बिझौली गौशाला में अव्यवस्थाओं से मवेशियों की मौत जारी
- संत अनिल बाबा भूख हड़ताल पर बैठे
- 28 लाख की गौशाला में चारा-पानी नहीं, 100 में से महज 40 मवेशी शेष
- ग्रामीण और नर्मदा परिक्रमावासी समर्थन में उतरे
मंडला महावीर न्यूज 29. निवास क्षेत्र की ग्राम पंचायत आमगांव के पोषक ग्राम बिझौली में मुख्यमंत्री गौसेवा योजना के तहत लगभग 28 लाख रुपये की लागत से बनी गौशाला में लगातार अव्यवस्थाओं के कारण मवेशियों की मौत हो रही है। इस लापरवाही से आक्रोशित संत अनिल बाबा मंगलवार को निवास-शहपुरा मार्ग पर टेंट लगाकर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। बताया गया कि 2019-2020 में निर्मित इस गौशाला की क्षमता 100 मवेशियों को रखने की है, लेकिन वर्तमान में महज 40 मवेशी ही बची हैं, जिनमें से 6 बीमार हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत द्वारा गौशाला में समय पर चारा, भूसा और पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं की जा रही है। पानी के लिए बनी होदी पंप की व्यवस्था न होने के कारण सूखी पड़ी है, जबकि पास में नगरार नदी है। भूख-प्यास और कुपोषण से मवेशी दम तोड़ रहे हैं, यह मामला विगत वर्ष सितंबर 2024 में भी सामने आया था।
जानकारी अनुसार सोमवार को ग्रामीणों ने जनपद पंचायत को आवेदन देकर व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की थी। स्थिति में सुधार न होने पर मंगलवार को संत अनिल बाबा ने पंचायत पर गौ हत्या का आरोप लगाते हुए अनशन शुरू कर दिया। बाबा का कहना है कि जब तक प्रशासन गौवंश की उचित व्यवस्था नहीं करता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। नर्मदा परिक्रमा वासियों ने भी उनके समर्थन में आवाज उठाई है। मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सा अधिकारी नितिन वैष्णव ने कुछ मवेशियों के मृत और कुछ के बीमार मिलने की पुष्टि करते हुए इलाज किए जाने की बात कही है। खंड पंचायत अधिकारी दान सिंह धुर्वे ने कहा कि संबंधित पंचायत कर्मियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं, लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
खाने के नाम पर केवल सूखा भूसा
गौशाला में गौवशों के खाने के लिए हरे चारे के साथ खली चुनी भी दी जानी चाहिए लेकिन यहां के गौशाला के लगभग आधा सैकड़ा गौवंशो को खाने के नाम पर केवल सूखा भूसा दिया जा रहा हैं, जिससे न तो उनका पेट भर रहा हैं न ही उचित पोषण मिल पा रहा हैं, जिसके कारण दिनों दिन उनकी हालत खराब हो रही हैं ।
अनशन पर बैठे बाबा अनिल
ग्राम बिझौली की गौशाला में लगातार हो रही गायों की मौत के बाद अब विरोध शुरू हो गया है। सोमवार को ग्रामीणों द्वारा जनपद पंचायत पहुंचकर अव्यवस्थाओं को लेकर एक आवेदन दिया गया था और कहा गया था कि अगर समस्या का हल नहीं होता तो आंदोलन की चेतावनी दी थी। जिसको लेकर मंगलवार को उन्होंने सड़क किनारे टेंट लगाकर भूख हड़ताल कर अनशन पर बैठ गए हैं उन्होंने कहा कि प्रशासन जब तक गौवंश के लिए उचित व्यवस्था नहीं करेगा हड़ताल जारी रहेगी।
नर्मदा परिक्रमावासियों ने दिया समर्थन
बताया गया कि निवास शहपुरा मार्ग से मां नर्मदा भक्त परिक्रमा वासी यहां से रोजाना बड़ी संख्या में गुजरते हैं और बिझौली स्थित मढिया पर प्रवास भी करते है वही मंगलवार को महाराष्ट्र के नर्मदा परिक्रमा वासी सुनील पाटिल व उनके साथ परिक्रमा पर चल रहे दर्जनों संत धरना स्थल पर रुके और बाबा अनिल पटेल का समर्थन किया। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार से अपील की हैं कि गाय हमारी माता हैं और इनकी रक्षा करना हम सबका दायित्व हैं। उन्होंने मप्र सरकार से गौ वंश की हो रही मौतों को लेकर उचित व्यवस्था की मांग की हैं।
इनका कहना है
तात्कालिक मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आवारा घूम रहे मवेशियों को लेकर प्रदेश में लगभग एक हजार गौशाला का निर्माण कराया था लेकिन जैसे ही भाजपा सरकार आई वह ध्यान नहीं दे रही हैं। मेरे द्वारा पिछले सत्र के विधानसभा में कहा था कि गाय की मात्रा ज्यादा हो पर व्यवस्थाएं नहीं हैं, सरकार भले कह रही हैं कि हम प्रत्येक गाय पर चालीस रुपए दे रहे हैं लेकिन हकीकत कुछ और हैं वर्तमान सरकार को ध्यान देना चाहिए भाजपा सरकार जरूर कह रही हैं कि हम गौ रक्षक हैं लेकिन वास्तविकता कुछ और ही हैं।
चैन सिंह वरकड़े, विधायक निवास
रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे










