350 करोड़ वर्ष पुरानी प्राकृतिक चट्टान से निर्मित हुई मूर्ति, CM डॉ. मोहन को की भेंट

सीएम निवास पहुंचा मंडला का शिल्प

350 करोड़ वर्ष पुरानी प्राकृतिक चट्टान से निर्मित हुई मूर्ति

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव को भेंट की गई किशोर काल्पीवार द्वारा तराशी गई 3 फीट ऊंची राधा-कृष्ण प्रतिमा
  • अयोध्या और बनारस भी जा चुका है यहाँ का पत्थर

मंडला महावीर न्यूज 29. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को राधा-कृष्ण की 3 फीट ऊंची आकर्षक प्रतिमा भेंट की गई। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा भेंट की गई इस कलाकृति को मंडला के प्रसिद्ध शिल्पकार और मृदुकिशोर मार्बल एवं ग्रेनाइट इंडस्ट्रीज के संचालक किशोर काल्पीवार ने तैयार किया है।

नर्मदा तट की 350 करोड़ वर्ष पुरानी चट्टान का उपयोग 

प्रतिमा निर्माण में महाकौशल और गोंडवाना क्षेत्र मुख्यत: नर्मदा नदी के किनारे की खदानों से प्राप्त प्राकृतिक शिलाखंडों का उपयोग किया गया है। भूगर्भीय दृष्टि से यह चट्टानी संरचना लगभग 250 से 350 करोड़ वर्ष पुरानी मानी जाती है। अपनी उच्च घनत्व, कठोरता, जल-अवरोधक क्षमता और मौसम-प्रतिरोधी प्रकृति के कारण यह पत्थर मूर्ति को लंबी आयु प्रदान करता है। पत्थर में प्राकृतिक रूप से मौजूद मैटेलिक तत्वों के कारण प्रतिमा में एक विशिष्ट आभा उभरती है। इसी कठोर पत्थर पर शिल्पकार किशोर काल्पीवार ने राधा-कृष्ण के चेहरे की भाव-भंगिमा, आभूषणों और वस्त्रों की बेहद सूक्ष्म और बारीक नक्काशी की है।

मंडला के शिल्प कौशल का प्रदेश स्तर पर सम्मान 

श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्रीराम तिवारी ने बताया कि किशोर काल्पीवार प्रदेश की पारंपरिक शिल्प परंपरा को आधुनिक रचनात्मक दृष्टि के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री को यह धार्मिक कलाकृति भेंट किया जाना मंडला जिले के लिए गौरव का विषय है। इससे आदिवासी संस्कृति, नर्मदा की प्राकृतिक संपदा और मंडला के स्थानीय कारीगरों की प्रतिभा को प्रदेश स्तर पर नई पहचान मिली है। बताया गया कि मंडला की शिल्पकला का डंका पहले भी बज चुका है। इससे पूर्व अयोध्या के भव्य राम मंदिर के लिए भी यहाँ से नक्काशीदार पत्थर भेजे गए थे, वहीं बनारस में भी मंडला में निर्मित पत्थरों की मूर्तियों ने लोगों का दिल जीता है।


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