अचानक बदला मूकमाटी एक्सप्रेस का प्लेटफॉर्म, दर्जनों यात्रियों की छूटी ट्रेन

नैनपुर स्टेशन पर रेलवे की बड़ी लापरवाही

अचानक बदला मूकमाटी एक्सप्रेस का प्लेटफॉर्म, दर्जनों यात्रियों की छूटी ट्रेन

  • प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर खड़ी रही मालगाड़ी, 3 नंबर पर आई एक्सप्रेस
  • अनाउंसमेंट सिस्टम भी रहा फेल

मंडला महावीर न्यूज 29. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नैनपुर जंक्शन पर रेल कर्मचारियों की लापरवाही और लचर कार्यप्रणाली एक बार फिर उजागर हुई है। 12 मार्च 2026 को जबलपुर से रायपुर की ओर जाने वाली गाड़ी संख्या 11702 मूकमाटी एक्सप्रेस का अचानक प्लेटफॉर्म बदल दिए जाने से हड़कंप मच गया। इस अव्यवस्था के कारण 20 से अधिक यात्रियों का सफर बीच में ही छूट गया, जिससे यात्रियों में रेलवे प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।

मालगाड़ी के चक्कर में यात्रियों की फजीहत

नैनपुर स्टेशन पर मूकमाटी एक्सप्रेस हमेशा प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आती है। यात्री इसी भरोसे एक नंबर प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। लेकिन ऐन वक्त पर प्लेटफॉर्म नंबर एक पर मालगाड़ी खड़ी कर दी गई और एक्सप्रेस ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर ले लिया गया। अचानक हुई इस तब्दीली से मुसाफिरों में अफरा-तफरी मच गई। एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म की दौड़ लगाने के चक्कर में कई यात्री ट्रेन नहीं पकड़ सके। इनमें से कई यात्रियों को दुर्ग से जगन्नाथ पुरी की कनेक्टिंग ट्रेन पकड़नी थी, जिनका पूरा सफर बर्बाद हो गया।

अनाउंसमेंट सिस्टम का ‘निराला’ अंदाज

रेलवे की लापरवाही यहीं खत्म नहीं हुई। यात्रियों ने बताया कि स्टेशन पर होने वाला अनाउंसमेंट भी पूरी तरह भ्रामक रहा। जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आकर खड़ी हो गई, तब भी माइक से यह सूचना दी जा रही थी कि ‘ट्रेन आने वाली है’। इस गलत सूचना के कारण मुसाफिर भ्रमित रहे और समय रहते सही प्लेटफॉर्म तक नहीं पहुँच पाए।

अधिकारियों की मेहनत पर पानी फेर रहे कर्मचारी

हैरानी की बात यह है कि वर्तमान में बिलासपुर जोन के उच्च अधिकारी लगातार नैनपुर जंक्शन का दौरा कर व्यवस्थाओं को सुधारने में जुटे हैं। लेकिन स्थानीय स्टेशन मास्टर और संचालन स्टाफ की मनमानी इन प्रयासों पर पानी फेर रही है। स्टेशन मास्टर का दायित्व होता है कि वह ट्रेनों के सुचारू संचालन और सही प्लेटफॉर्म का चयन सुनिश्चित करे, लेकिन यहाँ यात्रियों की सुविधा के बजाय मालगाड़ी को प्राथमिकता दी गई।

जवाबदेही तय करने की मांग

पीड़ित यात्रियों और क्षेत्रीय जनता ने रेलवे के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही की जाँच कर दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जाए। सवाल यह उठता है कि यदि प्लेटफॉर्म बदलने की भागदौड़ में कोई अप्रिय घटना घट जाती, तो उसकी जवाबदारी किसकी होती? अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन इस मामले में क्या कड़ा कदम उठाता है।



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