ग्रामीणों का तहसीलदार और सरपंच पर धमकाने का आरोप
टिकरिया थाने में दर्ज कराई शिकायत
- रात में गांव खाली करने का दबाव बनाने और महिलाओं से अभद्रता का लगाया आरोप
- संघर्ष समिति ने की दंडात्मक कार्रवाई की मांग
मंडला महावीर न्यूज 29. चुटका परमाणु परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए टिकरिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का आरोप है कि नारायणगंज तहसीलदार, स्थानीय पटवारी और कुंडा के सरपंच ने देर रात गांव में आकर लोगों को धमकाया और जबरन गांव खाली कर पुनर्वास स्थल जाने का दबाव बनाया। ग्रामीणों ने प्रशासन के इस कृत्य पर भारी रोष व्यक्त किया है और संबंधित अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
टिकरिया थाना प्रभारी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि विगत 2 नवंबर की रात लगभग 9 बजे नारायणगंज तहसीलदार, पटवारी और कुंडा सरपंच मोती लाल मार्को चुटका गांव पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने घर-घर जाकर ग्रामीणों को धमकाते हुए कहा कि कल किसी भी कीमत पर गांव खाली कर गोंझी स्थित पुनर्वास स्थल जाना होगा। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अधिकारियों ने धमकी दी कि यदि गांव खाली नहीं किया गया, तो फोर्स बुलाकर जबरन खाली कराया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि महिलाओं को विशेष रूप से डराया गया और कहा गया कि फोर्स उनके घरों पर कब्जा कर लेगी।
अशोभनीय भाषा के इस्तेमाल पर रोष
ग्रामीणों ने शिकायत में कहा है कि दीपावली जैसे पवित्र त्योहार के ठीक पहले रात के अंधेरे में आकर गांव वालों को धमकाना और अभद्र व गंदी भाषा का इस्तेमाल करना एक शासकीय अधिकारी के लिए बेहद अशोभनीय है।
26 बिंदुओं की शर्तों का अब तक नहीं हुआ पालन
चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति अध्यक्ष दादू लाल कुड़ापे ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुटका और अन्य संबंधित ग्राम सभाओं ने सरकार के समक्ष 26 बिंदुओं के साथ इस परियोजना को सशर्त मंजूरी दी थी, लेकिन उन शर्तों का पालन आज तक नहीं हुआ है। कुड़ापे ने कहा हम लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के समक्ष अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया है।
पेसा कानून का उल्लंघन, जांच की मांग
दादू लाल कुड़ापे ने आगे कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में जहां पेसा कानून और नियम लागू हैं, वहां सरकारी कर्मचारियों का इस तरह का आचरण कदाचार की श्रेणी में आता है। उन्होंने सवाल उठाया कि किस उच्च अधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार द्वारा रात के समय यह कृत्य किया गया है? इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कलेक्टर और एसपी को भी भेजी प्रतिलिपि
ग्रामीणों ने इस ज्ञापन की एक-एक प्रतिलिपि मंडला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी भेजी है और संबंधित शासकीय कर्मचारियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन सौंपते समय चुटका महिला मोर्चा की अध्यक्ष मीरा बाई मरावी, सोना बाई बरकड़े, लीला बाई, सरिता बाई, तिराग बाई, मुन्नी बाई, श्रीवती तेकाम, अग्नि बाई, अनिता कुड़ापे, पूर्व सरपंच दयाल सिंह कोकडिय़ा, तेजी लाल कोकडिय़ा, बराती लाल बरकड़े, गंजन परते, राम स्वरूप, संतराम, विपत लाल, लामू, झनक लाल और अशोक परते सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।










