कान्हा से सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भेजे गए 8 बारहसिंगा
विलुप्ति की कगार से 1000 के आंकड़े तक का सफर
- संकटग्रस्त प्रजाति के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
- सौंफ के मैदान से सतपुड़ा के लिए रवाना हुए कान्हा के गर्व
- अब तक 127 बारहसिंगा का हो चुका है सफल स्थानांतरण
मंडला महावीर न्यूज 29. विश्व प्रसिद्ध कान्हा नेशनल पार्क के गर्व माने जाने वाले दुर्लभ प्रजाति के 8 बारहसिंगा को शनिवार सुबह सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के लिए रवाना किया गया। सरही परिक्षेत्र के सौंफ मैदान से विशेष वाहन के जरिए इन्हें भेजा गया है, जो लगभग 6 घंटे के सफर के बाद अपने नए आशियाने में पहुंचेंगे।
जानकारी अनुसार हार्ड ग्राउंड बारहसिंगा विश्व की अति संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल है। 1970 के दशक में इनकी स्थिति इतनी चिंताजनक थी कि पूरे विश्व में इनकी संख्या घटकर मात्र 66 रह गई थी और ये केवल कान्हा के घास के मैदानों तक सीमित थे। वन विभाग के निरंतर प्रयासों, वन ग्रामों के विस्थापन, आवास विकास और अवैध शिकार पर कड़ी निगरानी के चलते आज इनकी संख्या 1000 के पार पहुंच चुकी है।

सुरक्षा के लिए ट्रांसलोकेशन रणनीति
किसी एक ही स्थान पर पूरी आबादी होने से बीमारी या अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण प्रजाति के पूरी तरह विलुप्त होने का खतरा बना रहता है। इसी जोखिम को कम करने के लिए वर्ष 2015 में एक विशेष कार्ययोजना बनाई गई, जिसके तहत बारहसिंगा को मध्यप्रदेश के अन्य सुरक्षित अभयारण्यों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
विभिन्न पार्कों में स्थापित हो रही नई आबादी
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में अब तक कान्हा से कुल 127 बारहसिंगा भेजे जा चुके हैं। इस नवीनतम चरण के बाद वहां इनकी आबादी और मजबूत होगी। सतपुड़ा के अतिरिक्त कान्हा से अब तक बांधवगढ़ में 48 और वन विहार भोपाल में 7 बारहसिंगा भी सफलतापूर्वक स्थानांतरित किए जा चुके हैं।










