजार कर्मचारी मंगलवार से स्वास्थ्य संस्थाओं में नहीं जाएंगे। जिसके लिए सभी ब्लाकों में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपने ब्लाक प्रमुखों को अनिश्चितकालीन हड़ातल के लिए ज्ञापन देते हुए इसकी जानकारी दी है।

संघ के अध्यक्ष डॉ. मुकेश झारिया ने सभी संविदा कर्मचारियों से कहां कि हमारे सभी संविदा कर्मचारियों के साथ सरकार ने वादा खिलाफी की है और उनकी मांगों को पूरा नहीं किया है जिसको लेकर आज 22 अप्रैल से जिले से लेकर प्रदेश तक के समस्त संविदा अधिकारी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। इससे पहले समस्त संविदा अधिकारी कर्मचारियों ने सोमवार को अपने ब्लॉकों में ब्लॉक प्रमुख को अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए ज्ञापन सौंपा है।

बताया गया कि संविदा कर्मचारी 20 वर्षों से अधिक समय से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएँ सुचारू रूप से दे रहे हैं और उन्होंने कोरोनाकाल में भी अपनी जान की परवाह किए बिना सेवाएँ दी हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 04 जुलाई 2023 को भोपाल में महापंचायत बुलाकर संविदा कर्मचारियों के लिए घोषणाएँ की गई थीं, और सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 23 जुलाई 2023 को एक नीति भी जारी की थी, लेकिन एनएचएम भोपाल द्वारा सुविधाओं में कटौती की गई, जिसके कारण कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन किया और 16 अप्रैल 2025 को रैली निकालकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा, लेकिन कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जिसके कारण सभी संविदा कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए विवश है।


महिला को बचाने बाईक सवार युवक हुआ घायल

  • नारायणगंज से सुखराम के बीच घुघरी चौराहे की घटना

मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज से ग्राम सुखराम के बीच घुघरी चौराहा में एक बाईक सवार महिला को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित होकर मार्ग के नीचे गिर गया। जिसके कारण बाईक सवार को सिर में गंभीर चोट आई। बताया गया कि ग्राम सुखराम निवासी राजेन्द्र कुशरे पिता रामू सिंह कुशरे 25 वर्ष किसी काम से नारायणगंज मुख्यालय आया हुआ था। नारायणगंज से वापस अपने ग्राम सुखराम वापस जाते समय सड़क हादसे का शिकार हो गया।

जानकारी अनुसार नारायणगंज से ग्राम सुखराम के बीच घुघरी चौराहे के पास एक सड़क दुर्घटना में राजेन्द्र कुशरे गंभीर रूप से घायल हो गए। राजेन्द्र से नारायणगंज से वापस अपने गाँव लौट रहा था। इसी दौरान घुघरी चौराहे पर एक यात्री वाहन से एक महिला उतर रही थी और उसी समय राजेन्द्र कुशरे अपनी बाइक से अपने ग्राम जा रहा था। महिला को बचाने की कोशिश में राजेन्द्र की बाइक अनियंत्रित हो गई और वे सड़क से नीचे गिर गए।

बताया गया कि दुर्घटना में राजेन्द्र कुशरे को सिर और आँख के ऊपर गंभीर चोटें आईं। वहीं युवक के दोनों हाथों में भी चोटे है। स्थानीय लोगों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस को बुलाया और घायल युवक के परिवार को सूचित किया। सूचना मिलते ही परिजन और एम्बुलेंस मौके पर पहुंचे और राजेन्द्र को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणगंज ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। घायल राजेन्द्र का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज में चल रहा है।


स्वास्थ्य सुविधाओं में आग से बचाव की रणनीतियों पर की चर्चा

  • पहले दिन आयोजित हुई बेबीनार, 26 तक आयोजित होंगा फायर सेफ्टी सप्ताह का आयोजन
  • जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में शुरू हुआ फायर सेफ्टी सप्ताह

मंडला महावीर न्यूज 29. प्रदेश की सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थाओं को फायर सेफ्टी मानकों के अनुरूप विकसित करने और संस्थाओं में कार्यरत सभी चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ और सपोर्ट स्टाफ को निरंतर जागरूक करने और प्रशिक्षित करने के लिए 26 अप्रैल तक फायर सेफ्टी सप्ताह का आयोजन शुरू किया गया है। बताया गया कि इस वर्ष फायर सेफ्टी सप्ताह की थीम एकजुट हो अग्नि सुरक्षित भारत को प्रज्वलित करें है। इसके अंतर्गत सप्ताह के पहले दिन स्वास्थ्य सुविधाओं में आग से बचाव की रणनीतियों, विद्युत आग सुरक्षा और आपातकालीन निकासी और रोगी सुरक्षा रणनीतियों पर चर्चा की गई।

जानकारी अनुसार 26 अप्रैल तक जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में फायर सेफ्टी सप्ताह मनाया जाएगा। यह आयोजन स्वास्थ्य संस्थाओं को फायर सेफ्टी मानकों के अनुरूप विकसित करने और कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा के बारे में जागरूक करने के लिए किया जा रहा है। सेफ्टी सप्ताह के अंतर्गत पहले दिन आयोजित बेबिनार में स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्रि सुरक्षा पर की गई। जिसमें स्वास्थ्य सुविधाओं में आग से बचाव की रणनीतियां बनाई गई, विद्युत आग सुरक्षा की जानकारी दी गई। आपातकालीन निकासी और रोगी सुरक्षा रणनीतियां कैसे बनाई जाए इस पर चर्चा की गई।


बताया गया कि इस वेबिनार का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को आग से सुरक्षा के उपायों और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना था, यह आयोजन राज्य की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में अग्नि सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का एक भाग है। बताया गया कि आज 22 अप्रैल को स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्नि सुरक्षा पर शपथ ली जाएगी और वेबिनार में अग्नि सुरक्षा अनुपालन और नियामक आवश्यकताओं पर जानकारी दी जाएगी। 23 अप्रैल को केंद्रीय और राज्य सरकार और निजी अस्पतालों में फायर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। 24 और 25 अप्रैल को पोस्टर बनाना, फायर सेफ्टी क्विज, फायर सेफ्टी निरीक्षण का प्रदर्शन, फायर सप्रेशन सिस्टम का प्रदर्शन और आग दुर्घटनाओं पर टेबलटॉप अभ्यास जैसी जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही यह कार्यक्रम सभी शासकीय और प्राइवेट स्वास्थ्य संस्थाओं में आयोजित करने के निर्देश दिए गए है।


मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में यूकेलिप्टस प्लांट में लगी आग

  • डेढ़ एकड़ मेें लगी थी आग, नहीं हुआ नुकसान
  • मौके पर पहुंचे तीन दमकल वाहन, समय रहते आग पर पाया काबू

मंडला महावीर न्यूज 29. गर्मी अपने पूरे शबाव पर है, और लोग तेज गर्मी से बचने जतन करते नजर आ रहे है। वहीं जिले में आगजनी की भी घटनाएं लगातार सामने आ रही है। जिले के विकासखंड निवास के औद्योगिक क्षेत्र मनेरी में आगजनी की घटना घटित हो गई। बताया गया कि सोमवार की शाम लगभग साढ़े चार बजे मनेरी औद्योगिक क्षेत्र स्थित इंडेन गैस प्लांट के सामने यूकेलिप्टस प्लांट में अचानक आग लग गई। तत्काल इसकी सूचना मनेरी पुलिस चौकी और दमकल वाहनों को दी गई। सूचना मिलते ही निवास, बरेला और एक अन्य दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

मनेरी चौकी प्रभारी कुंवर बिसेन ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि इंडेन गैस प्लांट के सामने एकेवीएन के प्लॉट पर यूकेलिप्टस के प्लांट में आग लगी है। उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंचकर उनके स्टाफ ने तीन दमकल वाहनों की मदद से आग बुझाई। आग लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में फैली हुई थी, लेकिन समय रहते काबू पा लिया गया। आग लगने का कारण अज्ञात है और कोई नुकसान नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।


रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे


श्रीनारायण दत्त श्रीमाली जी का अवतरण दिवस मनाया

  • साधकों ने लिया अपने गुरू जी का आर्शीवाद

मंडला महावीर न्यूज 29. परम पूज्य सद्गुरूदेव श्रीनारायण दत्त श्रीमाली जी का अवतरण दिवस 21 अप्रैल को मनाया गया। अवतरण दिवस के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम परिवार मंडला के साधकों ने श्रीमाली जी का अवतरण दिवस गुरू भाई के घर में बड़े ही उत्साह पूर्वक मनाया। इस दौरान उपस्थित सभी गुरू भाईयों ने अपने गुरू श्रीनारायण दत्त श्रीमाली जी का पूजन, अर्चन किया।

बताया गया कि श्री माली जी के अवतरण दिवस के अवसर पर सिद्धाश्रम परिवार के सभी सदस्यों ने गुरूपूजन, जप व हवन के बाद आरती कर गुरूजी का आर्शीवाद लिया। जिसके बाद गुरू भाईयों और परिजनों को प्रसाद वितरण किया। अवतरण दिवस में सिद्धाश्रम परिवार के सभी साधकों ने अपनी अपनी श्रृद्धा अनुसार पूजन पाठ कर गुरूदेव का अवतरण दिवस मनाया।


किसानों ने कहा शॉर्ट सर्किट के कराण लगी आग

  • एसडीएम से मुलाकात कर अपनी समस्या से कराया अवगत 

मंडला महावीर न्यूज 29. सिलगी ग्राम के किसान सोमवार की दोपहर एक बजे एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जहां एसडीएम से मुलाकात कर अपनी समस्या से अवगत कराया। जानकारी के अनुसार सिलगी में 17 अप्रेल को खेतों की नरवाई में आग लग गई थी। जिसके लिए 52 किसानो को जुर्माना वसूलने के लिए नोटिस जारी किया गया है।

किसानों ने एसडीएम से मुलाकात कर बताया गया कि सिलगी क्षेत्र में विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त है। जिससे निकलने वाली जिंगारी के कारण खेतों में आग लग जाती है। 17 अप्रेल को भी इसी कारण से आग लगी और पूरे हार में फैल गई। किसानों ने एसडीएम से उचित जांच की मांग की है। साथ नरवाई विनाष्टिकरण के लिए संयत्र व दवा उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि पटवारी व कोटवार ने प्रशासन को गलत जानकारी दी है। कुछ ऐसे किसानों को भी नोटिस दिया गया है जिनके खेत में नरवाई जलाई ही नहीं गई है।


तेज रफ्तार डंपर ने पिकअप को मारी टक्कर

  • बिछिया में बड़ा हादसा होते-होते टला
  • पिकअप और टीन शेड को पहुंचा नुकसान

मंडला महावीर न्यूज 29. राष्ट्रीय राज्यमार्ग 30 पर एक बार फिर तेज रफ्तार के कहर से बिछिया तहसील मुख्यालय में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बताया गया कि बिलासपुर से जबलपुर की तरफ जा रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने सड़क किनारे खड़ी एक पिकअप को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप एक घर में बने टीन शेड में जा घुसी और डंपर मार्ग में बने फुटपाथ पर आ गया।

जानकारी अनुसार तेज रफ्तार डंपर में फ्लाई ऐश लदी हुई थी। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। बिछिया थाना प्रभारी धर्मेंद्र धुर्वे ने बताया कि इस दुर्घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हादसे में पिकअप और टीन शेड को काफी नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने डंपर को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच कर रही है।



 


आज परिणय सूत्र में बंधेंगे 197 जोड़े

  • नारायणगंज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह के भव्य आयोजन की तैयारी पूर्ण

मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज मुख्यालय में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत नारायणगंज के 50 ग्राम पंचायतों के 197 वर-वधू इस योजना के तहत परिणय सूत्र में बंधेंगे। इस भव्य आयोजन की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं, जिसमें सुरक्षा, स्वास्थ्य समेत अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। नारायणगंज जनपद पंचायत अध्यक्ष आशाराम भारतीया और उपाध्यक्ष अविनाश शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ पेयजल की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 5 वर और 5 वधू के रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित किए गए हैं। वधू पक्ष का पंजीकरण कार्यक्रम स्थल पर ही किया जाएगा, जबकि वर पक्ष का पंजीकरण जनपद पंचायत बैठक कक्ष में होगा।

नारायणगंज जनपद सीईओ गौरी शंकर डहेरिया ने बताया कि आज रविवार को नारायणगंज में 197 जोड़े का विवाह संपन्न होगा। इस आयोजन में मुख्य अतिथि मंडला सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते, कैबिनेट मंत्री संपतिया उईके सहित नारायणगंज क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। सामूहिक विवाह समारोह के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों और नवविवाहित जोड़ों के लिए भोज का आयोजन किया गया है। यह भोजन समारोह सामुदायिक सद्भाव और उत्सव के माहौल को और भी अधिक यादगार बनाएगा।

बताया गया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना मध्यप्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता करना है। इस योजना के तहत सरकार नवविवाहित जोड़ों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है और सामूहिक विवाह समारोहों का आयोजन करती है, जिससे समाज में समानता और एकजुटता को बढ़ावा मिलता है। नारायणगंज में आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह न केवल 197 जोड़ों के जीवन में खुशियाँ लाएगा, बल्कि यह समाज के अन्य लोगों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामुदायिक एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, जो सभी के लिए एक यादगार अनुभव होगा। इस योजना के अंतर्गत सरकार का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है और उन्हें आर्थिक बोझ से मुक्त करना है। इस प्रकार के सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक बंधनों को मजबूत करने और सामुदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



बीजाडांडी में नहीं रूक रहा सट्टा कारोबार

  • हाईटेक तरीके से सट्टा बाजार गरम, गवां रहे अपनी पूंजी
  • अंधकार में बीजाडांडी के युवाओं का भविष्य, बीजाडांडी में अवैध कारोबार चरम पर
  • बीजाडांडी क्षेत्र में सट्टा पर नहीं लग रही लगाम, पुलिस मौन

मंडला महावीर न्यूज 29. इस हाइटेक के जमाने में सब कुछ हाईटेक हो गया है, जहां पहले लोग मोबाईल से एक दूसरे से संपर्क किया करते थे, अब वहीं मोबाईल अवैध कारोबार का जरिया बन गया है। अब जमाना इतना हाईटेक हो गया है कि सब कुछ ऑनलाईन हो जाता है, कुछ ख्ररीदना है, बेचना है और पैसे का भी लेन देन भी अब ऑनलाईन हो रहा है। इसी हाईटेक का फायदा जिले में अवैध कारोबारी उठा रहे है।

जानकारी अनुसार जिले के विकासखंड बीजाडांडी में सट्टा, नशाखोरी समेत अन्य अवैध कारोबार तेजी से अपने पैर पसार रहा है। बीजाडांडी क्षेत्र में प्रतिदिन लाखों रुपये का सट्टा खिलाया जा रहा है। बीजाडांडी, कालपी समेत आस पास क्षेत्र में सट्टेबाजी का कारोबार तेजी से चल रहा है। संचार क्रांति के इस दौर में दिन में तीन टाईम का सट्टा खिलाया जा रहा है और आनलाइन बाजियां लगाई जा रहीं हैं। ऐसे में जहां क्षेत्र में सक्रिय सटोरियों की मौज है, वहीं क्षेत्र के गरीब और मजदूर वर्ग के लोग अपनी खून पसीने की कमाई इन अंको के हेर फेर में गंवा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि केवल उम्रदराज लोग ही सट्टा खेल रहे हैं,बल्कि कम उम्र के युवा भी अंकों में दांव लगाकर अपना कैरियर खराब कर रहे हैं। फिलहाल सट्टे का अब रूप बदल गया है। पेन, कागज की जगह मोबाईल ने ले ली है। अब सट्टा ऑन लाईन खिलाया जा रहा है। यह सट्टा कारोबार पुलिस की गिरफ्तर से काफी दूर है। जिसके कारण क्षेत्र में सट्टे पर लगाम नहीं लग पा रही है।

बताया गया कि बीजाडांडी में अवैध कारोबार अपने चरम पर है, यहां सट्टा और अवैध मादक पदार्थो का जमकर खेल चल रहा है। सूत्रों के अनुसार बीजाडांडी क्षेत्र में सट्टा जमकर खिलाया जा रहा है। एक के अस्सी की लालच में लोग बर्बाद हो रहे है। सट्टा छोटे छोटे से पान ठेले से लेकर चाय की टपरी समेत अन्य स्थानों में इसका गुड़ा भाग चल रहा है। 01 के 80 की गिरफ्त में युवा पीढ़ी आ रही है। इन सामाजिक कुरीतियों की वजह से अधिकाश परिवार जहां आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं तो वहीं काफी युवाओं के कदम अपराध की दुनिया की ओर भी बढ़ रहे हैं। इससे युवाओं का भविष्य भी संकट में आ रहा है।

ऐसा लिखा जाता है मोबाईल में नंबर 

अब सटोरिया, एजेंट सट्टा लिखने के लिए कागज, पेन का सहारा नहीं लेते है, अब सटोरिए भी हाईटेक हो गए है। ये अब घर बैठे ही मोबाईल पर सट्टा लगाने वालों की ओपन, क्लोज लिख रहे है। सट्टा का नंबर लिखने के लिए सटोरिए कोड वर्ड का इस्तेमाल करते है। जैसे ओपन 1- 200, 7-100, 4-400, यह ओपन के नम्बर है जिसमें प्रथम 1, 7 या 4 में 200,100, 400 की रकम लगी है। ऐसे ही क्लोज लिखी जाती है और जोड़ी भी ऐसे ही लिखा जाता है।

गरीब फंसता जा रहा जाल में 

बताया गया कि ओपन में आने पर एक रुपए के 9 रुपया भुगतान किया जाता है, क्लोज पर 12 रुपए पर करीब 1000 रूपए की रकम का भुगतान होता है। उदयपुर, बीजाडांडी , कालपी व आसपास के ग्रामो में सट्टे के तीन खेल टाइम बाजार, कल्याण, राजधानी ओपन, क्लोज जोरो पर चल रहा है। बता दे कि सट्टे के इस खेल में सबसे अधिक गरीब तबके के मजदूर, हम्माल, आटो चालक जैसे लोग फंसे हुए है। कुछ लोग तो नम्बरो की रनिंग खेलते है। जिससे वे ओर अधिक लूट रहे है। सट्टे के इस खेल में किसी का बस नही जो इसे बंद करा सके। इस सट्टे के खेल में परिवारिक कलह भी हो रहा है। उदयपुर, बीजाडांडी में ऐसे सटोरिये है जो ओपन, क्लोज, जोड़ी की रकम स्वयं खाते है। क्योंकि खिलाने वाले के पास 99 अंक है, लेकिन खेलने वाले के पास केवल उसी के दो चार अंक होते है, पैसे बनाने के चक्कर में गरीब इस खेल में फंसता जा रहा है।



बिना वैध चिकित्सा डिग्री के मरीजों का कर रहा था इलाज, की कार्रवाई

  • मंडला एसडीएम ने महाराजपुर में औचक निरीक्षण कर झोलाछाप डॉक्टर पर की कार्रवाई

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला एसडीएम सोनल सिडाम ने महाराजपुर में अवैध रूप से चिकित्सा कार्य कर रहे एक झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार एसडीएम ने महाराजपुर में औचक निरीक्षण कर मनोज परते नामक व्यक्ति द्वारा क्लीनिक बिना किसी वैध चिकित्सा डिग्री के मरीजों का इलाज करते हुए पाया गया। मनोज परते के पास किसी भी प्रकार की वैध चिकित्सा शिक्षा या डिग्री नहीं है और वह गैरकानूनी रूप से लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा था।

एसडीएम सोनल सिडाम ने इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए झोलाछाप डॉक्टर मनोज परते कार्यवाही की गई। इस दौरान राजस्व निरीक्षक राकेश कटारिया, डॉ वैभव पटेल, बी एम ओ डॉ. देवेंद्र शर्मा, मेडिकल ऑफिसर, महाराजपुर पटवारी योगेश तिवारी, नीरज वरकड़े सहित संबंधित उपस्थित थे।


तीन माह के मासूम ने जीत ली जिंदगी

  • योजना का मिला सहारा तो दिल की धड़कन रूकने नहीं दी
  • मुम्बई के नारायणलाय में हुआ नि:शुल्क ऑपरेशन

मंडला महावीर न्यूज 29. बाल हदय उपचार योजना के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र में नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही है। जिससे पीडि़त बच्चे निरोगी हो और एक स्वस्थ्य समाज एवं उज्जवल भविष्य का निर्माण हो। इसी उद्देश्य से आरबीएसके अंतर्गत जिला शीघ्र पहचान हस्तक्षेप केन्द्र, जिला चिकित्सालय मंडला में पीडि़त बच्चों को योजना का लाभ दिलाया जा रहा है।

सीएमएचओ डॉ. केसी सरोते ने बताया कि कुछ नवजात शिशुओं में जन्मजात विकार हो जाते है। उनमें से अधिकांश विकार ठीक हो सकते है, यदि उनका समय पर उपचार और चिकित्सा सेवा का लाभ मिल जाए। इसके लिये सरकार द्वारा हर जिले में ब्लाक स्तर पर मोबाइल हेल्थ टीम आरबीएसके का गठन किया गया है जो सरकारी और अर्धसरकारी विद्यालयों एवं आँगनवाड़ी केन्द्रों पर जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करते है। यहां अस्वस्थ्य बच्चो को चिन्हित करके उन्हे नि:शुल्क उच्च चिकित्सा सेवाओं के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, जिला चिकित्सालय और मेडिकल कालेज में ले जाया जाता है। जहाँ डीईआईसी के माध्यम से इन बच्चो को संबधित विभाग से नि:शुल्क उपचार दिलाया जाता है।

योजना का मिला सहारा 

कहावत है कि सुख के पीछे दुख और दुख के पीछे सुख आता है। हर निराशा के पीछे एक आशा छिपी होती है। बताया गया कि सिविल अस्पताल नैनपुर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत टीम कार्यरत है। आरबीएसके टीम के डॉ. धनराज भावरे, डॉ. आरके नंदा और एएनएम हेमलता विश्वकर्मा ने ग्राम रमगड़ी पालासुन्दर के आंगनवाड़ी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने 3 महीने के बच्चे यश पड़वार पिता युगल किशोर का स्वास्थ्य परीक्षण किया। परीक्षण में पाया कि बच्चा जन्मजात विकृति, दिल में छेद (सीएचडी-कंजेनिटल हार्ट डिजीज) से पीडि़त था। बच्चे को जन्म से ही बार-बार निमोनिया जैसी समस्या हो रही थी। टीम ने बच्चे को इको जांच के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा, जहां जांच में दिल में छेद होने की पुष्टि हुई। इसके बाद बच्चे को ऑपरेशन के लिए मुंबई रेफर किया गया। बच्चे का ओपन हार्ट सर्जरी मुंबई के नारायणा हृदयालय हॉस्पिटल में आरबीएसके योजना के तहत नि:शुल्क कराया गया। अब बच्चा स्वस्थ है और उसे नया जीवन मिला है। बच्चे के माता-पिता ने आरबीएसके टीम नैनपुर के डॉ. धनराज भावरे, डॉ. राजकुमार नंदा, एएनएम हेमलता विश्वकर्मा और जिला समन्वयक अर्जुन सिंह का इस उपचार के लिए आभार व्यक्त किया।



 


21 किमी के बाद माँ नर्मदा बदलती है अपनी दिशा

  • माँ नर्मदा की उत्तरवाहिनी परिक्रमा की तैयारियां पूर्ण
  • परिक्रमावासियों के लिए जगह-जगह हुई व्यवस्थाएं
  • 32 समूहों में 2350 श्रृद्धालु कर चुके उत्तरवाहिनी माँ नर्मदा परिक्रमा
  • दूसरे चरण में एक हजार से ज्यादा श्रृद्धालु होंगे शामिल

मंडला महावीर न्यूज 29. महिष्मति मां नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा आयोजन समिति के तत्वावधान में इस वर्ष भी बार दो बार उत्तरवाहनी नर्मदा परिक्रमा आयोजित की गई। पहली परिक्रमा 27-28 मार्च को आयोजित की गई और दूसरे चरण में आज 19 अप्रैल को शुरू की जाएगी जो 20 अप्रैल को सपंन्न होगी। यह परिक्रमा पूर्णतया नि:शुल्क हैं, जिसके कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे है। बताया गया कि प्रथम चरण और द्वितीय चरण के बीच करीब 32 समूहों में भारत के अलग-अलग राज्यों से 2350 श्रृद्धालुओं ने आकर पैदल और वाहन से माँ नर्मदा की उत्तरवाहिनी परिक्रमा की। 19 अप्रैल को शुरू होने वाली परिक्रमा की तैयारी समिति द्वारा कर ली गई है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या ना हो इसका ध्यान रखा जाएगा। दूसरे चरण की उत्तरवाहिनी माँ नर्मदा की परिक्रमा में एक हजार से अधिक श्रृद्धालुओं के पहुंचने का अनूमान लगाया गया है।


