नारायणगंज में आवारा पशुओं का आतंक
व्यापारियों को हो रहा सालाना लाखों का नुकसान, प्रशासन से गुहार
- आवारा पशु बने बड़ी मुसीबत
- बाजार में छिन रहा गरीब आदिवासियों का राशन
- रोजमर्रा के नुकसान से नगरवासी त्रस्त
मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज मुख्यालय में आवारा पशुओं की लगातार बढ़ती समस्या अब स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए केवल परेशानी ही नहीं, बल्कि भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन गई है। बाजार क्षेत्र में स्वच्छंद घूमने वाले ये मवेशी आए दिन दुकानदारों और आम नागरिकों के सामान को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे पूरे नगर में आक्रोश का माहौल है।
स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि आवारा पशु अचानक दुकानों में रखे सामान पर मुंह मार देते हैं और गल्ला, सब्जियां, होटल का नाश्ता, नमकीन सहित अन्य खाद्य सामग्री चट कर जाते हैं। इस वजह से दुकानदारों को रोजाना आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। दुकानदारों ने बताया कि बाजार में पशुओं की वजह से प्रतिदिन लगभग 2 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। इस हिसाब से देखा जाए, तो एक वर्ष में यह आर्थिक नुकसान लाखों में पहुंच जाता है।
गरीबों का राशन हो रहा बर्बाद
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि क्षेत्र में घूम रहे मवेशी गरीब आदिवासियों के राशन को निशाना बनाते हैं। अक्सर 2 किलो चावल-दाल या 1 किलो सब्जी से भरे थैलों को फाड़कर ये मवेशी पूरा अनाज सड़क पर फैला देते हैं। मेहनत-मजदूरी कर पेट पालने वालों का निवाला इस तरह छिन जाना अब नारायणगंज बाजार की रोजमर्रा की घटना बन गया है, जो देखने में अत्यंत दुखदायी प्रतीत होता है।
प्रशासन से उचित व्यवस्था की मांग
लगातार हो रहे इस नुकसान से परेशान स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने नगर प्रशासन से तत्काल इस समस्या पर संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों की अपील है कि आवारा पशुओं के लिए जल्द से जल्द कोई उचित व्यवस्था की जाए, जिससे बाजार में व्यापार करने वाले लोगों और आम नागरिकों को रोज-रोज हो रहे आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी से स्थायी राहत मिल सके।
इनका कहना है
हर सुबह गोबर उठाने की मजबूरी
आवारा पशुओं के कारण नारायणगंज के दुकानदारों को हर सुबह अपनी-अपनी दुकानों के सामने से पहले गोबर साफ करना पड़ता है, उसके बाद ही उनका व्यापार शुरू हो पाता है। मैंने खुद यह स्थिति देखी और सुनी है।
गाड़ी पर थैला छोडऩा हुआ मुश्किल
मोटरसाइकिल पर सब्जी का थैला टांगकर कहीं जाना दुश्वार हो गया है। अगर आप थैला छोड़कर कुछ पल के लिए भी हटे, तो तय मानिए कि आपकी पूरी सब्जी सड़क पर बिखरी मिलेगी। यहां पशुओं का भारी आतंक है।

जितेंद्र कुलस्ते, स्थानीय निवासी
सड़क हादसों और दुर्घटनाओं का बन रहे कारण
नारायणगंज क्षेत्र में आवारा पशु सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन चुके हैं। रात के समय बड़ी संख्या में मवेशी सड़क के बीचों-बीच बैठ जाते हैं। इन मवेशियों को अचानक सामने देखकर बचाने के चक्कर में अब तक कई लोग हादसों का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
आसपास के गांवों में किसानों की फसलें हो रहीं बर्बाद
पशुओं की वजह से केवल नारायणगंज के व्यापारी ही परेशान नहीं हैं, बल्कि आसपास के गांव पडरिया, मैली, खैरी और पटेहरा के ग्रामीण भी भारी परेशानी में हैं। आवारा पशु रात के समय खेतों में घुसकर तैयार फसलें खा जाते हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

दुर्गेश सिंगरोरे लोधी, समाजसेवी












