डॉ. मोहन यादव का मिशन MP: महिला-बाल विकास पर सख्ती, शिवराज संग कृषि महामंथन और इंदौर से शुरू होगी ‘सुगम परिवहन’ क्रांति

डॉ. मोहन यादव का मिशन MP: महिला-बाल विकास पर सख्ती, शिवराज संग कृषि महामंथन और इंदौर से शुरू होगी ‘सुगम परिवहन’ क्रांति

महिलाओं-बच्चों का कल्याण प्राथमिकता, सीएम डॉ. यादव बोले- लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई करें

  • महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक
  • पोषण स्तर सुधार की गतिविधियों में विभिन्न विभाग मिलकर कार्य करें
  • निजी अस्पतालों और संस्थाओं का भी सहयोग लें

सख्ती: महिलाओं और बच्चों के कल्याण में लापरवाही पर एक्शन का डर।
दिग्गजों का मिलन: पूर्व सीएम (अब केंद्रीय मंत्री) शिवराज सिंह चौहान और डॉ. मोहन यादव की रणनीतिक बैठक।
कनेक्टिविटी: इंदौर से 4 राज्यों को जोड़ने वाली ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’।

भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 जून को मंत्रालय में महिला एवं बाल विकास विभाग के कामों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक से अधिक जन भागीदारी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। महिलाओं और बच्चों के कल्याण से संबंधित योजनाओं का अधिक से अधिक प्रचार हो। बच्चों और महिलाओं में पोषण स्तर को बेहतर करने के लिए संचालित गतिविधियों में स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित निजी अस्पतालों और संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। इस दिशा में अन्य राज्यों और प्रदेश के जिलों में हो रहे सफल नवाचारों को अपनाने के लिए भी कार्य योजना बनाई जाए ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैदानी स्तर पर बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहन और लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिन औद्योगिक इकाइयों में महिला कर्मियों की संख्या अधिक है, उन इकाइयों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल निर्माण की पीपीपी मोड पर कार्य योजना बनाई जाए। बैठक में बताया गया कि देवास, नर्मदापुरम, झाबुआ और सिंगरौली में वर्किंग वुमेन हॉस्टल का निर्माण प्रारंभ हो गया है। संकटग्रस्त महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने के लिए पांढुर्णा, मऊगंज, मैहर, पेटलावद-झाबुआ, इंदौर के लसूड़िया और सांवेर तथा धार के मनावर और पीथमपुर में वन स्टॉप सेन्टर स्वीकृत किए गए हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन के अंतर्गत 51 जिला स्तरीय और 01 राज्य स्तरीय हेल्प सेंटर के माध्यम से 66 हजार से अधिक बच्चों को सहायता उपलब्ध करवाई गई। जोखिम ग्रस्त बच्चों की मैपिंग के लिए 13 जिलों में प्रक्रिया जारी है।

5-6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के लिए आयोजित की गई ग्रेजुएशन सेरेमनी

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 5 से 6 वर्ष के आयु वर्ग के 9 लाख 28 हजार बच्चों के लिए ग्रेजुएशन सेरेमनी आयोजित कर उन्हें विद्यारंभ प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया और बच्चों का शाला में सुगम प्रवेश सुनिश्चित किया गया। प्रदेश के इस नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सराहना मिली है। बाल देखरेख संस्थाओं द्वारा मुख्यमंत्री खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव के आयोजन की प्रक्रिया भी आरंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि सक्षम आंगनबाड़ी उन्नयन के अंतर्गत प्रदेश में एक साथ 12 हजार 670 मिनी केंद्रों को मुख्य आंगनबाड़ी के रूप में उन्नत कर मध्यप्रदेश देश में अग्रणी बना है। इस प्रकार की पहल में मध्यप्रदेश, देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत जनवरी 2024 से मई 2026 तक प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक पात्र बहनों को 47 हजार 775 करोड़ रुपये से अधिक की मासिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत मई 2026 तक 15 लाख 84 हजार बालिकाओं का पंजीयन कर 537 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित की गई।

मध्यप्रदेश ढाई साल से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में देश में अव्वल

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में दर्ज 15 लाख 51 हजार गर्भवती महिलाओं को 798 करोड़ 68 लाख से अधिक का भुगतान किया गया। इस योजना के क्रियान्वयन में पिछले ढाई साल से मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा सहायिका को बीमा योजना से लाभान्वित किया गया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में पोषण स्तर में सुधार के लिए किये जा रहे नवाचारों की जानकारी भी दी गई।


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

  • किसान कल्याण वर्ष और अलनीनो के प्रभाव पर हुई चर्चा
  • सीएम निवास पर दो दिग्गजों की आत्मीय भेंट
  • मध्यप्रदेश में कृषि विकास और ग्रामीण विकास की योजनाओं को गति देने पर हुआ महामंथन

भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29.  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर एक महत्वपूर्ण और गरिमामयी मुलाकात देखने को मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से माननीय केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने आत्मीय भेंट की। केंद्र में कैबिनेट मंत्री का पदभार संभालने के बाद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री चौहान की मुख्यमंत्री डॉ. यादव से यह मुलाकात बेहद खास और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।

‘किसान कल्याण वर्ष’ और कृषि विकास पर केंद्रित रही चर्चा

इस उच्च स्तरीय भेंट के दौरान दोनों दिग्गजों के बीच मुख्य रूप से मध्यप्रदेश के किसानों के कल्याण और ग्रामीण विकास को लेकर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में ‘किसान कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत वर्तमान में संचालित की जा रही विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों तथा प्रदेश में कृषि विकास की रफ्तार को और अधिक तेज करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई।

अलनीनो के प्रभाव को लेकर बनाई रणनीति

कृषि क्षेत्र को प्रभावित करने वाले मौसमी कारकों पर बात करते हुए दोनों नेताओं ने आगामी समय में अलनीनो (El Niño) के संभावित प्रभाव और उससे निपटने की तैयारियों को लेकर भी मंथन किया।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े हर प्रोजेक्ट को पूरी प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस आत्मीय मुलाकात और सकारात्मक सहयोग के लिए केंद्रीय मंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया।


मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा

इंदौर संभाग से शुरू होगा बस ऑपरेशन, सीएम डॉ. यादव ने जारी किए निर्देश

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मप्र यात्री परिवहन एंड इन्फ्रॉस्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मण्डल की बैठक
  • पीएम ई-बस सेवा के तहत इंदौर शहर में प्रारंभ होगा 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन
  • इंदौर से प्रदेश के अन्य जिलों के लिए, इंदौर शहर एवं उप नगरीय क्षेत्रों तक सिटी बसें
  • एमपी से लगे हुए राज्यों के लिए (महाराष्ट्र, राजस्थान गुजरात एवं उत्तरप्रदेश) अंतर्राज्यीय चलेंगी बसें

भोपाल/मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 जून को मंत्रालय में मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मण्डल की बैठक ली। बैठक में बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बोर्ड के प्रबंध संचालक मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन दिया। इसमें बताया गया कि मध्यप्रदेश को 7 क्षेत्रों, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा में विभक्त किया जाएगा। बैठक में इन शहरों में पूर्व से क्रियाशील शहरी परिवहन के लिए कंपनियों के संबंध में जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि पीएम ई-बस सेवा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना में बसों का संचालन सबसे पहले इंदौर क्षेत्र से प्रारंभ किया जाएगा। इंदौर क्षेत्र के तहत, इंदौर संभाग के समस्त जिले और इंदौर स्थित अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AICTSL) अब संपूर्ण इंदौर संभाग से प्रारंभ होने वाली बसों के कार्यक्षेत्र में कार्य करेंगी।गौरतलब है कि इंदौर से मध्यप्रदेश के अन्य जिलों को जोड़ने वाली इंटरसिटी मार्गों पर बसों का संचालन। इंदौर शहर में सिटी बसों का संचालन, इंदौर संभाग के समीपवर्ती राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश जाने वाले अंतर्राज्यीय मार्गों पर अनुबंध अनुसार बसों का संचालन किया जाएगा। इसके साथ-साथ यह भी अवगत कराया गया कि पीएम ई-बस सेवा की 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भी इंदौर शहर में जुलाई माह से प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है। प्रबंध संचालक ने बैठक में बताया कि 7 क्षेत्रीय मुख्यालयों के 7 शहर से, प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों तक जाने वाले कुल 620 मार्गों को चिन्हित किया गया है। इनमें कुल 2432 बसें संचालित होगी। इसके तहत इन्दौर क्षेत्र से प्रदेश के अन्य जिलों में कुल 121 मार्ग चिन्हित किए गए हैं। जिनमें 608 बसें संचालित की जाएंगी।

लोगों की सुविधा का रखा ध्यान

सात क्षेत्रीय मुख्यालय इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर और रीवा में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत सिटी बसों का संचालन भी किया जाएगा। यह बसें आमजन की सुविधा हेतु शहर से आगे महत्वपूर्ण उप नगरीय क्षेत्रों तक भी जा सकेंगी। इस श्रेणी के सिटी रूट के तहत इंदौर में शहर के अंदर एवं उप नगरीय क्षेत्रों तक कुल 28 मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें लोगों की सुविधा के लिए 784 बसें (पीएम ई-बस सेवा की 150 बसों को मिलाकर) संचालित की जाएंगी। इंदौर क्षेत्र से महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश राज्यों के लिए जाने वाली बसों के मार्ग अनुबंध अनुसार कुल 101 हैं। इसमें कुल 276 अंतर्राज्यीय बसों का संचालन अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड (A.I.C.T.S.L) के द्वारा किया जाएगा। इस प्रकार इंदौर से प्रारंभ होने वाली इंटरसिटी सिटी बसें एवं अंतर्राज्यीय, कुल मार्गों की संख्या 250 हैं। इनमें कुल 1688 बसों का संचालन किया जाना प्रस्तावित है।