श्रद्धालुओं की संख्या के आधार पर अलग अलग स्थानो में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है। पंजीयन क्रम के आधार पर 5 अलग स्थानों में रात्रि भोजन, विश्राम की व्यवस्था रहेगी। बबैहा और ग्वारी रात्रि विश्राम वाले यात्रियों का दोबारा तट परिवर्तन पहले ही दिन हो जाएगा। इस बार श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बनाई जा रही है। दूसरे चरण की उत्तरवाहिनी परिक्रमा के पथ में बदलाव किया गया है। अब मुख्य मार्ग से ना जाकर नर्मदा किनारे बने पथ से श्रृद्धालु दूसरे दिन परिक्रमा में लौटेंगे। इसके साथ ही परिक्रमा के समापन के बाद शाम करीब 5.30 बजे अन्य जिलों और राज्यों से आए परिक्रमावासियों को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

सुबह 6.30 बजे होगा तट परिवर्तन 

आज शनिवार सुबह यात्रा शुरू की जाएगी। सुबह व्यास नारायण मंदिर किलाघाट से सुबह 5.30 बजे श्रद्धालु एकत्रीत होंगे। जहां संकल्प पूजन कराया जाएगा। तट परिवर्तन सुबह 6.30 बजे कराया जाएगा। यात्रा के प्रथम दिवस श्री व्यास नारायण मंदिर किला घाट, मंडला झूलापुल, नाव से तट परिवर्तन सकवाह पुरवा संगम घाट, महाराजपुर नावघाट मंगलेश्वर मंदिर गुरुद्वारा-दादा धनीराम आश्रम, कारीकोन में स्वल्पाहार के बाद मानादेही में चाय बिस्किट की व्यवस्था, सुरंगदेवरी कोठीघाट आश्रम, सिलपुरा में दोपहर भोजन इसके बाद घाघा-घाघी, ग्वारी में रात्रि भोजन, विश्रास रखा गया है। इसके बाद द्वितीय दिवस नाव से तट परिवर्तन करके बबैहा हाई स्कूल ग्वारी पहुंचकर वहां स्वल्पाहार, चाय, फूलसागर तिंदनी गाजीपुर एमपीटी के बगल से अंदर पगडंडी मार्ग से गुरुकुल, गाजीपुर से नाला पार करके सहस्त्रधारा, गौंझी से देवदरा से नेहरू स्मारक से जेलघाट से नावघाट से बुधवारी चौक से श्री व्यास नारायण मंदिर किलाघाट में यात्रा का समापन किया जाएगा।

उत्तरवाहिनी परिक्रमा का है महत्व 

उत्तवाहिनी परिक्रमा का विशेष महत्व है। पतित पावनी जगत तारिणी मां नर्मदा जिस स्थान पर उत्तर दिशा में प्रवाहित होती है, उस क्षेत्र को उत्तरवाहिनी क्षेत्र कहते हैं। स्कंध पुराण, मतस्य पुराण, वायु पुराण, पद्मपुराण और भृगु संहिता में वर्णित रेवाखंड के श्लोक में वर्णन आता है कि मार्कण्डेय मुनि जी ने युधिष्ठिर सहित पाण्डवों और कुछ देवताओं को उत्तर दिशा की ओर प्रवाहित हुई नर्मदा जी के स्थानों का महत्व कहा है। चैत्र मास में उत्तरवाहिनी मां नर्मदा परिक्रमा करने से सम्पूर्ण परिक्रमा का फल प्राप्त होता है। जिले में व्यासनारायण मंदिर व मां सरस्वती का प्रस्त्रवण तीर्थ से घाघी स्थान तक कुल 21 किलोमीटर तक उत्तर दिशा में मां नर्मदा बहती है उसके तुरंत बाद मां अपनी प्रवाह की दिशा बदल देती है।

मार्ग में पड़ेंगे कई तीर्थ स्थल 

मार्ग में नर्मदा तट में कई तीर्थ स्थल पड़ेंगे। जिसमें सबसे पहले श्री व्यास नारायण मंदिर है। मान्यता है कि व्यास नारायण मंदिर किसी काल में ऋषि वेद व्यास जी का आश्रम था और यह स्थान नर्मदा मैया के दक्षिण तट में स्थित था। आश्रम में भ्रमण करते हुये सप्तऋषियों का आगमन हुआ। वेद व्यास जी ने ऋषियों से भोजन प्रसादी ग्रहण करने का आग्रह किया, लेकिन दक्षिण तट पितृ तट होने के कारण ऋषियों ने मना कर दिया। तब वेद व्यास जी ने नर्मदा मैया को मार्ग बदलने का आग्रह किया लेकिन उन्होने नहीं माना। तब व्यास जी ने भोलेनाथ की आराधना व्यास नारायण के रूप में की तो भोलेबाबा प्रसन्न होकर नर्मदा मैया को अपना मार्ग बदलने को कहा। वेद व्यास जी ने अपने दंड से रेखा खींचते हुये, मैया को मार्ग बतलाया तब से व्यास जी का यह दंड व्यास दंड के रूप में बतलाया गया। प्रत्येक परिक्रमावासी आज भी यह दंड व्यास दंड के रूप में रखने का विधान है, जो कि महिष्मती मां नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा का आरंभ एवं समापन स्थल है।

त्रिवेणी संगम भी है यहां 

माँ सरस्वती का प्रस्त्रवण तीर्थ (विष्णुपुरी) ग्राम पुरवा का भी श्रद्धालुओं को लाभ मिलेगा। यहां की मान्यता है कि नर्मदा मैया के तट पर अनेकों जल धारायें है जो किसी न किसी सनातन साक्ष्य की घटना के साक्षी हैं लेकिन विष्णुपुरी में ज्ञान की देवी माँ सरस्वती ने स्वयं ज्ञान की आराधना की, जिसके कारण यहां माँ सरस्वती का प्रस्त्रवण तीर्थ कहलाया। महिष्मति माँ नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा किला घाट से नाव द्वारा प्रस्त्रवण तीर्थ (विष्णुपुरी) पुरवा पहुंचेगी। मां सरस्वती जी की गुप्त धारा मां नर्मदा में मिलकर त्रिवेणी संगम बनाती है।

सहस्त्रधारा भी मार्ग में पड़ेगा 

बताया गया कि महिष्मति नगरी के निकट कार्तिकवीर्य सहस्त्रार्जुन की तपस्थली रही है जो आज सहस्त्रधारा के नाम से जाना जाता है, यहीं पर कार्तिकवीर्य अर्जुन ने भगवान भोले नाथ को प्रसन्न कर सहस्त्रार्जुन होने का वर प्राप्त किया। यह तीर्थ आज भी महिष्मति के गौरव कार्तिकवीर्य सहस्त्रार्जुन के तप को सनातन साक्ष्य के रूप में प्रमाणित करता है।

ये सावधानी बरतने की अपील

  • परिक्रमा के दौरान अनावश्यक प्लास्टिक, पॉलिथीन का प्रयोग न करें।
  • अपने साथ भोजन पात्र एवं पानी के लिए बॉटल साथ में रखें।
  • सम्भव हो तो परिक्रमावासियों के सफेद या भगवा रंग कपड़े का प्रयोग करें।
  • मौसमानुकूल ओडऩे, बिछाने के लिए कपड़े साथ में रखें।
  • अनावश्यक बातचीत न करते हुये अपने ईष्ठ का नाम स्मरण करें।
  • स्वास्थ्य संबंधी गोली दवाई चल रही हो तो साथ लेकर चलें।
  • परिक्रमावासी पूजन, आरती की सामग्री साथ लेकर चलें।


 


कान्हा पार्क के जामुनटोला बीट में मृत मिली बाघिन

  • कान्हा टाइगर रिजर्व कर रही जांच
  • पोस्टमार्टम कर बाघिन का शवदाह, भस्मीकरण किया
  • कार्यवाही की गई फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी

मंडला महावीर न्यूज 29. कान्हा टाइगर रिजर्व के किसली परिक्षेत्र में शुक्रवार को एक बाघिन मृत मिली। क्षेत्र संचालक कान्हा टाइगर रिजर्व ने बताया कि यह घटना डूमरवारे रपटा कक्ष क्रमांक 791 (36) बीट जामुनटोला (नसेनी पत्थर) वन परिक्षेत्र किसली के अंतर्गत हुई। बाघ की मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

बताया गया कि घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। एनटीसीए नई दिल्ली और कार्यालय मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्यप्रदेश भोपाल से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, घटनास्थल को सुरक्षित किया गया। डॉग स्क्वाड की मदद से आसपास के इलाके में भी छानबीन की गई।

बाघिन के शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसमें पशु चिकित्सकों की एक टीम शामिल थी।  डॉ. संदीप अग्रवाल, डॉ. सुमीत पटेल, डॉ. ज्योति मेरावी, और डॉ. पीके ज्योतिषी ने मिलकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को पूरा किया। बाघ के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए।

बताया गया कि पोस्टमार्टम के बाद रवीन्द्रमणि त्रिपाठी क्षेत्र संचालक कान्हा टाईगर रिजर्व और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में शवदाह, भस्मीकरण किया गया। पूरी कार्यवाही की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की गई है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

वन विभाग ने इस संबंध में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20903/16 दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच जारी है, और अधिकारी बाघ की मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।


 


 


मंडला रायपुर नेशनल हाईवे 30 पर खतरनाक दरार

  • दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में जबलपुर से छग सीमा तक नेशनल हाईवे 30 मार्ग का निर्माण किया गया है, जिससे जिलेवासियों समेत यहां से गुजरने वाले भारी वाहनों और अन्य वाहनों को सफर करने में परेशानी का सामना ना करना पड़े, लेकिन विगत 10 वर्षो से निर्माणाधीन मार्ग पूर्ण नहीं हो सका है। इस हाईवे मार्ग का निर्माण दो अलग-अलग एजेंसियों द्वारा किया गया, लेकिन गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया है। जिसके कारण इसका खामियाजा जिलेवासियों समेत यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। हाईवे मार्ग में गुणवत्ताविहीन कार्य के कारण आज भी उसकी मरम्मत का कार्य मंडला से जबलपुर मार्ग का कराया जा रहा है। वहीं मंडला से बिछिया मार्ग भी धीरे-धीरे बदहाल होते जा रहा है। जगह-जगह दरारें आ गई है, इस मार्ग में दरारे इतने चौड़े है कि दोपहिया वाहन के टायर इसमें आते ही अनियंत्रित होने का अंदेशा बना हुआ है। जिससे कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।

जानकारी अनुसार रायपुर-मंडला नेशनल हाईवे 30 पर माधोपुर के समीप सड़क के मध्य में एक बड़ी दरार उभर आई है, जो राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। यह गहरी और चौड़ी दरार विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए एक अप्रिय दुर्घटना का कारण बन सकती है, क्योंकि टायर इसमें फंसकर वाहन को असंतुलित हो सकते है। तस्वीरों से स्पष्ट होता है कि यह खतरनाक दरार सड़क पर बनी पीली विभाजन रेखा के ठीक बीचोंबीच स्थित है और सड़क की पूरी गहराई तक फैली हुई है। स्थानीय निवासियों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि इस दरार की तत्काल मरम्मत नहीं की जाती है, तो यह विशेष रूप से रात के समय, जब दृश्यता कम होती है, गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।

कराया जाए सुधार कार्य 

राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग से तत्काल सुधार कार्य करने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि इस खतरनाक दरार को जल्द से जल्द भरा जाए और पूरे राजमार्ग की गहन जांच की जाए जिससे ऐसी अन्य संभावित कमियों का पता लगाया जा सके और उन्हें ठीक किया जा सके। नागरिकों का कहना है कि राजमार्ग एक महत्वपूर्ण परिवहन धमनी है और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस दरार के कारण न केवल दोपहिया वाहन चालकों को खतरा है, बल्कि भारी वाहन भी अचानक झटके का अनुभव कर सकते हैं, जिससे उनका नियंत्रण खो सकता है। यह स्थिति राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर यातायात की सुचारू गति को भी बाधित कर रही है।

उभरी दरारें यात्रियों के लिए खतरा 

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस राजमार्ग पर पहले भी सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उनका मानना है कि घटिया निर्माण सामग्री और रखरखाव की कमी के कारण ऐसी दरारें उत्पन्न हो रही हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों को इस मामले पर तत्काल ध्यान देना चाहिए और एनएच 30 पर उभरी इस खतरनाक दरार की मरम्मत को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके साथ ही पूरे हाईवे मार्ग का निरीक्षण कर अन्य संभावित खतरों की पहचान कर उन्हें दूर करना भी आवश्यक है जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। यह दरार न केवल एक भौतिक क्षति है, बल्कि यह हाईवे मार्ग का उपयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के जीवन और सुरक्षा के लिए एक संभावित खतरा है।



हाइवे किनारे जानलेवा कुआं, हादसे का खतरा

  • प्रशासन का नही ध्यान, बंद कराने की मांग

मंडला महावीर न्यूज 29. नेशनल हाइवे 30 के किनारे जानलेवा कुआं है। मंडला से बिछिया और मंडला से जबलपुर के बीच हाइवे के किनारे खेतो में कुआं बने है। यहां हाइवे में वाहन अनियंत्रित होने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। कुआं में वाहन समाने से जनहानि हो सकती है। लेकिन सड़क किनारे बने कुआं को लेकर प्रशासन गंभीर नही है। जिसके कारण यहां हादसे का खतरा बना हुआ है।

बताया गया कि मंडला से बिछिया और मंडला से जबलपुर के बीच नेशलन हाइवे 30 के किनारे कुआं निर्माण है। यहां ठोढा रतनपुर चौराहा, अंजनिया बायपास, औघटखपरी और नारायणगंज मार्ग में कूम्हा समेत अन्य स्थानों में हाइवे से सटकर कुआं निर्माण खेतो में कराये गये है। कुआं निर्माण हाइवे से ज्यादा दूरी पर नही होने के कारण यहां हाइवे पर वाहन अनियंत्रित होने की स्थिति में कुआं में समा सकते है। यहां हाइवे में कार, भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते है। जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। यहां नेशनल हाइवे के किनारे कुआं निर्माण के दौरान एनएचएआई के द्वारा रोक नही लगाई गई है।

हाइवे किनारे कुआं से होते है हादसे 

नेशनल हाइवे 30 में प्रदेश के बाहर छत्तीसगढ में ऐसे हादसे हो चुके है। विगत वर्ष कांकेर जिले में कुआं में कार गिर गई थी। जिससे एक ही परिवार के चार लोगो को मौत हो गई थी। कुआं में कार गिरने के दौरान किसी ने देखा नही था, जिससे समय पर कुआं में गिरने वालों को मदद भी नही मिल पाई थी। यहां बिछिया से मंडला और मंडला से जबलपुर मार्ग के बीच भी इस तरफ के हादसे का अंदेशा बना हुआ है।

प्रशासन बरत रहा लापरवाही

यहांं खेतो मेें हाइवे किनारे कुआ निर्माण के दौरान प्रशासन के द्वारा नजर अंदाजगी की गई थी, जिसके कारण हाइवे के किनारे कुआं निर्माण करा दिये गये। इसके बावजूद अब प्रशासन लापरवाही बरत रहा है। यहां हाइवे किनारे बने कुआं को सुरक्षित या बंद नही कराया जा रहा है। यहां एनएचएआई को चाहिये कि हाइवे किनारे किसानों के कुआं को बंद कराया जाए और किसानो को मुआवजा दिया जाए। जिससे किसान खेत में अन्य स्थान पर कुआं निर्माण करा सके। जिससे हादसे का खतरा नही रहे।



गर्मी में प्याऊ सेवा का अभाव

  • पिपरिया ग्राम पंचायत की लापरवाही

मंडला महावीर न्यूज 29. निवास जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरिया में गर्मी के मौसम में राहगीरों के लिए प्याऊ सेवा का अभाव देखा जा रहा है। अभी तक ग्राम पंचायत द्वारा प्याऊ सेवा नहीं खोली गई है, जिससे राहगीरों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में प्याऊ सेवा की आवश्यकता अधिक होती है, लेकिन ग्राम पंचायत की ओर से इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। पिपरिया लगभग दो दर्जनों से अधिक ग्रामों का केंद्र है, जहां रोजाना दर्जनों ग्रामों से ग्रामीण शिरकत करते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि इन दिनों पिपरिया ग्राम पर जल संकट की स्थिति भी बनी हुई है। इसके बावजूद पंचायत द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायत जल्द से जल्द प्याऊ सेवा शुरू करे और जल संकट का समाधान करे। ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में प्याऊ सेवा का संचालन किया जाए। जल संकट का समाधान किया जाए, ग्राम पंचायत द्वारा नियमित रूप से पानी की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों ने कहा कि अब देखना यह होगा कि ग्राम पंचायत और प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कार्रवाई करते हैं और कब तक प्याऊ सेवा शुरू की जाती है।


रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे


सनसनीखेज हत्या के मामले में चार आरोपी को आजीवन कारावास

  • एक आरोपी को सात वर्ष की सजा और सभी आरोपियो को 40 हजार 500 रूपए का अर्थदण्ड

मंडला महावीर न्यूज 29. विशेष न्यायाधीश एससी, एसटी एक्ट न्यायालय मंडला द्वारा आरोपीगण हैप्पी उर्फ मयूर यादव पिता गणेश यादव 32 वर्ष निवासी स्वामी सीताराम वार्ड मंडला, आयुष यादव पिता मोतीलाल यादव 21 वर्ष निवासी बिनैका तिराहा, विपिन मरकाम पिता कमला प्रसाद 21 वर्ष निवासी ग्राम बरगांव बीजाडांडी, पीयूष मरावी आत्मज हरिशचन्द्र मरावी 21 वर्ष निवासी लाल बहादुर शास्त्री वार्ड मंडला को विभिन्न धाराओं और एससी, एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं रवि यादव पिता लालाराम यादव 24 वर्ष निवासी ग्राम सिझौरा बिछिया को आयुध अधिनियम की धारा के तहत 07 वर्ष का कठोर कारावास एवं सभी आरोपीगणों को कुल 40 हजार 500 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

जानकारी अनुसार विगत 27 जून 2020 को प्रार्थी दिगम्बर उर्फ दिग्गू ने थाना कोतवाली जिला मंडला में उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि 26 जून को दोस्त साहिल परोचिया का जन्मदिन था तो रात में वे सभी दोस्त मंडला से मटरू ढाबा पोंड़ी महाराजपुर में जन्मदिन पार्टी मनाने गये थे। रात करीब 12 बजे वे सभी दोस्त पार्टी करके अपने-अपने घर चले गये, दिगम्बर, नीरज और सोनू परोचिया एक ही स्कूटी में थे। दिगंबर स्कूटी चला रहा था नीरज पीछे और सोनू बीच में बैठा था। मटरू ढाबा से निकले करीब 15-20 मिनट हुए थे कि गुरूद्वारा महाराजपुर ब्रेकर के पास पहुंचे थे कि हैप्पी यादव अपने साथियों के साथ बुलेरो गाड़ी से आया और पुरानी रंजिश को लेकर जानलेवा तरीके से उनकी स्कूटी में टक्कर मार दी। जिससे स्कूटी में सवार सभी लोग गिरकर दूर छिटक गये।

सोनू भी वही गिर गया तब हैप्पी उर्फ मयूर यादव गाड़ी से उतरकर जान से मारने की नीयत से सोनू के सीने में गोली मार दी। वो वहीं दम तोड़ दिया, हैप्पी यादव अपने साथियों के साथ वहां से भाग गया। हमने अपने साथियों को बुलाकर सोनू को अस्पताल ले गए, जहाँ डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हैप्पी यादव ने पुरानी रंजिश के चलते हमारे उपर जानलेवा हमला कर सोनू परोचिया की हत्या की है। प्राथी की रिपोर्ट पर थाना महाराजपुर में मर्ग व अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना की गई। थाना महाराजपुर के द्वारा प्रकरण की संपूर्ण विवेचना के बाद माननीय न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्क से सहमत होते हुये विचारण के बाद न्यायालय द्वारा आरोपीगण को दोषी पाते हुये उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से अभियोजन संचालन जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री सरमन सिंह ठाकुर के द्वारा की गई है।



19 और 20 अप्रेल को होगी महिष्मति मां नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा

  • गौड़ी पब्लिक ट्रस्ट भवन रपटा घाट में हुई बैठक

मंडला महावीर न्यूज 29. इस वर्ष की दूसरे चरण में महिष्मति मां नर्मदा उत्तरवाहिनी परिक्रमा आयोजन की व्यवस्थाओं के संबंध गौड़ी पब्लिक ट्रस्ट रपटा घाट में बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि अनेक वर्षों से चैत्र माह में महिष्मति उत्तरवाहिनी मां नर्मता परिक्रमा होती आ रही हैं। हर वर्ष विदेश एवं भारत के अनेक प्रांतों से श्रृद्धालु इस आयोजन में शामिल होने के लिए मंडला आते हैं। इन यात्राओं में श्रदालुओं की भोजन व आवास व्यवस्था आयोजन समिति की ओर से निशुल्क की जाती है। इस वर्ष भी चैत्र मास (मार्च-अप्रैल) में उत्तरवाहिनी परिक्रमा के दूसरे सामूहिक आयोजन में 19-20 अप्रेल को होगी। इसके साथ ही छोटे-छोटे समूह अलग-अलग तिथियों में पूरे चैत्र माह में परिक्रमा होती रहती हैं।

बताया गया कि इस परिक्रमा में आयोजन समिति का रुटचार्ट तय किया गया है। बैठक में बताया गया कि यात्रा प्रारंभ प्रथम दिवस श्री व्यास नारायण मंदिर किला घाट, मंडला झूलापुल, नाव से तट परिवर्तन सकवाह पुरवा संगम घाट, महाराजपुर नावघाट मंगलेश्वर मंदिर गुरुद्वारा-दादा धनीराम आश्रम, कारीकोन (स्वल्पाहार) मानादेही (चाय बिस्किट) सुरंगदेवरी कोठीघाट आश्रम, सिलपुरा (दोपहर भोजन) घाघा-घाघी, ग्वारी में (रात्रि भोजन/विश्रास) रखा गया है।

द्वितीय दिवस नाव से तट परिवर्तन करके बबैहा हाई स्कूल ग्वारी (स्वल्पाहार, चाय) फूलसागर हिंदनी गयाजीपुर कटरा बिझिया बस स्टैंड उदयचौक (एमपीटी) के बगल से अंदर पगडंडी मार्ग से गुरुकुल, गाजीपुर से नाला पार करके सहस्त्रधारा, गौंझी से देवदरा से नेहरू स्मारक से जेलघाट से नावघाट से बुधवारी चौक से श्री यास नारायण मंदिर किलाघाट, में यात्रा का समापन किया जाएगा।

बताया गया कि यात्रा के लिए श्रद्धालुओं के सुविधा व्यवस्था बनाई जा रही है। जिसमें प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा। रूटचार्ट में यात्रा प्रारंभ स्थल मंडला शहर में एक दिन पूर्व लगभग 500-700 यात्री रात्रि विश्राम, भोजन करेंगे, उनकी आवास एवं शौचालय व्यवस्था की जाएगी। सुबह सामूहिक आरती पूजन के बाद कुछ लोग नाव से तट परिवर्तन करेंगे, ठीक उसी प्रकार घाघी से तट परिवर्तन करके बबैहा पहुंचेंगे। इन दोनों जगहों पर होमगार्ड के जवान इंजन बोट व लाइफ जैकेट के साथ सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही पैदल चल रहे यात्रियों के लिए चलित पेयजल वाहन रहेगा। यात्रा मार्ग में आने वाली पंचायतों में भी पेयजल एवं शौचालय व्यवस्था की जाएगी।



मंडला के गांवों में भक्ति की बयार

  • वनवासी राम शोभा यात्रा का भव्य स्वागत
  • आज सलवाह में भव्य कार्यक्रम के साथ होगा समापन

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के ग्रामीण अंचल में धर्म और संस्कृति का संदेश लेकर निकली वनवासी राम शोभा यात्रा लोगों के दिलों में भक्ति की अलख जगा रही है। 13 अप्रैल से शुरू हुई यह शोभा यात्रा 40 से अधिक गांवों तक पहुंच रही है और हर गांव में इसका भव्य स्वागत किया जा रहा है। यात्रा के दौरान गांवों में कलश यात्रा और पारंपरिक लोक गीतों का आयोजन हो रहा है। इसके साथ ही भजन-कीर्तन और रामायण पाठ भी भक्तों को भावविभोर कर रहे हैं। शोभा यात्रा में शामिल मनमोहक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

बताया गया कि इस शोभा यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान श्रीराम के जीवन मूल्यों और आदर्शों का संदेश गांवों तक पहुंचाना है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक चेतना जगाने और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

