पीएम आवास योजना में भारी भ्रष्टाचार
रिश्वत नहीं देने पर गरीब परिवार का नाम सूची से काटा, फोर व्हीलर होने का बनाया झूठा बहाना
- मंडला के ग्राम पंचायत उदयपुर का मामला
- सचिव और रोजगार सहायक पर 10 हजार रुपये मांगने का आरोप
- पीडि़तों ने कलेक्टर से की शिकायत
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के नारायणगंज तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत उदयपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता और घूसखोरी का मामला सामने आया है। उदयपुर वार्ड नंबर 2 के निवासी सुनील साहू और उनकी पत्नी विनीता साहू ने जनसुनवाई में कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर पंचायत सचिव और रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में विनीता साहू का नाम शामिल था, लेकिन ग्राम पंचायत के सचिव सियाराम और रोजगार सहायक बहाव मंसूरी द्वारा उनसे 10 हजार रुपये की अवैध रिश्वत की मांग की गई। जब पीडि़त परिवार ने यह राशि देने में असमर्थता जताई, तो इसके बाद दुर्भावनापूर्ण तरीके से यह झूठा हवाला देते हुए उनका नाम सूची से हटा दिया कि परिवार के पास चार पहिया वाहन है, जबकि असलियत में उनके पास कोई वाहन ही नहीं है।
अमीरों को लाभ, गरीबों का हक छिनने का आरोप
कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत के ये पदाधिकारी अन्य पात्र हितग्राहियों से भी उनका नाम सूची में बनाए रखने के एवज में एक हजार से दो हजार रुपये की वसूली कर रहे हैं। पीडि़तों का दावा है कि जो लोग साधन संपन्न हैं और जिनके पास पहले से खुद के पक्के मकान व चार पहिया वाहन हैं, उनसे रिश्वत लेकर योजना का लाभ दिया जा रहा है। वहीं वास्तविक हकदारों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
पूर्व में भी लगे हैं गबन के आरोप
शिकायत में यह भी बताया गया है कि इन पंचायत पदाधिकारियों के खिलाफ पूर्व में भी पंचायत की राशि गबन करने के मामले सामने आ चुके हैं, इसके बावजूद भ्रष्टाचार का सिलसिला जारी है। आवास योजना का लाभ न मिल पाने के कारण पीडि़त परिवार का वर्तमान कच्चा मकान क्षतिग्रस्त हो रहा है और वे नया निर्माण कार्य नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीडि़त दंपति सुनील और विनीता साहू ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो और उनका नाम वापस प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में जोड़ा जाए जिससे उन्हें न्याय मिल सके।