निजी बसों पर नहीं होगा असर

बैठक में बताया गया कि जिस प्रकार से इंदौर क्षेत्र से उक्त तीनों श्रेणी की बसों का संचालन विभिन्न मार्गों पर किया जाएगा, उसी प्रकार अन्य 6 क्षेत्रीय मुख्यालयों से भी इन तीनों श्रेणी की बसों का संचालन चिन्हित मार्गों पर उस क्षेत्र की सहायक कंपनियों द्वारा किया जाएगा। सम्पूर्ण प्रदेश के सात क्षेत्रों में कुल सभी श्रेणी के 1164 मार्गों को चिन्हित किया गया है, जिसमें कुल 5206 बसें संचालित होंगी। बसों का संचालन मोटरयान अधिनियम 1988 के सुसंगत प्रावधानों के तहत, स्कीम के प्रकाशन उपरांत होगा। इसमें वर्तमान संचालित निजी बसों के अनुज्ञा-पत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा तथा वे यथावत पूर्व व्यवस्था अनुसार संचालित होती रहेंगी। बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत गठित की गई राज्य स्तरीय कंपनी एवं सात सहायक क्षेत्रीय कंपनियों के संगठनात्मक महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं पदों की स्वीकृति भी संचालक मण्डल द्वारा दी गई। इन कंपनियों में प्रभावशील रहने वाले सेवा भर्ती नियम-2026 की भी स्वीकृति संचालक मण्डल द्वारा प्रदान की गई है। राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एण्डि इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में 7 विभाग कार्य करेंगे, जो आईटी एवं आईटीएमएस विभाग, प्लानिंग एवं अनुबंध विभाग, पॉलिसी विभाग एवं अनुसंधान, मानव संसाधन एवं विधि विभाग, अधोसंरचना विभाग, प्रवर्तन एंव गुणवत्ता विभाग तथा बिजनेस डेवलपमेंट विभाग कार्य करेंगे। सभी विभागों के प्रमुख, मुख्य महाप्रबंधक रहेंगे। इन पदों पर भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के साथ अन्य तकनीकी विशेषज्ञों को लिया जा सकेगा। इस होल्डिंग कंपनी में प्रतिनियुक्ति, संविदा और संविलयन के आधार पर पदों की भर्ती की जा सकेगी। राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी में कुल 140 पद उच्च प्रबंध श्रेणी, वरिष्ठ प्रबंध श्रेणी एवं कनिष्ठ प्रबंध श्रेणी में स्वीकृत किए गए हैं।

कई पदों को मिली स्वीकृति

बैठक में बताया गया कि राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के अधीन 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियों में कुल 150 पदों की स्वीकृति दी गई है। सभी सहायक कंपनियां एक कार्यकारी संचालक के अधीन होंगी। सहायक क्षेत्रीय कंपनियों के अधीन संचालित होने वाली बसों की सुरक्षा एवं सुविधा और प्रवर्तन अमले के लिए भी पद स्वीकृत किए गए हैं। इसमें पुलिस एवं विशेष सशस्त्र बल से अधिकारी-कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर अथवा हाल ही में सेवानिवृत्त हुए अधिकारी-कर्मचारियों को संविदा पर लिया जा सकेगा। संचालित होने वाली बसों की गुणवत्ता नियंत्रण के लिये गुणवत्ता विभाग के अधीन भी पदों की स्वीकृति की गई है। इससे आमजनों की यात्रा सुरक्षित हो सकेगी। राज्य परिवहन उपक्रम के तहत संचालित होने वाली इन बसों की आवाजाही प्रदेश के सभी आईएसबीटी एवं बस स्टेण्ड तक हो सकेगी। इस प्रकार एक राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी एवं 7 सहायक क्षेत्रीय कंपनियों में कुल 1190 पद विभिन्न विभागों में सृजित करने की स्वीकृति संचालक मण्डल द्वारा प्रदान की गई है। इसमें चरणबद्ध तरीके से आगामी 4 वर्षों तक पदों को भरा जाएगा।

सीएम डॉ. यादव ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉं. यादव ने निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के मार्गों में आने वाली बस सेवा एवं जन-सुविधाओं को संबंधित कलेक्टर एवं नगरीय निकायों के माध्य‍म से आमजन के लिए व्यवस्थित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे को निर्देश दिए कि 7 शहरों में स्थित इन 7 कंपनियों की देनदारियों के संबंध में विभाग द्वारा युक्तियुक्त निर्णय लिया जाए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने निर्देश दिए कि राज्य स्तरीय कंपनी की अधिकृत पूंजी 100 रुपये तक रखी जाए और पेड-अप कैपिटल राशि 35 करोड़ रुपये मंत्रि-परिषद निर्णय अनुसर रखी जाए।


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