यात्रा कर चुकी यहां भ्रमण 

बताया गया कि 13 अप्रैल को वनवासी राम शोभा यात्रा चुरिया से शुरू होकर दुलियाटोला, भैंसवासी समेत 10 गांवों तक पहुंची। इसके बाद 14 अप्रैल को सुरेहली से चलकर कचनारी तक 6 गांवों का भ्रमण किया। 15 अप्रैल को सिंगनपुरी से सरईटोला तक सात गांवों में पहुंची। 16 अप्रैल को छाता से रहंगी तक 8 गांवों का दौरा किया। गुरूवार 17 अप्रैल कुंटी से चलनी तक 8 गांवों का भ्रमण किया।

वनवासी राम शोभा यात्रा का समापन आज 

शोभा यात्रा का समापन आज 18 अप्रैल को होगा। इस दिन यह धनवाही, भुड़कुर और साहूटोला होते हुए सलवाह में एक भव्य कार्यक्रम के साथ संपन्न होगी। इस अनूठी यात्रा ने मंडला के ग्रामीण क्षेत्रों में भक्ति और सांस्कृतिक सद्भाव का वातावरण निर्मित किया है।



नारायणगंज में फिर से पनपा सट्टा कारोबार, प्रशासन पर सुस्ती का आरोप

  • गली-कूचों और चौराहों पर फिर लिखी जा रही सट्टा पट्टी

मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज नगर में गर्मी बढऩे के साथ ही सट्टा-पट्टी का अवैध कारोबार फिर से सक्रिय हो गया है। कुछ समय पहले प्रशासन की सख्ती के चलते इस पर कुछ लगाम लगी थी, लेकिन अब यह धंधा गली-कूचों और चौराहों पर फिर से फलफूल रहा है। बताया गया कि नगर के बड़ चौराहा, मंगल भवन, बालई पुल, ग्राम भावल और अन्य स्थानों पर सट्टा पट्टी लिखने वाले दलालों का जमावड़ा फिर से शुरू हो गया है।

स्थानीय नेताओं और प्रशासनिक कर्मचारियों की शह का आरोप 

सूत्रों ने बताया कि प्रशासन के कुछ कर्मचारियों और स्थानीय नेताओं के कथित सहयोग के कारण सट्टा कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। एक के दस करने के लालच में लोग इस सट्टा पट्टी के दलदल में फंस रहे हैं, जिससे कई परिवारों के बर्बाद होने की आशंका है। हालांकि, प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।


नैनपुर भाजपा ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, केंद्रीय विद्यालय और नर्सिंग कॉलेज की मांग

मंडला: मंडला जिले के नैनपुर में भाजपा मंडल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को ज्ञापन सौंपकर नगर में केंद्रीय विद्यालय, डिजिटल बोर्ड, नर्सिंग कॉलेज और स्नातकोत्तर महाविद्यालय खोलने की मांग की है। मुख्यमंत्री टिकरवाड़ा में आयोजित सामूहिक कन्या विवाह योजना में शामिल होने आए थे, जहां भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश रजक और उनके कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और नगर विकास कार्यों के लिए ज्ञापन सौंपा।

मुख्य मांगे:

  • केंद्रीय विद्यालय: नैनपुर में आदिवासी परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की जाए। वार्ड क्रमांक 14 में शासकीय भूमि उपलब्ध है, जहां विद्यालय का निर्माण किया जा सकता है।
  • डिजिटल बोर्ड: शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नैनपुर में छात्रों के लिए 10 डिजिटल बोर्ड प्रदान किए जाएं, ताकि आधुनिक शिक्षा प्रदान की जा सके।
  • नर्सिंग कॉलेज: नैनपुर में नर्सिंग कॉलेज न होने के कारण छात्रों को 100-150 किमी दूर जाना पड़ता है। नगर के पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में नर्सिंग कॉलेज खोला जाए।
  • स्नातकोत्तर महाविद्यालय: स्नातक महाविद्यालय को स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अपग्रेड किया जाए, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े।

भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश रजक ने कहा कि इन सुविधाओं से नैनपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को लाभ होगा और उनकी शिक्षा में सुधार होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन मांगों पर जल्द से जल्द विचार करने का अनुरोध किया।



16 अप्रैल का दिन स्वर्णिम दिन के रूप में किया जाएगा याद

  • अद्भूत संयोग में वर वधु ने लिये फेरे
  • अद्भुत संयोग में 1121 जोड़ो ने लिये फेरे
  • 1.27 करोड़ महिलाओं के खाते में राशि हुई अंतरण
  • ग्राम सुरखी से इंद्री के बीच 16.61 करोड़ की लागत से बनेगा पुल
  • सामूहिक विवाह में जमकर थिरके जनप्रतिनिधि और अधिकारी

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के बंजर तट पर बसे ग्राम टिकरवारा में एक अद्भूत संयोग में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह, निकाह कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिले के लिए 16 अप्रैल का दिन स्वर्णिम दिन के रूप में याद किया जाएगा। यहां आयोजित विवाह कार्यक्रम में 1121 जोड़ों का विवाह कराया गया और प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख से अधिक बहनों के खातों में लाडली बहना योजना की 23वीं किस्त के 1552 करोड़ 38 लाख की राशि का अंतरण किया गया। मुख्यमंत्री ने 232.08 करोड़ रुपये की लागत वाले 66 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी किया, जिसमें 150.46 करोड़ रुपये की 28 विकास परियोजनाएं शामिल हैं जिनका भूमिपूजन हुआ, और 81.62 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हो चुके 38 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने संपतिया उइके की मांग पर ग्राम सुरखी से इंद्री के बीच 16.61 करोड़ की लागत से पुल बनाने की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम में शामिल हुई मंडला की बेटी शुचि उपाध्याय को मंच से सम्मानित किया।

जानकारी अनुसार प्रदेश के मुख्यमंत्री का आगमन तय समय से एक घंटे देरी से हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर करीब 2.30 बजे मंडला पहुंचे। जिनका स्वागत भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्जवलित व कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों के पास पहुंचे और पुष्प वर्षा कर अपनी बहनों का स्वागत किया। अपने बीच मुख्यमंत्री को देखकर लाड़ली बहनों के चेहरे में एक अलग खुशी और उत्साहित नजर आई।
बताया गया कि इस एतिहासिक दिन को यादगार बनाने प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जिले समेत प्रदेश को सौगातें दी। इसके पहले कैबिनेट मंत्री ने जनजातिया अभूषण पहनाया, सांसद ने पारंपरिक साफा पहनाया।

लाड़ली बहनों ने गौड़ी चित्र भेंट किया। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम ने पुष्प गुच्छ भेंट किया। इस दौरान मंच में मौजूद अतिथियों का स्वागत किया गया। सर्वप्रथम मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विकास में किये जा रहे कार्यो के विषय में विस्तार से बताया। इसके बाद उन्होंने बंजर नदी में बने टिकरवारा और हिरदेनगर पुल का नाम शंकर शाह, हद्य शाह के नाम से लोकार्पण करने के लिए कहां। इसके बाद उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं ने विशाल फूलमाला से पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मध्यप्रदेश नदियों का है मायका 

मुख्यमंत्री ने उद्बोधन देने से पहले लाड़ली बहनों समेत मंचासीन अतिथियों और कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वे बहादुरों की धरती पर पहुंचकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के सपने का उल्लेख करते हुए कहा कि जल्द ही 70 हजार करोड़ की लागत से पार्वती, कालीसिंध और चंबल परियोजना शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता है, लेकिन कुछ स्थानों पर पानी की कमी से पलायन हो रहा था, अब नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से ठीक किया जा रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना के तहत 55 लाख बहनों के खातों में गैस सिलेंडर की सब्सीडी 57 करोड़ 32 लाख दी गई है। इसके साथ ही इन्होने स्वर्ण प्रशासन का प्रतिवेदन का विमोचन किया।

बेघरों को मिलेगा घर, किसानों को मिलेगी बिल से मुक्ति 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोकार्पण और भूमिपूजन की बौछार करते हुए आगे कहां कि अब कोई भी गरीब भाई बहन बेघर नहीं होगा, जिनके गरीब भाई बहनों के पक्के मकान नहीं बने है, उनके पक्के मकान बनेंगे। जल्द ही ऐसे लोगों के नाम जोड़े जाएंगे और उन्हें पक्का घर मिलेगा। सरकार चार लोगों के लिए काम कर रही है जिसमें गरीब, महिला, युवा और किसान है। मुख्यमंत्री ने किसानों से कहां कि अब बिजली बिल भरने से छुटकारा मिल जाएगा। सरकार ने तय किया है कि जितने किसान बिजली कनेक्शन लेकर सिंचाई करते है, हम उन किसानों के लिए सोलर पंप लेकर आए है। अब किसानों के खेतों में सोलर लगाया जाएगा। जिससे किसानों को बिजली बिल भरने से मुक्ति मिल जाएगी। इसके साथ ही सोलर से ज्यादा बिजली बनने पर उसे विद्युत विभाग खरीदेगा भी।

16 संस्कारों में विवाह एक प्रमुख संस्कार 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 16 संस्कारों में विवाह एक प्रमुख संस्कार है। विवाह संस्कार के माध्यम से वर-वधु नव दाम्पत्य जीवन में प्रवेश करते हैं। मुख्यमंत्री विवाह/निकाह योजना के माध्यम से मंडला जिले में 1100 से अधिक वर-वधु दाम्पत्य जीवन में बंध रहे हैं। उनके विवाह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक सहित हजारों नागरिक शामिल होकर साक्षी बने हैं। इस योजना के तहत प्रति जोड़े के लिए 55 हजार रूपए प्रदान किए जाते हैं। इस योजना के तहत प्राप्त राशि से वर-वधु अपनी मनपसंद की चीजें खरीद सकते हैं। मुख्यमंत्री विवाह/निकाह योजना से आज पूरा मंडला जिला आनंद से भरा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अभिभावकों से कहा कि अपने बच्चों के लिए पैसों की बचत जरूर करें, अपने बच्चों को खूब पढ़ाएं। उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया। सामाजिक समरसता, समता एवं न्यायपूर्ण समाज के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अपने जीवनकाल में संघर्ष करते हुए प्रधानमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर पहुंचे हैं।

सभी विकासखंडों में एक वृंदावन गांव बनाया जायेगा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुरातन संस्कृति को सहेजने के लिए हर विकासखंड में एक वृंदावन गांव बनाया जायेगा। जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी पुरातन परंपराओं से परिचित होगी और इससे जुड़कर समाज को आगे लेकर जायेगी। इसी तारतम्य में खरगौन में टंट्या मामा विश्वविद्यालय प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही है, जिसके तहत महिलाओं को स्थानीय निकाय के चुनाव में 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है। महिलाओं को संपत्ति रजिस्ट्री में 2 प्रतिशत शुल्क की छूट दी गई है। तेंदूपत्ता श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिमानक बोरा 4 हजार रूपए कर दिया गया है।

सामूहिक विवाह कार्यक्रम में दिखा लोक संस्कृति का रंग 

मुख्यमंत्री विवाह/निकाह योजना कार्यक्रम में लोक संस्कृति का रंग दिखा जहां मंडला जिले के प्रसिद्ध सैला नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति की गई, वहीं गुदुम बाजा ने सभी को आकर्षित कर दिया। अलीराजपुर से पहुंचे नृतक दल की नृत्य शैली व भाव-भंगिमा से क्षेत्र के लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा। विवाह समारोह में पंडवानी गायन की छटा भी देखी गई। विवाह समारोह पूरी तरह से लोकरंग में रंगकर सबको उत्साहित किया। आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि आज का दिन उत्सव का दिन है। आज आयोजित मुख्यमंत्री विवाह/निकाह योजना के तहत नव दंपत्तियों ने गृहस्थ जीवन में प्रवेश लिया है। उनके वैवाहिक समारोह में मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और नागरिकगण शामिल हुए। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने बताया कि प्रदेश सरकार ने आवागमन को सुगम बनाने के लिए सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण किया है।

