दीपावली पर देवी-देवताओं के चित्रों वाले पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने की उठी मांग

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दीपावली पर देवी-देवताओं के चित्रों वाले पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने की उठी मांग

समाजसेवी रेनू कछवाहा ने व्यापारियों से की अपील

  • धार्मिक भावनाओं और सांस्कृतिक मर्यादाओं का सम्मान करने का किया आग्रह
  • जिला प्रशासन से भी उचित कदम उठाने की मांग

मंडला महावीर न्यूज 29. दीपावली के पावन पर्व पर धार्मिक आस्था एवं सनातन संस्कृति की मर्यादा को बनाए रखने के उद्देश्य से रेनू कछवाहा ने मंडला जिले के समस्त पटाखा व्यापारियों से हिंदू देवी-देवताओं के चित्रों वाले पटाखों का विक्रय न करने की विशेष अपील की है। साथ ही, उन्होंने जिला प्रशासन से भी इस संवेदनशील विषय पर गंभीरता से ध्यान देते हुए नियमानुसार आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।

इस संबंध में अपनी बात रखते हुए कहा गया कि दीपावली केवल दीप जलाने और आतिशबाजी का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक परंपराओं और मर्यादाओं का प्रतीक है। यह पर्व भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश देता है। ऐसे पावन अवसर पर पटाखों के ऊपर देवी-देवताओं के चित्र मुद्रित होना उचित नहीं है, क्योंकि आतिशबाजी के बाद उनके अवशेष यहाँ-वहाँ बिखर जाते हैं और पैरों के नीचे आने से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएँ आहत होती हैं।

व्यापारियों से स्वेच्छा से परहेज करने की अपील 

बताया गया कि व्यापार करना हर व्यापारी का अधिकार है, लेकिन व्यापार के साथ धार्मिक भावनाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है। इसलिए मंडला के सभी पटाखा व्यापारी इस विषय की संवेदनशीलता को समझें और स्वेच्छा से देवी-देवताओं के चित्रों वाले पटाखों की बिक्री से परहेज करें और अन्य व्यापारियों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

प्रशासन से दिशा-निर्देश जारी करने की मांग 

हेमंत दुबे ने जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पटाखों के विक्रय से जुड़े प्रचलित नियमों और विधिक प्रावधानों के तहत आवश्यक जाँच की जाए और उचित दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, जिससे धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि इस अपील का उद्देश्य किसी का विरोध करना नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक गौरव को बनाए रखना है। समस्त नागरिकों व व्यापारियों से आग्रह किया गया है कि वे इस दीपावली पर अपनी परंपराओं का सम्मान करते हुए समाज में जागरूकता और आपसी सद्भाव का संदेश दें।


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