प्रदेश सरकार विकास और जनकल्याण के लिए सतत प्रयासरत है। सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि मंडला जिले में सिचाई क्षमता बढ़ाई जायेगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिले में हो रहे विकास कार्यों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का महत्वपूर्ण योगदान है। आयोजित कार्यक्रम में वर-वधु गृहस्थ जीवन में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने इसके लिए नव वर-वधुओं को सुखद व उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर जिले की विभूतियों शुचि उपाध्याय, विनिता मरकाम, पुष्पेन्द्र बघेल, रोशनी बघेल और पूजा श्रीवास को सम्मानित किया गया और मुख्यमंत्री विवाह/निकाह योजना के हितग्राही, लाड़ली लक्ष्मी योजना के स्वीकृति पत्र, स्व सहायता समूहों को लाभांश राशि का वितरण सहित अन्य हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश शासन की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक डॉ. चैनसिंह वरकड़े, विधायक नारायण सिंह पट्टा, जिला भाजपा अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, नगरपालिका मंडला अध्यक्ष विनोद कछवाहा, नगरपालिका नैनपुर अध्यक्ष कृष्णा पंजवानी, नगर पंचायत बम्हनी बंजर अध्यक्ष मीना हरदहा, जनपद पंचायत मंडला अध्यक्ष सोनू भलावी, जनपद पंचायत अध्यक्ष नैनपुर ओमवती उइके, कमिश्नर जबलपुर श्री अभय वर्मा, आईजी संजय कुमार सिंह, कलेक्टर सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रेयांश कूमट, अपर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार वर्मा सहित नागरिकगण शामिल थे।


संगीत कार्यक्रम में नेता, मंत्री और अधिकारी थिरके

  • ग्राम टिकरवारा बना सांस्कृतिक उत्सव का केंद्र

आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के लिए 16 अप्रैल का दिन यादगार बन जाएगा। जिले के ग्राम टिकरवारा में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह, निकाह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। यहां विवाह आयोजन के पूर्व संगीत कार्यक्रम में जिले के मंत्री, नेता और अधिकारी जमकर थिरकते नजर आए।

बताया गया कि जिले की ग्राम पंचायत टिकरवाड़ा में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन के संगीत कार्यक्रम में केबिनेट मंत्री संपतिया उइके, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी झूमते नजर आए। इस दौरान पूरा माहौल उत्सवमयी हो गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने जमकर न्यौछावर भी किया। बाराती और घराती भी इस उत्साह में पीछे नहीं रहे और उन्होंने भी नृत्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इस अवसर पर केबिनेट मंत्री संपतिया उइके ने विवाह में बंध रहे नए जोड़े को आशीर्वाद दिया और कहा कि यह योजना नारी सम्मान और सामाजिक सहयोग का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने आयोजन की भव्यता और सहभागिता की प्रशंसा करते हुए इसे जनउत्सव की संज्ञा दी। कार्यक्रम में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन, सजावट और आदिवासी संस्कृति की झलक देखते ही बन रही थी। स्थानीय लोगों ने भी इस आयोजन को अभूतपूर्व बताया और कहा कि वर्षों बाद इतना जीवंत और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण आयोजन देखने को मिला है।



 


शहर का एक मात्र ट्रैफिक सिग्नल कभी हो जाता है बंद

  • सिग्रल बंद होने से यातायात होता है प्रभावित
  • हादसे का बना रहता है अंदेशा

मंडला महावीर न्यूज 29. नगर में चिलमन चौक पर लगा एक मात्र ट्रैफिक सिग्नल बंद हो गया है। इसके कारण सबसे अधिक व्यस्त रहने वाले इस चिलमन चौक की यातायात व्यवस्था पुराने ढर्रे पर आ गई है। यातायात दबाव को देखते हुए चिलमन चौक पर प्रयोग के तौर पर सिग्नल की व्यवस्था शुरू की गई थी। बस स्टैंड के पास होने के साथ यह बाजार में जाने का प्रमुख मार्ग भी है। जिसके कारण यहां शाम को यातायात दबाव चरम पर पहुंच जाता है। सिग्नल के चालू रहने पर लोगों को चौराहा पार करने में सुविधा होती थी। बुधवार को सुबह से ही यहां सिग्नल बंद रहा। इसके कारण यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। चारों तरफ से गुजरने वाले मार्गों से आवाजाही करने वाले लोग एक साथ निकल रहे थे, इससे दुर्घटना होने की संभावना अत्यधिक बढ़ गई।

जानकारी अनुसार 2 जून 2017 को चिलमन चौक में शुरू हुए सिग्रल से यातायात पर काफी दबाव कम हुआ था। चिलमन चौक नगर का सबसे व्यस्त्तम चौराहा है जहां से सैकड़ों वाहन प्रतिदिन निकलते है। स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के चलते लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस चौराहे पर यातायात सिग्नल शुरू करने का यह उद्देश्य था कि लोग उसका पालन करे और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता आए।


 


आज होगा 1.27 करोड़ महिलाओं को 1552.38 करोड़ की राशि का अंतरण

  • ओपन व्हीकल पर सवार होकर कलेक्टर, एसपी ने किया कार्यक्रम स्थल का मुआयना

मंडला महावीर न्यूज 29. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/ निकाह कार्यक्रम में आज बुधवार को सीएम डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। विवाह स्थल में मुख्यमंत्री ओपन व्हीकल से भ्रमण करते हुए वर-वधु को आशीर्वाद देंगे। इसके साथ ही आज प्रदेश की 1.27 करोड़ महिलाओं को 1552.38 करोड़ की राशि का अंतरण किया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान आयोजित होने वाले अन्य कार्यक्रमों की तैयारियां पूर्ण हो चुकी है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर विगत दिनों से जिला प्रशासन कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए तैयारियां कर रहा है। इसी के अंतर्गत मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कूमट ने ओपन व्हीकल पर सवार होकर कार्यक्रम स्थल का मुआयना किया। कलेक्टर ने कहा कि ओपन व्हीकल के लिए निर्धारित मार्ग पर टर्निंग की ओर स्थल चौड़ा करें जिससे वाहन को मुडऩे में आसानी हो। इसके साथ ही संपूर्ण मार्ग पर रोलर चलाकर इसे समतल करने के निर्देश दिए।

जानकारी अनुसार प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज 16 अप्रैल को मंडला आगमन होगा। मुख्यमंत्री ग्राम पंचायत टिकरवारा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत प्रदेश की 1 करोड़ 27 लाख महिलाओं के खाते में 1552 करोड़ 38 लाख की राशि का अंतरण करेंगे। प्रत्येक पात्र बहनों के खाते में 1250 रूपये की राशि प्राप्त होगी। इस अवसर पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत 56 लाख 68 हजार हितग्राहियों को 34013 लाख रुपए की राशि का अंतरण किया जायेगा। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मध्यप्रदेश शासन सम्पतिया उइके, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक निवास चैनसिंह वरकड़े, विधायक बिछिया नारायण सिंह पट्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

232.08 करोड़ के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज ग्राम पंचायत टिकरवारा में आयोजित कार्यक्रम में 232.08 करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करेंगे। बताया गया कि मुख्यमंत्री 150.46 करोड़ रुपये की लागत वाली 28 विभिन्न विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन करेंगे। इसके अतिरिक्त 81.62 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हो चुके 38 निर्माण कार्यों का लोकार्पण भी करेंगे, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

ग्वारा हेलीपेड एवं संपूर्ण ग्राम टिकरवारा नो फ्लाईंग जोन घोषित 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम में उनकी सुरक्षा श्रेणी एवं संभावित खतरे को दृष्टिगत रखते हुए ग्वारा हेलीपेड एवं संपूर्ण ग्राम टिकरवारा कार्यक्रम स्थल से 3 किमी की परिधि में ड्रोन, पैराग्लाईडर, हॉट बैलून अन्य फ्लाईंग ऑब्जेक्ट के उडऩे पर प्रतिबंध लगाया गया है। ग्वारा हेलीपेड एवं संपूर्ण ग्राम टिकरवारा को रेड जोन, नो फ्लाईंग जोन घोषित किया गया है। यह आदेश आज 16 अप्रैल प्रात: 8 बजे से लागू होकर व्हीआईपी के प्रस्थान तक लागू रहेगा। इस आदेश के उल्लंघन पर दोषी व्यक्ति के विरूद्व नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आज होगें 1100 जोड़ों के विवाह संपन्न, तैयारियों की समीक्षा 

जिला योजना भवन में कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने ग्राम टिकरवारा में आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह, निकाह कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस वृहद आयोजन में 1100 से अधिक जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जायेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आगमन प्रस्तावित है। कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि हेलीपेड, ग्रीनरूम, ग्राम ग्वारा से कार्यक्रम स्थल तक सड़क मरम्मत पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने ग्राम लिमरूआ में वर पक्ष के रूकने, ग्राम हिरदेनगर में वधु पक्ष के रूकने के साथ पार्किंग, ट्राफिक क्लीयरेंस, आमजन की बैठक व्यवस्था, मंच, मंच के मिनिट-टू-मिनिट कार्यक्रम, भोजन, पेयजल, मेडीकल टीम, एम्बूलेंस, बेरीकेटिंग, हेलीपेड में स्वागत, कन्या पूजन, साउंड सर्विस, हितलाभ वितरण, जोड़ों के विवाह कार्यक्रम की अंतिम तैयारियों की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

कलेक्टर एवं एसपी ने किया हेलीपेड का निरीक्षण

आज मुख्यमंत्री के टिकरवारा में प्रस्तावित आगमन को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर सोमेश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक रजत सकचेला ने ग्राम ग्वारा स्थित हेलीपेड का अवलोकन करते हुए तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान हेलीपेड से लगे रेस्टरूम में की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हेलीपेड में सुरक्षा, बेरीकेटिंग, फायरब्रिगेड आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

इस दौरान कलेक्टर ने ग्रीनहाऊस, शौचालय व्यवस्था, ग्वारा तिराहा से लेकर हवाई पट्टी तक आवश्यकतानुसार सड़क की मरम्मत के संबंध में चर्चा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कूमट, अपर कलेक्टर राजेंद्र कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार वर्मा, संयुक्त कलेक्टर सीएल वर्मा, एसडीएम मंडला सोनल सिडाम, एसडीएम बिछिया सोनाली देव, एसडीएम नैनपुर आशुतोष ठाकुर सहित संबंधित उपस्थित रहे।

कलेक्टर एवं एसपी ने लिया कार्यक्रम स्थल में तैयारियों का जायजा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 16 अप्रैल को टिकरवारा में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर सोमेश मिश्रा एवं एसपी रजत सकलेचा ने मुख्य कार्यक्रम स्थल का अवलोकन करते हुए तैयारियों का जायजा लिया। कलेक्टर ने कार्यक्रम स्थल में मंचीय व्यवस्था, मीडिया कक्ष, सुरक्षा के प्रबंध, हितग्राहियों की बैठक व्यवस्था, मंडप, वर-वधु पक्ष के रिश्तेदारों के लिए बैठने की व्यवस्था, व्हीआईपी बैठक व्यवस्था, ग्रीन रूम, लोकार्पण, भूमिपूजन गैलरी, पार्किंग आदि तैयारियों का जायजा लिया।

उन्होंने मुख्य कार्यक्रम स्थल पर मंच एवं टेंट व्यवस्था, बेरीकेटिंग, विद्युत व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, पेयजल आदि के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी तैयारियां शाम तक पूर्ण करें। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कूमट, अपर कलेक्टर राजेंद्र कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार वर्मा, संयुक्त कलेक्टर सीएल वर्मा, एसी ट्राईबल वंदना गुप्ता, एसडीएम सोनल सिडाम, एसडीएम बिछिया सोनाली देव, एसडीएम नैनपुर आशुतोष ठाकुर, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास रोहित बड़कुल, सीईओ जनपद पंचायत मंडला विनोद मरावी सहित संबंधित उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने किया टिकरवारा-हिरदेनगर पुल का निरीक्षण

कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बंजर नदी पर निर्माणाधीन टिकरवारा से हिरदेनगर को जोडऩे वाले पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बुधवार को होने वाले सामूहिक विवाह, निकाह कार्यक्रम के दौरान भीड़ को देखते हुए पुल के दोनों ओर बेरीकेटिंग कराएं। यहां से वाहनों का यातायात बंद कराएं, केवल पैदल जाने वालों के लिए मार्ग को खुला रखें। उन्होंने निर्देशित किया कि पुल से टिकरवारा की ओर बनी एप्रोच रोड के साईड में पर्याप्त साईड फिलिंग कराएं। इस दौरान पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा, सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कूमट, अपर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार सिंह, एसडीएम मंडला श्रीमती सोनल सिडाम, एसडीएम बिछिया सुश्री सोनाली देव, एसडीएम नैनपुर आशुतोष ठाकुर सहित संबंधित उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर यातायात और पार्किंग व्यवस्था निर्धारित

  • सभी वाहनों के लिए अलग-अलग क्षेत्र में की व्यवस्था

मंडला महावीर न्यूज 29. आज 16 अप्रैल को मंडला जिले के ग्राम टिकरवारा में आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन सह लाड़ली बहना हितग्राही कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आगमन होगा। इसको लेकर यातायात और पार्किंग व्यवस्था निर्धारित की गई है। बताया गया कि विशिष्ट अतिथिों के वाहनों की पार्किंग सभा स्थल के मुख्य द्वार के दाहिने ओर मैदान में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही शासकीय अधिकारियों एवं मंचासीन गणमान्य नागरिकों के वाहन गोविंद भवन एवं संत कृपाल आश्रम के सामने स्थित मैदान पार्किंग पी-1 में पार्क करने की व्यवस्था बनाई गई है।

बताया गया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम में नैनपुर, बम्हनी बंजर से आने वाले छोटे वाहन टिकरवारा आंगनवाड़ी केंद्र, ग्राम पंचायत भवन के सामने स्थित खाली मैदान पार्किंग पी-5 में पार्क होंगे। यहां से कार्यक्रम स्थल तक पैदल पहुंचा जा सकेगा। इसके साथ ही मंडला की ओर से लिमरूआ, धौरगांव रोड से आने वाले वाहन टिकरवारा धौरगांव रोड पर सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल ग्राउंड स्थित पार्किंग स्थल पी-2 में पार्क होंगे। यहां से भी कार्यक्रम स्थल तक पैदल जाना होगा।

बस पार्किंग के लिए अलग व्यवस्था 

बताया गया कि कार्यक्रम में शामिल होने आने वाले अन्य लोग जो बस द्वारा आएंगे, उनकी बसों हिरदेनगर मेला स्थल में पार्किंग के लिए निर्धारित किया गया है। मंडला ब्लॉक की ओर से आने वाली बसें एवं वधु पक्ष के वाहन महाराजपुर, पोंडी तिराहा, किंगफिशर होटल, कोरगाँव से होते हुए हिरदेनगर मेला स्थल पहुंचकर पार्किंग पी-3 में पार्क होंगे। बिछिया ब्लॉक से आने वाली बसें एवं वधु पक्ष के वाहन हाईवे से प्रथम ढाबा बायपास होते हुए कौरगाँव से हिरदेनगर मेला स्थल पहुंचकर पार्किंग पी-3 में पार्क किये जाएंगे। नैनपुर ब्लॉक से आने वाले वाहन, बसें एवं वधू पक्ष के वाहन बम्हनी, महाराजपुर, पोंडी रेलवे क्रॉसिंग से किंगफिशर होटल से होते हुए कोरगाँव से हिरदेनगर मेला स्थल पहुंचकर पार्किंग पी-3 में पार्क किये जाएंगे।

अन्य वाहनों के लिए डायवर्सन व्यवस्था 

सामूहिक विवाह कार्यक्रम के कारण कार्यक्रम में शामिल होने वाले वाहन और जिला मुख्यालय से होकर गुजरने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट बनाए गए है। बताया गया कि जो यात्री अपने गतंव्य तक जा रहे है उनके लिए नैनपुर, सिवनी, बालाघाट की ओर जाने वाले सभी प्रकार के वाहन नांदिया तिराहा से डिठौरी होकर गुजरेंगे। मंडला, जबलपुर, रायपुर की ओर जाने वाले सभी प्रकार के वाहन डिठौरी, नांदिया तिराहा होते हुए जाएंगे।

भारी वाहनों की नो एंट्री 

कार्यक्रम समाप्ति तक अंजनिया तिराहा से ठरका-मंडला की ओर कोई भी भारी वाहन नहीं आ सकेगा। कार्यक्रम समाप्ति तक नांदिया तिराहा से आगे ग्वारा, ठरका एवं टिकरवारा की ओर किसी भी भारी वाहन को अनुमति नहीं होगी। आमजन के पैदल आवागमन के लिए टिकरवारा पुल के दोनों ओर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। केवल पैदल चलने की अनुमति होगी।

पुलिस की अपील

आम नागरिकों से अनुरोध है कि कार्यक्रम को देखते हुए वीआईपी मार्ग पर पडऩे वाले सभी रास्तों का उपयोग न करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करते हुए परिवर्तित या वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें।


 


17 पेटियों में 153 लीटर अंग्रेजी व देशी शराब जब्त

  • शराब परिवहन में प्रयुक्त काले रंग की ईनोवा कार समेत 7.75 लाख का मसरूका जब्त

मंडला महावीर न्यूज 29. थाना कोतवाली पुलिस द्वारा अवैध शराब के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रहीं हैं। इस वर्ष आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही करते हुए अभी तक 750 लीटर से भी अधिक के अंग्रेजी व देशी शराब के साथ परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को भी जब्त किया गया। इसी तारतम्य में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा शराब के संबंध में प्राप्त सूचना पर कार्यवाही करते हुए कार में 17 पेटियों में रखी लगभग 153 लीटर अंग्रेजी व देशी शराब और ईनोवा वाहन जब्त कर आरोपी के विरूद्ध मामला पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की है।

जानकारी अनुसार रविवार रात्रि थाना कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि सोमी सरदार निवासी नैनपुर काले रंग की इनोवा कार क्रमांक एमपी 20 टी 6013 में शराब लेकर आ रहा हैं। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक शफीक खान द्वारा टीम को रैड कार्यवाही के लिए लगाया गया। थाना कोतवाली टीम को देर रात उक्त वाहन को आमानाला, मंडला में ट्रेप करने में सफलता प्राप्त की। पुलिस टीम द्वारा वाहन की तलाशी लेने पर इनोवा कार में 08 नग खड्डे की पेटी अंग्रेजी जीनियस कम्पनी की 72 लीटर, 04 नग खड्डे की पेटी अंग्रेजी गोवा कम्पनी 36 लीटर एवं 05 नग खड्डे की पेटी में देशी प्लेन मदीरा की 45 लीटर समेत 17 पेटियों में कुल 153 लीटर शराब कीमत 77 हजार 500 रूपये और शराब के परिवहन में प्रयुक्त काले रंग की इनोवा कार जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 लाख को जब्त किया गया।

बताया गया कि आरोपी का कृत्य आबकारी एक्ट का पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। इस कार्यवाही में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मंडला के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शफीक खान के नेतृत्व में टीम द्वारा की गई। जिसमें सहायक उप निरीक्षक भुवनेश्वर वामनकर, प्रधान आरक्षक पूरन इडपाचे, आरक्षक अमित, रमेश, सुन्दर, रामचंद्र, दिपांशु, दीपक बोहने शामिल रहें। इस कार्यवाही में सायबर सेल से आरक्षक सूर्यचंद बघेल की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहीं।


53 लीटर देशी व विदेशी शराब और दो पहिया वाहन जब्त

  • दो आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध

मंडला महावीर न्यूज 29. चौकी हिरदेनगर पुलिस द्वारा अवैध शराब के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए विगत दिवस दो व्यक्तियों को अवैध शराब के साथ पकड़ा है। बताया गया कि हिरदेनगर पुलिस को सूचना मिली कि दो व्यक्ति एक नीले रंग की मोटर साइकिल से प्लास्टिक की बोरी में शराब रखकर आ रहे थे। ग्राम गूडाअंजनिया तालाब के पास रामनगर पदमी रोड में रोककर पूछताछ की गई, जिन्होंने अपना नाम अनिल कुमार मार्को पिता रामजू मार्को 25 वर्ष निवासी ग्राम मिर्चाखेड़ा और असीम कुमार भवेदी पिता रामलाल भवेदी 20 वर्ष निवासी ग्राम मचला थाना मोहगांव के रहने वाले बताये।

दोनों आरोपियों से बोरी के अंदर रखे सामान के संबंध में पूछताछ की गई जिनके द्वारा दोनों बोरी में देशी एवं अंग्रेजी शराब होना बताया। एक सफेद हरे रंग की बोरी में 03 देशी प्लेन मदिरा के खाकी रंग के कार्टून बंद और 03 बाटल 750 मिली की माइल स्टोन ब्लू की मिली। दूसरे सफेद हरे रंग की बोरी के अंदर खाकी रंग के 03 कार्टून में 02 कार्टून गोवा और 01 कार्टून में सफेद प्लेन मदिरा मिली। आरोपियों के पास से कुल मदिरा 56 लीटर 70 एमएल जब्त की गई।

हिरदेनगर पुलिस ने शराब लाने ले जाने और रखने के संबंध में दोनो व्यक्तियो से दस्तावेज मांगे, जिनके द्वारा उक्त शराब के संबंध में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। पुलिस टीम द्वारा शराब व परिवहन में प्रयुक्त दो पहिया वाहन एमपी 51 एमजे 9695 जब्त कर दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।



ग्रामीणों को जर्जर और कच्चे मार्ग से मिला छुटकारा

  • नारायणगंज-पड़रिया मार्ग का निर्माण हुआ पूरा, ग्रामीणों में खुशी की लहर

मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज जनपद पंचायत से पड़रिया तक के बहुप्रतीक्षित मार्ग का निर्माण कार्य आखिरकार पूरा हो गया है। यह मार्ग कई सालों से जर्जर अवस्था में था, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। बताया गया कि पड़रिया से नारायणगंज तक की 3 किलोमीटर की दूरी तय करने में ग्रामीणों को कच्चे रास्ते के कारण काफी दिक्कतें हो रही थीं। बरसात के दिनों में बाजार, हाट और स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। वहीं रात में मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी दिक्कत होती थी। इस मार्ग से लगभग 10-12 गांव जुड़े हुए हैं, जिससे यह मार्ग इन सभी गांवों के लिए आवागमन का मुख्य साधन है।

बताया गया कि ग्रामीणों की लगातार मांग और ग्राम पंचायत पड़रिया के सरपंच राजकुमार तेकाम, जनप्रतिनिधियों और पंचों के प्रयासों से आखिरकार इस मार्ग का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। पक्की सड़क बनने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। हालांकि ग्राम पंचायत में अभी भी कई ऐसे मार्ग हैं, जिनकी मरम्मत की आवश्यकता है और ग्रामीण कई सालों से उनकी मरम्मत की मांग कर रहे हैं।

इनका कहना है

रोड बनने से बरसात के दिनों में आने-जाने में आसुविधा होती थी लेकिन अब लोगों को लंबी दूरी तय करके कम समय में बाजार हाट कर सकते हैं।


प्रवेश अग्रवाल

पड़रिया से नारायणगंज रोड का निर्माण होने से लोगो को आने जाने में सुविधा हो रही है इसके पूर्व में लोगो को आने जाने में बहुत परेशानी होती थी।


आशीष ठाकुर



 


दो दिवसीय खो-खो प्रतियोगिता में 8 टीमो ने लिया हिस्सा

  • नॉकआउट पद्धति से खेली गई प्रतियोगिता 
  • निर्मला कॉन्वेंट हाई सेकेंडरी स्कूल खो-खो प्रतियोगिता में बनी चैंपियन 
  • केन्द्रीय विद्यालय बना उपविजेता, क्रीड़ा-भारती स्थापना दिवस पर कार्यक्रम

मंडला महावीर न्यूज 29. खेल एवं खिलाडिय़ों के लिए समर्पित संगठन क्रीड़ा भारती के स्थापना दिवस पर दो दिवसीय नगर स्तरीय अंतर विद्यालय बालिका खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसके शुभारंभ में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षण विभाग अध्यक्ष डॉ विशाल बन्ने, अखिल भारतीय निर्णायक मंडल सदस्य भीष्म सिंह राजपूत, कुलदीप बरार, नगर पालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा एवं डॉ गुलबहार खान की उपस्थिति रही। पुलिस लाइन में आयोजित दो दिवसीय बालिका खो-खो प्रतियोगिता में नगर के विभिन्न विद्यालयों से आठ खो-खो की टीमों में सरस्वती विद्यालय, सान्याल विद्यालय, मोंटफोर्ट स्कूल, निर्मला स्कूल, अवंती बाई स्कूल, महर्षि स्कूल, नवोदय स्कूल एवं केंद्रीय विद्यालय की बालिकाओं ने उत्साह पूर्वक प्रतिभागिता दी। प्रतियोगिता नॉकआउट पद्धति से खेली गई। प्रतियोगिता के फाइनल में निर्मला विद्यालय एवं केंद्रीय विद्यालय मंडला के बीच हुआ। निर्मला विद्यालय की टीम चैंपियन बनी एवं उपविजेता केंद्रीय विद्यालय रही।

समापन कार्यक्रम में अतिथियों ने बताया कि क्रीड़ा भारती महाकौशल प्रांत जिला मंडला के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं में खेल के प्रति रुचि जागृत करना शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देना एवं पारंपरिक भारतीय खेलों को पुनर्जीवित करना है। कार्यक्रम में पुरस्कार स्वरूप विजेता टीम एवं उपविजेता टीम को शील्ड एवं टी-शर्ट प्रदान की गई। समापन कार्यक्रम में कौशलेंद्र क्षेत्र संगठन मंत्री क्रीड़ा भारती, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य शुचि उपाध्याय, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नरेश कछवाहा आदि उपस्थित रहे।

जिले के साथ प्रदेश को गौरवान्वित करने के लिए शुचि उपाध्याय का शाल श्रीफल से अभिनंदन किया गया। क्रीड़ा केन्द्रो के खेल शिक्षक एवं खेल विशेषज्ञ को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका में मयंक उपाध्याय, सागर मरावी, कुणाल गोठारिया, यशोदा नंदन वागरी एवं अंश तिवारी की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में डॉ आकाश छत्री, शशांक मिश्रा, जिला अध्यक्ष योगेश कछवाहा, उपाध्यक्ष मोहन भंडारी, जिला महामंत्री संदीप कुमार कछवाहा, सह मंत्री अजय वंशकार, कोषाध्यक्ष सत्यम मिश्रा, मातृशक्ति प्रमुख प्रगति दुबे एवं सोनम कछवाहा, क्रीड़ा केंद्र प्रमुख त्रिलोक डोंगरे आदि का सहयोग रहा।



ग्रामीणों को नहीं मिली लाभांश की राशि

  • वनग्राम साजपानी की वन सुरक्षा समिति के सचिव और अध्यक्ष नही दे रहे हिसाब
  • साजपानी के ग्रामीण भुगतान की मांग को लेकर पहुंचे कलेक्टर के पास

मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज ब्लाक के वनग्राम साजपानी के ग्रामीणों ने लाभांश राशि के भुगतान दिलाने की मांग को लेकर मंडला कलेक्टर के पास पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि वन ग्राम साजपानी के कम्पाटमेंट छह के लाभांश की राशि 50 प्रतिशत 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को नगद एवं खाते में दिया जाता है, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी वन सुरक्षा समिति से लाभांश की राशि का लोगों के खाते में जमा नहीं की गई है और ना ही लाभांश की राशि नगद दी गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि लाभांश की राशि कहां-कहां खर्च की गई है, इसका हिसाब भी वन सुरक्षा समिति के सचिव राम नरेश ओडारी और अध्यक्ष हरिलाल ने अभी तक इनके द्वारा कोई हिसाब नहीं बताया जा रहा है। इसके साथ ही वर्तमान में सीसी मार्ग निर्माण कार्य कराया गया है, लेकिन निर्माण कार्य के लिए कितनी राशि शासन से स्वीकृत हुई और कितनी राशि खर्च की गई इसका भी कोई हिसाब नहीं बताया जा रहा है। पूछने पर जानकारी नहीं दी जा रही है।



बांस के घर्षण से घर में लगी आग

  • गृहस्थी का सामान जलकर खाक

मंडला महावीर न्यूज 29. नैनपुर के पिंडरई गांव में मंगलवार को एक घर में आग लग गई, जिससे घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घर के पास लगे बांसों में तेज हवा के कारण घर्षण हुआ, जिससे आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और मिलन दास के घर को अपनी चपेट में ले लिया।

बताया गया कि आग लगने से घर में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पड़ोसियों की मदद से गैस सिलेंडर को घर से बाहर निकाला गया। इसके बाद कुएं की मोटर की मदद से आग बुझाई गई।


पानी पर देखो रफ्तार, जेट स्की 10 मीटर पीछे छोड़ रही फुहार

  • झील महोत्सव में रोमांच, प्रकृति और संस्कृति का अनूठा संगम
  • प्रतिदिन हो रही सुबह 7 बजे से शाम तक 18 साहसिक गतिविधियां

मंडला महावीर न्यूज 29. 2200 सीसी के पावर जेट इंजन से बनी जेट स्की पानी की सतह से ऊपर उठ जाती है। फ्रांंस में निर्मित इस बोट की राइड युवाओं को आकर्षित कर रही है। यह रोमांच पर्यटकों को झील महोत्सव खींचकर ला रहा है। जबलपुर संभाग के मंडला जिले में नर्मदा नदी के किनारे बसे देवरी बकई में बरगी बांध की अथाह जलराशि के निकट आयोजित झील महोत्सव न केवल साहसिक गतिविधियों का गवाह बन रहा है, बल्कि पर्यटन और संस्कृति के प्रेमियों के लिए भी अनूठा आकर्षण प्रस्तुत कर रहा है।

बताया गया कि जल, थल और नभ में होने वाली 18 से अधिक रोमांचक गतिविधियों के साथ यह महोत्सव हर उम्र के लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड और जबलपुर पुरातत्व, पर्यटन व संस्कृति परिषद के आयोजन में जल प्रेमियों के लिए जेट स्की, बनाना राइड, वाटर स्कूटर, कायाकिंग और सर्फिंग जैसे रोमांचक विकल्प मौजूद हैं। वहीं, नभ में उड़ान भरने के शौकीनों के लिए हॉट एयर बैलून, पैरा मोटरिंग और पैरा सेलिंग जैसे विकल्प हैं, जो बांध और आसपास की प्राकृतिक सुंदरता को एक नए दृष्टिकोण से देखने का मौका देते हैं।

थल पर भी उत्साह कम नहीं है 

स्लिंग शॉट, रॉक क्लाइम्बिंग, वैली क्रॉसिंग और जॉर्बिंग बॉल जैसी गतिविधियां साहसिक पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। दिन में रोमांच का आनंद लेने के बाद शाम होते ही यह स्थल सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो उठता है।

स्विस टेंट में आराम 

पर्यटकों के ठहरने के लिए बरगी की वादियों में अमेरिकन स्विस टेंट से सजी टेंट सिटी बनाई गई है, जो प्रकृति के करीब रहते हुए आधुनिक सुविधाओं का अनुभव कराती है। इसके अलावा, खानपान की व्यवस्था, सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है। सभी राइड्स सतपुड़ा स्पोर्ट्स क्लब, पचमढ़ी के प्रशिक्षित युवा करा रहे हैं।

बनाना राइड का भी लोग आनंद उठा रहे हैं 

यह बनाना शेप के दो ज्वाइंट ट्यूब जिसे स्पीड बोट रस्सी से खींचकर ले जाती है। यह बनाना बोट रेस्क्यू बोट के तौर पर भी उपयोग की जाती है।



पानी के लिए सड़क में प्रदर्शन

  • महिलाएं, बुजूर्ग और युवा बर्तन लेकर पहुंचे सड़क
  • स्थानीय प्रशासन ने तीन दिन में समस्या का हल करने का दिया आश्वासन

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के अनेक ग्रामों में गर्मी शुरू होते ही पेयजल की समस्या शुरू हो जाती है। पीने के पानी के लिए लोगों को जद्दोजहद करनी पड़ती है। पेयजल के लिए मंगलवार को जिला मुख्यालय के करीबी ग्राम पंचायत बड़ी खैरी के लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। लोग बर्तन लेकर मार्ग पर उतर आए और पेयजल की उचित व्यवस्था के लिए मार्ग जाम कर दिया। बताया गया कि पानी की किल्लत से त्रस्त ग्रामीणों ने आरडी कॉलेज माग्र में तालाब के पास सड़क पर जाम लगा दिया। इस दौरान भारी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सड़क पर बैठ गए, जिससे यातायात पूरी तरह से बंद हो गया।

ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम में पेयजल आपूर्ति विगत एक सप्ताह से बंद है। जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के इस मौसम में पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता की पूर्ति न होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या की सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत द्वारा सुबह 4 बजे कुछ देर के लिए पानी की सप्लाई की जाती है, जो पर्याप्त नहीं है। इसके साथ ही टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन यह भी लोगों की जरूरत पूरी नहीं कर पा रहा। क्षेत्रवासियों और महिलाओं ने मांग की है कि सुबह-शाम दो बार पानी दिया जाए। इसके साथ ही सुबह की सप्लाई 6 बजे के बाद की जाए, जिससे उन्हें रात में न जागना पड़े।

बर्तन लेकर किया प्रदर्शन 

प्रदर्शन के दौरान महिलाएं और पुरुष अपने-अपने पानी भरने के बर्तन लेकर सड़कों पर उतर आए। उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक प्रदर्शन करने की बात कही, लेकिन स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आश्वासन देने के बाद प्रदर्शन बंद किया गया।

समस्या समाधान का दिया आश्वासन 

बताया गया कि ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पीएचई ईई मनोज भास्कर, तहसीलदार हिमांशु भलावी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। जहां गांव के सरपंच, उपसरपंच और सचिव भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि समूह नल जल प्रदाय योजना का मोटर पंप खराब हो गया है। इसे मरम्मत के लिए जबलपुर भेजा गया है। इसके स्थायी समाधान के लिए नगर पालिका क्षेत्र में ट्यूबवेल खनन किया जाएगा। आवश्यकता पडऩे पर नर्मदा नदी से लिफ्ट नल जल योजना भी बनाई जाएगी। अधिकारियों ने तीन दिन में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाओं ने धरना समाप्त कर दिया।


नल जल योजना सुधार कार्य में सचिव, रोजगार सहायक नहीं कर रहे सहयोग

  • बड़े टोला मलवाथर के ग्रामीणों ने की कलेक्टर से शिकायत
  • पाइप लाइन जगह जगह टूट फूट गई

मंडला महावीर न्यूज 29. बडेटोला मलवाथर के ग्रामीणों ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर को आवेदन दिया है। ग्रामीणों ने बताया की ग्राम पंचायत मलवाथर स्थित बंद नल जल को ठीक कराने के लिए 2.32 लाख रुपए से पीएचइ विभाग से तकनीकी स्वीकृति ली गई है लेकिन सरपंच का सचिव, रोजगार सहायक सहयोग नहीं कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया की पाइप लाइन जगह जगह टूट फूट हो चुकी है, सुधार कार्य के लिए मजदूरों की आवश्यकता पडती है, लेकिन रोजगार सहायक, सरपंच के आदेशों की अवहेलना करते हुए मस्टर नहीं निकाल रहे हैं। जिसके कारण मजदूर काम नहीं कर रहे है। बोर में नया मोटर क्रय कर डाली गई है, और अभी लाइन फिटनेस कार्य शेष है। क्योंकि सामग्री क्रय करने के लिए सचिव बिल भुगतान नहीं कर रहे हैं, मिस्त्री चार्ज नहीं दे रहे हैं। सचिव ग्राम पंचायत में नहीं आ रहे हैं, हमेशा मोबाइल बंद कर रखते हैं, जिसके कारण कार्य प्रभावित है ।

बडेटोला मलवाथर में नल जल सुधार कार्य के लिए सरपंच द्वारा मजदूरों को काम करने के लिए प्रेरित किया गया, लेकिन रोजगार सहायक के भड़काने से कोई मजदूर काम करने के लिए इच्छूक नहीं है। वहीं सरपंच को किसी भी प्रकार से सहयोग नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण सुधार कार्य प्रभावित है। मांग की गई है की सचिव, रोजगार सहायक के उपर अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए शीघ्र नल जल सुधार कार्य के लिए आदेशित करें, जिससे जनमानस को पेयजल उपलब्ध हो सके।


भीषण गर्मी में मूक जीवों की सेवा करें-गौ पुत्र दिलीप

मंडला महावीर न्यूज 29. भीषण गर्मी को देखते हुए गौ पुत्र दिलीप चंद्रौल ने लोगों से मूक जीवों की सेवा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अपनी छत पर एक पात्र में प्रतिदिन पानी भरें और उसे छांव में रखें, ताकि पक्षी आकर पानी पी सकें। इसी तरह, अपने घर के सामने एक बड़ा पात्र रखें या गौ कुंड बनाकर उसमें पानी भरें, जिससे मूक जीवों को राहत मिल सके।

माहिष्मती गौ सेवा रक्तदान संगठन के माध्यम से लगातार तीसरे वर्ष बम्हनी बंजर के नगर अध्यक्ष वीरेंद्र चौरसिया निशुल्क गौ कुंड का वितरण कर रहे हैं। दिलीप चंद्रौल ने लोगों से अपील की है कि वे बम्हनी बंजर से गौ कुंड प्राप्त कर सकते हैं। यदि वे लाने में असमर्थ हैं, तो अपने घर के सामने एक कुंड बनाकर उसमें पानी भरें। उन्होंने कहा कि मूक जीवों की सेवा करना ही जीवन का सार है और यही सबसे बड़ा पुण्य है।




 

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